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दर्दनाक: पत्थर की खान में भरे पानी में डूबने से 4 बच्चों की मौत, मृतकों में दो-दो सगे भाई

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राजस्थान दिन-ब-दिन हादसों का गढ़ बनता जा रहा है। ताजा मामला जोधपुर के काली बेरी गांव का है, जहां 50 फीट गहरी पत्थर की खान में भरे पानी में डूबने से 4 बच्चों की मौत हो गई है। चारों बच्चों में दो-दो सगे भाई थे। तीन घंटे की मशक्कत के बाद गोताखोरों ने शव बाहर निकाला। बच्चों का परिवार पाक विस्थापित है। पुलिस ने बताया कि पाक विस्थापितों की बस्ती से रमेश भील का बेटा पूनमचंद (उम्र 8), युवराज (उम्र 5) और गोविंद भील का बेटा टीकम (उम्र 12) और गोपाल (उम्र 8) सोमवार दोपहर 2 बजे से गायब थे। 

शाम तक घर नहीं लौटने पर परिजनों ने पहले अपने स्तर पर उनकी तलाश की, लेकिन बच्चों का कुछ पता नहीं चला। क्षेत्र में तीन-चार स्थान पर शादी थी। ऐसे में परिजन ये मानकर बैठ गए कि बच्चे क्षेत्र में किसी शादी समारोह में चले गए होंगे। अपने आप लौट आएंगे। देर रात तक बच्चे नहीं लौटे तो घरवालों की चिंता बढ़ गई। मंगलवार सुबह पुलिस को बच्चों के गायब होने की सूचना दी गई।

3 घंटे की मशक्कत के बाद सभी शव बरामद

पुलिस और घरवाले बच्चों को ढूंढ ही रहे थे कि किसी व्यक्ति ने कालीबेरी क्षेत्र में पत्थर की खान में भरे पानी के ऊपर एक बच्चे का शव देखा। आस-पास के लोग वहां पहुंचे। शव को बाहर निकाला तो उसकी पहचान रमेश के बेटे पूनमचंद के रूप में हुई। ऐसे में बच्चों के पानी में डूबने की आशंका में स्थानीय लोगों और गोताखोर की मदद से खान के पानी में तलाश शुरू की गई। करीब 3 घंटे की मशक्कत के बाद तीन और बच्चों के शव भी बाहर निकाले गए। 

CM ने घटना को लेकर जताया दुख

पुलिस ने बताया कि तीनों के शव गहराई में फंस गए थे। इस घटना को लेकर मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने ट्वीट कर दुख जताया है। उन्होंने लिखा कि- जोधपुर में सूरसागर के कालीबेरी क्षेत्र में खान में भरे पानी में नहाते समय डूबने से 4 बालकों की मौत बेहद दुखद और दुर्भाग्यपूर्ण है। मेरी गहरी संवेदनाएं बच्चों के माता-पिता और परिजनों के साथ हैं। ईश्वर उन्हें इस कठिन समय में संबल प्रदान करें।

साल 2015 मे जोधपुर आया था परिवार

कालीबेरी क्षेत्र में पाक विस्थापितों की बस्ती में करीब 300 परिवार रहते हैं। बस्ती के 4 बच्चों की एक साथ मौत होने की सूचना पहुंचते ही वहां कोहराम मच गया। रोते बिलखते परिजनों को बड़ी मुश्किल से लोगों ने संभाला। रमेश का परिवार 1998 में जोधपुर आया था। उन्हें यहां की नागरिकता मिल चुकी थी। वहीं गोविंद भील का परिवार 2015 में जोधपुर आया था। उसे नागरिकता मिलना बाकी है। 

राजस्थान में 3 बच्चों की मौत

वहीं 7 मई को राजस्थान के धौलपुर के राजघाट गांव में चंबल नदी में नहाने गए तीन बच्चों की डूबने से मौत हो गई थी। तीनों बच्चे सुबह नदी में नहाने गए थे, तभी तीनों डूबने लगे। वहीं भारतीय सेना ने जम्मू-कश्मीर के किश्तवाड़ जिले के पद्दार गांव सोहल के पास चिनाब नदी में फंसे दो युवकों को बचाया। जानकारी के मुताबिक सुनील और बाबुल नाम के ये युवक शनिवार रात जेसीबी मशीन के जरिए नदी पार करने की कोशिश कर रहे थे। तभी नदी में अचानक पानी बढ़ गया, जिसके बाद दोनों युवक नदी के बीच फंस गए। हालांकि करीब 5 घंटे की मशक्कत के बाद सेना के जवानों ने दोनों युवकों को सकुशल निकाल लिया था।

कुकदा डैम में डूबने से 3 लोगों की मौत

इससे पहले 14 अप्रैल को छत्तीसगढ़ के गरियाबंद में कुकदा डैम में डूबने से युवती समेत 3 लोगों की मौत हो गई थी। जानकारी के मुताबिक तीनों लोग अजीम प्रेमजी फाउंडेशन के कर्मचारी थे, जो अपने साथियों के साथ रायपुर, धमतरी और कांकेर से पिकनिक मनाने के लिए कुकदा डैम पहुंचे थे। सूचना मिलने पर ASP चंद्रेश ठाकुर भी मौके पर पहुंचे और मामले की जांच की।

2 कारों की आमने-सामने भिड़ंत, जिंदा जले 4 लोग, भाई-बहन समेत 3 की हालत गंभीर

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राजस्थान के झालावाड़ में दर्दनाक हादसा हुआ है। दरअसल, रायपुर क्षेत्र में हाईवे पर 2 कारों की आमने-सामने भिड़त में 4 लोग जिंदा जल गए। हादसे में भाई-बहन समेत तीन गंभीर रूप से घायल हैं। घायलों को जिला हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया है। रायपुर थाने के हेड कॉन्स्टेबल मदन गुर्जर ने बताया कि हाईवे पर सुवास पुलिया के पास दो कारों की आमने-सामने की भिड़ंत हो गई। 

टक्कर के बाद दोनों कारों में आग लग गई। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर दमकल की मदद से आग पर काबू पाया। पुलिस ने बताया कि आग लगने से मध्यप्रदेश के पांच्याखेड़ी के रहने वाले 26 साल के भानु प्रताप, डूंगर गांव निवासी 24 साल के यशवंत उर्फ भूरू सिंह, भानपुरा निवासी 25 साल के भूपेंद्र सिंह और डूंगर गांव निवासी प्रखर व्यास की जिंदा जलने से मौत हो गई। वहीं झालावाड़ के माथणियां गांव निवासी हैप्पी उर्फ लोकेंद्र सिंह, उसकी बहन आकांक्षा और मध्यप्रदेश निवासी देशराज सिंह गंभीर रूप से घायल हो गए। पुलिस ने घायलों को जिला अस्पताल में भर्ती कराया है, जहां उनकी हालत गंभीर बनी हुई है।

इंदौर जा रहे थे भाई-बहन 

पुलिस ने बताया कि एक कार में देशराज और उसके चार साथी थे। जबकि दूसरी कार में हैप्पी उर्फ लोकेंद्र सिंह और उसकी बहन आकांक्षा थे। आस-पास के लोगों ने हैप्पी और आकांक्षा और दूसरी कार से देशराज सिंह को बाहर निकाल लिया। भाई-बहन इंदौर जा रहे थे। वहीं दूसरी कार में सवार लोग मध्यप्रदेश से झालावाड़ की ओर आ रहे थे। हादसे में घायल होने वालों को हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया है।  जानकारी के मुताबिक हैप्पी की कुछ दिनों बाद शादी होने वाली है। भाई-बहन शॉपिंग करने इंदौर की तरफ जा रहे थे। जिंदा जलने वाले चारों लोगों की बॉडी रायपुर हॉस्पिटल की मॉर्च्युरी में रखवाई गई है।

करंट की चपेट में आई यात्री बस, 2 भाइयों समेत 3 लोगों की मौत, 8 लोगों की हालत गंभीर

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राजस्थान के जैसलमेर में एक दर्दनाक हादसा हुआ है, जहां चलती ओवरलोड बस में करंट दौड़ने से 2 सगे भाइयों समेत 3 श्रद्धालुओं की मौत हो गई है। वहीं कई लोग जान बचाने के लिए बस से कूद गए। हादसे में 8 लोग गंभीर रूप से झुलस गए हैं। रोड पर बिजली के लटकते तारों की चपेट में आने से ये हादसा हुआ। जानकारी के मुताबिक काफी संख्या में लोग बस की छत पर बैठे थे। 

पुलिस ने बताया कि खींया और खुईयाला गांव के लोगों ने एक निजी बस किराए पर ली थी। बस से संत सदाराम के मेले में दर्शन करने गए थे। लौटते समय ओवरलोड बस में कुछ लोग बस की छत पर बैठे थे। बस की छत पर बैठे लोग सड़क पर लटके तारों के संपर्क में आ गए और करंट लगने से झुलस गए। कुछ लोग बस से कूदने पर घायल हो गए। हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। हादसे में राणाराम (उम्र 60), नारायणा राम (उम्र 55) और पदमाराम करणा (उम्र 42) की मौके पर ही मौत हो गई। 

एक मरीज को किया गया जोधपुर रेफर

वहीं प्रभु राम (उम्र 30) गंभीर रूप से घायल हो गया। उसे जोधपुर रेफर किया गया है। बताया जा रहा है कि चिल्लाने की आवाज सुनकर आस-पास के लोगों की भीड़ इकट्ठा हो गई। SP भंवर सिंह ने बताया कि घायलों को जवाहिर हॉस्पिटल लाया गया, जहां उनका इलाज जारी है। एक की गंभीर हालत को देखते हुए जोधपुर रेफर किया गया है।

प्रत्यक्षदर्शियों ने दी जानकारी

प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि PWD की ओर से सड़क निर्माण का काम चल रहा है। सड़क ऊंची होने से बिजली के तार नीचे आ गए हैं। बस ड्राइवर को शायद इसका अंदेशा नहीं रहा और तार से बस का संपर्क हो गया। प्रत्यक्षदर्शी ने बताया कि बिजली विभाग को कई बार झूलते तारों की शिकायत की गई है। इसके बाद भी सुनवाई नहीं हुई। हॉस्पिटल में विधायक, कलेक्टर, SP पहुंचे और उन्होंने घायलों से जानकारी ली। कलेक्टर प्रतिभा सिंह ने बताया कि हादसे की जांच करवा रहे हैं। दोषी पर कार्रवाई की जाएगी।

बस हादसे की जांच के आदेश जारी

जिला परिवहन अधिकारी टीकूराम ने बताया कि बस 56 सीटर थी और उसके कागजात पूरे हैं। उन्होंने बताया कि बस में क्षमता से ज्यादा यात्री कितने थे फिलहाल इसकी जांच की जा रही है। 8 घायल और झुलसे लोग बस की छत पर बैठे थे। बस में 60 से 70 के करीब सवारी बताई जा रही है। कलेक्टर प्रतिभा सिंह ने कहा कि हादसे की जांच करवा रहे हैं। दोषी पर कार्रवाई की जाएगी। मृतक परिवार में अकेले कमाने वाले थे।

CM अशोक गहलोत ने जताया दुख

वहीं CM अशोक गहलोत ने घटना को लेकर दुख जताया है। उन्होंने ट्वीट कर लिखा कि 'जैसलमेर में बस में करंट से तीन लोगों की मृत्यु अत्यंत दुखद है। शोकाकुल परिजनों के प्रति मेरी गहरी संवेदनाएं, ईश्वर उन्हें इस कठिन समय में संबल प्रदान करें और दिवंगतों की आत्मा को शांति प्रदान करें। दुर्घटना में घायलों के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की कामना है।'

कैबिनेट मंत्री ने भी जताया दुख

राजस्थान के कैबिनेट मंत्री शाले मोहम्मद ने भी घटना को लेकर दुख जताया है। उन्होंने कहा कि 'जैसलमेर पोलजी की डेहरी गांव के पास बस में करंट से तीन लोगों की मृत्यु अत्यंत दुखद है, शोकाकुल परिजनों के प्रति मेरी गहरी संवेदनाएं, ईश्वर उन्हें इस कठिन समय में संबल प्रदान करें और दिवंगतों की आत्मा को शांति प्रदान करें। दुर्घटना में घायलों के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की कामना है।'

अलाव जलाते समय अचानक हुआ धमाका, BSF जवान की मौत, 8 घायल

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राजस्थान हादसों का गढ़ बनता जा रहा है। प्रदेश में किसी न किसी दुर्घटना की खबर रोजाना सामने आ रही है। ताजा मामला जैसलमेर का है, जहां स्थित भारत-पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय सीमा पर एक बड़ा और दर्दनाक हादसा हुआ है। जानकारी के मुताबिक किशनगढ़ फील्ड फायरिंग रेंज में रविवार सुबह मोर्टार का गोला फट गया। घटना में एक जवान की मौत हो गई है। वहीं 8 जवान घायल हो गए हैं। सीमा सुरक्षा बल और पुलिस के आला अधिकारी मामले की जांच के लिए घटना स्थल पर पहुंचे। उन्होंने घायल जवानों से मुलाकात कर उनके स्वास्थ्य के बारे में जानकारी ली।

जैसलमेर जिले में स्थित किशनगढ़ फील्ड फायरिंग रेंज है, जहां रविवार सुबह ठंड के चलते अलाव जलाया गया। इस दौरान मोर्टार का गोला फट गया। हादसे में झारखंड के धनबाद के रहने वाले BSF जवान संदीप सिंह की मौत हो गई। वहीं 8 जवान घायल हो गए। अचानक जोरदार धमाके होने से उस वक्त घटना स्थल पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया। इधर, हादसे के बाद तुरंत घायलों को इलाज के लिए निकटवर्ती रामगढ़ के अस्पताल ले जाया गया, लेकिन BSF की 136 वीं वाहिनी के जवान संदीप कुमार सिंह को नहीं बचाया जा सका।

जवानों ने जलाई थी अलाव 

जानकारी के मुताबिक किशनगढ़ फायरिंग रेंज में लगातार अभ्यास चलता रहता है। रविवार को भी BSF के जवान नियमित अभ्यास में जुटे हुए थे। इसी दौरान सुबह ये हादसा हो गया। बताया जा रहा है कि सर्दी से बचने के लिए यहां BSF के जवानों ने अलाव जलाई थी। इसी दौरान ये जोरदार धमाका हुआ। कुछ बम ऐसे होते हैं, जो फटने नहीं है और जमीन में दबे रह जाते हैं। जानकारी के अनुसार 5 साल से इनके स्क्रेप बीनने का ठेका नहीं हुआ है, ऐसे में जीवित बम माइंस का काम कर जाते हैं।

मां ने बच्चों के साथ की खुदकुशी

वहीं रविवार को ही जैसलमेर जिले में दूसरी दर्दनाक घटना घटित हुई। दरअसल, यहां के सांकडा थाना क्षेत्र में कथित तौर पर पारिवारिक कलह के चलते एक महिला अपने 3 बच्चों के साथ पानी के हौद में कूद गई। इस घटना में महिला और दो बच्चों की मौत हो गई। थाना प्रभारी आदेश कुमार ने बताया कि दलपतपुरा गांव के नाथू खां की ढाणी में सायरा अपने 3 मासूम बच्चों के साथ पानी के हौद में कूद गई, जिससे सायरा, शाहरूख (8) और सिंकदर (3) की मौत हो गई। जबकि एक बच्ची को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

दुर्गा प्रतिमा विसर्जन के दौरान डूबने से 5 लोगों की मौत, मृतकों में 2 सगे भाई भी शामिल

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राजस्थान के धौलपुर जिले में एक दर्दनाक हादसा हुआ, जहां दुर्गा मूर्ति विसर्जन के दौरान डूबने से 2 भाइयों समेत 5 लोगों की मौत हो गई है। पार्वती नदी में मूर्ति विसर्जन के दौरान ये हादसा हुआ है। मूर्ति विसर्जन के दौरान दो सगे भाइयों समेत पांच लोग डूब गए। जब तक इन्हें बचाया जाता इनकी मौत हो चुकी थी। ये सभी शुक्रवार को दुर्गा की प्रतिमा का विसर्जन करने गए थे, लेकिन हादसे का शिकार हो गए। सभी के शव बरामद कर लिए गए हैं। हादसे की सूचना मिलते ही DM और SP घटनास्थल पर पहुंचे और घटना का जायजा लिया। 


पुलिस ने बताया कि बसेड़ी पार्वती नदी में डूबने वाले पांचों मृतक आगरा के भवनपुरा गांव के रहने वाले थे। दरअसल, धौलपुर जिले में बसेड़ी के भूतेश्वर इलाके में भूतेश्वर मंदिर के पास पार्वती नदी में गांव वाले दुर्गा प्रतिमा विसर्जित कर रहे थे। इसी दौरान गांव के पांच युवक दुर्गा प्रतिमा के साथ पार्वती नदी में के गहरे पानी में उतर गए। लेकिन मूर्ति ज्यादा वजन होने के कारण इनका बैलेंस बिगड़ा और सब एक के बाद एक नदी में डूबते चले गए। इसी बीच गहरे पानी में जाने के कारण पांच युवाओं की डूबकर मौत हो गई। इसके बाद नदी किनारे कोहराम मच गया। लोगों ने युवाओं को बचाने की काफी कोशिश की। लेकिन सफलता नहीं मिली।

घंटों के सर्च ऑपरेशन के बाद मिले शव 

पुलिस के मुताबिक युवकों के साथ आए गांव वालों ने चारों को डूबता देख शोर मचाया। गश्त कर रहे पुलिस दल ने गोताखोरों को बुलाया। पहले राजेश और सत्यपाल के शव बाहर निकाले गए। इसके बाद रणवीर, घनश्याम और कृष्णा की तलाश में सर्च ऑपरेशन चलाया गया। लगभग 3 घंटे की मशक्कत के बाद दोनों के शव भी बाहर निकाले गए। मृतकों की पहचान उनके साथ आए गांव वालों ने की। धौलपुर पुलिस ने आगरा पुलिस को सूचना दी है। वहीं पोस्टमॉर्टम के बाद शव उनके परिवार वालों को सौंप दिये गए हैं।

बैंलेस बिगड़ने पर नदी में डूबे युवक

पुलिस ने बताया कि शुक्रवार दशहरे पर चंबल और पार्वती नदी पर मां दुर्गा की मूर्ति विसर्जित करने के लिए लोग आ रहे थे। इस मौके पर पुलिस बल तैनात किया गया था। इस दौरान बॉर्डर पर जगनेर थाना क्षेत्र के भुवनपुरा गांव के लोग पार्वती नदी पर आए। गांव के चार युवक माता की मूर्ति लेकर पानी में उतर गए। मूर्ति का वजन ज्यादा होने के कारण चारों का बैंलेस बिगड़ गया। पैर फिसला और डूब गए। जहां मृतकों के नाम राजेश, रणवीर, सत्यपाल, संजय और कृष्णा हैं। सभी की उम्र 22 से 24 साल के बीच है। राजेश और रणवीर दोनों सगे भाई थे। 

अगले महीने होने वाली थी शादी

गांव वालों के मुताबिक मृतक भाइयों की जगनेर में सिलाई की दुकान थी। बीते साल एक भाई की बीमारी के कारण मौत हो गई थी। परिजन के मुताबिक राजेश की अगले एक महीने बाद शादी होने वाली थी। घर में शादी की तैयारी चल रही थी, लेकिन ये हादसा हो गया। बता दें कि यूपी में भी मूर्ति विसर्जन और अन्य कारणों से डूबने से 13 लोगों की मौत हो गई है।

बड़ा हादसा: दो ट्रकों के टकराने के बाद लगी आग, जिंदा जले 4 लोग

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राजस्थान के अजमेर-ब्यावर नेशनल हाईवे बाइपास पर सोमवार की सुबह एक दर्दनाक हादसा हुआ है। दरअसल, हाईवे पर दो ट्रकों की आपस में टक्कर हो गई। टक्कर के बाद दोनों ट्रकों में आग लग गई और इसमें सवार 4 लोग जिंदा जल गए। चारों ही ट्रकों के ड्राइवर और क्लीनर हैं। आदर्श नगर के उप निरीक्षक कन्हैया लाल हादसे की जानकारी दी है।


वहीं घटना के बाद मौके पर लोगों लोगों का जमावड़ा लग गया। सूचना मिलने पर पुलिस व दमकल मौके पर पहुंची। करीब दो घंटे बाद फायर ब्रिगेड ने आग पर काबू पाया। आदर्श नगर के सब इंस्पेक्टर कन्हैया लाल के मुताबिक चारों के शव अजमेर के जवाहर लाल नेहरू चिकित्सालय की शव गृह में रखवाए गए हैं। ट्रक के नंबरों के आधार पर पुलिस शिनाख्‍त कर रही है।

राजस्थान: अजमेर में आदर्श नगर थाना क्षेत्र के अंतर्गत एनएच-8 पर दो ट्रेलर के बीच दुर्घटना में 4 लोगों की मौत हुई।

 नियमों की अनदेखी से बढ़ रहा सड़क हादसा

भारत में सुरक्षित यात्रा करने के लिए भारत सरकार ने लोगों की जीवन सुरक्षा के लिए यातायात के नियम ( Traffic rules) बनाए हैं, जिन नियमों का पालन करना हर भारतीय का परम कर्तव्य है, लेकिन वर्तमान समय में सड़क दुर्घटनाओं में बेतहाशा वृद्धि इन्हीं यातायात के नियम की अनदेखी के कारण हुआ है।

सालाना डेढ़ लाख लोगों की मौत

बता दें कि भारत में दुनिया के एक फीसदी वाहन हैं, लेकिन सड़कों पर वाहन दुर्घटनाओं के चलते विश्वभर में होने वाली मौतों में 11 प्रतिशत मौत भारत में होती हैं। विश्वबैंक की एक रिपोर्ट में यह जानकारी दी गई है। भारत में सालाना करीब साढ़े चार लाख सड़क हादसे होती हैं, जिनमें डेढ़ लाख लोगों की मौत होती है।

सड़क हादसों से हर 4 मिनट में एक मौत

रिपोर्ट के मुताबिक 'सड़क हादसों में हताहत होने वाले लोगों में सबसे ज्यादा भारत के होते हैं। भारत में दुनिया के सिर्फ एक फीसदी वाहन हैं, लेकिन सड़क दुर्घटनाओं में दुनिया भर में होने वाली मौतों में भारत का हिस्सा 11 प्रतिशत है। देश में हर घंटे 53 सड़क दुर्घटनाएं हो रही हैं और हर 4 मिनट में एक मौत होती है।'

यातायात के महत्वपूर्ण नियम (Very important Traffic Rules)

  • एम्बुलेंस को पहले रास्ता दे।
  • गलत तरीके से या निषेध जगह पर वाहन पार्किंग न करें।
  • वाहन चलाते समय दूसरे वाहन से रफ्तार की कॉपीटीशन न करें।
  • बिना कारण हॉर्न न बजाये।
  • Traffic Signal के मुताबिक गाड़ी चलाए।
  • गाड़ी चलाते समय हाथ के सिग्नल का भी उपयोग करें।
  • निश्चित और नियंत्रित गति से ही वाहन चलाए।
  • चौराहे, यु-टर्न, भीड़भाड़ वाले इलाकों में गाड़ी धीमी गति से ही चलाए।
  • सीट बेल्ट, हेलमेट का उपयोग जरुर करें, ये सभी चीजे हमारी सुरक्षित यात्रा के लिए ही बने होते है।
  • अपने वाहन से कही की भी यात्रा करने से पहले अपने ड्राइविंग लाइसेंस और वाहन के जरुरी कागजात अपने साथ जरुर रखें।
  • सुरक्षित यातायात के लिए हमेशा ISI मार्क का हेलमेट ही उपयोग करें।
  • वाहन सुरक्षित रूप से चलाए और राहगीरों की मौजूदगी वाले क्षेत्रों में चौकन्ने रहें।
  • ड्राइविंग करते समय आगे वाले वाहन से उचित दूरी बनाए रखें।
  • ड्राइविंग करते समय अपने पीछे वाले वाहन की स्थिति जानने के लिए रियर व्यू मिरर का इस्तेमाल करें।
  • हमेशा सड़क जेब्राकॉसिंग से ही पार करें।
  • हाईवे पर मिलने से पहले एक बार रूक कर दाएं देखकर ही मिले।
  • सुरक्षित यातायात के लिए ड्राइविंग करते समय मोबाइल फोन का इस्तेमाल न करें।
  • ट्रैफिक सिग्नल न तोड़े।
  • शराब पीकर या अन्य नशा कर ड्राइविंग न करें।
  • कम उम्र के बच्चे को ड्राइविंग के लिए प्रोत्साहित न करें।
  • बच्चों को सड़क पर खेलने के लिए अनुमति न दें।
  • दुपहिया वाहन पर तीन व्यक्ति न बैठाएं।
  • लालबत्ती को पार न करें।
  • स्कूल बस और आटो वेन जैसे गाड़ियों में क्षमता से ज्यादा न बैठाएं।
  • थकान या तनावग्रस्त होने पर ड्राइविंग न करें।
  • अवैध यात्री वाहनों में यात्रा न करें।
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