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उर्वरक विक्रय में अनियमितता के मामले में पांच संस्थानों को नोटिस

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रायपुर। किसानों को समय पर गुणवत्तायुक्त खाद-बीज की उपलब्धता सुनिश्चित करने तथा उर्वरक की कालाबाजारी, जमाखोरी एवं नकली खाद के विक्रय पर रोक लगाने हेतु मुंगेली जिले में कृषि विभाग के अधिकारियों, उर्वरक निरीक्षकों की टीम द्वारा सतत निरीक्षण एवं कार्यवाही की जा रही है। जिले के विभिन्न कृषि केन्द्रों का औचक निरीक्षण के दौरान उर्वरक विक्रय में अनियमितता पाए जाने पर तीन कृषि केन्द्रों - साहू कृषि केन्द्र मोहडंडा, पटेल कृषि केन्द्र मोहडंडा एवं मॉं महामाया कृषि केन्द्र देवरहट के विरुद्ध उर्वरक नियंत्रण आदेश, 1985 के अंतर्गत प्रतिबंधात्मक कार्यवाही की गई है।

कृषि उपसंचालक एम.आर. तिग्गा ने जानकारी दी कि उक्त तीनों केन्द्रों के अतिरिक्त साहू कृषि केन्द्र खपरीकला एवं सत्येन्द्र कृषि केन्द्र तरकीडीह सहित प्रतिबंधित केन्द्रों को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। जिले के सभी उर्वरक विक्रेताओं को निर्देशित किया गया कि उर्वरक का विक्रय केवल निर्धारित दर पर एवं पॉस मशीन के माध्यम से ही किया जाए। कृषकों को उर्वरक के साथ अन्य सामग्री लेने हेतु बाध्य न किया जाए तथा दुकान में दैनिक स्टॉक एवं मूल्य सूची का स्पष्ट प्रदर्शन अनिवार्य रूप से किया जाए। निरीक्षण दल में राजेश साहू, लोकेश कोशले, योगेश दुबे (निरीक्षक), उमेश दीक्षित (निरीक्षक) एवं सहायक भीष्म राव भोसले भी उपस्थित रहे।


बिलासपुर जिले के दर्जनों कृषि केंद्रों में छापामार कार्रवाई, अनियमितता पाये जाने पर खाद गोदाम सील

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रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने किसानों को उचित दाम पर गुणवत्ता युक्त खाद मुहैया कराने के निर्देश अधिकारियों को दिए हैं। साथ ही अमानक एवं खाद-बीज की कालाबाजारी पर कड़ी कार्रवाई करने के भी निर्देश दिए गए है। इसी तारतम्य में बिलासपुर जिले के कलेक्टर संजय अग्रवाल ने जिला स्तर पर अधिकारियों की टीम गठित कर खाद-बीज विक्रय केंद्रों में आकस्मिक निरीक्षण करने को कहा है।

बिलासपुर के जिले के कृषि विभाग के उप संचालक पीडी हथेश्वर के नेतृत्व में उड़न दस्ता दल ने विकासखण्ड-कोटा और बिल्हा में दर्जनों पर कृषि केन्द्रों पर छापामार कार्रवाई की। छापामार कार्यवाही के दौरान आधा दर्जन कृषि केंद्र में नियम विरूद्ध व्यवसाय करने पाये जाने पर नोटिस जारी करते हुए एक सप्ताह के भीतर जवाब मांगा गया है। वही औचक निरीक्षण के दौरान मेंसर्स किसान सेवा केन्द्र तखतपुर के फर्म में कमी एवं अनियमितताओं के कारण नोटिस जारी कर जवाब चाहा गया था, संबंधित के द्वारा प्रस्तुत जवाब संतोषजनक प्राप्त नहीं होने के फलस्वरूप उनकी अनुज्ञप्ति को 15 दिवस के लिए निलबंन की कार्रवाई की गई है।

बिलासपुर के उप संचालक कृषि ने बताया कि मेसर्स उन्नत कृषि केन्द्र रतनपुर में क्रेताओं को बिना बिल दिये उर्वरक का व्यवसाय किये जाने के कारण नोटिस जारी किया गया। इसी प्रकार मेसर्स शेखर कृषि केन्द्र कोनचरा को बिना आई.एफ.एम.एस, आई.डी के उर्वरक का व्यवसाय करते पाये जाने पर विक्रय प्रतिबंध कर उपलब्ध स्टॉक को जब्ती की कार्यवाही कर नोटिस जारी किया गया। ग्राम कोनचरा स्थित अतुल कृषि केन्द्र में अनियमितता पाये जाने के कारण गोदाम को सील करने की कार्यवाही किया गया।

ग्राम मदनपुर विकास खण्ड बिल्हा अन्तर्गत मेसर्स राघवेन्द्र देवांगन के यहां मूल्य एवं स्कंध सूची का प्रदर्शन नहीं करने भंडारण वितरण की प्रतिवेदन नही भेजने, स्कंध एवं बिल संधारण नहीं करने के कारण विक्रय पर प्रतिबंध लगाकर स्पष्टीकरण जारी किया गया है। उक्त कृषि केन्द्रो को स्पष्टीकरण तामिल हेतु सात दिवस के भीतर पालन प्रतिवेदन एवं जवाब प्रस्तुत करने हेतु निर्देशित किया गया। समय सीमा एवं संतोषप्रद जवाब प्रस्तुत नहीं किये जाने पर अनुज्ञप्ति निलंबन/निरस्तीकरण की कार्रवाई की जाएगी।

निरीक्षण दल में सहायक संचालक कृषि अनिल कुमार शुक्ला, ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी खेमराज शर्मा, विजय धीरज एवं विकासखण्ड कोटा से ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी दिलीप रात्रे एवं उर्वरक निरीक्षक मारू ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी आर.जी. भानू शामिल थें।

गौरतलब है कि जिले में संचालित समस्त उर्वरक विक्रेताओं को बिना पॉस मशीन के उर्वरकों का विक्रय नहीं किये जाने के निर्देश दिए गए हैं। संबंधित निरीक्षकों से उनके कार्य क्षेत्र अन्तर्गत संचालित उर्वरक विक्रेताओं से पॉस मशीन की मांग के लिए भी कहा गया है उर्वरक विक्रेता पॉस मशीन हेतु वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी, संबंधित उर्वरक निरीक्षक एवं कार्यालय उप संचालक कृषि बिलासपुर में सम्पर्क कर सकते हैं।


डीएपी बना किसानों की नई ताकत – उत्पादन बढ़ाने के साथ लागत में भी कटौती

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रायपुर। छत्तीसगढ़ में कृषि क्षेत्र में नई क्रांति का सूत्रपात हो चुका है। राज्य सरकार की दूरदर्शी नीतियों और वैज्ञानिक दृष्टिकोण के चलते किसानों को अब परंपरागत डीएपी का आधुनिक और किफायती विकल्प – नैनो डीएपी – उपलब्ध कराया जा रहा है। खरीफ सीजन 2025 के लिए सभी जिलों की सहकारी समितियों में इसकी सुचारु आपूर्ति सुनिश्चित की गई है।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार किसानों की समृद्धि को लेकर सतत प्रयासरत है। इसी क्रम में नैनो डीएपी को प्राथमिकता दी गई है, जो मात्र 500 मि.ली. की बोतल में 45 किलो परंपरागत डीएपी के बराबर पोषक तत्व प्रदान करता है। इससे न केवल मिट्टी की गुणवत्ता सुरक्षित रहती है, बल्कि फसल को संतुलित पोषण मिलने से उत्पादन भी बढ़ता है।

कोरबा जिले में नैनो डीएपी वितरण का प्रभावी क्रियान्वयन

कलेक्टर अजीत वसंत के मार्गदर्शन में जिले में अब तक 8514 नैनो डीएपी और 14233 नैनो यूरिया की बोतलें प्राप्त की गईं, जिनमें से 18087 बोतलें किसानों को वितरित की जा चुकी हैं। शेष 4660 बोतलें सहकारी समितियों में किसानों की सुविधा के लिए उपलब्ध हैं।

राज्यभर में ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारियों, सहकारी समितियों, और जनसंपर्क तंत्र के माध्यम से जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। पोस्टर, बैनर, ग्राम बैठकों और तकनीकी मार्गदर्शन के माध्यम से किसानों को नैनो डीएपी के लाभ और उपयोग की विधि बताई जा रही है। सभी समितियों को निर्देशित किया गया है कि किसानों को बिना किसी रुकावट के उर्वरक उपलब्ध कराएं और स्टॉक की नियमित जानकारी साझा करें।

पिछले वर्ष की तुलना में इस बार किसानों में नैनो डीएपी को लेकर कहीं अधिक विश्वास देखने को मिल रहा है। समय पर आपूर्ति, सुलभ उपलब्धता और प्रशासनिक तत्परता ने इसे किसानों के लिए भरोसेमंद विकल्प बना दिया है।राज्य सरकार का उद्देश्य नैनो तकनीक आधारित उर्वरकों को बढ़ावा देकर खेती को अधिक लाभकारी और पर्यावरण-अनुकूल बनाना है।नैनो डीएपी इसका एक सशक्त उदाहरण है, जो भविष्य की टिकाऊ और समृद्ध खेती का मार्ग प्रशस्त कर रहा है।


किसानों को संवेदनशीलता के साथ सहूलियतें दी जाएं : मंत्री राम विचार नेताम

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रायपुर। कृषि विकास एवं किसान कल्याण तथा जैव प्रौद्योगिकी मंत्री रामविचार नेताम ने आज छत्तीसगढ़ नवा रायपुर अटल नगर स्थित न्यू सर्किट हाउस में प्रदेशभर के कृषि अधिकारियों की मैराथन बैठक लेकर विभागीय काम-काज की समीक्षा की। मंत्री नेताम ने कहा कि छत्तीसगढ़ कृषि प्रधान राज्य है। हमारी सरकार की प्राथमिकता किसानों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के साथ ही उन्हें ज्यादा से ज्यादा सहूलियतें देना है। उन्होंने कृषि और उद्यानिकी विभाग के अधिकारियों को सख्त चेतावनी देते हुए कहा कि किसानों को उनकी मांग के अनुरूप प्रमाणित खाद-बीज उपलब्ध कराना सुनिश्चित हों। उन्होंने समिति केन्द्रों में पर्याप्त मात्रा में खाद-बीज के भण्डारण और वितरण भी सुनिश्चित करने के ही किसानों को उनकी मांग के आधार पर उपलब्धता सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए।

मंत्री नेताम ने बैठक में कहा कि राज्य के अलग-अलग स्थानों से नकली खाद-बीज की शिकायतें मिल रही है। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि खाद-बीज की क्वालिटी और प्रमाणिकता को लेकर किसानों को जागरूक करें। मंत्री नेताम ने कहा कि अधिकारियों-कर्मचारियों की संलिप्तता का मामला पाए जाने पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। मंत्री नेताम ने उद्यानिकी विभाग की समीक्षा करते हुए कहा कि राज्य में मसाला, फूल और फलों की खेती की काफी संभावनाएं हैं। अतः किसानों की आमदनी बढ़ाने के लिए जिलेवार वहां के वातावरण के अनुरूप अधिक उत्पादकता वाली उद्यानिकी फसलों की खेती के लिए किसानों को प्रेरित किया जाए। उन्होंने प्रदेश में सुगन्धित धान की खेती को बढ़ावा दिया जाए और इसे छत्तीसगढ़ के ब्रांड के रूप में विकसित किया जाए।

अधिकारियों ने बैठक में बताया कि खरीफ सीजन 2025 के लिए कृषि विभाग द्वारा व्यापक तैयारी की जा रही है। खरीफ के लिए खाद-बीज का पर्याप्त भण्डारण कराए जाने के साथ ही किसानों को इसका तेजी से वितरण भी किया जा रहा है। खरीफ सीजन 2025 के लिए रासायनिक उर्वरकों का लक्ष्य 14 लाख 62 हजार मेट्रिक टन निर्धारित किया गया है,  जिसमें राज्य स्तर पर सरकारी क्षेत्र में 9.49 लाख मीट्रिक टन तथा निजी क्षेत्र में 5.13 लाख मीट्रिक टन है। इसमें 7 लाख 12 हजार यूरिया, डीएपी 3.10 लाख, एनपीके 1.80 लाख, पोटाश 60 हजार एवं सुपर फास्फेट 2 लाख मीट्रिक टन शामिल है। लक्ष्य के विरूद्ध 10.67 लाख मीट्रिक टन रासायनिक खाद का भण्डारण कर किसानों को 5.23 लाख मीट्रिक टन खाद का वितरण किया जा चुका है।

मंत्री नेताम ने कहा कि उर्वरक कंपनियों से विभिन्न प्रकार की खाद की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए विभाग सतत् संपर्क एवं समन्वय करें, ताकि राज्य की डिमांड अनुरूप उर्वरकों की रैक निर्धारित सेड्यूल के अनुरूप उपलब्ध हो सके। आज की स्थिति में यूरिया 4.96 लाख मीट्रिक टन, डीएपी 1.13 लाख मीट्रिक टन, एनपीके 1.60 लाख मीट्रिक टन, पोटाश 72 हजार 879 एवं सुपर फास्फेट 2.26 लाख मीट्रिक टन का भण्डारण हो चुका है, जिसमें से यूरिया 2.52 लाख, डीएपी 74 हजार 575, एनपीके 86 हजार 280, पोटाश 31 हजार 152 एवं सुपर फास्फेट 79 हजार 408 मीट्रिक टन का वितरण किसानों को किया गया है।

खरीफ सीजन की विभिन्न फसलों के लिए 4 लाख 95 हजार 58 क्विंटल बीज की डिमांड को ध्यान में रखते हुए विभाग द्वारा 4 लाख 29 हजार 535 क्विंटल बीज की उपलब्धता सुनिश्चित कर ली गई हैै। समितियों के माध्यम से किसानों को अब तक 2 लाख 62 हजार 232 क्विंटल बीज का वितरण किया जा चुका है। राज्य में खाद एवं बीज का भण्डारण एवं उठाव की स्थिति पर लगातार निगरानी रखी जा रही है।

 कृषि मंत्री  नेताम ने केन्द्र और राज्य पोषित योजनाओं की भी समीक्षा की। उन्होंने प्रधानमंत्री किसान निधि योजना के तहत पात्र हितग्राहियों को योजना से लाभान्वित करने के निर्देश दिए। उन्होंने छुटे हुए किसानों का केव्हायसी पूरी सजगता के साथ कराए जाने के निर्देश दिए। उन्होंने सुशासन तिहार के तहत पात्र आवेदन पर संवेदनशीलता के साथ निराकरण करने के निर्देश दिए। उन्होंने प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना, स्वायल हेल्थ योजना आदि की भी प्रगति की समीक्षा की और इन योजनाओं का बेहतर क्रियान्वयन करने के निर्देश दिए।

मंत्री नेताम ने उद्यानिकी विभाग के अधिकारियों को लक्ष्य के अनुरूप चिन्हांकित क्षेत्रों में पामआयल की खेती, बांस की खेती, फूलों की खेती, फलों की खेती के लिए किसानों को प्रोत्साहित करने पर जोर दिया। उन्होंने बस्तर और सरगुजा क्षेत्रों में विशेषकर मिलेट्स फसलों के रकबा में बढ़ोत्तरी के लिए किसानों को जागरूक करने पर बल दिया।

बैठक में कृषि उत्पादन आयुक्त एवं सचिव श्रीमती शहला निगार, कृषि विभाग के संचालक राहुल देव, उद्यानिकी विभाग के संचालक एस. जगदीशन राव, मंडी बोर्ड के प्रबंध संचालक महेन्द्र सवन्नी सहित विभाग के सभी संभागों और जिलों के अधिकारी उपस्थित थे।

किसानों को गुणवत्तायुक्त खाद उपलब्ध कराने प्रशासन सख्त अम्बिकापुर में दो दुकानों के संचालकों को नोटिस

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रायपुर। किसानों को गुणवत्तायुक्त उर्वरक और बीज उपलब्ध कराने के उद्देश्य से अम्बिकापुर में प्रशासन ने जांच पड़ताल की कार्यवाही शुरू कर दी है। कलेक्टर विलास भोसकर के निर्देश पर कृषि एवं राजस्व विभाग की संयुक्त टीम ने शहर के विभिन्न उर्वरक विक्रय केंद्रों का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान रायगढ़ रोड स्थित दो प्रतिष्ठान मेसर्स विजय ट्रेडिंग कम्पनी और शंकर ट्रेडिंग कम्पनी में अनियमितताएं पाई गईं।

निरीक्षण के दौरान दोनों दुकानों में अधिक उर्वरक का भंडारण एवं विक्रय पाया गया। इस कारण संबंधित दुकानदारों को कारण बताओ नोटिस जारी कर जवाब तलब करने के साथ ही नियम विरुद्ध रखे गए उर्वरकों की बिक्री पर तत्काल प्रभाव से रोक लगाते हुए उन्हें जब्त कर लिया गया है। जांच पड़ताल की इस कार्रवाई में उप संचालक कृषि पिताम्बर सिंह दीवान, तहसीलदार उमेश बाज, जयन्द्र सिंह, नायब तहसीलदार लखेश्वर सिदार, सहायक संचालक कृषि अभिषेक झा अन्य अधिकारी शामिल थे।

सरकार के कार्यों से प्रदेश में आ रही है खुशहाली : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

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रायपुर। सुशासन तिहार अंतर्गत मुख्यमंत्री विष्णु देव साय कोंडागांव जिला प्रवास के दौरान विश्राम गृह में विभिन्न सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधिमंडल से सौजन्य भेंट की। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि सुशासन तिहार में 8 अप्रैल से लेकर  11 अप्रैल तक प्रदेश की जनता अपनी समस्याएं औऱ मांगें रखीं। अधिकारियों ने ज्यादातर समस्याओं का समाधान कर लिया है। इस दौरान हमने भी मंत्रियों और अधिकारियों के साथ गांव गांव पहुंचकर और ग्रामीणों की समस्याएं सुनी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार ने पिछले 2 साल का बकाया बोनस दिया है, इससे किसानों को काफी लाभ हुआ। प्रदेश सरकार छत्तीसगढ़ की जनता की सेवा के लिए जो कार्य कर रही है, उससे प्रदेश में खुशहाली आ रही है और किसानों की आय में वृद्धि हो रही है। साय ने आगे बताया कि 24 अप्रैल को पंचायती राज दिवस के अवसर पर सरकार ने अटल सेवा केंद्र शुभारंभ किया है, आने वाले दिनों में पूरे प्रदेश भर में विस्तार किया जाएगा। गांव में ही लेनदेन की सुविधाएं मिलने से अब ग्रामीणों को बैंक जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी।

मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि विकसित कृषि संकल्प अभियान के तहत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी  के नेतृत्व में भारत सरकार द्वारा कृषि वैज्ञानिक के माध्यम से हमारे प्रदेश के किसानों के बीच में बातचीत करेंगे, उनको आधुनिक खेती के विषय में बताएंगे। उन्होंने बताया कि पंजीयन में दस नई क्रांति से पारदर्शिता आई है, नियद नेल्लानार योजना से बस्तर क्षेत्र के दूरस्थ अंचल में विकास की रौशनी पहुंची है। इस अवसर पर केशकाल विधायक नीलकंठ टेकाम, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती किरण नरेटी, नगर पालिका अध्यक्ष नरपति पटेल, उपाध्यक्ष जसकेतु उसेंडी, पूर्व विधायक श्री सेवक राम नेताम, दीपेश अरोरा, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध कुमार सिंह, सचिव श्री बसवराजूऔर कोंडागांव के कलेक्टर, एस पी मौजूद थे।

सुशासन के एक साल : तिल्दा ब्लॉक के कृषक सम्मेलन में किसानों को ‘विष्णु की पाती’ किया गया भेंट

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रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में सरकार के एक साल पूर्ण होने पर सुशासन सप्ताह के अंतर्गत रायपुर जिले के सभी विकासखण्डों में कृषक सम्मेलन का आयोजन किया गया। सम्मेलन में किसानों के नाम मुख्यमंत्री की पाती का वितरण किया गया। सम्मलेन में किसानों को कृषि विभाग, सहकारिता विभाग, मत्सय विभाग, उद्यानिकी विभाग की योजनाओं और विगत एक वर्ष की उपलब्धियों की जानकारी दी गई। इस सम्मेलन में मुख्य अतिथि के तौर पर केयूर भूषण शर्मा उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री ने बताया कि अन्नदाता किसान भाईयों की खुशहाली और समृद्धि हमारी सरकार की सर्वाेच्च प्राथमिकता है। पिछले साल में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अधिकांश गांरटी को भी पूरा करने का काम किया है। किसानों को उनकी मेहनत और उपज का वाजिद मूल्य मिल रहा है। किसानों के चेहरे की मुस्कान ही हमारी संतुष्टि है। पिछले साल शपथ ग्रहण के अंत पखवाड़े के भीतर हमने धान के दो वर्ष के बकाया बोनस की राशि दी है।

किसानों के पाती में उन्होंने यह भी बताया है कि यशस्वी प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी की गारंटी के मुताबिक हमने 3100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से प्रति एकड़ 21 क्विंटल धान खरीदा। परिणाम स्वरूप पिछले साल रिकार्ड कीमत पर, रिकार्ड समय मे, रिकार्ड 145 लाख मीट्रिक टन धान की खरीदी की गई। बीते खरीफ सीजन में हमने किसान भाइयों के खाते में करीब 49 हजार करोड़ रुपये की राशि अंतरित की। कृषि को समृद्ध और उन्नत बनाने के लिए हमारी सरकार काम कर रही है।

कृषक उन्नति योजना किसानों के समृद्धि की बनी नई राह

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रायपुर। किसानों को भारत की आत्मा और अर्थव्यवस्था की रीढ़ कहा जाता है। जब उनके खेत लहलहाते हैं, तो देश की समृद्धि अपने चरम पर होती है। छत्तीसगढ़ की सरकार किसानों की इस ताकत को पहचानते हुए उनकी उन्नति और सशक्तिकरण के लिए सतत् कार्य कर रही है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में लागू कृषक उन्नति योजना न केवल किसानों के जीवन को बदल रही है, बल्कि उनकी मेहनत को सम्मान और सही मूल्य भी दे रही है।

कवर्धा जिले के मोटियारी गांव के किसान गंगाराम पटेल इस योजना के लाभार्थियों में से एक हैं। उन्होंने बताया कि योजना के तहत मिले एक लाख रुपये के बोनस ने उनके रुके हुए काम पूरे करने में मदद की। इस राशि से उन्होंने अपना अधूरा घर पूरा किया, जो अब बनकर तैयार है। इसके साथ ही, उनके बच्चों को अच्छे स्कूल में पढ़ाई कराने की उनकी चिंता भी खत्म हो गई।

गंगाराम बताते है कि उनके पास 7 एकड़ जमीन है, जिसमें से 5 एकड़ में वे धान की खेती करते हैं। पिछले साल उन्होंने 118 क्विंटल धान बेचा था, जिसका समर्थन मूल्य उन्हें तुरंत उनके खाते में प्राप्त हो गया। वहीं कृषक उन्नति योजना के तहत एक लाख रुपये एक मुश्त मिलने से उसका सही उपयोग कर पाए। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार द्वारा धान का समर्थन मूल्य 3100 रूपये प्रति क्विंटल तय किए जाने से खेती अब लाभकारी हो गई है। इसके अलावा, धान खरीदी केंद्रों पर बेहतर सुविधाएं और टोकन प्रक्रिया की सरलता ने किसानों का समय और मेहनत बचाई है।

गंगाराम ने कहा कि कृषक उन्नति योजना से मिली राशि का उपयोग वे खेती के लिए आधुनिक उपकरण खरीदने और उत्पादन बढ़ाने में के रहे है। उन्होंने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और राज्य सरकार को किसानों के हित में उठाए गए कदमों के लिए धन्यवाद दिया। छत्तीसगढ़ सरकार के ये प्रयास यह साबित करते हैं कि जब योजनाएं और नीतियां सही दिशा में होती हैं, तो किसानों की उन्नति और समृद्धि सुनिश्चित होती है।

अब बैंक के लिए नहीं तय करनी होगी लंबी दूरी, घर के पास ही मिलेंगे पैसे

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रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने बगीचा में छत्तीसगढ़ राज्य सहकारी बैंक की नवीन शाखा एवं जशपुर जिला मुख्यालय में नवीन शाखा भवन का वर्चुअल शुभारंभ किया। इस मौके पर उन्होंने बगीचा एवं जशपुर क्षेत्र के किसानों को बधाई देते हुए कहा कि सहकारी बैंक की नई शाखा खुलने से यहां के किसानों को बैंकिंग कार्यों में काफी सुविधा होगी। उन्हें पैसे निकालने घर से दूर नहीं जाना पड़ेगा। नवीन शाखा खुलने से क्षेत्र के किसानों में खुशी की लहर दिखाई दे रही है। क्षेत्र के किसानों को अब अपनी बैंकिंग सुविधा के लिए लंबी दूरी तय नहीं करना पड़ेगा।

बगीचा तहसील के ग्राम ब्रम्हाकोना के परमेश्वर राम यादव ने बताया कि अपनी धान की फसल को समिति में बेचता हूँ, जिसका पैसा सीधे मेरे अकाउंट में आ जाता है। इस पैसों को लेने के लिए हमें लंबी दूरी तय कर जिला मुख्यालय स्थित बैंक शाखा में आना पड़ता था। जिसमें पूरा दिन चला जाया करता था और पैसा पाने के लिए लंबा इंतजार करना भी पड़ता था। अब बैंक की शाखा बगीचा में खुलने से हमें पैसा लेने बाहर नहीं जाना पड़ेगा। हमारे घर के नजदीक बैंक की नवीन शाखा खोलने के लिए मैं मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय को धन्यवाद देता हूँ।

दुलदुला विकासखण्ड के ग्राम मकरीबंधा के बलाशीष लकड़ा ने कहा कि पूर्व में जशपुर के सहकारी बैंक की शाखा छोटे से भवन में संचालित की जा रही थी। जहां धान विक्रय के बाद पैसे निकालने के लिए बहुत भीड़ हो जाती थी साथ ही सड़क के नजदीक शाखा होने से पार्किंग की समस्या एवं हमेशा दुर्घटना का खतरा बना रहता था। जिससे हमें पैसे निकालने में दिक्कते होती थी। हम मुख्यमंत्री के आभारी है कि उन्होंने हम किसानों की समस्या पर ध्यान देते हुए नवीन भवन का शुभारंभ किया है,  जिससे अब सुविधा हो गयी है।

महासमुंद : अब तक 182 उपार्जन केंद्रों के माध्यम से 54426 किसानों से 274341.76 टन धान खरीदी

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महासमुंद। राज्य शासन के मंशानुरूप खरीफ विपणन वर्ष 2024-25 अंतर्गत कृषक उन्नति योजना के तहत जिले में समर्थन मूल्य पर धान खरीदी का अभियान तेजी से चल रहा है। यह अभियान किसानों को उचित मूल्य पर धान बेचने की सुविधा प्रदान करने के साथ-साथ समर्थन मूल्य पर उपार्जन केंद्रों के माध्यम से धान खरीदने की प्रक्रिया को सुव्यवस्थित और पारदर्शी बनाने का कार्य कर रहा है।

नोडल अधिकारी आशीष शर्मा ने बताया कि 10 दिसम्बर तक 182 उपार्जन केंद्रों के माध्यम से 54426 किसानों से 274341.76 टन धान खरीदा गया, जिसकी राशि 631 करोड़ 52 लाख रुपए किसानों को वितरित की गई। उन्होंने बताया कि अब तक जिले के उपार्जन केन्द्रों में एक करोड़ 31 लाख 8 हजार से अधिक बारदाना प्राप्त हुआ है। जिसमें 71 लाख 72 हजार 258 नया बारदाना है। 41 लाख 6 हजार 907 बारदाना मिलर से प्राप्त, 15 लाख 22 हजार 402 पीडीएस से प्राप्त तथा किसानों से 3 लाख 7 हजार 109 बारदाना प्राप्त हुआ है। 73 लाख 48 हजार 692 बारदाने का उपयोग उपार्जन केन्द्रों में किया जा रहा है। अभी 57 लाख 59 हजार 984 बारदाना शेष है।

छत्तीसगढ़ में अब तक 32.29 लाख मीट्रिक टन धान की हुई खरीदी

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रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के मार्गदर्शन में प्रदेश के किसानों से सुगमता पूर्वक धान की खरीदी की जा रही है। छत्तीसगढ़ में धान 14 नवम्बर सें शुरू हुए धान खरीदी का सिलसिला अनवरत रूप से जारी है। राज्य में 14 नवम्बर से अब तक 32.29 लाख मीट्रिक टन धान की खरीदी हो चुकी है। राज्य में अब तक 6.80 लाख किसानों ने अपना धान बेचा है। धान खरीदी के एवज में इन किसानों को बैंक लिकिंग व्यवस्था के तहत 6807 करोड़ 82 लाख रूपए का भुगतान किया गया है। धान खरीदी का यह अभियान 31 जनवरी 2025 तक चलेगी।

खाद्य विभाग के अधिकारियों ने आज यहां बताया कि इस खरीफ वर्ष के लिए 27.68 लाख किसानों द्वारा पंजीयन कराया गया है। इसमें 1.45 लाख नए किसान शामिल है। इस वर्ष 2739 उपार्जन केन्द्रों के माध्यम से 160 लाख मीट्रिक टन धान खरीदी अनुमानित है। खाद्य विभाग के अधिकारियों ने बताया कि आज 6 दिसम्बर को 66181 किसानों से 2.95 लाख मीट्रिक टन धान खरीदी की गई है। इसके लिए 76378 टोकन जारी किए गए थे।

राज्य सरकार धान उपार्जन केन्द्रों में शिकायत एवं निवारण के लिये हेल्प लाइन नंबर जारी किए है, जिसका नं. 0771-2425463 है। धान बेचने वाले कोई भी किसान इस हेल्पलाईन नम्बर पर फोन कर अपनी समस्यओं का समाधान कर सकते है।

समिति में आपरेटर के माध्यम से टोकन आवेदन की भी सुविधा

खाद्य विभाग के अधिकारियों ने बताया कि उपार्जन केन्द्रों में धान विक्रय हेतु किसानों द्वारा टोकन आवेदन समिति माड्यूल एवं टोकन तुहर हाथ एप्प के माध्यम से किये जाने की सुविधा प्रदाय की गई है। कुल टोकन आवेदन का 40 प्रतिशत समिति माड्यूल एवं 60 प्रतिशत एप्प के माध्यम से आरक्षित किया गया है। जिन कृषकों को एप्प के माध्यम से टोकन आवेदन करने में कठिनाई हो रही हो, वे समिति में आपरेटर के माध्यम से टोकन आवेदन करा सकते हैं। किसानों द्वारा आवेदन के दौरान आवश्यक प्रविष्टि करने के उपरांत आवेदन की तारीख से लेकर 15 जनवरी 2025 तक रिक्त स्लॉट में धान विक्रय हेतु दिवस का चयन किया जा सकता है। लघु एवं सीमांत कृषकों को 02 टोकन एवं दीर्घ कृषकों 03 टोकन की सुविधा प्रदाय की गई है।

किसान बारदाना के लिए प्रति नग 25 रूपए

भारत सरकार की नवीन बारदाना नीति अनुसार धान का उपार्जन नये एवं पुराने बारदानों में 50 अनुपात 50 में किया जाना है। प्रदेश में अनुमानित धान उपार्जन 160 लाख टन के आधार पर सभी उपार्जन केन्द्रों में पर्याप्त बारदानों की व्यवस्था कर ली गई है। उपार्जन केन्द्रों में पुराने बारदानें के रूप में मिलर बारदाना, पीडीएस बारदाना, समिति द्वारा उपलब्ध कराये गये बारदानों का उपयोग किया जा रहा है। विशेष परिस्थिति में किसान बारदाना का भी उपयोग किया गया है, जिसका 25 रू. नग के मान से किसानों को भुगतान हेतु राशि 11 करोड़ 23 लाख रूपए अपेक्स बैंक को दी जा चुकी है।

धान खरीदी केन्द्रों में 72,194 गठान बारदाना उपलब्ध

समर्थन मूल्य पर धान उपार्जन के लिए कुल 4 लाख गठान नये बारदानों की आवश्यकता है, जिसके विरूद्ध 3.51 लाख नये बारदानें प्रदेश को प्राप्त हो गए है, शेष बारदानें आगामी 15 से 20 दिवसों में प्राप्त हो जायेगें। अभी तक धान उपार्जन में पीडीएस बारदाने 32392 गठान, मिलर बारदानें 23078 गठान, किसान बारदानें 10176 गठान उपयोग किये जा चुके है। उपार्जन केन्द्रों में पीडीएस बारदाने 18985 गठान, मिलर बारदानें 54209 गठान उपयोग हेतु उपलब्ध है। वर्तमान में प्रदेश के किसी भी उपार्जन केन्द्र में बारदानों की कमी नहीं है।

किसानों को धान विक्रय के लिए टोकन जारी करने की प्रक्रिया का पालन करने कलेक्टरों को निर्देश

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रायपुर। राज्य शासन द्वारा सभी कलेक्टरों को समर्थन मूल्य पर धान खरीदी की व्यवस्था के तहत किसानों को टोकन जारी करने की निर्धारित प्रक्रिया का पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। इस संबंध में छत्तीसगढ़ राज्य सहकारी वितरण संघ के प्रबंध संचालक ने सभी कलेक्टरों को प्रेषित पत्र में टोकन आवेदन समिति मॉड्यूल एवं टोकन तुंहर हाथ एप के माध्यम से किए जाने की सुविधा का उल्लेख करते हुए कहा है कि कुल टोकन आवेदन का 40 प्रतिशत समिति मॉड्यूल एवं 60 प्रतिशत एप के माध्यम से किए जाने का प्रावधान है। टोकन आवेदन हेतु रविवार से शुक्रवार तक प्रातः 9.30 बजे सायं 5 बजे तक का समय निर्धारित है।

किसानों द्वारा आवेदन के दौरान आवश्यक प्रविष्टि करने के उपरांत आवेदन दिनांक से 15 जनवरी 2025 तक रिक्त स्लॉट में धान विक्रय हेतु दिवस का चयन किया जा सकता है। समितियों में, धान विक्रय किये जाने हेतु पंजीकृत रकबा एवं खरीदी अवधि को ध्यान में रखते हुए प्रतिदिन खरीदी लिमिट भी निर्धारित है, जिसकी जानकारी खाद्य अधिकारी माड्यूल एवं समिति माड्यूल में उपलब्ध है। प्रतिदिन खरीदी लिमिट अंतर्गत टोकन तुहर हाथ एप के माध्यम से आवेदित टोकन लघु, सीमांत कृषक एवं दीर्घ कृषक के मध्य वही अनुपात निर्धारित है, जो उस समिति में पंजीकृत लघु, सीमांत कृषक एवं दीर्घ कृषक के मध्य है। प्रतिदिन खरीदी लिमिट अंतर्गत समिति माड्यल के माध्यम से आवेदित टोकन में लघु, सीमांत कृषक एवं दीर्घ कृषक के मध्य किसी प्रकार कोई अनुपात निर्धारित नहीं किया गया है।

समर्थन मूल्य पर धान उपार्जन के लिए राज्य में लघु एवं सीमांत कृषकों को 2 टोकन एवं दीर्घ कृषकों 3 टोकन की सुविधा प्रदाय की गई है। लघु सीमांत कृषक अपने दूसरे टोकन में तथा दीर्घ कृषक अपने तीसरे टोकने में उनके द्वारा अधिकतम 21 क्विंटल प्रति एकड़ की सीमा के अध्याधीन शेष संपूर्ण मात्रा के लिए टोकन ले सकेगा। यदि कृषकों द्वारा अंतिम टोकन में प्रविष्ट की गई धान की मात्रा उपार्जन केन्द्र में निर्धारित खरीदी लिमिट से अधिक होती है, तो उस स्थिति में उक्त उपार्जन केन्द्र में खरीदी लिमिट के 30 प्रतिशत तक का अधिक का उपार्जन किया जा सकेगा।

समर्थन मूल्य पर धान उपार्जन की व्यवस्था पर रखी जा रही है कड़ी निगरानी

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रायपुर।  मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के मंशानुरूप राज्य में समर्थन मूल्य पर धान खरीदी की व्यवस्था को सुचारू रूप से बनाए रखने के लिए किसानों को टोकन जारी करने से लेकर बारदाना की व्यवस्था, धान का उपार्जन एवं भुगतान, केन्द्रों में खरीदे गए धान का उठाव पर कड़ी निगरानी रखी जा रही है। किसानों को धान विक्रय हेतु टोकन आवेदन करने के लिए समिति माड्यूल एवं टोकन तुंहर हाथ एप की सुविधा दी गई है।

टोकन आवेदन करने में दिक्कत होने पर किसान समिति में ऑपरेटर के माध्यम से टोकन आवेदन कर सकते हैं। केन्द्रों में धान उपार्जन के लिए 72,194 गठान बारदाने उपलब्ध है। विशेष परिस्थिति में किसानों के बारदानों का उपयोग और 25 रूपया प्रति नग बारदाना भुगतान के लिए अपेक्स बैंक को 11 करोड़ 23 लाख रूपए भी दे दिए गए हैं। 

किसानों को भुगतान के लिए अब तक 6728 करोड़ रूपए जारी

गौरतलब है कि राज्य में 14 नवंबर से किसानों से समर्थन मूल्य पर धान का उपार्जन किया जा रहा है। 5 दिसम्बर तक 2739 उपार्जन केन्द्रों में कुल 29.22 लाख मेट्रिक टन धान का उपार्जन किया जा चुका है। प्रदेश में कुल पंजीकृत 27.78 लाख कृषकों में से अब तक  6 लाख 15 हजार किसानों ने समर्थन मूल्य में धान का विक्रय किया है। उपार्जित धान की राशि संबंधित कृषकों के खाते में नियमित रूप से अंतरित की जा रही है। विपणन संघ द्वारा 6727 करोड़ 93 लाख रूपए अपेक्स बैंक को उपार्जित धान के समर्थन मूल्य के रूप में अंतरित की जा चुकी है। किसानों की सुविधा की दृष्टिकोण से उपार्जन केन्द्रों में अपेक्स बैंक द्वारा माइक्रो एटीएम की व्यवस्था भी की गई है।

समिति में आपरेटर के माध्यम से टोकन आवेदन की भी सुविधा

उपार्जन केन्द्रों में धान विक्रय हेतु किसानों द्वारा टोकन आवेदन समिति माड्यूल एवं टोकन तुहर हाथ एप्प के माध्यम से किये जाने की सुविधा प्रदाय की गई है। कुल टोकन आवेदन का 40 प्रतिशत समिति माड्यूल एवं 60 प्रतिशत एप्प के माध्यम से आरक्षित किया गया है। जिन कृषकों को एप्प के माध्यम से टोकन आवेदन करने में कठिनाई हो रही हो, वे समिति में आपरेटर के माध्यम से टोकन आवेदन करा सकते हैं। किसानों द्वारा आवेदन के दौरान आवश्यक प्रविष्टि करने के उपरांत आवेदन की तारीख से लेकर 15 जनवरी 2025 तक रिक्त स्लॉट में धान विक्रय हेतु दिवस का चयन किया जा सकता है। लघु एवं सीमांत कृषकों को 02 टोकन एवं दीर्घ कृषकों 03 टोकन की सुविधा प्रदाय की गई है।

किसान बारदाना के लिए प्रति नग 25 रूपए

भारत सरकार की नवीन बारदाना नीति अनुसार धान का उपार्जन नये एवं पुराने बारदानों में 50 अनुपात 50 में किया जाना है। प्रदेश में अनुमानित धान उपार्जन 160 लाख टन के आधार पर सभी उपार्जन केन्द्रों में पर्याप्त बारदानों की व्यवस्था कर ली गई है। उपार्जन केन्द्रों में पुराने बारदानें के रूप में मिलर बारदाना, पीडीएस बारदाना, समिति द्वारा उपलब्ध कराये गये बारदानों का उपयोग किया जा रहा है। विशेष परिस्थिति में किसान बारदाना का भी उपयोग किया गया है, जिसका 25 रू. नग के मान से किसानों को भुगतान हेतु राशि 11 करोड़ 23 लाख रूपए अपेक्स बैंक को दी जा चुकी है।

धान खरीदी केन्द्रों में 72,194 गठान बारदाना उपलब्ध

समर्थन मूल्य पर धान उपार्जन के लिए कुल 4 लाख गठान नये बारदानों की आवश्यकता है, जिसके विरूद्ध 3.51 लाख नये बारदानें प्रदेश को प्राप्त हो गए है, शेष बारदानें आगामी 15 से 20 दिवसों में प्राप्त हो जायेगें। अभी तक धान उपार्जन में पीडीएस बारदाने 32392 गठान, मिलर बारदानें 23078 गठान, किसान बारदानें 10176 गठान उपयोग किये जा चुके है। उपार्जन केन्द्रों में पीडीएस बारदाने 18985 गठान, मिलर बारदानें 54209 गठान उपयोग हेतु उपलब्ध है। वर्तमान में प्रदेश के किसी भी उपार्जन केन्द्र में बारदानों की कमी नहीं है।

कस्टम मिलिंग पंजीयन के लिए 865 आवेदन

खरीफ विपणन वर्ष 2024-25 में उपार्जित किए जा रहे धान के उठाव एवं मिलिंग का काम भी समांतर रूप से किया जा रहा है। जिन उपार्जन केन्द्रों में बफर से अधिक धान भण्डारित होने की स्थिति निर्मित हो रही है, वहाँ परिवहन आदेश जारी कर धान का परिवहन निकटतम सग्रहण केन्द्र में किया जा रहा है। अब तक 2.5 लाख टन धान का परिवहन आदेश जारी किया जा चुका है। मिलरों से पंजीयन हेतु 865 आवेदन प्राप्त हुए है। 252 राईस मिलरों द्वारा कस्टम मिलिंग हेतु पंजीयन कराया जा चुका है। मिलरों को 1296 टन का डीओ जारी किया जा चुका है।

अब तक 33,054 क्विंटल धान जब्त

प्रदेश में धान के अवैध परिवहन एवं अफरा-तफरी पर कड़ी निगरानी रखी जा रही है। प्रदेश में अवैध धान के 3305 प्रकरण बनाये गये है एवं 33,054 क्विंटल धान जब्त किया गया है। उपार्जन केन्द्रों में रिसाईकलिंग रोके जाने हेतु नोडल अधिकारी द्वारा भौतिक सत्यापन किया जा रहा है। सीमावर्ती जिलों में 273 चेक पोस्ट की स्थापना धान के अवैध परिहन के मामलों पर कार्यवाही की जा रही है।

अन्नदाताओं के धान का एक-एक दाना खरीदना हमारा लक्ष्य : योगेश्वर राजू सिन्हा

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महासमुंद। गुरुवार को खरीफ वर्ष 2024-25 के लिए धान खरीदी की शुरुआत हुई। महासमुंद विधायक योगेश्वर राजू सिन्हा ने पिटियाझर धान खरीदी केंद्र में पूजा-अर्चना कर धान खरीदी का शुभारंभ किया। साथ ही अपनी उपज बेचने आए किसान भाइयों से मुलाकात व चर्चा कर मंडी में धान बेचने के लिए की गई व्यवस्था का भी जायजा लिया। धान बेचने आए किसान के उपज को मशीन में तौल कर विधायक योगेश्वर राजू सिन्हा ने खरीदी की शुरुआत की।

इस दौरान उन्होंने कहा कि हमारी सरकार 14 नवंबर को प्रदेश के अन्नदाता किसानों के सम्मान में 'धान तिहार' के रूप में मना रही है। प्रदेश के अन्नदाताओं को उनकी मेहनत का पूरा मान मिलेगा। हमारी सरकार ने जो वादा किया था प्रति एकड़ 21 क्विंटल धान की खरीदी व 3100 रुपए प्रति क्विंटल की दर से किसान भाइयों को भुगतान वह पूरा किया जाएगा। धान खरीदी के मद्देनजर हमारी सरकार ने किसान भाइयों की सुविधा के लिए पूरी तैयारियां की है। अन्नदाताओं के धान का एक-एक दाना खरीदना हमारा लक्ष्य है, इस बार पूरे प्रदेश में 27 लाख से अधिक किसानों का धान हमारी सरकार खरीदेगी और भुगतान भी 72 घंटे के अंदर सुनिश्चित करेंगे।

किसानों को धान खरीदी के लिए अधिक दूरी तय न करना पड़े, इसका भी हमने विशेष ख्याल रखा है। उपार्जन केंद्रों के माध्यम से पूरी पारदर्शिता के साथ धान खरीदी की व्यवस्था की गई है। अन्नदाता हमारे छत्तीसगढ़ की आत्मा हैं, उनकी मेहनत को पूरा दाम और सम्मान मिले, इसके लिए हमारी सरकार तत्पर है। हमने किसानों से उनके पूरी उपज को खरीदने, खरीदी में पूरी पारदर्शिता बरतने और तय समयसीमा में भुगतान करने पर विशेष ध्यान दिया है।  इस अवसर पर भाजपा के वरिष्ठ नेता रमेश साहू, पवन पटेल सहित मंडी के स्टाफ व किसान उपस्थित थें।

महासमुंद : पहले दिन 162 उपार्जन केन्द्रों में 2151 किसानों से एक लाख 945 क्विंटल धान की होगी खरीदी

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महासमुंद। छत्तीसगढ़ में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के सुशासन में प्रदेश सहित जिले में कृषक उन्नति योजना के तहत किसानों से 3100 रूपए प्रति क्विंटल की दर और प्रति एकड़ 21 क्विंटल के मान से धान खरीदी का कार्य आज 14 नवम्बर से प्रारम्भ हो गया है। धान खरीदी केन्द्रों में पहुंचे किसानों को मुंह मीठा कराकर और तौल बाट की पूजा अर्चना कर खरीदी की शुरूआत की गई। जिले के कुल उपार्जन केंद्र 182 में से पहले दिन 162 उपार्जन केंद्रां में 2 हजार 151 किसानों से एक लाख 945 क्विंटल धान की खरीदी की जा रही है।

खरीदी केन्द्रों में आने वाले किसानों में खासा उत्साह देखने को मिला। किसान अपनी मेहनत का वाजिब दाम मिलने से बहुत खुश है। जिले में सहकारी समितियों में बनाए गए खरीदी एवं उपार्जन केन्द्रों पर किसानों को किसी भी तरह की परेशानी नहीं हो इसके लिए व्यापक प्रबंध किए गए हैं और सुविधाओं का ध्यान रखा गया है। धान खरीदी पूरी पारदर्शिता और शासन के नियमों के दायरे में हो रही है।

कलेक्टर विनय कुमार लंगेह ने आज प्राथमिक क़ृषि एवं साख समिति गांजर और मुनगासेर का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने धान उपार्जन केंद्रों में धान बेचने आए किसानों से चर्चा कर उनसे धान उपार्जन केंद्र में लाये गये धान की मात्रा, धान का उत्पादन, धान का समर्थन मूल्य इत्यादि के बारे में जानकारी ली। उन्होंने मॉइश्चर मीटर से धान की नमी भी जांच की। उन्होंने धान खरीदी केंद्रों में किसानों की सुविधा हेतु स्थल की साफ-सफाई, पेयजल, किसानों के बैठने हेतु छायादार स्थान, त्रुटिरहित धान खरीदी हेतु कांटा-बांट अथवा इलेक्ट्रॉनिक कांटा का सत्यापन आदि का जायजा लिया।

साथ ही उपार्जन केंद्रों में कैप कवर, बारदाने की व्यवस्था, कम्प्यूटर सेट, प्रिंटर, इंटरनेट सुविधा सहित अन्य व्यवस्थाएं भी देखी। कलेक्टर ने सभी नोडल अधिकारियों को धान खरीदी केन्द्र में उपस्थित रहकर धान खरीदी के निर्देश दिए हैं। उन्होंने अधिकारियों को धान खरीदी कार्य में किसी प्रकार की लापरवाही नहीं बरतने के सख्त निर्देश दिए हैं। कलेक्टर ने धान खरीदी केंद्रों में धान खरीदी की सतत निगरानी रखने तथा कोचियों एवं बिचौलियों से अवैध धान की खरीदी-बिक्री पर सख्त कार्रवाई करने के लिए अधिकारियों को निर्देशित किया है। इस दौरान अनुविभागीय अधिकारी राजस्व उमेश साहू, खाद्य अधिकारी अजय यादव, डीमएओ एवं नोडल अधिकारी मौजूद थे।

धान के समर्थन मूल्य पर अपनी फसल बेचने आए ग्राम मुनगासेर के किसान भारत पटेल ने दीपावली पर एक नया ट्रैक्टर खरीदा है। उन्होंने बताया कि फसल का अच्छा समर्थन मूल्य मिलने से उन्होंने ट्रैक्टर खरीदने का साहस किया। उनका मानना है कि इस ट्रैक्टर से खेती के काम में अधिक सहूलियत होगी, और किश्तें भी आराम से भरी जा सकेंगी। ग्राम फिरगी के निवासी गंगाराम रैदास 100 कट्टा धान बेचने के लिए मुनगासेर मंडी पहुंचे। गंगाराम ने बताया कि खेती के लिए उन्होंने ट्रैक्टर खरीदा था और इसके लिए ऋण भी लिया था, जिसकी किश्तें समय पर भरनी हैं। मंडी में धान की उचित कीमत मिलने पर उन्हें ट्रैक्टर की किश्त भरने में आसानी होगी। सरकार द्वारा बेहतर समर्थन मूल्य मिलने से ट्रैक्टर की लागत भी जल्दी से जल्दी ही निकल जाएगी। ग्राम मुनगासेर के किसान छन्नू लाल साहू बहुत खुश हैं, उन्होंने बताया कि धान की उचित मूल्य मिलने से आमदनी में इजाफा होगा। जिससे मैं अपने टेंट का कारोबार को और बढ़ाऊंगा। इसी तरह किसान नीलकंठ, हरिराम, छन्नू, मुकेश और भरतनाथ सहित सभी किसानों ने भी मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय को धन्यवाद ज्ञापित किया है। 

कलेक्टर लंगेह के निर्देश पर सभी नोडल अधिकारी धान खरीदी केन्द्रों में पहुंचकर स्वयं की निगरानी में धान खरीदी का कार्य प्रारम्भ किए हैं। जिला खाद्य अधिकारी अजय यादव ने बताया कि जिले में इस वर्ष शासन द्वारा कुल पंजीकृत किसान 1 लाख 62 हजार 33 है। उन्होंने बताया कि जिले में 130 समिति के माध्यम से 182 उपार्जन केंद्रों में धान खरीदी की जाएगी। इस खरीफ विपणन वर्ष 2024-2025 में जिले में 227994 हेक्टेयर रकबा अंतर्गत 12,45,963 मे.टन अनुमानित धान उपार्जन का लक्ष्य प्रदान किया गया है।

 

धान खरीदी के लिए 12 नवंबर तक ट्रायल रन एवं सभी तैयारियां पूरी करें

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रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय द्वारा 14 नवंबर से राज्य में किसानों से समर्थन मूल्य पर धान खरीदी की चाक-चौबंद व्यवस्था के निर्देश के परिपालन में सभी जिलों में कलेक्टरों के मार्गदर्शन में सहकारिता, मार्कफेड एवं खाद्य विभाग द्वारा सभी तैयारियां तेजी पूरी की जा रही है। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को सभी धान उपार्जन केन्द्रों में किसानों की सुविधा के लिए बारदानों की व्यवस्था, फड़, चबूतरा, पीने का पानी, किसानों के बैठने की छायादार व्यवस्था करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने सभी जिलों के कलेक्टरों को धान खरीदी केन्द्रों की व्यवस्था का औचक निरीक्षण करने को भी कहा है।

समर्थन मूल्य पर धान खरीदी की व्यवस्था से जुड़े अधिकारियों की बैठक लेकर उन्हें इस संबंध में आवश्यक निर्देश भी दिए जा रहे हैं। इसी सिलसिले में सहकारिता आयुक्त कुलदीप शर्मा ने आज सहकारिता विभाग के राज्य स्तर से लेकर जिला स्तर के अधिकारियों की संयुक्त वर्चुअल बैठक ली। उन्होंने जिला पंजीयक तथा मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला सहकारी केंद्रीय बैंक को धान खरीदी की अग्रिम तैयारियों के संबंध में कडे निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सभी अधिकारी तथा बैंक धान खरीदी के संबंध में अपनी जिम्मेदारी को समयानुसार पूरा करें। धान उपार्जन केन्द्रों से बारदानों की व्यवस्था, फड़, चबूतरा, पीने का पानी, किसानों के बैठने की छायादार स्थान सुनिश्चित किया जाना चाहिए। धान की सुरक्षा हेतु पर्याप्त डनेज एवं तारपोलिन आदि की व्यवस्था करने के भी निर्देश दिए। धान बेचने के लिए केन्द्र में आने वाले किसानों को किसी भी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े, इसका विशेष ध्यान रखा जाए।

सहकारिता आयुक्त शर्मा ने सभी समितियों में सीसीटीव्ही कैमरे लगाने के लिए उचित जगह का चयन करने को कहा ताकि संपूर्ण परिसर कव्हर हो सके। उन्होंने ट्रायल रन के साथ-साथ सभी अग्रिम तैयारी 12 नवंबर तक पूर्ण करने के निर्देश दिए। अधिकारियों को धान खरीदी नीति अनुसार स्टेक लगाने, सभी समितियों को उचित संख्या में ही टोकन जारी करने के निर्देश दिए। मौसम खराब होने अथवा बारिश होने की स्थिति में किसी तरह की  अव्यवस्था उत्पन्न न हो, इसको ध्यान में रखते हुए अग्रिम तैयारी सुनिश्चित की जाए।

सहकारिता आयुक्त ने बैंक अधिकारियों को बैंकों में उपलब्ध माइक्रो एटीएम समितियों को उपलब्ध कराने को कहा ताकि किसानों को इससे राशि आहरण की व्यवस्था सुनिश्चित हो सके। उन्होंने अधिकारियों को सभी समितियों में भ्रमण कर वहां की व्यवस्था का मुआयना करने के भी निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि 14 नवंबर से लेकर 31 जनवरी 2025 तक समर्थन मूल्य पर धान उपार्जन किया जाएगा। इस अवधि में व्यवस्था से जुड़े अधिकारी न तो अनावश्यक रूप से अवकाश पर जाएंगे न ही मुख्यालय से बाहर रहेंगे। बैठक में अपर पंजीयक एस.के. जोशी, प्रबंध संचालक अपेक्स बैंक के.एन काण्डे, ओएसडी अविनाश श्रीवास्तव, संयुक्त पंजीयक संदीप गुप्ता सहित, अन्य विभागीय अधिकारी उपस्थित थे।

दीपावली के पूर्व उपमुख्यमंत्री ने बोनस राशि का वितरण कर किसानों को दिया तोहफा

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कवर्धा। उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने दीपावली मिलन समारोह के दौरान गन्ना किसानों को बोनस राशि का चेक वितरित किया, जिससे किसानों में उत्साह और खुशी का माहौल बन गया। बोनस राशि की यह पहल राज्य सरकार की ओर से किसानों को आर्थिक सहायता प्रदान करने और उनके जीवन में समृद्धि लाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। गन्ना किसानों ने दीपावली से पहले बोनस राशि मिलने पर छत्तीसगढ़ सरकार मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा का आभार व्यक्त किया। किसानों ने कहा कि बोनस राशि से उनकी दीपावली की खुशियां दोगुनी हो गई हैं, और अपने परिवार के साथ उत्सव को और अधिक उल्लास के साथ मना पाएं है।

उपमुख्यमंत्री ने इस अवसर पर कहा कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की सरकार हमेशा किसानों के हितों के प्रति सजग और समर्पित है। किसान हमारी अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं, और उनकी प्रगति से ही हमारा राज्य सशक्त बनेगा। इस बोनस राशि के माध्यम से हम उनके प्रति अपनी कृतज्ञता व्यक्त कर रहे हैं और भविष्य में भी किसानों के कल्याण के लिए अनेक योजनाएं लाने के प्रति प्रतिबद्ध हैं। समारोह में गन्ना किसानों के चेहरे पर प्रसन्नता स्पष्ट रूप से दिखाई दे रही थी।

उपमुख्यमंत्री ने सभी किसानों को दीपावली की शुभकामनाएं देते हुए आश्वासन दिया कि सरकार उनके साथ खड़ी है और उनकी समस्याओं के समाधान के लिए निरंतर प्रयासरत है। इस अवसर पर  पूर्व संसदीय सचिव डॉ. सियाराम साहू, पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष संतोष पटेल, नगर पालिका अध्यक्ष मनहरण कौशिक, अनिल ठाकुरश्री कैलाश चंद्रवंशी, चंद्रप्रकाश चंद्रवंशी, मनीराम साहू, बीरेन्द्र साहू, रामकृष्ण साहू, किसान संघ से सुरेश चंद्रवंशी, डोमन चंद्रवंशी, जीवन यादव, दिनेश चंद्रवंशी, ओपी चंद्रवंशी, पिंटू चंद्रवंशी, पंकज वर्मा सहित समस्त किसान संघ के पदाधिकारी उपस्थित थे।

 

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