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नदी में डूबने से 3 लड़कियों की मौत, नहाने के दौरान हुआ हादसा

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मध्यप्रदेश के श्योपुर जिले से दर्दनाक घटना सामने आई है, जहां मयापुर गांव में सीप नदी में डूबने से तीन लड़कियों की मौत हो गई। ये लड़कियां नदी में नहाने गई थीं। ​​​​गांव से बहने वाली सीप नदी में शनिवार को मयापुर गांव की रहने वाली ललिता (उम्र 14), रीना (उम्र 13), रानी (उम्र 10) और आरती (उम्र 21) नदी में नहाने गई थीं। अंचल में तेज बारिश के कारण नदी का जलस्तर अचानक बढ़ गया। तीनों नहाते-नहाते गहरे पानी में चली गई और डूब गईं।

तीनों को डूबते देख आरती ने उन्हें बचाने की कोशिश की, लेकिन इस दौरान आरती भी डूबने लगी। वहां मौजूद चरवाहे मानसिंह, लोकेश और सत्यवीर ने देखा तो वह बचाने के लिए दौड़े। चरवाहों ने आरती को बचा लिया, लेकिन बाकी ललिता, रीना और रानी पानी में बह गईं। सूचना पर देहात पुलिस और प्रशासन के अधिकारी मौके पर पहुंचे, जिन्होंने गोताखोरों की मदद से तीनों के शव को नदी से बाहर निकाल लिया। साथ ही शवों को कब्जे में लेकर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी।

सोनीपत में 2 युवकों की हुई थी मौत

इससे पहले हरियाणा के सोनीपत में यमुना नदी में डूबने से 2 युवकों की मौत हो गई। युवकों के नहर में बहने की सूचना के बाद प्रशासन ने रेस्क्यू अभियान चलाया और काफी मशक्कत के बाद दोनों को बाहर निकाला। तब तक उनकी मौत हो चुकी थी। दोनों की पहचान UP के जिला संभल के गांव मुटैना के सुनील (उम्र 19) और सुनील (उम्र 20) के तौर पर हुई है। दोनों यहां फैक्टरी में काम करते थे और फिलहाल गन्नौर के हरी नगर में किराए पर रहते थे।

नहाते वक्त डूब गए थे दोनों

जानकारी के मुताबिक गुरुवार को जेठ के दशहरा के मौके पर बड़ी संख्या में लोग यमुना नहर में स्नान के लिए मुरथल क्षेत्र में मिमारपुर घाट पर पहुंचे थे। इस बीच यमुना में नहाने के लिए उतरे दो युवक पानी में डूब गए। आसपास के लोगों ने उनको बचाने का प्रयास किया, लेकिन कामयाब नहीं हुए। हालांकि यमुना में इन दिनों पानी का बहाव बहुत कम है। दोनों युवकों के नहाते समय गड्‌ढे में फंसने से हादसा हुआ। युवकों के डूबने की सूचना के बाद प्रशासन ने रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया और कई घंटों की मशक्कत के बाद दोनों युवकों को यमुना से बाहर निकाला। दोनों की मौत हो चुकी थी। 

राजस्थान में 3 बच्चों की मौत

वहीं 7 मई को राजस्थान के धौलपुर के राजघाट गांव में चंबल नदी में नहाने गए तीन बच्चों की डूबने से मौत हो गई थी। तीनों बच्चे सुबह नदी में नहाने गए थे, तभी तीनों डूबने लगे। वहीं भारतीय सेना ने जम्मू-कश्मीर के किश्तवाड़ जिले के पद्दार गांव सोहल के पास चिनाब नदी में फंसे दो युवकों को बचाया। जानकारी के मुताबिक सुनील और बाबुल नाम के ये युवक शनिवार रात जेसीबी मशीन के जरिए नदी पार करने की कोशिश कर रहे थे। तभी नदी में अचानक पानी बढ़ गया, जिसके बाद दोनों युवक नदी के बीच फंस गए। हालांकि करीब 5 घंटे की मशक्कत के बाद सेना के जवानों ने दोनों युवकों को सकुशल निकाल लिया था।

कुकदा डैम में डूबने से 3 लोगों की मौत

14 अप्रैल को छत्तीसगढ़ के गरियाबंद में कुकदा डैम में डूबने से युवती समेत 3 लोगों की मौत हो गई थी। जानकारी के मुताबिक तीनों लोग अजीम प्रेमजी फाउंडेशन के कर्मचारी थे, जो अपने साथियों के साथ रायपुर, धमतरी और कांकेर से पिकनिक मनाने के लिए कुकदा डैम पहुंचे थे। सूचना मिलने पर ASP चंद्रेश ठाकुर भी मौके पर पहुंचे और मामले की जांच की। 5 सितंबर को राजस्थान में चित्तौड़गढ़ जिले के मंगलवाड़ क्षेत्र में तालाब में नहाने गए एक ही परिवार 5 बच्चों की डूबने से मौत हो गई थी।

शादी समारोह में मिठाई खाने के बाद 300 से ज्यादा लोग हुए बीमार, खाई में कार गिरने से 3 की मौत

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MP के मंदसौर जिले में एक शादी समारोह में दूषित मावे से बनी मिठाई खाने से 300 से ज्यादा लोग बीमार हो गए। बीमार लोगों को उल्टी-दस्त की शिकायत के बाद भानपुरा अस्पताल में भर्ती कराया गया। भानपुरा तहसीलदार नागेश पंवार ने बताया कि नीमथूर गांव के कारुलाल के बेटे कन्हैयालाल की शादी में सामूहिक भोज का आयोजन किया गया था। इसमें दूषित मावे से बनी मिठाई खाने के बाद अधिकंश लोगों को उल्टी-दस्त की शिकायत शुरू हो गई। इसके बाद कुछ लोगों का स्थानीय इलाज किया गया। इनमें करीब 180 लोगों को भानपुरा स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया गया।

पंचायत के सरपंच दुलीचंद अहीर ने बताया कि पहले एक बच्चे को शिकायत हुई। इसके बाद लगातार बीमार लोगों की संख्या बढ़ती गई। इस पर कस्बा पटवारी को सूचना दी। इसके भोजन में मावे की मिठाई, छाछ का रायता, पूड़ी, पापड़ और सब्जी बनाई गई थी।

खाई में कार गिरने से 3 की मौत

इधर, शिवपुरी जिले के नरवर थाना क्षेत्र में टपकेश्वर के पास कार हादसे का शिकार हो गई। टायर फटने के बाद कार अनियंत्रित होकर खाई में गिर गई। हादसे में 3 लोगों की मौत हो गई। जबकि 6 लोग घायल हो गए। घायलों को ग्वालियर रेफर किया गया है।

अनियंत्रित होकर पलटी कार

ग्वालियर के पिछोर से लड़की वाले कार से शिवपुरी के रहने वाले ब्रजेश शर्मा बेटे राहुल शर्मा को फलदान देने जा रहे थे। ये लोग नरवर के रास्ते शिवपुरी आ रहे थे। इसी दौरान टपकेश्वर क्षेत्र में कार का टायर फट गया, जिसके बाद गाड़ी अनियंत्रित होकर पलट गई। पुलिस ने शवों को कब्जे में लेकर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है। MP में लगातार सड़क हादसों की खबरें सामने आ रही है।

नदी में डूबने से चार लोगों की मौत, पिकनिक मनाने के लिए गए थे सभी

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मध्यप्रदेश के सीहोर में दर्दनाक हादसा हुआ है, जहां नर्मदा नदी में डूबने से चार लड़कों की मौत हो गई है। दरअसल, बुदनी में स्थित ट्राइडेंट फैक्ट्री के कर्मचारियों के बच्चे रविवार को पिकनिक मनाने के लिए होशंगाबाद में नर्मदा नदी किनारे गए थे, जहां खेलते-खेलते सभी गहरे पानी में उतर गए। जिस कारण सभी डूबने लगे। इस दौरान मौके पर मौजूद गोताखोरों ने 2 लड़कों को बचा लिया, लेकिन चार की मौत हो गई।  रविवार को छुट्टी मनाने के लिए सभी लड़के घर से निकले थे।

डूबने वालों में कृष्णगोपाल राजपूत का 19 साल का बेटा प्रवीण, पवी सिंह, प्रहलाद बैरागी का 18 साल का बेटा विनय, चतरूराम ठाकुर का 18 साल का आर्यन, वेदप्रकाश शुक्ला का बेटा ऋतिक और धुरेंद्र कुमार का 18 साल का बेटा आकाश भारती शामिल थे। ये सभी नर्मदा नदी के हर्बल तट पर नदी में नहाने उतरे थे। इस बीच ये लोग गहरे पानी में चले गए।

2 लोगों का रेस्क्यू 

बच्चों के पानी में डूबने की खबर के बाद वहां होमगार्ड के रेस्क्यू टीम के गोताखोरों ने उन्हें बचाने की कोशिशें की। गोताखोरों की काफी कोशिशों के बाद वेदप्रकाश के बेटे ऋतिक और धुरेंद्र कुमार के बेटे आकाश को बचा लिया गया, लेकिन बाकी चारों की मौत हो गई। होशंगाबाद पुलिस के मुताबिक सभी मृत युवकों के शवों को बाहर निकाल लिया गया है और उन्हें शव परीक्षण के लिए भेज दिया गया है।

दूल्हे समेत 9 बारातियों की हुई थी मौत

फरवरी के महीने में रविवार के ही दिन चंबल नदी में भीषण हादसा हुआ था। इस हादसे में 9 लोगों की मौत हो गई थी। दरअसल, चंबल नदी में बारात की कार गिर गई थी। जिस में दूल्हा समेत नौ बारातियों की मौत हो गई थी। बारात राजस्थान के सवाई माधोपुर जिले के चौथ का बरवाड़ा से मध्य प्रदेश के उज्जैन के भैरुनाला की हरिजन बस्ती जा रही थी। कार में दूल्हा अविनाश वाल्मीकि, उनके दोस्त और रिश्तेदार शामिल थे।

तालाब में डूबने से एक ही परिवार के 5 बच्चों की मौत

बता दें कि 5 सितंबर को राजस्थान में चित्तौड़गढ़ जिले के मंगलवाड़ क्षेत्र में तालाब में नहाने गए एक ही परिवार 5 बच्चों की डूबने से मौत हो गई थी। पानी के बाहर खड़े अन्य बच्चों ने गांव के लोगों को इसकी सूचना दी, जिस पर ग्रामीण तत्काल मौके पर पहुंचे और पांचों बच्चों को पानी से बाहर निकाला और सभी बच्चों को मंगलवाड़ के राजकीय सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने सभी को मृत घोषित कर दिया। 

बोरवेल में गिरे बच्चे की पानी में डूबने से मौत, सिर के बल फंसा था 4 साल का बच्चा

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MP के उमरिया में दर्दनाक हादसा हुआ है। दरअसल, यहां बोरवेल में गिरे 4 साल के गौरव की पानी में डूबने से मौत हो गई है। मासूम को करीब 16 घंटे के रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद बाहर निकाला गया। बोर 150 से 200 फीट गहरा है। बताया जा रहा है कि बच्चा गुरुवार सुबह करीब 11 बजे गिरा था। बच्चा सिर के बल गिरा था। उसके पैर कैमरे में ऊपर की तरफ दिख रहे थे। सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासन की टीम ने रेस्क्यू शुरू कर दिया था।

25 फरवरी की सुबह 4 बजे रेस्क्यू पूरा हुआ। बच्चे को कटनी जिले के बरही सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लाया गया। यहां डॉक्टर राजमणि पटेल ने गौरव को मृत घोषित कर दिया। डॉक्टर ने मौत का कारण पानी में डूबना और सांस लेने में दिक्कत बताया है। डॉक्टर का कहना है कि बच्चे की बाहर निकालने के 7 से 8 घंटे पहले ही मौत हो चुकी थी।

16 घंटे तक चला रेस्क्यू ऑपरेशन 

मामला मानपुर विकास खंड के बरछड़ गांव का है। संतोष दुबे का बेटा गौरव सुबह करीब 11 बजे खेलते-खेलते खेत में बने बोरवेल में गिरा था। उसे निकालने के लिए जेसीबी की मदद से गड्ढे के पैरलल खुदाई की गई। एनडीआरएफ के असिस्टेंट कमांडेंट दिनेश ने बताया कि मिट्‌टी थोड़ी सख्त होने से खुदाई में दिक्कत आ रही थी।  मासूम को बाहर निकालने के लिए करीब 16 घंटे तक रेस्क्यू ऑपरेशन चला, लेकिन बच्चे की जान नहीं बच सकी। 

नदी में डूबने से 3 महिलाओं की मौत, मंदिर दर्शन के लिए जा रही थी तीनों

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MP के मंदसौर जिले में एक दर्दनाक हादसा हुआ, जहां शामगढ़ थाना इलाके में नदी में डूबने से तीन महिलाओं की मौत हो गई है। चंदवासा चौकी प्रभारी एसएस कनेश ने बताया कि तीनों महिलाओं के शव नदी से निकाले जा चुके हैं। बताया जा रहा है कि शामगढ़ के तोलाखेड़ी की रहने वाली दो सगी बहनें मोहन बाई पत्नी गोपाल और रामी बाई, बहू कारी बाई पत्नी गोवर्धन लाल के साथ गांव तोला खेड़ी से नदी पार कर बर्डिया ऊंचा मंदिर में दर्शन करने जा रहीं थी। इसी दौरान ये हादसा हो गया।

जानकारी के मुताबिक तीनों गांव तोला खेड़ी से नदी पार कर बर्डिया ऊंचा मंदिर में दर्शन करने जा रही थीं। गहरे पानी में जाने से तीनों डूब गईं। महिलाओं को डूबता देख नदी किनारे खड़े लोगों ने पुलिस को सूचना दी। आस-पास के ग्रामीणों ने पुलिस की मदद से रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया, लेकिन जब तक उन्हें बाहर निकाला जाता तीनों की मौत हो चुकी थी। वहीं इस घटना को लेकर कैबिनेट मंत्री हरदीपसिंह डंग ने कलेक्टर गौतम सिंह से चर्चा की। मंत्री के निर्देश पर मृतकों के स्वजनों को चार-चार लाख रुपये की सहायता स्वीकृत की गई है।

झारखंड में भी हुआ था ऐसा ही हादसा

बता दें कि 9 नवंबर को झारखंड के पलामू जिले में ऐसा ही हादसा हुआ था, जहां पायल नदी के छठ घाट में डूबने से दो बच्चों की मौत हो गई थी। पुलिस के मुताबिक छठ स्नान के दौरान डूबने से दोनों बच्चों की मौत हो गई थी। पुलिस ने बताया कि दोनों बच्चे राजहारा गांव के राजू भुईयां के बेटे थे। राजू भुईयां के साले की पत्नी राजहारा स्थित छठ घाट पर छठ स्नान और पूजा करने गई थी और उसके साथ राजू की पत्नी और बच्चे भी गए थे। वहीं गिरिडीह के मंगरोडीह गांव में भी ऐसा ही हादसा हुआ था। यहां छठ महापर्व को लेकर स्नान करने गई महिलाओं के साथ गए 4 बच्चों की नदी में डूबने से मौत हो गई थी।

मथुरा जा रही बस कंटेनर से टकराई, भाई-बहन समेत जिंदा जले 3 लोग

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मध्यप्रदेश हादसों का गढ़ बनता जा रहा है। प्रदेश में किसी न किसी दुर्घटना की खबर रोजाना सामने आ रही है। ताजा मामला गुना जिले का है, जहां मिनी बस से मथुरा जा रहे परिवारों के साथ शुक्रवार बड़ा हादसा हो गया। दरअसल, गुना के बरखेड़ा के पास सड़क किनारे खड़े कंटेनर से मिनी बस भिड़ गई। टक्कर के साथ ही बस में आग लग गई। इस दौरान भाई-बहन समेत 3 लोग जिंदा जल गए। इनमें एक 13 साल की बच्ची है। हादसे में 4 अन्य लोग हो गए घायल हैं। बस में कुल 28 लोग सवार थे। जब आग पर काबू पाया तो मृतकों के सिर्फ कंकाल मिले। बता दें कि उसी जगह पर बुधवार को एक कार हादसा हुआ था। इसमें भी एक आरक्षक समेत तीन लोगों की मौत हो गई थी। 


SDOP मुनीष राजोरिया ने बताया कि इंदौर के कुछ परिवार गोवर्धन पूजा पर मथुरा दर्शन करने के लिए जा रहे थे। मिनी ट्रैवलर बस से सभी लोग रात को इंदौर से निकले थे। सुबह 5 से 6 बजे के बीच चाचौड़ा के बरखेड़ा के पास एक कंटेनर सड़क किनारे खड़ा हुआ था। ट्रैवलर बस उसमें पीछे से जाकर भिड़ गई। ट्रैवलर से बस भिड़ंत के बाद बस में धमाके के साथ आग लग गई। सभी लोगों को निकालने की कोशिश की गई, लेकिन तीन लोग उसमें फंसे रह गए और निकल नहीं पाए। 

इस दौरान तीनों की जलने से मौत हो गई। मृतकों में इंदौर निवासी भाई-बहन माधो और दुर्गा समेत खरगोन निवासी रोहित शामिल हैं। घटना के बाद मौके पर मौजूद लोग डर गए। आस-पास के लोगों ने पुलिस को सूचना दी। घायलों को बाहर निकालने लगे। इसी दौरान मौके पर पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी भी पहुंच गए, जिन्होंने घायलों को जिला अस्पताल भेजा। वहीं मृतकों के अवशेष भी जिला अस्पताल भेजे गए हैं।

सालाना डेढ़ लाख लोगों की मौत

बता दें कि भारत में दुनिया के एक फीसदी वाहन हैं, लेकिन सड़कों पर वाहन दुर्घटनाओं के चलते विश्वभर में होने वाली मौतों में 11 प्रतिशत मौत भारत में होती हैं। विश्वबैंक की एक रिपोर्ट में यह जानकारी दी गई है। भारत में सालाना करीब साढ़े चार लाख सड़क हादसे होती हैं, जिनमें डेढ़ लाख लोगों की मौत होती है।

सड़क हादसों से हर 4 मिनट में एक मौत

रिपोर्ट के मुताबिक 'सड़क हादसों में हताहत होने वाले लोगों में सबसे ज्यादा भारत के होते हैं। भारत में दुनिया के सिर्फ एक फीसदी वाहन हैं, लेकिन सड़क दुर्घटनाओं में दुनिया भर में होने वाली मौतों में भारत का हिस्सा 11 प्रतिशत है। देश में हर घंटे 53 सड़क दुर्घटनाएं हो रही हैं और हर 4 मिनट में एक मौत होती है।'

मकान के ऊपर पलटा गिट्टी से भरा डंपर, 4 लोगों की मौके पर ही मौत, 3 गंभीर रुप से घायल

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मध्यप्रदेश हादसों का गढ़ बनता जा रहा है। प्रदेश में किसी न किसी दुर्घटना की खबर रोजाना सामने आ रही है। ताजा मामला दमोह जिले का है, जहां एक गिट्टी से भरा डंपर घर के ऊपर गिर गया.। जिससे घर में सो रहे तीन लोगों की मौके पर मौत हो गई। वहीं 1 डंपर सवार की भी मौत हो गई। जबकि तीन लोग गंभीर रुप से घायल बताए जा रहे हैं, जिनका इलाज जिला अस्पताल में जारी है। 


घटना बटियागढ़ थाना क्षेत्र के आंजनी टपरिया की है। जानकारी के मुताबिक डंपर में गिट्टी भरा हुआ था, जो अनियंत्रित होकर एक घर में जा घुसा और घर पर ही पलट गया, जहां घर में सो रहे तीन लोगों की मौत हो गई। साथ ही डंपर सवार एक व्यक्ति की भी मौत हो गई। घटना की सूचना मिलते ही मौके पर पुलिस पहुंच राहत बचाव कार्य में जुटी गई। वहीं गंभीर रुप से घायल मरीजों को जिला अस्पताल में भर्ती कराया। हालांकि उनकी हालत अभी गंभीर बताई जा रही है।

नियमों की अनदेखी से बढ़ रहा सड़क हादसा

भारत में सुरक्षित यात्रा करने के लिए भारत सरकार ने लोगों की जीवन सुरक्षा के लिए यातायात के नियम ( Traffic rules) बनाए हैं, जिन नियमों का पालन करना हर भारतीय का परम कर्तव्य है, लेकिन वर्तमान समय में सड़क दुर्घटनाओं में बेतहाशा वृद्धि इन्हीं यातायात के नियम की अनदेखी के कारण हुआ है।

सालाना डेढ़ लाख लोगों की मौत

बता दें कि भारत में दुनिया के एक फीसदी वाहन हैं, लेकिन सड़कों पर वाहन दुर्घटनाओं के चलते विश्वभर में होने वाली मौतों में 11 प्रतिशत मौत भारत में होती हैं। विश्वबैंक की एक रिपोर्ट में यह जानकारी दी गई है। भारत में सालाना करीब साढ़े चार लाख सड़क हादसे होती हैं, जिनमें डेढ़ लाख लोगों की मौत होती है।

सड़क हादसों से हर 4 मिनट में एक मौत

रिपोर्ट के मुताबिक 'सड़क हादसों में हताहत होने वाले लोगों में सबसे ज्यादा भारत के होते हैं। भारत में दुनिया के सिर्फ एक फीसदी वाहन हैं, लेकिन सड़क दुर्घटनाओं में दुनिया भर में होने वाली मौतों में भारत का हिस्सा 11 प्रतिशत है। देश में हर घंटे 53 सड़क दुर्घटनाएं हो रही हैं और हर 4 मिनट में एक मौत होती है।'

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