Media24Media.com: नाबालिग से हैवानियत: रात में घर में घुसा आरोपी, कोर्ट ने सुनाई 5 साल की सजा

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नाबालिग से हैवानियत: रात में घर में घुसा आरोपी, कोर्ट ने सुनाई 5 साल की सजा

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 कोरबा। छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले में नाबालिग पीड़िता को रात में घर से उठाकर ले जाने और दुष्कर्म करने के मामले में अदालत ने आरोपी को दोषी ठहराया है। अपर सत्र न्यायाधीश (फास्ट ट्रैक कोर्ट) सीमा प्रताप चंद्रा की अदालत ने आरोपी जगदीश साहनी उर्फ टिल्ली (19) को बीएनएस (BNS) और पॉक्सो (POCSO) एक्ट की विभिन्न धाराओं के तहत सजा सुनाई है। मामले में शासन की ओर से विशेष लोक अभियोजक सुनील कुमार मिश्रा ने पैरवी की।


रात 3 बजे घर में घुसा था आरोपी

अभियोजन पक्ष के अनुसार, घटना बालको थाना क्षेत्र की है। 10 अगस्त 2025 की रात पीड़िता अपने माता-पिता और भाई के साथ घर में सो रही थी। रात करीब 3 बजे आरोपी जगदीश साहनी चुपके से घर में घुसा और पीड़िता के साथ मारपीट करने लगा। जब पीड़िता ने विरोध करते हुए मदद के लिए आवाज लगाई, तो आरोपी ने उसका गला दबा दिया, जिससे वह बेहोश हो गई।

होश आया तो डैम के पास थी पीड़िता

आरोपी बेहोशी की हालत में पीड़िता को उठाकर घर के पीछे स्थित डैम के पास ले गया। जब पीड़िता को होश आया, तो आरोपी ने उसके साथ जबरदस्ती की। पीड़िता ने भागने का प्रयास किया, लेकिन आरोपी ने उसे पकड़कर जमीन पर घसीटा और मारपीट की, जिससे उसके चेहरे, आंख, कान और पैरों में गंभीर चोटें आईं। सुबह होने पर आरोपी पीड़िता को वहीं छोड़कर फरार हो गया। पीड़िता किसी तरह अपने घर पहुंची और परिजनों को पूरी घटना की जानकारी दी।

पुलिस ने दर्ज की थी एफआईआर

परिजनों को जानकारी मिलने के बाद पीड़िता ने बालकोनगर थाना में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने बीएनएस (BNS) की विभिन्न धाराओं के साथ पॉक्सो एक्ट के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की। विवेचना पूरी होने के बाद आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायालय में चालान पेश किया गया।

न्यायालय ने सुनाई सजा और जुर्माना

सुनवाई के दौरान प्रस्तुत साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर अदालत ने आरोपी को दोषी माना।

धारावार सजा: न्यायालय ने बीएनएस (BNS) की धारा 137(2), 74, 76, 64(1) और पॉक्सो एक्ट की धारा 8 के तहत पांच-पांच वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाई। इसके अलावा धारा 331(2) बीएनएस के तहत 3 वर्ष तथा धारा 115(2) के तहत 1 वर्ष के कारावास की सजा दी गई।

अर्थदंड: अदालत ने सभी धाराओं में 500-500 रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। अर्थदंड जमा न करने पर आरोपी को अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। अदालत के आदेशानुसार सभी सजाएं एक साथ चलेंगी।

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