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Chhattisgarh Politics : पूर्व डिप्टी सीएम सिंहदेव ने की सीएम साय की तारीफ, तो गदगद हुए मुख्यमंत्री, पढ़े पूरी खबर

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Chhattisgarh Politics : छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की सीनियर कांग्रेस नेता टीएस सिंहदेव ने तारीफ की है। वहीं, दूसरी तरफ कांग्रेस जिस सरकारी अस्पताल की सुविधाओं पर सवाल खड़े कर रही है। टीएस बाबा ने उसी अस्पताल को अच्छा बताया है। टीएस बाबा के इस बयान के बाद राज्य की राजनीति तेज हो गई है। बीजेपी ने इसे कांग्रेस की अंदरुनी कलह बताया है।


वहीं, टीएस सिंहदेव के बयान के बाद कांग्रेस असहज हो गई है। दरअसल पूरा मामला राजघानी रायपुर के सरकारी अस्पताल मेकाहारा के नए भवन निर्माण के लिए ई टेंडर जारी करने से जुड़ा है। विष्णुदेव साय की सरकार ने अस्पताल के नए भवन के लिए ई-टेंडर जारी किया है।

नए भवन के निर्माण कार्य के टेंडर निकालने के लिए विष्णुदेव साय के फैसले की टीएस सिंहदेव ने तारीफ की है। बड़ी बात ये है कि कांग्रेस ने एक दिन पहले इसी अस्पताल पर सवाल उठाते हुए कहा था कि राज्य का सबसे बड़ा सरकारी अस्पताल खुद बीमार है। छत्तीसगढ़ कांग्रेस ने अपने सोशल मीडिया में इस लेकर पोस्टर भी जारी किया था। लेकिन सिंहदेव की तारीफ के बाद सियासत ही पलट गई।

पूर्व सीएम टीएस सिंहदेव ने अपने सोशल मीडिया एक्स पर लिखा- "मेकाहारा अस्पताल में एकीकृत नवीन अस्पताल भवन के निर्माण कार्य के टेंडर निकालने के लिए मुख्यमंत्री विष्णुदेव सांय जी को शुभकामनाएं। कांग्रेस की सरकार के दौरान हमारे द्वारा शुरू की गई इस पहल के अगले चरण में पूर्ण होने से प्रदेश की जानता को लाभ मिलेगा। काफ़ी अथक प्रयासों से इस बिल्डिंग के लिए सभी प्रक्रियाओं को पूरा किया गया था जैसे की नाबार्ड से लोन लेना, भवन का नक्शा तैयार करना इत्यादि। दुख इस बात का है कि हम इसे अपने शासन काल में पूर्ण नहीं कर पाए। परंतु यह देख अच्छा लगा कि आप इसे आगे ले जा रहे हैं, जनसेवा के कार्यों को यूं ही दलगत राजनीति, और सरकारों के परे जा कर विस्तार दिया जाना चाहिए।


टीएस सिंहदेव ने आगे लिखा- 'मुझे सरकार से आगे अपेक्षा है कि मेकाहरा के इस नए भवन के पीछे की सोच अनुरूप ही कार्य करेंगे। हमने सोचा था की अगले चरण में विस्तार के लिए पुरानी सेंट्रल जेल के शिफ्ट होने के बाद और सीनियर ब्यूरोक्रेट्स के देवेंद्र नगर वाली कॉलोनी खाली होने के बाद उन्हें अस्पताल परिसर में मिला कर मध्य भारत के सबसे विशाल गवर्नमेंट मल्टी स्पेशलिटी अस्पताल के निर्माण के लिए प्रयास होना चाहिए। क्षेत्रवासियों और प्रदेशवासियों की सुविधा के साथ इस संरचना से समस्त भारतवासी लाभांवित हों और यह अस्पताल जनकल्याण की एक मिसाल के रूप में उभर कर आए ऐसी अपेक्षा है।'

कांग्रेस ने पोस्ट कर अस्पताल को बीमार बताया

टीएस सिंहदेव के पोस्ट के अगले ही दिन कांग्रेस के ऑफिशियल एक्स अकाउंट आईएनसी छत्तीसगढ़ पर प्रदेश के सबसे बड़े सरकारी अंबेडकर अस्पताल को बीमारू बताया है। इस पोस्ट में अस्पताल में सर्दी-जुकाम की दवा तक नहीं होने का हवाला देकर एक कार्टून पोस्ट किया गया है। इसके बाद कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा कि यह कांग्रेस का नहीं उनका व्यक्तिगत आकलन है। इधर बैज के बयान के बाद भाजपा ने चुटकी ली। बीजेपी प्रवक्ता केदार गुप्ता ने कहा कि हमारी सरकार में स्वास्थ्य सुविधाएं बढ़ रही हैं, जिसकी तारीफ टीएस सिंहदेव ने की और उन्होंने कहा कि कांग्रेस की सरकार इस पर कुछ नहीं कर पाई जिसका उन्हें दुख है। दीपक बैज अब इसी का विरोध कर रहे हैं।

सीएम साय ने दिया सिंहदेव को साधुवाद

कांग्रेस नेता व पूर्व डिप्टी सीएम टीएस सिंहदेव के पोस्ट पर छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री ने भी रिप्लाई दिया। उन्होंने एक्स पर पोस्ट कर कहा कि टी.एस. सिंहदेव जी, आपकी इस शुभेच्छा के लिए आभार! बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार के लिए हमारी सरकार निरंतर कार्य कर रही है। जनसुविधा के कार्यों में दलगत राजनीति को कभी आड़े नहीं आने देना चाहिये। हम पहले के सभी अधूरे कार्यों को भी बिना किसी पूर्वाग्रह के पूरा कर रहे हैं। पुनः धन्यवाद।

Chhattisgarh Politics : भूपेश के सामने पीड़ा बताने वाले कांग्रेस नेता को नोटिस, तीन दिन में मांगा स्पष्टीकरण

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Chhattisgarh Politics : राजनांदगांव कार्यकर्ता सम्मेलन में मंच से कार्यकर्ताओं की ही पीड़ा बताने वाले कांग्रेस नेता को जिला अध्यक्ष ने नोटिस थमा दिया है। नोटिस में तीन दिनों के भीतर ही अपना स्पष्टीकरण देने के निर्देश राजनांदगांव के जिला अध्यक्ष ने दिए हैं, साथ ही ये भी कहा गया है कि नोटिस का जवाब तय समय में नहीं मिलने पर एक पक्षीय कार्रवाई की जाएगी।


दरअसल ये मामला राजनांदगांव सीट से कांग्रेस प्रत्याशी और सूबे के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल प्रचार प्रसार के दौरान का है। पार्टी के कार्यकर्ता सम्मलेन में सूबे के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल मौजूद थे, तभी पार्टी के कार्यकर्ता और पूर्व जिला पंचायत उपाध्यक्ष सुरेंद्र दाऊ ने कार्यकर्ताओं की पीड़ा मंच से सब के सामने रख दी।




Chhattisgarh Politics : भाजपा प्रवक्ता ने पांच सवाल करते हुए कहा- छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री कब इस्तीफा देंगे?

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प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के प्रेस नोट ने खोली छत्तीसगढ़ में भ्रष्टाचार की पोल, मुख्यमंत्री भूपेश बघेल पद पर बने रहने का नैतिक अधिकार खो चुके हैं- भाजपा.

महासमुंद । छत्तीसगढ़ में ईडी के छापों एवं ईडी द्वारा जारी किए गए प्रेस नोट की चर्चा करते हुए भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता संदीप शर्मा ने कहा है कि ईडी के प्रेस नोट ने छत्तीसगढ़ में हो रहे बड़े भ्रष्टाचार के रैकेट की पोल खोल दी है। हम सब ने कभी सोचा भी नहीं था कि कांग्रेस के शासन में छत्तीसगढ़ में छत्तीसगढ़ के आदिवासियों का, किसानों का, आम जनता का मेहनत का पैसा, भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ाया जाएगा। एक तरफ सरकारी योजनाओं के लिए देने के लिए सरकार के पास पैसे नहीं है और दूसरी तरफ छत्तीसगढ़ में सरकारी संरक्षण में भ्रष्टाचार ने अपनी सारी सीमाएं लांघ दी है। यह छत्तीसगढ़ के इतिहास के लिए एक काला अध्याय है।

प्रेसवार्ता को संबोधित करते हुए भाजपा प्रवक्ता संदीप शर्मा

प्रवक्ता संदीप शर्मा ने भाजपा कार्यालय महासमुन्द में प्रेसवार्ता आयोजित किया उन्होंने मीडिया को संबोधित करते हुए कहा कि बड़े दुर्भाग्य का विषय है कि कांग्रेस के शासन में भ्रष्टाचार के लिए पूरा रैकेट बनाया गया है। जिसमें वरिष्ट नौकरशाह, व्यापारी, राजनेता और बिचौलिए शामिल हैं। छत्तीसगढ़ राज्य में परिवहन किए गए प्रत्येक टन कोयले से 25 रुपये प्रति टन की अवैध वसूली कर रहे हैं। प्रतिदिन 2 से 3 करोड़ रुपये जबरन वसूले जा रहे है। इस प्रकार हजारों करोड़ रुपये वसूली कर गलत कृत्यों में इस्तेमाल किए जा रहे है।


ईडी के प्रेस नोट का हवाला देते हुए उन्होंने कहा कि ईडी ने करीब 4.5 करोड़ रुपये की बेहिसाबी नकदी, सोने के आभूषण, सराफा और करीब दो करोड़ रुपये मूल्य के अन्य कीमती सामान जब्त किए हैं। भ्रष्टाचार करने के लिए बाकायदा नियम बदले गए, कोयले के खदानों से उपयोगकर्ताओं तक मैनुअल जारी करने के लिए ई-परमिट की पूर्व ऑनलाइन प्रक्रिया को संशोधित किया गया । अनापत्ति प्रमाण पत्र इस संबंध में कोई एसओपी या प्रक्रिया परिचालित नहीं की गई थी। भ्रष्टाचार किस प्रकार से, किस प्रक्रिया के तहत किया जा रहा है इसकी भी विस्तार जानकारी ईडी ने अपने प्रेस नोट में दी है।

          उन्होंने कहा कि 15 जुलाई 22 से बिना किसी एसओपी के 30,000 से अधिक एनओसी जारी किए गए हैं। आवक और जावक रजिस्टरों का रखरखाव नहीं किया गया । अधिकारियों की भूमिका पर कोई स्पष्टता नहीं है। ट्रासपोर्टर का नाम, कंपनी का नाम आदि जैसे कई विवरण खाली छोड़ दिए गए है।

           प्रदेश प्रवक्ता ने बताया कि ईडी ने तलाशी एवं जांच के दौरान लक्ष्मीकांत तिवारी के पास से 1.5 करोड़ रुपये नकद बरामद किया गया। ईडी के अनुसार तिवारी ने स्वीकार किया है कि यह रोजाना 1-2 करोड़ की जबरन वसूली करता था। जिन अधिकारियों की शिकायत को आधार बनाकर मुख्यमंत्री ईडी पर कार्रवाई की बात कर रहे हैं उनके घर 47 लाख रुपये की बेहिसाब नकदी और 4 किलो के सोने के आभूषण पाए गए। जरा मुख्यमंत्री और सरकार बताए अधिकारियों के पास इतने पैसे और सोना मिलने पर उन्हें आश्चर्य क्यों नहीं हुआ?


भाजपा ने प्रेसवार्ता के माध्यम से कांग्रेस सरकार से 5 सवाल किया है 


1. ईडी के प्रेस नोट में विस्तार से भ्रष्टाचार की प्रक्रिया, जब्त की गई बेहिसाब राशि, आभूषण, नकदी की जानकारी आने के बाद मुख्यमंत्री इस्तीफा कब देंगे ?


2. भ्रष्टाचार के खिलाफ चल रही लड़ाई में बाधा बनने के लिए क्या मुख्यमंत्री जनता से माफी मांगेंगे ?


3. क्या कांग्रेस सरकार अब यह बताएगी कि अधिकारियों, राजनेताओं, व्यापारियों का यह भ्रष्टाचार रैकेट 10 जनपथ दिल्ली में कितने रुपए पहुंचा रहा है ?


4. अधिकारियों के घर से नकदी आभूषण और अनेक बेहिसाब चीजें मिलने के बाद भी अब तक उन पर निलंबन की कार्यवाही क्यों नहीं हुई है ?


5. जो लोग सरकारी पदों पर या सरकार द्वारा मनोनीत हैं और जिन पर जांच हुई है, उन्हे तत्काल प्रभाव से हटाया क्यों नही गया?


सूर्यकांत फरार क्यों है?


एक सवाल का जवाब देते हुए प्रवक्ता संदीप शर्मा ने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री डॉ रमन सिंह पर अनर्गल आरोप लगाने वाला इस मामले का सरगना सूर्यकांत तिवारी फरार क्यों है? दूध का दूध और पानी का पानी हो जाएगा, यदि वह ईडी को जांच में सहयोग करे। जानबूझकर उसे फरार किया गया है। उनके चाचा लक्ष्मीकांत तिवारी ने ईडी के समक्ष भंडाफोड़ कर दिया है। भ्रष्टाचार में आकंठ डूबे लोगों को सरकार बचाने में लगी है। गौरतलब है कि आयकर का छापा पड़ने पर सूर्यकांत ने मीडिया को एक वीडियो संदेश जारी कर भाजपा नेताओं और पूर्व मुख्यमंत्री डॉ रमन सिंह पर अनेक गम्भीर आरोप लगाया था। 

प्रेसवार्ता में प्रमुख रूप से पूर्व विधायक परेश बागबाहरा, वरिष्ठ भाजपा नेता मोती साहू, प्रेम चंद्राकर, पूर्व नपा उपाध्यक्ष कौशिल्या बंसल, पूर्व मंडल अध्यक्ष नारेंद्र गिरी आदि उपस्थित थे।

छत्तीसगढ़ की राजनीति पर तीन घंटे में नहीं निकला निष्कर्ष, अगले हफ्ते रायपुर आएंगे राहुल गांधी

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नईदिल्ली/रायपुर। छत्तीसगढ़ की राजनीतिक घमासान पर तीन घंटे की बैठक के बाद भी कोई निष्कर्ष नहीं निकला। अगले हप्ते राहुल गांधी रायपुर आएंगे। छत्तीसगढ़ का तीन दिवसीय दौरा कर ढाई साल के विकास का आंकलन खुद करेंगे। जानकारी के अनुसार वे बस्तर क्षेत्र से दौरा शुरू कर सरगुजा संभाग तक का दौरा करेंगे। 


दिल्ली कूच कर गए 54 विधायकों और मंत्रियों से राहुल गांधी की मुलाकात नहीं हुई। अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी कार्यालय में विधयकों की एकजुटता से तमाम तरह के कयास लगाए जा रहे थे। इस बीच मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की राहुल गांधी के साथ बंद कमरे में मैराथन बैठक हुई। बैठक में छत्तीसगढ़ प्रभारी पीएल पुनिया, कांग्रेस महासचिव वेणुगोपाल, प्रियंका गांधी विशेष रूप से उपस्थित थे।


घमासान अभी थमने वाला नहीं !

तीन घंटे की मैराथन बैठक के बाद छत्तीसगढ़ की राजनीतिक घमासान पर कोई निष्कर्ष नहीं निकला। इससे यह माना जा रहा है कि ढाई-ढाई साल के मुख्यमंत्री के कथित फार्मूला पर घमासान अभी थमने वाला नहीं है। अब सीएम भूपेश बघेल और स्वास्थ्य मंत्री टी एस सिंहदेव के समर्थक अपने-अपने स्तर पर लॉबिंग करेंगे। राहुल गांधी के समक्ष शक्ति प्रदर्शन की तैयारी करेंगे। इससे छत्तीसगढ़ की राजनीति में आयी भूचाल अभी थमेगा, ऐसा नहीं लग रहा है। 

परिणति पर टिकी है सबकी निगाहें

सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार पार्टी हाईकमान छत्तीसगढ़ की राजनीति को लेकर गम्भीर हैं। 2018 के विधानसभा चुनाव में भूपेश-सिंहदेव की जोड़ी ने एकजुटता के साथ जो परफार्मेंस किया था। उसमें अब दरार पड़ चुका है। स्पष्ट बहुमत होने के बावजूद मुख्यमंत्री चयन में तब भी बहुत खींचतान हुई थी। कभी ताम्रध्वज साहू, कभी टीएस सिंहदेव का नाम शीर्ष पर आते-आते अंततः भूपेश बघेल को मुख्यमंत्री घोषित किया गया था। 

सुर्खियों में ढाई-ढाई साल के मुख्यमंत्री का फार्मूला 

सरकार के कार्यकाल को दो साल बीतते-बीतते, ढाई-ढाई साल के मुख्यमंत्री का फार्मूला सुर्खियों में आया। राजनीतिक पंडितों का ऐसा मानना है कि हाई कमान ने तत्समय जरूर ऐसा कमिटमेंट किया होगा। अन्यथा ऐसी स्थिति निर्मित नहीं होती। इस बीच विधायक वृहस्पति सिंह द्वारा टीएस सिंहदेव पर गम्भीर आरोप लगाने और विधानसभा में इस पर गतिरोध से मामला तूल पकड़ा। जो अब गहरी खाई में तब्दील हो चुकी है। इसकी परिणति पर सबकी निगाहें टिकी हुई है।

Video- शराबबंदी पर बोले अमरजीत भगत- मुझे कुछ सुनाई नहीं दिया, पूर्व CM ने कसा तंज, कहा- जनता कह रही "वक्त है पछताव का"…

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रायपुर। छत्तीसगढ़ के संस्कृति मंत्री अमरजीत भगत का एक वीडियो ट्वीटर पर काफी वायरल हो रहा है। जिसपर आज पूर्व मुख्यमंत्री रमन सिंह ने भी ट्वीट कर तंज कसा। दरअसल अमरजीत भगत से प्रेस चर्चा के दौरान सवाल किया गया कि शराब पर लगाम ना लगने से संस्कृति भ्रष्ट हो रही है, इस पर आपका क्या कहना है?? जिसके जवाब में मंत्री जी बोले की मुझे सुनाई नहीं दे रहा है। जिसके बाद फिर सवाल दोहराया गया लेकिन अमरजीत भगत का जवाब वही था। जिसके बाद वो वहां से चलते बने।






https://twitter.com/drramansingh/status/1408687393947848708?s=20




वीडियो वायरल होने के बाद रमन सिंह ने इस पर तंज कसा कि अब जनता कह रही है वक्त है पछताव का!!
पूर्व CM ने लिखा कि





"छत्तीसगढ़ सब याद रखेगा!





कांग्रेस को चुनाव से पहले से सब सुनाई देता था और सब दिखाई देता था। अब न सुनाई देता है, न ही दिखाई देता है।





इसलिए जनता कह रही है - वक्त है पछताव का!"





दरअसल छत्तीसगढ़ में विधानसभा चुनाव के दौरान कांग्रेस के प्रमुख चुनावी वादों में शराबबंदी भी शामिल थी। लेकिन सत्ता में आने के ढाई साल बाद ये वादा सिर्फ चुनावी जुमला बनकर रह गया। प्रदेश में विपक्ष, पत्रकार और जनता समय समय पर इस मुद्दे पर सरकार से जवाब तलब करते नजर आते है।


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