Media24Media.com: दर्दनाक: पत्थर की खान में भरे पानी में डूबने से 4 बच्चों की मौत, मृतकों में दो-दो सगे भाई

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दर्दनाक: पत्थर की खान में भरे पानी में डूबने से 4 बच्चों की मौत, मृतकों में दो-दो सगे भाई

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राजस्थान दिन-ब-दिन हादसों का गढ़ बनता जा रहा है। ताजा मामला जोधपुर के काली बेरी गांव का है, जहां 50 फीट गहरी पत्थर की खान में भरे पानी में डूबने से 4 बच्चों की मौत हो गई है। चारों बच्चों में दो-दो सगे भाई थे। तीन घंटे की मशक्कत के बाद गोताखोरों ने शव बाहर निकाला। बच्चों का परिवार पाक विस्थापित है। पुलिस ने बताया कि पाक विस्थापितों की बस्ती से रमेश भील का बेटा पूनमचंद (उम्र 8), युवराज (उम्र 5) और गोविंद भील का बेटा टीकम (उम्र 12) और गोपाल (उम्र 8) सोमवार दोपहर 2 बजे से गायब थे। 

शाम तक घर नहीं लौटने पर परिजनों ने पहले अपने स्तर पर उनकी तलाश की, लेकिन बच्चों का कुछ पता नहीं चला। क्षेत्र में तीन-चार स्थान पर शादी थी। ऐसे में परिजन ये मानकर बैठ गए कि बच्चे क्षेत्र में किसी शादी समारोह में चले गए होंगे। अपने आप लौट आएंगे। देर रात तक बच्चे नहीं लौटे तो घरवालों की चिंता बढ़ गई। मंगलवार सुबह पुलिस को बच्चों के गायब होने की सूचना दी गई।

3 घंटे की मशक्कत के बाद सभी शव बरामद

पुलिस और घरवाले बच्चों को ढूंढ ही रहे थे कि किसी व्यक्ति ने कालीबेरी क्षेत्र में पत्थर की खान में भरे पानी के ऊपर एक बच्चे का शव देखा। आस-पास के लोग वहां पहुंचे। शव को बाहर निकाला तो उसकी पहचान रमेश के बेटे पूनमचंद के रूप में हुई। ऐसे में बच्चों के पानी में डूबने की आशंका में स्थानीय लोगों और गोताखोर की मदद से खान के पानी में तलाश शुरू की गई। करीब 3 घंटे की मशक्कत के बाद तीन और बच्चों के शव भी बाहर निकाले गए। 

CM ने घटना को लेकर जताया दुख

पुलिस ने बताया कि तीनों के शव गहराई में फंस गए थे। इस घटना को लेकर मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने ट्वीट कर दुख जताया है। उन्होंने लिखा कि- जोधपुर में सूरसागर के कालीबेरी क्षेत्र में खान में भरे पानी में नहाते समय डूबने से 4 बालकों की मौत बेहद दुखद और दुर्भाग्यपूर्ण है। मेरी गहरी संवेदनाएं बच्चों के माता-पिता और परिजनों के साथ हैं। ईश्वर उन्हें इस कठिन समय में संबल प्रदान करें।

साल 2015 मे जोधपुर आया था परिवार

कालीबेरी क्षेत्र में पाक विस्थापितों की बस्ती में करीब 300 परिवार रहते हैं। बस्ती के 4 बच्चों की एक साथ मौत होने की सूचना पहुंचते ही वहां कोहराम मच गया। रोते बिलखते परिजनों को बड़ी मुश्किल से लोगों ने संभाला। रमेश का परिवार 1998 में जोधपुर आया था। उन्हें यहां की नागरिकता मिल चुकी थी। वहीं गोविंद भील का परिवार 2015 में जोधपुर आया था। उसे नागरिकता मिलना बाकी है। 

राजस्थान में 3 बच्चों की मौत

वहीं 7 मई को राजस्थान के धौलपुर के राजघाट गांव में चंबल नदी में नहाने गए तीन बच्चों की डूबने से मौत हो गई थी। तीनों बच्चे सुबह नदी में नहाने गए थे, तभी तीनों डूबने लगे। वहीं भारतीय सेना ने जम्मू-कश्मीर के किश्तवाड़ जिले के पद्दार गांव सोहल के पास चिनाब नदी में फंसे दो युवकों को बचाया। जानकारी के मुताबिक सुनील और बाबुल नाम के ये युवक शनिवार रात जेसीबी मशीन के जरिए नदी पार करने की कोशिश कर रहे थे। तभी नदी में अचानक पानी बढ़ गया, जिसके बाद दोनों युवक नदी के बीच फंस गए। हालांकि करीब 5 घंटे की मशक्कत के बाद सेना के जवानों ने दोनों युवकों को सकुशल निकाल लिया था।

कुकदा डैम में डूबने से 3 लोगों की मौत

इससे पहले 14 अप्रैल को छत्तीसगढ़ के गरियाबंद में कुकदा डैम में डूबने से युवती समेत 3 लोगों की मौत हो गई थी। जानकारी के मुताबिक तीनों लोग अजीम प्रेमजी फाउंडेशन के कर्मचारी थे, जो अपने साथियों के साथ रायपुर, धमतरी और कांकेर से पिकनिक मनाने के लिए कुकदा डैम पहुंचे थे। सूचना मिलने पर ASP चंद्रेश ठाकुर भी मौके पर पहुंचे और मामले की जांच की।

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