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रक्षा विभाग ने ‘विशेष अभियान 5.0’ को सफलतापूर्वक संपन्न किया — स्वच्छता, दक्षता और सतत विकास की दिशा में 100% लक्ष्य हासिल

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रक्षा विभाग (DoD) ने ‘विशेष अभियान 5.0’ को सफलतापूर्वक संपन्न किया, जिसमें तैयारी चरण (15-30 सितंबर 2025) और क्रियान्वयन चरण (2-31 अक्टूबर 2025) शामिल थे। इस अभियान के तहत देशभर में अधीनस्थ और संबद्ध कार्यालयों में 5,377 स्थानों पर स्वच्छता अभियान चलाए गए।

रक्षा विभाग ने विभिन्न मापदंडों पर निर्धारित सभी लक्ष्यों की 100 प्रतिशत प्राप्ति की। सांसदों/वीआईपी के लंबित संदर्भों और CPGRAMS पर प्राप्त जन शिकायतों का निस्तारण किया गया तथा 25 नियमों/प्रक्रियाओं को सरलीकृत किया गया। इस दौरान 59,561 भौतिक फाइलों की समीक्षा की गई, जिनमें से 11,401 फाइलें हटाई गईं। इसके अतिरिक्त, अप्रचलित कार्यालय/आईटी उपकरणों की नीलामी से ₹10.01 लाख का राजस्व अर्जित किया गया। अभियान के दौरान 57,648 वर्ग फीट कार्यालय स्थान मुक्त हुआ, जिससे कार्यस्थल अधिक सुव्यवस्थित और स्वच्छ बना।

अभियान के दौरान कई महत्वपूर्ण मील के पत्थर हासिल किए गए।

  • कैंटोनमेंट बोर्डों ने सतत विकास और पर्यावरण संरक्षण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता के तहत "Reduce, Reuse, Recycle" के सिद्धांतों को बढ़ावा दिया।

  • बराकपुर कैंटोनमेंट बोर्ड ने अपने परिसर में स्थित एक कचरा स्थल को बदलकर ‘बराकपुर हेरिटेज ग्रोव’ नामक 2,500 वर्ग फीट के गुलाब उद्यान में परिवर्तित किया।

  • सिकंदराबाद कैंटोनमेंट बोर्ड ने ‘वेस्ट टू वंडर पार्क’ की शुरुआत की, जहां त्यागी गई वस्तुओं को कलात्मक एवं उपयोगी रूपों में बदला गया।

  • दिल्ली कैंटोनमेंट बोर्ड ने SMART (Swachhata Monitoring & Automated Reporting Tool) को पायलट प्रोजेक्ट के रूप में लागू किया।

  • बॉर्डर रोड्स ऑर्गनाइजेशन (BRO) ने लुकुंग–चार्टसे रोड निर्माण के लिए "Geo Grid" नामक नई निर्माण तकनीक विकसित की।

  • हिमालयन माउंटेनियरिंग इंस्टीट्यूट, दार्जिलिंग ने पर्यावरणीय स्थिरता के तहत 52 सौर जल हीटर स्थापित किए।

यह स्वच्छता अभियान पूरे देश में कंट्रोलर जनरल ऑफ डिफेंस अकाउंट्स, बॉर्डर रोड्स ऑर्गनाइजेशन, आर्म्ड फोर्सेज मेडिकल सर्विसेज, नेशनल कैडेट कॉर्प्स, इंडियन कोस्ट गार्ड, सैनिक स्कूल्स सोसाइटी, कैंटीन स्टोर्स डिपार्टमेंट, और विभिन्न पर्वतारोहण संस्थानों — जैसे नेहरू इंस्टीट्यूट ऑफ माउंटेनियरिंग (उत्तरकाशी), नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ माउंटेनियरिंग एंड एडवेंचर स्पोर्ट्स (दिरांग, अरुणाचल प्रदेश), जवाहर इंस्टीट्यूट ऑफ माउंटेनियरिंग एंड विंटर स्पोर्ट्स (पाहलगाम, जम्मू-कश्मीर) और हिमालयन माउंटेनियरिंग इंस्टीट्यूट (दार्जिलिंग) में चलाया गया।

यह अभियान रक्षा विभाग की स्वच्छता, दक्षता और पर्यावरणीय जिम्मेदारी के प्रति गहरी प्रतिबद्धता को दर्शाता है।

स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग ने ‘विशेष अभियान 5.0’ में 100% लक्ष्य हासिल किए — स्वच्छता और दक्षता में उत्कृष्ट प्रदर्शन

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स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग (DoHFW) ने 2 से 31 अक्टूबर 2025 तक आयोजित ‘विशेष अभियान 5.0’ में सक्रिय भागीदारी करते हुए सभी लक्ष्यों पर उत्कृष्ट उपलब्धियां हासिल कीं। इस अभियान का उद्देश्य सरकारी कार्यप्रणाली के सभी स्तरों पर स्वच्छता (Swachhata) को संस्थागत रूप देना और लंबित मामलों को कम करना था।

यह अभियान स्वास्थ्य मंत्रालय मुख्यालय, केंद्रीय सरकारी अस्पतालों, संलग्न एवं अधीनस्थ कार्यालयों, स्वायत्त निकायों तथा सीपीएसयू में देशभर में लागू किया गया, जिससे मंत्रालय की सुगम, पारदर्शी और स्वच्छ शासन प्रणाली के प्रति प्रतिबद्धता और सुदृढ़ हुई।

अभियान की प्रमुख उपलब्धियाँ:

  • 1984 स्थानों पर स्वच्छता अभियान आयोजित किए गए।

  • 5169 सार्वजनिक शिकायतों और 426 अपीलों का सफल निस्तारण किया गया।

  • 11 नियमों/प्रक्रियाओं का सरलीकरण किया गया।

  • 85 सांसद संदर्भों का निपटान किया गया।

  • 52,070 भौतिक फाइलों की समीक्षा की गई, जिनमें से 31,621 फाइलें निष्पादित (weeded out) की गईं।

  • 9,035 ई-फाइलों की समीक्षा की गई, जिनमें से 2,850 ई-फाइलें बंद की गईं।

  • 40,257 वर्ग फुट कार्यालय क्षेत्र को मुक्त किया गया।

  • ₹41,37,703 का राजस्व कबाड़ एवं ई-वेस्ट बिक्री से अर्जित किया गया।

नेतृत्व और निगरानी:

अभियान की प्रगति की नियमित समीक्षा केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जे.पी. नड्डा, केंद्रीय राज्य मंत्री प्रतापराव जाधव, और स्वास्थ्य सचिव पुन्या सलीला श्रीवास्तव द्वारा की गई। उन्होंने निर्माण भवन, नई दिल्ली स्थित कार्यालय परिसरों का निरीक्षण कर स्वच्छता और दक्षता के प्रयासों का प्रत्यक्ष मूल्यांकन किया।

अभियान की प्रमुख झलकियाँ:

  • RIMS, इम्फाल द्वारा पुराने बेड, ट्रॉलियों और अलमारियों से बनाया गया “वेस्ट टू वेल्थ” डेमो हेलीकॉप्टर आकर्षण का केंद्र रहा।

  • AIIMS, गुवाहाटी में ई-वेस्ट संग्रह अभियान संचालित किया गया।

  • AIIMS, राजकोट में नवाचारपूर्ण “वेस्ट टू वेल्थ” पहलें लागू की गईं।

अभियान की सभी प्रगति रिपोर्टें प्रतिदिन DARPG के SCDPM पोर्टल (https://scdpm.nic.in) पर अपलोड की गईं। साथ ही सोशल मीडिया अपडेट्स, PIB स्टेटमेंट्स, और श्रेष्ठ अभ्यासों (Best Practices) को भी साझा किया गया।

स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग ने इस अभियान के तहत अपने सभी लक्ष्यों को 100% प्राप्त किया, जिससे उसकी दक्षता, स्थिरता और नागरिक-केंद्रित सेवा वितरण के प्रति प्रतिबद्धता और मजबूत हुई। यह उपलब्धि मंत्रालय की सशक्त सार्वजनिक स्वास्थ्य शासन प्रणाली की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।




विशेष अभियान 5.0 के तहत डाक विभाग ने स्वच्छता और दक्षता में रचा नया कीर्तिमान

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संचार मंत्रालय के अंतर्गत डाक विभाग ने विशेष अभियान 5.0 के कार्यान्वयन चरण को पूरे उत्साह, समर्पण और ऊर्जा के साथ सफलतापूर्वक संपन्न किया। यह अभियान 2 अक्टूबर से 31 अक्टूबर 2025 तक देशभर के सभी डाक परिपत्रों में आयोजित किया गया। इस पहल ने विभाग की स्वच्छता, दक्षता और नागरिक-केंद्रित सेवा वितरण के प्रति अटूट प्रतिबद्धता को एक बार फिर सशक्त रूप से प्रदर्शित किया।

पिछले अभियानों की उपलब्धियों को आगे बढ़ाते हुए, विशेष अभियान 5.0 का मुख्य उद्देश्य था – सतत स्वच्छता, कुशल अभिलेख प्रबंधन, लंबित संदर्भों का समय पर निपटान, और कार्यालय स्थान का सर्वोत्तम उपयोग। इस दृष्टिकोण से विभाग ने न केवल निर्धारित लक्ष्यों को प्राप्त किया, बल्कि “स्वच्छता” को एक मूल्य के रूप में दैनिक कार्यप्रणाली और संचालन में समाहित किया।

विशेष अभियान 5.0 की प्रमुख उपलब्धियाँ

  • 1,00,000 सार्वजनिक शिकायतें और 1,000 सीपीग्राम अपीलें का निपटान

  • 17,352 पुराने अभिलेखों और ई-फाइलों का निष्पादन

  • ₹57.77 लाख का राजस्व स्क्रैप और अपशिष्ट सामग्री की बिक्री से अर्जित

  • 23,287 वर्ग फुट कार्यालय स्थान मुक्त किया गया

  • 1.30 लाख से अधिक स्थलों पर स्वच्छता अभियान आयोजित किए गए, जिससे “संतृप्ति दृष्टिकोण” के तहत हर स्तर पर स्वच्छता को बढ़ावा मिला

नवाचार और सर्वोत्तम पहलें

1. “डाक चौपाल” पहल:
ग्रामीण और जमीनी स्तर पर नागरिक-केंद्रित सेवाओं जैसे वित्तीय समावेशन, डीबीटी, बीमा और ई-कॉमर्स को बढ़ावा देने के लिए विशेष संवाद कार्यक्रम आयोजित।

2. दीवार कला के माध्यम से स्वच्छता संदेश:
स्थानीय कला और संस्कृति को मिलाकर स्वच्छता और सामुदायिक भागीदारी के संदेशों का रचनात्मक प्रसार।

3. “वेस्ट से बेस्ट” कार्यशालाएँ:
ई-वेस्ट रीसाइक्लिंग और नवाचारपूर्ण अपशिष्ट प्रबंधन पर विशेष सत्र आयोजित।

शिकायत पंजीकरण में सुधार

  • QR कोड आधारित शिकायत प्रणाली: प्रत्येक डाकघर में शिकायत पंजीकरण की आसान ऑनलाइन सुविधा।

  • वरिष्ठ अधिकारियों की साप्ताहिक निगरानी: हर सप्ताह 10 शिकायतों की व्यक्तिगत समीक्षा और त्वरित समाधान।

  • ग्राहक-संवाद आधारित समाधान प्रणाली: शिकायत बंद करने से पहले ग्राहक की सहमति अनिवार्य।

  • नई एसएलए परिभाषा: शिकायतों को 129 श्रेणियों में विभाजित किया गया, जिनमें से अधिकांश का समाधान 1 से 7 दिनों में किया जाता है।

कार्यशालाएँ और कर्मचारी कल्याण

  • अभिलेख प्रबंधन कार्यशाला: राष्ट्रीय अभिलेखागार के सहयोग से आयोजित।

  • साइबर हाइजीन प्रशिक्षण: राष्ट्रीय साइबर सुरक्षा जागरूकता माह 2025 के अंतर्गत।

  • “थलिरनिलम” क्रेच सुविधा का शुभारंभ:

    • स्थान – मुख्य डाक महा अधीक्षक, तमिलनाडु सर्कल कार्यालय, चेन्नई

    • उद्देश्य – कार्यरत अभिभावकों के बच्चों के लिए सुरक्षित और पोषणयुक्त वातावरण उपलब्ध कराना।

डाक विभाग ने यह संकल्प दोहराया कि “स्वच्छता” केवल एक अभियान नहीं बल्कि एक सतत संस्कृति बने। विभाग का उद्देश्य है कि इस अभियान की गति को बनाए रखते हुए, स्वच्छता, अनुशासन और दक्षता को अपने विशाल नेटवर्क के हर स्तर तक पहुंचाया जाए।

उल्लेखनीय पहलें

  • लेबोंग डाकघर (दार्जिलिंग): औपनिवेशिक काल में स्थापित कुछ डाकघरों में से एक, जिसे आधुनिक स्वरूप में परिवर्तित किया गया।

  • सार्वजनिक स्थलों का रूपांतरण: पश्चिम बंगाल सर्कल के बराकपुर मुख्य डाकघर (SBCO) में प्रेरणादायक स्वच्छता एवं नवीनीकरण प्रयास।

निष्कर्ष

विशेष अभियान 5.0 ने न केवल डाक विभाग की कार्यसंस्कृति में सुधार लाया, बल्कि “स्वच्छता ही सेवा” और “न्यूनतम सरकार, अधिकतम शासन” के सिद्धांतों को भी मूर्त रूप दिया। यह पहल भारत को एक अधिक पारदर्शी, उत्तरदायी और स्वच्छ प्रशासनिक प्रणाली की ओर अग्रसर कर रही है।


विशेष अभियान 5.0 के तहत आयुष मंत्रालय ने दक्षता, पारदर्शिता और स्वच्छता को दी नई गति

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नई दिल्ली-आयुष मंत्रालय ने 2 अक्टूबर से 31 अक्टूबर 2025 तक आयोजित विशेष अभियान 5.0 के अंतर्गत दक्षता, पारदर्शिता और स्वच्छता की दिशा में अपने सतत प्रयास जारी रखे। इस अभियान का उद्देश्य प्रशासनिक प्रक्रियाओं को सरल बनाना, रिकॉर्ड प्रबंधन में सुधार लाना, और सभी आयुष संस्थानों में स्वच्छता तथा जन शिकायत निवारण को बढ़ावा देना रहा।

अभियान के दौरान मंत्रालय ने कई महत्वपूर्ण उपलब्धियां हासिल कीं। कुल 658 जन शिकायतों और 59 जन शिकायत अपीलों का निस्तारण किया गया। साथ ही, संसद सदस्यों से प्राप्त 2 संदर्भों को भी सुलझाया गया। इसके अलावा, देशभर में आयुष प्रतिष्ठानों में 68 स्वच्छता अभियानों का सफलतापूर्वक आयोजन किया गया। मंत्रालय ने 101 पुरानी फाइलों को रिकॉर्ड से हटाकर दस्तावेज प्रबंधन और प्रशासनिक दक्षता में सुधार किया।

कबाड़ निपटान गतिविधियों के माध्यम से 1365 वर्ग फीट कार्यालय क्षेत्र खाली किया गया और ₹7,35,500 की राजस्व प्राप्ति हुई। ये उपलब्धियां न केवल संसाधनों के बेहतर उपयोग और कार्यस्थल की दक्षता को दर्शाती हैं, बल्कि यह भी स्पष्ट करती हैं कि मंत्रालय भारत सरकार की “स्वच्छता ही सेवा” और “न्यूनतम सरकार, अधिकतम शासन” की दृष्टि को साकार करने के लिए प्रतिबद्ध है।

पूर्व अभियानों की सफलता पर आगे बढ़ते हुए, विशेष अभियान 5.0 के दौरान अधिकारियों, कर्मचारियों और आयुष समुदाय के सदस्यों ने हर्बल गार्डन, सामुदायिक स्थलों और सार्वजनिक स्थानों पर स्वच्छता और जागरूकता अभियानों में सक्रिय रूप से भाग लिया। वरिष्ठ अधिकारियों ने आयुष भवन और अन्य प्रमुख संस्थानों में स्वयं नेतृत्व कर सामूहिक जिम्मेदारी और नागरिक सजगता की भावना को प्रोत्साहित किया।

आयुष मंत्रालय जन शिकायत निवारण और स्वच्छता के उच्च मानकों को बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध है। यह अभियान मंत्रालय के कुशल, पारदर्शी और जन-केंद्रित प्रशासनिक ढांचे को सुदृढ़ करने की दिशा में एक और महत्वपूर्ण कदम सिद्ध हुआ है।

उड़ान भवन, नई दिल्ली में केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री राममोहन नायडू द्वारा नव स्थापित क्रेच सुविधा का उद्घाटन

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नई दिल्ली-केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री राममोहन नायडू ने नई दिल्ली स्थित उड़ान भवन में नव स्थापित क्रेच (बाल देखभाल केंद्र) का उद्घाटन किया। यह पहल मंत्रालय में एक अधिक समावेशी, सहयोगी और कर्मचारी-अनुकूल कार्य वातावरण को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

उद्घाटन समारोह के दौरान बच्चों ने मंत्री का फूलों से स्वागत किया। इसके बाद राममोहन नायडू ने क्रेच क्षेत्र, उसकी सुविधाओं, उपकरणों एवं सुरक्षा प्रबंधों का निरीक्षण किया तथा माता-पिता और बच्चों से बातचीत की। मंत्री ने इस अवसर पर बच्चों को खिलौने और चॉकलेट वितरित किए।

क्रेच में 6 माह से 6 वर्ष तक की आयु के बच्चों की देखभाल के लिए सभी आवश्यक सुविधाएँ उपलब्ध कराई गई हैं, जिनमें विकास निगरानी, पोषण, खेल, प्री-स्कूल शिक्षण और चिकित्सीय देखभाल शामिल हैं। बच्चों के लिए वातावरण को आकर्षक, सुरक्षित और सीखने हेतु प्रेरक रूप में तैयार किया गया है। यह सुविधा भवन के भूतल पर सुरक्षित स्थान पर स्थापित की गई है, जहाँ सीसीटीवी कवरेज और सुरक्षा के सभी आवश्यक प्रावधान किए गए हैं।

यह क्रेच सुविधा नागरिक उड्डयन मंत्रालय (MoCA) और उसके संलग्न एवं अधीनस्थ कार्यालयों — जैसे भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण (AAI), डीजीसीए, बीसीएएस, एएआईबी और एईआरए — के कर्मचारियों के बच्चों के लिए उपलब्ध होगी, जिससे कर्मचारियों को कार्य और परिवारिक जिम्मेदारियों के बीच बेहतर संतुलन बनाने में सहायता मिलेगी।

इस क्रेच की स्थापना मंत्रालय के “विशेष अभियान 5.0” के अंतर्गत की गई है, जिसका उद्देश्य सरकारी परिसरों के अप्रयुक्त स्थलों का उत्पादक उपयोग, कर्मचारी कल्याण, और कार्यस्थल की दक्षता को बढ़ावा देना है।



विशेष अभियान 5.0 के तहत स्वच्छता, कुशल अभिलेख प्रबंधन और लंबित मामलों में कमी हेतु उत्कृष्ट पहल

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विशेष अभियान 5.0 के अंतर्गत स्वच्छता, अभिलेखों के कुशल प्रबंधन तथा लंबित मामलों के निस्तारण को बढ़ावा देने के उद्देश्य से डॉ. राजीव मणि, सचिव, डॉ. मनोज कुमार, अतिरिक्त सचिव,आर. के. पटनायक, अतिरिक्त सचिव एवं नोडल अधिकारी, तथा डॉ. के. वी. कुमार, अतिरिक्त सचिव ने 29 अक्टूबर, 2025 को विभाग के रिकॉर्ड रूम (अभिलेख कक्ष) का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने पुराने अभिलेखों/फाइलों को हटाने (weeding out) की प्रक्रिया की समीक्षा की।

निरीक्षण के दौरान डॉ. राजीव मणि, सचिव ने पुराने अभिलेखों को हटाने की प्रक्रिया का बारीकी से अवलोकन किया और व्यक्तिगत रूप से श्रेडिंग मशीन (कागज़ काटने की मशीन) के सही उपयोग का प्रदर्शन किया, जिससे यह सुनिश्चित हो सके कि यह प्रक्रिया कुशलता और सुरक्षा के साथ की जा रही है।

उनकी यह भागीदारी सक्रिय नेतृत्व और पारदर्शिता के प्रति प्रतिबद्धता का प्रतीक रही तथा इसने इस महत्वपूर्ण कार्य में संलग्न कर्मचारियों के लिए प्रेरणा का स्रोत का कार्य किया।

डॉ. राजीव मणि, सचिव ने अभियान में भाग लेने वाले सभी कर्मचारियों के प्रयासों की सराहना की और इस बात पर बल दिया कि उनके योगदान से पारदर्शिता, कार्यकुशलता और सुशासन का संदेश और अधिक सशक्त रूप से प्रसारित होगा।



कानूनी कार्य विभाग ने ‘स्पेशल कैंपेन 5.0’ को सफलतापूर्वक संपन्न किया, स्वच्छता और दक्षता की दिशा में हासिल की उल्लेखनीय उपलब्धियाँ

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विधि एवं न्याय मंत्रालय के कानूनी कार्य विभाग (Department of Legal Affairs - DLA) ने स्पेशल कैंपेन 5.0 के सभी निर्धारित लक्ष्यों को पूर्ण कर सफलतापूर्वक अभियान का समापन किया। यह उपलब्धि केंद्रीय विधि एवं न्याय मंत्री अर्जुन राम मेघवाल के मार्गदर्शन और विधि सचिव डॉ. अंजु राठी राणा के प्रत्यक्ष पर्यवेक्षण में हासिल की गई।

भारत सरकार की “स्वच्छता ही सेवा” की दृष्टि को मूर्त रूप देते हुए, विभाग के देशभर में स्थित सभी कार्यालयों ने असाधारण समन्वय और प्रतिबद्धता का प्रदर्शन किया। यह अभियान प्रशासनिक सुधार एवं लोक शिकायत विभाग (DARPG) द्वारा निर्धारित 12 प्रमुख कार्य बिंदुओं के तहत संचालित किया गया।

योजना से प्रदर्शन तक

सितंबर 2025 में विस्तृत तैयारी चरण (Preparatory Phase) के बाद, कार्यान्वयन चरण (Implementation Phase) की शुरुआत 2 अक्टूबर 2025 को हुई। SCDPM 5.0 पोर्टल के माध्यम से डिजिटल ट्रैकिंग, दैनिक समीक्षा और अंतर-विभागीय निगरानी ने अभियान को सभी मानकों पर संतृप्ति तक पहुँचाया।

मुख्य उपलब्धियाँ

भौतिक फाइलें (Physical Files):

  • 64,401 फाइलों की समीक्षा की गई

  • 26 फाइलें राष्ट्रीय अभिलेखागार (National Archives of India) को हस्तांतरित की गईं

  • 60,216 फाइलें निरस्तीकरण (Weeding) हेतु चिन्हित की गईं

  • 60,216 फाइलें नष्ट की गईं

ई-फाइलें (E-Files):

  • 714 फाइलों की समीक्षा

  • 311 फाइलें बंद की गईं

कार्यालय स्थल एवं राजस्व (Office Space & Revenue):

  • 11,831 वर्ग फुट स्थान मुक्त किया गया

  • ₹4,91,758 का राजस्व अर्जित किया गया

लंबित संदर्भ और शिकायतें (Pending References & Grievances):

  • सांसदों से प्राप्त 50 संदर्भ

  • राज्य सरकारों से प्राप्त 6 संदर्भ

  • 27 अंतर-मंत्रालयी संदर्भ

  • 11 संसदीय आश्वासन

  • 1 पीएमओ संदर्भ

  • 879 सार्वजनिक शिकायतें

  • 10 सार्वजनिक शिकायत अपीलें — सभी का निपटारा किया गया

स्वच्छता, डिजिटलीकरण और पुनर्गठन की दिशा में कदम

सार्वजनिक अभिलेख अधिनियम, 1993 के तहत हजारों भौतिक फाइलों की समीक्षा, वर्गीकरण, डिजिटलीकरण और निरस्तीकरण किया गया, जिससे न केवल कार्यालय स्थान खाली हुआ बल्कि अभिलेख प्रबंधन में पारदर्शिता और दक्षता बढ़ी।

ई-कचरे के निस्तारण के तहत अनुपयोगी आईटी उपकरण — जैसे कंप्यूटर, प्रिंटर, यू.पी.एस., फोटोकॉपी मशीनें आदि — पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय (MoEFCC) द्वारा जारी ई-वेस्ट प्रबंधन नियम, 2022 के अनुसार अधिकृत रीसायक्लर्स के माध्यम से निस्तारित किए गए। साथ ही, अनुपयोगी फर्नीचर और अन्य वस्तुओं की नीलामी की गई। खाली हुए स्थानों का उपयोग हरित क्षेत्र (Green Corners) और सुव्यवस्थित रिकॉर्ड प्रबंधन हेतु किया गया।

सांसदों, राज्य सरकारों, पीएमओ और मंत्रालयों से प्राप्त सभी संदर्भों का प्राथमिकता से निपटारा किया गया। CPGRAMS पोर्टल के माध्यम से सभी सार्वजनिक शिकायतों और अपीलों को ट्रैक कर समयबद्ध रूप से बंद किया गया।

देशभर के कार्यालयों की सक्रिय भागीदारी

इस अभियान में विभाग के अंतर्गत आने वाले सभी कार्यालयों ने भाग लिया — मुख्य सचिवालय (नई दिल्ली), शाखा सचिवालय (कोलकाता, मुंबई, चेन्नई, बेंगलुरु), केंद्रीय एजेंसी अनुभाग (सुप्रीम कोर्ट), विधि आयोग, इंडियन लॉ इंस्टीट्यूट (ILI), इंडिया इंटरनेशनल आर्बिट्रेशन सेंटर (IIAC), सभी आयकर अपीलीय अधिकरण (ITAT) पीठें, और दिल्ली उच्च न्यायालय, सीएटी (मुख्य पीठ) तथा तिस हजारी न्यायालयों में स्थित वाद अनुभाग।

साइबर सुरक्षा जागरूकता पहल

स्पेशल कैंपेन 5.0 के अंतर्गत, 30 अक्टूबर 2025 को विभाग द्वारा साइबर सुरक्षा जागरूकता वेबिनार का आयोजन किया गया, जो राष्ट्रीय साइबर सुरक्षा जागरूकता माह के अवसर पर आयोजित हुआ। यह सत्र राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केंद्र (NIC) की Cyber & Information Security Management Division के विशेषज्ञों द्वारा संचालित किया गया। इसमें साइबर सुरक्षा, डेटा संरक्षण, पासवर्ड प्रबंधन, फ़िशिंग से बचाव और सुरक्षित डिजिटल व्यवहार पर चर्चा की गई। यह पहल विभाग में साइबर-सुरक्षित कार्य संस्कृति को सुदृढ़ करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

विधि सचिव का संदेश

विधि सचिव डॉ. अंजु राठी राणा ने कहा —

“स्वच्छता की भावना केवल भौतिक सफाई तक सीमित नहीं है — यह अनुशासन, दक्षता और लोक सेवा में गर्व का प्रतीक है। मैं विभाग के प्रत्येक अधिकारी को स्पेशल कैंपेन 5.0 को सामूहिक सफलता बनाने के लिए बधाई देती हूँ।”

उन्होंने साप्ताहिक रिपोर्टों की व्यक्तिगत समीक्षा की, निरीक्षण दौरों का संचालन किया और यह सुनिश्चित किया कि सभी लक्ष्यों की पूर्ति समयबद्ध और प्रभावी ढंग से हो।

विकसित भारत @2047 की दिशा में योगदान

विभाग निरंतर डिजिटल परिवर्तन, प्रक्रिया सरलीकरण और सेवा-केंद्रित प्रशासन के माध्यम से विकसित भारत @2047 की दृष्टि को सशक्त कर रहा है। यह अभियान उसी संकल्प का प्रमाण है कि स्वच्छता, दक्षता और पारदर्शिता ही सुशासन की वास्तविक पहचान हैं।

विशेष अभियान 5.0 के तहत नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने हासिल की उल्लेखनीय प्रगति

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नागरिक उड्डयन मंत्रालय, लंबित मामलों के निपटान हेतु चल रहे विशेष अभियान 5.0 में सक्रिय रूप से भाग ले रहा है। यह अभियान 2 अक्टूबर से 31 अक्टूबर 2025 तक चलाया जा रहा है।

अब तक की प्रमुख उपलब्धियाँ:

  • जन शिकायत निवारण के 87% लक्ष्यों की प्राप्ति हो चुकी है।

  • कुल 4,988 भौतिक फाइलें सफलतापूर्वक निष्पादित (weed out) की गईं।

  • 480 लक्ष्यों के विरुद्ध 405 स्वच्छता अभियान संचालित किए गए।

  • कबाड़, ई-वेस्ट और अनुपयोगी फाइलों के निपटान से लगभग 31,353 वर्ग फुट कार्यालय क्षेत्र मुक्त हुआ।

  • 81,66,756 रुपये का राजस्व स्क्रैप निपटान से प्राप्त हुआ।

यह विशेष अभियान नागरिक उड्डयन मंत्री राममोहन नायडू के नेतृत्व में संचालित किया जा रहा है। 9 अक्टूबर 2025 को मंत्री ने मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों और अधीनस्थ संगठनों के प्रमुखों के साथ समीक्षा बैठक की। इसके बाद, 13 अक्टूबर 2025 को उन्होंने मंत्रालय परिसर का निरीक्षण किया, स्टाफ से बातचीत की, कैंटीन की स्वच्छता और पुस्तकालय का जायजा लिया।

राममोहन नायडू ने अधिकारियों को प्रेरित किया कि वे अपने कार्य, व्यवहार और विचारों में स्वच्छता को अपनाएँ।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से प्रेरणा लेते हुए, नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने शारीरिक, डिजिटल और मानसिक रूप से स्वच्छ, सकारात्मक और व्यवस्थित कार्यस्थल सुनिश्चित करने का संकल्प लिया है।

विधि कार्य विभाग ने LIMBS और PFMS के एकीकरण से अधिवक्ता शुल्क भुगतान प्रक्रिया को किया पूर्णतः डिजिटल

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भारत सरकार की विशेष अभियान 5.0 के तहत दक्षता, पारदर्शिता और डिजिटल प्रशासन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से विधि एवं न्याय मंत्रालय के विधि कार्य विभाग (Department of Legal Affairs – DLA) ने प्रक्रियागत सरलीकरण की दिशा में एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है। विभाग ने लीगल इंफॉर्मेशन मैनेजमेंट एंड ब्रीफिंग सिस्टम (LIMBS) को पब्लिक फाइनेंशियल मैनेजमेंट सिस्टम (PFMS) से एकीकृत कर दिया है। यह सुधार अधिवक्ताओं के शुल्क के वितरण की प्रक्रिया को पूरी तरह से डिजिटल बना रहा है, जो ईज ऑफ डूइंग बिजनेस और डिजिटल इंडिया जैसी सरकार की प्रमुख पहलों का महत्वपूर्ण हिस्सा है।

पहले अधिवक्ताओं को फीस का भुगतान करने की प्रक्रिया भौतिक दस्तावेजों पर निर्भर थी — जिसमें मैन्युअल सत्यापन और कागज़ी फाइलों को पे एंड अकाउंट्स ऑफिस तक भेजने की लंबी प्रक्रिया शामिल थी। इससे भुगतान में विलंब होता था और प्रणाली पेपर-इंटेंसिव बनी रहती थी। अब, e-Bill मॉड्यूल के उन्नत संस्करण के माध्यम से अधिवक्ताओं और विधि अधिकारियों को फीस का भुगतान पूरी तरह से डिजिटल और एंड-टू-एंड इलेक्ट्रॉनिक प्रणाली के माध्यम से किया जा रहा है। इससे न केवल पारदर्शिता बढ़ी है, बल्कि भुगतान समयबद्ध और कुशलता से हो रहा है।

अब LIMBS पर तैयार किए गए बिल सीधे PFMS से जुड़े हुए हैं, जिससे उनका डिजिटल सत्यापन, स्वीकृति और भुगतान स्वतः हो जाता है। यह एक पेपरलेस सिस्टम है, जो रीयल-टाइम ट्रैकिंग, कम प्रसंस्करण समय और मानवीय त्रुटियों को समाप्त करता है। प्रत्येक दावे के लिए एक क्लेम रेफरेंस नंबर (CRN) उत्पन्न होता है, जिससे विभागीय इकाइयां भुगतान की स्थिति को वास्तविक समय में देख सकती हैं। भुगतान की स्वीकृति के बाद राशि सीधे लाभार्थी के बैंक खाते में PFMS के माध्यम से स्थानांतरित हो जाती है।

केंद्रीय एजेंसी अनुभाग (CAS) ने फरवरी 2025 में LIMBS के माध्यम से पैनल अधिवक्ताओं के भुगतान के लिए e-Bill मॉड्यूल लागू किया था, और अब इसे अन्य मुकदमेबाजी इकाइयों, जैसे दिल्ली उच्च न्यायालय में भी विस्तारित करने की तैयारी है। इसके अलावा, विधि अधिकारियों के रिटेनर शुल्क के लिए एक अलग मॉड्यूल विकसित करने पर भी विचार किया जा रहा है।

यह एकीकरण डिजिटल प्रशासन को सशक्त करता है, पारदर्शिता, दक्षता और जवाबदेही को बढ़ावा देता है और पर्यावरणीय स्थिरता को भी प्रोत्साहित करता है। इस एकीकृत प्लेटफ़ॉर्म से विधिक शुल्क भुगतान प्रक्रियाओं में समानता और मानकीकरण सुनिश्चित हुआ है।

विशेष अभियान 5.0 के उद्देश्यों के अनुरूप यह पहल सरकारी प्रक्रियाओं को सरल बनाती है, डिजिटल परिवर्तन को गति देती है और नागरिक-केंद्रित सेवाओं की गुणवत्ता को बेहतर बनाती है। मैन्युअल प्रक्रियाओं को समाप्त करके और कार्यप्रवाह को मानकीकृत करके, विधि कार्य विभाग इस सुधार को अन्य कानूनी भुगतान श्रेणियों तक विस्तारित कर रहा है, जिससे विकसित भारत @2047 की परिकल्पना को साकार करने की दिशा में एक ठोस कदम उठाया गया है।

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