Media24Media.com: सड़क हादसों से भरा रहा शनिवार, वैक्सीन लगवाने जा रहे दो छात्रों समेत सगे भाइयों की मौत

Responsive Ad Slot

Latest

latest


 

सड़क हादसों से भरा रहा शनिवार, वैक्सीन लगवाने जा रहे दो छात्रों समेत सगे भाइयों की मौत

Document Thumbnail

छत्तीसगढ़ हादसों का गढ़ बनता जा रहा है। प्रदेश में किसी न किसी दुर्घटना की खबर रोजाना सामने आ रही है। ताजा कोरबा के बांगो थाना क्षेत्र का है, जहां शनिवार शाम को हुए सड़क हादसे में दो सगे भाइयों की मौत हो गई। दोनों भाई बाइक से बकरी खरीदने के लिए बाजार जा रहे थे। इसी दौरान एक क्रेन उन्हें टक्कर मारते हुए पलट गई। सूचना पर पहुंची पुलिस ने दोनों के शवों को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया है। वहीं क्रेन चालक को गिरफ्तार कर लिया गया है।  

जानकारी के मुताबिक सलोरा के रहने वाले सूरज केंवट (उम्र 26) और चांद केंवट (उम्र 24) बकरी खरीदने और बेचने का काम करते थे। दोनों शनिवार शाम को बकरियां खरीदने के लिए बाइक से बाजार जा रहे थे। इसी बीच मड़ई घाट के पास तेज रफ्तार क्रेन ने बाइक को टक्कर मार दी, जिसकी वजह से बाइक सड़क किनारे जा गिरी।

वहीं क्रेन भी तेज रफ्तार में होने के कारण ट्रक समेत पलट गई। हादसे में सूरज की मौके पर ही मौत हो गई। वहीं सूचना मिलने पर बांगो पुलिस और डायल 112 की टीम मौके पर पहुंची और चांद को अस्पताल लेकर पहुंची, लेकिन इलाज के दौरान उसने भी दम तोड़ दिया।  

वैक्सीन लगवाने जा रहे 2 छात्रों की मौत

इधर, जांजगीर के मालखरौदा थाना क्षेत्र में शनिवार दोपहर सड़क हादसे में बाइक सवार 2 छात्रों की मौत हो गई। दोनों छात्र वैक्सीन लगवाने के लिए जा रहे थे। इसी दौरान तेज रफ्तार वाहन उन्हें टक्कर मारते हुए भाग निकला। हादसे के बाद गुस्साए लोगों ने सड़क पर शव रखकर जाम कर दिया। वे मुआवजे की मांग कर रहे थे। पुलिस ने लोगों को शांत करवाकर करीब डेढ़ घंटे बाद चक्काजाम खत्म करवाया। परिवार को 25- 25 हजार रुपए की तात्कालिक सहायता दी गई है।  

पुलिस के मुताबिक बरभांठा गांव के रहने वाले लोकेश बरेठ (उम्र 15) और नीरज चौहान (उम्र 15) दोनों छपोरा के सेकेंडरी स्कूल में 10वीं छात्रा के छात्रा थे। दोनों वैक्सीन लगवाने के लिए बाइक से छपोरा के वैक्सीनेशन सेंटर जा रहे थे। इसी बीच डभरा-छपोरा मार्ग पर तेज रफ्तार वाहन उन्हें टक्कर मारते हुए भाग निकला। 

टक्कर इतनी जोरदार थी कि दोनों बाइक से गिरकर सड़क पर 30 मीटर दूर तक घिसटते चले गए। हादसे में दोनों बच्चों के सिर पर चोट लगी। जबकि एक बच्चे का पैर टूट गया और उनकी मौके पर ही मौत हो गई। इसके बाद हंगामा शुरू हो गया। सूचना मिलने पर पुलिस के साथ परिजन भी मौके पर पहुंचे और शव को सड़क पर रखकर जाम लगा दिया। इसके चलते करीब डेढ़ घंटे तक आवागमन बाधित रहा।

ट्रेलर की टक्कर से बुजुर्ग महिला की मौत

वहीं कोरबा के उरगा थाना क्षेत्र में एक ट्रेलर ने बुजुर्ग महिला को टक्कर मार दी, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। महिला पैदल ही रास्ते में जा रही थी, तभी पीछे से आ रही ट्रेलर ने टक्कर मार दी। इससे वो सिर के बल जमीन पर गिर कर घायल हो गई थी, जिसकी कुछ ही मिनटों में मौत हो गई। 

नवापारा की रहने वाली बुजुर्ग महिला कोरबा चांपा मार्ग से पैदल ही सुबह जा रही थी। इस बीच कोथरी के पास पीछे से आ रही ट्रेलर ने गाड़ी ने टक्कर मार दी। इससे वो वहीं गिर गई। जानकारी के मुताबिक महिला के सिर और शरीर से काफी खून बह गया था, जिसके कारण उसकी जान चली गई।

महिला को टक्कर मारकर ट्रेलर चालक गाड़ी लेकर भाग निकला। हादसे के बाद आस-पास के लोग मौके पर पहुंच गए और कोरबा-चांपा मार्ग पर चक्काजाम कर दिया। इससे करीब एक घंटे तक रास्ता बंद रहा। इस दौरान आने-जाने वाले लोग परेशान होते रहे। गुस्साए लोग मुआवजे की मांग कर रह थे। वहीं घटना के बाद मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को बरामद कर पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया है। इधर, पुलिस ने ग्रामीणों को समझाइश दी और शांत कराया, जिसके बाद वे माने और फिर शांत होकर घर लौट गए। फिलहाल पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। 

पिकअप पलटने से 2 महिला मजदूरों की मौत

छत्तीसगढ़-तेलांगना बॉर्डर पर शनिवार सुबह मजदूरों से भरी पिकअप पलटने से 2 महिलाओं की मौत हो गई। जबकि 18 से ज्यादा लोग घायल हो गए। घायलों को तेलंगाना के एटूलनगम अस्पताल ले जाया गया, जहां प्राथमिक इलाज के बाद गंभीर रूप से घायल करीब 16 ग्रामीणों को वारंगल के अस्पताल रेफर किया गया है। बताया जा रहा है कि ये सभी मजदूर पलायन कर तेलंगाना के वारंगल जिले में मिर्ची तोड़ने जा रहे थे। 

बताया जा रहा है कि बीजापुर जिले के पापनपाल, मिड़ते समेत अन्य अंदरूनी गांव के 20 से ज्यादा ग्रामीण पिकअप से तेलंगाना जाने के लिए शुक्रवार की रात निकले थे। इस बीच पेरूर के पास पिकअप अनियंत्रित होकर बीच सड़क में ही पलट गई। इस हादसे में पिकअप में सवार कई ग्रामीण काफी दूर तक गिर गए तो कई पिकअप के नीचे ही दब गए थे। हादसे में एक महिला लक्ष्मी तेलम की मौके पर ही मौत हो गई थी। घटना की जानकारी आसपास के गांव के ग्रामीणों को मिली तो लोग घटनास्थल पहुंचने लगे।

हर साल हजारों ग्रामीण कर रहे पलायन 

हादसे के बाद सभी घायलों को अस्पताल ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान एक और महिला मांडी तेलम ने भी दम तोड़ दिया। घटना की जानकारी मिलते ही मृतकों और घायलों के परिजन भी वारंगल पहुंच गए। बस्तर विकास प्राधिकरण और बीजापुर जिला पंचायत सदस्य नीना रावतिया ने मृतकों और घायलों के परिजनों को आर्थिक मदद देने का आश्वासन दिया है। बस्तर से हर साल हजारों ग्रामीण पलायन कर रोजगार की तलाश में पड़ोसी राज्य तेलंगाना और आंध्र प्रदेश जाते हैं। ज्यादातर मजदूर मिर्ची तोड़ने और बोर गाड़ी में काम करने के लिए जाते हैं। सबसे ज्यादा बीजापुर, सुकमा, दंतेवाड़ा और बस्तर जिले के लोहंडीगुड़ा इलाके के मजदूर पलायन करते हैं।

सड़क हादसों में मरने वालों की संख्या

सड़क हादसों (Road Accident in Chhattisgarh) में मौत के मामले में छत्तीसगढ़ के आंकड़ों में लगातार बढ़ोत्तरी हो रही है। आंकड़ों के मुताबिक साल 2019 में करीब 14 हजार सड़क हादसों में 4 हजार 556 लोगों ने अपनी जान गवांई है। इसमें करीब 3 हजार 200 मृतक ऐसे हैं, जो दो पहिया वाहनों में थे।

सबसे ज्यादा युवा हो रहे हादसे का शिकार

बता दें कि 40 प्रतिशत सड़क दुर्घटना फ्लाई ओवर के आस-पास होता हैं। इसके बाद सबसे ज्यादा हादसा क्रॉसिंग पर होता है, आंकड़ों के मुताबिक क्रॉसिंग पर होने वाले सड़क हादसों का प्रतिशत 30 है। इनमें सबसे ज्यादा हादसों के शिकार बाइक सवार और पैदल यात्री होते है। वहीं हादसों के शिकार होने वाले लोगों में ज्यादातर लोग युवा हैं।

Advertisement Sushasan Divas Advertisement Mohan Chandrakar Chhattisgarh Tourism Chhattisgarh Tourism
Don't Miss
© Media24Media | All Rights Reserved | Infowt Information Web Technologies.