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CG Rain Alert : छत्तीसगढ़ के 7 जिलों में ऑरेंज अलर्ट: तेज आंधी, बारिश और बिजली गिरने की चेतावनी

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 CG Rain Alert : छत्तीसगढ़ में मौसम ने अचानक करवट ले ली है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) के मौसम विज्ञान केंद्र रायपुर ने प्रदेश के कई जिलों के लिए ऑरेंज और येलो अलर्ट जारी किया है। मौसम विभाग के अनुसार रविवार सुबह तक कई क्षेत्रों में तेज आंधी, बारिश और आकाशीय बिजली गिरने की संभावना बनी हुई है। इसके साथ ही 40 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं।


मौसम विभाग ने लोगों से खराब मौसम के दौरान सतर्क रहने और अनावश्यक रूप से घरों से बाहर नहीं निकलने की सलाह दी है।

इन जिलों में ऑरेंज अलर्ट

मौसम विभाग ने धमतरी, कोंडागांव, बस्तर, दंतेवाड़ा, सुकमा, जशपुर और रायगढ़ जिलों के कुछ हिस्सों में मध्यम दर्जे के तूफान, तेज बारिश और बिजली गिरने की चेतावनी जारी की है। इन क्षेत्रों में 40 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज सतही हवाएं चलने की संभावना है।

इन जिलों में येलो अलर्ट

बिलासपुर, कांकेर, नारायणपुर, बलरामपुर, सरगुजा, कोरबा, जांजगीर-चांपा, बलौदाबाजार, महासमुंद और गरियाबंद जिलों में हल्के से मध्यम स्तर की बारिश, गरज-चमक और 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं। इन जिलों के लिए येलो अलर्ट जारी किया गया है।

मौसम विभाग की सलाह

मौसम विभाग ने खराब मौसम के दौरान विशेष सावधानी बरतने की अपील की है। विभाग ने लोगों को पेड़ों, बिजली के खंभों और कमजोर संरचनाओं से दूर रहने की सलाह दी है। इसके अलावा खुले मैदानों और खेतों में जाने से बचने, मोबाइल एवं इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों का सावधानीपूर्वक उपयोग करने तथा तेज आंधी के दौरान वाहनों को सुरक्षित स्थान पर खड़ा करने की सलाह दी गई है।

मौसम विभाग के अनुसार प्रदेश में अगले 24 घंटों तक मौसम का यही मिजाज बना रह सकता है और कई इलाकों में तेज बारिश के साथ आंधी-तूफान की गतिविधियां देखने को मिल सकती हैं।

छत्तीसगढ़ में 1165.3 मिमी. औसत वर्षा, जानिए किस जिले में कितनी हुई बारिश

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 रायपुर : राज्य शासन के राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग द्वारा बनाए गए राज्य स्तरीय नियंत्रण कक्ष द्वारा संकलित जानकारी के मुताबिक एक जून 2024 से अब तक राज्य में 1165.3 मिमी औसत वर्षा दर्ज की जा चुकी है। राज्य के विभिन्न जिलों में 01 जून 2024 से आज 01 अक्टूबर सवेरे तक रिकार्ड की गई वर्षा के अनुसार बीजापुर जिले में सर्वाधिक 2377.7 मिमी और बेमेतरा जिले में सबसे कम 606.6 मिमी औसत वर्षा दर्ज की गयी है।


राज्य स्तरीय बाढ़ नियंत्रण कक्ष से प्राप्त जानकारी के अनुसार एक जून से अब तक सरगुजा जिले में 634.5 मिमी, सूरजपुर में 1160.8 मिमी, बलरामपुर में 1731.2 मिमी, जशपुर में 1064.1 मिमी, कोरिया में 1127.4 मिमी, मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर में 1088.7 मिमी औसत वर्षा दर्ज की गयी।

इसी प्रकार, रायपुर जिले में 954.6 मिमी, बलौदाबाजार में 1188.3 मिमी, गरियाबंद में 1099.9 मिमी, महासमुंद में 969.6 मिमी, धमतरी में 1035.5 मिमी, बिलासपुर में 991.2 मिमी, मुंगेली में 1115.5 मिमी, रायगढ़ में 1109.0 मिमी, सारंगढ़-बिलाईगढ़ में 734.4 मिमी, जांजगीर-चांपा में 1223.4 मिमी, सक्ती 1062.0 मिमी, कोरबा में 1418.2 मिमी, गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही में 1207.5 मिमी, दुर्ग में 655.0 मिमी औसत वर्षा दर्ज की गयी। कबीरधाम जिले में 922.6 मिमी, राजनांदगांव में 1128.1 मिमी, मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी में 1239.5 मिमी, खैरागढ़-छुईखदान-गंडई में 856.6 मिमी, बालोद में 1199.6 मिमी, बस्तर में 1268.9 मिमी, कोण्डागांव में 1206.0 मिमी, कांकेर में 1422.5 मिमी, नारायणपुर में 1463.4 मिमी, दंतेवाड़ा में 1520.6 मिमी और सुकमा जिले में 1673.3 मिमी औसत वर्षा एक जून से अब तक रिकार्ड की गई।

छत्तीसगढ़ में 1163.6 मि.मी. औसत वर्षा : बेमेतरा में सबसे ज्यादा, जानिए किस जिले में कितनी हुई बारिश

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 रायपुर : राज्य शासन के राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग द्वारा बनाए गए राज्य स्तरीय नियंत्रण कक्ष द्वारा संकलित जानकारी के मुताबिक एक जून 2024 से अब तक राज्य में 1163.6 मिमी औसत वर्षा दर्ज की जा चुकी है। राज्य के विभिन्न जिलों में 01 जून 2024 से आज 28 सितम्बर सवेरे तक रिकार्ड की गई वर्षा के अनुसार बीजापुर जिले में सर्वाधिक 2376.3 मिमी और बेमेतरा जिले में सबसे कम 606.6 मिमी औसत वर्षा दर्ज की गयी है।


राज्य स्तरीय बाढ़ नियंत्रण कक्ष से प्राप्त जानकारी के अनुसार एक जून से अब तक सरगुजा जिले में 633.9 मिमी, सूरजपुर में 1160.4 मिमी, बलरामपुर में 1729.8 मिमी, जशपुर में 1064.0 मिमी, कोरिया में 1122.1 मिमी, मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर में 1086.0 मिमी औसत वर्षा दर्ज की गयी।

इसी प्रकार, रायपुर जिले में 954.4 मिमी, बलौदाबाजार में 1188.3 मिमी, गरियाबंद में 1098.1 मिमी, महासमुंद में 969.0 मिमी, धमतरी में 1033.5 मिमी, बिलासपुर में 991.2 मिमी, मुंगेली में 1114.7 मिमी, रायगढ़ में 1108.6 मिमी, सारंगढ़-बिलाईगढ़ में 734.2 मिमी, जांजगीर-चांपा में 1223.4 मिमी, सक्ती 1061.7 मिमी, कोरबा में 1417.0 मिमी, गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही में 1206.7 मिमी, दुर्ग में 655.0 मिमी औसत वर्षा दर्ज की गयी। कबीरधाम जिले में 921.4 मिमी, राजनांदगांव में 1128.1 मिमी, मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी में 1237.5 मिमी, खैरागढ़-छुईखदान-गंडई में 855.8 मिमी, बालोद में 1199.6 मिमी, बस्तर में 1264.9 मिमी, कोण्डागांव में 1199.2 मिमी, कांकेर में 1421.8 मिमी, नारायणपुर में 1448.6 मिमी, दंतेवाड़ा में 1515.3 मिमी और सुकमा जिले में 1673.3 मिमी औसत वर्षा एक जून से अब तक रिकार्ड की गई।

बारिश के समय में राहत कार्यों में तेजी लाने के निर्देश

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रायपुर। नारायणपुर, सुकमा, बीजापुर, दंतेवाड़ा में अति वर्षा के कारण बड़ी संख्या में लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा है। कई लोगों के घरों में जलभराव से नुकसान हुआ है वहीं बड़ी संख्या में किसानों की फसल नुकसान हुई है। ऐसे में वनमंत्री केदार कश्यप ने इन जिलों के कलेक्टर को राहत कार्य करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने सभी अनुविभागीय राजस्व अधिकारियों, तहसीलदारों और नायब तहसीलदारों को निर्देश जारी कर समय पूर्व सभी तैयारियां पुख्ता कर लेने को कहा है।

वनमंत्री कश्यप ने कहा कि समय रहते बचाव के उपाय भी किए जाएं। उन्होंने  कहा की बरसात के मौसम में कई मौसमी बीमारियों का भी खतरा रहता है। ऐसे में स्वास्थ्य विभाग के साथ मिलकर दवाओं के छिड़काव के साथ अन्य जरूरी उपाय किए जाएं। जिला मुख्यालय और तहसील स्तर पर आपदा नियंत्रण केन्द्र 24 घंटे सक्रिय रखा जाए। बांधों, जलाशयों, पुलों से संबंधित अमला पूरे समय अलर्ट रहे। उन्होंने कहा जल भराव की स्थिति पर आवश्यक व्यवस्थाएं तत्परता से कराई जाए। मंत्री कश्यप ने अत्यधिक वर्षा प्रभावित जिलों के कलेक्टर से बात कर स्थिति पर नज़र रखने का निर्देश दिये है ताकि खरीफ सीजन की  चल रहे कृषि कार्य में कोई व्यवधान न हो।


छत्तीसगढ़ : जहरीला मशरूम खाने से 2 साल की मासूम की मौत: एक ही परिवार के आठ लोग बीमार

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 रायपुर : छत्तीसगढ़ के गौरेला पेंड्रा मरवाही में जहरीला मशरूम खाने से एक ही परिवार के आठ लोग गंभीर रूप से बीमार हो गए औऱ 2 साल की मासूम की मौत हो गई।


पूरा मामला थाना मरवाही अंतर्गत ग्राम मरवाही के नवा टोला का है। नवाटोला निवासी अशोक चंद्रा अपने परिवार सहित शुक्रवार की शाम जंगल से लाए मशरूम (छतनी) का सेवन किए, जिसके बाद परिवार के सभी सदस्यों जिसमे छोटे छोटे बच्चे भी शामिल हैं, सभी अचानक उल्टियां करने लगे , जिसमे एक दो साल की बच्ची सिद्धि चंद्रा को ज्यादा तबियत खराब हो जाने के कारण इलाज के लिए मरवाही के ही प्राइवेट अस्पताल ले जाया गया।

जहां उसे इलाज के बाद वापस घर भेज दिया गया जिसकी आज शनिवार सुबह तकरीबन 9 बजे उसकी मौत हो गई। इसके बाद घर के सभी बीमार लोगो को 108 संजीवनी एंबुलेंस के माध्यम से आनन फानन में मरवाही अस्पताल में भर्ती कराया गया जहां सभी का इलाज जारी है और सभी बीमारो की स्थिति खतरे से बाहर बताई जा रही है। वहीं पुलिस मर्ग कायम कर मामले की जाँच में जुटी हुई है।

ना खाएं मशरूम

दरअसल, मशरूम गीली मिट्टी में बनता है. इस मौसम में जब बारिश होती है तो बैक्टीरिया मिट्टी पर आ जाते हैं. जिसके चलते यह बैक्टीरिया मशरूम पर भी ट्रांसफर हो जाते हैं. ऐसे में अगर मशरूम खाते हैं, तो इससे बीमार होने की संभावना कई गुना बढ़ जाती है.

इसके साथ ही बारिश के मौसम में मशरूम ढेर सारे बीजाणु पैदा करते हैं. अधिक मोल बनाते हैं. बहुत से लोगों के लिए ये बीजाणु एलर्जी का स्रोत हो सकते हैं. इसलिए भी मशरूम को अवॉयड करने की सलाह दी जाती है.


देश के इन राज्यों में आज हो सकती है बारिश, IMD ने जारी की ये चेतावनी

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 Weather Update : देश के कई हिस्सों में बारिश होने वाली है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD ) ने बारिश को लेकर अलर्ट जारी किया है। इसमें जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, पूर्व और पश्चिम मध्य प्रदेश,मध्य महाराष्ट्र और मराठवाड़ा, विदर्भ और छत्तीसगढ़ शामिल हैं। यहां हल्की से मध्यम बारिश होगी।


मौसम विभाग ने अगले पांच दिनों के दौरान तमिलनाडु, पुदुचेरी, कराईकल, केरल और माहे में आंधी तूफान की संभावना जताई है। दिल्ली में आज आंशिक रूप से बादल छाए रहेंगे और सुबह हल्का कोहरा भी बना रहेगा। रात में हल्की बारिश या बूंदाबांदी होने की संभावना है।

वहीं पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने के कारण बिहार में ठंड बढ़ चुकी है। राजधानी पटना में बादल छाए रहे, वहीं कई जिलों में हल्की बारिश भी हुई। रोहतास, अरवल और औरंगाबाद में हल्की बारिश हुई। मौसम विभाग के मुताबिक, बुधवार से प्रदेश का मौसम शुष्क रहेगा। वहीं, पूर्वी बिहार में बारिश होने के आसार बने हुए हैं।


Wheather Update : छत्तीसगढ़ में एक-दो स्थानों पर भारी से अति भारी बारिश होने की चेतावनी

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रायपुर। मौसम विभाग ने अगले चौबीस घंटों के दौरान दक्षिण और उत्तर छत्तीसगढ़ में एक-दो स्थानों पर भारी से अति भारी बारिश होने की चेतावनी दी है। वहीं, इन इलाकों में कुछ स्थानों पर आकाशीय बिजली गिरने की भी संभावना जताई है। मौसम विभाग से मिली जानकारी के अनुसार एक ऊपरी हवा का चक्रवाती घेरा दक्षिण पूर्व उत्तरप्रदेश और उससे लगे उत्तर-पूर्व मध्यप्रदेश के ऊपर बना हुआ है। इसके असर से कल अधिकांश स्थानों पर हल्की से मध्यम वर्षा होने अथवा गरज-चमक के साथ छींटे पड़ने की संभावना है।

इस बीच, आज राजधानी रायपुर में दोपहर बाद गरज-चमक के साथ तेज बारिश हुई। समीपवर्ती अनेक जिलों में हल्की से मध्यम बारिश होने की खबर है। वहीं, खबर मिली है कि ओडिशा में तेज बारिश होने के कारण धमतरी जिले के नगरी ब्लॉक में शुक्लाभाठा नदी में बाढ़ की स्थिति बन गई है। इससे रिसगांव मार्ग पर आवागमन प्रभावित हुआ है।

India vs Pakistan: क्या होगा अगर रिजर्व डे पर भी होती है बारिश? जानिए क्या है नियम

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India vs Pakistan: बारिश के चलते भारत बनाम पाकिस्तान एशिया कप 2023 सुपर फोर मैच को रिजर्व डे के लिए शिफ्ट कर दिया गया है. खेल वहीं से शुरू होगा जहां रविवार को छोड़ा गया है. भारत का स्कोर 24.1 ओवर में 2 विकेट के नुकसान पर 147 रन है.


खेल अपने नियमित समय दोपहर 3 बजे फिर से शुरू होगा. अगर रिजर्व डे पर भी बारिश होती है, तो अंपायर प्रति पक्ष 20-20 ओवर का मुकाबला कराकर परिणाम निकालने की कोशिश करेंगे. रविवार की तरह, बारिश होने की स्थिति में खेल शुरू होने को रात 12 बजे तक बढ़ाया जा सकता है.

श्रीलंका के कोलंबो में पिछले काफी दिनों से लगातार बारिश का सिलसिला जारी देखने को मिला है. ऐसे में इस मुकाबले में भी बारिश का खतरा मंडरा रहा था और इसी कारण फाइनल के अलावा एसीसी ने इस मुकाबले के लिए भी रिजर्व-डे रखने का फैसला किया. इससे पहले जब ग्रुप स्टेज में भारत-पाकिस्तान ने मुकाबला कैंडी के पल्लेकेले स्टेडियम में खेला था तो वह बारिश की वजह से रद्द हो गया था.


CG NEWS : आकाशीय बिजली गिरने से 2 की मौत: बारिश से बचने को पेड़ के नीचे खड़े थे

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रायपुर : प्रदेश के बिलासपुर जिले में बारिश के दौरान गाज गिरने से खेत में काम कर रहे दो लोगों की मौत हो गई। गरज चमक के साथ हुई बारिश के दौरान आकाशीय बिजली की चपेट में आकर 45 वर्षीय दो व्यक्तियों की मौत हो गई। मामला मस्तूरी थाना क्षेत्र का है।


दरअसल, मस्तूरी थाना क्षेत्र के ग्राम खुडूभाठा में आकाशीय बिजली की चपेट में दो लोग आ गए। ग्राम खुडूभाठा निवासी पिता भरत तिवारी (45) पिता भागवत तिवारी और गौरीशंकर केवंट (45) लाला केवंट को लेकर खेत में काम करने गया था। दोपहर को अचानक बारिश के साथ गरज चमक शुरू हुई और दोनों बारिश से बचने के लिए पेड़ के नीचे जाकर खड़े हो गए। इस दौरान आकाशीय बिजली गिरने से दोनों की मौत हो गई।

खेतों में कम कर रहे अन्य लोगों ने जब उन्हें जमीन पर गिरे देखा तब उनके परिजनों को जानकारी दी। परिजनों ने दोनों को अस्पताल में भर्ती कराया, जहां डॉक्टरों ने परीक्षण के उपरांत उन्हें मृत घोषित कर दिया। पोस्टमार्टम के बाद शवों को परिजनों के सुपर्द किया जाएगा।

बरसात में आंखों का रखें खास ख्याल : एलर्जिक कन्जक्टिवाइटिस होने पर हो सकती है खुजली, आंखों से पानी आना और सूजन जैसी समस्याएं

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रायपुर। बारिश, नमी और दूषित जल से कई तरह के बैक्टीरिया बढ़ जाते हैं, जिनमें से कुछ आंखों के संक्रमण का कारण बन सकते हैं। बारिश के दिनों में हवा में नमी बढ़ने के कारण वायरस और बैक्टीरिया का खतरा बढ़ जाता है। इससे आंखों में कन्जक्टिवाइटिस, रेडनेस, आई फ्लू आदि की समस्या होने लगती है।

कन्जक्टिवाइटिस वायरस और बैक्टीरिया से फैलता है, जिसके चलते यह एक से दूसरे व्यक्ति में आसानी से फैलता है। कन्जक्टिवाइटिस को पिंक आइज की समस्या भी कहा जाता है। ज्यादातर यह समस्या सामान्य इलाज से ही ठीक हो जाती है। इसके गंभीर होने का खतरा कम होता है। चूंकि आंख सबसे ज्यादा संवेदनशील अंग है, इसलिए इनका विशेष ख्याल रखने की जरूरत होती है। एलर्जिक कन्जक्टिवाइटिस होने पर खुजली, आंखों से पानी आना और सूजन जैसी समस्याएं हो सकती हैं। 

संचालक, महामारी नियंत्रण डॉ. सुभाष मिश्रा ने बताया कि कन्जक्टिवाइटिस संक्रामक बीमारी है जो सम्पर्क से फैलती है। अतः मरीज को अपनी आंखों को हाथ नहीं लगाने की सलाह दी जाती है। मरीज के उपयोग की चीजों को अलग रखकर इस बीमारी के फैलाव को रोका जा सकता है।  संक्रमित आंख को देखने से इस बीमारी के फैलने की धारणा केवल भ्रम है। यह बीमारी केवल  सम्पर्क से ही फैलती है।

क्या हैं लक्षण ?

आई फ्लू में आंखें लाल हो जाती हैं। आंखों से पानी आने लगता है, जलन होती है, पलकों पर पीला और चिपचिपा तरल जमा होने लगता है। आंखों में चुभन होने के साथ-साथ सूजन आ जाती है। आंखों से पानी आना और खुजली होना इसके सामान्यतः दिखाई देने वाले लक्षण हैं। अगर इन्फेक्शन गहरा हो तो आंखों की कॉर्निया को भी नुकसान हो सकता है जिससे आंखों की दृष्टि प्रभावित हो सकती है। मॉनसून सीजन में आई फ्लू का खतरा बच्चों में सबसे ज्यादा होता है।

आई फ्लू या कन्जक्टिवाइटिस से बचाव के लिए आंखों की सफाई का पूरा ध्यान रखें और उन्हें ठंडे पानी से बार-बार धोएं। किसी भी संक्रमित व्यक्ति के संपर्क में आने से बचें। कन्जक्टिवाइटिस से पीड़ित होने पर बार-बार आंखों पर हाथ न लगाएं। आंखों में आई ड्रॉप डालने से पहले हाथों को अच्छी तरह धो लें। आंखों पर बर्फ की सिकाई जलन और दर्द से राहत दिलाती है। संक्रमण के दौरान गंदगी और ज्यादा भीड़ वाली जगहों पर जाने से बचें। संक्रमित व्यक्ति से हाथ न मिलाएं और उनकी चीजें जैसे चश्मा, तौलिया, तकिया आदि न छुएं। साथ ही अपना तौलिया, रूमाल, चश्मा आदि किसी के साथ साझा न करें। अगर इन बातों का ध्यान रखा जाए तो जल्द ही यह समस्या दूर हो सकती है।

नेत्र संबंधी कोई भी समस्या होने पर नेत्र विशेषज्ञ के पास दिखाना उचित होता है। अन्यथा गंभीर स्थिति निर्मित हो सकती है। आंखों की जांच और उपचार की सुविधा चिकित्सा महाविद्यालयों, जिला चिकित्सालयों, सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों तथा प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों में निःशुल्क उपलब्ध है।

खतरे के निशान से ऊपर बह रही शिवनाथ नदी, अलर्ट जारी

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दुर्ग। लगातार हो रही बारिश से शिवनाथ नदी का जल स्तर बढ़ गया पेश। पानी खतरे के निशान से ऊपर बह रहा हैं जिसे देखते हुए एसडीआरएफ ने लोगों से सतर्क रहने की अपील की हैं। बता दें,दुर्ग की जीवनदायिनी नदी शिवनाथ का जलस्तर काफी बढ़ चुका है। 


मोगरा और सूखा नाला जलाशयों से छोड़े गए लगभग 10 हज़ार क्यूसेके पानी से शिवनाथ नदी उफान पर है। गौरतलब है कि छत्तीसगढ़ प्रदेश में लगातार हो रही बारिश के चलते प्रदेश के अधिकांश नदियों का जल स्तर काफी बढ़ गया है। खास कर शिवनाथ नदी का जल स्तर खतरे के निशान के आसपास पानी बह रहा है। एनीकट के गेट को आगामी आदेश तक बंद कर दिया गया है।

 खतरे को देखते हुए एसडीआरएफ की टीम ने नदी तट पर पहुंच कर सैलानियों से सावधान रहने कि अपील की है और जो लोग फैमिली के साथ फोटो खिंचवा रहे हैं उनको खतरे की जगहों से हटाया गया। जल स्तर बढ़ने के साथ साथ नदी तट पर धीरे धीरे सैलानियों की भीड़ भी बढ़ती ही जा रही है।


आकाशीय बिजली गिरने से बचने के लिए जरूरी है सावधानी बरतना

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महासमुंद। बारिश के दिनों में यदा-कदा आकाशीय बिजली (गाज) गिरने की घटनाएं होती रहती है। प्रदेश के राजस्व एवं आपदा प्रबंधन प्राधिकरण द्वारा वज्रपात, आकाशीय बिजली से बचने के लिए आम नागरिकों से सावधानियां बरतने की अपील की गई है। जिसके अंतर्गत यदि घर में हो तो पानी का नल, फ्रिज, टेलीफोन आदि को न छुएं और उससे दूर रहे तथा बिजली से चलने वाली यंत्रों, उपकरणों को बंद कर दें।
                  

यदि दो पहिया वाहन, साईकिल, ट्रक, खुले वाहन नौका आदि पर सवार हो तो तुरंत उतरकर सुरक्षित स्थानों पर चले जाए। वज्रपात, आकाशीय बिजली के दौरान वाहनों पर सवारी न करें, धातु की डंडी वाले छाते का उपयोग न करें, टेलीफोन व बिजली के पोल/खम्भें तथा टेलीफोन व टेलीफोन टावर से दूर रहें, कपड़े सुखाने के लिए तार प्रयोग न कर, जूट या सूत की रस्सी का उपयोग करें, बिजली की चमक देख तथा गड़गड़ाहट की आवाज सुनकर ऊंचे एवं एकल पेड़ों पर नहीं जाये, यदि आप जंगल में हो तो छोटे एवं घनें पेड़ों की शरण में चले जाये, वृक्षों दलदल वाले स्थलों तथा जलस्त्रोतों से यथा संभव दूर रहें पंरतु खुले आकाश में रहने से अच्छा है कि छोटे पेड़ों के नीचे रहें।

आपदा प्रबंधन प्राधिकरण द्वारा कहा गया है कि खुले आकाश में रहने को बाध्य हो तो नीचे के स्थलों को चुनें, एक साथ कई आदमी इक्ट्ठे न हो, दो आदमी की दूरी कम से कम 15 फीट हो, तैराकी कर रहे लोग मछुवारे आदि अविलंब पानी से बाहर निकल जाये, गीले खेतों में हल चलाते, रोपनी या अन्य कार्य कर रहे किसानों तथा मजदूरों या तालाब में कार्य रहे व्यक्ति तुरंत सूखे एवं सुरक्षित स्थान पर जाये, धातु से बने कृषियंत्र, डंडा आदि से अपने को दूर कर लें, यदि आप खेत-खलिहान में काम कर रहे हो तथा किसी सुरक्षित स्थान की शरण न ले पाए तो - जहां है वहीं रहे, हो सके तो पैरों के नीचे सूखी चीजें जैसे लकड़ी, प्लास्टिक, बोरा या सूखे पत्ते रख लें,

दोनों पैरों को आपस में सटा लें एवं दोनां हाथों को घुटनों पर रखकर अपने सिर को जमीन की तरफ यथा संभव झुका लें तथा सिर को जमीन से न छुआएं, जमीन पर कदापि न लेंटे। अपने घरों तथा खेल-खलिहानों के आस-पास कम ऊंचाई वाले उन्नत किस्म के फलदार वृक्ष समूह लगायें, ऊंचे पेड़ के तनों या टहनियों में तांबे का एक तार स्थापित कर जमीन में काफ गहराई तक दबा दें ताकि पेड़ सुरक्षित हो जाये, मजबूत छत वाला पक्का मकान सबसे सुरक्षित स्थल है। यदि संभव हो तो अपने घरों में तड़ित चालक लगवा लें। यथा संभव खुले क्षेत्र में स्वयं को धात्विक संपर्क से बचाये रखें।

बारिश के मौसम में जहरीले जीव जंतुओं से बचाव के लिए रहे सतर्क, जमीन पर सोने से बचे : कलेक्टर छिकारा

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गरियाबंद। कलेक्टर आकाश छिकारा ने आज कलेक्टोरेट सभाकक्ष में बाढ़ आपदा प्रबंधन समिति की बैठक ली। उन्होंने वर्तमान बारिश के मौसम को देखते हुए अत्यधिक जल भराव वाले जगहों का चिन्हांकन कर बाढ़ जैसी स्थिति से निपटने के लिए पूर्व तैयारियां सुनिश्चित करने के निर्देश दिये। साथ ही वनांचलों के गांवों में रहने वाले लोगों को बाढ़ के अलावा जहरीली जीव-जंतुओं से भी सतर्क रहने की अपील की। उन्होंने जिलेवासियों से अपील करते हुए कहा कि बारिश के मौसम में सांप, बिच्छु एवं अन्य जहरीले कीटो का प्रकोप बढ़ जाता है।

पानी जमा होने के कारण बिलो में रहने वाले जीव-जन्तु बिल से निकलकर बाहर विचरण करने लगते है। इनसे बचाव के लिए सुरक्षित दूरी बनाये रखे। साथ ही वनांचल क्षेत्रों में रहने वाले ग्रामीण जमीन में सोने से बचे। इसके अलावा मच्छरों से बचाव के लिए मच्छरदानी का उपयोग करे। कलेक्टर ने सांप, बिच्छू के काटने पर तत्काल नजदीकी स्वास्थ्य केन्द्र में संपर्क कर इलाज करवाने की अपील की। उन्होंने कहा कि जिले के स्वास्थ्य केन्द्रों में पर्याप्त मात्रा में एन्टी स्नैक वेनम उपलब्ध है। साथ ही अन्य जरूरी दवाईयां भी उपलब्ध है। जिससे मरीजों के इलाज में अव्यवस्था नहीं होगी। कलेक्टर ने जहरीले जीवों के काटने पर किसी प्रकार के झाड़-फूंक में समय व्यर्थ न करते हुए तत्काल स्वास्थ्य केन्द्रों में जाकर चिकित्सकीय परामर्श लेने की भी अपील जिलेवासियों से की है। बैठक में राजस्व, पुलिस, जिला सेनानी, जल संसाधन, स्वास्थ्य, नगरीय निकाय, वन विभाग एवं पीएचई विभाग के अधिकारीगण मौजूद रहे।

अत्यधिक जल भराव एवं बाढ़ की सूचना फोन नम्बर 07706-241288 पर देवें - जिले में बाढ़ आपदा नियंत्रण के लिए जिला स्तरीय कन्ट्रोल रूम की स्थापना की गई है। कन्ट्रोल रूम संयुक्त जिला कार्यालय गरियाबंद के कक्ष क्रमांक 01 में स्थापित है। जिले में कहीं भी अत्यधिक जल भराव एवं बाढ़ जैसी स्थिति निर्मित होने पर फोन नम्बर 07706-241288 पर फोन करके सूचना दे सकते हैं। नियंत्रण कक्ष चौबीस घंटे कार्यशील है। इसमें तीन शिफ्टों में तीन-तीन कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई गई है। नियंत्रण कक्ष में किसी भी प्रकार के आपदा की सूचना प्राप्त होने पर समय रहते राहत की कार्यवाही की जायेगी।

कलेक्टर छिकारा ने बाढ़ आपदा प्रबंधन समिति की बैठक में बाढ़ से निपटने सभी जरूरी तैयारियां पहले से सुनिश्चित करने के निर्देश दिये। उन्होंने पूर्व में बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों की पहचान कर वहां जान-माल की सुरक्षा के लिए अभी से सभी तैयारियां दुरूस्त करने के निर्देश दिये। साथ ही बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों के सभी गांवों में शिविर एवं ठहरने की व्यवस्था भी सुनिश्चित करने के निर्देश दिये। जिससे आपातकालीन स्थितियों में लोगों का बचाव किया जा सके। उन्होंने जल संसाधन विभाग को बांध से नदी में जल छोड़ने की पूर्व सूचना सभी प्रभावित क्षेत्रों के लोगों को देने के निर्देश दिये। कलेक्टर ने स्वास्थ्य विभाग को बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में डॉक्टरों व दवाईयों की उपलब्धता, डायरिया एवं मलेरिया से बचाव की दवाईयां एवं जागरूकता तथा मेडिकल टीम की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिये। उन्होंने बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में रेस्क्यू टीम, तैराक, नाव, टॉर्च, बूट, वाहन, लाईफ जैकेट एवं रस्सी आदि की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश जिल सेनानी को दिये। कलेक्टर ने बाढ़ प्रभावित एवं पहुंच विहीन क्षेत्रों में पर्याप्त मात्रा में राशन भण्डारण एवं वितरण भी सुनिश्चित करने के निर्देश खाद्य विभाग के अधिकारियों को दिये। उन्होंने लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग को बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में पेयजल की व्यवस्था एवं साफ पानी के लिए आवश्यतानुसार ब्लीचिंग पाउडर की भी व्यवस्था करने के निर्देश दिये।

CG WEATHER UPDATE : छत्तीसगढ़ सहित इन राज्यों में बारिश के साथ बिजली गिरने की चेतावनी

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CG WEATHER UPDATE : छत्तीसगढ़ सहित कई राज्यों में अगले 24 घंटों मे बारिश की संभावना है। मौसम विभाग ने इस महीने के आखिरी सप्ताह में भी ऐसा ही मौसम बने रहने की संभावना जताई है।


एक ताजा पश्चिमी विक्षोभ 23 मई से पश्चिमी हिमालय तक पहुंचेगा। एक ट्रफ निचले स्तरों पर बिहार से तेलंगाना तक हुए छत्तीसगढ़ होते हुए जा रही है। एक ट्रफ उत्तर आंतरिक कर्नाटक से दक्षिण तमिलनाडु तक फैली हुई है। अगले 24 घंटों के दौरान, उत्तर पूर्वी भारत और केरल में हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है।ओडिशा के दक्षिणी तट, तटीय आंध्र प्रदेश, दक्षिण आंतरिक कर्नाटक, रायलसीमा, सिक्किम और उत्तराखंड के कुछ हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है।

22 मई को तमिलनाडु, अंडमान और निकोबार द्वीप समूह, हिमाचल प्रदेश, जम्मू और कश्मीर, हरियाणा के कुछ हिस्सों और उत्तरी राजस्थान में हल्की बारिश संभव है। और धीरे-धीरे दिल्ली, उत्तर प्रदेश मध्य, छत्तीसगढ़ प्रदेश और पंजाब के कुछ हिस्सों को बारिश की गतिविधियां देखने को मिलेगी।दक्षिण-पश्चिम उत्तर प्रदेश, गंगीय पश्चिम बंगाल, झारखंड, दक्षिण हरियाणा, पश्चिम राजस्थान और विदर्भ में अलग-अलग क्षेत्रों में हीट वेव संभव हैं।




CG Weather Update : प्रदेश में बारिश से बदला मौसम का मिजाज, जारी किया अलर्ट

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रायपुर :  छत्तीसगढ़ में मौसम फिर बदला है. रविवार सुबह से ही प्रदेश के कई स्थानों में तेज हवा आंधी के साथ बूंदा-बांदी जारी है. तो कुछ जगहों पर बारिश भी हो रही है. हालांकि मौसम विभाग इसे लेकर पहले ही संभावनाएं जताई थी. आगामी दो-तीन दिनों तक मौसम ठंडा रहने का अनुमान है.


मौसम विभाग के अनुसार बंगाल की खाड़ी से अधिक मात्रा में नमी आ रही है और दक्षिण से आ रही हवाओं ने प्रदेश के तापमान को प्रभावित किया है। मौसम विभाग ने आज प्रदेश के कुछ हिस्सों में बारिश हो सकती है। मौसम विभाग ने प्रदेश के कई जिलों में गरज चमक के साथ बारिश होने की संभावना जताई है। साथ ही प्रदेश के तापमान में विशेष परिवर्तन होने की भी संभावना जताई गई है। साथ ही मौसम विभाग ने प्रदेश के कुछ जिलों में तेज हवाओं के साथ बिजली गिरने की संभावना जताई है। साथ ही आने वाले कुछ दिनों में मौसम में लगातार बदलाव की संभावना जताई गई है।

ठंडी हवाओं के चलने के कारण अधिकतम व न्यूनतम तापमान में गिरावट आइ है। शनिवार को रायपुर का अधिकतम तापमान 34.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया,जो सामान्य से सात डिग्री सेल्सियस कम रहा। वहीं न्यूनतम तापमान 21.0 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया,जो सामान्य से आठ डिग्री सेल्सियस कम रहा।

इसी प्रकार बिलासपुर, पेंड्रारोड, अंबिकापुर आदि क्षेत्रों में भी अधिकतम व न्यूनतम तापमान में गिरावट आइ। मौसम विज्ञानियों का कहना है कि अभी कुछ दिन प्रदेश में मौसम का मिजाज ऐसा ही रहेगा। अगले सप्ताह एक मई से मौसम का मिजाज बदलने के आसार है। मौसम विज्ञानी एचपी चंद्रा ने बताया कि द्रोणिका के प्रभाव से रविवार को भी प्रदेश में मौसम का मिजाज ऐसा ही रहेगा।

बता दें कि प्रदेश में 87% तक नमी है. शनिवार रात कई जगहों पर चमक के साथ बारिश हुई थी. जिसके चलते आज तापमान में उतार-चढ़ाव देखा जा सकता है. वहीं रायपुर का तापमान 26 डिग्री सेल्सियस तक रहने की संभावना है.


Weather Alert ! इन राज्यों में होगी बारिश, मौसम विभाग ने अगले 48 घंटों लिए चेतावनी की जारी

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Alert Weather : देश के कई राज्यों में प्रचंड गर्मी से लोग परेशान है। तपिश और उमस से लोगों को राहत नहीं मिल पा रही है। दोपहर में तो सूरज आग बरसा रहा है। मौसम विभाग की माने तो अगले 48 घंटों के दौरान मौसम में बदलाव देखने को मिल सकता है और कुछ राज्यों में बारिश से लोगों को राहत मिल सकती है।


मौसम विभाग की एजेंसी स्काई मेट वेदर के मुताबिक एक चक्रवाती हवाओं का क्षेत्र उत्तरी पाकिस्तान और उससे सटे पंजाब पर बना हुआ है। चक्रवाती हवाओं का क्षेत्र दक्षिण पश्चिम राजस्थान और आसपास के क्षेत्रों पर बना हुआ है। एक ट्रफ दक्षिण मध्य महाराष्ट्र से दक्षिण तमिलनाडु तक बनी हुई है।

अगले 24 घंटों के दौरान, पश्चिमी हिमालय पर छिटपुट से लेकर बड़े पैमाने पर बारिश और गरज के साथ बौछारें पड़ने की संभावना है। पश्चिमी हिमालय की ऊपरी पहाड़ियों पर हिमपात की संभावना है। अरुणाचल प्रदेश में हल्की से मध्यम बारिश और एक-दो स्थानों पर बर्फबारी संभव है।

असम, मेघालय और नागालैंड में एक या दो मध्यम बारिश हो सकती है। अगले 48 घंटों के दौरान पंजाब, हरियाणा के कुछ हिस्सों, दिल्ली और एनसीआर, उत्तरी राजस्थान और उत्तर प्रदेश के पश्चिमी हिस्सों में छिटपुट बारिश और धूल भरी आंधी चलने की संभावना है।

मध्य प्रदेश, दक्षिण छत्तीसगढ़, विदर्भ, मराठवाड़ा, उत्तर मध्य महाराष्ट्र, दक्षिण तटीय कर्नाटक, केरल, दक्षिण तमिलनाडु के कुछ हिस्सों और दक्षिण गुजरात में 1 या 2 स्थानों पर हल्की बारिश और आंधी संभव है। उत्तर पश्चिमी भारत में तापमान गिर सकता है।

 

CG News : आसमान से आई आफत , आकाशीय बिजली गिरने से पेड़ के नीचे बैठे 2 लोगों की हुई मौत

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कवर्धा। जिले से बड़ी खबर निकलकर सामने आई है. यहां आकाशीय बिजली गिरने से 2 लोगों की मौत हो गई. बारिश के कारण पेड़ के नीचे बैठे थे, तभी आसमान से मौत की बिजली तड़क गई. दरअसल, ये पूरा मामला लोहारा थाना क्षेत्र के पेलपार गांव का है. जहां बादलों की गड़गड़ाहट और बारिस के साथ तेज बिजली चमकी. इसी बिजली की चपेट में आकर दो लोगों की मौत हो गई. पेड़ के नीचे दोनों की लाशें बिछ गई.


मिली जानकारी के मुताबिक बारिश के कारण बरगद के पेड़ नीचे ननकू साहू 54 वर्ष और परमानंद पटेल बैठे थे, तभी आसमान से इंद्र का ‘डेथ बज्र’ चला. दोनों की मौके पर मौत हो गई. बताया जा रहा है कि रात से जिलेभर में तेज गरज चमक के बारिश हो रही है.

प्रदेशभर में बदला मौसम का मिजाज

आज दोपहर 12 बजे से एक बजे के बीच मौसम ने अपना मिजाज बदला और घुप अंधेरे के बीच बिजली की गर्जना के साथ झमाझम बारिश हुई। रायपुर, महासमुंद, बिलासपुर, रायगढ़, भिलाई, दुर्ग, आदि जिलों में आज झमाझम बारिश हुई है. बारिश की वजह से घरों में घंटों तक बिजली बंद रही। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि पूरे जिले सहित छत्तीसगढ़ प्रदेश के कई इलाकों में 22 मार्च तक बारिश हो सकती है। बारिश होने की वजह से मौसम में नमी आई और लोगों ने गर्मी से राहत की सांस ली है।

Wheather Update : अचानक ठंड बढ़ने से जनजीवन और सामान्य कामकाज प्रभावित

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रायपुर। छत्तीसगढ़ में अचानक ठंड बढ़ने से जनजीवन और सामान्य कामकाज प्रभावित हुआ है। बारिश, ठंड और कोहरे के कारण प्रदेश के कुछ जिलों में प्रशासन ने स्कूलों में छुट्टी भी घोषित कर दी है। सरगुजा संभाग के कुछ जिलों के स्कूलों में छुट्टी घोषित होने के बाद रायगढ़ जिले में भी आज से सात जनवरी तक सभी स्कूलों में अवकाश घोषित किया गया है।

वहीं, बालोद जिले में भी आज से सात जनवरी तक नर्सरी से आठवीं कक्षा के बच्चो के लिए अवकाश घोषित किया गया है। गौरतलब है कि कल छह जनवरी को छेरछेरा पुन्नी के कारण पहले ही अवकाश घोषित किया जा चुका है। मौसम विभाग के अनुसार प्रदेश में हवा की दिशा में परिवर्तन होने की प्रबल संभावना है, जिसके कारण उत्तर से आने वाली शुष्क और ठंडी हवा के कारण प्रदेश में अगले तीन दिनों में न्यूनतम तापमान में दो से पांच डिग्री सेल्सियस की गिरावट होने की संभावना है। प्रदेश में कल न्यूनतम तापमान में गिरावट के साथ ही उत्तरी क्षेत्र में एक दो पैकेट में हल्के से मध्यम घना कोहरा सुबह के समय बन सकता है।

भारी बारिश से गोदावरी नदी का जलस्तर बावन फीट तक पहुंचा

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रायपुर। बस्तर क्षेत्र में लगातार हुई बारिश के बाद गोदावरी नदी से पानी छोड़े जाने की वजह से सुकमा जिले के कोंटा सीमा से लगे पड़ोसी राज्य आंध्रप्रदेश के वीरापुरम में एक बार फिर राष्ट्रीय राजमार्ग क्रमाक-तीस पर जलभराव हो गया है। कल शाम इस मार्ग पर करीब एक फीट ऊपर पानी बह रह था। गोदावरी नदी का जलस्तर बावन फीट के करीब पहुंच चुका है। बताया जाता है कि अगर जलस्तर और बढ़ा तो छत्तीसगढ़ का संपर्क आंध्रप्रदेश और तेलंगाना राज्यों से टूट जाएगा। इस वर्ष बारिश के कारण इस मार्ग पर चौथी बार यातायात बाधित हुआ है।



वहीं, राजनांदगांव जिले में भी शिवनाथ नदी उफान पर हैं। मोंगरा, घुमरिया और सूखा नाला बैराज से लगातार पानी छोड़े जाने के कारण कई जगहों पर बाढ़ की स्थिति बन गई है। नदी में पानी का बहाव तेज होने की वजह से डोंगरगांव का दर्री-मटिया एनीकट क्षतिग्रस्त हो गया है, जिससे नदी के बहाव की दिशा बदल गई और आसपास के खेतों में पानी भर गया है। फसलों को नुकसान होने से स्थानीय किसान चिंतित है और उन्होंने प्रदर्शन भी किया। जिला प्रशासन और सिंचाई विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर किसानों को मुआवजा देने के प्रति आश्वस्त किया, तब जाकर किसान शांत हुए।

Wheather Alert : महानदी और शिवनाथ नदी के तटीय इलाकों में बाढ़ की स्थिति

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रायपुर। राजधानी रायपुर सहित प्रदेश के विभिन्न जिलों में पिछले कुछ दिनों से हो रही लगातार बारिश के कारण नदी-नाले उफान पर है। महानदी और शिवनाथ नदी के तटीय इलाकों में बाढ़ की स्थिति भी बन गई है। धमतरी जिले के पड़ोसी क्षेत्रों में हो रही लगातार बारिश के कारण गंगरेल बांध का जलस्तर खतरे के निशान तक पहुंच गया है। इस वजह से बांध के सभी चौदह गेट खोल दिए गए हैं। बांध से आज सुबह की जानकारी के अनुसार एक लाख इकतीस हजार क्यूसेक पानी प्रति सेकंड छोड़ा जा रहा है। 



वहीं, बांध में करीब एक लाख क्यूसेक पानी की आवक बनी हुई है। गंगरेल बांध से बड़ी मात्रा में पानी छोड़े जाने के कारण महानदी के आसपास के तैंतालीस अतिसंवेदनशील गांवों को हाई अलर्ट कर दिया गया है। नदी किनारे के विभिन्न गांवों में रहने वाले लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचा दिया गया है। उधर, दुर्ग जिले के महमरा एनीकट पर बारह फीट ऊपर पानी बह रहा है। जिले में जल संसाधन विभाग के कार्यपालन यंत्री सुरेश पांडे ने बताया कि शिवनाथ नदी खतरे के निशान से दो मीटर ऊपर बह रही है। 

जिले के मांगरा, सूखानाला और घुमरिया से लगभग सत्तर हजार क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है। तांदुला जलाशय भी लगभग पूरा भर गया है। इस बीच, बस्तर संभाग के विभिन्न स्थानों पर पिछले कुछ दिनों से हो रही लगातार वर्षा के कारण मारकंडी नदी का पानी पुल के ऊपर से बह रहा है। इस वजह से जगदलपुर-रायपुर राष्ट्रीय राजमार्ग क्रमांक-तीस पर काकड़ी घाट के पास सड़क यातायात बंद हो गया है। पुल के ऊपर लगातार पानी बहने से बस्तर से रायपुर का सड़क संपर्क टूट गया है। इस पुल के दोनों तरफ  यात्री और मालवाहक गाड़ियों की लंबी कतार लगी हुई है।

वहीं, बीजापुर और आसपास के इलाकों में हो रही लगातार बारिश के कारण इंद्रावती नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। इस वजह से राष्ट्रीय राजमार्ग पर यहां भी यातायात प्रभावित हो गया है।  बीजापुर से गीदम के बीच पुंडरी गांव में इंद्रावती नदी का पानी सड़क के ऊपर से बह रहा है। इस कारण बीजापुर से जगदलपुर और बीजापुर से हैदराबाद के बीच सड़क संपर्क टूट गया है। इस मार्ग पर कल ईंट से भरा ट्रक बह गया।

कांकेर जिले में भी पिछले दो-तीन दिनों से हो रही वर्षा के कारण विभिन्न नदी-नाले उफान पर हैं। यहां भी दुर्गूकोंदल सहित कुछ अन्य गांवों का कांकेर से सड़क संपर्क टूट गया है। कांकेर जिले के पखांजूर विकासखंड के विकास पल्ली गांव में एक कच्चे मकान की दीवार गिर जाने से एक ही परिवार के पांच सदस्यों की मौत हो गई। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने इस घटना पर गहरा दुख व्यक्त किया है। वहीं, जिला कलेक्टर डॉटक्र प्रियंका शुक्ला ने इस घटना पर दुख व्यक्त करते हुए पीड़ित परिवार को तत्काल सहायता राशि उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं।

इस बीच, मुंगेली के वनमंडल अधिकारी गणेश यू.आर. ने अचानकमार टाईगर रिजर्व के अंतर्गत बाढ़ प्रभावित स्थानों का दौरा किया। यहां मनियारी और अन्य नदी-नालों में बाढ़ के कारण सड़क यातायात बंद हो गया है। उन्होंने वन्यप्राणियों की निगरानी और सुरक्षा के लिए वन कर्मचारियों को सचेत रहने को कहा है।


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