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दहेज के लिए मना करने पर पति ने की पत्नी और दो बच्चों की हत्या, खाने में जहर देकर उतारा मौत के घाट

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बिहार दिन-ब-दिन अपराधों का गढ़ बनता जा रहा है। प्रदेश के किसी न किसी जिले से रोजाना अपराध से संबंधित खबरें सामने आ रही है। ताजा मामला नालंदा का है, जहां एक सनकी पति ने अपनी पत्नी और दो बच्चों की हत्या कर दी। जानकारी के मुताबिक दहेज का विरोध करने पर पति ने पत्नी और अपने दो बच्चों को जहर देकर मौत के घाट उतार दिया। इधर, ये भी कहा जा रहा है कि महिला मे पति की प्रताड़ना से तंग आकर आत्महत्या कर ली है, ग्रामीणों में चर्चा है कि बार-बार पति का दहेज के लिए महिला के साथ मारपीट से आहत होकर उसने अपने बेटी और बेटे के साथ जहर खाकर जान दे दी।

इस्लामपुर थाना क्षेत्र के बढ़ाई चकियापर गांव गुड्डू पासवान ने अपनी पत्नी ज्ञानती देवी, 3 साल के बेटे साहिल कुमार और 1 साल की बेटी स्नेहा कुमारी की हत्या कर दी है। घटना के बारे में ज्ञानती देवी के भाई ने बताया कि 2015 में दोनों की शादी हुई थी। शादी के कुछ साल बाद ही दहेज के लिए पति उसे प्रताड़ित किया करता था। कुछ दिनों पहले भी उसे मारपीट कर घर से निकाल दिया था। पंचायत के बाद मारपीट नहीं करने के शर्त पर उसे ससुराल जाने दिया गया था। गुरुवार को वह एक बार फिर पत्नी से अपने मायके से पैसे मांगने के लिए कहने लगा। पत्नी ने इसका विरोध किया, जिसके बाद दोनों के बीच कहासुनी हुई।

खाने में जहर मिलाकर तीनों को खिलाया

इसके बाद पति ने चुपके से खाने में जहर देकर पत्नी और दोनों बच्चों को खिला दिया। वारदात के अंजाम देने के बाद आरोपी घर छोड़कर फरार हो गया। इधर, खाना खाने के बाद जब सभी सोने चले गए तब तबियत खराब हुआ तो उसने फोन कर जहर देने की बात बताई। इसके बाद आनन-फानन में मायके वाले गांव पहुंचे और इलाज के लिए तीनों को निजी अस्पताल में भर्ती कराया, जहां महिला के बाद दोनों बच्चों की भी मौत हो गई।

पुलिस ने बताया आत्महत्या

वहीं घटना की जानकारी मिलते ही इस्लामपुर थाना पुलिस ने गांव पहुंचकर तीनों शवों को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए बिहार शरीफ सदर अस्पताल भेजा है। मामले में थानाध्यक्ष जन शेखर सिंह ने बताया कि घरेलू विवाद में महिला ने बच्चों के साथ जहर खाए जाने की बात सामने आ रही है। जबकि मायके वाले पति पर जहर देने का आरोप लगा कर आवेदन दिया है। फिलहाल मामले की जांच जारी है ।

ट्रेन पकड़ने जा रहे यात्री की चाकू मारकर हत्या, जांच में जुटी पुलिस

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देश में हत्या की वारदात दिन-ब-दिन (Murder incident in india) बढ़ती जा रही है। ताजा मामला बिहार के सिवान का है, जहां के नगर थाना क्षेत्र के चिक टोली मोड़ के पास सोमवार की सुबह ट्रेन पकड़ने के लिए जा रहे एक यात्री की चाकू गोदकर हत्या कर दी गई। उसके पास से मिले ट्रेन टिकट के मुताबिक वह सिवान से यूपी के बस्ती जाने वाला था। हालांकि उसके टिकट पर एक 15 साल की लड़की का भी नाम है, लेकिन घटना स्थल पर वो नहीं दिखी। सुबह-सुबह इस वारदात के बाद चिक टोली मोड़ के आस-पास हड़कंप मच गया। 


जानकारी के मुताबिक सोमवार की सुबह लोग अपने कार्य से निकले ही थे तो चिक टोली मोड़ के पास खून से लथपथ हालत में एक शख्स को देखा। उसे देखकर लोगों ने नगर थाने की पुलिस को इसकी सूचना दी। सुबह-सुबह इस तरह की घटना हो गई और पुलिस को खबर तक नहीं हुई। अंदाजा लगाया जा सकता है कि सिवान में पुलिस पेट्रोलिंग का हाल क्या है। आशंका जाहिर की जा रही है कि लूटपाट के विरोध में यात्री की हत्या की गई है।

शख्स को कई बार मारा चाकू 

बता दें कि घटना सिवान स्टेशन से कुछ ही दूरी की है। वहीं स्थानीय लोगों की सूचना पर नगर थाना की पुलिस घटनास्थल पर पहुंची और शव को कब्जे में लिया। यात्री के गर्दन, मुंह और कई अन्य जगहों से निकल रहे खून को देखकर यह लग रहा था कि उसे कई बार चाकू मारा गया होगा। यात्री के पास एक बैग पड़ा था, जिसमें कपड़े थे। उसके पास से 30 अगस्त का टिकट मिला जो सिवान से बस्ती तक का था। टिकट और आधार के मुताबिक उसकी पहचान बड़हरिया थाना के कोइरिगवां निवासी दुखन यादव के पुत्र दुलारचंद यादव के रूप में हुई है। घटना के बारे में स्थानीय लोगों का कहना है कि कुछ अज्ञात बदमाशों ने लूटपाट के दौरान चाकू से गोद कर यात्री की हत्या की होगी।

संदीप चंद्राकर की हत्या

बता दें कि रविवार को छत्तीसगढ़ के महासमुंद क्षेत्र के कद्दावर नेता, पूर्व विधायक और बीज विकास निगम के अध्यक्ष अग्नि चंद्राकर के भतीजे संदीप चंद्राकर गोलू का फिंगेश्वर में सरेआम कत्ल कर दिया गया। सूखा नदी के पास स्थित मछली मार्केट फिंगेश्वर में यह वारदात कल करीब साढ़े 11 बजे हुई। प्रत्यक्षदर्षियों के मुताबिक मछली के कारोबार के सिलसिले में यहां आए कुछ कारोबारी से संदीप का किसी बात को लेकर विवाद हुआ। 

सरेआम कत्लेआम की घटना

विवाद देखते ही देखते झगड़ा में तब्दील हो गया। झगड़ा बढ़ा तो मछली कारोबारियों ने मछली काटने के धारदार हथियार से संदीप पर वार कर दिया। जिससे वह लहूलुहान होकर गिर पड़ा। उसे तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया। जहां चिकित्सकों ने संदीप को मृत घोषित कर दिया। मृतक संदीप करीब 35-40 वर्ष का था। वर्तमान में मुक्तिधाम मार्ग महासमुंद में रह रहे थे। वे मूलतः ग्राम सोरिद के रहने वाले हैं। खेती के साथ-साथ मछली का भी कारोबार संदीप करते थे, ऐसा पारिवारिक सूत्रों का कहना है।  

नाबालिग बेटी को घर में अकेला छोड़कर बाहर गए थे मां-बाप, वापस लौटने पर मिली बेटी की लाश

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देश के अलग-अलग हिस्सों से हत्या और आत्महत्या की घटनाएं लगातार बढ़ती जा रही है। देश के अलग-अलग राज्यों से रोजाना हत्या और आत्महत्या की खबरें सामने आ रही है। ताजा मामला बिहार के अरवल थाना क्षेत्र का है, जहां गुरुवार को बंदेली बिगहा गांव में एक नाबालिग लड़की की गला दबाकर हत्या कर दी गई। इस मामले में परिजन ने पड़ोसी पर हत्या करने का आरोप लगाया है। सूचना के बाद पहुंची पुलिस ने कार्रवाई करते हुए आरोपित को गिरफ्तार कर उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया।





पत्नी के साथ विवाद के बाद पति ने खुद को मारी गोली, मां का अपमान करने पर 15 साल के बच्चे की हत्या





इस संबंध में मृतका की मां ने कहा कि घर पर कोई नहीं था। लौट कर आने पर देखा कि बेटी की लाश पड़ी है। उन्होंने कहा कि उसके गले में दुपट्टा का छोर बंधा हुआ था। इतना देखते ही वह रोने लगी। शोर सुनकर आस-पास के लोग मौके पर पहुंच गए। लड़की की मां ने आरोप लगाया कि पड़ोस में रहने वाले चंद्रभूषण पासवान ने बेटी की हत्या की है। वह उसकी बेटी से शादी के लिए दबाव बना रहा था।





मृतका के पिता ने भी लगाया पड़ोसी पर आरोप





वहीं इस मामले में लड़की के पिता अखिलेश पासवान ने बताया कि वह बालू घाट में काम करने के लिए गए हुए थे। उसकी पत्नी भी कुछ काम से बाहर गई थी। पड़ोसी ने लड़की को अकेला पाकर उसकी गला दबाकर हत्या कर दी है। अखिलेश पासवान ने कहा कि उनकी बेटी की हत्या करने वाला पड़ोसी चंद्रभूषण दो शादियां कर चुका है। उसकी पहली पत्नी भाग गई थी तो उसने दूसरी शादी की थी। वहीं अब तीसरी शादी के लिए वह दबाव बना रहा था।





आरोपी से पूछताछ जारी





घटना की जानकारी मिलने पर सदर थाने की पुलिस ने गुरुवार की सुबह शव को पोस्टमॉर्टम के लिए सदर अस्पताल भेज दिया है। स्थानीय विधायक महानंद ने परिजन को सांत्वना दी। सदर थानाध्यक्ष शंभू पासवान ने बताया कि आरोपित चंद्रभूषण पासवान को गिरफ्तार कर लिया गया है। साथ ही उससे पूछताछ की जा रही है।


NCRB के आंकड़ों को खोले पोल, नीतीश राज में बढ़ा क्राइम का ग्राफ

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दिल्ली। बिहार में लालू यादव की सरकार के आखिरी साल 2004 में अपराध के कुल 1,15,216 मामले दर्ज हुए थे, जबकि नीतीश कुमार की सरकार में 15 साल बाद, साल 2019 में कुल अपराध के आंकड़े बढ़कर 2,69,096 हो गए, यानी दोगुने (Crime in Bihar) से भी ज्यादा हो गया है।





बता दें रूपेश सिंह हत्याकांड के बाद बिहार की कानून व्यवस्था एक बार फिर सवालों के घेरे में है. अपराधी अभी तक पुलिस की गिरफ्त से बाहर हैं और सूबे के मुखिया नीतीश कुमार से लेकर DGP एस के सिंघल तक हर कोई बस यही दावा कर रहा है कि सब कुछ बढ़िया है. नीतीश कुमार से बिहार में बढ़ते अपराध पर जब भी सवाल किए जाते हैं तो उनके पास सिर्फ एक ही जवाब होता है- '2005 से पहले क्या स्थिति थी?'





नीतीश कुमार 15 साल सरकार चलाने के बाद भी अपनी उपलब्धियां बताने से ज्यादा ये साबित करने की कोशिश करते हैं कि उनसे पहले लालू-राबड़ी शासन काल में हालात बदतर थे. कुछ दिनों पहले ही मीडिया के सवालों पर भड़के नीतीश कुमार ने दावा किया कि अपराध के मामलों में बिहार देश में 23वें नंबर पर आता है. लेकिन NCRB का डेटा कहता है कि 2019 में देश भर में हुए अपराधों में से 5.2 फीसदी अपराध बिहार में दर्ज हुए. इस लिस्ट में उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र, तमिलनाडु, केरल, गुजरात, मध्यप्रदेश, दिल्ली और राजस्थान के बाद बिहार का ही नंबर आता है. यानी नीतीश कुमार का दावा झूठा साबित होता दिख रहा है.





बिहार (Crime in Bihar) में कुल अपराध मामलों की संख्या लगातार बढ़ती रही है






अपराध के बढ़ते आंकड़ों पर पूर्व DGP गुप्तेश्वर पांडेय ने बढ़ती जनसंख्या को भी जिम्मेदार ठहराया था. कुछ और लोगों की भी ये ही दलील है कि अगर जनसंख्या बढ़ेगी तो अपराधों की संख्या भी बढ़ेगी. अब जरा बिहार की जनसंख्या पर गौर करिए, 2001 की जनगणना के मुताबिक बिहार की कुल आबादी 8,28,78,796 थी. जो 2011 की जनगणना के मुताबिक बढ़कर 10,38,04,637 हो गई. अगली जनगणना 2021 में होनी है, लेकिन माना जाता है कि फिलहाल बिहार की आबादी 12-13 करोड़ है. यानी 2004 से 2019 के बीच बिहार की आबादी करीब 50 फीसदी की दर से बढ़ी है, लेकिन इसी दौरान बिहार में अपराध 133 फीसदी की दर से बढ़े हैं.





आंकड़े बता रहे हैं कि नीतीश सरकार में लालू यादव के शासनकाल के मुकाबले अपराध (Crime in Bihar) दोगुने से भी ज़्यादा बढ़े हैं लेकिन नीतीश कुमार अपनी सरकार में बेहतर कानून व्यवस्था के दावे कर रहे हैं.


पिता की मौत का बदला लेने IT की नौकरी छोड़ बेटा बना सीरियल किलर

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20 से ज्यादा लोगों की हत्या कर चुके सीरियल किलर ने दावा किया है कि फिल्म गैंग ऑफ वासेपुर में उसके ब्रस्ट फायर ( एक के बाद एक गोली दागना) को कॉपी किया है। ये सीन फिल्म के क्लाइमेक्स में दर्शायी गई थी। साल 2016 में हाजीपुर के महुआ थाना क्षेत्र के हरपुर बेलवा स्थित सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया में चोरी करते एक शख्स पकड़ा गया। पुलिस ने पूछताछ की तो उसने कहा कि गूगल में साइको किलर अमित सर्च कीजिए। अविनाश की हकीकत जानकर पुलिस के होश उड़ गए और वह खुशी से नाचने लगा था।





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बिहार पुलिस के हत्थे ये अपराधी तब चढ़ा जब पुलिस गांजा तस्करों को गिरफ्तार करने गई थी, जिनमें एक आरोपी साइको किलर अविनाश श्रीवास्तव निकला। बिहार में अविनाश का आतंक इस कदर है कि उसने अपने पिता के हत्यारे को 32 गोलियां मारी थीं। वह तीन घंटे तक लाश के पास ही बैठा रहा था और डर के मारे कोई उसके करीब तक नहीं गया था।






वैशाली पुलिस की स्पेशल टीम, डिस्ट्रिक्ट इंटेलीजेंस यूनिट और महनार पुलिस गांजा तस्करों के खिलाफ लगातार कार्रवाई कर रही है। इसी कड़ी में पुलिस को सूचना मिली कि कोई बड़ा अपराधी भारी मात्रा में गांजा लेकर आने वाला है। छापेमारी की कार्रवाई में दो तस्करों को पकड़ा गया, जिनमें एक की पहचान अविनाश श्रीवास्तव के रूप में हुई। वह राजद के पूर्व एमएलसी ललन श्रीवास्तव का बेटा है। वहीं, दूसरे बदमाश का नाम फुलवारीशरीफ निवासी अल्तमस है। उनके कब्जे से 20 किलो गांजा बरामद किया गया।





सीरियल किलर






अविनाश को पहचानने के बाद पुलिस टीम भी चौंक गई, क्योंकि वह अपराध जगत में साइको किलर और सीरियल किलर के नाम से कुख्यात है। अविनाश पटना के कंकड़बाग थाना क्षेत्र स्थित एमआईजी कॉलोनी का रहने वाला है। वह बिहार में 20 से अधिक हत्याओं का आरोपी है। इससे पहले वह 26 सितंबर 2020 को रक्सौल में गिरफ्तार हुआ था, लेकिन कुछ दिन पहले जमानत पर छूटने के बाद अपराध करने लगा।





पिता की हत्या का लिया बदला 






 पुलिस के मुताबिक, अविनाश दिल्ली के जामिया मिलिया इस्लामिया से एमसीए है। साल 2002 के दौरान हाजीपुर में उसके पिता और तत्कालीन एमएलएसी ललन श्रीवास्तव की गोली मारकर हत्या कर दी गई। उस वक्त अविनाश इंफोसिस में 40 हजार रुपये प्रति माह की नौकरी करता था। पिता की हत्या का बदला लेने के लिए उसने हथियार उठा लिए। साल 2003 में उसने अपने पिता के हत्यारोपी मोइन खां उर्फ पप्पू खां को हाजीपुर में 32 गोलियां मारीं। इसके बाद वह बाकी हत्यारों को चुन-चुनकर मारता रहा।





डिप्टी मेयर के पति की भी की हत्या






पुलिस के मुताबिक, अविनाश ने पटना के डिप्टी मेयर अमरावती देवी के पति दीना गोप को एके-47 से भून दिया था। उस दौरान अविनाश ने विजय गोप, अजय गोप, लालू गोप, अजीत गोप, मोइन उर्फ पप्पू, अधिवक्ता सरदार जी, इम्तियाज, चनारिक गोप, स्वर्ण व्यवसायी मनोज सोनार, राहुल यादव समेत 20 लोगों की हत्या की थी।


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