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हर गरीब का पक्का आवास का सपना हो रहा पूरा

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रायपुर। हर गरीब को रहने के लिए पक्का छत मिले इस उद्देश्य के साथ प्रधानमंत्री आवास योजना की शुरुआत की गई है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की सोच से ग्रामीण इलाकों में टूटे खपरैल और धसकती दीवारों के बीच जीवन यापन कर रहे गरीब परिवारों के लिए एक नए सपने से कम नहीं है। इस मिशन को पूरा करने के लिए राज्य सरकार मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में कदम से कदम मिलाकर चल रही है। चयनित पात्र हितग्राहियों के पक्के घर का सपना पूरा करने के लिए तीव्र गति से कार्य कर रही है।

महासमुंद जिले में इसका बेहतर क्रियान्वयन देखने को मिल रहा है। जिंदगी भर कच्चे मकान में रहने की दुःख से उबरते हुए अब गरीब परिवारों को भी पक्का छत नसीब हो रहा है। ग्राम बेमचा के श्रीमती शिवबती धु्रव के नाम पर प्रधानमंत्री आवास योजना स्वीकृत हुआ है। पहली किस्त की राशि 40 हजार रुपए मिल चुका है। अब उनके सपनों की घर का बुनियाद पड़ गई है और जल्दी ही उनका घर बनकर तैयार हो जाएगा। अपने घर और पति के सपनों को प्रधानमंत्री आवास योजना से पूरा होने वाला है। उन्होंने बताया कि शादी के समय वे कच्चे खपरैल के घर में आई थी तबसे आज लगभग 25 वर्षों बाद उनका सपना पूरा हो रहा है। ऐसे ही हजारों हितग्राहियों को प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ महासमुंद जिले में मिल रहा है।

इस योजना अंतर्गत वर्ष 2016-17 से 2022-23 के दौरान जिले में 73,266 आवास स्वीकृत हुए हैं। इनमें से अब तक 69,905 आवास पूर्ण हो चुके हैं, जबकि 3,361 आवास निर्माणाधीन हैं। प्रधानमंत्री जनमन योजनांतर्गत महासमुंद जिले में 583 विशेष पिछड़ी जनजाति के हितग्राहियों का सर्वे एवं पंजीयन पूरा हो चुका है। सभी हितग्राहियों को आवास स्वीकृत किया गया, जिनमें से 3 दिसम्बर तक 195 आवास पूर्ण हो चुके हैं तथा 388 आवास प्रगतिरत हैं। जिसके तहत 579 हितग्राहियों के खाते में प्रथम किस्त की राशि जमा किया गया है। इसी तरह 504 हितग्राहियों को द्वितीय किस्त, 353 हितग्राहियों को तृतीय किस्त एवं 112 हितग्राहियों को चतुर्थ किस्त की राशि जारी किया जा चुका है।

छत्तीसगढ़ में पिछले 11 महीनों में प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) अंतर्गत आवासों के निर्माण में आई तेजी

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रायपुर। छत्तीसगढ़ में पिछले साल दिसम्बर में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में नई सरकार के गठन के बाद से शहरों में प्रधानमंत्री आवास योजना के कार्यों में तेजी आई है। दिसम्बर-2023 से अक्टूबर-2024 के बीच पिछले 11 महीनों में ही करीब 50 हजार आवासों के निर्माण पूर्ण किए गए हैं। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के हर गरीब के लिए आशियाने के सपने को पूरा करने का काम छत्तीसगढ़ में तेजी से हो रहा है। दिसम्बर-2023 में राज्य में नई सरकार के गठन के बाद प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के कार्यों में तेजी लाते हुए 49 हजार 834 आवासों का काम पूर्ण किया गया है। इनमें विभिन्न शहरों के हितग्राहियों द्वारा अपनी खुद की जमीन पर बनाए गए 44 हजार 419 और योजना के साथ भागीदारी में किफायती आवासीय परियोजनाओं के माध्यम से निर्मित 5415 आवास शामिल हैं।

उप मुख्यमंत्री तथा नगरीय प्रशासन एवं विकास मंत्री अरुण साव ने बताया कि बीते 11 महीनों में योजना की भौतिक और वित्तीय प्रगति में अच्छी तेजी आई है। सभी नगरीय निकायों में बनाए जा रहे आवासों और निर्माण एजेंसियों के कार्यों की नियमित समीक्षा की जा रही है और उन्हें गरीबों के आशियाने के सपने को जल्द पूरा करने के लिए तेजी से काम पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने बताया कि पिछले 11 महीनों के दौरान हर माह औसतन हितग्राहियों द्वारा अपनी खुद की भूमि में बनाए जा रहे 4002 मकानों के काम पूर्ण किए गए हैं, जबकि वर्ष 2018 से 2023 के बीच यह औसत केवल 1592 थी। योजना के साथ भागीदारी में बनाए जा रहे किफायती आवासीय परियोजनाओं के निर्माण और आबंटन में भी तेजी लाते हुए विगत 11 महीनों में 7348 परिवारों को आवास आबंटित कर 5855 हितग्राहियों को पूर्ण आवासों में व्यवस्थापित किया गया है।

उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने बताया कि प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) 2.0 के लिए भी प्रदेश में सर्वेक्षण शुरू हो गया है। इसके अंतर्गत ऐसे शहरी पात्र परिवार जिन्हें प्रधानमंत्री आवास योजना के पहले चरण में आवास नहीं मिल पाए थे, उन्हें पक्का मकान उपलब्ध कराया जाएगा। प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) 2.0 में हितग्राहियों की सुविधा के लिए आवास हेतु आवेदन की प्रक्रिया का सरलीकरण किया गया है। आवास के आवेदन सरलतापूर्वक ऑनलाईन माध्यम से भारत सरकार के अधिकृत पोर्टल पर स्वयं हितग्राही द्वारा दर्ज किया जा सकता है। इसके साथ ही प्रदेश की सभी 189 अधिसूचित नगरीय निकायों में हेल्पडेस्क के माध्यम से भी आवेदन की प्रक्रिया संपादित की जा सकती है।

प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के अंतर्गत राज्य के विभिन्न नगरीय निकायों में कुल दो लाख 49 हजार 166 आवास स्वीकृत हैं। इनमें लाभार्थियों द्वारा अपनी खुद की भूमि पर बनाए जाने वाले दो लाख 11 हजार 069 और किफायती आवासीय परियोजनाओं के तहत बनने वाले 38 हजार 097 आवास शामिल हैं। शहरी गरीबों के स्वयं के पक्के मकान का सपना जल्द से जल्द पूरा करने के लिए नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग द्वारा तेजी से इन आवासों का निर्माण किया जा रहा है। योजना के तहत राज्य में अब तक कुल एक लाख 96 हजार 967 आवास पूर्ण किए जा चुके हैं, जिनमें से एक लाख 74 हजार 967 आवास हितग्राहियों द्वारा बनाए गए हैं। वहीं किफायती आवासीय परियोजनाओं के तहत 21 हजार 600 आवासों का निर्माण पूर्ण किया गया है। प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के अंतर्गत प्रदेश के नगरीय निकायों में अभी कुल 48 हजार 346 आवासों का काम प्रगति पर है, जिन्हें तेजी से पूरा किया जा रहा है।

प्रधानमंत्री आवास मेला : हितग्राहियों को मंत्री टंकराम वर्मा ने सौंपी प्रथम किस्त की राशि

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रायपुर। प्रदेश के राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा ने नारायणपुर जिले के ऑडिटोरियम में आयोजित प्रधानमंत्री आवास मेला में 2 हजार 463 लाभार्थियों को नए मकानों की चाबियां सौंपी। इस अवसर पर वर्मा ने प्रधानमंत्री आवास मेला में विभिन्न विभागों द्वारा लगाई गई स्टालों का अवलोकन भी किया।

इस अवसर पर उन्होंने कहा कि नारायणपुर जिले में अब तक लगभग 7,000 मकानों की स्वीकृति दी जा चुकी है, जिनमें से 2,463 मकानों का निर्माण पूर्ण किया गया है। प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत प्रदेश में 18 लाख मकानों के निर्माण का लक्ष्य रखा गया है, जिसे अतिशीघ्र पूरा किया जाएगा। मंत्री वर्मा ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की गारंटी और मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के सुशासन का उल्लेख करते हुए कहा कि प्रदेश की 70 लाख महिलाओं को महतारी वंदन योजना से लाभान्वित किया जा रहा है। आवास मेला के दौरान 894 लाभार्थियों को 40-40 हजार रुपए की पहली किस्त का चेक प्रदान किया गया।

मंत्री वर्मा ने कहा कि हर घर नल जल योजना, गैस कनेक्शन, और शौचालय निर्माण जैसे कार्यों को तेज़ी से पूरा किया जा रहा है। छत्तीसगढ़ को विकसित और समृद्ध राज्य बनाने के लिए ठोस प्रयास किए जा रहे हैं। तेंदूपत्ता संग्रहण की राशि को 04 हजार से बढ़ाकर 5,500 रुपए कर दी गई है और मजदूरों हेतु चरण पादुका वितरण योजना फिर से शुरू की गई है। बस्तर संभाग के बच्चों की शिक्षा और विकास के लिए दंतेवाड़ा में एजुकेशन हब स्थापित किया गया है और संभाग के अन्य जिलों में प्रयास एवं एकलव्य आदर्श विद्यालयों की स्थापना की गई है। इन संस्थानों के माध्यम से बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिल रही है।

कार्यक्रम के दौरान राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा मिशन के तहत मशरूम बीज और मिनीकिट बीज का वितरण किया गया। इस अवसर पर सर्व आदिवासी समाज के संरक्षक रूपसाय सलाम, जिला पंचायत के उपाध्यक्ष देवनाथ उसेंडी, जनभागीदारी समिति के अध्यक्ष नरेन्द्र मेश्राम, रामकृष्ण मिशन आश्रम के स्वामीजन सहित कोच, रेफरीगण एवं बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थिति थे।

योजनाओं का लाभ सभी पात्र हितग्राहियों तक पहुंचाएं - अरुण साव

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रायपुर। उप मुख्यमंत्री तथा बेमेतरा जिले के प्रभारी मंत्री अरुण साव ने आज बेमेतरा जिला मुख्यालय में अधिकारियों की बैठक लेकर जिले में विकास कार्यों की प्रगति और शासकीय योजनाओं के क्रियान्वयन की समीक्षा की। उन्होंने शासन की योजनाओं का लाभ सभी पात्र हितग्राहियों तक पहुंचाने के निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि विकास कार्यों और योजनाओं के क्रियान्वयन में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। खाद्य मंत्री दयालदास बघेल तथा विधायक दीपेश साहू और ईश्वर साहू भी समीक्षा बैठक में शामिल हुए।

उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने विभागवार योजनाओं की समीक्षा करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना सर्वोच्च प्राथमिकता वाली योजना है। इसके लिए पात्र सभी हितग्राहियों के लिए आवास स्वीकृत करें। उन्होंने जिले के नगरीय निकायों के अधिकारियों को निर्माण और जन सुविधाएं विकसित करने के कार्यों को गंभीरता से पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि किसी भी नगरीय निकाय में काम में कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सभी अधिकारी मुस्तैदी से अपने दायित्वों का निर्वहन कर शहरों का सुव्यवस्थित और सुनियोजित विकास सुनिश्चित करें। कर्मचारियों के वेतन का समय पर भुगतान करें।

उप मुख्यमंत्री साव ने बैठक में लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों को सड़कों और पुल-पुलियों की मरम्मत का काम प्राथमिकता से करने के निर्देश दिए। उन्होंने निर्माणाधीन सड़कों की गुणवत्ता पर पूरा ध्यान देने को कहा। उन्होंने कार्यालयीन कार्यों के साथ ही फील्ड पर जाकर कार्यों का बारीकी से निरीक्षण करने को कहा।

साव ने राजस्व विभाग के कार्यों की समीक्षा करते हुए कहा कि छोटी-छोटी समस्याओं के लिए लोगों को इधर-उधर भटकना न पड़े, इसका ध्यान रखें। उन्होंने राजस्व प्रकरणों का तेजी से निपटारा करने के निर्देश दिए। साव ने जिले में जल जीवन मिशन के कार्यों को मिशन मोड में पूर्ण करने को कहा। उन्होंने आंगनबाड़ियों में बच्चों की उपस्थिति के साथ ही उनके लिए गुणवत्तापूर्ण भोजन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

उप मुख्यमंत्री साव ने जिले में अवैध शराब और मादक पदार्थों की बिक्री व परिवहन पर सख्ती से रोक लगाने के निर्देश अधिकारियों को दिए। उन्होंने अधिकारियों को पुलिस अधीक्षक से सहयोग लेकर योजना बनाकर इनकी रोकथाम करने को कहा। उन्होंने अवैध खनिज उत्खनन और परिवहन पर भी कार्रवाई करने के निर्देश दिए। बेमेतरा जिला पंचायत की अध्यक्ष श्रीमती सुनीता साहू, कलेक्टर रणबीर शर्मा, पुलिस अधीक्षक रामकृष्ण साहू और जिला पंचायत के सीईओ टेकचन्द्र अग्रवाल सहित सभी विभागों के जिला स्तरीय अधिकारी भी समीक्षा बैठक में मौजूद थे।

 

राशन कार्डधारियों का ई-केवाईसी व नवीनीकरण 30 जून तक पूर्ण करने के निर्देश

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रायपुर। सामान्य श्रेणी एपीएल प्राथमिकता और अंत्योदय अन्न योजना के परिवार के राशन कार्डधारियों का ई-केवाईसी और नवीनीकरण के लिए राज्य स्तरीय अधिकारियों की बैठक हुई। जिसमें सभी योजनाओं के शेष बचे हुए हितग्राहियों को 30 जून तक ई-केवाईसी व नवीनीकरण पूर्ण करने के निर्देश दिए गए है। ईकेवाईसी के लिए शेष बचे हुए हितग्राही को नजदीकी के शासकीय उचित मूल्य दुकान में अपने राशनकार्ड के सभी सदस्यों का ईकेवाईसी आवश्यक रूप से किया जाना सुनिश्चित है।

तथा नवीनीकरण के लिए शेष बचे हुए राशनकार्ड धारियों को एंड्रॉयड मोबाइल फोन पर लिंक डाउनलोड कर या अपने शासकीय उचित मूल्य दुकान पहुंचकर राशनकार्ड का नवीनीकरण कराया जाना है। इस संबंध में कलेक्टर डाॅ. गौरव सिंह के निर्देश पर जिले के खाद्य नियंत्रक भूपेन्द्र मिश्रा द्वारा समस्त सहायक खाद्य अधिकारीयों एवं खाद्य निरीक्षकों की बैठक लेकर समय-सीमा में शेष बचे हुए राशनकार्डधारी परिवारों का ईकेवाईसी एवं नवीनीकरण पूर्ण कराने के निर्देश दिए गए हैं।

 

महतारी वंदन योजना के तहत मुख्य सचिव ने अधिकारियों को दिए निर्देश

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रायपुर। मुख्य सचिव अमिताभ जैन ने आज यहां रायपुर स्थित कार्यालय से वीडियो कान्फ्रेंसिंग के जरिये बैठक लेकर शासन की महत्वपूर्ण महतारी वंदन योजना के सुचारू क्रियान्वयन के लिए अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिये हैं। मुख्य सचिव ने अधिकारियों से कहा है कि राज्य के सभी जिलों में योजना के सभी पात्र हितग्राहियों को लाभान्वित करने के लिए समयबद्ध कार्यक्रम निर्धारित करें।

ग्राम पंचायत एवं नगरीय निकाय स्तर पर विशेेष शिविर आयोजित कर हितग्राहियों को आवेदन करने में सहयोग एवं सुविधा प्रदान करें। बैठक में महिला एवं बाल विकास विभाग की सचिव श्रीमती शम्मी आबिदी ने महतारी वंदन योजना के संबंध में विस्तार से जानकारी प्रस्तुत की। बैठक में सभी संभागायुक्त कलेक्टर जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी शामिल हुए। मुख्य सचिव ने महतारी वंदन योजना के क्रियान्वयन के संबंध में सभी जिलों एवं राज्य स्तर पर कंट्रोल रूम स्थापित करने के निर्देश अधिकारियों को दिये है।

कंट्रोल रूम के जरिए हितग्राहियों को संतोषजनक जानकारी दी जाए और उन्हें आवेदन करने में भरपूर सहयोग दिया जाए। महिला एवं बाल विकास विभाग की सचिव ने बताया कि महिलाओं के आर्थिक स्वावलंबन और उनके स्वास्थ्य पोषण सुधार हेतु योजना क्रियान्वित की जा रही है। योजना के संबंध में उन्होंने बताया कि योजना के अंतर्गत पात्र विवाहित महिलाओं को प्रतिमाह एक हजार रूपए के मान से प्रतिवर्ष  12 हजार रूपए की सहायता प्रदान की जाएगी। महिला की आयु 21 वर्ष एवं उससे अधिक आयु की विवाहित महिला जिसमें विधवा, तलाकशुदा, परित्यक्ता भी सम्मिलित है। योजना के अंतर्गत ऐसी श्रेणी की महिलाए पात्र होगी जो छत्तीसगढ़ की स्थायी निवासी हो।

योजना के लिए ऑनलाईन आवेदन करने हेतु पोर्टल https://www.mahtarivandan.cgstate.gov.in तथा मोबाईल एप द्वारा आवेदन आंगनबाड़ी केन्द्र की लॉगिन आईडी से, ग्राम पंचायत सचिव (ग्राम प्रभारी) की लॉगिन आईडी से, बाल विकास परियोजना कार्यालय की लॉगिन आईडी से, आवेदक स्वयं पोर्टल के माध्यम से आवेदन कर सकेंगे।  नगरीय क्षेत्रों में वार्ड प्रभारी के लॉगिन आईडी के माध्यम से आवेदन किया जा सकेगा।

विकसित भारत संकल्प यात्रा का दूसरा दिन : महासमुंद विकासखंड अंतर्गत ग्राम साराडीह एवं मुढ़ेना में हुआ आयोजन

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महासमुंद। केंद्र सरकार की जन कल्याणकारी योजनाओं को जन-जन तक पहुँचाने एवं इनसे लाभ लेने वाले हितग्राहियों से संवाद करने के उद्देश्य से शुरू की गई विकसित भारत संकल्प यात्राका सफर महासमुंद जिले में दूसरे दिन निरंतर जारी है। आज जिले के महासमुंद विकासखण्ड के ग्राम साराडीह एवं मुढ़ेना में कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस दौरान विकसित भारत संकल्प यात्राप्रचार रथ के ग्राम में आगमन होने पर महिलाओं तथा ग्रामीणों द्वारा पूजा-अर्चना कर स्वागत किया गया।

कार्यक्रम स्थलों में विभिन्न विभागों द्वारा आम जनता को शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी प्रदान करने स्टॉल भी लगाया गया था। जिसमें संबंधित विभाग के अधिकारियों के द्वारा आम जनता को योजनाओं के संबंध में विस्तृत जानकारी दी गई तथा उसका लाभ उठाने प्रेरित किया गया। कार्यक्रम स्थल में स्वास्थ्य विभाग की टीम के द्वारा आम लोगों का स्वास्थ्य परीक्षण कर निःशुल्क दवाइयां भी वितरित की गई। इस अवसर पर केन्द्र सरकार की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं के लाभार्थियों को सामग्रियों का वितरण भी किया गया।

कार्यक्रम में केन्द्र सरकार द्वारा नियुक्त विकसित भारत संकल्प यात्रा के संयोजक एवं पूर्व विधायक डॉ. विमल चोपड़ा बतौर मुख्य अतिथि शामिल हुए। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा संचालित योजनाओं के कोई भी पात्र हितग्राहियों को लाभ से वंचित न होना पड़े इसलिए विकसित भारत संकल्प यात्रा चलाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की गारंटी के तहत सभी लोगों को योजनाओं का लाभ मिलेगा। इसके लिए प्रशासन संकल्प यात्रा के साथ गांव-गांव पहुंचकर योजनाओं की जानकारी दे रही है।

डॉ. चोपड़ा ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के गारंटी के अनुरूप प्रदेश के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने 18 लाख गरीबों को प्रधानमंत्री आवास योजना देने का कार्य की शुरूआत कर दी है। उन्होंने कहा कि सभी बुनियादी आवश्कताओं की पूर्ति के लिए मोदी सरकार द्वारा पानी, शौचालय, सड़क स्वावस्थ्य आदि की आपूर्ति सुनिश्चित की जा रही है। उन्होंने कहा कि हम सबको मोदी जी का सपना कि हर गरीब की उन्नति और प्रगति हो, प्रत्येक गांव का विकास हो के लिए काम कर रहे हैं। उन्होंने सभी से अपील किया कि सभी योजनाओं का लाभ उठाएं। कार्यक्रम के पूर्व नगरपालिका अध्यक्ष पवन पटेल एवं पार्षद देवीचंद राठी ने भी संबोधित किया। इस अवसर पर ग्राम पंचायत साराडीह के सरपंच को टीबी मुक्त भारत के लिए निष्क्षय प्रमाण पत्र एवं डिजिटल इंडिया के लिए संतोष सोनी को प्रमाण पत्र वितरित किए गए।

महासमुंद विकासखण्ड के ग्राम साराडीह में आयोजित कार्यक्रम में आयुष्मान भारत योजना के अंतर्गत 03 हितग्राहियों को आयुष्मान कार्ड वितरित किया गया तथा 20 नए आयुष्मान कार्ड बनाए गए हैं। उज्जवला योजना के अंतर्गत 15 हितग्राही को घरेलू रसोई गैस कनेक्शन का वितरण किया गया। जिसमें सुशीला साहू, जानकी रात्रे, रुचि साहू, डिगेश्वरी यादव, महिला एवं बाल विकास अंतर्गत ज्योति विश्वकर्मा, खोमेश्वरी निर्मलकर, झरना साहू, आशा चेलक, अगेश्वरी शामिल है। पीएम किसान योजना अंतर्गत 05 किसानों को केसीसी कार्ड जारी किया गया। इसके अलावा आधार कार्ड पंजीयन, पीएम मुद्रा एवं सुरक्षा बीमा, जल जीवन मिशन आदि विभागों द्वारा योजनाओं की जानकारी देकर पंजीयन किया गया।

इस दौरान प्रधानमंत्री आवास योजना के लाभार्थी भुनेश्वरी कुर्रे, सरस्वती जलक्षत्री, ईश्वर परमेश्वरी, तुकाराम ने अपने अनुभव भी साझा किया। कार्यक्रम में ग्राम साराडीह की  झरना साहू ने बताया कि उन्हें आयुष्मान कार्ड से एक लाख 50 हजार रुपए का निःशुल्क स्वास्थ्य लाभ मिला है। उन्होंने बताया कि डिलीवरी के दौरान विषम परिस्थिति के कारण स्वास्थ्यगत समस्याओं का सामना करना पड़ा। इस दौरान डॉक्टर ने बताया कि इलाज में लगभग डेढ़ लाख रुपए खर्च होंगे। ऐसे समय में आयुष्मान कार्ड का लाभ मिला। निःशुल्क उपचार के पश्चात सुरक्षित डिलीवरी भी हुआ। आज मैं अपने गुड़िया के साथ बेहद खुश हूं।

इसी तरह उज्ज्वला योजना की हितग्राही सुशीला साहू ने बताया कि आज इस कैम्प में मुझे उज्ज्वला गैस कनेक्शन प्राप्त हुआ। जिसमें एक सिलेण्डर, चूल्हा, पाईप आदि शामिल है। अब मुझे लकड़ी और धुएं से मुक्ति मिलेगी। उन्होंने मोदी सरकार को धन्यवाद दिया। कार्यक्रम में मुन्ना साहू, ग्राम पंचायत साराडीह के सरपंच साजन यादव, प्रकाश साहू एवं अनुविभागीय अधिकारी उमेश साहू, तहसीलदार चंद्रशेखर मंडई सहित स्थानीय जनप्रतिनिधिगण व हितग्राही गण एवं ग्रामीण जन उपस्थित थे।

प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के पात्र हितग्राहियों का पंजीयन कराने के लिए 7 से 10 दिसम्बर तक विशेष पंजीयन अभियान

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राजनांदगांव। भारत शासन के निर्देशानुसार प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के निर्धारित पात्रता मापदंड में आने वाले सभी पात्र हितग्राहियों के सर्वेक्षण के लिए 7 से 10 दिसम्बर 2023 तक जिले में विशेष पंजीयन अभियान का आयोजन किया जा रहा है। विशेष पंजीयन अभियान के पहले दिन आज जिले के 4 हजार 944 हितग्राहियों का चिन्हांकन कर पंजीयन कराया गया।

शासन द्वारा मिशन शक्ति के अंतर्गत प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना में निर्धारित मापदंडों में पात्र परिवारों के प्रथम बच्चे के जन्म पर 2 किस्तों में 5 हजार रूपए राशि तथा द्वितीय बालिका संतान होने पर एकमुश्त 6 हजार रूपए राशि दिये जाने का प्रावधान है। प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के लिए विशेष अभियान के दौरान 7 से 10 दिसंबर 2023 तक हितग्राहियों का पंजीयन, प्रकरणों का सत्यापन, प्रकरण का इम्यूनाईजेशन, एपू्रवल, प्रकरणों का पेमेंट एपू्रवल, प्रकरणों का पेमेंट जनरेशन, शून्य पंजीयन वाले आंगनबाड़ी केन्द्रों में पात्र हितग्राहियों का चिन्हांकन कर पंजीयन करना, हितग्राहियों के आधार से बैंक खाता लिंक करने के लिए आंगनबाड़ी केन्द्रों में  अधिक से अधिक पात्र हितग्राहियों का पंजीयन किया जायेगा।

मुख्यमंत्री गोधन न्याय योजना के हितग्राहियों को 06 अक्टूबर को 9.65 करोड़ का करेंगे भुगतान

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रायपुर। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल गोधन न्याय योजना के हितग्राहियों को 6 अक्टूबर को अपने निवास कार्यालय रायपुर में गोधन न्याय योजना के ऑनलाईन राशि वितरण कार्यक्रम में योजना के हितग्राहियों के बैंक खातों में 9.65 करोड़ रूपए अंतरित करंेगे। जिसमें गोबर विक्रेताओं को 4.93 करोड़ रूपए, गौठान समितियों को 1.45 करोड़ रूपए, स्व-सहायता समूहों की 1.14 करोड़ रूपए की लाभांश राशि के साथ ही गौठान समिति के सदस्यों को 2.26 करोड़ रूपए की मानदेय राशि शामिल हैं। गोधन न्याय योजना के तहत हितग्राहियों को 579.18 करोड़ रूपए का भुगतान किया जा चुका है। 6 अक्टूबर कोे 9.65 करोड़ रूपए के भुगतान के बाद यह आंकड़ा बढ़कर 588.83 करोड़ रूपए हो जाएगा।

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल गौठानों में 16 सितम्बर से 30 सितम्बर तक क्रय किए गए 2.46 लाख क्विंटल गोबर के एवज में गोबर विक्रेताओं को 4.93 करोड़ रूपए का ऑनलाइन भुगतान करेंगे। गौठानों में अब तक 138.26 क्विंटल गोबर की खरीदी हो चुकी है, जिसके एवज में पशुपालन किसानों को 271.60 करोड़ रूपए का भुगतान भी किया जा चुका है। 6 अक्टूबर को 4.93 करोड़ रूपए के भुगतान के बाद गोबर क्रय के एवज में भुगतान की कुल राशि 276.53 करोड़ रूपए हो जाएगी। गौठान समितियों एवं महिला स्व-सहायता समूहों को 06 अक्टूबर को भुगतान की जाने वाली 2.46 करोड़ रूपए की राशि के बाद इनको होने वाले कुल भुगतान का आंकड़ा 280.04 करोड़ रूपए हो जाएगा। गौरतलब है कि योजना के अंतर्गत महिला स्व-सहायता समूहों को अब तक 2 किश्तों में लगभग 30 करोड़ रूपए की अतिरिक्त प्रोत्साहन राशि बोनस का भी भुगतान किया गया है। मुख्यमंत्री गौठान समिति के 42 हजार 808 सदस्यों को सितम्बर माह के मानदेय के रूप में 2.26 करोड़ रूपए की राशि भी जारी करेंगे। 

गोधन न्याय योजना के तहत गोबर खरीदी के मामले में गौठान समिति की भागीदारी लगातार बढ़ती जा रही है। राज्य में निर्मित एवं संचालित 10224 गौठानों में से 6453 गौठान स्वावलंबी हो चुके हैं, जो स्वयं की राशि से गोबर विक्रेताओं से गोबर क्रय कर रहे है। स्वावलंबी गौठानों ने अब तक 83 करोड़ रूपए का गोबर स्वयं की राशि से क्रय किया है। 6 अक्टूबर को गोबर विक्रेताओं को भुगतान की जाने वाली राशि 4.93 करोड़ रूपए में से 3.25 करोड़ रूपए की राशि स्वावलंबी गौठानों द्वारा तथा 1.68 करोड़ रूपए का भुगतान विभाग द्वारा किया जाएगा।

सीएम ने सक्ति जिले के डभरा में विभिन्न योजनाओं के तहत हितग्राहियों को किया सामग्री वितरण, किसानों को बांटे कृषि यंत्र

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रायपुर। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने सक्ती जिले के डभरा तहसील में आज विभिन्न योजनाओं के अंतर्गत पात्र हितग्राहियों को राशि एवं सामग्रियों का वितरण किया। डभरा तहसील के ग्राम पंचायत नवापारा, बिनौधा, भजपुर, भेड़ीकोना, रामभाठा, साराडीह, फरसवानी एवं सकराली के 25 ग्रामीणों को ग्रामीण आवास न्याय योजना के तहत आवास निर्माण संबंधी मंजूरी दी गयी। छत्तीसगढ़ अस्पृश्यता निवारणार्थ अंतर्जातीय विवाह प्रोत्साहन योजना के तहत 6 हितग्राहियों को 17 लाख 50 हजार रूपये की राशि स्वीकृत की गई है।

कार्यक्रम में 10 किसान हितग्राहियों को बैटरी स्प्रेयर, 5 हितग्राहियों को स्प्रिंकलर, 5 हितग्राहियों को मसूर मिनीकीट एवं 2 हितग्राही को सिंचाई पंप का वितरण किया गया। साराडीह बैराज के डूबान में आने वाले नवापारा ड के ग्रामीणों देवनारायण एवं 150 अन्य लोगों को 2 करोड़ 57 लाख रुपए का  एवं उपनी गांव के देखाऊ एवं 21 अन्य लोगों को 18 लाख 18 हजार रुपए का मुआवजा वितरण किया गया।

जनपद पंचायत डभरा अंतर्गत हितग्राहियों को बीपीएल कार्ड, जन्म प्रमाण पत्र, मृत्यु प्रमाण पत्र एवं विवाह प्रमाण पत्र  वितरित किये गये। इसी प्रकार 4 हितग्राहियों को मत्स्य जाल का भी वितरण किया गया। मुख्यमंत्री बघेल ने कार्यक्रम में एनडीए प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी कर रहे 10 बच्चों को किया पुस्तकों का वितरण किया। उल्लेखनीय है कि जिला प्रशासन द्वारा 50 बच्चों को वर्ष 2023-44 की एनडीए प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी के लिए कोचिंग दी जा रही है।

मुख्यमंत्री बघेल सुकमा जिले को 273.28 करोड़ के 137 विकास कार्याें की देंगे सौगात

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रायपुर। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल 24 सितंबर को सुकमा जिले के छिंदगढ़ में आयोजित कार्यक्रम में 273.28 करोड़ रूपये की लागत के 137 विकास कार्याें का लोकार्पण व भूमिपूजन करेंगे। इनमें 254.10 करोड़ रूपये की लागत के 118 कार्यो का लोकार्पण और 19.18 करोड़ रूपये के 19 कार्यो का लोकार्पण शामिल है। मुख्यमंत्री के हाथों विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं के तहत कुल 257 हितग्राहियों को आयुष्मान कार्ड, नियुक्ति पत्र, आर्थिक सहायता राशि का चेक और सामाग्री का वितरण किया जाएगा।

भूमिपूजन वाले कार्याें में राष्ट्रीय राजमार्ग योजना के तहत 81.08 करोड़ रूपये लागत के राष्ट्रीय राजमार्ग 30 में 12 उच्च स्तरीय पुलिया निर्माण एवं चौड़ीकरण-मजबूतीकरण कार्य का भूमिपूजन किया जाएगा। इसी प्रकार विकासखण्ड सुकमा, कोण्टा, छिंदगढ़ के 47 गांवों में जल जीवन मिशन के तहत 53.38 करोड़ रूपए की लागत से निर्मित होने वाली एकल ग्राम जल प्रदाय योजना के कार्य एवं छिंदगढ़ में 3 करोड़ की लागत से आवर्धन जल प्रदाय योजना का कार्य, शिक्षा विभाग के हास्टल, लाईब्रेरी, स्कूल भवन, अतिरिक्त भवन, पोटा केबिन, लोक निर्माण विभाग के संड़क, पुल-पुलिया, सीसी रोड, जल प्रदाय योजना, माईनर ब्रिज निर्माण, आदिम जाति अनुसूचित जाति विकास के 3 आश्रम भवन, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के उप स्वास्थ्य केन्द्र का उन्नयन, 23 प्राथमिक शाला भवन निर्माण कार्य जिसकी कुल लागत 50.77 करोड़ रूपये से अधिक है, आदि कार्य।

इसी प्रकार 23.70 करोड़ रूपये की लागत के सुकमा में खेल परिसर, महाविद्यालय व विद्यालय में अतिरिक्त कक्ष, 2 उच्च स्तरीय पुल निर्माण के कार्य, स्वास्थ्य विभाग के 13.96 करोड़ रूपये की लागत से सुकमा के जिला अस्पताल में 50 बिस्तर क्रिटीकल केयर ब्लाक सहित अन्य 03 स्थानांे पर स्वास्थ्य केन्द्र भवन का निर्माण, प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत 4.22 करोड़ रूपये के लागत से 02 सड़क एवं चार सीसी रोड निर्माण, आदिम जाति कल्याण विभाग व पंचायत ग्रामीण विकास विभाग के तहत 4.83 करोड़ रूपये की लागत के सीसी रोड, पुल-पुलिया, सामुदायिक भवन, स्कूल भवन, आंगनबाड़ी भवन, पंचायत भवन व स्व-सहायता समूह के लिए आजिविका वर्क शेड आदि कार्य, वन विभाग के 5 करोड़ रूपये के 07 नरवा विकास कार्य का भूमिपूजन होगा। इसी तरह विभिन्न विकासखण्डों में भी अन्य विकास कार्याें का भूमिपूजन होगा।

मुख्यमंत्री बघेल द्वारा लोेकार्पित होने वाले कार्याें में जिला निर्माण समिति के तहत 9.47 करोड़ रूपये से निर्मित स्कूल भवन एवं संधारण, शेड निर्माण, जिला अस्पताल में अतिरिक्त भवन निर्माण, माईनर ब्रिज का लोकार्पण होगा। इसी प्रकार ग्रामीण यांत्रिकी सेवा विभाग अंतर्गत 1.74 करोड़ रूपए की लागत से पोटाकेबिन, स्कूल भवन की मरम्मत, 34.74 लाख रूपये की लागत से जिला अस्पताल में निर्मित बर्न वार्ड, उप स्वास्थ्य केन्द्र सुकमा में अतिरिक्त कक्ष निर्माण कार्य, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के अंतर्गत 4.66 करोड़ रूपये की लागत से 9 एकल ग्राम जल प्रदाय योजना और 2 रेट्रोफिटिंग जल प्रदाय योजना, 2.65 करोड़ रूपये की लागत के 09 उचित मूल्य की दुकान निर्माण, 14 आंगनबाड़ी भवन निर्माण और 30 लाख रूपये की लागत से मुसारिया माता मंदिर का जीर्णोद्धार कार्य का लोकार्पण होगा।    

छत्तीसगढ़ : के 10 हजार आंगनबाड़ी केन्द्र मॉडल केन्द्र के रूप में हो रहे विकसित

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रायपुर। बच्चों तथा महिलाओं के कल्याणकारी योजनाओं में मैदानी स्तर पर सुचारू रूप से संचालन के लिए आंगनबाड़ी केन्द्रों का सक्षम होना जरूरी है। इसे देखते हुए राज्य के 10 हजार आंगनबाड़ी केन्द्रों को मॉडल केन्द्र के रूप में विकसित किया जा रहा है। इनमें से 1047 आंगनबाड़ी केन्द्रों को आकर्षक रूप देकर बाल सुलभ केन्द्र के रूप में विकसित किया गया है। 

साथ ही प्रदेश के 10 आकांक्षी जिलों एवं 20 विकासखण्ड में आंगनबाड़ी केन्द्र को सक्षम आंगनबाड़ी केन्द्र के रूप में विकसित किया जा रहा है। आंगनबाड़ी केन्द्रों के माध्यम से दी जाने वाली सेवाओं की गुणवत्ता में वृद्धि के लिए स्वयं का आंगनबाड़ी भवन होना आवश्यक है। जिन स्थानों पर आंगनबाड़ी केन्द्र के लिए भवन नहीं हैं

वहां हितग्राहियों की सुविधा के लिए राज्य शासन द्वारा अधिकाधिक संख्या में आंगनबाड़ी भवन निर्माण के कार्य को प्राथमिकता दी जा रही है। राज्य सरकार द्वारा प्रदेश में कुल स्वीकृत 52 हजार 474 आंगनबाड़ी और मिनी आंगनबाड़ी केन्द्रों में से कुल 47 हजार 189 केन्द्रों के लिए स्वयं के भवन स्वीकृत किया गया है। साथ ही वित्तीय वर्ष 2023-24 में 5000 आंगनबाड़ी भवन निर्माण किये जाने लक्ष्य निर्धारित किया गया है। नवीन शिक्षा नीति के अनुरूप स्कूल शिक्षा विभाग के साथ समन्वय करते हुए 5000 से अधिक आंगनबाड़ी केन्द्रों में बालवाड़ियां प्रारंभ की जा रही है।


बेरोजगार युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराने जॉब फेयर 12 सितम्बर को

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महासमुंद। जिला रोजगार एवं स्वरोजगार मार्गदर्शन केन्द्र, महासमुंद द्वारा बेरोजगारी भत्ता योजना के हितग्राहियों को रोजगार दिलाने एवं स्थानीय शिक्षित बेरोजगार युवाओं को रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने के उद्देश्य से 12 सितम्बर 2023 को जिला रोजगार कार्यालय महासमुंद में प्रातः 11:00 बजे से दोपहर 03:00 बजे तक जॉब फेयर आयोजित है। जिला रोजगार अधिकारी ने बताया कि इस जॉब फेयर के माध्यम से मारुति सुजुकी इंडिया लिमिटेड के लिए ई.डी.पी. सर्विसेस, गुरुग्राम (हरियाणा) द्वारा ट्रेनी सुपरवाइजर के 180 पदों पर, न्यूनतम 10वीं पास (50 %अंको के साथ उत्तीर्ण) योग्य आवेदक, जिनकी आयु 18 से 20 वर्ष के मध्य हो की भर्तीकी जाएगी।

चयनित आवेदकों को प्रशिक्षण अवधि के प्रथम माह से ही 15,200 और 1300 कुल 16,500 रुपए बोनस एवं अन्य सुविधाएं निःशुल्क भोजन व्यवस्था के साथ-साथ एन.सी.व्ही.टी. (आई0टी0आई0) का सर्टिफिकेट भी प्रदान किया जाएगा। इच्छुक योग्य आवेदक अपने साथ 10वीं के अंकसूची/आधार कार्ड की दो-दो प्रतियों के साथ जॉब फेयर हेतु निर्धारित तिथि एवं स्थल पर उपस्थित होना सुनिश्चित करें। छत्तीसगढ़ शासन की बेरोजगारी भत्ता योजना के हितग्राहियों को रोजगार प्रदान करवाने विशेष प्राथमिकता प्रदान की जाएगी।

छत्तीसगढ़ सरकार ने धान खरीदी का रिकॉर्ड बनाया, इस साल 125 लाख मीट्रिक टन धान खरीदी की आशा : सीएम भूपेश बघेल

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रायपुर। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने शनिवार को मुख्यमंत्री निवास कार्यालय से गोधन न्याय योजना के अंतर्गत ऑनलाईन राशि वितरण कार्यक्रम में हितग्राहियों के बैंक खातों में 23 करोड़ 93 लाख रूपए अंतरित किए। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि इस साल बारिश अच्छी हो रही है और उत्पादन भी अच्छा होने की उम्मीद है। हमारी सरकार हर साल धान खरीदी का रिकॉर्ड बनाया है। इस साल हमें आशा है कि 125 लाख मीट्रिक धान खरीदी की जाएगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार ने इस बार भी छत्तीसगढ़ से चावल खरीदी का कोटा घटा दिया है, हमारे बारदाने का कोटा भी कम कर दिया है। मैंने इस संबंध में केंद्र सरकार को पत्र लिखकर आग्रह किया है। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा कि गौठानों में चार रूपए लीटर की दर से गौमूत्र खरीदकर महिला स्व-सहायता समूह की महिलाएं इससे ब्रह्मास्त्र और जीवामृत तैयार कर रही है, जिसे किसानों को रियायती दरों पर उपलब्ध कराया जा रहा है। किसान अब महंगे पेस्टीसाइट के बदले जैविक कीटनाशक ब्रह्मास्त्र और जीवामृत का उपयोग करने लगे हैं।

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कार्यक्रम में बटन दबाकर गोधन न्याय योजना के हितग्राहियों के खाते में 23 करोड़ 93 लाख रूपए ऑनलाईन राशि अंतरित की। जिसमें गोबर विक्रेताओं को 5.36 करोड़ रूपए, गौठान समितियों को 1.63 करोड़ रूपए एवं स्व-सहायता समूहों की 1.14 करोड़ रूपए की लाभांश राशि के साथ ही स्व-सहायता समूहों को 12.32 करोड़ रूपए तथा सहकारी समितियों को 1.23 करोड़ रूपए की अतिरिक्त प्रोत्साहन राशि और स्वावलंबी गौठान समितियों के अध्यक्ष एवं सदस्यों को 2.25 करोड़ रूपए की मानदेय राशि शामिल है। शनिवार को गोधन न्याय योजना के तहत हितग्राहियों को 29 करोड़ 93 लाख रूपए के भुगतान के बाद अब तक कुल 581.24 करोड़ रूपए का भुगतान किया जा चुका है।

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने शनिवार को गौठानों में 15 अगस्त से 31 अगस्त तक क्रय किए गए 2.68 लाख क्विंटल गोबर के एवज में गोबर विक्रेताओं को 5.36 करोड़ रूपए का ऑनलाइन भुगतान किया। गौठानों में अब तक 133.22 क्विंटल गोबर की खरीदी हो चुकी है, जिसकी एवज में पशुपालन किसानों को 261.08 करोड़ रूपए का भुगतान भी किया जा चुका है। 9 सितम्बर को 5.36 करोड़ रूपए के भुगतान के बाद गोबर क्रय की कुल राशि 266.44 करोड़ रूपए हो गई है। गौठान समितियों एवं महिला स्व-सहायता समूहों को 09 सितम्बर को भुगतान की जाने वाली 2.77 करोड़ रूपए की राशि के बाद इनको होने वाले भुगतान की राशि 275.01 करोड़ रूपए हो गई है।

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल इस मौके पर गोबर से कम्पोस्ट खाद के उत्पादन से जुड़े स्व-सहायता समूहों को कम्पोस्ट खाद के विक्रय पर प्रति किलोग्राम एक रूपए के मान से कुल 12 करोड़ 32 लाख रूपए तथा सहकारी समितियों को प्रति किलो 10 पैसे मान से कुल 1 करोड़ 23 लाख रूपए प्रोत्साहन राशि के रूप में ऑनलाईन जारी की। मुख्यमंत्री स्वावलंबी गौठानों के 42 हजार 644 सदस्यों को मानदेय के रूप में 2 करोड़ 25 लाख रूपए उनके बैंक खातों में अंतरित किए।

गौरतलब है कि गोधन न्याय योजना के तहत गोबर खरीदी के मामले में स्वावलंबी गौठान समितियों की भागीदारी लगातार बढ़ती जा रही है। राज्य में निर्मित एवं संचालित 10288 गौठानों में से 6252 गौठान स्वावलंबी हो चुके हैं, जो स्वयं की राशि से गोबर विक्रेताओं से गोबर क्रय कर रहे है। स्वावलंबी गौठानों ने अब तक 76 करोड़ 42 लाख रूपए का गोबर स्वयं की राशि से क्रय किया है।

इस अवसर पर कृषि मंत्री ताम्रध्वज साहू, मुख्यमंत्री के सलाहकार प्रदीप शर्मा, अपर मुख्य सचिव सुब्रत साहू, कृषि उत्पादन आयुक्त डॉ. कमलप्रीत सिंह, प्रबंध संचालक गोधन न्याय मिशन डॉ. अय्याज फकीर भाई तंबोली, राज्य नोडल अधिकारी रीपा गौरव सिंह, संचालक कृषि एवं पशुधन श्रीमती चंदन त्रिपाठी, उप सचिव श्रीमती तूलिका प्रजापति, राज्य नोडल अधिकारी एन.एल.आर.एम. श्रीमती पद्मिनी भोई साहू एवं अन्य अधिकारीगण उपस्थित थे।

 

मिनीमाता महतारी जतन योजना श्रमिक परिवारों के लिए बनी सहारा

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रायपुर। छत्तीसगढ़ शासन के अंतर्गत श्रम विभाग की योजनाओं से हितग्राहियों को लाभान्वित किया जा रहा है। गर्भवती माताओं के लिए संचालित महतारी जतन योजना से बच्चों और माताओं की सेहत की उचित देखभाल भी हो रही है। महासमुंद जिले में मिनी माता महतारी जतन योजना से 2087 हितग्राहियों को लाभान्वित किया गया है। योजना का लाभ उठाने वाली महासमुंद जिले के सुभाष नगर निवासी श्रीमती प्रमिला यादव ने बताया कि योजना के तहत 20 हजार रुपए की सहायता राशि प्रदान की गई।

उन्होंने बताया कि उनके पति छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मंडल अंतर्गत रेजा प्रवर्ग में पंजीकृत श्रमिक हैं। प्रमिला ने योजना की सराहना करते हुए कहा कि श्रम विभाग के अंतर्गत मिनी माता महतारी जतन योजना से मिली राशि का उपयोग बच्चों के रहन सहन और उचित देखभाल के लिए किया जा रहा है। श्रमिक परिवार की गर्भवती महिलाओं के लिए बहुत बड़ा सहारा बन रही है।

उल्लेखनीय है कि छत्तीसगढ़ शासन द्वारा गर्भवती महिलाओं को सहायता देने के लिए मिनी माता महतारी जतन योजना की शुरुआत की गई है। योजना के तहत गर्भवती महिलाओं को सहायता प्रदान की जाती है। जो भवन निर्माण तथा असंगठित क्षेत्र में निर्माण के कार्य में मजदूरी करती है या जिनके पति मजदूरी करते हैं। उनकी पत्नी को योजना का लाभ दिया जाता है।

वन अधिकार मान्यता के क्रियान्वयन में देश में अव्वल छत्तीसगढ़

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रायपुर। छत्तीसगढ़ में वन अधिकार मान्यता अधिनियम का मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की मंशा के अनुरूप प्रभावी और संवेदनशीलता के साथ क्रियान्वयन हो रहा है। इसके परिणाम स्वरूप राज्य में आदिवासी - वनवासियों सहित गरीब तथा कमजोर वर्ग के समस्त लोगों को काफी राहत मिली है, और उनकी आर्थिक स्थिति भी सुदृढ़ हुई है। आम जन के सरोकार के साथ-साथ ग्रामीण अर्थव्यवस्था एवं वन संरक्षण की दृष्टि से यह वन अधिकार मान्यता पत्र अत्यंत ही महत्वपूर्ण साबित हो रहा है।

छत्तीसगढ़ में वन अधिकार मान्यता पत्र के संदर्भ में कुल 5 लाख 17 हजार 096 हितग्राहियों को वन अधिकार पत्र प्रदाय किये गये है। व्यक्तिगत वन अधिकार पत्र प्रदाय करने में छत्तीसगढ़ राज्य देश में प्रथम स्थान पर है। इसके अंतर्गत हितग्राहियों के समग्र विकास के लिए भूमि समतलीकरण, जल संसाधनों का विकास तथा क्लस्टर के माध्यम से हितग्राहियों को अधिकाधिक लाभ के उद्देश्य से अनेक योजनाओं के माध्यम से मदद पहुंचाई गई है। इस संबंध में प्रधान मुख्य वन संरक्षक व्हीं. श्रीनिवास राव से प्राप्त जानकारी के अनुसार इनमें हितग्राहियों को वन मंत्री मोहम्मद अकबर के मार्गदर्शन में राज्य की जनहितकारी योजनाओं जैसे निजी भूमि पर बाईबेक गारंटी के साथ मुख्यमंत्री वृक्ष संपदा योजना, फसल विविधता को प्रोत्साहित करने के लिये धान के बदले अन्य रोपण हेतु प्रोत्साहन राशि का प्रावधान आदि से भी जोड़ा जा रहा है।

इसके तहत भूमि विकास के फलस्वरूप प्रति हितग्राही कृषि उत्पादन बढ़ गया है और अनेक प्रकार के आय-मूलक फसलों (कैश क्रॉप) का उत्पादन भी उन क्षेत्रों में किया जा रहा है। जिसके कारण हितग्राहियों का आजीविका उन्नयन भी सुनिश्चित हुआ है। साथ ही साथ इससे वन सुरक्षा के प्रति जनता का सीधा सरोकार सामने आया है और इसके सकारात्मक परिणाम सामने आ रहे है। इसी तरह राज्य में सामुदायिक वन अधिकार अंतर्गत कुल 46000 प्रकरणों को मान्यता प्रदान की गई है, जो कि पुनः देश में सर्वाधिक है। 

इसके अंतर्गत वनांचलों में निवासरत जन समुदाय को विभिन्न प्रकार के निस्तार संबंधी अधिकार जैसे गीण वन उत्पाद संबंधी अधिकार मछली व अन्य जल उत्पाद तथा चारागाह अधिकार विशेष पिछड़ी जाति एवं समुदायों, कृषकों को आवास अधिकार, सभी वन ग्रामों पुराने रहवास क्षेत्रों, असर्वेक्षित ग्राम आदि को राजस्व ग्राम में बदलने के अधिकार, आदि शामिल है। इसके अलावा वनांचल क्षेत्र में पाये जाने वाले लघु वनोपज संग्रहण के लिये 67 प्रजातियों का न्यूनतम समर्थन मूल्य घोषित किया गया है और इस वर्ष छ.ग. राज्य वन अधिकार मान्यता के प्रभावी क्रियान्वयन द्वारा देश का 73 प्रतिशत लघु वनोपज का संग्रहण करने में सफलता प्राप्त की है।

वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार राज्य में कुल 4306 सामुदायिक वन संसाधन अधिकार मान्यता पत्र प्रदाय किये गये है। वन संसाधन अधिकार के प्रबंधन हेतु मान्यता प्रदान करने में छत्तीसगढ़ राज्य देश का प्रथम राज्य है, जहां व्यापक पैमाने पर वन वासियों के अधिकारों के संरक्षण को ध्यान में रखते हुये वन अधिकार पत्र प्रदाय किये गये है। इस अधिकार के तहत ग्राम सभा को प्रदत्त मान्यता वाले वन क्षेत्रों के प्रबंधन का अधिकार दिया गया है। उक्त वनों के प्रबंधन हेतु प्रबंध योजना तैयार करने की कार्यवाही प्रगति पर है। जिसके लिये 19 जिलों के लगभग 2000 ग्रामों के हितधारकों को प्रबंध योजना तैयार कर कार्य आयोजना के साथ एकीकृत करते हुये प्रबंधन सुनिश्चित करना है।

प्रबंध योजना में सामुदायिक वन संसाधन अधिकार मान्यता वाले वन के प्रबंधन हेतु समस्त प्रकार के सर्वेक्षण करते हुये प्रबंधन के सभी आयाम प्रस्तावित है। यहां यह सुनिश्चित किया जाता है कि प्रत्येक ईकाई वन भूमि पर अधिक से अधिक लाभ के लिये किस प्रकार का रोपण अथवा संरक्षण संबंधी कार्य प्रस्तावित किया जा सकता है। फाउंडेशन फॉर ईकोलाजिकल सेक्युरिटी नामक स्वयं सेवी संस्था द्वारा राज्य के 19 जिलों के लगभग 700 ग्रामों में प्रसंस्करण एवं आय संसाधन में वृद्धि के लिये संभावनाओं की तलाश और उससे संबधित प्रशिक्षण दिया गया है।

इसी तरह प्रदान संस्था के द्वारा 05 जिलों के 36 गांवों में कृषि के उन्नत तकनीक एवं प्रसंस्करण के विभिन्न आयामों का प्रशिक्षण दिया गया है। साथ ही रिक्त स्थानों पर कार्य आयोजना के प्रावधानों को प्रबंध योजना में एकीकृत करते हुये स्थानीय प्रजातियों के लिये वृहद रोपण हेतु योजना तैयार की जा रही है। राज्य में सामुदायिक वन संसाधन अधिकार अधिनियम अंतर्गत राज्य के 24 जिलों में लगभग 106 प्रशिक्षण का आयोजन किया गया है, जिसमें कुल 5492 हितग्राही लाभान्वित हुये है।

भूपेश बघेल जी के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ की सरकार ने जन-जन के स्तर को सुधारने के लिए किया समर्पण, राजीव जी के प्रति सच्ची श्रद्धांजलि यही- सोनिया गांधी

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रायपुर। छत्तीसगढ़ में भूपेश बघेल जी के नेतृत्व में सरकार ने राजीव जी के सपनों को साकार रूप दिया है। समाज के सभी क्षेत्रों, वर्गों, समुदायों तथा जन-जन के जीवन स्तर में सुधारने की दिशा में अपने को समर्पित किया है। सही मायनों में राजीव जी के प्रति यही सच्ची श्रद्धांजलि है। सांसद श्रीमती सोनिया गांधी ने भारत रत्न पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय राजीव गांधी की जयंती के अवसर पर महासमुंद में आयोजित कार्यक्रम में अपने वीडियो संदेश में यह बात कही।

कार्यक्रम में मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने राज्य सरकार की विभिन्न हितग्राहीमूलक योजनाओं के अंतर्गत हितग्राहियों के खाते में 2055 करोड़ 60 लाख रुपए की राशि अंतरित की, साथ ही उन्होंने महासमुंद जिले में 704 करोड़ रुपए के 224 विकास कार्यों का लोकार्पण एवं भूमिपूजन भी किया। इस मौके पर मुख्यमंत्री ने 18 नई तहसील और 13 नये अनुविभागीय कार्यालयों का उद्घाटन भी किया। इन्हें मिलाकर प्रदेश में अब 250 तहसील और 122 अनुविभाग हो चुके हैं। उन्होंने महासमुंद नगर पालिका को नगर पालिक निगम बनाने, ग्राम पंचायत भोरिंग को नगर पंचायत बनाने तथा महासमुंद में अगले वर्ष के बजट में कंपोजिट बिल्डिंग निर्माण को जोड़ने की घोषणा भी की।

श्रीमती गांधी ने अपने वीडियो संदेश में कहा कि अगर हम कृषि की प्रगति को कायम नहीं रख पाये तो देश से हम गरीबी नहीं हटा पाएंगे। छत्तीसगढ़ की सरकार ने राजीव जी के इन सपनों को साकार करने ठोस कदम उठाए हैं। इन कदमों से लाखों किसानों का आर्थिक स्तर निरंतर सुधर रहा है। उनके जीवन में उम्मीद की किरण दिखाई देती है। परिवार में खुशी का माहौल है। मुझे खुशी है कि राजीव गांधी किसान न्याय योजना के अंतर्गत सरकारी सब्सिडी के अलावा छत्तीसगढ़ के किसानों के उत्थान के लिए अनेक फैसले लिये गए हैं, जो दूसरे प्रदेशों के लिए एक मिसाल हैं। राज्य सरकार के इन फैसलों से जहां उत्पादन में वृद्धि हुई, वहीं किसानों की आय में बढ़ोत्तरी का नया रिकार्ड कायम हुआ। छत्तीसगढ़ की सरकार ने कृषि मजदूरों के लिए भी सार्थक कदम उठाये। राजीव गांधी भूमिहीन कृषि मजदूर न्याय योजना के माध्यम से आर्थिक संबल प्रदान किया जा रहा है।

श्रीमती गांधी ने कहा कि राजीव जी कहते थे कि भारत एक प्राचीन देश है लेकिन एक युवा राष्ट्र है। उन्हीं के शब्दों में मैं नौजवान हूँ और मेरा भी सपना है। मेरा सपना है कि भारत को मजबूत, स्वतंत्र, आत्मनिर्भर तथा दुनिया के सभी देशों में प्रथम स्थान पर लाना और मानव जाति की सेवा करना है। आज जब हम राजीव जी के इन शब्दों को याद करते हैं तो समझ आता है कि देश के युवा और किसानों के बिना यह सपना पूरा नहीं हो सकता। देश के किसानों से राजीव जी का अटूट लगाव था। उन्होंने कहा था कि यदि किसान कमजोर हो जाते हैं तो देश आत्मनिर्भरता खो देता है लेकिन अगर वो मजबूत होते हैं तो देश की स्वतंत्रता भी मजबूत होती है।

40 लाख लोगों को पांच सालों में गरीबी से बाहर निकालना हमारी सबसे बड़ी उपलब्धि- मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने अपने संबोधन में कहा कि नीति आयोग की हाल ही में रिपोर्ट के अनुसार छत्तीसगढ़ में 40 लाख लोग पिछले पांच सालों में गरीबी से बाहर आ चुके हैं। कबीरधाम, सरगुजा और दंतेवाड़ा में 23 से 25 प्रतिशत लोग गरीबी से बाहर आ चुके हैं। रायपुर, धमतरी और बालोद जिले में गरीबी अब दस प्रतिशत से कम रह गई है। पिछले पांच सालों में गरीबी हटाने को लेकर यह जो बड़ा काम हुआ है। यह हमारी सबसे बड़ी उपलब्धि है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि यह सब इसलिए हुआ है कि हमने किसानों, मजदूरों, आदिवासियों के लिए न्याय योजनाएं लाईं। उनके लिए अवसरों का निर्माण किया। ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त किया। शिक्षा और स्वास्थ्य की अधोसंरचना मजबूत की। शहरी क्षेत्रों में अधोसंरचना का विस्तार किया। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार ने सबसे बड़ा काम किसानों की मजबूती को लेकर किया। किसान मजबूत हुआ तो अर्थव्यवस्था मजबूत हुई। धान खरीदी की व्यवस्था बेहतर हुई। किसानों को समय पर भुगतान हुआ।

मुख्यमंत्री ने कहा कि किसी भी तरह की स्वास्थ्यगत परेशानी हो, सरकार की योजना हर परेशानी के लिए कारगर हैं। इलाज के लिए पांच लाख रुपए तक की सहायता के लिए डॉ. खूबचंद बघेल स्वास्थ्य सहायता योजना और गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए 25 लाख रुपए तक की सहायता हेतु मुख्यमंत्री स्वास्थ्य सहायता योजना लाई गई। मुझसे लोग मिलने आते हैं। एक गरीब परिवार आया, बच्चे को फेफड़े की परेशानी थी। 19 लाख रुपए इलाज का खर्च था। बच्चे का बेहतर इलाज हुआ क्योंकि हमारी सरकार बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं और योजनाओं की अहमियत समझती है। पहले केवल 6 मेडिकल कालेज थे,

हमने एक मेडिकल कालेज का अधिग्रहण करते हुए 4 मेडिकल कालेज खोले। अब चार नये मेडिकल कालेज भी खोलने जा रहे हैं। इस तरह मेडिकल कालेज की संख्या 14 हो जाएगी। सबके लिए राशन की सुविधा है। 74 लाख राशन कार्ड बना है। 42 लाख परिवार बिजली बिल हाफ योजना का लाभ उठा रहे हैं। स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट विद्यालय योजना अंतर्गत 377 इंग्लिश मीडियम के तथा 349 हिंदी मीडियम के स्कूल आरंभ किये गये हैं। छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक समृद्धि को सहेजने का भी बड़ा काम हुआ है। भांचा राम से जुड़े वन गमन स्थलों को परिपथ के रूप में विकास किया गया है। कौशल्या माता के मंदिर की चर्चा देश दुनिया में है। आदिवासी महोत्सव के माध्यम से अपनी विरासत को सहेजने संवारने का बड़ा काम किया है।

 उपमुख्यमंत्री टीएस सिंहदेव, गृह मंत्री एवं महासमुंद जिले के प्रभारी मंत्री ताम्रध्वज साहू, जलसंसाधन मंत्री रविंद्र चौबे, बस्तर सांसद दीपक बैज ने भी कार्यक्रम को संबोधित किया। इस मौके पर विधानसभा अध्यक्ष डॉ. चरणदास महंत अति विशिष्ट अतिथि के रूप में कार्यक्रम में उपस्थित रहे। कार्यक्रम में खाद्य मंत्री अमरजीत भगत, नगरीय विकास विभाग मंत्री डॉ. शिव डहरिया, आदिम जाति जनजाति विकास विभाग मंत्री मोहन मरकाम, राज्यसभा सांसद श्रीमती फूलोदेवी नेताम सहित छत्तीसगढ़ शासन के संसदीय सचिव, विधायक समेत अनेक जनप्रतिनिधि कार्यक्रम में उपस्थित रहे।

हितग्राहीमूलक योजनाओं के 2055 करोड़ 60 लाख रुपए का ऑनलाईन अंतरण- इस मौके पर मुख्यमंत्री ने राजीव गांधी किसान न्याय योजना की द्वितीय किश्त 1810 करोड़ रुपए का ऑनलाईन भुगतान किया। इस राशि को मिलाकर अब तक प्रदेश के 24 लाख 30 हजार किसानों को 21 हजार 912 करोड़ रुपए की इनपुट सब्सिडी का भुगतान किया जा चुका है। राजीव गांधी भूमिहीन कृषि मजदूर न्याय योजना की दूसरी किश्त के रूप में 168 करोड़ 63 लाख रुपए की राशि का भुगतान उन्होंने किया। अब तक इस योजना के 5 लाख 60 हजार हितग्राहियों को 758 करोड़ 03 लाख रुपए का भुगतान किया जा चुका है। राजीव युवा मितान क्लबों को 66 करोड़ 21 लाख रुपए का भुगतान मुख्यमंत्री ने किया। 

अब तक 13 हजार 242 क्लबों को 132 करोड़ 48 लाख रुपए की राशि का भुगतान किया जा चुका है। इसी प्रकार गोधन न्याय योजना के हितग्राहियों को मुख्यमंत्री ने 9 करोड़ 65 लाख रुपए की राशि का भुगतान किया। इस राशि को मिलाकर अब तक महिला स्वसहायता समूहों, गौठान समितियों और ग्रामीणों को 551 करोड़ 31 लाख रुपए का भुगतान किया जा चुका है। इसी प्रकार मुख्यमंत्री परब सम्मान निधि योजना के अंतर्गत गैर अनुसूचित क्षेत्र की ग्राम पंचायतों को 1 करोड़ 11 लाख रुपए की राशि का अंतरण किया। अब तक 6111 ग्राम पंचायतों को स्थानीय उत्सवों को मनाने 6 करोड़ 11 लाख रुपए की राशि का भुगतान किया जा चुका है।

322 करोड़ रुपए से बनने वाले मेडिकल कालेज भवन की रखी आधारशिला- मुख्यमंत्री ने महासमुंद जिले में 704 करोड़ रुपए के 224 विकास कार्यों का लोकार्पण और भूमिपूजन भी किया। इनमें 71 करोड़ 08 लाख रुपए लागत के 132 कार्यों का लोकार्पण तथा 632 करोड़ 88 लाख रूपए लागत के 92 कार्यों का भूमिपूजन, शिलान्यास शामिल है। उन्होंने 322 करोड़ 85 लाख रुपए की लागत से महासमुंद में बनने वाले मेडिकल कालेज भवन निर्माण की आधारशिला रखी। साथ ही 6 करोड़ रुपए की लागत से सेंट्रल लाइब्रेरी भवन का भूमिपूजन और जिला अस्पताल महासमुंद में फिजियोथैरेपी बिल्डिंग, सीएचसी पिथौरा में ब्लड बैंक और हमर लैब जैसे कार्यों का लोकार्पण भी किया। साथ ही उन्होंने इस मौके पर हितग्राहीमूलक योजनाओं की सामग्री और चेक वितरित भी किया। साथ ही विभिन्न स्टालों का अवलोकन भी किया।

50 मोबाइल पशु चिकित्सा यूनिटों को दिखाई हरी झंडी- मुख्यमंत्री बघेल ने कार्यक्रम में महासमुंद के लिए 7 और संभाग के अन्य जिलों के लिए 43 मोबाइल पशु चिकित्सा यूनिटों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। मुख्यमंत्री गौवंश मोबाइल चिकित्सा योजना को मुख्यमंत्री हाट बाजार क्लीनिक योजना एवं मुख्यमंत्री शहरी स्लम स्वास्थ्य योजना की तर्ज पर शुरू किया गया है। प्रदेश भर में ऐसे 163 मोबाइल वैन आरंभ किये गये हैं। इसके साथ ही मुफ्त पशु चिकित्सा सुविधा एवं परामर्श हेतु टोल फ्री नंबर 1962 भी जारी किया गया है।

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