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मुख्यमंत्री भूपेश बघेल 6 मार्च को पेश करेंगे ‘भरोसे’ का बजट

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आज सभी राज्य अपना रहे है छत्तीसगढ़ का स्वास्थ्य-शिक्षा मॉडल।कहा- छत्तीसगढ़ सबसे अच्छा आर्थिक प्रबंधन वाला प्रदेश




मुख्यमंत्री ने प्रदेश की जनता को किया संबोधित.

रायपुर।मुख्यमंत्री भूपेश बघेल 6 मार्च को छत्तीसगढ़ सरकार का वर्ष 2023 का बजट पेश करेंगे। बजट की पूर्व संध्या पर उन्होंने प्रदेश की जनता को संदेश देते हुए विश्वास दिलाया है कि यह ‘भरोसे’ का बजट होगा। उन्होंने कहा है कि यह उस भरोसे का बजट है जिसने छत्तीसगढ़ को ‘नवा छत्तीसगढ़’ बनने का संबल दिया है। यह वही भरोसा है जो आपने हमारे घोषणापत्र पर, हमारी कार्यशैली पर और हमारी सरकार की जनकल्याणकारी सोच पर जताया है।

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा कि हमने सरकार बनते ही महात्मा गांधी के ग्राम स्वराज के संकल्प और न्याय की नीति को आकार देना शुरू कर दिया था। इस दौरान बीते वर्षों में आई चुनौतियों से सभी परिचित हैं। चाहे वह कोरोना जैसी वैश्विक आपदा की चुनौती हो या अन्य चुनौतियां जिन्हें आप सब समझते हैं। लेकिन यह कहते हुए गर्व होता है कि इन सभी चुनौतियों का सामना करते हुए हम बाहर निकले हैं और इस समय हम सबसे अच्छे आर्थिक प्रबंधन वाले प्रदेशों में से एक हैं।

यह आपके ही ‘भरोसे’ का परिणाम है कि देशभर में मंदी होने के बाद भी छत्तीसगढ़ के बाजारों में रौनक हैं। सबसे कम बेरोजगारी दर छत्तीसगढ़ में है। देशभर में छत्तीसगढ़ ने धान खरीदी में भी रिकॉर्ड तोड़ा है। प्रदेश में सुदूर अंचलों के आदिवासियों तक नई योजनाएं पहुंची हैं। साथ ही स्वास्थ्य, शिक्षा का छत्तीसगढ़ मॉडल देशभर की सरकारें अपना रही हैं।

मुख्यमंत्री श्री बघेल ने कहा कि पहले छत्तीसगढ़ को लोग सिर्फ नक्सली हिंसा की घटनाओं के लिए याद करते थे। पर्यटकों के दिमाग में छत्तीसगढ़ को लेकर प्रश्न चिन्ह आते थे। अचानक से इतना कुछ बदल गया है कि देश के लोग अब छत्तीसगढ़ आने को उत्सुक हैं। आप देख रहे होंगे कि प्रदेश में लगातार बॉलीवुड कलाकार फिल्म और वेब सीरिज की शूटिंग के लिए आ रहे हैं, पर्यटकों की संख्या में शानदार वृद्धि हुई है। यह सब जनभागीदारी से संभव हो सका है। हमारा राज्य अब देश को रास्ता दिखा रहा है। लोगों का नजरिया बदला है। आज समय बदल गया है। छत्तीसगढ़ में रोड सेफ्टी जैसे 2 बड़े सीजन क्रिकेट मैच हो चुके हैं, पहली बार अंतरराष्ट्रीय मैच ने हम सबका गौरव बढ़ाया है। सेलेब्रिटी क्रिकेट लीग भी अभी हाल में ही सम्पन्न हुआ है।

विधानसभा में सोमवार को जो छत्तीसगढ़ के ‘भरोसे’ का बजट प्रस्तुत होगा, वह हमारे प्रदेश के सपनों को एक नई हकीकत देने वाला बजट होगा, जो आसमान की नहीं जमीन की बात करेगा। उन्होंने कहा कि इस अवसर पर मैं आप सबको ‘भरोसा’ बनाए रखने के लिए धन्यवाद देता हूं। साथ ही यह जिम्मेदारी भी आप सबके कंधों पर रखना चाहूंगा कि छत्तीसगढ़ को ‘नकारात्मकता’ से भर देने वालों को पहचानिए और नवा छत्तीसगढ़ की इस यात्रा को सब लोग मिलकर रफ्तार दीजिए।

 

मुख्यमंत्री ने मानसून की बेरूखी के चलते गांवों में मनरेगा के कामों को जारी रखने के दिए निर्देश

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छत्तीसगढ़ में मानसून की बेरूखी जारी है। इसी बीच CM भूपेश बघेल ने चालू वर्षा मौसम में राज्य में मानसून के भटकाव को देखते हुए गांवों में जरूरतमंदों के लिए रोजगारमूलक कार्य अनवरत रूप से जारी रखने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने सभी कलेक्टरों और जिला पंचायतों के मुख्य कार्यपालन अधिकारियों को मनरेगा के तहत रोजगारमूलक कार्य चालू रखने के साथ ही आवश्यकतानुसार नये कार्य भी स्वीकृत करने को कहा है, ताकि गांवों में जरूरतमंदों को रोजगार उपलब्ध हो सके।

गौरतलब है कि छत्तीसगढ़ राज्य में इस साल 27 जून तक की स्थिति में 113.5 मिमी औसत बारिश हुई है, जो बीते साल इसी अवधि में हुई 229.7 मिमी औसत बारिश से लगभग 50 फीसद कम है। राज्य के 7 जिलों में इस साल अब तक 40 प्रतिशत कम बारिश् हुई है। बलरामपुर जिले में 60 और दुर्ग 48, जशपुर में 72, कोंडागांव और कांकेर में 47, रायपुर जिले में 56 तथा सरगुजा जिले में औसत रूप से 63 प्रतिशत कम बारिश के चलते खेती-किसानी का काम प्रभावित हुआ है। 

छत्तीसगढ़ में अब तक 27 फीसद कम बारिश

खरीफ फसलों की बुआई भी बीते साल की तुलना में कम हुई है। बीते साल 27 जून की स्थिति में राज्य में 4 लाख 76 हजार हेक्टेयर में खरीफ फसलों की बोनी हो चुकी थी, जबकि इस साल कम बारिश की वजह से अभी तक 2 लाख 27 हजार हेक्टेयर में ही खरीफ फसलों की बुआई हुई है। मानसून के बेरूखी के चलते खेती-किसानी का काम पिछड़ा है और गांवों में जरूरतमंद लोगों को रोजगार मुहैया कराने के उद्देश्य से मनरेगा के कामों को निरंतर जारी रखने के निर्देश दिए गए हैं। 

मुख्यमंत्री ने की तरल खाद बनाकर जैविक खेती को बढ़ावा देने के लिए समूह के कार्य की सराहना

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मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने भेंट-मुलाकात अभियान के दौरान जशपुर विधानसभा क्षेत्र के बालाछापर गौठान का निरीक्षण कर स्व- सहायता समूह शेड, गौठान में स्थापित तेल, आटा चक्की एवं धान कुटाई मशीन का अवलोकन किया। उन्होंने गौठान परिसर के 800 हेक्टेयर में निर्मित स्व-सहायता समूह के उद्यान का भी अवलोकन किया। मुख्यमंत्री के गौठान पहुंचने पर महिलाओं ने तिलक लगाकर, आरती उतारकर और सूत की माला पहनाकर परंपरागत तरीके से स्वागत किया। मुख्यमंत्री ने निरीक्षण के दौरान गौठान परिसर में कदंब का पौधा लगाया और लोगों को पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया।

मुख्यमंत्री ने गौठान परिसर में राधा रानी स्व-सहायता समूह द्वारा संचालित बायोफर्टिलाइजर यूनिट का अवलोकन किया और तरल खाद बनाकर जैविक खेती को बढ़ावा देने के लिए समूह कार्य की सराहना की। अधिकारियों ने अवगत कराया कि गोबर गोमूत्र तथा गुण का प्रयोग कर बायो कंपोस्टिंग तरल जैविक खाद बनाया जाता है यह तरल जैविक खाद न केवल भूमि की उर्वरा शक्ति को बढ़ाता है। भूमि में कार्बन के तत्व को बढ़ाता है और खेतों में खरपतवार को नहीं होने देता। यह तरल जैविक खाद फसलों को नुकसान पहुंचाने वाले कीटाणुओं को भी नष्ट करता है। इस तरल जैविक खाद से भूमि को 50-88 प्रकार के माइक्रो तत्व मिलते हैं।


इस खाद के प्रयोग से भूमि में हर साल कार्बन तत्व की मात्रा 0.25 से 0.5 प्रतिशत तक बढ़ सकती है। यूनिट से एक गाय के गोबर और गोमूत्र से रोजाना 200 लीटर तक तरल खाद बन सकती है। इससे किसान प्रतिदिन 200 रुपये कमा सकते हैं। मुख्यमंत्री ने गौठान में बकरी पालन और मुर्गी पालन गतिविधियों का जायजा लिया। स्व-सहायता समूह की महिलाओं ने बताया कि वे कड़कनाथ नस्ल और देशी नस्ल की मुर्गा-मुर्गी का पालन का कार्य कर रहे हैं। मुर्गीपालन से उन्हें अब तक 30 हजार से अधिक की आमदनी हुई है।

मुख्यमंत्री ने स्व-सहायता समूह की महिलाओं द्वारा संचालित बाड़ी का अवलोकन भी किया। उन्होंने इस दौरान महिलाओं को अच्छी गुणवत्ता की लौकी के उत्पादन, उसके बेहतर रंग और वृद्धि के लिए टिप्स भी दिए। महिलाओं ने बताया कि उद्यान विभाग के अधिकारियों के मार्गदर्शन में करेला, बरबट्टी, लौकी, तोरई, भिंडी, पपीता आदि का रोपण किया गया है। यूनिट से एक गाय के गोबर और गोमूत्र से रोजाना 200 लीटर तक तरल खाद बन सकती है।


मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने गौठान में स्व-सहायता समूह की महिलाओं द्वारा संचालित तेल पेराई यूनिट का अवलोकन किया और व्यव्साय विस्तार के लिए प्रोत्साहित किया। उन्होंने समूह की महिलाओं से तिलहन फसलों से तेल निकालने और उनकी बिक्री के बारे में जानकारी ली। समूह की महिलाओं ने अपने हाथों से तेल पराई मशीन से तैयार तेल मुख्यमंत्री को भेंट कियासमूह की महिलाओं ने अपने हाथों से तेल पराई मशीन से तैयार तेल मुख्यमंत्री को भेंट किया।  

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की घोषणा पर त्वरित अमल, जल्द होगी युवाओं की भर्ती

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मुख्यमंत्री भूपेश बघेल द्वारा विशेष पिछड़ी जनजाति के शिक्षित युवाओं को योग्यतानुसार शासकीय नौकरी देने की घोषणा पर त्वरित अमल करते हुए सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा मंत्रालय से भर्ती के संबंध में स्वीकृति का आदेश जारी कर दिया गया है। सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा जारी किए गए आदेश के अनुसार विशेष पिछड़ी जनजाति के शिक्षित युवाओं की उनकी पात्रतानुसार जिले में सीधी भर्ती के रिक्त पदों के विरूद्ध भर्ती की जाएगी। मुख्यमंत्री  बघेल की घोषणा के अनुसार छत्तीसगढ़ में निवासरत अबूझमाड़िया, पहाड़ी कोरवा, बिरहोर, बैगा, कमार, पंडो और भुंजिया वर्ग के शिक्षित 9623 युवाओं को इसका लाभ मिलेगा।

 

 गौरतलब है कि मुख्यमंत्री बघेल ने 26 जून को जशपुर जिले के बगीचा में आयोजित भेंट-मुलाकात कार्यक्रम के दौरान विशेष पिछड़ी जनजाति के शिक्षित युवाओं की पात्रतानुसार भर्ती के संबंध में घोषणा की थी। सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा बिलासपुर, मुंगेली, राजनांदगांव, कोरिया, कबीरधाम, कोरबा, सरगुजा, जशपुर, बलरामपुर, रायगढ़, गरियाबंद, धमतरी, कांकेर, महासमुन्द, नारायणपुर, सूरजपुर और बलौदाबाजार जिलों के कलेक्टरों को इस संबंध में पत्र भेजा गया है।

नियुक्ति के संबंध में आदेश जारी

सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा विशेष पिछड़ी जनजाति के शिक्षित युवाओं को नियुक्ति दिए जाने के संबंध में जारी किए गए आदेश में कहा गया है कि मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की अध्यक्षता में 27 अगस्त 2019 को आयोजित छत्तीसगढ़ जनजाति सलाहकार परिषद की बैठक में निर्णय लिया गया था कि ‘विशेष पिछड़ी जनजाति‘ के सभी शिक्षित पात्र युवाओं का सर्वे कराकर उनकी पात्रतानुसार नियुक्ति की कार्रवाई की जाए। इस निर्णय के अनुसार जिले में तृतीय और चतुर्थ श्रेणी के रिक्त पदों पर विशेष पिछड़ी जनजाति के पात्र युवाओं को उनकी पात्रतानुसार जिले में सीधी भर्ती के रिक्त पदों के विरूद्ध भर्ती करने की स्वीकृति का आदेश सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा जारी कर दिया गया है। संबंधित कलेक्टरों को यह भी सूचित किया है कि इस संबंध में वित्त विभाग द्वारा 20 मई को सहमति प्रदान कर दी गई है।

आदिवासी सांस्कृतिक धरोहर को सहेजने का काम कर रही छत्तीसगढ़ सरकार: CM

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मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने जशपुर के सरना एथेनिक रिसोर्ट में आयोजित आदिवासी समाज के सम्मेलन में शामिल हुए। मुख्यमंत्री ने सम्मलेन को सम्बोधित करते हुए कहा कि हमारी सरकार आदिवासी समाज की सांस्कृतिक धरोहर को सहेजने का काम कर रही है। रायपुर में तीन दिवसीय आदिवासी सम्मेलन का आयोजन किया गया, जिसमें देश-विदेश के कलाकारों ने अपनी सांस्कृतिक कला की झलक दिखाई गई। मुख्यमंत्री बघेल ने कहा कि भेंट-मुलाकात के दौरान आदिवासी समाज को संरक्षित करने के लिए देव स्थल, देवगुड़ी निर्माण कार्य की स्वीकृति दी जा रही है। सम्मेलन में आदिवासी समाज द्वारा मुख्यमंत्री को पारम्परिक शॉल और तलवार-ढाल भेंटकर स्वागत किया। 

मुख्यमंत्री ने कहा कि अनुसूचित जाति एवं जनजाति के लोगों को जाति प्रमाण पत्र बनाने में आ रही समस्या को दूर करने के लिए अनुसूचित जनजाति विभाग को अध्ययन कर इसकी रिपोर्ट तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि स्वामी आत्मानंद शासकीय अंग्रेजी माध्यम स्कूल में दाखिले को लेकर पालकों और बच्चों की मांग को देखते हुए इन स्कूलों की संख्या बढ़ाई जा रही है। इस साल 76 और नए स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट अंग्रेजी माध्यम विद्यालय शुरू किए जा रहे हैं। राज्य में स्वामी आत्मानंद अंग्रेजी स्कूलों की संख्या बढ़कर 247 हो गई है। ज्यादा से ज्यादा बच्चों को इन स्कूलों में दाखिला मिले इसको लेकर लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। 

प्रत्येक कक्षा में सीटों की संख्या 40 से बढ़ाकर अब 50 कर दी गई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि कोरोनाकाल में लोगों को राज्य में बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराई गई। हमारी सरकार स्वास्थ्य, शिक्षा और रोजगार उपलब्ध कराने की दिशा में बेहतर कार्य कर रही और उसका लाभ लोगों को मिल रहा है। मुख्यमंत्री बघेल ने कहा कि किसानों को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने के लिए राजीव गांधी किसान न्याय योजना के तहत इनपुट सब्सिडी दी जा रही है। इस योजना में खरीफ की सभी फसलों और उद्यानिकी फसलों को शामिल किया गया है। किसानों से समर्थन मूल्य पर धान की खरीदी तत्काल भुगतान की व्यवस्था की गई है। 

कोदो-कुटकी, रागी की खरीदी भी समर्थन मूल्य पर की जा रही है। दलहन की भी खरीदी राज्य में समर्थन मूल्य पर की जाएगी। उन्होंने कहा कि जशपुर जिले का मौसम खेती-किसानी के लिए अनुकूल है। यहां मिर्च, टाऊ, काजू, चाय, लीची और नाशपाती की अच्छी खेती होती है। गांव को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने के लिए गौठान को औद्योगिक पार्क के रुप में विकसित किया जा रहा है। गौठान में समूह की महिलाएं विभिन्न आयमूलक गतिविधियों से जुड़कर आर्थिक लाभ उठा रही हैं।

आस्ता में आलू के लिए कोल्ड स्टोरेज और टाउ प्रोसेसिंग प्लांट लगेगा

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मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने आज जशपुर विधानसभा क्षेत्र के मनोरा विकासखण्ड के ग्राम आस्ता में आयोजित भेंट-मुलाकात कार्यक्रम में ग्रामीणों को सम्बोधित करते हुए कहा कि राज्य सरकार द्वारा लोगों की आय में वृद्धि के लिए अनेक योजनाएं संचालित की जा रही हैं, इनका अधिक से अधिक लाभ उठाएं। उन्होंने कहा कि 65 प्रकार की लघु वनोपजों की खरीदी की जा रही हैं और इनमें वैल्यू एडिशन भी किया जा रहा है। उन्होंने गौठानों में संचालित विभिन्न आर्थिक गतिविधियों का उल्लेख करते हुए कहा कि गौठानों में आय मूलक नई-नई गतिविधियां प्रारंभ की जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि आस्ता में आलू के लिए कोल्ड स्टोरेज, टाउ के लिए प्रोसेसिंग प्लांट की स्थापना की जाएगी।  


मुख्यमंत्री बघेल ने इस दौरान क्षेत्र के विकास के लिए अनेक घोषणाएं की। उन्होंने आस्ता के मेन रोड से आस्ता जाने वाले मार्ग में सूर्य नाले में पुलिया का निर्माण, ग्राम खरसोता, विकासखंड मनोरा में मिनी स्टेडियम के निर्माण, ग्राम सोनक्यारी और बाला छापर में नए विद्युत सब स्टेशन की स्थापना, जशपुर जिला चिकित्सालय में CT स्कैन की सुविधा उपलब्ध कराने, विकासखंड मनोरा के ग्राम पंचायत कदराई के ग्राम पकरीटोली, ग्राम पंचातय बिजोरा के ग्राम किटकीटोली, ग्राम पंचायत करदना के ग्राम धवरपाट 01 और 02 ग्राम पंचायत खम्हली के ग्राम खम्हली के बिजली विहीन टोलों तक बिजली लाइन विस्तार, विकासखंड जशपुर के जूरतेला और लुईकेना के बिजली विहीन मजरा टोले तक बिजली लाईन विस्तार और हाकी एस्ट्रोटर्फ मैदान में फ्लड लाइट व्यवस्था की घोषणा की।


भेंट-मुलाकात के दौरान एक छात्र ने मुख्यमंत्री से कहा कि स्वामी आत्मानन्द इंग्लिश मीडियम स्कूल में पढ़ने के लिए दूर जाना पड़ता है, आने-जाने का कोई साधन नहीं है, जिस पर मुख्यमंत्री ने मिनी बस चलाए जाने की व्यवस्था करने के निर्देश दिए। सना कुरैशी ने बताया कि मेरी 6 साल की बेटी को मिर्गी का झटका आता है। बहुत परेशान हूँ। एक साल से चंदा करके इलाज कर रही हूं। रायपुर मेकाहारा में इलाज चल रहा है। मुख्यमंत्री ने कलेक्टर को मुख्यमंत्री विशेष स्वास्थ्य सहायता योजना के तहत इलाज कराने के निर्देश दिए।

पतराटोली निवासी कौशलिया देवी ने मुख्यमंत्री ने कहा बच्चे को लोन लेकर पढ़ाई करवा रही है। लोन चुकता करना है, लोन माफ़ करवा दीजिए, जिस पर मुख्यमंत्री ने कहा कि आवेदन दीजिए, माफ करने का पूरा प्रयास करंगे। स्वगति देवी ने पेयजल की दिक्कतें बताई, जिस पर मुख्यमंत्री ने कहा कि पानी की व्यवस्था करेंगे। भेंट-मुलाकात में मुख्यमंत्री भूपेश बघेल से बात करते हुए निर्मला खलखो ने बताया कि उनका राशन कार्ड नहीं है। परिवार में 3 सदस्य हैं। उन्होंने बताया कि सूची में नाम होने के बाद भी लाभ नहीं मिल रहा है। मुख्यमंत्री ने नए राशनकार्ड बनाने के निर्देश दिए।

ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री को शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं से जीवन में आ रहे  बदलाव की जानकारी दी। छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा  चलाईं जा रहीं विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं का असर अब दूरस्थ  अंचल और धरातल पर भी दिखने लगा है। जशपुर जिले के विकाशखण्ड मनोरा अंतर्गत ग्राम आस्ता में यह नजारा देखने को मिला। जब कई हितग्राहियों ने मुख्यमंत्री को अपनी सफलता की कहानी खुद सुनाई। भेंट मुलाकात अभियान के अंतर्गत यहां ग्राम आस्ता में टेम्पो के किसान देवनंदन ने बताया कि उनका 17 एकड़ जमीन है। जिससे 144 क्विंटल धान बेचा। राजीव गांधी किसान न्याय योजना से 86 हजार मिला है। इस साल भी एक किश्त मिल गया है। उन्होंने मुख्यमंत्री को गर्व से बताया कि इस  पैसे से घर बनवा रहा हूं।

ट्रैक्टर भी खरीद लिया। अब बच्चों के पढ़ाई लिखाई के लिए खर्च कर रहा हूं। बेटी को पढ़ा रहा हूं। बहू को भी पढ़ा रहा हूं। उन्होंने जिस गर्वित भाव से मुख्यमंत्री को बताया, मुख्यमंत्री ने भी उनकी सराहना की । इसी तरह किसान राजेश मिज ने बताया कि उनका 8 एकड़ जमीन है। किसान  न्याय योजना के तहत 1 लाख 5 हजार मिला, जिससे मोटर सायकिल खरीदा। बहु के लिए साड़ी खरीदा। योजना बहुत अच्छी है, जीवन बदलने वाला। ग्राम सोगड़ा के शिवकुमार राम ने बताया कि मुझे 2 एकड़ वन अधिकार पट्टा मिला है। एक एकड़ में मछली पालन और बाकी मे खेती कर रहा हूं। अपना जीवन अच्छे से चला रहे हैं।

हिला समूह की सदस्य कौशलिया भगत ने बताया कि  गोठान से संचालित योजनाओं से जुड़कर खुद के लिए अब स्कूटी खरीद ली हूं।  मुख्यमंत्री से बात करते हुए भूमिहीन श्रमिक पुनिया बाई ने कहा की राजीव गांधी भूमिहीन ग्रामीण कृषि मजदूर योजना की किश्त मिल गई हैं। मुख्यमंत्री ने सभी से कहा कि अब साल में 7 हजार मिलेगा। सभी भूमिहीन पंजीयन कराए और योजना का लाभ उठाएं। सरना देवगुड़ी के बैगा पुजारियों को भी 7 हजार रुपए वार्षिक दिया जाएगा।

​​​ऐसा ​​आंगनबाड़ी केंद्र जहां एक भी बच्चा कुपोषित नहीं

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मुख्यमंत्री भूपेश बघेल भेंट-मुलाकात कार्यक्रम के दौरान जशपुर जिले के दुलदुला विकासखंड के पतराटोली स्थित आंगनबाड़ी केंद्र पहुंचे, जहां उनका स्वागत नन्हें बच्चों ने कागज के फुल भेंट कर किया। पतराटोली का आंगनबाडी केंद्र मॉडल आंगनबाड़ी केंद्र है, जहां 20 बच्चे दर्ज है। खास बात यह है कि यहां एक भी बच्चा कुपोषित नहीं है। इस केन्द्र में सभी बच्चे कुपोषण से मुक्त हो गए हैं। यहां मुख्यमंत्री सुपोषण अभियान से बच्चों का भविष्य संवर रहा है। 


योजना के तहत 0 से 6 साल के बच्चों को कुपोषण और एनीमिया से बचाने अतिरिक्त पोषण आहार दिया जा रहा है। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने यहां आंगनबाड़ी का निरीक्षण किया। बच्चों से आत्मीयता से बात की और उन्हें चॉकलेट दिया। उनके सुनहरे भविष्य की कामना की। उन्होंने बच्चों से पूछा कि खाने में क्या-क्या मिलता है और इस तरह उनसे बात-बात में जानकारी ले ली। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने महिलाओं को सुपोषण किट भी प्रदान किया।

 

केंद्र की कार्यकर्ता ने बताया कि राज्य सरकार की मुख्यमंत्री सुपोषण योजना के तहत बच्चों को पौष्टिक आहार दिया जाता है। स्वास्थ्य विभाग द्वारा लागातार हेल्थ चेकअप भी किया जाता है। इस आंगनबाड़ी केंद्र में 20 बच्चे अपना भविष्य संवार रहे हैं। 

छत्तीसगढ़ में इसी शैक्षणिक सत्र से शुरू होंगे 76 और नए स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट अंग्रेजी माध्यम स्कूल

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मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की घोषणा के परिपालन में स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा राज्य में 76 नये स्वामी आत्मानंद अंग्रेजी माध्यम विद्यालय इसी शैक्षणिक सत्र से प्रारंभ किए जा रहे हैं। इन नए स्कूलों में विद्यार्थियों को एक जुलाई से प्रवेश दिया जाएगा। कलेक्टरों को नवीन स्कूलों में आवश्यकतानुसार शैक्षिक और गैर शैक्षिक पदों की पूर्ति के साथ ही अन्य व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। 76 नए स्कूलों के खुल जाने से राज्य में स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट अंग्रेजी माध्यम विद्यालयों की संख्या 171 से बढ़कर 247 हो जाएगी। राज्य में 32 स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट हिन्दी माध्यम विद्यालय संचालित है।

स्कूल शिक्षा मंत्री डॉ. प्रेमसाय सिंह टेकाम ने बताया कि सभी 76 नए स्कूलों को शुरू किए जाने को लेकर शिक्षा अधिकारियों को निर्देश जारी कर दिए गए हैं। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के निर्देशानुसार स्वामी आत्मानंद अंग्रेजी माध्यम स्कूल की गुणवत्तापूर्ण शिक्षा एवं अधोसंरचना की व्यवस्था सुनिश्चित की गई है, जिसके चलते इन स्कूलों का क्रेज बढ़ा है और मुख्यमंत्री के भ्रमण और भेंट-मुलाकात के दौरान बड़ी संख्या में पालक और बच्चे अंग्रेजी माध्यम स्कूल की मांग अपने इलाकों में करते रहे हैं। पालकों और बच्चों के आग्रह पर मुख्यमंत्री बघेल ने राज्य में 50 और नवीन 

अंग्रेजी माध्यम स्कूल खोलने की घोषणा करने के साथ ही अपने ट्वीटर हैण्डल से भी इसकी जानकारी दी थी। विधानसभा क्षेत्रों के भेंट-मुलाकात के दौरान लोगों की मांग पर मुख्यमंत्री ने 26 और नवीन अंग्रेजी माध्यम स्कूल खोलने की घोषणा की थी। मुख्यमंत्री की मंशा और उनकी घोषणा के अनुरूप 76 नये स्कूल खोले जा रहे हैं। मंत्री डॉ. टेकाम ने बताया कि रायपुर में सर्वाधिक 12 स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट अंग्रेजी माध्यम विद्यालय और शुरू किए जा रहे है, जो मोवा, लालपुर, शांतिनगर, गुरूनानक चौक, मोहबा बाजार, सरोना, मदिर-हासौद, समोदा, गोबरानावापारा, सारागांव, तिलकनगर गुढ़यारी, बीरगांव रायपुर में खुलेंगे।

 इसी तरह बिलासपुर में लाल बहादुर हायर सेकेण्डरी स्कूल, अंबेडकर स्कूल एवं तिलकनगर बिलासपुर में, कोरबा जिले के पोड़ी उपरोड़ा ब्लॉक अंतर्गत पसान एवं कोरबी और बालको कोरबा में, कोरिया जिले में नवापारा पोड़ी, पिपरडांड बैकुण्ठपुर एवं केलहारी, कोण्डागांव जिले में कोण्डागांव, मरदापाल एवं कोनगुड़, कांकेर जिले में सरोना, कबीरधाम जिले में कचहरी पारा कवर्धा, बलौदाबाजार जिले में सरसींवा, सुहेला, भंटगांव, लवन, रायगढ़ जिले में कोड़ातराई, राजनांदगांव जिले में साल्हेवारा, धमतरी जिले में गोकुलपुर एवं चर्रा (कुरूद), बीजापुर जिले में कुटरू एवं मद्देड़, बलौद जिले में नयापारा राजहरा, गुण्डरदेही, देवरीबंगला, बस्तर जिले में करन्दोला (भानपुरी), धरमपुरा, बकावण्ड एवं नानगुर, बेमेतरा जिले में सिंघौरी, साजा, थानखम्हरिया और देवरबीजा तथा बलरामपुर जिले में रामचंदपुर, डौरा एवं चलगली में नवीन स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट अंग्रेजी माध्यम विद्यालय प्रारंभ किए जा रहे हैं।


मंत्री डॉ. टेकाम ने इन विद्यालयों में हिन्दी माध्यम पूर्व की भांति यथावत संचालित रहेंगे और हिन्दी माध्यम के शिक्षकों का पूर्व से स्वीकृत सेटअप भी यथावत रहेगा। हिन्दी माध्यम के विद्यार्थियों के प्रवेश के लिए निश्चित संख्या निर्धारित नहीं की गई है। विद्यालय अपनी आवश्यकता एवं क्षमता अनुसार प्रवेश दे सकेंगे। विद्यालयों का संचालन आवश्यकतानुसार दो पालियों में किए जा सकेंगे। 

मुख्यमंत्री बघेल ने केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री को लिखा पत्र, छत्तीसगढ़ में पेट्रोल-डीजल की नियमित आपूर्ति का आग्रह

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मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने केंद्रीय पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी को पत्र लिखकर छत्तीसगढ़ के किसानों और नागरिकों को पेट्रोल-डीजल की कमी से हो रही समस्याओं से अवगत कराते हुए छत्तीसगढ़ में स्थित सभी पेट्रोलियम कंपनियों के डिपो में पेट्रोल-डीजल की नियमित सप्लाई करने का आग्रह किया है। मुख्यमंत्री ने पत्र में लिखा है कि विगत 1-2 महीने से छत्तीसगढ़ राज्य में पेट्रोल, डीजल की आपूर्ति कम हो गई है, जिससे कई जिलों के पेट्रोल पम्प ड्राई हो जा रहे हैं। 

छत्तीसगढ़ पेट्रोलियम डीलर वेलफेयर एसोसिएशन द्वारा भी अवगत कराया गया है कि मेसर्स हिन्दुस्तान पेट्रोलियम कार्पोरेशन लिमिटेड के छत्तीसगढ़ में 750 रिटेल आउटलेट हैं, जिसमें पेट्रोल, डीजल की नियमित सप्लाई नहीं होने से कई दिन बंद की स्थिति रहती है। पेट्रोलियम कम्पनियों की समीक्षा में पाया गया कि पूर्व में बफर स्टॉक 4-5 दिन के लिए रहता था, बीते 1-2 माह से बफर स्टॉक केवल 1 दिन के लिए बच रहा है, जो कि कई बार खत्म हो जा रहा है और डिपो भी ड्राई हो जाता है।

खेती के कार्यों में दिक्कत हो रही: CM

मुख्यमंत्री ने लिखा है कि छत्तीसगढ़ कृषि प्रधान राज्य है, मानसून के आने से कृषि कार्य प्रगति पर है, किसानों को डीजल नहीं मिल पाने से खेती के कार्यों में दिक्कत हो रही है। साथ ही ग्रामीण अचलों में डीजल नहीं मिल पाने से अति आवश्यक सेवा एम्बुलेंस परिवहन एवं आम जनता को कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। डीजल एवं पेट्रोल नियमित रूप से नहीं मिलने से कृषि कार्य पिछड़ जाएगी, जिससे आम जनता को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ेगा। ग्रामीण अंचलों के रिटेल आउटलेट को एडवांस भुगतान के बाद भी डीजल पेट्रोल की सप्लाई नहीं की जा रही है।

समस्या पर विचार कर समाधान करने की अपील

मुख्यमंत्री बघेल ने केन्द्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी से आग्रह किया है कि मेसर्स  हिन्दुस्तान पेट्रोलियम कार्पाेरेशन लिमिटेड, मेसर्स भारत पेट्रोलियम एवं मेसर्स इंण्डियन ऑयल कार्पोरेशन लिमिटेड के छत्तीसगढ़ में स्थित डिपो में पेट्रोल और डीजल की नियमित सप्लाई कराने का कष्ट करें, ताकि कृषकों और आम जनता को कठिनाईयों का सामना न करना पड़े। इस समस्या का सहृदयतापूर्वक विचार कर उचित समाधान करेंगे।

CM भूपेश बघेल ने 4.14 करोड़ रुपए की राशि चिटफंड निवेशकों के खाते में की अंतरित

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मुख्यमंत्री भूपेश बघेल जिला प्रशासन द्वारा मेडिकल कॉलेज रायपुर के सभागार में आयोजित निवेशक न्याय कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रुप में शामिल हुए। अनियमित वित्तीय कंपनी देव्यानी प्रापर्टी लिमिटेड की संपत्ति की नीलामी से प्राप्त 4.14 करोड़ रुपए की राशि निवेशकों के खाते में अंतरित की गई। मुख्यमंत्री बघेल ने कहा कि विपरीत परिस्थिति में राज्य सरकार हर पल निवेशकों के साथ है। निवेशकों को उनका पैसा कैसे वापस मिले, इस संबंध में प्रत्येक माह समीक्षा की जा रही है। चिटफंड कंपनी के संचालकों, एजेंटों ने राज्य की भोली-भाली जनता को पैसा दो गुना, चार गुना करने के लालच में फंसाया। लोगो ने उनकी जिंदगी भर की कमाई, प्रॉपर्टी और गहना बेचकर इसमें पैसा लगाया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ राज्य के अलावा अन्य किसी भी राज्य में निवेशकों का पैसा अभी तक उन निवेशकों को नहीं मिला है। उन्होंने कहा की कंपनी के संचालकों, एजेंटों के बारे में जो भी जानकारी है, उसे उपलब्ध कराएं। सभी के सहयोग की आवश्यकता है। उन्होंने निवेशकों के पैसा वापसी के संबंध में विभिन्न अधिकारियों द्वारा किए जा रहे कार्यों की सराहना भी की। उन्होंने कहा कि सभी निवेशकों का पैसा वापस होना चाहिए ,इस कार्य में तेजी लाएं। गृह मंत्री ताम्रध्वज साहू ने कहा कि निवेशकों के लिए यह बेहद ही सुखद अवसर है कि उनकी राशि लौटाई जा रही है। कृषि मंत्री रविंद्र चौबे ने कहा की आने वाले समय में सभी निवेशकों का पैसा वापस कराया जाएगा। 

'4 करोड़ 14 लाख 97 हजार 304 रुपये राशि प्राप्त हुई'

विधायक सत्यनारायण शर्मा ने कहा कि मुख्यमंत्री ने असंभव कार्य को कर दिखाया। जन आकांक्षाओं का आदर करते हुए मुख्यमंत्री ने निवेशकों के हितों की रक्षा की है। इस अवसर पर संसदीय सचिव विकास उपाध्याय, छत्तीसगढ़ गृह निर्माण मंडल के अध्यक्ष कुलदीप जुनेजा, विधायक अनिता योगेंद्र शर्मा, महापौर एजाज ढेबर, राज्य खनिज विकास निगम के अध्यक्ष  गिरीश देवांगन, जिला पंचायत रायपुर की अध्यक्ष डोमेश्वरी वर्मा और IG ओपी पाल उपस्थित थे। कार्यक्रम में कलेक्टर सौरभ कुमार ने बताया की अनियमित वित्तीय कंपनी देव्यानी प्रापर्टी लिमिटेड की संपत्ति की नीलामी से 4 करोड़ 14 लाख 97 हजार 304 रुपये राशि प्राप्त हुई है।

इतने लोगों ने किया ऑनलाइन दस्तावेज अपलोड

देव्यानी प्रापर्टी लिमिटेड के निवेशकों के द्वारा निवेश की गई राशि का वितरण किये जाने से पूर्व निवेशक न्याय वेब लिंक के माध्यम से रसीद और दस्तावेज मंगाई गई थी। निर्धारित तिथी तक 13 हजार पांच सौ 66 लोगों ने ऑनलाइन दस्तावेज अपलोड किए। दस्तावेज जांच के बाद 9 हजार 8 सौ 66 निवेशकों के द्वारा अपलोड किए गए रसीद और बॉड सही पाए गए। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक प्रशांत कुमार अग्रवाल ने अनियमित वित्तीय कंपनी (चिटफंड कंपनी) के निवेशकों को राशि वापसी हेतु किए जा रहे कार्यवाही का प्रशासकीय प्रतिवेदन प्रस्तुत किया। उन्होंने बताया की देव्यानी प्रापर्टी लिमिटेड की संपत्ति की नीलामी से प्राप्त राशि को 9 हजार आठ सौ 66 निवेशकों के द्वारा निवेश की गई राशि के समानुपातिक रुप से वितरण किया जा रहा है।  

इन कंपनियों के खिलाफ कार्रवाई

उन्होंने बताया कि छत्तीसगढ़ शासन से प्राप्त निर्देशानुसार अनियमित वित्तीय कंपनियों के निवेशकों को राशि वापसी के लिए जिला प्रशासन रायपुर के द्वारा अनियमित वित्तीय कंपनियों के संचालकों के संपत्तियों की जानकारी एकत्रित की गई। जिन वित्तीय कंपनियों की संपत्ति का चिन्हांकन हुआ है, ऐसे कुल 16 वित्तीय कंपनियों के विरुद्ध छत्तीसगढ़ के निक्षेपकों के हितों के संरक्षण अधिनियम की धारा 7 के तहत अंतकालीन आदेश पारित किया जाकर विशेष न्यायालय जिला और सत्र न्यायाधीश को अंत्यांतिक किये जाने के लिए प्रकरण प्रेषित किया गया। माननीय जिला और सत्र न्यायालय के द्वारा 11 प्रकरणों में आदेश पारित किया गया है। आदेशानुसार 03 प्रकरणों में नीलामी की कार्रवाई पूर्ण कर ली गई है। इस प्रकरण में कुल 5 करोड़ 74 लाख रुपये प्राप्त हो चुकी है।

6 नीलामी की कार्रवाई प्रक्रियाधीन

06 प्रकरणों में नीलामी की कार्रवाई प्रक्रियाधीन है। 09 प्रकरणों में संपत्ति अन्य जिलों में होने के कारण संबंधित जिलों को प्रकरण प्रेषित किया गया है। अन्य जिलों के 03 प्रकरणों में संपत्ति इस जिले में होने के कारण कार्रवाई इस जिले से की जा रही है। मुख्यमंत्री बघेल ने निवेशक गेंदलाल साहू ,राधाबाई साहू और चंदन साहू से बात भी की। गेंदालाल साहू ने बताया कि उन्होंने 6 लाख रूपए का निवेश किया था अभी उनके खाते में एक लाख 20 हजार रूपए की राशि जमा कर दी गई है। राधाबाई साहू ने बताया कि उन्होंने 5 लाख रूपए का निवेश किया था तथा एक लाख रूपए से खाते में जमा की गई है। चंदन साहू ने बताया कि उनके खाते में 60 हजार रूपए की राशि जमा की गई है। मुख्यमंत्री बघेल ने भोजराज साहू, रघुवर प्रसाद, परमेश्वर निर्मलकर, घनश्याम, खेलन राम, पार्वती, कुमारी बाई, तोषण, शकुंतला समेत अन्य लोगों को सांकेतिक रूप से चेक भी प्रदान किया।  

CM ने गोधन न्याय योजना के तहत जारी की 10 करोड़ 90 लाख रूपए की राशि

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रायपुर: मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने रायपुर स्थित अपने निवास कार्यालय में आयोजित वर्चुअल कार्यक्रम में गोधन न्याय योजना के तहत पशुपालक ग्रामीणों, गौठानों से जुड़ी महिला समूहों और गौठान समितियों को 10 करोड़ 90 लाख रूपए की राशि ऑनलाइन जारी की। इस राशि में 1 जून से 15 जून तक राज्य के गौठानों में पशुपालक ग्रामीणों, किसानों, भूमिहीनों से क्रय किए गए गोबर के एवज में 2.95 करोड़ रूपए का भुगतान, गौठान समितियों को 4.79 करोड़ और महिला समूहों को 3.16 करोड़ रूपए की लाभांश राशि शामिल है।  

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के अलावा रायपुर स्थित निवास कार्यालय में आयोजित वर्चुअल कार्यक्रम में गृह मंत्री ताम्रध्वज साहू, कृषि मंत्री रविन्द्र चौबे, नगरीय प्रशासन मंत्री शिव कुमार डहरिया, स्कूल शिक्षा मंत्री प्रेमसाय सिंह, उच्च शिक्षा मंत्री उमेश पटेल, संसदीय सचिव कुंवर सिंह निषाद, विधायक रश्मि आशीष सिंह, मुख्यमंत्री के सलाहकार प्रदीप शर्मा, अपर मुख्य सचिव सुब्रत साहू भी उपस्थित थे। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा कि गोधन न्याय योजना से 2 लाख 11 हजार से अधिक ग्रामीण, पशुपालक किसान लाभान्वित हो रहे हैं।

बता दें कि छत्तीसगढ़ शासन की महत्वाकांक्षी गोधन न्याय योजना को राष्ट्रीय स्तर पर एलेट्स एनोवेशन अवॉर्ड से सम्मानित किया गया है। एलेट्स आत्म निर्भर भारत समिट में छत्तीसगढ़ राज्य को कृषि में इनोवेशन केटेगरी में ये अवॉर्ड प्रदान किया गया। नई दिल्ली में आयोजित 2 दिवसीय एलेट्स आत्म निर्भर भारत समिट में 19 अप्रैल को एलेट्स टेक्नोमीडिया प्राइवेट लिमिटेड के संस्थापक, CEO और एडिटर इन चीफ रवि गुप्ता और टेक्सटाइल मंत्रालय भारत सरकार के सचिव यूपी सिंह ने संयुक्त रूप से ये अवॉर्ड प्रदान किया। 

उत्कृष्ट योगदान के लिए 'स्कॉच गोल्ड अवॉर्ड'

बता दें कि इससे पहले छत्तीसगढ़ सरकार की गोधन न्याय योजना को पर्यावरण संरक्षण और सतत विकास में उत्कृष्ट योगदान के लिए 'स्कॉच गोल्ड अवॉर्ड' मिल चुका है। स्कॉच ग्रुप द्वारा छत्तीसगढ़ की गोधन न्याय योजना को 20 मार्च 2021 को नई दिल्ली में ये अवार्ड प्रदान किया गया था। गौरतलब है कि मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की पहल पर 20 जुलाई 2020 हरेली पर्व से छत्तीसगढ़ में गोधन न्याय योजना प्रारंभ की गई। इस योजना में पशुपालकों और ग्रामीणों से 2 रूपए प्रति किलो की दर पर गोबर खरीदी की जा रही है।

बोरवेल में फंसे राहुल के रेस्क्यू ऑपरेशन पर बनेगी डॉक्यूमेंट्री फिल्म

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मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा है कि जांजगीर-चांपा जिले के बोरवेल में फंसे बच्चे को निकालने के लिए चलाए गए रेस्क्यू ऑपरेशन पर डॉक्यूमेंट्री फिल्म बननी चाहिए। रेस्क्यू टीम के इस अनुभव को प्रदेश और देश के लोग समझ सकें। यह फिल्म भविष्य में ऐसी होने वाली घटनाओं को रोकने के लिए भी सीख बनेगी। मुख्यमंत्री बघेल ने अपने निवास कार्यालय में जांजगीर-चांपा जिले के ग्राम पिहरीद के बोरवेल में फंसे बच्चे के रेस्क्यू ऑपरेशन में उल्लेखनीय भूमिका अदा करने वाले जिला प्रशासन, NDRF और SDRF, सेना और पुलिस के जवानों समेत इस आपरेशन में सहयोग देने वाले लोगों के सम्मान समारोह को संबोधित कर रहे थे।   


मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा कि राहुल की पढ़ाई, लिखाई और उसके चिकित्सा का पूरा खर्च राज्य शासन द्वारा वहन किया जाएगा। मैं पूरी रेस्क्यू टीम और प्रदेश और देश की जनता के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करता हूँ, जिन्होंने राहुल के शीघ्र रेस्क्यू के लिए दुआ की। आप सभी की सूझबूझ, मेहनत, लगन और हौसलों ने काम किया। सभी का लक्ष्य एक ही था, राहुल को बचाना और वह पूरा हुआ। उन्होंने कहा कि यह ऑपरेशन दुरूह था, संकट आए, संघर्ष आए, लेकिन हिम्मत बनी रही। इस पूरे घटनाक्रम की डॉक्यूमेंट्री बननी चाहिए ताकि लोग इसे देखें, समझें जिससे भविष्य में इस तरह की घटना को टाला जा सके। आप सभी का सम्मान कर मन नहीं भरा है, आप लोगों को और सम्मानित करने का मन करता है। 

बच्चे राहुल साहू को बोरवेल से निकालने वाले बालक अजरूल और पूरी टीम को राज्योत्सव में आमंत्रित किया जाएगा और वहां पर आप सभी का सम्मान होगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि विपरीत परिस्थितियों में भी आप सभी डटे रहे, कड़ी धूप में, खुले मैदान में लगातार संघर्ष करते रहे। ईश्वर ने राहुल में कुछ कमी कर दी है, लेकिन दूसरी ओर कुछ खासियत भी दी है। राहुल की हिम्मत और संतोष ने बहुत बड़ा काम किया है। राहुल की पढ़ाई लिखाई और इलाज का पूरा खर्च राज्य सरकार वहन करेगी। स्पीच थेरेपी, श्रवण यंत्र लगवाने की जरूरत होगी तो उसका खर्चा भी राज्य सरकार उठायेगी। मैं रेस्क्यू ऑपरेशन की पूरी टीम को बधाई देता हूं।  

मुख्यमंत्री ने कहा कि रेस्क्यू टीम के सामने चुनौती बहुत बड़ी थी पर हिम्मत और जोश में कोई कमी नही थी। जहां आवश्यकता थी वो सारे लोग उपस्थित रहे ,मशीनरी उपलब्ध होती गई। उन्होंने कहा कि जैसे ही सूचना मिली सारी टीम, जो भी एक्सपर्ट थे सभी को सूचना दी गई। रेस्क्यू ऑपरेशन में 5 दिन तक लगातार 24 घण्टे काम करते हुए आप थके नहीं। रेस्क्यू टीम के लोगों ने जिस लगन और समर्पण  भाव से काम किया है, निश्चित रूप से जितनी प्रशंसा की जाए कम है। 

संकट कभी बता कर नहीं आता और भी रेस्क्यू हुए हैं, लेकिन यह 104 घण्टे का सबसे लंबा ऑपरेशन हुआ। कार्यक्रम में कृषि मंत्री रविन्द्र चौबे, विधायक रामकुमार यादव, पुलिस महानिदेशक अशोक जुनेजा, अपर मुख्य सचिव सुब्रत साहू, प्रमुख सचिव मनोज कुमार पिंगुआ, मुख्यमंत्री के सचिव सिद्धार्थ कोमल सिंह परदेशी, सेना के ब्रिगेडियर विगनेश मोहंती, आयुक्त जनसंपर्क दीपांशु काबरा, बिलासपुर IG रतनलाल डांगी, जांजगीर-चांपा के कलेक्टर जितेंद्र शुक्ला, पुलिस अधीक्षक विजय अग्रवाल, संचालक जनसंपर्क सौमिल रंजन चौबे समेत रेस्क्यू टीम के सदस्य उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री ने रेस्क्यू टीम को किया सम्मानित

कार्यक्रम में जांजगीर-चांपा के कलेक्टर जितेंद्र शुक्ला ने पूरे रेस्क्यू अभियान की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री ने कहा था कि राहुल को सकुशल निकालना है। राहुल को हर हाल में बाहर निकलना है, रेस्क्यू ऑपरेशन में जिन संसाधनों की जरूरत होगी वो उपलब्ध कराए जाएंगे। NDRF और SDRF की टीम ने मोर्चा संभाला। सेना की टीम भी मौके पर पहंुची। बचाव दल के रास्ते में अनेक कठिनाइयां आई, सुरंग के रास्ते में चट्टान आई। बोरवेल के अंदर जहरीला सांप भी था। मुख्यमंत्री लगातार बचाव कार्य का अपडेट लेते रहे। बचाव कार्य के दौरान आसपास के गांव वालों ने आगे बढ़कर दल का सहयोग किया।

बिलासपुर IG रतनलाल डांगी ने कहा कि इस अभियान ने साबित कर दिखाया कि छत्तीसगढ़िया सबले बढ़िया, हम लगातार एक-दूसरे से बात कर रहे थे। मुख्यमंत्री ने राहुल की दादी से वादा किया था कि हम तुम्हारे नाती को वापस लायेंगे, इसी वादे से हमें भी हिम्मत मिली। उन्होंने बताया कि परिस्थितियां चुनौती भरी रहीं, लेकिन मुख्यमंत्री के मार्गदर्शन और आशीर्वाद से देश का सबसे बड़ा ऑपरेशन सफल हुआ। जांजगीर-चांपा के SP विजय अग्रवाल ने कहा कि मुख्यमंत्री के सहयोग और मार्गदर्शन और राहुल की हिम्मत से यह ऑपरेशन सफल हुआ। मुख्यमंत्री रेस्क्यू टीम को लगातार हौसला दे रहे थे। रेस्क्यू टीम को सहयोग देने के लिए बिलासपुर, रायगढ़, कोरबा से टीम आई। बचाव के कार्य में प्राइवेट फिल्ड के लोगों ने बहुत मदद की।

 

रेस्क्यू टीम को किया सम्मानितसंचालक जनसम्पर्क सौमिल रंजन चौबे ने कहा कि जनसम्पर्क की टीम ने बिना सोये लगातार काम किया, जनसंपर्क संचालनालय में भी हमारी टीम रातभर जागती रही। आपके मार्गदर्शन में हम लगातार सही और तथ्यपूर्ण जानकारी मीडिया को पहुंचाते रहे। इस अभियान ने पूरे छत्तीसगढ़ को एक सूत्र में पिरो दिया। भावनात्मक रूप से सबको जोड़ दिया। उन्होंने बताया कि हमारे विभाग के सहायक जनसम्पर्क अधिकारी कमलज्योति जाहिरे और उनकी टीम ने 72 घंटे बिना थके और बिना सोये काम किया। CMO ट्वीटर हैंडल से 100 से भी अधिक ट्विट किए गए, जो किसी भी न्यूज चैनल की ब्रेकिंग से ज्यादा है। हमने इस अभियान में लगातार न्यूज चैनलों को सकारात्मक और सच्ची खबरें पहुंचाई। 104 घंटे के इस अभियान ने छत्तीसगढ़ को एक धागे में पिरोया। मुख्यमंत्री के मार्गदर्शन में ऑपरेशन सफल हुआ। कार्यक्रम में रेस्क्यू ऑपरेशन में लगी टेक्नीकल टीम, लाईट, टेंट, जनरेटर, वेल्डिंग मशीन, गैस कटर, मशीनरी लेबर प्रोवाइडर, बोरवेल कैमरा सेटअप संचालक, ड्रीलिंग, पोकलेन चलाने वाले, SECL की रेस्क्यू टीम और फूड प्रोवाईडर्स को भी सम्मानित किया गया।

मुख्यमंत्री के निर्देश पर त्वरित कार्रवाई, खिलेश्वरी मरकाम को मिला नया राशन कार्ड

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नरहरपुर विकासखंड के ग्राम शामतरा निवासी खिलेश्वरी मरकाम को नया राशन कार्ड मिलने से बहुत खुशी है। उन्होंने बताया कि नरहरपुर विकासखण्ड के ग्राम बादल में मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के  भेंट-मुलाकात कार्यक्रम के दौरान खिलेश्वरी मरकाम ने राशन कार्ड की मांग की, जिस पर तत्काल कार्रवाई करते हुए मुख्यमंत्री द्वारा संबंधित विभाग के अधिकारी को राशन कार्ड बनाने के निर्देश दिए गए।

खिलेश्वरी मरकाम ने बताया कि मैं अपने परिवार से 14-15 साल पहले अलग रहकर जीवन यापन कर रही हूं। मेरे पास राशन कार्ड भी नहीं था, मैं मजदूरी कर दुकानों से महंगे दरों पर राशन खरीदती थी, अब मेरे नाम का राशन कार्ड बनने से राज्य शासन द्वारा संचालित उचित मूल्य की दुकान से मुझे राशन मिलेगा। सस्ते दाम पर राशन मिलने से अब मेरी आर्थिक स्थिति में सुधार होने के साथ ही जीवन यापन करने में सुविधा होगी। इसके लिए मैं मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को कोटिश धन्यवाद देती हूं।

मुख्यमंत्री ने कहा मैं हूं ना....

झमित बोल नहीं सकते। तीन साल पहले बीमारी के चलते आवाज चली गई। इस बीच मां का साया भी सर से उठ गया। इन विपरीत परिस्थितियों में भी 12 वीं में वह फर्स्ट डिवीजन आया है, लेकिन अब झमित के पास आगे पढ़ाई के लिए पैसा नहीं है। कोदागांव में आयोजित भेंट मुलाकात कार्यक्रम में जब मुख्यमंत्री को झमित की परेशानी पता चली तो वहां मौजूद सभी ने मुख्यमंत्री की संवेदनशीलता देखी। मुख्यमंत्री ने कहा पैसे की वजह से पढ़ाई नहीं रुकेगी। उन्होंने झमित को तत्काल 2 लाख रुपये देने की घोषणा की। इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने मेडिकल सर्टिफिकेट भी बनाने के निर्देश दिए। 

मुख्यमंत्री भूपेश बघले कर रहे ऑन द स्पॉट फैसला, इस लड़के से कहा मैं हूं ना....

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मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की खासियत है कि वे अधिकतर मामलों में फैसला ऑन द स्पॉट करते हैं। इन दिनों प्रदेश की जनता से सीधे रूबरू होने के लिए भेंट-मुलाकात अभियान के दौरान भी उनका यह अंदाज देखने को मिल रहा है। जब भी कोई उनके पास समस्या लेकर पहुंचता है तो उसके तत्काल निराकरण का प्रयास मुख्यमंत्री बघेल करते हैं। ऐसा ही किस्सा कांकेर विधानसभा के बादल गांव में हुआ, जहां खराब पानी की शिकायत पर मुख्यमंत्री ने तुरंत फैसला लेते हुए प्रभावित गांवों को दुधावा समूह योजना में जोड़ने की बात कही और ग्रामीणों तक शुद्ध जल पहुंचाने के निर्देश दिए।   

मुख्यमंत्री बघेल कांकेर विधानसभा के बादल गांव में भेंट-मुलाकात कार्यक्रम के लिए पहुंचे थे। इस दौरान भेंट-मुलाकात कार्यक्रम में डुमरपानी के चप्पूलाल सिन्हा ने मुख्यमंत्री को जानकारी दी कि उनके गांव में फ्लोराइड युक्त पानी की वजह से लोग बीमार पड़ रहे हैं। ऐसी ही समस्या साईगांव में भी है। ग्रामीण की समस्या को सुनकर मुख्यमंत्री ने उचित कार्रवाई का भरोसा दिलाया। वहीं बादल में भेंट-मुलाकात कार्यक्रम खत्म होने के पहले ही डुमरपानी और साईगांव को दुधावा समूह योजना में शामिल करने का निर्णय लेते हुए इसकी घोषणा भी कर दी। मुख्यमंत्री ने कहा कि डुमरपानी और साईगांव दुधावा समूह योजना में शामिल होने पर गांव वालों को शुद्ध जल मिलेगा और लोग स्वस्थ रहेंगे। 

मुख्यमंत्री ने कहा मैं हूं ना....

 झमित बोल नहीं सकते। तीन साल पहले बीमारी के चलते आवाज चली गई। इस बीच मां का साया भी सर से उठ गया। इन विपरीत परिस्थितियों में भी 12 वीं में वह फर्स्ट डिवीजन आया है, लेकिन अब झमित के पास आगे पढ़ाई के लिए पैसा नहीं है। कोदागांव में आयोजित भेंट मुलाकात कार्यक्रम में जब मुख्यमंत्री को झमित की परेशानी पता चली तो वहां मौजूद सभी ने मुख्यमंत्री की संवेदनशीलता देखी। मुख्यमंत्री ने कहा पैसे की वजह से पढ़ाई नहीं रुकेगी। उन्होंने झमित को तत्काल 2 लाख रुपये देने की घोषणा की। इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने मेडिकल सर्टिफिकेट भी बनाने के निर्देश दिए। 


आंगनबाड़ी में पकी खिचड़ी की खुशबू पर मुग्ध हो गए मुख्यमंत्री

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मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने बादल गांव में आंगनबाड़ी केन्द्र का किया निरीक्षण। भेंट मुलाकात कार्यक्रम के दौरान कांकेर विधानसभा क्षेत्र के बादल गांव के आंगनबाड़ी केंद्र का निरीक्षण कर रहे मुख्यमंत्री भूपेश बघेल बच्चों के लिए पकाई गई खिचड़ी की खुशबू पर मुग्ध हो गये। निरीक्षण के दौरान CM बघेल यह देखने के लिए सीधे रसोई में पहुंच गये कि कार्यकर्ता-सहायिकाओ ने बच्चों के लिए क्या पकाया है। 

उन्होंने जब गैस चूल्हे पर कूकर चढ़ा देखा तो आगे बढ़कर खुद ही उसका ढक्कन खोल लिया। खिचड़ी के रंग-रूप और खुशबू पर मुग्ध CM बघेल ने इसकी तारीफ तो की ही, वहां मौजूद लोगों को भी दिखाया कि कितनी खुशबूदार खिचड़ी बनी है। दरअसल, राज्य में चल रहे मुख्यमंत्री सुपोषण अभियान में आंगनबाड़ी केंद्र महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। इन केंद्रों के माध्यम से बच्चों, किशोरियों और गर्भवती माताओं को पोषक आहार दिए जाते हैं। मुख्यमंत्री ने आहार की गुणवत्ता परखने के लिए रसोई का निरीक्षण किया था।

मुख्यमंत्री ने भेंट-मुलाकात के दौरान आंगनबाड़ी केन्द्र के बच्चों, किशोरी बालिकाओं और गर्भवती माताओं को दी जाने वाली भोजन की गुणवत्ता का अवलोकन भी कर रहे हैं। मुख्यमंत्री बघेल ने माताओं और बच्चों को शासन की योजनाओं से मिलने वाले लाभ और योजना के क्रियान्वयन की भी जानकारी ली। उन्होंने आंगनबाड़ी के बच्चों को बड़ी आत्मीयता के साथ अभिभावक की तरह गोद में उठाया।

CM भूपेश बघेल ने जारी की गोधन न्याय योजना की राशि, इतने हितग्राहियों को मिला लाभ

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मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने आज कांकेर में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से आयोजित कार्यक्रम में गोधन न्याय योजना के हितग्राहियों को राशि का अंतरण किया। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने बटन दबाकर गोधन न्याय योजना के हितग्राहियों के खातों में किया राशि अंतरण किया। कांकेर में महिला एवं बाल विकास मंत्री अनिला भेड़िया, संसदीय सचिव शिशुपाल सोरी,  अंतागढ़ विधायक अनूप नाग, मुख्यमंत्री के सलाहकार राजेश तिवारी भी उपस्थित रहे।

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कार्यक्रम में कहा कि राजीव गांधी किसान न्याय योजना, राजीव गांधी ग्रामीण भूमिहीन कृषि मजदूर न्याय योजना और गोधन न्याय योजना के अंतर्गत संबंधित को राशि का वितरण समय से किया गया। कोरोना काल में भी हमने ये सिलसिला टूटने नहीं दिया। इस समय मैं पूरे प्रदेश का लगातार दौरा कर रहा हूं, हम शासन का कामकाज भी सुचारू रूप से कर रहे हैं और हितग्राहियों को भुगतान भी समय पर हो रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि इस कार्यक्रम के माध्यम के 15 करोड़ 37 लाख रुपए की राशि का अंतरण किया जा रहा है। इसमें 3 करोड़ 36 लाख रुपए गोबर खरीदी की, और 12 करोड़ 01 लाख रुपए गोठान समितियों और स्व सहायता समूहों के लाभांश की राशि शामिल है। भेंट मुलाकात कार्यक्रम में अभी तक जहां भी गया हूं, वहां गोधन न्याय योजना को लेकर हमारे पशु-पालक भाईयों, किसानों, स्व सहायता समूहों और गोठान समितियों में अच्छा उत्साह नजर आ रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस योजना से हमारे ग्रामीण भाइयों की आय बढ़ने के साथ-साथ रोजगार के अवसर भी बढ़े हैं। हमारी माताओं-बहनों को नई आर्थिक ताकत मिली है।

दुग्ध उत्पादक अपनी समिति बना लें, संग्रहण केंद्र बनाकर खरीदी पर विचार करेगी सरकार: CM भूपेश बघेल

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दूध उत्पादन करने वाले किसान सामूहिक रूप से अपनी समिति बनाकर यह कार्य करें और समिति के माध्यम से अपना दूध एकत्रित करें तो संग्रहण केंद्रों के माध्यम से इसकी खरीदी की सुविधा दी जा सकती है। भानुप्रतापपुर विधानसभा के गितपहर में आयोजित भेंट मुलाकात के दौरान चारामा के किसान भूषण साहू से संवाद करते हुए मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने यह बात कही। भूषण ने मुख्यमंत्री से कहा मैं दूध का व्यवसाय करता हूं। क्षेत्र में दूध खरीदी केंद्र होता और शासकीय दर पर खरीदी होती तो हमें और भी सुविधा होती। 



इस पर मुख्यमंत्री ने कहा कि समितियों के माध्यम से यदि यह पहल की जाए तो इसका परीक्षण कर संग्रहण केंद्र बनाने पर सरकार विचार कर सकती है ताकि संग्रहण केंद्रों के माध्यम से दूध खरीदी की जा सके। मुख्यमंत्री ने इस मौके पर गितपहर के किसानों को कहा कि समितियों के माध्यम से कार्य करना काफी उपयोगी होता है क्योंकि शासन की अनेक योजनाएं समितियों को बढ़ावा देने बनाई गई हैं। मुख्यमंत्री ने इस मौके पर गितपहर में 5 करोड़ 19 लाख रुपए की लागत से 83 देवगुड़ियों का भूमिपूजन एवं लोकार्पण भी किया। साथ ही उन्होंने शीतला माता की पूजा कर प्रदेश की सुख-शांति की कामना की।

खेती में हुआ लाभ तो लेने लगे डबल फसल 

 महेश निषाद ने कहा कि 49 हजार रुपए का कर्ज माफ हुआ और राजीव गांधी किसान न्याय योजना की किश्त मिल गई। खेती अब मेरे लिए फायदे का सौदा बन गई है। अब मैं डबल फसल लेना लगा हूं। गितपहर में हितग्राही गिरधारी लाल ने बताया कि खेती कैसे करता, पट्टा नहीं था। वनाधिकार पट्टा मिला तो खेती करनी आरंभ कर दी। अब दो एकड़ में खेती कर रहा हूं। राजीव गांधी न्याय योजना के माध्यम से फसल का अच्छा मूल्य मिल रहा है। मुख्यमंत्री जी, मेरे जीवन में आपकी वजह से खुशहाली आई है। संतोष देवेंद्र ने कहा कि मैं 14 एकड़ में खेती कर रहा हूँ। मेरा डेढ़ लाख रुपए का कर्ज माफ हुआ है। राजीव गांधी किसान न्याय योजना की पहली किश्त में 26 हजार मिले हैं। मुख्यमंत्री जी, खेती मेरे लिए फिर से खुशहाली ले आई है।

सामुदायिक भवन के निर्माण की घोषणा 

भानुप्रतापपुर विधानसभा के गितपहर में भी हमेशा की तरह मुख्यमंत्री का संवेदनशील चेहरा दिखा। दोनों हाथ से दिव्यांग लड़की भारती ने कहा कि दिव्यांगता की वजह से काफी समस्या हो रही है। मुख्यमंत्री ने कलेक्टर को मौके पर ही निर्देशित करते हुए कहा कि दिव्यांगजनों की समस्याएं प्राथमिकता से हल की जाएं। दिव्यांगजनों को शासकीय सुविधाओं का नियमित लाभ मिल रहा है या नहीं, इसकी निरंतर मानिटरिंग की जाए।

गितपहर में की मुख्यमंत्री ने महत्वपूर्ण घोषणा

मुख्यमंत्री ने गितपहर में मिनी स्टेडियम निर्माण की घोषणा की। चारामा में आदिवासी समाज के लिए सामुदायिक भवन के निर्माण की घोषणा की। जिला सहकारी केंद्रीय बैंक की शाखा खोलने के निर्देश भी दिये, कलेक्टर इसके लिए स्थान चिन्हांकित करेंगे। इसके साथ ही बासनवाही और बारगरी में उपस्वास्थ्य केंद्र निर्माण की घोषणा भी की। भानुप्रतापपुर विधानसभा के सभी देवगुड़ी और घोटुल के प्रस्ताव स्वीकृत करने की घोषणा भी मुख्यमंत्री ने की।

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