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देश की सबसे बहादुर पुलिस बलों में से है छत्तीसगढ़ पुलिस : केन्द्रीय गृहमंत्री अमित शाह

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रायपुर :  छत्तीसगढ़ और छत्तीसगढ़ पुलिस के लिए आज का दिन ऐतिहासिक रहा। केंद्रीय गृह और सहकारिता मंत्री  अमित शाह ने आज रायपुर के पुलिस परेड ग्राउंड में आयोजित बेहद गरिमामय कार्यक्रम में राज्य की पुलिस को राष्ट्रपति निशान (पुलिस कलर्स अवार्ड-2024) सौंपा। यह देश के सशस्त्र बलों को दिया जाने वाला सर्वोच्च सम्मान है। विगत 24 वर्षों में छत्तीसगढ़ पुलिस की असाधारण सेवाओं, बहादुरी और कर्तव्यपरायणता के लिए राज्य को यह सम्मान मिला है। छत्तीसगढ़ यह सम्मान हासिल करने वाला देश का सबसे युवा राज्य है, जिसने अपने गठन के मात्र 24 वर्षों में ही यह उपलब्धि हासिल की है।


गृह मंत्री  अमित शाह ने राष्ट्रपति निशान अलंकरण समारोह में छत्तीसगढ़ पुलिस को बधाई देते हुए कहा कि राष्ट्रपति का पुलिस कलर्स अवार्ड केवल एक सम्मान नहीं है, यह सेवा और कर्तव्य का प्रतीक है। छत्तीसगढ़ पुलिस ने नक्सलवाद, संगठित अपराध और मादक पदार्थों के खिलाफ लड़ाई में जो साहस और प्रतिबद्धता दिखाई है, वह अभूतपूर्व है। छत्तीसगढ़ पुलिस देश के सर्वश्रेष्ठ और बहादुर पुलिस बलों में से एक बनकर उभरा है। उन्होंने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार छत्तीसगढ़ और देश को नक्सलमुक्त बनाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। 31 मार्च 2026 तक छत्तीसगढ़ और देश से नक्सलवाद का पूर्णतः खात्मा हो जाएगा।  शाह ने छत्तीसगढ़ पुलिस की तारीफ करते हुए कहा कि इसने न केवल कानून और व्यवस्था को बनाए रखा है, बल्कि जनता के विश्वास को भी मजबूत किया है। उन्होंने उम्मीद जताई कि राष्ट्रपति का पुलिस कलर्स अवार्ड पुलिस बल के लिए प्रेरणा का स्रोत बनेगा, उनका हौसला और मनोबल बढ़ाएगा।

केन्द्रीय गृह मंत्री  शाह ने कहा कि छत्तीसगढ़ की जांबाज पुलिस को राष्ट्रपति निशान सौंपना मेरे लिए भी गर्व की बात है। यह सम्मान छत्तीसगढ़ की पुलिस की कड़ी मेहनत, समर्पण और जनता के प्रति लगाव का द्योतक है। छत्तीसगढ़ की पुलिस नक्सलियों के ताबूत में आखिरी कील ठोंकने की तैयारी में है। यहां की पुलिस ने कानून-व्यवस्था और नक्सल मोर्च के साथ ही कोरोना महामारी में भी बहुत अच्छा काम किया है। उन्होंने नक्सलियों से हथियार छोड़कर मुख्य धारा में लौटने की अपील की।  शाह ने समारोह में देश के पहले गृह मंत्री सरदार वल्लभ भाई पटेल को आज उनकी पुण्य तिथि पर श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि सरदार पटेल ने देश को एकता के सूत्र में पिरोने का जो कार्य किया, उसे प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी ने अनुच्छेद-370 को हटाकर और मजबूत किया है।

मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने छत्तीसगढ़ पुलिस के जवानों और अधिकारियों को बधाई देते हुए कहा कि यह सम्मान छत्तीसगढ़ राज्य के गठन के केवल 24 वर्षों में हमारे पुलिस बल को उनकी असाधारण सेवाओं और जनता के प्रति समर्पण के लिए मिला है। यह सम्मान न केवल पुलिस बल के मनोबल को बढ़ाएगा, बल्कि उन्हें और अधिक उत्साह के साथ कार्य करने के लिए प्रेरित करेगा।

मुख्यमंत्री ने एंटी-नक्सल ऑपरेशनों में छत्तीसगढ़ पुलिस की सफलता पर कहा कि बड़ी संख्या में नक्सलियों ने आत्मसमर्पण कर मुख्य धारा में लौटने का निर्णय लिया है। उन्होंने बताया कि आत्मसमर्पित नक्सलियों के पुनर्वास की बेहतर व्यवस्था और विशेष प्रावधान सरकार द्वारा किए गए हैं। भारत सरकार की नीति के अनुरूप हिंसा का रास्ता छोड़ आत्मसमर्पण करने वालों को तत्काल ट्रांजिट कैम्प में रखने की व्यवस्था की जा रही है। इसके साथ ही उन्हें तीन साल तक 10 हजार रुपए प्रतिमाह स्टाइपेंड के तौर पर देने की व्यवस्था की गई है। उनके कौशल विकास के लिए प्रशिक्षण भी प्रदान किया जाएगा।

 साय ने कहा कि पुनर्वास नीति के तहत 5 लाख या उससे अधिक के इनामी माओवादी के आत्मसमर्पण करने पर उन्हें आवास हेतु शहरी क्षेत्र में अधिकतम 4 डिसमिल जमीन या ग्रामीण क्षेत्र में अधिकतम 1 हेक्टेयर कृषि भूमि दिए जाने का प्रावधान किया गया है। प्रदेश के आत्मसमर्पित नक्सलियों और नक्सल प्रभावित परिवारों के पुनर्वास और उन्हें सुरक्षित जीवन प्रदान करने के उद्देश्य से केन्द्र सरकार द्वारा इनके लिए प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के तहत 15,000 पक्के आवास स्वीकृत किए गए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य की पुलिस द्वारा महिलाओं की सुरक्षा के लिए शुरू किए गए ‘महिला थाना’, महिला हेल्प डेस्क और ‘अभिव्यक्ति’ ऐप जैसे प्रयास उनकी संवेदनशीलता और जनता के प्रति उनके समर्पण को दर्शाते हैं।

उप मुख्यमंत्री तथा गृह मंत्री  विजय शर्मा ने अपने संबोधन में कहा कि राष्ट्रपति निशान छत्तीसगढ़ पुलिस के साहस, सेवा और कर्तव्यपरायणता का सशक्त प्रतीक है। राष्ट्रपति पुलिस निशान का यह अलंकरण न केवल पुलिस बल को गर्वित करता है, बल्कि उन्हें नई ऊर्जा और उत्साह के साथ कार्य करने के लिए प्रेरित करेगा। राज्य की पुलिस ने यह सिद्ध किया है कि वह दुर्जनों के लिए भय और सज्जनों के लिए सम्मान का पर्याय है।

पुलिस महानिदेशक  अशोक जुनेजा ने अपने स्वागत भाषण में छत्तीसगढ़ पुलिस की उपलब्धियों की जानकारी देते हुए कहा कि 1 नवम्बर 2000 को राज्य की स्थापना के बाद से पुलिस बल ने हर मोर्चे पर साहस और दृढ़ता का परिचय दिया है। उन्होंने नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में चल रहे एंटी-नक्सल ऑपरेशनों, पुनर्वास नीतियों और मादक पदार्थों के खिलाफ अभियानों का उल्लेख करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ पुलिस जनता की सेवा में हर समय तत्पर रही है।

राष्ट्रपति निशान अलंकरण समारोह में परेड द्वारा मुख्य अतिथि  अमित शाह को सलामी दी गई।  शाह ने सलामी के बाद परेड का निरीक्षण किया। महिला और पुरुष प्लाटून द्वारा मार्चपास्ट भी किया गया। मुख्य अतिथि  शाह ने धर्मगुरूओं द्वारा मंत्रोच्चार के बाद आकाश में तिरंगे गुब्बारों और शानदार आतिशबाजी के बीच छत्तीसगढ़ पुलिस को राष्ट्रपति निशान सौंपा। उन्होंने कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ पुलिस की 24 वर्षों के सफर पर आधारित कॉफी टेबल बुक का विमोचन भी किया। छत्तीसगढ़ विधानसभा के अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह, उप मुख्यमंत्री अरुण साव, केंद्रीय गृह सचिव  गोविंद मोहन और आसूचना ब्यूरो के निदेशक  तपन कुमार डेका सहित पुलिस प्रशासन के अधिकारी, जवान और शहीद जवानों के परिजन बड़ी संख्या में समारोह में उपस्थित थे। अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक  विवेकानंद ने अतिथियों के प्रति आभार प्रदर्शन किया।

छत्तीसगढ़ : सरकारी नौकरी लगवाने के नाम पर साढ़े चार लाख की ठगी, महिला नर्स गिरफ्तार

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 रायपुर । छत्तीसगढ़ पुलिस का ठगी करने वाले पर प्रहार. नौकरी लगाने के नाम पर ठगी करने वाली महिला बिलासपुर सरकण्डा पुलिस ने गिरफ्तार किया है। मंत्रालय में नौकरी दिलाने के नाम पर आरोपीया ने साढ़े चार लाख की ठगी की थी। आरोपिया को गिरफ्तार कर न्यायालय पेश किया गया है।


घटना का संक्षिप्त विवरण
मिली जानकारी के अनुसार, प्रार्थी शरद चन्द्र वर्मा पिता राज कुमार वर्मा उम्र 40 वर्ष निवासी पाटलीपुत्र कालोनी राजकिशोर नगर सरकण्डा ने 11नवंबर को लिखित रिपोर्ट दर्ज कराया कि इसकी पत्नि जिला अस्पताल बिलासपुर में नर्स के पद पर कार्यरत् है जहां मंजू पाटले नामक महिला भी नर्स है, जिससे इसकी पत्नि व मंजू पाटले के साथ अच्छा जान पहचान है, जिससे वर्ष 2022 मंे वे लोग अन्य स्टाफ के साथ रायपुर पिकनिक पर गये थे, जहां मंजू पाटले ने सतीश कुमार सोनवानी नामक व्यक्ति से मिलवाया और मंत्रालय रायपुर में अधिकारी होना बताते हुये मंत्रालय में नौकरी लगाने की बात बतायी, मंजू पाटले से अच्छा जान पहचान होने के कारण उसके बातों पर विश्वास करके मंत्रालय में नौकरी लगने की मंशा से अलग-अलग किस्तों में मंजू पाटले के कहने पर सतीश सोनवानी के गूगल पे एकाउण्ट पर कुल 459551/- रू. ऑनलाईन ट्रांसफर कर दिये।

काफी समय निकल जाने के बाद भी नौकरी नहीं लगने पर मंजू पाटले से पैसों की मांग करने पर वह टाल मटोल करने लगी, इसी प्रकार सतीश सोनवानी को भी पैसों के लिए कहने पर वह कोई जवाब नहीं देकर नम्बर ब्लॉक कर दिया है, वर्तमान में मंजू पाटले भी नम्बर ब्लॉक कर दी है, और अस्पताल मंे मिलने पर पैसा वापस नहीं करूंगी जो करना है कर लो, ज्यादा परेशान करोगे तो मरवा दूंगी कहते हुये धमकी दे रही है।

प्रार्थी के उक्त रिपोर्ट पर अपराध सदर कायम कर विवेचना में लिया गया, प्रकरण की गंभीरता को देखते हुये घटना के संबंध में पुलिस अधीक्षक महोदय बिलासपुर रजनेश सिंह (भापुसे) को अवगत कराया गया जिनके द्वारा आरोपियों को तत्काल गिरफ्तार करने निर्देशित किया गया। जिसके परिपालन में अति0 पुलिस अधीक्षक (शहर) उमेश कश्यप, सी.एस.पी. सरकंडा सिद्धार्थ बघेल के दिशा निर्देशन में थाना प्रभारी सरकण्डा निरी. तोपसिंह नवरंग के नेतृत्व में म.प्र.आर. संगीता नेताम के हमराह टीम तैयार कर आरोपिया मंजू पाटले के सकुनत में विधिवत् गिरफ्तार कर न्यायिक रिमाण्ड पर भेजा गया है।

CG Police SI Result : लंबे इंतजार के बाद छत्तीसगढ़ SI भर्ती का रिजल्ट जारी

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 CG Police SI Result : छत्तीसगढ़ पुलिस सब इंस्पेक्टर (SI) भर्ती परीक्षा का रिजल्ट जारी कर दिया गया है। लंबे इंतजार के बाद ये रिजल्ट जारी हुआ है। यह भर्ती प्रक्रिया 2018 में शुरू हुई थी। पिछले साल अगस्त-सितंबर में इंटरव्यू हुआ था। तब से अभ्यर्थी रिजल्ट का इंतजार कर रहे थे। अब भर्ती बोर्ड द्वारा फाइनल नतीजे घोषित किए गए हैं। जिन छात्रों ने ये परीक्षा दी थी, वह cgpolice.gov.in पर अपना रिजल्ट देख सकते हैं।


बता दें, छत्तीसगढ़ में बीजेपी की सरकार के दौरान साल 2018 के अगस्त महीने में कुल 655 पदों के लिए SI भर्ती की प्रक्रिया शुरू हुई थी. इसमें सूबेदार, सब इंस्पेक्टर, प्लाटून कमांडर, सब इंस्पेक्टर (विशेष शाखा) समेत कई अन्य पदों की भर्ती होनी थी. 2019 में सरकार बदल गई, लेकिन परीक्षा आयोजित नहीं हुई. इसके बाद राज्य की नई सरकार (कांग्रेस) ने साल 2021 के अक्टूबर में 975 पोस्ट के लिए नए सिरे से विज्ञापन जारी किया था.

कांग्रेस सरकार में दूसरी बार शुरू हुई भर्ती प्रक्रिया
SI भर्ती परीक्षा की प्रक्रिया जून 2022 में शुरू हुई और 8 सितंबर 2023 तक चली. इस दौरान शारीरिक नापजोख जून-जुलाई 2022 में हुआ, प्रारंभिक परीक्षा 29 जनवरी 2023 को आयोजित की गई, जबकि मुख्य परीक्षा 26 मई से 29 मई 2023 तक हुई. इसके बाद शारीरिक दक्षता परीक्षा 18 से 30 जुलाई 2023 के बीच आयोजित की गई और अंत में इंटरव्यू 17 अगस्त से 8 सितंबर 2023 के बीच लिया गया. परीक्षा को पूरा हुए 1 साल से अधिक हो गया, इस बीच एक बार फिर सरकार बदल गई. 2023 में भाजपा ने फिर से सरकार बनाई, लेकिन परीक्षा परिणाम जारी नहीं हुए.

छत्तीसगढ़ पुलिस में SI समेत 341 पदों पर निकली भर्ती
छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग (CGPSC) ने पुलिस विभाग के 341 पदों पर भर्ती निकाली है, जिनमें सूबेदार, उप निरीक्षक, उप निरीक्षक (विशेष शाखा), और प्लाटून कमांडर के पद शामिल हैं। इच्छुक अभ्यर्थी 21 नवंबर तक सीजीपीएससी की आधिकारिक वेबसाइट www.cgpsc.gov.in पर जाकर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। इस भर्ती के लिए आवेदन प्रक्रिया 23 अक्टूबर से शुरू हो गई है।

छत्तीसगढ़ पुलिस शारीरिक दक्षता परीक्षा में शामिल हुए थाना प्रभारी

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आरंग। रविवार को आरंग के मंडी परिसर में सृजन फिजिकल एकेडमी आरंग के संचालक छत्रधारी सोनकर के नेतृत्व में आरक्षक भर्ती परीक्षा प्रतियोगिता को दृष्टिगत रखते हुए शारीरिक नाप-जोख व फिजिकल संबंधी प्रतियोगिता का आयोजन किया गया।


जिसमें जांजगीर चांपा- सरायपाली, बसना, पिथौरा, सोनाखान, महासमुंद, रायपुर, बलौदा बाजार, राजिम, गरियाबंद, गिरौदपुरी इत्यादि स्थानों के प्रतिभागियों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया। शारीरिक दक्षता जांच के साथ ही गोला फेक, 100 व 800 मीटर दौड़, लंबी व ऊंची कूद में 150 प्रतिभागी शामिल हुए।

जिसमें पुरुष वर्ग गोपाल यादव प्रथम,डिगेश साहू द्वितीय व तृतीय स्थान संयुक्त रूप मनमोहन सिंह और अभिषेक बरिहा रहे। वहीं महिला वर्ग में प्रथम स्थान किरण चंद्राकर, द्वितीय खुशबू ध्रुव और तृतीय स्थान पर भारती साहू रहीं।सभी विजेताओं को सृजन कोचिंग संस्थान की ओर से प्रतीक चिन्ह भेंटकर सम्मानित किया गया।इस अवसर पर आरंग थाना प्रभारी राजेश सिंह ने पहुंचकर पुलिस भर्ती परीक्षा प्रतियोगिता की तैयारियो में जुटे युवाओं को फिजिकल की तैयारी संबंधी जानकारियां देते हुए उत्साह वर्धन किया। साथ ही निजात का संदेश भी दिया। उन्होंने अपने उद्बोधन में कहा किसी भी परीक्षा की तैयारी के लिए निरंतरता जरूरी है। निरंतरता और प्रयासों से ही सफलता हासिल किया जा सकता है। वहीं पीपला वेलफेयर फाउंडेशन के संयोजक महेन्द्र कुमार पटेल ने भी प्रतिभागियों को संबोधित करते हुए कहा सफलता प्रयासों में है, उपलब्धियों में नहीं। लक्ष्य निर्धारण कर निरंतर प्रयास करते रहने से सफलता एक न एक दिन अवश्य मिलती है। छत्रधारी सोनकर ने प्रतियोगी परीक्षा संबंधी विस्तार पूर्वक जानकारी देते हुए आरक्षक भर्ती के तैयारी में जुटे युवाओं को खान-पान में विशेष ध्यान रखने तथा समय प्रबंधन संबंधी टिप्स दिए। वहीं इस प्रतियोगिता को सम्पन्न कराने में कोच रवि चंद्राकर, करण साहू, जयप्रकाश पटेल, प्रवीण साहू, योगेश चंद्राकर, शंभू बंछोर,शुभम शर्मा,तेजेश्वरी सिंह, कल्याणी देवांगन,कल्याण डहरिया,मनोज कंडरा, खिलेश चंद्राकर, टुकेश वर्मा, शेख साबिर, सत्यव्रत वर्मा, दीपक चंद्राकर, राकेश लोधी आदि की उपस्थिति व सहभागिता रही।

छत्तीसगढ़ पुलिस को मिला राष्ट्रपति ध्वज, 25 अक्टूबर को सम्मानित भी करेंगी राष्ट्रपति

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रायपुर : छत्तीसगढ़ पुलिस के लिए यह एक ऐतिहासिक और गौरवपूर्ण क्षण है, जब उन्हें ‘राष्ट्रपति का पुलिस ध्वज’ प्रदान किए जाने की स्वीकृति प्राप्त हुई है। यह विशेष ध्वज देश के चुनिंदा राज्यों की पुलिस इकाइयों को दिया जाता है, जो 25 वर्षों की अनुकरणीय सेवा और राष्ट्र के प्रति समर्पण का प्रतीक है। छत्तीसगढ़ पुलिस ने नक्सल मोर्चे पर साहस और दृढ़ता के साथ कठिन चुनौतियों का सामना करते हुए यह सम्मान अर्जित किया है, जो उनकी उत्कृष्ट सेवा का प्रमाण है। अगले छत्तीसगढ़ प्रवास पर राष्ट्रपति द्रोपति मुर्मू यह ध्वज 25 अक्टूबर को सौपेंगी। 



छत्तीसगढ़ सरकार ने 16 फरवरी 2018 को गृह विभाग के माध्यम से यह प्रस्ताव भेजा था, जिसे अब स्वीकृति मिली है। इस सम्मान के साथ, पुलिस बल के जवान इस ध्वज की प्रतिकृति को अपनी वर्दी पर प्रतीक चिन्ह के रूप में धारण करेंगे, जो उनके शौर्य और सेवा का प्रतीक होगा। राष्ट्रपति ध्वज किसी भी पुलिस या सैन्य बल के लिए सर्वोच्च मान्यता मानी जाती है और यह छत्तीसगढ़ पुलिस की निष्ठा, कर्तव्यपरायणता और परिश्रम की राष्ट्रीय स्तर पर सराहना को दर्शाता है।

इस अवसर पर छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि यह सम्मान छत्तीसगढ़ पुलिस के साहस, अनुशासन और देशभक्ति का प्रमाण है। हमारे जवानों ने विपरीत परिस्थितियों में भी नक्सलियों के खिलाफ सफलता प्राप्त की है और कानून-व्यवस्था बनाए रखने में अहम भूमिका निभाई है। यह ध्वज हमारे पुलिस बल के हौसले को और भी ऊंचा करेगा और उन्हें राज्य की सुरक्षा और सेवा में प्रेरित करेगा।

Chhattisgarh : एटीएस चीफ से ठगी, ट्यूटर कंपनी ने ट्यूशन पढ़ाने ली एक मुश्त राशि, हुआ फरार

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 Chhattisgarh News : छत्तीसगढ़ पुलिस की शाखा एटीएस की चीफ से ठगी का मामला सामने आया है। एटीएस चीफ राजश्री मिश्रा के साथ भिलाई की एक ट्यूटर कंपनी ने ठगी की वारदात को अंजाम दिया है। बेटी को ट्यूशन पढ़ाने के लिए एटीएस चीफ ने ट्यूटर कंपनी को एक मुश्त राशि दी। एक माह ट्यूशन पढ़ाने के बाद कोचिंग सेंटर बंद कर संचालक फरार हो गया। इस मामले में शिकायत पर तेलीबांधा पुलिस ने धारा 318(4)- बीएनएस के तहत अपराध दर्ज कर जांच शुरू की है।


इस संबंध में सी-04 ग्रीन लैंण्ड विशाल नगर तेलीबांधा निवासी राजश्री मिश्रा ने लिखित शिकायत पेश की है। उन्होंने अपनी शिकायत में बताया कि ऑनलाईन विज्ञापन के माध्यम से बच्चो को टयुशन के लिए आन लाईन विज्ञापन देखकर ट्यूटर कंपनी को फोन किया। ट्यूटर फैक्ट्री 3rd फ्लोर सूर्या मॉल जुनवानी भिलाई के संचालक सुयश शर्मा से संपर्क किया गया। इसके बाद राजश्री मिश्रा के पति अविनाश मिश्रा पुोन बात कर बताया कि उनकी बेटी कक्षा 11 वीं की छात्रा है। उसके लिए मेरे निवास C-4 ग्रीन लैंड विशाल नगर तेलीबांधा रायपुर में बायोलजी केमिस्ट्री एवं फिजिक्स विषय के लिए महिला ट्यूटर की आवश्यकता बताई। ट्यूटर फैक्ट्री द्वारा उल्लेखित विषयों की डेमो क्लास के लिए श्रीमती बबिता आनंद (बायो एवं केमिस्ट्री) एवं सुश्री तनु सिंग (फिजिक्स) को भेजा गया। दोनों ही अध्यापिकाओं का प्रदर्शन संतोषजनक होने से मेरे द्वारा उन्हें सम्बंधित विषयों के लिए ट्यूटर नियुक्त किये जाने की ट्यूटर फैक्ट्री को सहमति दी गई।

इसके बाद ट्यूटर फैक्ट्री ने 12 माह का पैकेज के लिए 69600 रुपए की डिमांड की गई। डिस्काउंट के बाद कुल 60000 रुपए तय हुआ। 60 हजार रुपए ट्यूटर फैक्ट्री को अविनाश मिश्रा ने जीपे एकाउंट के माध्यम से 16 मई 2024 को 2 हजार रुपए और 19 मई 28 हजार रुपए भुगतान किया गया। इसके बाद तनु सिंह ने 20 जून को ट्यूटर फैक्ट्री द्वारा समय पर उन्हें भुगतान नहीं किये जाने की शिकायत करते हुए आना बंद कर दिया। ट्यूटर फैक्ट्री को सूचित करने पर उनके द्वारा फिजिक्स विषय के लिए लोकेश यादव को डेमो क्लास के लिए भेजा।

लोकेश यादव ट्यूशन पढ़ाने लगे दोनों ट्यूटर का प्रदर्शन संतोषप्रद रहने एवं ट्यूटर फैक्ट्री के संचालक सुयश शर्मा को 30000 रुपए ट्रान्सफर किये गए। इसके बाद 10 अगस्त तक सभी शिक्षक भुगतान नहीं होने की बात कहकर आना बंद कर दिया। इसकी जानकारी सुयश शर्मा को देने पर उसने खुद को पुणे में होना बताया और वापस लौट कर समस्या का समाधान करने की बात कही। इसके बाद उनके द्वारा मोबाइल फ़ोन पर कल रिसीव करना एवं मैसेज का जवाब देना बंद कर दिया गया। जब भिलाई पहुंचकर पता किया गया तो उनका ऑफिस ही बंद था। इस तरह ट्यूशन पढ़ाने के नाम पर 60000 रुपए की ठगी की गई। बताया जा रहा है कि सुयश शर्मा ने इस प्रकार कई लोगों से ठगी है। फिलहाल इस मामले में पुलिस ने अपराध दर्ज जांच शुरू कर दी है।

छत्तीसगढ़ पुलिस भर्ती : 341 पदों पर भर्ती का रास्ता साफ, सबसे अधिक 278 एसआई होंगे नियुक्त

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 रायपुर : छत्तीसगढ़ पुलिस में थोक में भर्ती के लिए वित्त विभाग ने मंजूरी दे दी है. वित्त विभाग ने पुलिस के अलग-अलग 341 रिक्त पदों पर भर्ती की स्वीकृति दी है. अब सब इंस्पेक्टर के सर्वाधिक 278 पदों पर भर्ती का रास्ता खुल गया है.


प्राप्त जानकारी के अनुसार छत्तीसगढ पुलिस बल में भर्ती के प्रस्ताव को वित्त विभाग ने हरी झंडी दे दी है. स्वीकृत पदों में 19 सूबेदार, 278 उप निरीक्षक, 11 उप निरीक्षक (विशेष शाखा), 14 प्लाटून कमाण्डर, 4 उप निरीक्षक (अंगुल-चिन्ह), 1 उप निरीक्षक (प्रश्नाधीन दस्तावेज), 5 उप निरीक्षक (कम्प्यूटर), और 9 उप निरीक्षक (साइबर क्राइम) शामिल हैं.

इस भर्ती के बाद छत्तीसगढ़ पुलिस बल की कार्यक्षमता में वृद्धि होगी, जिससे कानून व्यवस्था को अधिक सुदृढ़ किया जा सकेगा. साथ ही युवाओं को स्थिर और सम्मानजनक करियर के अवसर मिलेंगे. भर्ती की प्रक्रिया के बारे में विस्तृत जानकारी जल्द जारी की जाएगी. उल्लेखनीय है कि स्वीकृत नई भर्तियां पूर्व में चल रही भर्ती प्रक्रिया से पृथक होगी. पूर्व में 960 पदों पर भर्ती के लिए विज्ञापन जारी किया गया था. अभी स्वीकृत 341 पदों की भर्ती प्रक्रिया के लिए नए सिरे से विज्ञापन जारी किए जाएंगे.

छत्तीसगढ़ पुलिस विभाग में बड़ी फेरबदल, कई अधिकारियों का तबादला, आदेश जारी

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 CG POLICE TRANSFER : छत्तीसगढ़ पुलिस के एएसपी और डीएसपी स्तर के 10 अधिकारियों का तबादला कर दिया गया है। जारी आदेश के मुताबिक अब संजय सिंह रायपुर क्राइम ब्रांच के नए डीएसपी होंगे। इस संबंध में गृह विभाग ने आदेश जारी कर दिया है।


पुलिस मुख्यालय से जारी के मुताबिक संजय सिंह रायपुर क्राइम ब्रांच के नए डीएसपी होगे। वही पुरानी बस्ती सीएसपी राजेश चौधरी का ट्रांसफर कर डीएसपी उप पुलिस अधीक्षक पुलिस मुख्यालय नवा रायपुर भेजा गया है।

वही राजेन्द्र कुमार जायसवाल को एडिशनल एस पी बिलासपुर से ट्रांसफर कर पुलिस निरीक्षक कार्यालय राजनांदगांव रेज भेजा गया है। वही ,राजेन्द्र प्रसाद भैया को अति पुलिस अधीक्षक, IUCAW रायगढ़ से स्थानांतरिती कर प्रभारी सेनानी, 7वीं वाहिनी छत्तीसगढ़ सुरक्षा बल रायगढ़ नियुक्त किया गया है।

पुलिस मुख्यालय की ओर से जारी किए गए आदेश के मुताबिक एडिशनल एसपी इन्वेस्टिगेशन यूनिट क्राइम अगेंस्ट वूमेन दुर्ग से ट्रांसफर कर उप सेनानी 7 वीं वाहिनी छत्तीसगढ़ सुरक्षा बल भिलाई नियुक्ति किया गया है।

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छत्तीसगढ़ ! अशोक जुनेजा के बाद कौन है DGP की रेस में आगे, 30 जून को होंगे रिटायर्ड

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रायपुर। छत्तीसगढ़ पुलिस के डीजीपी अशोक जुनेजा  ढाई माह बाद यानी 30 जून को रिटायर हो रहे हैं। नवंबर और दिसंबर में होने वाले विधानसभा चुनाव नये डी जी पी कराएंगे। क्योंकि केंद्र की नीति और देश के अन्य राज्यों के अनुभव को देखते हुए एक्सटेंशन मिलने की संभावना कम ही है।


1989 बैच के आईपीएस जुनेजा  के नवंबर-21 में तत्कालीन डीजी, डीएम. अवस्थी को हटाकर प्रदेश पुलिस की कमान सौंपी गई थी। 19 महीने के कार्यकाल में प्रदेश की पुलिसिंग में उतार चढ़ाव होते रहे। बहरहाल पीएचक्यू में इन दिनों, उनके उत्तराधिकारी और जुनेजा के पुनर्वास के संभावनाओं की चर्चा जोरों पर है । नये डी जी पी के लिए अरूण देव गौतम का नाम सबसे उपर लिया जा रहा। वहीं सरकार से उनके संबंधों को देखते हुए रिटायरमेंट बेनिफिट मिलना भी तय माना जा रहा है।


तकनीक आधारित पुलिसिंग की दिशा में नई पहल, छत्तीसगढ़ पुलिस ने किया हैकाथन का आयोजन

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रायपुर: सूचना प्रौद्योगिकी के विकास के साथ ही एक ओर तकनीक आधारित पुलिसिंग को बल मिला है। वहीं दूसरी और साइबर स्पेस में साइबर अपराध और उससे जुड़े खतरों में वृद्धि हुई है।  साइबर स्पेस की सुरक्षा और सुरक्षात्मक उपाय किए जाने साथ ही तकनीक आधारित पुलिसिंग को बढ़ावा दिए जाने की आवश्यकता है। इसे दृष्टिगत रखते हुए छत्तीसगढ़ पुलिस द्वारा अन्तर्राराष्ट्रीय सूचना  प्रौद्योगिकी संस्थान, ट्रिपल IT नवा रायपुर के सहयोग से ‘‘हैक-मंथन‘‘ नामक हैकाथन प्रतियोगिता का आयोजन किया जा रहा है। इस प्रतियोगिता में सूचना प्रोद्यौगिकी से जुडे तकनीकी संस्थान जैसे-IIT, NIT, ट्रिपल IT के छात्र भाग ले सकते हैं। 

प्रतियोगिता का रजिष्ट्रेशन 27 मई से 12 जून 2022 तक किया जा सकता है। कुल प्राप्त आवेदनों में से सर्वोत्तम 12 टीमों का चयन फाईनल राउण्ड के लिए किया जाएगा, जिसकी तिथि 29 जून 2022 निर्धारित की गई है। इस संबंध में पुलिस महानिदेशक अशोक जुनेजा ने बताया कि विगत 02 दशकों में राज्य की पुलिसिंग नक्सल गतिविधियों में केन्द्रित रही थी, लेकिन शासन द्वारा लगातार चलाए जा रहे विकासात्मक कार्यों एवं एन्टी-नक्सल ऑपरेंशन के परिणामस्वरूप अब नक्सल गतिविधियों में काफी कमी आ चुकी है। 

'पुलिसिंग में ज्यादा से ज्यादा तकनीक का अनुप्रयोग'

ऐसे में अब समय आ चुका है कि पुलिसिंग में ज्यादा से ज्यादा तकनीक का अनुप्रयोग कर इसे आधुनिक बनाया जाए और तेजी से बढ़ रहे तकनीक आधारित अपराधों पर प्रभावी अंकुश लगाया जाए। तकनीकी सेवा के प्रमुख प्रदीप गुप्ता अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक ने बताया कि पुलिसिंग में आ रही तकनीकी चुनौतियों के समाधान के लिए तकनीकी रूप से दक्ष युवाओं की प्रतिभागिता आवश्यक है। इसके लिए हैकाथान का आयोजन किया जा रहा है। हैकाथन को प्रासंगिक बनाने हेतु पुलिस विभाग ने वास्तविक जीवन की समस्याओं और अवधारणा और पहचान की है।

छत्तीसगढ़ में पुलिस प्रशासन को त्वरित एक्शन के लिए मिले 61 नए वाहन

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रायपुर: मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने राज्य में पुलिस प्रशासन को त्वरित एक्शन के लिए 61 नए वाहनों की सौगात दी है। मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में आयोजित एक कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने हाईवे पेट्रोलिंग और मानव तस्करी की रोकथाम के लिए पुलिस विभाग के 61 वाहनों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इनमें हाईवे पेट्रोलिंग अंतर्गत 15 वाहन, मानव तस्करी विरोधी इकाई के अंतर्गत 24 वाहन और कानून व्यवस्था के लिए 22 वाहन शामिल हैं। 

इस अवसर पर गृहमंत्री ताम्रध्वज साहू, मनेंद्रगढ़ विधायक विनय जायसवाल, अपर मुख्य सचिव गृह सुब्रत साहू पुलिस महानिदेशक अशोक जुनेजा,अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक प्रदीप गुप्ता , पुलिस महानिरीक्षक आनंद छावड़ा, पुलिस महानिरीक्षक एससी द्विवेदी, पुलिस अधीक्षक रायपुर प्रशांत अग्रवाल, सहायक पुलिस महानिरीक्षक संजय शर्मा उपस्थित रहे।

हाईवे पेट्रोलिंग की व्यवस्था के तहत राजमार्गों पर आम नागरिकों को सुरक्षित और निर्वाध आवागमन के साथ-साथ सड़क दुर्घटना में तत्काल राहत एवं सहायता करने के उद्देश्य से 15 नए आर्टिगा वाहन उपलब्ध कराए गए है। ये वाहन बलौदाबाजार-भाटापारा, गरियाबंद, कवर्धा, बिलासपुर , कोरबा, जांजगीर चांपा, रायगढ़, सरगुजा और बस्तर (जगदलपुर) में संचालित होंगे। हाईवे पेट्रोलिंग वाहन में पुलिस बल आवश्यक उपकरण और सामग्री से सुसज्जित होकर पूर्व निर्धारित स्थल पर तैनात रहते हैं और सामान्यत पूर्व निर्धारित राष्ट्रीय राजमार्ग के सड़क खंड (सेगमेंट) में भ्रमण करते हैं। 

संबंधित खंड में दुर्घटना की सूचना प्राप्त होने पर हाईवे पेट्रोल तत्काल स्वत क्रियाशील होकर घटनास्थल पहुंचकर पीड़ित को समुचित सहायता एवं चिकित्सीय सुविधा उपलब्ध कराने के लिए तत्काल नजदीकी अस्पताल तक रवाना करने की व्यवस्था करते हैं। क्षेत्राधिकार के थाना को घटना की सूचना देकर आवश्यक सहायता भी उपलब्ध कराते है। अगर घटनास्थल पर किसी प्रकार कानून-व्यवस्था स्थिति निर्मित होती है तो स्थानीय बल के पहुंचने तक कानून-व्यवस्था बनाये रखते है। थाना प्रभारी और स्टॉफ के घटना स्थल पहुंचने तक घटनास्थल को सुरक्षित रखते हुए राजमार्ग में आवागमन को सामान्य बनाए रखते हैं।

 

प्रदेश में कुल 30 हाईवे पेट्रोलिंग वाहन पूर्व से जिला रायपुर, दुर्ग, महासमुंद, राजनांदगांव, बलौदाबाजार, धमतरी, बालोद, बेमेतरा, कोरिया, जशपुर, सूरजपुर, बलरामपुर, कांकेर और कोंडागांव जिलों में संचालित है। सड़क सुरक्षा मद से एक करोड़ 19 लाख 6 हजार 977 रूपए से 15 नवीन हाईवे पेट्रोल वाहन क्रय किए गए हैं। 

इसी तरह मानव तस्करी विरोधी व्यवस्था के सुदृढ़ीकरण के लिए एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट द्वारा गुम बच्चों के ऐसे प्रकरण, जिसमें बालक लंबे समय तक बरामद नहीं हो पाता है, तो मानव तस्करी की उपधारणा में प्रभावी विवेचना करना मानव तस्करी के पीड़ितों का बचाव कार्य, पीड़ितों की उचित देखभाल और काउंसलिंग उपलब्ध कराना पुलिस समेत अन्य विभागों के संबंधित अधिकारियों के लिए प्रशिक्षण कार्यशालाओं का आयोजन कराना, मानव तस्करी के अपराधों का रिकॉर्ड का संधारण करना, अंतर्राज्यीय समन्वय स्थापित करना और मानव तस्करी के विरूद्ध जनजागरूकता अभियान का संचालन करना है।

एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट

मानव तस्करी की रोकथाम के लिए पूर्व में राज्य के 11 जिले क्रमश जिला जशपुर, सरगुजा, कोरबा, रायगढ़, बिलासपुर, जांजगीर-चांपा, बलौदाबाजार, महासमुंद, बस्तर, नारायणपुर और बलरामपुर को एक-एक चार पहिया वाहन, मोटर सायकल और अन्य संसाधन उपलब्ध कराए गए थे। इस साल राज्य के सभी जिलों में निर्भया फंड के तहत 3-60 करोड़ रूपए से नवीन एएचटीयू की स्थापना और पूर्व गठित एएचटीयू के सुदृढ़ीकरण के लिए नए वाहन प्रदान किए गए हैं। इस फंड से कुल 24 हल्का वाहन और 46 मोटर सायकल समेत अन्य संसाधन क्रय कर पूर्व और नवगठित प्रत्येक एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट को उपलब्ध कराया गया है।

छत्तीसगढ़ और ओडिशा के पुलिस अधिकारियों की होगी उच्चस्तरीय बैठक

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मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने ओडिशा राज्य से गांजा तस्करी को रोकने के लिए ओडिशा और छत्तीसगढ़ के पुलिस अधिकारियों की उच्च स्तरीय संयुक्त बैठक आहूत करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने गांजा तस्करी को रोकने के लिए ठोस कार्ययोजना बनाने और सीमावर्ती चेक पोस्ट में CCTV कैमरे की व्यवस्था के साथ ही चौबीस घंटे निगरानी के लिए पुलिस बल तैनात करने को कहा है। 


मुख्यमंत्री ने राज्य के पुलिस महानिदेशक और विशेष पुलिस महानिदेशक नक्सल आपरेशन को इस संबंध में तत्काल आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने छत्तीसगढ़ के सभी सीमावर्ती जिलों में जिनकी सीमाएं ओडिशा राज्य से लगती हैं वहां के कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक को स्थाई अधोसंरचना और चेक पोस्ट बनाने को कहा है। इन स्थानों में CCTV कैमरा की व्यवस्था के साथ ही 24 घंटे पुलिस बल तैनात रहेंगे और निगरानी करेंगे।

पुलिस अधिकारियों की उच्च स्तरीय बैठक

 मुख्यमंत्री बघेल ने राज्य के पुलिस महानिदेशक और विशेष पुलिस महानिदेशक नक्सल आपरेशन को तत्काल इस दिशा में पहल करते हुए आवश्यक समन्वय सुनिश्चित करने को कहा है। छत्तीसगढ़ और ओडिशा के पुलिस अधिकारियों की उच्च स्तरीय बैठक में छत्तीसगढ़ के पुलिस महानिदेशक और पुलिस महानिरीक्षक इंटेलिजेंस के साथ-साथ सीमावर्ती जिले के पुलिस अधीक्षक और ओडिशा पुलिस के उच्चाधिकारी शामिल होंगे।

जॉब अलर्ट: सूबेदार, उपनिरीक्षक और प्लाटून कमांडर के 975 पदों पर होगी सीधी भर्ती, इस तरह करें अप्लाई

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छत्तीसगढ़ पुलिस में सूबेदार, उपनिरीक्षक और प्लाटून कमांडर के 975 पदों पर सीधी भर्ती की जाएगी।  सभी आवेदकों को भर्ती प्रक्रिया में सम्मिलित होने के लिए ऑनलाइन आवेदन करना होगा। ऑनलाइन आवेदन प्राप्त करने की प्रक्रिया 1 अक्टूबर से शुरू की जाएगी । इस भर्ती प्रक्रिया में ऐसे आवेदक जिन्होंने साल 2018 में आवेदन किया था, उन्हें पुराने रजिस्ट्रेशन नंबर का उल्लेख करते हुए फिर से नए फॉर्मेट में ऑनलाइन आवेदन करना होगा, लेकिन उनसे दोबारा परीक्षा शुल्क नहीं लिया जाएगा। ऐसे पुराने आवेदक जो फिर से ऑनलाइन आवेदन नहीं करेंगे उन्हें आवेदन की अंतिम तिथि के बाद परीक्षा शुल्क वापस कर दिया जाएगा। 


अभ्यर्थी छत्तीसगढ़ पुलिस की वेबसाइट https://cgpolice.gov.in पर विस्तृत विज्ञापन देख सकते हैं। बता दें कि राज्य शासन की वनटाइम विशेष छूट के फलस्वरूप 1 जनवरी 2021 की स्थिति में सामान्य वर्ग के अभ्यर्थी जिनकी आयु 34 साल होगी, वे परीक्षा में शामिल होने के पात्र होंगे। अन्य पिछड़ा वर्ग, अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति वर्ग के अभ्यर्थियों के लिये 5 साल की अतिरिक्त छूट होगी मतलब 1 जनवरी 2021 की स्थिति में अधिकतम आयु 39 साल होगी, वे परीक्षा में सम्मिलित होने के पात्र होंगे । 



नए नियम  'छत्तीसगढ़ पुलिस कार्यपालिक बल (अराजपत्रित) सेवा भर्ती नियम, 2021' के अंतर्गत लिखित परीक्षा को पर्याप्त महत्व दिया गया है। प्रारंभिक लिखित परीक्षा में सामान्य ज्ञान से संबंधित सवाल पूछे जाएंगे। मुख्य लिखित परीक्षा में हिंदी और अंग्रेजी भाषा की दक्षता, सामान्य ज्ञान, सामान्य अध्ययन और एप्टिट्यूट टेस्ट से संबंधित होगी। शारीरिक दक्षता परीक्षा भी नए भर्ती नियम के मुताबिक आयोजित की जाएगी। इसके तहत लंबी कूद, ऊंची कूद, गोला फेंक, 100 मीटर दौड़, 1500 मीटर दौड़ की प्रतिस्पर्धाएं आयोजित की जाएंगी। अभ्यर्थी के राष्ट्रीय-अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर खेलकूद में प्रावीण्यता होने पर बोनस के रूप में 10 अंक प्रदान किए जाएंगे।

छत्तीसगढ़ के 32 पुलिस अधिकारियों-कर्मचारियों को मिलेगा विशिष्ट सेवा, सराहनीय सेवा और वीरता पदक, इन पुलिसकर्मियों के नाम भी शामिल

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स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर केंद्र सरकार द्वारा विशिष्ट सेवा, सराहनीय सेवा और वीरता पदक के लिए चयनित पुलिस अधिकारियों-कर्मचारियों के नाम की घोषणा की गई है। प्रदेश के 32  अधिकारियों-कर्मचारियों का चयन इन पुरस्कारों के लिए किया गया है। CID में सहायक पुलिस महानिरीक्षक उदयभान सिंह चौहान को विशिष्ट सेवा के लिए राष्ट्रपति पुलिस पदक प्रदान किया जाएगा। 


प्रदेश के 10 अधिकारियों-कर्मचारियों को सराहनीय सेवा पदक और 21 को वीरता पदक दिया जाएगा। इन सभी पुलिस अधिकारियों-कर्मचारियों को गणतंत्र दिवस-2022 के मुख्य समारोह में ये पुरस्कार प्रदान किए जाएंगे। सराहनीय सेवाओं के लिए एसटीएफ बघेरा, दुर्ग के उप पुलिस अधीक्षक यदुराम तिर्की, गुप्तवार्ता सरगुजा के उप पुलिस अधीक्षक मनीष परमानंद, छसबल बीजापुर, 15वीं वाहिनी के सहायक सेनानी  श्रीराम वर्मा, रायगढ़ के उप निरीक्षक दिलेश्वर प्रसाद साहू, छसबल को सराहनीय सेवा पदक प्रदान किया जाएगा। 


सराहनीय सेवा पदक 

वहीं भीरागांव-कांकेर, 22वीं वाहिनी के उप निरीक्षक (आर्म्स) अवधेश कुमार चौहान, रायगढ़ के सहायक उप निरीक्षक प्रेम साय भगत, पुलिस थाना छावनी, जिला दुर्ग के प्रधान आरक्षक दृगपाल प्रसाद तिवारी, एसआईबी के प्रधान आरक्षक प्रहलाद सिंह गागड़ा, छसबल, सकरी-बिलासपुर, 2री वाहिनी के प्रधान आरक्षक मदन मोहन पटेल और पुलिस थाना गुण्डाधुर, जिला कांकेर के आरक्षक अवकाश राम नरेटी को सराहनीय सेवा पदक प्रदान किया जाएगा। 


इन्हें दिया जाएगा पुलिस वीरता पदक

पुलिस अधीक्षक कमलोचन कश्यप, उप पुलिस अधीक्षक सुरेश लकड़ा, प्रधान आरक्षक संजय पोटाम, निरीक्षक लक्ष्मण केंवट, एसआई ओंकार सिंह दीवान, आरक्षक विज्जाराम तामो, एसआई उमा शंकर राठौर, प्रधान आरक्षक चेतन लाल बलेंद्र, आरक्षक मानिक लाल कोरेटी, निरीक्षक मोहन कुमार निषाद, एसआई बृजलाल भारद्वाज, एपीसी कमलेश कुमार रात्रे, आरक्षक सोमारू राम यादव, एसआई  आशीष सिंह राजपूत, पीसी इंद्र कुमार शिवानी, निरीक्षक विंटन कुमार साहू, एसआई  अश्विनी राठौर, एसआई  जितेंद्र कुमार डहरिया, एसआई दिनेश पुरैना, एसआई विरासत कुजूर और एएसआई दिवंगत मुरली ताती को पुलिस वीरता पदक दिया जाएगा।

छत्तीसगढ़ के 3 पुलिस अधिकारियों को मिलेगा उत्कृष्ट विवेचना पुरस्कार, केंद्र सरकार ने की घोषणा

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भारत सरकार द्वारा छत्तीसगढ़ पुलिस के तीन अधिकारियों को उत्कृष्ट विवेचना के लिए मेडल प्रदान करने की घोषणा की गई है। केंद्रीय गृह मंत्रालय द्वारा साल 2021 के लिए छत्तीसगढ़ पुलिस के बेमेतरा में पदस्थ उप पुलिस अधीक्षक राजीव शर्मा, राजनांदगांव में पदस्थ उपनिरीक्षक इंदिरा वैष्णव और बस्तर में पदस्थ सहायक उपनिरीक्षक इंदु शर्मा को अलग-अलग प्रकरणों में उत्कृष्ट विवेचना करने पर पुरस्कृत किया जाएगा। 

भारत सरकार के केंद्रीय गृह मंत्रालय द्वारा हर साल उत्कृष्ट विवेचना करने पुलिस अधिकारियों को मेडल प्रदान किया जाता है। गृह मंत्री ताम्रध्वज साहू और पुलिस महानिदेशक डीएम अवस्थी ने इन तीनों अधिकारियों को मेडल मिलने पर बधाई दी है। गौरतलब है कि पुलिस मुख्यालय की ओर से उत्कृष्ट विवेचना के लिए पुलिस अधिकारियों की अनुशंसा केंद्रीय गृह मंत्रालय को भेजी गई थी।

MP के 11 पुलिस अधिकारियों मिला पुरस्कार

वहीं मध्यप्रदेश के 11 पुलिस अधिकारियों को उत्कृष्ट विवेचना के लिए साल 2021 के यूनियन होम मिनिस्टर्स मैडल फॉर एक्सीलेंस इन इंवेस्टीगेशन अवार्ड प्रदान किया गया है। केंद्रीय गृह मंत्रालय से जारी पत्र के मुताबिक निरीक्षक उमेश प्रताप सिंह, आलोक श्रीवास्तव, अनिमेष कुमार द्विवेदी, सुनील लाटा, जितेंद्र सिंह भास्कर, रेवल सिंह बर्डे, अभय नेमा तथा उप निरीक्षक आकांक्षा सहारे, आरती धुर्वे, रामप्यारी धुर्वे और अंजू शर्मा को उत्कृष्ट विवेचना के लिए यह मेडल प्रदान किया गया है।

 साल 2018 में हुई थी पदक की स्थापना

बता दें कि इस पदक की स्थापना 2018 में विवेचना में उधा व्यावसायिक मापदंडों को बढ़ावा देने के उद्देश्य से की गई है। इस वर्ष पूरे देश में 152 पुलिस अधिकारियों को इससे सम्मानित किया गया है। इनमें सर्वाधिक 15 अधिकारी सीबीआइ के हैं। मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र के 11-11 अधिकारियों को यह पदक प्राप्त हुआ है, जिससे राज्यों की श्रेणी में इन राज्य के सर्वाधिक अधिकारी हैं।

पुलिस विभाग में आधा दर्जन से ज्यादा पुलिस अफसरों का तबादला

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पुलिस विभाग में तबादलों (Transfer in Police Department) का दौर शुरू हो गया है। प्रदेश के आधा दर्जन से ज्यादा पुलिस अफसरों के ट्रांसफर आर्डर जारी किये गए हैं। रायपुर पुलिस मुख्यालय में सीडी तिर्की को एडिश्नल एसपी की जिम्मेदारी सौपी गई है। वे इससे पहले मुंगेली में कार्यरत थे।





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इनका हुआ तबादला (Transfer in Police Department)





  • कोरिया के एडिश्नल एसपी पंकज कुमार शुक्ला को बीजापुर का एडिश्नल एसपी बनाया गया है।
  • कवर्धा एडिश्नल एसपी अनिल सोनी को जांजगीर-चांपा एडिश्नल एसपी बनाया गया है।
  • संजय कुमार महादेवा को जीपीएम एडिश्नल एसपी से मुंगेली एडिश्नल एसपी की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
  • मधुलिका सिंह को जांजगीर-चांपा का एडिश्नल एसपी से कोरिया एडिश्नल का एसपी बनाया गया है।
  • राहुल देव शर्मा को कोरबा सीएसपी से रायपुर विधानसभा डीएसपी बनाया गया है।
  • योगेश कुमार साहू को पीएचक्यू डीएसपी से कोरबा सीएसपी बनाया गया है।




इससे पहले भी किए जा चुके हैं तबादले





रायपुर में पुलिस विभाग ने 5 जनवरी को भी तबादला किया था. एसएसपी अजय यादव ने राजधानी में पदस्थ पुलिसकर्मियों के तबादले की आदेश जारी किया था। जारी आदेश के मुताबिक 1 निरीक्षक और 11 पुलिसकर्मियों का ट्रांसफर किया गया था। जिसमें कुशल प्रसाद शुक्ला को आरक्षित केंद्र से थाना कोतवाली, शशांक सिंह को आरक्षित केंद्र से मौदहापारा थाना, रूपेंद्र कुमार देवांगन को आरक्षित केंद्र से राखी थाना इलाके में और जहीर अहमद निजामी को आरक्षित केंद्र से विधानसभा भेजा गया था।


नाबालिग लड़कियों से दुष्कर्म के मामले में देश में तीसरे नंबर पर है छत्तीसगढ़, महिलाएं भी नहीं हैं सुरक्षित

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रायपुर: छत्तीसगढ़ में दुष्कर्म के मामलों में लगातार बढ़ोतरी हो रही है। ताजा आंकड़ों के मुताबिक नाबालिग लड़कियों से रेप के मामले में छत्तीसगढ़ (Chhattisgarh in top 3 in rape case) देश के टॉप 3 राज्यों में शामिल है। बच्चियों और नाबालिगों के साथ यौन हिंसा के मामलों में भारत के दूसरे राज्यों के हालात भी बहुत ही खराब हैं। छत्तीसगढ़ पुलिस (Chhattisgarh Police) के ताजा आंकड़ों के मुताबिक प्रदेश में हर रोज रेप की 6 से ज्यादा घटनाएं हो रही है।इसके साथ ही देश में महिलाओं से रेप के मामलों में छत्तीसगढ़ का आंठवा स्थान है। हालांकि कि छत्तीसगढ़ सरकार ने दावा किया है कि महिलाओं से जुड़े अपराध पिछले साल के मुकाबले इस साल कम हुए हैं ।





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NCRB (नेशनल क्राइम रिकॉर्ड ब्यूरो) के रिपोर्ट के मुताबिक छत्तीसगढ़ में रेप से जुड़े आंकड़े महिलाओं और नाबालिग लड़कियों की सुरक्षा पर सवाल खड़े कर रहे हैं।छत्तीसगढ़ देश के उन राज्यों में शामिल है, जहां नाबालिगों से सबसे ज्यादा रेप हो रहे हैं। NCRB और छत्तीसगढ़ पुलिस के आंकड़ों के अनुसार साल 2001 से 2018 के बीच राज्य में रेप की 21,849 घटनाएं दर्ज की गई ।





एक नजर आंकड़ों पर





प्रदेश में दुष्कर्म के आंकड़ों पर नजर डालें तो जनवरी 2019 से जनवरी 2020 तक रेप के 2,575 मामले दर्ज किए गए। 1 जनवरी 2019 से 31 जनवरी 2020 तक रायपुर में सबसे ज्यादा 301 मामले सामने आए है।इसी तरह रायगढ़ में 196 ,बिलासपुर में 144 सरगुजा में 139 , सूरजपुर में 132 , जशपुर में 123, बलौदबाजार में 123, बस्तर में 115 , कोरिया में 114 , बलरामपुर में 112 और कोरबा में 102 मामले दर्ज किए गए।





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13 महीने में हुए रेप के मामलों पर नजर डालें तो छत्तीसगढ़ (Chhattisgarh in top 3 in rape case) में हर दिन औसतन 6.5 मामले दर्ज किए गए।इस हिसाब से छत्तीसगढ़ में हर 4 घंटे में एक दुष्कर्म का केस दर्ज हो रहा है।यह आंकड़े विधानसभा में बजट सत्र के दौरान विधायक बृजमोहन अग्रवाल के सवाल पर गृहमंत्री ने जवाब में रखे हैं ।





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नेशनल क्राइम रिकॉर्ड ब्यूरो के आंकड़ों के अनुसार साल 2018 में छत्तीसगढ़ में महिलाओं और बच्चियों से जुड़े 8587 अपराध हुए थे। साथ ही 1803 मामले यौन उत्पीड़न चाइल्ड पोर्नोग्राफी और पोक्सो एक्ट के तहत दर्ज हुए थे।





2018 में छत्तीसगढ़ की 2101 महिलाओं और बच्चियों के साथ दुष्कर्म





नेशनल क्राइम रिकॉर्ड ब्यूरो के आंकड़ों के अनुसार साल 2018 में छत्तीसगढ़ की 2101 महिलाओं और बच्चियों के साथ दुष्कर्म हुआ था, जिनमें से 1219 बच्चियों की उम्र 18 साल से भी कम थी।इन आंकड़ों की तुलना करें तो साल 2018 में नाबालिगों से रेप के मामले में छत्तीसगढ़ तीसरे स्थान पर था।इस साल के आंकड़ों के मुताबिक छत्तीसगढ़ से पहले मध्यप्रदेश और उत्तर प्रदेश का नंबर था।साल 2018 में उत्तरप्रदेश में 1411 नाबालिग बच्चियों का दुष्कर्म हुआ था।जबकि मध्यप्रदेश की 2841 लड़कियां दुष्कर्म की शिकार हुई थी।





पुलिस और कोर्ट तक नहीं पहुंच पाते कई केस





नेशनल क्राइम रिकॉर्ड ब्यूरो के मुताबिक भारत में महिलाओं के साथ होने वाली हिंसा और रेप के मामले बहुत बार पुलिस और कोर्ट तक पहुंच ही नहीं पाते हैं। कोर्ट में मामला जाने के बाद भी पीड़िताओं को इंसाफ के लिए लम्बी लड़ाई लड़नी पड़ती है।NCRB के आंकड़ों के मुताबिक साल 2018 के अंत तक छत्तीसगढ़ में महिलाओं के उत्पीड़न से संबंधित 23 हजार 317 केस लंबित थे।


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