Media24Media.com: गोधन न्याय योजना ग्रामीणों के छोटे-छोटे सपने पूरे करने में बन रही मददगार: मुख्यमंत्री भूपेश बघेल

Responsive Ad Slot

Latest

latest


 

गोधन न्याय योजना ग्रामीणों के छोटे-छोटे सपने पूरे करने में बन रही मददगार: मुख्यमंत्री भूपेश बघेल

Document Thumbnail

रायपुर। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा है कि गोधन न्याय योजना पशुपालकों, ग्रामीणों, किसानों और मजदूरों की अतिरिक्त आय का जरिया बन गई है। गोधन न्याय योजना के प्रारंभ होने के बाद से अब तक दो वर्षो में योजना के हितग्राहियों, गौठान समितियों और महिला स्व सहायता समूहों को लगभग 380 करोड़ रूपए की राशि का भुगतान किया गया है। यह राशि इन लोगों के लिए काफी बड़ी राशि है। ग्रामीण गोबर बेचने से मिलने वाली राशि से अपने छोटे-छोटे सपने पूरे कर रहे हैं। मुख्यमंत्री आज यहां अपने निवास कार्यालय में गोधन न्याय योजना के हितग्राहियों के खाते में राशि के अंतरण के लिए आयोजित वर्चुअल कार्यक्रम को सम्बोधित कर रहे थे।



मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम में हितग्राहियों के खातों में 5 करोड़ 99 लाख रूपए का ऑनलाईन अंतरण किया। इस राशि में 1 दिसम्बर से 15 दिसम्बर तक के पखवाड़े में गौठानों में पशुपालक ग्रामीणों, किसानों, भूमिहीनों से क्रय किए गए 2.2 क्विंटल गोबर के एवज में उनके खाते में 4 करोड़ 41 लाख रूपए, गौठान समितियों को 94 लाख रुपए, महिला समूहों के खाते में लाभांश की राशि के रूप में 64 लाख रूपए की राशि अंतरित की गई। कृषि मंत्री रविन्द्र चौबे, वन मंत्री मोहम्मद अकबर, मुख्यमंत्री के सलाहकार प्रदीप शर्मा, संसदीय सचिव शिशुपाल सोरी, विधायक श्रीमती संगीता सिन्हा और डॉ. लक्ष्मी धु्रव भी कार्यक्रम में उपस्थित थीं।

मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर कहा कि भेंट-मुलाकात के दौरान ग्रामीणों ने बताया कि गोबर बेचने से मिली राशि का उपयोग वे बच्चों की पढ़ाई, गहने, मोटरसायकल, स्कूटी खरीदने और खेती की जमीन को विकसित करने में कर रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि किसानों ने राज्य सरकार द्वारा पैरादान की अपील पर गौठानों में 5 लाख क्ंिवटल से अधिक पैरादान किया है। प्रदेश में धान की कटाई का काम लगभग समाप्त हो गया है। अभी भी बहुत से किसानों के खेतों में काफी मात्रा में पैरा इकठ्ठा कर रखा गया है। इस पैरे को  खेतों से गौठानों तक लाने का इंतजाम किया जाना चाहिए।



मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारे स्वावलंबी गौठानों की समितियां अपनी स्वयं की राशि से गोबर खरीदी कर रही हैं। पिछले तीन पखवाड़ों से गोबर खरीदी के लिए दी जाने वाली राशि में से गौठान समितियों द्वारा राज्य शासन की तुलना में अधिक राशि दी जा रही है, 1 से 15 दिसम्बर तक पखवाड़े में गोबर खरीदी के लिए प्रदेश के स्वावलंबी गौठानों ने कृषि विभाग की तुलना में अधिक राशि का भुगतान किया है। गोबर विक्रेताओं को आज भुगतान की गई 4.41 करोड़ रुपए की राशि में से 2.75 करोड़ रुपए का भुगतान 4372 स्वावलंबी गौठानों ने अपने संसाधनों से और 1.66 करोड़ रूपए का भुगतान कृषि विभाग द्वारा किया गया है। यह एक बड़ा बदलाव है। उन्होंने स्वावलंबी गौठानों की संख्या बढ़ाने और इन गौठानों को प्रोत्साहित करने के निर्देश अधिकारियों को दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि जो गौठान समितियां गौठानों में शेड निर्माण की अनुमति मांग रही हैं, उन्हंे अनुमति दी जानी चाहिए। स्वावलंबी गौठनों द्वारा अब तक 32.36 करोड़ रुपए के गोबर की खरीदी की गई है।

कृषि मंत्री श्री रविन्द्र चौबे ने कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए कहा कि हमारे गौठान गांवों में आजीविका मूलक गतिविधियों के केन्द्र बन गए हैं। गौठानों को रूरल इंडस्ट्रियल पार्क के रूप में विकसित किया जा रहा है। आने वाले समय में इनकी गतिविधियां और भी बढ़ेगी। हमारे गौठान आने वाले समय में गांवों के विकास के लिए मील का पत्थर साबित होंगे। उन्होंने कहा कि गोबर विक्रेताओं को अब तक गोबर खरीदी के एवज में 192.86 करोड़ रूपए और गौठान समितियों एवं महिला स्व-सहायता समूहों को 169.41 करोड़ रूपए का भुगतान किया जा चुका है। गोधन न्याय योजना में अब तक 96.43 लाख क्विंटल गोबर की खरीदी की गई है। योजना से 3 लाख 9 हजार 806 से ज्यादा पशुपालक लाभान्वित हो रहे हैं।

उन्होंने कहा कि प्रदेश में 11 हजार 288 गौठानों को स्वीकृति दी गई है, इनमें से 9,631 गौठान निर्मित हैं। इनमें 8,452 ग्रामीण, 234 शहरी और 1,201 आवर्ती चराई के निर्मित गौठान हैं। गौठानों में 20.27 लाख क्विंटल वर्मी कम्पोस्ट का उत्पादन किया गया जिसमें से 16.41लाख क्विंटल का विक्रय हो चुका है। गौठानों में 11 हजार 187 स्वसहायता समूहों में 83 हजार 509 महिलाएं सदस्य हैं, जिन्होंने अब तक 86.96 करोड़ की आय अर्जित की है। कार्यक्रम में अपर मुख्य सचिव सुब्रत साहू, कृषि उत्पादन आयुक्त डॉ. कमलप्रीत सिंह, पशुपालन विभाग की संचालक श्रीमती चंदन संजय त्रिपाठी, उपसचिव कृषि सुश्री तुलिका प्रजापति उपस्थित थीं।

Advertisement Sushasan Divas Advertisement Mohan Chandrakar Chhattisgarh Tourism Chhattisgarh Tourism
Don't Miss
© Media24Media | All Rights Reserved | Infowt Information Web Technologies.