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विष्णु सरकार ने बढ़ाया किसानों का मान-खेती किसानी को मिला नया संबल

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 छगन लाल लोन्हारे- संयुक्त संचालक, जनसंपर्क

रायपुर : प्रदेश सरकार किसानों के आर्थिक स्थिति मजबूत करने के लिए हर संभव प्रयास कर रही है। गांव, गरीब और किसान सरकार की पहली प्राथमिकता में हैं। देश की जीडीपी में कृषि का बड़ा योगदान है, छत्तीसगढ़ की अर्थव्यवस्था का मूल आधार भी कृषि ही है और छत्तीसगढ़ धान का कटोरा कहलाता है।


मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय के नेतृत्व में प्रदेश सरकार की इन ढाई साल के अवधि में किसानों के हित में लिए गए नीतिगत फैसलों से खेती किसानी को नया संबल मिला है। बीते खरीफ विपणन वर्ष में किसानों से समर्थन मूल्य पर 141.05 लाख मीेट्रिक टन धान की खरीदी की गई है। छत्तीसगढ़ में हरेली त्यौहार का विशेष महत्व है। हरेली छत्तीसगढ़ का पहला त्यौहार है। ग्रामीण क्षेत्रों में यह त्यौहार परंपरागत् रूप से उत्साह के साथ मनाया जाता है। इस दिन किसान खेती-किसानी में उपयोग आने वाले कृषि यंत्रों की पूजा करते हैं और घरों में माटी पूजन होता है। गांव में बच्चे और युवा गेड़ी का आनंद लेते हैं। इस त्यौहार से छत्तीसगढ़ की संस्कृति और लोक पर्वों की महत्ता भी बढ़ गई है। ग्रामीण क्षेत्रों में गेड़ी के बिना हरेली तिहार अधूरा है।

मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय के नेतृत्व में प्रदेश सरकार द्वारा पंजीकृत किसानों से समर्थन मूल्य पर प्रति एकड़ 21 क्विंटल 3100 रूपए प्रति क्विंटल की मान से धान खरीदीकर न सिर्फ किसानों को मान बढ़ाया, बल्कि किसानों को उन्नति की ओर ले जाने में भी उल्लेखनीय कार्य किया है। साथ ही किसानों के खाते में रमन सरकार के पिछले दो वर्ष का बकाया धान के बोनस 3716.38 करोड़ रूपए अंतरित कर किसानों की आर्थिक स्थिति मजबूत कर दी है। मुख्यमंत्री का मानना है कि भारत गांवों में बसता है। जब किसान खुशहाल होंगे तो प्रदेश का व्यापार, उद्योग बढे़गा।

परंपरा के अनुसार वर्षों से छत्तीसगढ़ के गांव में अक्सर हरेली तिहार के पहले बढ़ई के घर में गेड़ी का ऑर्डर रहता था और बच्चों की जिद पर अभिभावक जैसे-तैसे गेड़ी भी बनाया करते थे। हरेली तिहार के दिन सुबह से तालाब के पनघट में किसान परिवार, बड़े बजुर्ग बच्चे सभी अपने गाय, बैल, बछड़े को नहलाते हैं और खेती-किसानी, औजार, हल (नांगर), कुदाली, फावड़ा, गैंती को साफ कर घर के आंगन में मुरूम बिछाकर पूजा के लिए सजाते हैं। माताएं गुड़ का चीला बनाती हैं। कृषि औजारों को धूप-दीप से पूजा के बाद नारियल, गुड़ के चीला का भोग लगाया जाता है। अपने-अपने घरों में अराध्य देवी-देवताओं की साथ पूजा करते हैं। गांवों के गुड़ी में ठाकुरदेव की पूजा की जाती है।

हरेली पर्व के दिन पशुधन के स्वास्थ्य की रक्षा के लिए औषधि युक्त आटे की लोंदी खिलाई जाती है। गांव में यादव समाज के लोग वनांचल जाकर कंदमूल लाकर हरेली के दिन किसानों को पशुओं के लिए वनौषधि उपलब्ध कराते हैं। गांव के सहाड़ादेव अथवा ठाकुरदेव के पास यादव समाज के लोग जंगल से लाई गई जड़ी-बूटी उबाल कर किसानों को देते हैं। इसके बदले किसानों द्वारा चावल, दाल आदि उपहार में यादवों को भेंट करने की परंपरा रही हैं।

सावन माह के कृष्ण पक्ष की अमावस्या को हरेली पर्व मनाया जाता है। हरेली का आशय हरियाली ही है। वर्षा ऋतु में धरती हरा चादर ओड़ लेती है। वातावरण चारों ओर हरा-भरा नजर आने लगता है। हरेली पर्व आते तक खरीफ फसल आदि की खेती-किसानी का कार्य लगभग हो जाता है। माताएं गुड़ का चीला बनाती हैं। कृषि औजारों को धोकर, धूप-दीप से पूजा के बाद नारियल, गुड़ का चीला भोग लगाया जाता है। गांव के ठाकुर देव की पूजा की जाती है और उनको नारियल अर्पण किया जाता है।

हरेली तिहार के साथ गेड़ी चढ़ने की परंपरा अभिन्न रूप से जुड़ी हुई है। ग्रामीण क्षेत्रों में लगभग सभी परिवारों द्वारा गेड़ी का निर्माण किया जाता है। परिवार के बच्चे और युवा गेड़ी का जमकर आनंद लेते है। गेड़ी बांस से बनाई जाती है। दो बांस में बराबर दूरी पर कील लगाई जाती है। एक और बांस के टुकड़ों को बीच से फाड़कर उन्हें दो भागों में बांटा जाता है। उसे नारियल रस्सी से बांध़कर दो पउआ बनाया जाता है। यह पउआ असल में पैर दान होता है जिसे लंबाई में पहले कांटे गए दो बांसों में लगाई गई कील के ऊपर बांध दिया जाता है। गेड़ी पर चलते समय रच-रच की ध्वनि निकलती हैं, जो वातावरण को औैर आनंददायक बना देती है। इसलिए किसान भाई इस दिन पशुधन आदि को नहला-धुला कर पूजा करते हैं। गेहूं आटे को गंूथ कर गोल-गोल बनाकर अरंडी या खम्हार पेड़ के पत्ते में लपेटकर गोधन को औषधि खिलाते हैं। ताकि गोधन को रोगों से बचाया जा सके। गांव में पौनी-पसारी जैसे राऊत, लोहार व बैगा हर घर के दरवाजे पर नीम की डाली खोंचते हैं। गांव में लोहार अनिष्ट की आशंका को दूर करने के लिए चौखट में कील लगाते हैं। यह परम्परा आज भी ग्रामीण क्षेत्रों में विद्यमान है।

पिहले के दशक में गांव में बारिश के समय कीचड़ आदि हो जाता था उस समय गेड़ी से गली का भ्रमण करने का अपना अलग ही आनंद रहता था। गांव-गांव में गली कांक्रीटीकरण से अब कीचड़ की समस्या काफी हद तक दूर हो गई है। हरेली के दिन गृहणियां अपने चूल्हे-चौके में कई प्रकार के छत्तीसगढ़ी व्यंजन बनाती है। किसान अपने खेती-किसानी के उपयोग में आने वाले औजार नांगर, कोपर, दतारी, टंगिया, बसुला, कुदारी, सब्बल, गैती आदि की पूजा कर छत्तीसगढ़ी व्यंजन गुलगुल भजिया व गुड़हा चीला का भोग लगाते हैं। इसके अलावा गेड़ी की पूजा भी की जाती है। शाम को युवा वर्ग, बच्चे गांव के गली में नारियल फेंक और गांव के खेल मैदान में कबड्डी आदि कई तरह के खेल खेलते हैं। बहु-बेटियां नए वस्त्र धारण कर सावन झूला, बिल्लस, खो-खो, फुगड़ी आदि खेल का आनंद लेती हैं।

हरेली तिहार सामाजिक समरसता का प्रतीक है यह केवल धार्मिक या कृषि पर्व नहीं है यह समाज के सभी वर्गों को एक साथ जोड़ने का माध्यम है। गांव के लोग मिल-जुलकर पूजा और कार्यक्रमों का आयोजन करते है। इस दिन परिवार में सुख-समृद्धि की कामना के साथ ही प्रकृति और पशुधन के प्रति कृतज्ञता व्यक्त की जाती है। 

डॉ. भीमराव अम्बेडकर अस्पताल के डॉक्टरों का कमाल: 20 दिन में फेफड़ों की 9 जटिल सर्जरियाँ, मरीजों को मिला नया जीवन

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 रायपुर। डॉ. भीमराव अम्बेडकर स्मृति चिकित्सालय, रायपुर के हार्ट-चेस्ट एवं वैस्कुलर सर्जरी विभाग ने फेफड़ों की जटिल सर्जरी के क्षेत्र में एक नया कीर्तिमान स्थापित किया है। विभाग के डॉक्टरों की टीम ने महज 20 दिनों के भीतर 9 लोबेक्टॉमी (Lobectomy) सर्जरी सफलतापूर्वक संपन्न की हैं। पिछले दो महीनों के आंकड़ों को जोड़ें तो यह संख्या कुल 13 हो चुकी है।


अस्पताल प्रबंधन के अनुसार, इतनी कम अवधि में इतनी बड़ी संख्या में लोबेक्टॉमी सर्जरी करना छत्तीसगढ़ के किसी भी सरकारी या निजी स्वास्थ्य संस्थान की तुलना में एक अभूतपूर्व उपलब्धि है।

आपातकालीन स्थिति में मिली नई जिंदगी

हाल ही में की गई सर्जरियों में दो ऐसे मरीज भी शामिल थे, जिनकी स्थिति अत्यंत गंभीर थी। उन्हें खांसी के साथ अत्यधिक रक्तस्राव (हेमोप्टाइसिस) हो रहा था। डॉक्टरों ने तुरंत आपातकालीन सर्जरी कर मरीजों की जान बचाई।

क्या होती है लोबेक्टॉमी सर्जरी?

विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. कृष्णकांत साहू ने बताया कि मानव शरीर के दाएं फेफड़े में तीन और बाएं फेफड़े में दो लोब (हिस्से) होते हैं। जब एस्परजिलोमा, ब्रोन्किएक्टैसिस या लंग ट्यूमर जैसी बीमारियां फेफड़े के किसी एक हिस्से तक सीमित रहती हैं, तो सर्जरी के जरिए केवल उसी बीमारीग्रस्त लोब को बाहर निकाल दिया जाता है। इसी प्रक्रिया को लोबेक्टॉमी कहते हैं।

आधुनिक 'लंग स्टेपलर' तकनीक से जोखिम कम
अम्बेडकर अस्पताल में इन सर्जरियों के लिए आधुनिक तकनीक और एडवांस्ड लंग स्टेपलर का उपयोग किया जा रहा है। डॉ. साहू के अनुसार, इस तकनीक से सर्जरी के बाद होने वाली जटिलताओं—विशेष रूप से Bronchopleural Fistula (फेफड़े और चेस्ट कैविटी के बीच रिसाव)—का खतरा न के बराबर रह जाता है। सर्जरी के बाद मरीज आमतौर पर 6 से 8 दिनों में डिस्चार्ज होकर अपने घर लौट जाते हैं।

बीमारी के प्रमुख कारण

  • छत्तीसगढ़ में फेफड़ों के संक्रमण और खराबी का मुख्य कारण टीबी का पुराना इतिहास और कमजोर रोग प्रतिरोधक क्षमता है:
  • एस्परजिलोमा: यह Aspergillus niger नामक फंगस से होता है, जो ज्यादातर दाएं फेफड़े के ऊपरी लोब को प्रभावित करता है।
  • ब्रोन्किएक्टैसिस व लंग एब्सिस: टीबी या अन्य संक्रमण के बाद फेफड़ों में कैविटी बन जाती है, जिससे खांसी में खून आता है।
  • लंग कैंसर: शुरुआती चरण के कैंसर में लोबेक्टॉमी के जरिए ट्यूमर वाले हिस्से को हटाकर मरीज को पूरी तरह ठीक किया जा सकता है।

पड़ोसी राज्यों से भी पहुँच रहे मरीज

अम्बेडकर अस्पताल का हार्ट-चेस्ट विभाग न केवल छत्तीसगढ़, बल्कि बिहार, झारखंड, ओडिशा, मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश के मरीजों के लिए भी उम्मीद की किरण बना हुआ है। यहाँ प्रतिवर्ष औसतन 15 से 20 लोबेक्टॉमी के अलावा डिकॉर्टिकेशन, सेगमेंटेक्टॉमी और न्यूमोनेक्टॉमी (पूरा फेफड़ा निकालने की सर्जरी) जैसी जटिल प्रक्रियाएँ की जाती हैं।

मैट्रिमोनियल साइट के जरिए दोस्ती, शादी और नौकरी का झांसा देकर 13 लाख ऐंठे; आरोपी दंपती गिरफ्तार

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 बिलासपुर : ऑनलाइन मैट्रिमोनियल साइट के जरिए महिलाओं को झांसा देकर लाखों रुपये और जेवर ठगने वाले एक दंपती को तोरवा पुलिस ने दिल्ली-हरियाणा सीमा से गिरफ्तार किया है। आरोपी खुद को अविवाहित बताकर महिलाओं से संपर्क करता था और बाद में शादी व नौकरी लगवाने के नाम पर ठगी को अंजाम देता था।


मामले का खुलासा करते हुए पुलिस ने बताया कि कोरबा निवासी एक पीड़िता ने 9 मार्च को तोरवा थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। पीड़िता के अनुसार, 'शादी डॉट कॉम' के माध्यम से उसकी पहचान आरोपी पवन कुमार यादव (34) से हुई थी। पवन ने खुद को कुंवारा बताकर पीड़िता को शादी का भरोसा दिलाया और शारीरिक संबंध बनाए। इसके बाद सरकारी नौकरी लगवाने का झांसा देकर महिला से नगदी और सोने-चांदी के जेवर सहित कुल 12 से 13 लाख रुपये ऐंठ लिए।

फरार आरोपी पर था 5 हजार का इनाम

अपराध दर्ज होने के बाद आरोपी पवन यादव फरार हो गया। पुलिस ने पामगढ़ और सरकंडा स्थित उसके संभावित ठिकानों पर छापेमारी की, लेकिन उसका मोबाइल लगातार बंद आ रहा था। आरोपी की लगातार फरारी को देखते हुए पुलिस प्रशासन द्वारा उस पर 5,000 रुपये का इनाम घोषित किया गया था।

पत्नी के बैंक खाते से मिला हरियाणा का सुराग

जांच के दौरान पुलिस ने आरोपी के मोबाइल नंबर और बैंक खातों का विश्लेषण किया। जांच में पाया गया कि पवन के अधिकतर बैंक खाते बंद थे, लेकिन उसकी पत्नी नवीता यादव (30) के खाते में लेन-देन जारी था। बैंक ट्रांजेक्शन की लोकेशन ट्रेस करने पर बल्लभगढ़ (हरियाणा) से पैसे निकाले जाने की जानकारी मिली। तकनीकी साक्ष्यों और च्वाइस सेंटर से मिले इनपुट के आधार पर पुलिस टीम ने दबिश देकर दोनों पति-पत्नी को बल्लभगढ़ से धर दबोचा।

बीएनएस (BNS) की धाराओं के तहत कार्रवाई

तोरवा पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 69, 318(4) और 3(5) के तहत मामला दर्ज किया है। आरोपियों को बिलासपुर लाकर न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है। पुलिस अब ठगी गई रकम व जेवरों की बरामदगी के साथ यह भी जांच कर रही है कि इस गिरोह ने अन्य कितनी महिलाओं को अपना शिकार बनाया है।

उफनते नरहरा जलप्रपात में उतरे दो युवक, तेज बहाव में फंसे; लोगों ने सुरक्षित निकाला

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 धमतरी : जिले में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश के चलते सभी नदी-नाले और पर्यटन स्थल उफान पर हैं। इसके बावजूद पर्यटक सुरक्षा नियमों को ताक पर रखकर अपनी जान जोखिम में डालने से बाज नहीं आ रहे हैं। सोमवार को प्रसिद्ध नरहरा जलप्रपात में ऐसा ही एक मामला सामने आया, जहाँ पानी के तेज बहाव में उतरने के कारण दो युवक बहने की कगार पर पहुँच गए। गनीमत रही कि मौके पर मौजूद पर्यटकों और स्थानीय लोगों ने तत्परता दिखाते हुए दोनों युवकों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया, जिससे एक बड़ा हादसा टल गया।


प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, बारिश के कारण नरहरा जलप्रपात में जलस्तर और बहाव दोनों काफी तेज थे। प्रशासन द्वारा चेतावनी दिए जाने के बावजूद दोनों युवक गहरे पानी में उतर गए। अचानक पानी के तेज थपेड़ों में फंसने के बाद दोनों घबरा गए और बहने से बचने के लिए वहाँ लगी सुरक्षा रेलिंग को कसकर पकड़ लिया। युवकों को संकट में देखकर आसपास मौजूद लोगों ने तुरंत हाथ बढ़ाकर रस्सी व अन्य साधनों की मदद से उन्हें बाहर निकाला।

पहले भी हो चुके हैं दर्दनाक हादसे

उल्लेखनीय है कि बारिश के दिनों में जिले के जलप्रपातों और नदी-नालों में जलस्तर अचानक बढ़ जाता है। कुछ ही दिनों पूर्व तेज बहाव की चपेट में आने से दो लोगों की डूबने से मौत हो चुकी है। इसके बावजूद पर्यटकों द्वारा उफनते पानी में उतरने और सेल्फी लेने का सिलसिला थम नहीं रहा है। इस घटना ने एक बार फिर प्रशासन के सुरक्षा इंतजामों और लोगों की लापरवाही पर सवाल खड़े कर दिए हैं।

स्पा सेंटर की आड़ में देह व्यापार का भंडाफोड़: मैनेजर और महिला दलाल समेत 9 गिरफ्तार

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 भिलाईनगर। जुनवानी स्थित 'ली वेलनेस स्पा सेंटर' में स्पा की आड़ में संचालित किए जा रहे अनैतिक देह व्यापार का पुलिस ने पर्दाफाश किया है।


स्मृति नगर पुलिस की विशेष टीम ने मुखबिर की सूचना पर रेड मारकर स्पा सेंटर के मैनेजर तनय सोनी और महिला दलाल हेमा सिंह उर्फ प्रीत समेत कुल 9 आरोपियों को गिरफ्तार किया है।

पुलिस ने मौके से ग्राहकों और दलालों के कब्जे से करीब 4 लाख रुपये मूल्य के 19 मोबाइल फोन, नगदी और आपत्तिजनक सामग्री जब्त की है। सभी आरोपियों के खिलाफ अनैतिक देह व्यापार (निवारण) अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया है।

सावन का दूसरा सोमवार : शिवालयों में दर्शन के लिए लगा भक्तों का तांता, बोल बम के जयकारों के साथ पहुंचे कांवड़िए

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 रायपुर। सावन माह में पूरा छत्तीसगढ़ शिवमय हो चुका है। शिवालयों में आस्था का सैलाब उमड़ पड़ा है और दूर-दूर से भक्तों व कांवड़ियों के पहुंचने का सिलसिला जारी है।


आज सावन महीने का दूसरा सोमवार है, जिसका हिंदू धर्म में विशेष महत्व माना जाता है। इस अवसर पर सुबह से ही श्रद्धालु मंदिरों में दर्शन-पूजन के लिए पहुंच रहे हैं।

रायपुर के शिव मंदिरों में उमड़ी भीड़

सावन के दूसरे सोमवार पर राजधानी रायपुर के शिवालयों में तड़के से ही श्रद्धालुओं की भारी भीड़ देखने को मिल रही है। भोलेनाथ के दर्शन और जलाभिषेक के लिए लंबी कतारें लगी हैं। पूरा मंदिर परिसर 'हर-हर महादेव' और 'बोल बम' के जयकारों से गुंजायमान है। श्रद्धालु विधि-विधान से भगवान शिव की पूजा-अर्चना कर सुख-समृद्धि की कामना कर रहे हैं।

प्रदोष व्रत का दुर्लभ संयोग

आज सावन के दूसरे सोमवार के साथ प्रदोष व्रत का भी दुर्लभ संयोग बना है। करीब 6 साल बाद सावन सोमवार और प्रदोष व्रत एक ही दिन पड़ रहे हैं, जिससे इस दिन का महत्व और अधिक बढ़ गया है।

फणीकेश्वर नाथ मंदिर में भी गूंजे जयकारे

उधर, गरियाबंद जिले के फिंगेश्वर स्थित ऐतिहासिक फणीकेश्वर नाथ महादेव मंदिर में भी आस्था का सैलाब उमड़ा है। सुबह से ही श्रद्धालु जलाभिषेक कर महादेव का आशीर्वाद ले रहे हैं। मंदिरों के आसपास का पूरा माहौल भक्तिमय हो गया है।

आकाशीय बिजली गिरने से महिला की मौत, रिश्तेदार गंभीर रूप से झुलसा, इलाज जारी

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 बिलासपुर। छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले के सीपत थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम सेलर बरभाठा में बारिश के दौरान आकाशीय बिजली की चपेट में आने से एक दर्दनाक हादसा हो गया। खेत से रोपा लगाकर घर लौट रहे दो ग्रामीणों पर गाज गिर गई, जिससे एक महिला की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि उनका रिश्तेदार गंभीर रूप से झुलस गया।


खेत से लौटते समय हुआ हादसा

प्राप्त जानकारी के अनुसार, ग्राम सेलर बरभाठा निवासी हीराबाई धुरी और उनके रिश्तेदार सुग्रीव धुरी रविवार को खेत में धान का रोपा लगाने के बाद घर लौट रहे थे। इसी दौरान तेज बारिश के बीच अचानक आकाशीय बिजली गिर गई और दोनों उसकी चपेट में आ गए। घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। स्थानीय ग्रामीणों की मदद से तत्काल दोनों को इलाज के लिए बिलासपुर स्थित छत्तीसगढ़ आयुर्विज्ञान संस्थान (सिम्स) अस्पताल पहुंचाया गया।

डॉक्टरों ने महिला को किया मृत घोषित

सिम्स अस्पताल के डॉक्टरों ने प्राथमिक जांच के बाद हीराबाई धुरी को मृत घोषित कर दिया। वहीं, हादसे में गंभीर रूप से झुलसे सुग्रीव धुरी की स्थिति नाजुक बनी हुई है और उनका इलाज अस्पताल में जारी है।

पुलिस ने मर्ग कायम कर जांच शुरू की

घटना की सूचना मिलते ही सीपत थाना पुलिस ने अस्पताल पहुंचकर शव को कब्जे में लिया और मर्ग कायम कर आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है। पुलिस हादसे से जुड़े अन्य पहलुओं की जानकारी जुटा रही है।

गांव में पसरा मातम

खेत से काम कर लौट रहे ग्रामीणों के साथ हुए इस दुखद हादसे के बाद से सेलर बरभाठा गांव में शोक की लहर दौड़ गई है। घटना के बाद से पूरे इलाके में मातम का माहौल है।

गरियाबंद: भूतेश्वरनाथ से लौट रही श्रद्धालुओं की बस पुल पर धंसी, एक राहगीर घायल

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 गरियाबंद। जिले के मरौदा गांव स्थित प्रसिद्ध भूतेश्वरनाथ धाम से दर्शन कर लौट रही श्रद्धालुओं से भरी बस रविवार को दुर्घटनाग्रस्त हो गई। भकुर्रा मार्ग स्थित पुल के पास सामने से आ रहे एक वाहन को साइड देने के प्रयास में बस का अगला पहिया पुल के किनारे मिट्टी में धंस गया। हादसे के दौरान सड़क किनारे चल रहा एक राहगीर बस की चपेट में आकर घायल हो गया, जिसे तत्काल डायल 112 की मदद से जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है।


54 यात्री बाल-बाल बचे

बताया जा रहा है कि बस में रायपुर के 54 श्रद्धालु सवार थे। पहिया धंसने से बस का सामने का शीशा पूरी तरह टूट गया। हालांकि, गनीमत रही कि बस में सवार सभी श्रद्धालु सुरक्षित हैं।

सावन सोमवार के कारण लगा भारी जाम

हादसे के बाद भकुर्रा मार्ग पर दोनों ओर गाड़ियों की लंबी कतारें लग गईं। सावन माह के दूसरे सोमवार के अवसर पर दर्शन के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु धाम की ओर जा रहे थे, जिन्हें जाम के कारण भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। स्थिति यह रही कि कई महिलाएं और यात्री घंटों सड़क किनारे बैठने को मजबूर दिखे।

सूचना मिलने पर पुलिस और प्रशासनिक टीम ने मौके पर पहुंचकर यातायात व्यवस्था संभाली। काफी मशक्कत के बाद बस को सुरक्षित निकालकर आवागमन बहाल करने के प्रयास किए जा रहे हैं।

अलर्ट: कभी भी खुल सकते हैं मिनीमाता बांगो बांध के गेट, नदी किनारे के गांव और उद्योग रहें सावधान

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 कोरबा : लगातार हो रही बारिश के कारण मिनीमाता बांगो जलाशय का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। बांध में जलभराव 89.55% तक पहुंच चुका है। पानी की आवक को देखते हुए हसदेव नदी में कभी भी पानी छोड़ने के लिए गेट खोले जा सकते हैं।


जल संसाधन विभाग की अपील और चेतावनी:

निचले इलाकों से संपत्ति हटाएं: हसदेव नदी के तटीय और बाढ़ संभावित क्षेत्रों में रहने वाले लोग, खनिज खदान ठेकेदार और औद्योगिक इकाइयां अपनी चल-अचल संपत्तियों व उपकरणों को तुरंत सुरक्षित स्थानों पर पहुंचा दें।

विभाग नहीं होगा जिम्मेदार: कार्यपालन अभियंता एस.के. भारती के अनुसार, अचानक आने वाली बाढ़ से होने वाले किसी भी नुकसान के लिए जल संसाधन विभाग जिम्मेदार नहीं होगा।

मुनादी के निर्देश: बाढ़ प्रभावित संभावित गांवों में मुनादी (ढोल बजाकर चेतावनी) कराने के निर्देश दे दिए गए हैं।

 प्रभावित होने वाले प्रमुख गांव:

बांगो, चर्रा, पोड़ी उपरोड़ा, कोनकोना, लेपरा, टुनियाकछार, पाथा, गाड़ाघाट, छिनमेर, कछार, कलमीपारा, सिलियारीपारा, जूनापारा, तिलाईडांड, डुगुपारा, टुंगुमांडा, छिर्रापारा, मछलीबाटा, कोरियाघाट, धनगांव, डोंगाघाट, नरमदा, औराकछार, सोनगुड़ा, जेलगांव, झाबू, नवागांव, तिलसाभाटा, लोतलोता, स्याहीमुड़ी, कोडा, हथमार, झोरा और सिरकीकला आदि।

कामिका एकादशी 2026: आज रखा जा रहा है कामिका एकादशी का व्रत, जानें पूजा का शुभ मुहूर्त, विधि और खास मंत्र

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 Kamika Ekadashi 2026: सावन मास के कृष्ण पक्ष में आने वाली पावन कामिका एकादशी आज, 9 अगस्त 2026 को पूरे श्रद्धा-भाव के साथ मनाई जा रही है। सनातन परंपरा में इस एकादशी का विशेष महत्व है। धार्मिक मान्यता के अनुसार, इस दिन विधि-विधान से जगत के पालनहार भगवान विष्णु की पूजा करने से जाने-अनजाने में हुए समस्त पापों का क्षय होता है और साधक को मोक्ष की प्राप्ति होती है।


पूजन सामग्री और आवश्यक तैयारी

पूजा शुरू करने से पहले लड्डू गोपाल जी या भगवान विष्णु की प्रतिमा, पीले वस्त्र, पीले फूल, केला, पेड़ा, रोली, चंदन, कपूर, धूप, दीप, पंचामृत और तांबे का कलश व्यवस्थित कर लें। ध्यान रखें कि पूजा के लिए केवल साबुत (बिना टूटे) चावल का ही प्रयोग करें। इसके अतिरिक्त, तुलसी के पत्ते एक दिन पूर्व (दशमी) के ही रखे होने चाहिए।

कामिका एकादशी की संपूर्ण पूजा विधि

प्रातः स्नान व संकल्प: एकादशी के दिन सूर्योदय से पूर्व उठकर स्नान करें और संभव हो तो पीले रंग के वस्त्र धारण करें। हाथ में जल, पुष्प और अक्षत लेकर व्रत का संकल्प लें।

प्रतिमा स्थापना: पूजा स्थल को स्वच्छ करके लकड़ी की चौकी पर पीला कपड़ा बिछाएं और भगवान विष्णु की मूर्ति स्थापित करें।

अभिषेक व श्रृंगार: प्रभु को पंचामृत एवं गंगाजल से स्नान कराएं, वस्त्र पहनाएं और फिर पीले चंदन व रोली से तिलक लगाएं। तत्पश्चात पीले पुष्प, धूप, दीप और फल अर्पित करें।

भोग व आरती: भगवान को अर्पित किए जाने वाले पंचामृत और मिष्ठान में तुलसी पत्र अवश्य शामिल करें, क्योंकि इसके बिना श्री हरि भोग स्वीकार नहीं करते। अंत में घी का दीपक जलाकर कामिका एकादशी की कथा सुनें और आरती उतारें।

सिद्धिदायक मंत्र एवं तुलसी अर्पण नियम

पूजा के दौरान ‘ॐ नमो भगवते वासुदेवाय’ मंत्र का निरंतर जाप करें। इसके साथ ही महाविष्णु ध्यान मंत्र का पाठ करें:

शान्ताकारं भुजगशयनं पद्मनाभं सुरेशं विश्वाधारं गगनसदृशं मेघवर्णं शुभाङ्गम्।

लक्ष्मीकान्तं कमलनयनं योगिभिर्ध्यानगम्यम् वन्दे विष्णुं भवभयहरं सर्वलोकैकनाथम्॥

तुलसी पत्र अर्पित करते समय इस मंत्र का उच्चारण करें:

तुलसि श्रीर्महालक्ष्मीर्विद्याविद्या यशस्विनी। धर्म्या धर्मानना देवी देवीदेवमनःप्रिया॥

तुलसी पूजन का विशेष नियम: एकादशी तिथि के दिन तुलसी के पत्ते तोड़ना सख्त वर्जित होता है। इसलिए पूजा के लिए तुलसी दल एक दिन पूर्व यानी दशमी तिथि को ही तोड़कर सुरक्षित रख लेना चाहिए।

व्रत के नियम और पारण की सही विधि

आहार पर नियंत्रण: एकादशी के दिन चावल, लहसुन, प्याज और किसी भी प्रकार के तामसिक भोजन का सेवन न करें। व्रती केवल दूध, फल और फलाहार पर ही रहें।

रात्रि जागरण: एकादशी की रात भगवान विष्णु के नाम का भजन-कीर्तन या विष्णु सहस्रनाम का पाठ करना अत्यंत पुण्यदायी माना गया है।

पारण विधि: व्रत का पारण अगले दिन यानी द्वादशी तिथि को सूर्योदय के बाद शुभ मुहूर्त में करें। स्वयं पारण करने से पहले किसी ब्राह्मण या जरूरतमंद व्यक्ति को भोजन कराएं अथवा दान-दक्षिणा दें।

 

सनातन के अपमान पर छत्तीसगढ़ सरकार सख्त: पन्नालाल गिरफ्तार, सीएम बोले- 'बख्शे नहीं जाएंगे आरोपी'

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 रायपुर। सनातन धर्म और भगवान शिव को लेकर की गई कथित अभद्र टिप्पणी के मामले में छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कड़ा रुख अपनाया है। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया है कि धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने वाले किसी भी तरह के बयान या टिप्पणी को किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और ऐसे मामलों में कानून के तहत सख्त कार्रवाई होगी।


मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि पन्नालाल द्वारा सनातन धर्म के आराध्य भगवान शिव और शिवलिंग को लेकर बेहद आपत्तिजनक टिप्पणी की गई थी। इस मामले में शिकायत मिलते ही पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए एफआईआर दर्ज कर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। अब प्रकरण में कानून के अनुसार आगे की जांच और वैधानिक कार्रवाई की जा रही है।

धार्मिक संगठनों में था आक्रोश

उल्लेखनीय है कि भगवान शिव और शिवलिंग पर की गई टिप्पणी के बाद मामला गरमा गया था। टिप्पणी से विभिन्न धार्मिक संगठनों और समाज के लोगों में भारी नाराजगी देखने को मिली, जिसके बाद पुलिस में औपचारिक शिकायत दर्ज कराकर सख्त कार्रवाई की मांग की गई थी। मुख्यमंत्री के बयान के बाद यह साफ हो गया है कि राज्य सरकार धार्मिक आस्था और देवी-देवताओं के अपमान को लेकर बेहद गंभीर है।

" शिवालय नगरी आरंग" पर बना गीत सोशल मीडिया में वायरल, कलाकारों की हो रही सराहना

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 आरंग। शिवालयों और प्राचीन मंदिरों के लिए प्रसिद्ध नगरी आरंग के गौरव को समर्पित गीत इन दिनों सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा है। इस गीत की परिकल्पना पीपला फाउंडेशन के संयोजक महेन्द्र पटेल ने की है। गीत को छत्तीसगढ़ के सुप्रसिद्ध गायक विवेक शर्मा और आरंग अंचल के लोकप्रिय गायक गंगा साहू ने अपनी आवाज दी है।


गीत के बोल कांशी जैइसे नगरी मोर आरिंग दीपक सारथी ने लिखे हैं, जबकि संगीत देवेंद्र साहू का है। वीडियो की कैमरा और एडिटिंग विरु साहू ने की है। कोरियोग्राफी मास्टर उत्तम साहू की रही और रिकॉर्डिंग आरंग स्थित महामाया स्टूडियो में की गई।गीत में आरंग के प्राचीन शिवालयों और शिवलिंगों को खूबसूरती से दर्शाया गया है।



कलाकारों की इस पहल का उद्देश्य नगर के गौरवशाली इतिहास और धार्मिक पहचान को जन-जन तक पहुंचाना है।सोशल मीडिया पर रिलीज होते ही गीत को दर्शकों का भरपूर प्यार मिल रहा है।

कई सामाजिक संगठनों और नगरवासियों ने शिवालयों पर आधारित इस गीत की मुक्त कंठ से सराहना की है। लोगों का कहना है कि ऐसे प्रयासों से नई पीढ़ी को अपनी संस्कृति और विरासत से जुड़ने का अवसर मिलेगा।

चरौदा में मना "ग्रीन डे", बच्चों में दिखा गजब उत्साह, ग्रीन फैशन शो रहा आकर्षण का केंद्र

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 आरंग। पर्यावरण संरक्षण और "हरियर छत्तीसगढ़" का संदेश देने शनिवार को शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला चरौदा में "ग्रीन डे" बड़े धूमधाम और उत्साह के साथ मनाया गया। कार्यक्रम में बच्चों के साथ-साथ शिक्षक-शिक्षिकाओं ने भी बढ़-चढ़कर सहभागिता निभाई।


कार्यक्रम के मुख्य अतिथि राष्ट्रीय किसान नेता पारसनाथ साहू रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता संस्था प्रधान के.के. परमाल ने की। विशिष्ट अतिथि के रूप में सुप्रसिद्ध कवि प्रहलाद विशाल वैष्णव, ग्राम पंचायत के पंच प्रेमलाल साहू और कन्हैया धीवर उपस्थित रहे।


कार्यक्रम का शुभारंभ राजकीय गीत गायन से हुआ। इसके पश्चात बच्चों ने पर्यावरण संरक्षण पर आधारित नारा, गीत और फूल-पत्तों की प्रदर्शनी प्रतियोगिता में उत्साहपूर्वक भाग लिया।

कार्यक्रम का सबसे बड़ा आकर्षण "हरा परिधान में फैशन शो" रहा। हरे रंग की वेशभूषा में सजे बच्चों और शिक्षकों ने मंच पर उत्साह के साथ कैटवॉक कर बच्चों से खूब तालियां बटोरीं।प्रतियोगिताओं में प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले प्रतिभागियों को अतिथियों द्वारा कापी ,पेन देकर सम्मानित किया गया। मुख्य अतिथि पारसनाथ साहू ने सभी प्रतिभागियों को नगद 500 रूपए ,कवि प्रहलाद विशाल वैष्णव ने पेन तथा पंच प्रेमलाल साहू ने सभी बच्चों को चॉकलेट वितरित कर प्रोत्साहित किया।

कार्यक्रम का सफल संचालन नवाचारी शिक्षक महेन्द्र कुमार पटेल ने किया। इस अवसर पर पारसनाथ साहू ने कहा कि ऐसे आयोजन से बच्चों में प्रकृति प्रेम और पर्यावरण के प्रति जिम्मेदारी की भावना विकसित होती है। उन्होंने सभी से अपील की कि प्रत्येक व्यक्ति कम से कम एक पेड़ अवश्य लगाए।इस अवसर पर संस्था प्रधान के.के. परमाल, वरिष्ठ शिक्षक महेन्द्र कुमार पटेल, सूर्यकांत चंद्राकर, दीनदयाल धीवर, डिलेश्वर प्रसाद साहू, सुशील कुमार आवडे, जितेन्द्र यदु, शिक्षिका संगीता पाटले, पायल शुक्ला सहित बड़ी संख्या में विद्यार्थी उपस्थित थे। सभी ने इस आयोजन की मुक्त कंठ से सराहना की।

नाबालिग से हैवानियत: रात में घर में घुसा आरोपी, कोर्ट ने सुनाई 5 साल की सजा

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 कोरबा। छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले में नाबालिग पीड़िता को रात में घर से उठाकर ले जाने और दुष्कर्म करने के मामले में अदालत ने आरोपी को दोषी ठहराया है। अपर सत्र न्यायाधीश (फास्ट ट्रैक कोर्ट) सीमा प्रताप चंद्रा की अदालत ने आरोपी जगदीश साहनी उर्फ टिल्ली (19) को बीएनएस (BNS) और पॉक्सो (POCSO) एक्ट की विभिन्न धाराओं के तहत सजा सुनाई है। मामले में शासन की ओर से विशेष लोक अभियोजक सुनील कुमार मिश्रा ने पैरवी की।


रात 3 बजे घर में घुसा था आरोपी

अभियोजन पक्ष के अनुसार, घटना बालको थाना क्षेत्र की है। 10 अगस्त 2025 की रात पीड़िता अपने माता-पिता और भाई के साथ घर में सो रही थी। रात करीब 3 बजे आरोपी जगदीश साहनी चुपके से घर में घुसा और पीड़िता के साथ मारपीट करने लगा। जब पीड़िता ने विरोध करते हुए मदद के लिए आवाज लगाई, तो आरोपी ने उसका गला दबा दिया, जिससे वह बेहोश हो गई।

होश आया तो डैम के पास थी पीड़िता

आरोपी बेहोशी की हालत में पीड़िता को उठाकर घर के पीछे स्थित डैम के पास ले गया। जब पीड़िता को होश आया, तो आरोपी ने उसके साथ जबरदस्ती की। पीड़िता ने भागने का प्रयास किया, लेकिन आरोपी ने उसे पकड़कर जमीन पर घसीटा और मारपीट की, जिससे उसके चेहरे, आंख, कान और पैरों में गंभीर चोटें आईं। सुबह होने पर आरोपी पीड़िता को वहीं छोड़कर फरार हो गया। पीड़िता किसी तरह अपने घर पहुंची और परिजनों को पूरी घटना की जानकारी दी।

पुलिस ने दर्ज की थी एफआईआर

परिजनों को जानकारी मिलने के बाद पीड़िता ने बालकोनगर थाना में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने बीएनएस (BNS) की विभिन्न धाराओं के साथ पॉक्सो एक्ट के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की। विवेचना पूरी होने के बाद आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायालय में चालान पेश किया गया।

न्यायालय ने सुनाई सजा और जुर्माना

सुनवाई के दौरान प्रस्तुत साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर अदालत ने आरोपी को दोषी माना।

धारावार सजा: न्यायालय ने बीएनएस (BNS) की धारा 137(2), 74, 76, 64(1) और पॉक्सो एक्ट की धारा 8 के तहत पांच-पांच वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाई। इसके अलावा धारा 331(2) बीएनएस के तहत 3 वर्ष तथा धारा 115(2) के तहत 1 वर्ष के कारावास की सजा दी गई।

अर्थदंड: अदालत ने सभी धाराओं में 500-500 रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। अर्थदंड जमा न करने पर आरोपी को अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। अदालत के आदेशानुसार सभी सजाएं एक साथ चलेंगी।

CG NEWS : शादी से इनकार पर युवती की आपत्तिजनक तस्वीरें वायरल करने वाला प्रेमी गिरफ्तार

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 तखतपुर (बिलासपुर) : शादी का प्रस्ताव ठुकराने से नाराज युवक द्वारा अपनी पूर्व प्रेमिका की निजी तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल करने का गंभीर मामला सामने आया है। पीड़िता की शिकायत पर कार्रवाई करते हुए तखतपुर थाना पुलिस ने आरोपी को कर्नाटक के बेंगलुरु से गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहाँ से उसे जेल भेज दिया गया है।


वीडियो कॉल का किया दुरुपयोग

पुलिस के अनुसार, आरोपी सुनील चतुर्वेदी का युवती के साथ प्रेम संबंध था। हाल ही में जब युवती ने शादी करने से इनकार कर दिया, तो आरोपी ने रंजिश रखते हुए पूर्व में वीडियो कॉल के दौरान ली गई आपत्तिजनक तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म इंस्टाग्राम पर अपलोड कर दिए। घटना के बाद आरोपी फरार हो गया था।

साइबर सेल की मदद से मिली लोकेशन

तस्वीरें वायरल होने के बाद पीड़िता ने तखतपुर थाने में मामले की रिपोर्ट दर्ज कराई। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ आईटी एक्ट (IT Act) के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की। थाना प्रभारी अवनीश पासवान के नेतृत्व में गठित तीन सदस्यीय पुलिस टीम ने साइबर सेल की मदद से आरोपी की लोकेशन ट्रैक की, जो कर्नाटक के बेंगलुरु में मिली।

न्यायिक रिमांड पर भेजा गया जेल

पुलिस टीम ने बेंगलुरु में दबिश देकर आरोपी सुनील चतुर्वेदी को हिरासत में लिया और तखतपुर लाया। आरोपी को स्थानीय अदालत में पेश किया गया, जहाँ से न्यायालय के आदेश पर उसे न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है। पुलिस मामले की आगे की कानूनी कार्रवाई कर रही है।

स्कूल परिसर में शराब पार्टी का वीडियो वायरल, 5 शिक्षकों समेत 6 कर्मचारियों को नोटिस

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 सक्ती। मालखरौदा ब्लॉक स्थित शासकीय हायर सेकेंडरी स्कूल किरारी में परिसर के भीतर शिक्षकों और कर्मचारी द्वारा कथित रूप से शराब पीने का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। मामला उजागर होते ही शिक्षा विभाग में हड़कंप मच गया है, जिसके बाद विभाग ने त्वरित कार्रवाई करते हुए संबंधित कर्मचारियों को कारण बताओ नोटिस जारी किया है।


प्राप्त जानकारी के अनुसार, वायरल वीडियो में स्कूल परिसर के अंदर पांच शिक्षक और एक स्वीपर आपस में बैठकर शराब का सेवन करते दिखाई दे रहे हैं। वीडियो सार्वजनिक होने के बाद जिला शिक्षा अधिकारी (DEO) ने मामले को गंभीरता से लेते हुए प्रारंभिक जांच शुरू करा दी है।


3 दिनों के भीतर मांगा जवाब

जिला शिक्षा अधिकारी ने वीडियो में नजर आ रहे सभी छह कर्मचारियों को नोटिस जारी कर घटना के संबंध में तीन दिनों के भीतर लिखित स्पष्टीकरण प्रस्तुत करने का निर्देश दिया है।

दोषी पाए जाने पर होगी कड़ी कार्रवाई

शिक्षा विभाग के अधिकारियों के अनुसार, कर्मचारियों के जवाब और उपलब्ध साक्ष्यों (वीडियो) का परीक्षण करने के बाद आगे की अनुशासनात्मक कार्रवाई तय की जाएगी। यदि जांच में आरोप सिद्ध होते हैं, तो नियम के तहत संबंधित कर्मचारियों के खिलाफ निलंबन जैसी सख्त कार्रवाई की जा सकती है।

फिलहाल विभाग द्वारा वायरल वीडियो की सत्यता और घटना से जुड़े अन्य तथ्यों की पड़ताल की जा रही है। विद्या के मंदिर में इस तरह की घटना सामने आने से क्षेत्र के ग्रामीणों और अभिभावकों में भारी नाराजगी है।

"हर घर तिरंगा" और "तिरंगा यात्रा" अभियान राष्ट्र निर्माताओं के योगदान के प्रति कृतज्ञता प्रकट करने का भव्य माध्यम बनेगा : अरुण साव

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 रायपुर। छत्तीसगढ़ के उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने कहा है कि भारतीय जनता पार्टी का "हर घर तिरंगा" और "तिरंगा यात्रा" अभियान देशभक्ति की लहर जगाने, सामाजिक समरसता को मजबूत करने और स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों व राष्ट्र निर्माताओं के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने का एक भव्य और ऐतिहासिक माध्यम बनेगा।  साव ने शुक्रवार को यहाँ एकात्म परिसर स्थित भाजपा कार्यालय में आहूत महती पत्रकार वार्ता को सम्बोधित करते हुए प्रदेशभर में आयोजित होने वाले 'हर घर तिरंगा' अभियान और 'तिरंगा यात्रा' की रूपरेखा साझा की।


प्रदेश के उप मुख्यमंत्री  साव ने कहा कि बस्तर के वे नक्सल प्रभावित दुर्गम क्षेत्र, जहाँ अब तक राष्ट्रीय ध्वज नहीं फहराया जा सका था, वहाँ इस वर्ष 15 अगस्त को तिरंगा लहराएगा। यह पूरे छत्तीसगढ़ के लिए अत्यंत गर्व का विषय है। श्री साव ने कहा कि वर्ष 2022 से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आह्वान पर 'हर घर तिरंगा' अभियान चलाया जा रहा है। इसका मूल उद्देश्य देश की युवा पीढ़ी को राष्ट्रभक्ति से जोड़ना, संवैधानिक कर्तव्यों के प्रति जागरूक करना, सामाजिक समरसता तथा 'एक भारत श्रेष्ठ भारत' की भावना को सुदृढ़ करना है। इस दौरान प्रदेश की सभी 450 से अधिक भाजपा मण्डल इकाइयों, बड़े गाँवों, ग्राम पंचायतों, नगरीय निकायों और विकासखण्ड मुख्यालयों में जन-जागरण हेतु तिरंगा यात्राएँ निकाली जाएंगीं।

साव ने बताया कि अभियान को सफल बनाने के लिए नगरीय निकायों, जिला पंचायतों और पार्टी पदाधिकारियों की वर्चुअल बैठक संपन्न हो चुकी है, साथ ही रायपुर शहर एवं ग्रामीण जिलों की बैठकें भी आयोजित की जा चुकी हैं। आगामी 10 अगस्त को राजधानी के मरीन ड्राइव से तिरंगा यात्रा का ऐतिहासिक शुभारम्भ सुबह 10 बजे होगा। इस यात्रा में मुख्यमंत्री, मंत्रीगण, सांसद, विधायक, स्कूल-कॉलेज के विद्यार्थी, एनसीसी कैडेट्स, स्काउट्स, पूर्व सैनिक, खिलाड़ी, स्वयंसेवी संस्थाएँ, धर्माचार्य और विभिन्न समाजों के विशिष्ट जन शामिल होंगे। यात्रा को यादगार बनाने के लिए लोग पारंपरिक वेशभूषा, वाद्य यंत्रों, घोड़ों और सवारियों के साथ शामिल होंगे।

प्रदेश के उप मुख्यमंत्री साव ने सोशल मीडिया पर 'डिजिटल तिरंगा' अभियान की जानकारी देते हुए नागरिकों से अपील की है कि वे हर घर, दुकान, संस्थान और कार्यालय पर तिरंगा लहराएँ तथा अपनी फोटो व वीडियो सोशल मीडिया पर अपलोड करें। इससे पूरी दुनिया में यह संदेश जाएगा कि भारत अपनी आजादी का पर्व कितने गौरव और उल्लास के साथ मना रहा है! श्री साव ने कहा कि एक लम्बे संघर्ष, त्याग और बलिदान के बाद हमें आजादी मिली है। राष्ट्र निर्माताओं के योगदान के प्रति कृतज्ञता प्रकट करने का इससे बड़ा कोई माध्यम नहीं हो सकता। श्री साव ने प्रदेश के सभी वर्गों, संस्थाओं और नागरिकों से आग्रह किया कि वे 'हर घर तिरंगा' अभियान और 'तिरंगा यात्रा' में बढ़-चढ़कर हिस्सा लें और राष्ट्र व संविधान के प्रति अपना सम्मान प्रकट करें।

बस्तर के 'कुख्यात' स्थल अब बनेंगे 'विख्यात' : उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा

प्रदेश के उप मुख्यमंत्री/गृह मंत्री विजय शर्मा ने पत्रकार वार्ता को संबोधित करते हुए 15 अगस्त के अवसर पर समूचे बस्तर सम्भाग में आयोजित होने वाली ऐतिहासिक 'तिरंगा रैली' और संगठन की कार्ययोजना की विस्तृत जानकारी दी। श्री शर्मा ने कहा कि देश में राष्ट्रीय पर्वों के आगमन के साथ ही हर नागरिक के मन में देशभक्ति का भाव जागृत होता है और इसी राष्ट्रीयता के भाव को जन-जन तक पहुँचाने के लिए इस बार सम्पूर्ण बस्तर में एक अभूतपूर्व अभियान चलाया जा रहा है।

उप मुख्यमंत्री शर्मा ने बताया कि वर्तमान सरकार के गठन के बाद से सन 2024 से 2026 तक स्वाधीनता दिवस व गणतंत्र दिवस के पाँच आयोजनों में बस्तर के उन दूरस्थ गाँवों में तिरंगा लहराया गया, जहाँ आजादी के बाद से कभी राष्ट्रध्वज नहीं लहराया था। इस वर्ष बीजापुर जिला के 33 गाँवों, सुकमा जिला के 50 गाँवों और नारायणपुर के 9 गाँवों में पहली बार तिरंगा लहराएगा। श्री शर्मा ने स्पष्ट किया कि बस्तर के जो क्षेत्र पूर्व में नक्सली हिंसा और बड़ी घटनाओं के कारण 'कुख्यात' हो गए थे, अब उन्हें विकास और राष्ट्रीय धारा से जोड़कर 'विख्यात' बनाने का प्रयास किया जा रहा है। पूवर्ती, सिलगेर, दरभा जैसे संवेदनशील और दुर्गम क्षेत्रों को इस तिरंगा यात्रा के माध्यम से आपस में जोड़ा जाएगा। इस अभियान में बाइक रैली और युवाओं की भागीदारी की चर्चा करते हुए श्री शर्मा ने कहा कि भाजपा एवं भारतीय जनता युवा मोर्चा के कार्यकर्ता, आम नागरिक और स्थानीय युवा मिलकर पूरे बस्तर में भव्य बाइक रैली निकालेंगे। इसमें स्थानीय निवासियों के साथ-साथ बस्तर के गौरव और स्वाभिमान से जुड़ने वाले सभी वर्ग के लोग भाग लेंगे।

उप मुख्यमंत्री शर्मा ने भाजयुमो द्वारा शहीदों के परिजनों को सम्मान और तिरंगा भेंट करने के कार्यक्रम की चर्चा करते हुए कहा कि 31 मार्च, 2026 तक बस्तर में चले नक्सल उन्मूलन अभियान व शांति स्थापना के इस पूरे उपक्रम में जिन वीर जवानों ने अपना सर्वोच्च बलिदान दिया है, उनके घरों पर जाकर युवा मोर्चा व पार्टी कार्यकर्ता तिरंगा भेंट कर रहे हैं और शहीद परिवारों से आत्मीय मुलाकात कर उनका आभार व्यक्त कर रहे हैं। नक्सली हिंसा से प्रभावित परिवारों के घरों तक भी पहुँचने का हमारा कार्यक्रम तय है। श्री शर्मा ने जानकारी दी कि इस 15 अगस्त के अवसर पर बस्तर संभाग में 500 से अधिक स्थानों, जिनमें स्कूल, प्रमुख चौराहे और सामुदायिक भवन शामिल हैं, का नामकरण देश व प्रदेश के अमर शहीदों के नाम पर किया जाएगा। श्री शर्मा ने जोर देकर कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के दिशा-निर्देशों और मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में बस्तर में नक्सलवाद के खात्मे की दिशा में ऐतिहासिक काम हुआ है। पूर्व में जो असामाजिक व राष्ट्रविरोधी संगठन भारत के संविधान को मानने से इंकार करते थे, उनका प्रभाव अब समाप्त हो चुका है। इस बार 15 अगस्त को समूचे बस्तर संभाग के हर एक गाँव में भारत का संविधान पूर्णतः लागू होगा और तिरंगा शान से लहराएगा।

पत्रकार वार्ता में भाजपा प्रदेश महामंत्री तिरंगा अभियान के प्रदेश प्रभारी यशवंत जैन, प्रदेश महामंत्री डॉ. नवीन मार्कण्डेय, प्रदेश मंत्री अमित साहू, प्रदेश मीडिया संयोजक हेमंत पाणिग्रही, जिला महामंत्री अमित मैशेरी, प्रदेश मीडिया सह संयोजक गोविन्दा गुप्ता, जिला मीडिया प्रभारी रोहित द्विवेदी मौजूद थे।

योजना, आर्थिक एवं सांख्यिकी विभाग और आईआईएम रायपुर के बीच एमओयू

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 सुनील त्रिपाठी सहायक (संचालक जनसंपर्क)

रायपुर : योजना, आर्थिक एवं सांख्यिकी विभाग, राज्य नीति आयोग, छत्तीसगढ़ शासन एवं भारतीय प्रबंधन संस्थान रायपुर (IIM Raipur) के बीच एक महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए गए। इसका उद्देश्य सुशासन, प्रभावी नीति निर्माण, संस्थागत क्षमता विकास, साक्ष्य-आधारित निर्णय, अनुसंधान तथा सतत विकास के क्षेत्रों में अकादमिक एवं व्यावसायिक सहयोग को मजबूत करना है।


योजना, आर्थिक एवं सांख्यिकी विभाग, राज्य नीति आयोग की ओर से सचिव  भुवनेश यादव एवं आईआईएम रायपुर की ओर से निदेशक-प्रभारी प्रो. संजीव पराशर ने एमओयू पर हस्ताक्षर किए। समझौते के तहत प्रशिक्षण, क्षमता निर्माण, नीति अनुसंधान, परामर्श, डेटा एनालिटिक्स, शोध एवं दस्तावेजीकरण सहित विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग किया जाएगा।

प्रशिक्षण एवं क्षमता निर्माण पर जोर

एमओयू के अंतर्गत शासकीय अधिकारियों के लिए नेतृत्व विकास, मिड-कैरियर एग्जीक्यूटिव एवं कस्टमाइज्ड मैनेजमेंट डेवलपमेंट प्रोग्राम आयोजित किए जा सकेंगे। इकोनोमेट्रिक्स, रिसर्च मेथडोलॉजी, डेटा एनालिटिक्स, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, पब्लिक पॉलिसी, नेतृत्व एवं प्रबंधकीय कौशल जैसे क्षेत्रों में भी प्रशिक्षण दिए जाएंगे।

नीति अनुसंधान और डेटा आधारित निर्णय को बढ़ावा

दोनों संस्थान नीति अनुसंधान, प्रभाव आकलन, मॉनिटरिंग एवं मूल्यांकन, बेंचमार्किंग, संस्थागत सुदृढ़ीकरण, रणनीतिक परामर्श और डेटा आधारित निर्णय सहयोग के क्षेत्र में संयुक्त रूप से कार्य करेंगे। छत्तीसगढ़ की विकास प्राथमिकताओं से जुड़े शोध, केस स्टडी, पॉलिसी ब्रीफ एवं शोध रिपोर्ट भी तैयार की जा सकेंगी।

लाइव एनालिटिक्स प्रोजेक्ट और विद्यार्थियों की सहभागिता

आईआईएम रायपुर के फैकल्टी एवं विद्यार्थियों द्वारा डेटा एनालिटिक्स आधारित लाइव प्रोजेक्ट, डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन, गवर्नेंस इनोवेशन एवं एप्लाइड रिसर्च किए जा सकेंगे। विद्यार्थियों को समर इंटर्नशिप, फील्ड इमर्शन, लाइव कंसल्टिंग, एक्शन रिसर्च एवं कैपस्टोन प्रोजेक्ट के माध्यम से शासकीय योजनाओं और विकास कार्यक्रमों के साथ व्यावहारिक अनुभव प्राप्त होगा।

ज्ञान एवं विशेषज्ञता का होगा आदान-प्रदान

एमओयू के तहत संयुक्त कॉन्फ्रेंस, सेमिनार, पॉलिसी डायलॉग, स्टेकहोल्डर कंसल्टेशन एवं राउंडटेबल आयोजित किए जाएंगे। आईआईएम रायपुर के विशेषज्ञों, शासकीय अधिकारियों एवं विषय विशेषज्ञों की प्रशिक्षण, शोध एवं परामर्श गतिविधियों में सहभागिता होगी। लागू नियमों के अधीन अकादमिक संसाधन, शोध प्रकाशन, डेटाबेस, गैर-गोपनीय डेटा एवं तकनीकी विशेषज्ञता भी साझा की जा सकेगी।

यह समझौता छत्तीसगढ़ में नीति निर्माण एवं शासन व्यवस्था को अधिक डेटा-आधारित, शोधपरक और परिणामोन्मुख बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है। आईआईएम रायपुर की अकादमिक विशेषज्ञता और राज्य नीति आयोग एवं योजना, आर्थिक एवं सांख्यिकी विभाग की नीतिगत समझ के समन्वय से राज्य की विकास प्राथमिकताओं पर अनुसंधान, नवाचार एवं प्रभावी नीति सहयोग को नई गति मिलने की उम्मीद है।

छत्तीसगढ़ में अब तक औसतन 606.4 मिमी बारिश दर्ज, सामान्य का 99% कोटा पूरा

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 रायपुर : छत्तीसगढ़ में इस वर्ष मानसून की स्थिति कुल मिलाकर संतोषजनक बनी हुई है। राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग द्वारा जारी राज्यस्तरीय आंकड़ों के अनुसार 1 जून से 7 अगस्त 2026 तक प्रदेश में औसतन 606.4 मिलीमीटर वर्षा दर्ज की जा चुकी है, जो कि सामान्य औसत वर्षा (612.8 मिमी) का लगभग 99 प्रतिशत है। राज्य में आज औसतन 10.9 मिमी बारिश दर्ज की गई।


आंकड़ों के विश्लेषण से स्पष्ट है कि राज्य के विभिन्न संभागों और जिलों में वर्षा का वितरण काफी असमान रहा है। जहां मैदानी व मध्य छत्तीसगढ़ के जिलों में मानसूनी बादल जमकर बरसे हैं, वहीं उत्तरी छत्तीसगढ़ (सरगुजा संभाग) में औसत से काफी कम बारिश हुई है।

संभागजिलाकुल वर्षा (मिमी)सामान्य का %
रायपुरमहासमुंद771.9139.4%
 गरियाबंद731.8125.5%
 बलौदाबाज़ार701.8122.8%
 रायपुर648.7126.8%
 धमतरी651.4110.5%
बिलासपुरसारंगढ़-बिलाईगढ़ (सर्वाधिक)872.8187.8%
 जांजगीर-चांपा798.1126.0%
 सक्ती668.8119.4%
 बिलासपुर635.4108.5%
 कोरबा618.993.4%
 रायगढ़602.993.8%
 मुंगेली584.8107.1%
 गौरेला-पेन्ड्र-मरवाही577.498.6%
दुर्गबालोद686.9117.6%
 मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी530.973.3%
 राजनांदगांव517.497.5%
 दुर्ग504.6108.4%
 खैरागढ़-छुईखदान-गंडई418.094.8%
 कबीरधाम377.581.5%
 बेमेतरा354.977.5%
बस्तरनारायणपुर1008.7134.9%
 बीजापुर780.470.5%
 दंतेवाड़ा758.992.6%
 कोंडागांव598.687.4%
 सुकमा576.968.1%
 कांकेर572.969.9%
 बस्तर564.474.6%
सरगुजाबलरामपुर577.7119.0%
 सूरजपुर556.389.0%
 कोरिया515.093.3%
 मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर505.693.5%
 जशपुर437.671.0%
 सरगुजा (सबसे कम)304.565.6%

सड़क हादसे के बाद उपद्रव: बस और पुलिस जीप समेत 5 गाड़ियाँ फूंकीं, 10 किमी लंबा जाम

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 पटना : बिहार की राजधानी पटना के अगमकुआं थाना क्षेत्र अंतर्गत बड़ी पहाड़ी (ज़ीरो माइल) इलाके में एक दर्दनाक सड़क हादसे के बाद भारी बवाल हो गया। एक तेज रफ्तार अनियंत्रित बस ने स्थानीय युवक को कुचल दिया, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। घटना से आक्रोशित स्थानीय लोगों और असामाजिक तत्वों ने जमकर उपद्रव मचाया।


प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, घटना के तुरंत बाद उग्र भीड़ ने दुर्घटनाकारित बस को आग के हवाले कर दिया। सूचना पाकर मौके पर पहुंची पुलिस टीम पर भी भीड़ ने पथराव शुरू कर दिया। इस दौरान असामाजिक तत्वों ने पुलिस की तीन जीपों और आसपास खड़ी अन्य गाड़ियों समेत कुल पांच से अधिक वाहनों को आग के हवाले कर दिया। कवरेज करने पहुंचे मीडियाकर्मियों और स्थिति पर काबू पाने आई पुलिस पर जमकर पत्थरबाजी की गई।

दमकल गाड़ियों को पहुंचने में हुई मशक्कत

आगजनी की सूचना मिलने के बाद मौके पर भेजी गईं दमकल की गाड़ियों को भी उग्र प्रदर्शनकारियों और भीषण सड़क जाम के कारण घटना स्थल तक पहुंचने में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। उपद्रव के कारण नेशनल हाईवे पर करीब 10 किलोमीटर तक वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। जाम में कई स्कूली बसें और एम्बुलेंस फंस गईं, जिससे स्कूली बच्चों और आम यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।

भारी पुलिस बल तैनात, स्थिति नियंत्रण में

घटना की सूचना मिलते ही पुलिस व प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी अतिरिक्त पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने तत्परता दिखाते हुए कड़ी मशक्कत के बाद भीड़ को खदेड़ा और स्थिति को नियंत्रण में लिया।

पुलिस प्रशासन के अनुसार, स्थिति फिलहाल तनावपूर्ण लेकिन पूरी तरह नियंत्रण में है। यातायात को सामान्य कराने और हाईवे से उपद्रवियों को हटाने का काम जारी है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि हादसे के कारणों की जांच की जा रही है, साथ ही हिंसा, आगजनी और पथराव में शामिल उपद्रवियों की पहचान कर उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

अर्ध-शहरी इलाकों में लगातार बढ़ रही दुर्घटनाएं

गौरतलब है कि पटना से सटे घनी आबादी वाले अर्ध-शहरी हाईवे इलाकों में सड़क हादसों के बाद अक्सर ऐसा तनाव देखने को मिलता है। इससे पूर्व गुरुवार को भी पटना के गौरीचक थाना क्षेत्र में हुए एक दर्दनाक ऑटो हादसे में मां-बेटी की मौके पर ही मौत हो गई थी।

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