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Road accident in Chhattisgarh : तेज रफ्तार कार ने टीचर को रौंदा, मौके पर मौत

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 रायपुर : नए साल के पहले ही दुर्ग जिले में दर्दनाक सड़क हादसा हुआ है. तेज रफ्तार कार ने एक्टिवा पर सवार होकर स्कूल जा रही शिक्षिका को रौंद दिया. हादसे में शिक्षिका की मौके पर ही मौत हो गई और स्कूटी दो हिस्सों में बंट गई. वहीं आरोपी चालक कार को सड़क से उतारकर खेत में घुसा. घटना की सूचना पर पहुंची पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है. यह मामला पाटन थाना क्षेत्र का है.


जानकारी के अनुसार, पाटन क्षेत्र के ग्राम पंचायत पतोरा के आश्रित ग्राम देउरझाल में रहने वाली शिक्षिका अम्नेश्वरी कुर्रे शीतकालीन सत्र की छुट्टी समाप्त होने के बाद में आज अपने स्कूटी पर ग्राम पतोरा के स्कूल जा रही थी. तभी दुर्ग पाटन मुख्य मार्ग पर पतोरा नाला के पास तेज रफ्तार कार ने उन्हें अपनी चपेट में ले लिया.

सड़क हादसों से भरा रहा गुरुवार, मामा-भांजी समेत मां-बेटे की मौत

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छत्तीसगढ़ सड़क हादसों का गढ़ बनता जा रहा है। प्रदेश के किसी न किसी जिले से रोजाना सड़क दुर्घटना की खबर सामने आ रही है। ताजा मामला रायगढ़ और दुर्ग जिले का है, जहां हुए सड़क हादसे में मामा-भांजी और मां-बेटे की मौत हो गई है। पहला हादसा रायगढ़ के खरसिया थाना क्षेत्र में हुआ है, जहां मामा-भांजी की मौत हो गई। जबकि उनकी 10 साल की नातिन गंभीर रूप से घायल है। 

हादसा ट्रेलर की टक्कर के कारण हुआ, जिसके बाद ड्राइवर ट्रेलर छोड़कर फरार हो गया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शवों को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया है। साथ ही  घायल बच्ची को जिला अस्पताल में भर्ती कराया है, जहां उसका इलाज जारी है। 

पुलिस के मुताबिक ठुसेकेला के रहने वाले सजंय उरांव (उम्र 45) अपनी बेटी सुकमती उरांव (उम्र 21) और 10 साल की नातिन शालू उरांव को लेकर बाइक से उसके ससुराल छोड़ने के लिए जा रहे थे। इसी बीच खरसिया में नेशनल हाईवे-49 पर चपले के पास तेज रफ्तार ट्रेलर ने उनकी बाइक को टक्कर मार दी। टक्कर लगते ही तीनों सड़क पर गिर पड़े। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और तीनों को एंबुलेंस से जिला अस्पताल ले गई, जहां डॉक्टर्स ने संजय उरांव और सुकमती उरांव को मृत घोषित कर दिया। वहीं पुलिस ने ट्रेलर को जब्त कर लिया है। फिलहाल ड्राइवर की तलाश जारी है।

सड़क हादसे में मां-बेटे की मौत 

इधर, दूसरा हादसा भिलाई के खुर्सीपार थाना क्षेत्र में हुआ है, जहां डंपर की टक्कर से मां-बेटे की मौत हो गई। दोनों स्कूटी से ट्रांसपोर्ट नगर जा रहे थे। तभी सामने से आए डंपर ने उन्हें टक्कर मार दी। हादसे के बाद ड्राइवर डंपर छोड़कर भाग निकला। सूचना पर पहुंची पुलिस ने दोनों के शवों को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया है। जानकारी के मुताबिक पुरैना के डाकबंगला की रहने वाली शशिकला मिश्रा (उम्र 59) अपने बेटे अश्वनी मिश्रा (उम्र 30) को उसके काम पर छोड़ने के लिए सुबह स्कूटी से ट्रांसपोर्ट नगर जा रही थीं। 

इसी बीच डबरापारा तिराहे पर सामने से आ रहे डंपर ने उन्हें टक्कर मार दी। हादसे के बाद स्कूटी डंपर में फंसकर घिसटती चली गई। हादसा होते देख लोगों ने शोर मचाया। इसके बाद ड्राइवर डंपर छोड़कर भाग निकला। आस-पास के लोग मौके पर पहुंचे और पुलिस को सूचना दी। पुलिस जब तक पहुंची तब तक मां-बेटे दोनों दम तोड़ चुके थे। उनके पास मिले आधार कार्ड से पहचान हो सकी। इसके बाद पुलिस ने परिजनों को सूचना दी और ऑटो से दोनों के शवों को पोस्टमॉर्टम के लिए सुपेला स्थित अस्पताल भेजा। अश्वनी एक प्राइवेट कंपनी में हेल्पर का काम करता था। पुलिस ने डंपर जब्त कर लिया है। फिलहाल आरोपी की तलाश की जा रही है।

सड़क हादसों में मरने वालों की संख्या

सड़क हादसों (Road Accident in Chhattisgarh) में मौत के मामले में छत्तीसगढ़ के आंकड़ों में लगातार बढ़ोत्तरी हो रही है। आंकड़ों के मुताबिक साल 2019 में करीब 14 हजार सड़क हादसों में 4 हजार 556 लोगों ने अपनी जान गवांई है। इसमें करीब 3 हजार 200 मृतक ऐसे हैं, जो दो पहिया वाहनों में थे।

सबसे ज्यादा युवा हो रहे हादसे का शिकार

बता दें कि 40 प्रतिशत सड़क दुर्घटना फ्लाई ओवर के आस-पास होता हैं। इसके बाद सबसे ज्यादा हादसा क्रॉसिंग पर होता है, आंकड़ों के मुताबिक क्रॉसिंग पर होने वाले सड़क हादसों का प्रतिशत 30 है। इनमें सबसे ज्यादा हादसों के शिकार बाइक सवार और पैदल यात्री होते है। वहीं हादसों के शिकार होने वाले लोगों में ज्यादातर लोग युवा हैं।

सड़क हादसों से भरा रहा शनिवार, वैक्सीन लगवाने जा रहे दो छात्रों समेत सगे भाइयों की मौत

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छत्तीसगढ़ हादसों का गढ़ बनता जा रहा है। प्रदेश में किसी न किसी दुर्घटना की खबर रोजाना सामने आ रही है। ताजा कोरबा के बांगो थाना क्षेत्र का है, जहां शनिवार शाम को हुए सड़क हादसे में दो सगे भाइयों की मौत हो गई। दोनों भाई बाइक से बकरी खरीदने के लिए बाजार जा रहे थे। इसी दौरान एक क्रेन उन्हें टक्कर मारते हुए पलट गई। सूचना पर पहुंची पुलिस ने दोनों के शवों को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया है। वहीं क्रेन चालक को गिरफ्तार कर लिया गया है।  

जानकारी के मुताबिक सलोरा के रहने वाले सूरज केंवट (उम्र 26) और चांद केंवट (उम्र 24) बकरी खरीदने और बेचने का काम करते थे। दोनों शनिवार शाम को बकरियां खरीदने के लिए बाइक से बाजार जा रहे थे। इसी बीच मड़ई घाट के पास तेज रफ्तार क्रेन ने बाइक को टक्कर मार दी, जिसकी वजह से बाइक सड़क किनारे जा गिरी।

वहीं क्रेन भी तेज रफ्तार में होने के कारण ट्रक समेत पलट गई। हादसे में सूरज की मौके पर ही मौत हो गई। वहीं सूचना मिलने पर बांगो पुलिस और डायल 112 की टीम मौके पर पहुंची और चांद को अस्पताल लेकर पहुंची, लेकिन इलाज के दौरान उसने भी दम तोड़ दिया।  

वैक्सीन लगवाने जा रहे 2 छात्रों की मौत

इधर, जांजगीर के मालखरौदा थाना क्षेत्र में शनिवार दोपहर सड़क हादसे में बाइक सवार 2 छात्रों की मौत हो गई। दोनों छात्र वैक्सीन लगवाने के लिए जा रहे थे। इसी दौरान तेज रफ्तार वाहन उन्हें टक्कर मारते हुए भाग निकला। हादसे के बाद गुस्साए लोगों ने सड़क पर शव रखकर जाम कर दिया। वे मुआवजे की मांग कर रहे थे। पुलिस ने लोगों को शांत करवाकर करीब डेढ़ घंटे बाद चक्काजाम खत्म करवाया। परिवार को 25- 25 हजार रुपए की तात्कालिक सहायता दी गई है।  

पुलिस के मुताबिक बरभांठा गांव के रहने वाले लोकेश बरेठ (उम्र 15) और नीरज चौहान (उम्र 15) दोनों छपोरा के सेकेंडरी स्कूल में 10वीं छात्रा के छात्रा थे। दोनों वैक्सीन लगवाने के लिए बाइक से छपोरा के वैक्सीनेशन सेंटर जा रहे थे। इसी बीच डभरा-छपोरा मार्ग पर तेज रफ्तार वाहन उन्हें टक्कर मारते हुए भाग निकला। 

टक्कर इतनी जोरदार थी कि दोनों बाइक से गिरकर सड़क पर 30 मीटर दूर तक घिसटते चले गए। हादसे में दोनों बच्चों के सिर पर चोट लगी। जबकि एक बच्चे का पैर टूट गया और उनकी मौके पर ही मौत हो गई। इसके बाद हंगामा शुरू हो गया। सूचना मिलने पर पुलिस के साथ परिजन भी मौके पर पहुंचे और शव को सड़क पर रखकर जाम लगा दिया। इसके चलते करीब डेढ़ घंटे तक आवागमन बाधित रहा।

ट्रेलर की टक्कर से बुजुर्ग महिला की मौत

वहीं कोरबा के उरगा थाना क्षेत्र में एक ट्रेलर ने बुजुर्ग महिला को टक्कर मार दी, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। महिला पैदल ही रास्ते में जा रही थी, तभी पीछे से आ रही ट्रेलर ने टक्कर मार दी। इससे वो सिर के बल जमीन पर गिर कर घायल हो गई थी, जिसकी कुछ ही मिनटों में मौत हो गई। 

नवापारा की रहने वाली बुजुर्ग महिला कोरबा चांपा मार्ग से पैदल ही सुबह जा रही थी। इस बीच कोथरी के पास पीछे से आ रही ट्रेलर ने गाड़ी ने टक्कर मार दी। इससे वो वहीं गिर गई। जानकारी के मुताबिक महिला के सिर और शरीर से काफी खून बह गया था, जिसके कारण उसकी जान चली गई।

महिला को टक्कर मारकर ट्रेलर चालक गाड़ी लेकर भाग निकला। हादसे के बाद आस-पास के लोग मौके पर पहुंच गए और कोरबा-चांपा मार्ग पर चक्काजाम कर दिया। इससे करीब एक घंटे तक रास्ता बंद रहा। इस दौरान आने-जाने वाले लोग परेशान होते रहे। गुस्साए लोग मुआवजे की मांग कर रह थे। वहीं घटना के बाद मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को बरामद कर पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया है। इधर, पुलिस ने ग्रामीणों को समझाइश दी और शांत कराया, जिसके बाद वे माने और फिर शांत होकर घर लौट गए। फिलहाल पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। 

पिकअप पलटने से 2 महिला मजदूरों की मौत

छत्तीसगढ़-तेलांगना बॉर्डर पर शनिवार सुबह मजदूरों से भरी पिकअप पलटने से 2 महिलाओं की मौत हो गई। जबकि 18 से ज्यादा लोग घायल हो गए। घायलों को तेलंगाना के एटूलनगम अस्पताल ले जाया गया, जहां प्राथमिक इलाज के बाद गंभीर रूप से घायल करीब 16 ग्रामीणों को वारंगल के अस्पताल रेफर किया गया है। बताया जा रहा है कि ये सभी मजदूर पलायन कर तेलंगाना के वारंगल जिले में मिर्ची तोड़ने जा रहे थे। 

बताया जा रहा है कि बीजापुर जिले के पापनपाल, मिड़ते समेत अन्य अंदरूनी गांव के 20 से ज्यादा ग्रामीण पिकअप से तेलंगाना जाने के लिए शुक्रवार की रात निकले थे। इस बीच पेरूर के पास पिकअप अनियंत्रित होकर बीच सड़क में ही पलट गई। इस हादसे में पिकअप में सवार कई ग्रामीण काफी दूर तक गिर गए तो कई पिकअप के नीचे ही दब गए थे। हादसे में एक महिला लक्ष्मी तेलम की मौके पर ही मौत हो गई थी। घटना की जानकारी आसपास के गांव के ग्रामीणों को मिली तो लोग घटनास्थल पहुंचने लगे।

हर साल हजारों ग्रामीण कर रहे पलायन 

हादसे के बाद सभी घायलों को अस्पताल ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान एक और महिला मांडी तेलम ने भी दम तोड़ दिया। घटना की जानकारी मिलते ही मृतकों और घायलों के परिजन भी वारंगल पहुंच गए। बस्तर विकास प्राधिकरण और बीजापुर जिला पंचायत सदस्य नीना रावतिया ने मृतकों और घायलों के परिजनों को आर्थिक मदद देने का आश्वासन दिया है। बस्तर से हर साल हजारों ग्रामीण पलायन कर रोजगार की तलाश में पड़ोसी राज्य तेलंगाना और आंध्र प्रदेश जाते हैं। ज्यादातर मजदूर मिर्ची तोड़ने और बोर गाड़ी में काम करने के लिए जाते हैं। सबसे ज्यादा बीजापुर, सुकमा, दंतेवाड़ा और बस्तर जिले के लोहंडीगुड़ा इलाके के मजदूर पलायन करते हैं।

सड़क हादसों में मरने वालों की संख्या

सड़क हादसों (Road Accident in Chhattisgarh) में मौत के मामले में छत्तीसगढ़ के आंकड़ों में लगातार बढ़ोत्तरी हो रही है। आंकड़ों के मुताबिक साल 2019 में करीब 14 हजार सड़क हादसों में 4 हजार 556 लोगों ने अपनी जान गवांई है। इसमें करीब 3 हजार 200 मृतक ऐसे हैं, जो दो पहिया वाहनों में थे।

सबसे ज्यादा युवा हो रहे हादसे का शिकार

बता दें कि 40 प्रतिशत सड़क दुर्घटना फ्लाई ओवर के आस-पास होता हैं। इसके बाद सबसे ज्यादा हादसा क्रॉसिंग पर होता है, आंकड़ों के मुताबिक क्रॉसिंग पर होने वाले सड़क हादसों का प्रतिशत 30 है। इनमें सबसे ज्यादा हादसों के शिकार बाइक सवार और पैदल यात्री होते है। वहीं हादसों के शिकार होने वाले लोगों में ज्यादातर लोग युवा हैं।

सड़क हादसों का गढ़ बनता जा रहा छत्तीसगढ़, 3 अलग-अलग जिलों में 5 लोगों की मौत, एक घायल

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छत्तीसगढ़ में सड़क दुर्घटना (Road accident increased in Chhattisgarh) बढ़ता ही जा रहा है। आंकड़ों के मुताबिक प्रदेश में रोजाना 10 से ज्यादा लोग सड़क हादसे में अपनी जान गंवाते हैं। पहला मामला कोरिया जिले का है, जहां जिले के चरचा थाने के पास एक तेज रफ्तार बस ने ऑटो को टक्कर मार दी। इस हादसे में ऑटो सवार 3 सवारियों की मौके पर ही मौत हो गई। जबकि गंभीर रूप से घायल एक युवक ने अस्पताल में इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। वहीं ऑटो को टक्कर मारने के बाद ड्राइवर बस को मौके पर ही छोड़कर फरार हो गया। फिलहाल पुलिस ने बस को जब्त कर ड्राइवर की तलाश शुरू कर दी है। 

बता दें कि राजहंस बस कोरिया के मनेंद्रगढ़ से अंबिकापुर होते हुए रांची जाती है। रोज की तरह मंगलवार को भी बस यात्रियों को लेकर रांची जाने निकली थी। इसी बीच बस ने फूलपुर में सामने से आ रही एक ऑटो को जोरदार टक्कर मार दी। बस की टक्कर से ऑटो सवारियों की मौत की सूचना जैसे ही पुलिस को मिली, वे तत्काल मौके पर पहुंचे और सभी को ऑटो से बाहर निकाला। इसके बाद सभी को अस्पताल पहुंचाया।

दूसरा मामला सरगुजा जिले का है, जहां लखनपुर थाना क्षेत्र के जुनवानी गांव में तेज रफ्तार बाइक सवार ने एक बुजुर्ग को ठोकर मार दी, जिसकी इलाज के दौरान मौत हो गई। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक घटना 20 दिसंबर की है, जहां शराब के नशे में धुत बाइक सवार दो युवकों ने एक बुजुर्ग पर बाइक चढ़ा दी, जिसकी इलाज के दौरान मौत हो गई। मृतक का नाम केंद राम है, जो 80 साल के थे। वे खाना खाकर सोने के लिए अपने दूसरे घर में जा रहे थे। इसी दौरान कुन्नी चौक के पास बाइक सवार युवकों ने उन पर बाइक चढ़ा दी। वहीं मृतक की पोती ने आरोपियों पर कड़ी कार्रवाई करने की मांग की है। 

तीसरी घटना राजधानी रायपुर की है, जहां तेलीबांधा थाना इलाके के VIP चौक में तेज रफ्तार कार खड़े ट्रक में जा घुसी। घटना की सूचना मिलते ही  तेलीबांधा पुलिस मौके पर पहुंची और एक घायल को अस्पताल पहुंचाया। पुलिस के मुताबिक ट्रक कोलकाता से नागपुर जा रहा था, जहां तेज रफ्तार कार ट्रक के पीछे के हिस्से में जा घुसी। कार में 5 युवक सवार थे। फिलहाल मामले की जांच की जा रही है।

मौत के मामले में 11वें नंबर पर छत्तीसगढ़

इस साल नवंबर में सड़क दुर्घटनाओं (Road accidents) में 408 लोगों की मौत और 884 लोग घायल हुए है। प्रदेश में 11 महीनों में 10 हजार 126 सड़क दुर्घटनाओं में 395 लोगों की मौत हुई और 9 हजार 270 लोग घायल हुए है। वहीं सड़क हादसे से होने वाली मौत के मामले में छत्तीसगढ़ देश भर में 11 वें नंबर पर पहुंच गया है।

सड़क हादसों में मरने वालों की संख्या

सड़क हादसों (Road Accident in Chhattisgarh) में मौत के मामले में छत्तीसगढ़ के आंकड़ों में लगातार बढ़ोत्तरी हो रही है। आंकड़ों के मुताबिक साल 2019 में करीब 14 हजार सड़क हादसों में 4 हजार 556 लोगों ने अपनी जान गवांई है। इसमें करीब 3 हजार 200 मृतक ऐसे हैं, जो दो पहिया वाहनों में थे।

दिन-ब-दिन बढ़ रहा सड़क हादसों का ग्राफ

इन 3 हजार 200 में से करीब 2450 लोगों की मौत सिर में चोट लगने की वजह से हुई है। इसके कारण प्रदेश में सड़क हादसों का ग्राफ दिन ब दिन बढ़ता ही जा रह है, इसके कारण सड़क हादसों में जान गवांने वाले लोगों की संख्या भी बढ़ती ही जा रही है। आंकड़ों के मुताबिक सड़क हादसों में सबसे ज्यादा हादसे राजधानी रायपुर में हो रहे हैं। छत्तीसगढ़ पुलिस के आंकड़ों के मुताबिक राजधानी रायपुर के टाटीबंध चौक पर हर महीने 4 से 5 लोगों की मौत होती है। ऐसा नहीं है कि सरकार सड़क हादसों को कम करने के लिए कोई उपाय नहीं कर रही है।

लोगों की लापरवाही बन रही हादसों का कारण

बता दें कि सड़क हादसों और इन हादसों में घायल लोगों को जल्द इलाज मुहैया करने के लिए छत्तीसगढ़ सरकार ने हर जिले के पुलिस को पेट्रोलिंग वाहन सौंपा है. साथ ही सड़क हादसों को कम करने और लोगों को जागरूक करने के लिए कई तरह के जागरुकता अभियान भी चलाएं जा रहे है, लेकिन लोगों की लापरवाही के कारण सड़क दुर्घटना कम होने का नाम नहीं ले रहा है। लोग अपनी सुरक्षा के लिए हेलमेट नहीं पहनते है, बल्कि पुलिस से बचने के लिए हेलमेट पहनते है। वहीं लोग हर काम जल्दी करना चाहते है, कई बार लोगों की यहीं जल्दबाजी सड़क हादसों का कारण बनता है।

इन कारणों की वजह से हो रहा सबसे ज्यादा हादसा

  • शराब पीकर वाहन चलाने के कारण।
  • गलत साइड में ड्राइविंग करने के कारण।
  • बिना हेलमेट वाहन पहने गाड़ी चलाने के कारण।
  • मोबाइल फोन का उपयोग करते-करते ड्राइविंग करने के कारण।
  • नाबालिगों द्वारा वाहन चलाने जैसे कारणों के कारण सबसे ज्यादा दुर्घटना और मौत हो रही है।

साल दर साल बढ़ रहा आंकड़ा

बीते तीन साल के सड़क हादसों के रिपोर्ट के आधार पर पुलिस मुख्यालय ने रिपोर्ट तैयार की हैं। वहीं साल 2016 से अगस्त 2020 तक के मौतों के आंकड़ों को देखा जाए तो हर साल सड़क हादसों होने वाले मौतों का आंकड़ा बढ़ता ही जा रहा हैं। बता दें कि कोरोना के मद्देनजर किए गए लॉकडाउन में सड़क हादसों की संख्या में कमी आई थी, लेकिन अनलॉक के बाद प्रदेश में सड़क हादसों की संख्या में लगातार तेजी आई है। अगस्त, सितंबर और अक्टूबर में बीते साल के मुकाबले सबसे ज्यादा 13 प्रतिशत की बढ़ोतरी सितंबर में हुई है।

हेलमेट नहीं पहनने की वजह हो रही सबसे ज्यादा मौतें

सबसे हैरान करने वाली बात यह है कि सड़क हादसों में हर 100 में से 95 लोगों की मौत हेलमेट नहीं पहनने की वजह से हुई है। पुलिस मुख्यालय ने इसके लिए सभी जिलों में अभियान चलाने के निर्देश दिए गए हैं। इन साल दस महीनों में सड़क हादसों के आंकड़ों में कमी आई थी , लेकिन लॉकडाउन खत्म होने के बाद जैसे-जैसे आवाजाही बढ़ी वैसे-वैसे हादसों की संख्या में भी बढ़ोतरी हुई है।

इन जिलों में आई मृत्यु दर में कमी

आंकड़ों के मुताबिक रायपुर, गरियाबंद, मुंगेली, दंतेवाड़ा, बीजापुर और नारायणपुर में हादसों में मरने वालों की संख्या सबसे ज्यादा है,जबकि बाकी जिलों में मृत्यु दर में कमी आई है। प्रदेशभर के सड़क हादसों के रिपोर्ट के मुताबिक 67% दोपहिया वाहन सवारों की मौत हुई है। दोपहिया वाहन सवार 2359 लोग हादसे के शिकार हुए, जिनमें 2361 की मौत हो गई। इनमें से 2257 की मौत हेलमेट नहीं पहनने से हुई है। इस साल दस महीने में 9097 सड़क हादसे हुए हैं । इसमें 3543 लोगों की मौत हुई है। इसके अलावा 8388 लोग घायल हुए हैं।

सबसे ज्यादा युवा हो रहे हादसे का शिकार

बता दें कि 40 प्रतिशत सड़क दुर्घटना फ्लाई ओवर के आस-पास होता हैं। इसके बाद सबसे ज्यादा हादसा क्रॉसिंग पर होता है, आंकड़ों के मुताबिक क्रॉसिंग पर होने वाले सड़क हादसों का प्रतिशत 30 है। इनमें सबसे ज्यादा हादसों के शिकार बाइक सवार और पैदल यात्री होते है। वहीं हादसों के शिकार होने वाले लोगों में ज्यादातर लोग युवा हैं। 

भीषण सड़क हादसा: 10 से ज्यादा लोगों की मौत, 40 से ज्यादा घायल

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बस्तर के सीमावर्ती राज्य ओडिशा के कोटपाड़ में एक भीषण सड़क हादसा (Accident In Odisha ) हुआ है। हादसे में 10 से ज्यादा महिलाओं की मौके पर मौत हो गई है। जबकि 40 से ज्यादा ग्रामीण घायल हैं। जानकारी के मुताबिक सभी लोग ओडिशा से पिकअप वाहन में सवार होकर बस्तर वापस लौट रहे थे। इसी दौरान वे हादसे का शिकार हो गए।





नेशनल हाईवे कोटपाढ़ की घटना(Accident In Odisha )





जानकारी के मुताबिक हादसा नेशनल हाईवे कोटपाढ़ के पास हुआ है। जहां तेज रफ्तार पिकअप पेड़ से जा टकराई। ताजा आंकड़ों के मुताबिक हादसे में 10 लोगों से ज्यादा की मौत हो गई है। वहीं मरने वालों में सभी महिलाएं शामिल हैं।





पढ़ें: पूर्व मंत्री की बहू और पोती की बेडरूम के दीवान में मिली लाश





पुलिस ने बताया कि सभी ग्रामीण बस्तर के कलचा गांव के रहने वाले थे। घायलों को कोटपाढ़ के स्वास्थ्य केंद्र में ले जाया गया है। मृतकों में महिलाओं की संख्या ज्यादा है। ड्राइवर पिकअप को काफी तेज चला रहा था। इसके कारण गाड़ी बेकाबू हो गई। सभी घायलों का इलाज किया जा रहा है।





पढ़ें: कुआकोंडा में बड़ा सड़क हादसा, 1 की मौत, 40-50 लोगों के घायल होने की सूचना





बता दें कि 31 जनवरी को ही दंतेवाड़ा जिले में CM के कार्यक्रम के लिए ग्रामीणों को ला रही ट्रकों का एक्सीडेंट (accident in dantewara) हो गया। दुर्घटना कुआकोंडा थाना के सामने हुई है। बताया जा रहा है कि हादसे में 1 ग्रामीण की मौत हो गई। वहीं करीब 40 से 50 लोगों के घायल होने गए।





आपस में चकराई दो ट्रक





बता दें कि सीएम भूपेश बघेलआज दंतेवाड़ा के दौरे पर रहेंगे। वे हेलीकॉप्टर से पहुंचेंगे, वहां दंतेवाड़ा गारमेंट फैक्ट्री पहुंचकर, फैक्ट्री का लोकार्पण करेंगे। इसी कार्यक्रम के लिए लोगों को लेकर ट्रकें आ रही थी।


कुआकोंडा में बड़ा सड़क हादसा, 1 की मौत, 40-50 लोगों के घायल होने की सूचना

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दंतेवाड़ा : जिले में CM के कार्यक्रम के लिए ग्रामीणों को ला रही ट्रकों का एक्सीडेंट (Accident in Dantewara) हो गया। दुर्घटना कुआकोंडा थाना के सामने हुई है। बताया जा रहा है कि हादसे में 1 ग्रामीण की मौत हो गई। वहीं करीब 40 से 50 लोगों के घायल होने की सूचना है।





जानकारी के मुताबिक भूपेश बघेल के दंतेवाड़ा दौरे के लिए लोगों को ला रही 2 ट्रकें आपस में भिड़ गई। भिड़ंत(Accident in Dantewara) के बाद एक ट्रक सामने मकान जा घुसी। घायलों को कुआकोंडा अस्पताल में भर्ती किया गया है।





पूर्व मंत्री की बहू और पोती की बेडरूम के दीवान में मिली लाश





बता दें कि सीएम भूपेश बघेलआज दंतेवाड़ा के दौरे पर रहेंगे। वे हेलीकॉप्टर से पहुंचेंगे, वहां दंतेवाड़ा गारमेंट फैक्ट्री पहुंचकर, फैक्ट्री का लोकार्पण करेंगे। इसी कार्यक्रम के लिए लोगों को लेकर ट्रकें आ रही थी।


ट्रक और बाइक की जबरदस्त भिड़ंत, 2 लोगों की मौके पर मौत

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सूरजपुर : जिले के सूरजपुर थाना क्षेत्र से सड़क हादसे (Road accident in Surajpur) की एक बड़ी खबर सामने आ रही है। जिसमें 2 लोगों की मौके पर ही मौत हो गई। नैनपुर की ओर से आ रही एक ट्रक और बाइक के बीच जबरदस्त भिड़ंत हो गई। बाइक सवार दो व्यक्तियों की मौके पर ही मौत हो गई।





सूरजपुर थाना पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार घटना थाना क्षेत्र के पचिरा के पास स्थित टोल नाके (toll blockade) के समीप हुई है। ट्रक नैनपुर से राखल लोड करके जा रही। जिस समय यह हादसा हुआ। जिसमें बाइक सवार आदित्य और राजेश पैंकरा की मौके पर ही मौत हो गई। घटना की सूचना पर मौके पर पहुंची पुलिस ने शवों को पोस्टमार्टम के लिए मोर्चरी में रखवाया है।





बीजापुर में बम धमाका, नक्सलियों ने सुरक्षा बल के जवानों के लिए बिछाया था जाल





वहीं पुलिस ने मामले में कार्रवाई करते हुए ट्रक (Road accident in Surajpur) को जब्त कर लिया है। साथ ही ट्रक चालक को भी हिरासत में ले लिया गया है। जिनके खिलाफ आगे की कार्रवाई की जा रही है। ट्रक विश्रामपुर जिले का बताया जा रहा है। जिसका नंबर सीजी 15 ए सी 5057 है। इसके साथ ही पुलिस मामले की जांच में जुटी हुई है।


सड़क दुर्घटनाओं का गढ़ बना छत्तीसगढ़, आंकड़ों पर डाले एक नजर

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रायपुर: छत्तीसगढ़ में सड़क दुर्घटना (Road accident increased in Chhattisgarh) बढ़ता ही जा रहा है, आंकड़ों के मुताबिक प्रदेश में रोजाना 10 से ज्यादा लोग सड़क हादसे में अपनी जान गवांते है. हालांकि छत्तीसगढ़ पुलिस (Chhattisgarh Police) ने दावा किया है कि बीते साल के मुकाबले इस साल सड़क दुर्घटनाओं में मृत्युदर 4.57 प्रतिशत कम हुआ है।





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इस साल नवंबर में सड़क दुर्घटनाओं (Road accidents) में 408 लोगों की मौत और 884 लोग घायल हुए है। प्रदेश में 11 महीनों में 10 हजार 126 सड़क दुर्घटनाओं में 395 लोगों की मौत हुई और 9 हजार 270 लोग घायल हुए है। वहीं सड़क हादसे से होने वाली मौत के मामले में छत्तीसगढ़ देश भर में 11 वें नंबर पर पहुंच गया है।





सड़क हादसों में मरने वालों की संख्या





सड़क हादसों (Road Accident in Chhattisgarh) में मौत के मामले में छत्तीसगढ़ के आंकड़ों में लगातार बढ़ोत्तरी हो रही है। आंकड़ों के मुताबिक साल 2019 में करीब 14 हजार सड़क हादसों में 4 हजार 556 लोगों ने अपनी जान गवांई है। इसमें करीब 3 हजार 200 मृतक ऐसे हैं, जो दो पहिया वाहनों में थे।









दिन ब दिन बढ़ रहा सड़क हादसों का ग्राफ





इन 3 हजार 200 में से करीब 2450 लोगों की मौत सिर में चोट लगने की वजह से हुई है। इसके कारण प्रदेश में सड़क हादसों का ग्राफ दिन ब दिन बढ़ता ही जा रह है, इसके कारण सड़क हादसों में जान गवांने वाले लोगों की संख्या भी बढ़ती ही जा रही है। आंकड़ों के मुताबिक सड़क हादसों में सबसे ज्यादा हादसे राजधानी रायपुर में हो रहे है।





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छत्तीसगढ़ पुलिस के आंकड़ों के मुताबिक राजधानी रायपुर के टाटीबंध चौक पर हर महीने 4 से 5 लोगों की मौत होती है। ऐसा नहीं है कि सरकार सड़क हादसों को कम करने के लिए कोई उपाय नहीं कर रही है।









लोगों की लापरवाही बन रही हादसों का कारण





बता दें कि सड़क हादसों और इन हादसों में घायल लोगों को जल्द इलाज मुहैया करने के लिए छत्तीसगढ़ सरकार ने हर जिले के पुलिस को पेट्रोलिंग वाहन सौंपा है. साथ ही सड़क हादसों को कम करने और लोगों को जागरूक करने के लिए कई तरह के जागरुकता अभियान भी चलाएं जा रहे है, लेकिन लोगों की लापरवाही के कारण सड़क दुर्घटना कम होने का नाम नहीं ले रहा है.





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लोग अपनी सुरक्षा के लिए हेलमेट नहीं पहनते है, बल्कि पुलिस से बचने के लिए हेलमेट पहनते है। वहीं लोग हर काम जल्दी करना चाहते है, कई बार लोगों की यहीं जल्दबाजी सड़क हादसों का कारण बनता है.





इन कारणों की वजह से हो रहा सबसे ज्यादा हादसा





  • शराब पीकर वाहन चलाने के कारण।
  • गलत साइड में ड्राइविंग करने के कारण।
  • बिना हेलमेट वाहन पहने गाड़ी चलाने के कारण।
  • मोबाइल फोन का उपयोग करते-करते ड्राइविंग करने के कारण।
  • नाबालिगों द्वारा वाहन चलाने जैसे कारणों के कारण सबसे ज्यादा दुर्घटना और मौत हो रही है।




पुलिस के मुताबिक ज्यादातर दो पहिया वाहन चालक बिना हेलमेट के गाड़ी चलाते हैं, इसलिए जब हादसा होता तो बिना हेलमेट वालों की 80 प्रतिशत से ज्यादा मौत हो जाती है, इसलिए छत्तीसगढ़ पुलिस का पूरा फोकस दो पहिया वाहन चालकों को हेलमेट पहनाने पर है।









समय-समय पर चलाएं जा रहे विशेष जांच अभियान





समय-समय पर चलाएं जा रहे विशेष जांच अभियान के तहत में बिना हेलमेट वाले दोपहिया वाहन चालकों की धरपकड़ करने के साथ ही उन्हें जागरूक करने का काम भी किया जा रहा है।





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छत्तीसगढ़ में 150 नए ब्लैक स्पॉट चिन्हांकित किए गए है, जिनमें नेशनल हाईवे में 95, स्टेट हाईवे में 22 और अन्य मार्गों में 13 ब्लैक स्पॉट चिन्हांकित किया गया है। छत्तीसगढ़ में सबसे ज्यादा राजनांदगांव में 15 और रायपुर में 9 जगहों के अलावा मुंगेली जिले में बड़ी संख्या में स्पॉट का चिह्नांकन किया गया है।





साल दर साल बढ़ रहा आंकड़ा





बीते तीन साल के सड़क हादसों के रिपोर्ट के आधार पर पुलिस मुख्यालय ने रिपोर्ट तैयार की हैं। वहीं साल 2016 से अगस्त 2020 तक के मौतों के आंकड़ों को देखा जाए तो हर साल सड़क हादसों होने वाले मौतों का आंकड़ा बढ़ता ही जा रहा हैं।





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बता दें कि कोरोना के मद्देनजर किए गए लॉकडाउन में सड़क हादसों की संख्या में कमी आई थी, लेकिन अनलॉक के बाद प्रदेश में सड़क हादसों की संख्या में लगातार तेजी आई है। अगस्त, सितंबर और अक्टूबर में बीते साल के मुकाबले सबसे ज्यादा 13 प्रतिशत की बढ़ोतरी सितंबर में हुई है।









हेलमेट नहीं पहनने की वजह हो रही सबसे ज्यादा मौतें





सबसे हैरान करने वाली बात यह है कि सड़क हादसों में हर 100 में से 95 लोगों की मौत हेलमेट नहीं पहनने की वजह से हुई है। पुलिस मुख्यालय ने इसके लिए सभी जिलों में अभियान चलाने के निर्देश दिए गए हैं। इन साल दस महीनों में सड़क हादसों के आंकड़ों में कमी आई थी , लेकिन लॉकडाउन खत्म होने के बाद जैसे-जैसे आवाजाही बढ़ी वैसे-वैसे हादसों की संख्या में भी बढ़ोतरी हुई है।





इन जिलों में आई मृत्यु दर में कमी

आंकड़ों के मुताबिक रायपुर, गरियाबंद, मुंगेली, दंतेवाड़ा, बीजापुर और नारायणपुर में हादसों में मरने वालों की संख्या सबसे ज्यादा है,जबकि बाकी जिलों में मृत्यु दर में कमी आई है। प्रदेशभर के सड़क हादसों के रिपोर्ट के मुताबिक 67% दोपहिया वाहन सवारों की मौत हुई है।





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दोपहिया वाहन सवार 2359 लोग हादसे के शिकार हुए, जिनमें 2361 की मौत हो गई। इनमें से 2257 की मौत हेलमेट नहीं पहनने से हुई है। इस साल दस महीने में 9097 सड़क हादसे हुए हैं । इसमें 3543 लोगों की मौत हुई है। इसके अलावा 8388 लोग घायल हुए हैं।





छत्तीसगढ़ पुलिस का दावा





छत्तीसगढ़ पुलिस का दावा है कि पिछले साल के मुकाबले हादसों में 22 प्रतिशत की कमी आई है। वहीं मृतकों और घायलों की संख्या भी पिछले साल के मुकाबले कम है। केंद्रीय सड़क परिवाहन और राजमार्ग मंत्रालय के आंकड़ों के मुताबिक ज्यादातर सड़क हादसा फ्लाईओवर के आस-पास होता हैं ।





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बता दें कि 40 प्रतिशत सड़क दुर्घटना फ्लाई ओवर के आस-पास होता हैं। इसके बाद सबसे ज्यादा हादसा क्रॉसिंग पर होता है, आंकड़ों के मुताबिक क्रॉसिंग पर होने वाले सड़क हादसों का प्रतिशत 30 है। इनमें सबसे ज्यादा हादसों के शिकार बाइक सवार और पैदल यात्री होते है। वहीं हादसों के शिकार होने वाले लोगों में ज्यादातर लोग युवा हैं।


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