Media24Media.com: #स्वतंत्रता दिवस

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महासमुंद : मुड़पार बांध में डूबने से व्यापारी की मौत, स्वतंत्रता दिवस पर दोस्तों के साथ गया था घूमने

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 महासमुंद। स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर मुड़पार बांध में दोस्तों के साथ घूमने गए एक युवक की नहाते समय पानी में डूबने से दर्दनाक मौत हो गई। सूचना मिलने पर मौके पर पहुंची पुलिस ने गोताखोरों की मदद से कड़ी मशक्कत के बाद शव को बाहर निकाला।


मिली जानकारी के अनुसार, शहर के वार्ड क्रमांक 26 क्लब पारा निवासी 35 वर्षीय प्रणय गुर्वेकर (मिक्सचर व्यापारी) स्वतंत्रता दिवस की छुट्टी पर अपने पांच अन्य दोस्तों के साथ महासमुंद से करीब 5 किलोमीटर दूर स्थित मुड़पार बांध गए हुए थे। पिकनिक के दौरान प्रणय नहाने के लिए बांध के पानी में उतरे, जहां अचानक गहराई का अंदाजा न होने के कारण वे गहरे पानी में समा गए।

युवक को डूबता देख दोस्तों और आसपास मौजूद ग्रामीणों ने बचाने का प्रयास किया, लेकिन असफलता मिलने पर तुरंत स्थानीय पुलिस को सूचना दी गई। मौके पर पहुंची कोतवाली पुलिस की टीम ने गोताखोरों को पानी में उतारा और कुछ समय बाद शव को बाहर निकाला गया। पुलिस ने मर्ग कायम कर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और मामले की आगे की जांच शुरू कर दी है।

बस्तर तिरंगा यात्रा में शामिल होंगे उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा और वन मंत्री केदार कश्यप

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 रायपुर : स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर बस्तर अंचल में राष्ट्रभक्ति, शांति और विकास का संदेश लेकर ‘बस्तर तिरंगा यात्रा 2026’ का आयोजन किया जा रहा है। 13 अगस्त को सुकमा जिले में होने वाली इस तिरंगा यात्रा में उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा और वन एवं जिले के प्रभारी मंत्री केदार कश्यप भी शामिल होंगे।


राष्ट्रभक्ति, राष्ट्रीय एकता और गौरव की भावना को जन-जन तक पहुंचाना है

मोटरसाइकिलों के माध्यम से आयोजित यह यात्रा बस्तर के उन गांवों और क्षेत्रों तक पहुंचेगी, जो कभी नक्सल हिंसा से प्रभावित थे और अब शांति, सुरक्षा और विकास की नई राह पर आगे बढ़ रहे हैं। ‘हर घर तिरंगा’ अभियान के तहत इस यात्रा का उद्देश्य राष्ट्रभक्ति, राष्ट्रीय एकता और गौरव की भावना को जन-जन तक पहुंचाना है।

सुकमा के दुर्गम क्षेत्रों तक पहुंचेगी यात्रा

13 अगस्त को तिरंगा यात्रा चिंगावरम, सुकमा, एर्राबोर, मनीकोंटा, दोरनापाल, पोलमपल्ली, बुर्कापाल, मिनपा-टाड़मेटला, चिंतलनार, जगरगुंडा, सिलगेर और टेकलगुड़ेम होते हुए आवापल्ली और बीजापुर पहुंचेगी। बीजापुर में रात्रि विश्राम किया जाएगा।

बस्तर अब विश्वास, शांति और विकास की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है

यात्रा का उद्देश्य बस्तर की बदलती तस्वीर को देश-दुनिया के सामने लाना, युवाओं को राष्ट्र निर्माण की मुख्यधारा से जोड़ना और नक्सल हिंसा में शहीद हुए वीर जवानों एवं नागरिकों के सर्वाेच्च बलिदान को नमन करना है। यात्रा के माध्यम से यह संदेश दिया जाएगा कि बस्तर अब विश्वास, शांति और विकास की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। साथ ही तिरंगे और संविधान के प्रति सम्मान का संदेश भी दूरस्थ क्षेत्रों तक पहुंचाया जाएगा।

महिला बाइकर्स भी होंगी शामिल

बस्तर तिरंगा यात्रा में महिला बाइकर्स की विशेष भागीदारी रहेगी। प्रत्येक जिले से बड़ी संख्या में बाइक राइडर शामिल होंगे। महिला बाइकर्स तिरंगा लेकर यात्रा का हिस्सा बनेंगी। यात्रा में स्थानीय युवा, स्वयंसेवी संगठन, महिला समूह, एनसीसी, एनएसएस, नेहरू युवा केंद्र, स्काउट-गाइड और जनप्रतिनिधि भी भाग लेंगे।

‘एक पेड़ शहीदों के नाम’ अभियान के तहत होगा पौधरोपण

यात्रा के दौरान प्रत्येक शहीद स्थल पर ‘एक पेड़ शहीदों के नाम’ अभियान के तहत जितने लोग शहीद हुए हैं, उतने ही पौधे लगाए जाएंगे। इसके अलावा युवाओं, विद्यार्थियों और खेल प्रतिभाओं से संवाद कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। नशामुक्ति और साइबर सुरक्षा के प्रति भी लोगों को जागरूक किया जाएगा।

 

छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय में स्वतंत्रता दिवस पर उत्कृष्ट कार्य करने वाले हुए सम्मानित

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रायपुर। छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय, बिलासपुर में 79वां स्वतंत्रता दिवस समारोह धूमधाम से मनाया गया। इस अवसर पर मुख्य न्यायाधीश रमेश सिन्हा ने समारोह में विशेष योगदान देने वाले अधिकारियों और एनसीसी-एनएसएस से जुड़े प्रतिभागियों को प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मानित किया।

सम्मानित होने वालों में डी.पी. विप्र कॉलेज के एनसीसी कैप्टन आशीष शर्मा, अटल बिहारी वाजपेयी विश्वविद्यालय के कार्यक्रम समन्वयक, एनएसएस मनोज सिन्हा, पीएनएस कॉलेज, बिलासपुर की एनएसएस कार्यक्रम अधिकारी सुश्री मोना केवट और उच्च न्यायालय के उप पुलिस अधीक्षक (सुरक्षा) धर्मेन्द्र सिंह बैस शामिल रहे।

इसके साथ ही मुख्य न्यायाधीश रमेश सिन्हा ने कंपनी कमांडर सरबराज सिन्हा (बी कंपनी, 12वीं वाहिनी छत्तीसगढ़ सशस्त्र बल उच्च न्यायालय आवासीय परिसर), कंपनी कमांडर बाबूलाल सोनवानी (दूसरी वाहिनी छसबल, कैंप-उच्च न्यायालय सुरक्षा कंपनी), जू.यू.ओ. आदित्य गिरी गोस्वामी (7वीं वाहिनी एनसीसी सीनियर डिवीजन, बिलासपुर) और कैडेट अमर यादव (एनएसएस, अटल बिहारी वाजपेयी विश्वविद्यालय) को भी प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया गया।

मुख्य न्यायाधीश सिन्हा ने सभी प्रतिभागियों को उनकी श्रेष्ठ परेड के लिए बधाई दी और उज्जवल भविष्य की शुभकामनाएं दीं। इस अवसर पर न्यायिक अधिकारी, रजिस्ट्री के अधिकारी-कर्मचारी और उच्च न्यायालय परिवार के सदस्य बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।


CG NEWS : तिरंगा फहराने पर नक्सलियों ने युवक की हत्या, जनअदालत लगाकर सुनाई मौत की सजा

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 कांकेर। स्वतंत्रता दिवस पर तिरंगा फहराना एक युवक को भारी पड़ गया। कांकेर जिले के परतापुर थाना क्षेत्र के ग्राम बिनागुंडा में नक्सलियों ने 25 वर्षीय मनेश नुरूटी की जनअदालत लगाकर गला घोंटकर हत्या कर दी।


घटना कैसे हुई?

15 अगस्त को मनेश ने गांव के अन्य युवकों के साथ स्कूल परिसर में बने नक्सली स्मारक पर तिरंगा फहराया था।

नक्सलियों ने इसे मुखबिरी से जोड़ते हुए 16 अगस्त को जनअदालत लगाई और युवक को मौत की सजा सुना दी।

17 अगस्त को गांव में नक्सलियों ने बैनर लगाकर हत्या की जिम्मेदारी ली और हत्या का कारण पुलिस को सूचना देना बताया।

नक्सलियों की धमकी

बैनर में नक्सलियों ने गांव के सरपंच रामजी धुर्वा और ग्रामीण बैजू नरेटी को भी धमकी दी। आरोप लगाया कि उन्होंने DRG जवानों और पुलिस को बिनागुंडा मुठभेड़ से जुड़ी गुप्त जानकारी दी थी।

पुलिस की पुष्टि

एसपी आई के एलिसेला ने पुष्टि की है कि मनेश की हत्या तिरंगा फहराने और मुखबिरी के शक में की गई है। मनेश के तिरंगा फहराते हुए वीडियो भी सामने आया है।

पृष्ठभूमि

गौरतलब है कि 16 अप्रैल 2024 को बिनागुंडा में हुई बड़ी मुठभेड़ में सुरक्षा बलों ने 29 नक्सलियों को मार गिराया था, जिनमें कुख्यात नक्सली नेता शंकर राव भी शामिल था। इसके बाद क्षेत्र में कुछ समय के लिए नक्सली गतिविधियां थम गई थीं, लेकिन अब एक बार फिर उनकी वापसी ने दहशत बढ़ा दी है।

छत्तीसगढ़ रजत महोत्सव – संस्कृति और गौरव का होगा भव्य उत्सव : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय

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रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर राजधानी रायपुर स्थित मुक्ताकाशी मंच से छत्तीसगढ़ रजत महोत्सव का भव्य शुभारंभ किया। यह महोत्सव 15 अगस्त 2025 से शुरू होकर आगामी 6 फरवरी 2026 तक पूरे 25 सप्ताह तक पूरे प्रदेश में हर्षोल्लास और जनभागीदारी के साथ मनाया जाएगा।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि यह महोत्सव केवल शासकीय आयोजन न होकर हम सभी प्रदेशवासियों का महोत्सव है, जिसमें राज्य के हर वर्ग, हर समाज और हर उम्र के लोगों की सक्रिय भागीदारी आवश्यक है। उन्होंने जन सहभागिता का आह्वान करते हुए कहा कि हम सब विकसित छत्तीसगढ़ और विकसित भारत के सपने और दृढ़ संकल्प को लेकर आगे बढ़ेंगे तो मंज़िल ज़रूर मिलेगी।

मुख्यमंत्री साय ने इस अवसर पर पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न स्वर्गीय अटल बिहारी वाजपेयी को याद करते हुए कहा कि अटल जी के प्रयासों से ही छत्तीसगढ़ राज्य का गठन संभव हुआ। उन्होंने कहा कि पिछले 25 वर्षों में प्रदेश ने उल्लेखनीय प्रगति की है और अब लक्ष्य वर्ष 2047 तक विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण का है।

राज्य के हर वर्ग, हर समाज और हर उम्र के लोगों की सहभागिता होगी छत्तीसगढ़ रजत महोत्सव में – मुख्यमंत्री साय

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि रजत महोत्सव के दौरान प्रदेश के लोकप्रिय ‘बस्तर ओलंपिक’ और ‘बस्तर पंडुम’ जैसे पारंपरिक आयोजन भी होंगे, जो स्थानीय खेलों और लोक-संस्कृति को नई ऊर्जा देंगे। जनभागीदारी, सांस्कृतिक विरासत के सम्मान और विकास की भावना के साथ मनाया जाने वाला यह रजत महोत्सव राज्य के इतिहास में स्वर्णिम अध्याय के रूप में दर्ज होगा।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि राज्य गठन से पहले किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य नहीं मिलता था। सरकार ने सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) का आदर्श मॉडल विकसित किया, जिसके माध्यम से आज लाखों परिवार निःशुल्क खाद्यान्न का लाभ ले रहे हैं और कोई भी भूखा नहीं सोता।

उन्होंने कहा कि वर्तमान में धान 3,100 रुपए प्रति क्विंटल की दर से 21 क्विंटल प्रति एकड़ तक खरीदा जा रहा है। पिछले दो वर्षों में किसानों के खातों में एक लाख करोड़ रुपए से भी अधिक की राशि सीधे स्थानांतरित की गई है।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि राज्य निर्माण के बाद आईआईटी, आईआईएम, आईआईआईटी और नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी जैसी प्रतिष्ठित संस्थाओं की स्थापना छत्तीसगढ़ में हुई। आर्थिक विकास का उल्लेख करते हुए उन्होंने बताया कि राज्य की जीएसडीपी 21 हज़ार करोड़ रुपए से बढ़कर 5 लाख करोड़ रुपए तक पहुंच चुकी है, जिसे अगले पाँच वर्षों में 10 लाख करोड़ रुपए तक ले जाने का लक्ष्य है।

उन्होंने कहा कि फार्मा, सेमीकंडक्टर, टेक्सटाइल जैसे नये युग के उद्योगों में नई औद्योगिक नीति लागू करने के बाद अब तक 6 लाख करोड़ रुपए से अधिक का निवेश आकर्षित किया गया है।

25 सप्ताह तक विविध कार्यक्रमों का आयोजन

महोत्सव के दौरान आगामी 25 सप्ताह तक राज्य के विभिन्न विभागों, सामाजिक, व्यावसायिक और सांस्कृतिक संगठनों की सहभागिता से विविध कार्यक्रम आयोजित होंगे। मुख्यमंत्री श्री साय ने जनता से अपील की कि वे पूरे उत्साह के साथ इसमें शामिल हों।

विशेषांक, लोगो और वेब पोर्टल का लोकार्पण

शुभारंभ कार्यक्रम में रजत महोत्सव विशेषांक पुस्तक का विमोचन, लोगो और वेब पोर्टल का अनावरण भी किया गया।

संस्कृति विभाग के सचिव रोहित यादव ने स्वागत उद्बोधन में कहा कि यह अवसर हमारे इतिहास को दोबारा जीने और अपनी संस्कृति पर गर्व करने का है। उन्होंने विशेष रूप से इस महोत्सव में गरीबों, युवाओं, आम नागरिकों और महिलाओं की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने पर जोर दिया। उन्होंने बताया कि सरकार ने सभी विभागों को एक-एक सप्ताह का समय आबंटित किया है, जिसके दौरान विभागीय गतिविधियों का ग्राम स्तर तक आयोजन कर जनता को शासकीय योजनाओं के प्रति जागरूक किया जाएगा।

इस अवसर पर विधायक सर्वश्री मोतीलाल साहू, गुरु खुशवंत साहेब एवं पुरंदर मिश्रा, राज्य खाद्य नागरिक आपूर्ति निगम के अध्यक्ष संजय श्रीवास्तव, छत्तीसगढ़ साहित्य अकादमी के अध्यक्ष शशांक शर्मा, केशकला बोर्ड की अध्यक्ष सुश्री मोना सेन, अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष अमरजीत छाबड़ा, जिला पंचायत अध्यक्ष रायपुर नवीन अग्रवाल, संस्कृति विभाग के संचालक विवेक आचार्य, कलेक्टर गौरव कुमार, संस्कृति विभाग के अधिकारी-कर्मचारी, गणमान्य नागरिक तथा स्कूली छात्र-छात्राएं बड़ी संख्या में उपस्थित थे।


मुख्यमंत्री साय ने स्वतंत्रता दिवस पर टाउन हॉल में छायाचित्र प्रदर्शनी का शुभारंभ

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 रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर राजधानी रायपुर के कचहरी चौक स्थित ऐतिहासिक टाउन हॉल में छत्तीसगढ़ के स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के जीवन पर आधारित छायाचित्र प्रदर्शनी का शुभारंभ किया। यह प्रदर्शनी 15 से 21 अगस्त तक प्रतिदिन सुबह 10:30 बजे से रात 8:00 बजे तक आम जनता के लिए निःशुल्क खुली रहेगी।


मुख्यमंत्री साय ने कहा कि यह प्रदर्शनी युवाओं, विशेषकर स्कूली छात्र-छात्राओं के लिए अत्यंत उपयोगी है। इसमें छत्तीसगढ़ की आज़ादी की लड़ाई में निभाई गई भूमिका, जननायकों के जीवन संघर्ष और उनके अमूल्य योगदान को सुंदर और प्रभावशाली तरीके से प्रस्तुत किया गया है।

क्विज प्रतियोगिता में मुख्यमंत्री की भागीदारी

मुख्यमंत्री ने प्रदर्शनी के दौरान छत्तीसगढ़ से जुड़े रोचक सवालों वाली क्विज प्रतियोगिता में हिस्सा लिया और कई प्रश्नों के उत्तर दिए। उन्होंने कहा कि इस तरह की प्रतियोगिताएं बच्चों और युवाओं को इतिहास, संस्कृति और राज्य की उपलब्धियों से जोड़ने का बेहतरीन माध्यम हैं।


दुर्लभ दस्तावेज और आधुनिक तकनीक का संगम

प्रदर्शनी में स्वतंत्रता सेनानियों की जीवनगाथा, दुर्लभ दस्तावेज और ऐतिहासिक क्षणों को जीवंत रूप में दर्शाया गया है। भारत छोड़ो आंदोलन समेत विभिन्न आंदोलनों में छत्तीसगढ़ की सक्रिय भागीदारी को भी विस्तार से प्रस्तुत किया गया है।


इस वर्ष प्रदर्शनी में वर्चुअल रियलिटी तकनीक के माध्यम से ऐतिहासिक और सांस्कृतिक तथ्यों को आकर्षक अंदाज़ में दिखाया जा रहा है। साथ ही, “कौन बनेगा करोड़पति” की तर्ज पर आयोजित "कोन बनही गुनिया" प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता भी दर्शकों के बीच मुख्य आकर्षण है।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध कुमार सिंह, सचिव पी. दयानंद, सचिव डॉ. बसवराजु एस., संयुक्त सचिव डॉ. रवि मित्तल, रायपुर कलेक्टर गौरव सिंह सहित जनसंपर्क विभाग के अधिकारी-कर्मचारी और बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक मौजूद थे।

भारत का विभाजन इतिहास की एक गहरी पीड़ा : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

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 रायपुर : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने राजधानी रायपुर स्थित महंत घासीदास संग्रहालय के मुक्ताकाश मंच में आयोजित भारत विभाजन विभीषिका दिवस – राष्ट्रीय संगोष्ठी को संबोधित करते हुए कहा कि भारत का विभाजन इतिहास का एक ऐसा अध्याय है, जिसकी पीड़ा आज भी महसूस की जाती है। उस दौर की घटनाओं को याद करना आज भी मन को उद्वेलित कर देता है।


मुख्यमंत्री साय ने कहा कि विभाजन के समय लाखों लोगों को अपने घर-परिवार और मातृभूमि से दूर होना पड़ा तथा अनेक स्थानों पर हिंसा और अशांति का सामना करना पड़ा। कुछ लोग सुरक्षित अपने देश लौट सके, जबकि कई अपने घरों तक नहीं पहुँच पाए। अमृतसर स्टेशन जैसे स्थानों पर आई ट्रेनों से जुड़ी घटनाएं आज भी विभाजन के कठिन दौर की याद दिलाती हैं। उन्होंने कहा कि इस कठिन समय में भी जो लोग भारत आए, उन्होंने परिश्रम और साहस के साथ जीवन में नई शुरुआत की, जो सराहनीय है।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि 14 अगस्त को स्वर्गीय दिलीप सिंह जूदेव जी की पुण्यतिथि भी है। जूदेव जी ने अटल बिहारी वाजपेयी जी की सरकार में राज्यमंत्री के रूप में योगदान दिया। उनका व्यक्तित्व विशाल, और स्वभाव परोपकारी था। आज धरमजयगढ़ में उनकी पुण्यतिथि पर संस्कृति रक्षा महासम्मेलन एवं अभिनन्दन समारोह का आयोजन किया गया था।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि कठिन संघर्ष और त्याग के मूल्यों पर हमें स्वतंत्रता प्राप्त हुई। स्वतंत्रता सेनानियों के बलिदान से प्राप्त तिरंगे का सम्मान करना प्रत्येक नागरिक का कर्तव्य है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आह्वान पर बीते कुछ वर्षों से स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर तिरंगा पूरे देश में उत्साह और एकता का प्रतीक बन गया है। तिरंगा यात्राओं और हर-घर तिरंगा अभियान ने इसे जन-जन से जोड़ दिया है।

राष्ट्रीय संगोष्ठी में मुख्य वक्ता, विचारक एवं लेखक डॉ. सदानंद सप्रे ने कहा कि विभाजन के समय की पीड़ादायक घटनाएं इतिहास का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि हम सभी के एकजुट प्रयासों से भारत की एकता और अखंडता और सुदृढ़ होगी।

कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे डॉ. युधिष्ठिर लाल महाराज ने कहा कि हमें स्वतंत्रता के साथ-साथ उस समय के कष्ट, विस्थापन और चुनौतियों को भी याद रखना चाहिए। आने वाली पीढ़ी को विभाजन के इतिहास से अवगत कराना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि विभाजन के समय सिख और सिंधी समाज सहित अनेक समुदायों को अपने घर-परिवार छोड़कर पलायन करना पड़ा, जो एक बड़ा मानवीय संकट था।

कार्यक्रम के समापन पर संस्कृति विभाग के संचालक विवेक आचार्य ने आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर सांसद बृजमोहन अग्रवाल, विधायक सुनील सोनी एवं मोतीलाल साहू, अजय जामवाल, पवन साय, छत्तीसगढ़ साहित्य अकादमी के अध्यक्ष शशांक शर्मा, छत्तीसगढ़ अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष अमरजीत छाबड़ा सहित बड़ी संख्या में विद्यार्थी एवं गणमान्यजन उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने धरमजयगढ़ को दी 62.36 करोड़ की विकास सौगात

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 रायपुर : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने आज स्वतंत्रता दिवस से एक दिन पहले धरमजयगढ़ प्रवास के दौरान रायगढ़ जिलेवासियों को 62 करोड़ 36 लाख रुपए की लागत के विभिन्न विकास कार्यों की सौगात दी। इनमें 42 करोड़ 99 लाख रुपए की लागत से 45 लोकार्पण कार्य एवं 19 करोड़ 36 लाख रुपए की लागत से 70 कार्यों का भूमिपूजन शामिल है।


मुख्यमंत्री साय ने 5 करोड़ 25 लाख 11 हजार रुपए की लागत से धरमजयगढ़ के पानीखेत से ऐडुकला मार्ग पर भेंगारी नाला पर उच्च स्तरीय पुल एवं पहुंच मार्ग निर्माण कार्य एवं 6 करोड़ 39 लाख 6 हजार रुपए की लागत से लैलूंगा के पाकरगांव मार्ग पर खारून नदी पर पुल निर्माण कार्य, 28 करोड़ 53 लाख 29 हजार रुपए की लागत से खरसिया, लैलूंगा एवं धरमजयगढ़ क्षेत्र में सिंगल विलेज नलजल प्रदाय योजना, रेट्रोफिटिंग नल जल प्रदाय योजना एवं सोलर आधारित नलजल प्रदाय योजना के कार्य, धरमजयगढ़ के बहिरकेला एवं लैलूंगा के लमडांड में 75-75 लाख रुपए की लागत के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, विकासखण्ड घरघोड़ा के ग्राम कोनपारा में 7 लाख की लागत से निर्मित सामुदायिक भवन तथा धरमजयगढ़ के उपकेन्द्र खडग़ांव में 1 करोड़ 25 लाख रुपए की लागत से सीएसपीडीसीएल 33/11 केवी, 3.15 एमव्हीए कार्य का लोकार्पण किया।

इसी क्रम में मुख्यमंत्री साय ने 13 करोड़ 28 लाख 36 हजार रुपए की लागत से जिले के 7 जगह धौराभांठा, तमनार, लैलूंगा, घटगांव, घरघोड़ा, बाकारूमा एवं धरमजयगढ़ में पो.मै.आदिवासी बालक छात्रावास भवन निर्माण कार्य, 20 लाख 33 हजार रुपए की लागत से धरमजयगढ़ के स्थल कक्ष क्रमांक 643 आर.एफ. में वॉच टॉवर तथा 10 लाख 88 हजार रुपए की लागत से कक्ष क्रमांक 11 आर.एफ.कुमरता में पेट्रोलिंग कैम्प निर्माण कार्य, धरमजयगढ़ विकासखंड के विभिन्न ग्राम पंचायतों में 2 करोड़ 54 लाख 95 हजार रुपए की लागत से पुलिया, सीसी रोड, फुट वे निर्माण, आरसीसी पुलिया निर्माण, शेड निर्माण, सामुदायिक भवन, पंचायत भवन एवं मंगल भवन के कार्य के साथ ही लैलूंगा, धरमजयगढ़ एवं खरसिया विधानसभा क्षेत्रों में 3 करोड़ 22 लाख 22 हजार रुपए की लागत से 44 स्वास्थ्य केंद्रों के मरम्मत कार्यों का भूमिपूजन किया। 

स्वतंत्रता दिवस 2025 पर छत्तीसगढ़ के 25 पुलिसकर्मियों के नाम पदक सूची में घोषित

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रायपुर- स्वतंत्रता दिवस 2025 के अवसर पर गृह मंत्रालय ने छत्तीसगढ़ के 25 पुलिसकर्मियों के नाम गैलेंट्री मेडल (जीएम), प्रेसिडेंट्स मेडल फॉर डिस्टिंग्विश्ड सर्विस (पीएसएम) और मेडल फॉर मेरिटोरियस सर्विस (एमएसएम) के लिए घोषित किए हैं। यह सम्मान आंतरिक सुरक्षा को मजबूत बनाने और वामपंथी उग्रवाद से निपटने में राज्य की अहम भूमिका को रेखांकित करता है।

गैलेंट्री मेडल (GM)

असाधारण साहस और उत्कृष्ट परिचालन क्षमता के लिए छत्तीसगढ़ के 14 पुलिसकर्मियों के नाम गैलेंट्री मेडल के लिए घोषित किए गए हैं। इनमें आईपीएस अधिकारी सुनील शर्मा (पुलिस अधीक्षक), संदीप कुमार मडिले (उप निरीक्षक) और आरक्षक मदकम पांडु, मदकम हदमा, मदकम देव, बरसे हुंगा, रोशन गुप्ता सहित अन्य शामिल हैं। तीन पुलिसकर्मियों – स्वर्गीय रामुराम नाग (सहायक उप निरीक्षक), स्वर्गीय कुंजाम जोगा (आरक्षक) और स्वर्गीय वंजाम भीमा (आरक्षक) – को कर्तव्य-पालन के दौरान सर्वोच्च बलिदान के लिए मरणोपरांत सम्मानित किया गया है। ये घोषणाएं नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में राज्य पुलिस के जोखिमपूर्ण अभियानों और अदम्य साहस को दर्शाती हैं।

प्रेसिडेंट्स मेडल फॉर डिस्टिंग्विश्ड सर्विस (PSM)

लंबे समय तक उच्च कोटि की उत्कृष्ट सेवा के लिए छत्तीसगढ़ के एक अधिकारी का नाम पीएसएम सूची में शामिल किया गया है। छत्तीसगढ़ के निदेशक हिमांशु गुप्ता को उनके नेतृत्व, पेशेवर ईमानदारी और राज्य में पुलिसिंग व जनसुरक्षा में निरंतर योगदान के लिए सम्मानित किया गया है।

मेडल फॉर मेरिटोरियस सर्विस (MSM)

लगन, अनुकरणीय सेवा और निरंतर योगदान के लिए छत्तीसगढ़ के 10 पुलिसकर्मियों को एमएसएम के लिए चुना गया है। इनमें पुलिस महानिरीक्षक ध्रुव गुप्ता, पुलिस अधीक्षक प्रशांत कुमार ठाकुर, कमांडेंट श्वेता राजमणि, पुलिस अधीक्षक रवी कुमार कुर्रे, निरीक्षक (एमआईएन) कौशल्या भट्ट, सहायक पुलिस महानिरीक्षक रोहित कुमार झा, निरीक्षक (एमआईएन) कमलेश कुमार मिश्रा, प्लाटून कमांडर दल सिंह नामदेव, कंपनी कमांडर दिलीप कुमार साहू और सहायक उप निरीक्षक सुशील कुमार बरुआ शामिल हैं। इनका योगदान अभियान संचालन, प्रशासनिक दक्षता और सामुदायिक पुलिसिंग के क्षेत्रों में रहा है।

समग्र उपलब्धि

14 गैलेंट्री मेडल, एक प्रेसिडेंट्स मेडल फॉर डिस्टिंग्विश्ड सर्विस और 10 मेडल फॉर मेरिटोरियस सर्विस के साथ छत्तीसगढ़ पुलिस ने स्वतंत्रता दिवस 2025 के सम्मानों में शानदार प्रदर्शन किया है। ये घोषणाएं राज्य के पुलिसकर्मियों के साहस, नेतृत्व और समर्पण को सलाम करती हैं और राष्ट्रीय सुरक्षा में छत्तीसगढ़ की अहम भूमिका को रेखांकित करती हैं।


हमारा तिरंगा पूर्वजों के वर्षों के संघर्षों और बलिदान का जीवंत प्रतीक : मुख्यमंत्री साय

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रायपुर- हमारा तिरंगा पूर्वजों के वर्षों के संघर्षों और बलिदान का जीवंत प्रतीक है। हम सभी तिरंगे की शान को हमेशा बनाए रखेंगे, अपने अमर बलिदानियों को कभी नहीं भूलेंगे और सभी मिलकर विकसित, समृद्ध और सशक्त छत्तीसगढ़ का निर्माण करेंगे। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय आज राजधानी रायपुर के मरीन ड्राइव में आयोजित स्वतंत्रता दौड़ में शामिल हुए और कार्यक्रम को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने हजारों युवाओं के साथ स्वतंत्रता दौड़ लगाई और भारत माता और अमर बलिदानी रानी दुर्गावती की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उन्हें नमन किया। 

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि तिरंगे में करोड़ों भारतीयों की आकांक्षाएं समाई हैं और यह हमारी वीरता, शांति और समृद्धि के भाव की अमिट चेतना है। साय ने पवित्र तिरंगे को प्रणाम करते हुए कहा कि हमारे देश के यशस्वी प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के आह्वान पर पिछले कुछ वर्षों से स्वतंत्रता दिवस में पूरा देश तिरंगामय हो जाता है। उन्होंने कहा कि पिछले कुछ दिनों से हम सभी अलग-अलग तरीकों से इस पावन दिवस को उत्साह के साथ मना रहे है।  तिरंगा यात्राएं और हर-घर तिरंगा फहराने के संकल्प ने इस पावन अवसर को जन-जन से जोड़ दिया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह तिरंगा यात्रा केवल एक आयोजन नहीं, बल्कि हमारी एकता, अखंडता और राष्ट्रीय गौरव का जीवंत प्रतीक है। उन्होंने कहा कि स्वतंत्रता दिवस हमें यह स्मरण कराती है कि आज़ादी अनगिनत बलिदानों की अमूल्य देन है। लाखों-करोड़ों देशभक्तों ने अपने प्राण न्योछावर किए, तब जाकर हमें यह स्वतंत्रता प्राप्त हुई।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आज के खास अवसर ने मुझे बचपन के दिनों की याद दिला दी। जब मैं स्कूल में था तब स्वतंत्रता दिवस पर प्रभात फेरी निकलती  थी, गांव-गांव में देशभक्ति गाने गूंजते थे। उन्होंने कहा कि उस समय जो गर्व महसूस होता था, वही गर्व आज भी हमारे दिल में है। मुख्यमंत्री ने कहा कि आज हमारा दायित्व है कि हम अपने देश और प्रदेश को विकास की नई ऊँचाइयों पर ले जाएं। वर्ष 2047 तक के लिए हमने विकसित छत्तीसगढ़ विज़न डॉक्यूमेंट तैयार किया है, और हमारी सरकार उसी के अनुरूप कार्य कर रही है। यह सरकार के साथ-साथ हम सभी का साझा संकल्प है। मुख्यमंत्री श्री साय ने इस अवसर उपस्थित सभी को स्वतंत्रता दिवस की अग्रिम शुभकामनाएं दी। 

कार्यक्रम में खेल एवं युवा कल्याण मंत्री टंकराम वर्मा ने कहा कि स्वतंत्रता दौड़ सिर्फ एक दौड़ नहीं बल्कि आजादी के लिए किये गए संघर्ष का प्रतिसाद है। देश को वीर सपूतों के बलिदान से आजादी मिली है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के विकसित, स्वच्छ, स्वस्थ और श्रेष्ठ भारत के विजन के साथ चलते हुए हमारे मुख्यमंत्री ने भी विकसित और समृद्धशाली छत्तीसगढ़ का सपना संजोया है। उन्होंने कहा कि इस स्वप्न को पूर्ण करने अपना अमूल्य योगदान देने का संकल्प लें।

इस दौरान विधायक पुरंदर मिश्रा, विधायक मोतीलाल साहू, विधायक गुरु खुशवंत साहेब, विधायक अनुज शर्मा, जिला पंचायत अध्यक्ष नवीन अग्रवाल, खेल एवं युवा कल्याण विभाग के सचिव यशवंत कुमार मौजूद रहे।


दिल्ली में ‘हर घर तिरंगा’ बाइक रैली में शामिल हुए केंद्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू

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 नई दिल्ली/रायपुर। स्वतंत्रता दिवस और ‘आजादी का अमृत महोत्सव’ के तहत मंगलवार को राजधानी दिल्ली में ‘हर घर तिरंगा यात्रा’ बाइक रैली का आयोजन हुआ। हजारों बाइक सवार तिरंगा लहराते हुए देशभक्ति का जोश बिखेरते नजर आए। आवास एवं शहरी कार्य राज्य मंत्री तोखन साहू ने रैली में शामिल होकर प्रतिभागियों का उत्साह बढ़ाया।


इस मौके पर दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता, केंद्रीय जल शक्ति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत, केंद्रीय विधि एवं न्याय मंत्री किरेन रिजिजू, कई सांसद, सेना के अफसर, छात्र-छात्राएं, सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि और बड़ी संख्या में आम नागरिक मौजूद रहे।

रैली राजधानी के प्रमुख मार्गों से गुजरते हुए राष्ट्रगान के साथ संपन्न हुई। बाइक सवार प्रतिभागियों ने हाथों में तिरंगा लेकर राष्ट्रीय एकता, साहस और देशभक्ति का संदेश दिया। रास्ते भर स्थानीय लोगों ने फूल बरसाकर स्वागत किया, जिससे माहौल गर्व और उत्साह से भर गया।

अपने संबोधन में तोखन साहू ने कहा, “तिरंगा सिर्फ तीन रंगों का कपड़ा नहीं, बल्कि यह हमारे शहीदों के बलिदान, सैनिकों के साहस और करोड़ों भारतीयों की उम्मीदों का प्रतीक है। केसरिया रंग साहस व त्याग का संदेश देता है, सफेद रंग शांति और सत्य का मार्ग दिखाता है, हरा रंग विकास और समृद्धि की प्रेरणा देता है, और अशोक चक्र हमें निरंतर आगे बढ़ने का आह्वान करता है।”
उन्होंने युवाओं से अपील की कि तिरंगे को सिर्फ हाथों में नहीं, बल्कि दिल में बसाएं और इसके आदर्शों को जीवन में अपनाएं।

CG NEWS : स्वतंत्रता दिवस पर अंगदान करने वालों के परिजनों का सम्मान

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 रायपुर। स्वतंत्रता दिवस (15 अगस्त) के अवसर पर छत्तीसगढ़ में अंगदान करने वाले 12 व्यक्तियों के परिजनों को जिला स्तरीय समारोह में सम्मानित किया जाएगा। इसके लिए रायपुर, बस्तर, बिलासपुर, कोरबा, कांकेर, राजनांदगांव और दुर्ग जिलों के कलेक्टरों को स्वास्थ्य सचिव ने पत्र भेजा है।


लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय और चिकित्सा शिक्षा विभाग द्वारा जारी आदेश में कहा गया है कि अंगदान एक अत्यंत मानवीय और जीवनरक्षक कार्य है, जिसके माध्यम से अनेक जरूरतमंद व्यक्तियों को नया जीवन मिल सकता है। राज्य में अंगदान को लेकर जागरूकता अभी भी अपेक्षाकृत कम है, इसलिए इस दिशा में प्रोत्साहन जरूरी है।

निर्देश के अनुसार, 15 अगस्त को आयोजित जिला स्तरीय समारोह में अंगदाताओं के परिजनों को आमंत्रित कर जिला प्रशासन की ओर से सम्मान पत्र/प्रशस्ति पत्र प्रदान किया जाएगा। यह सम्मान न केवल उनके मानवीय योगदान का आदर होगा, बल्कि अन्य लोगों को भी अंगदान के लिए प्रेरित करेगा। जिला प्रशासन को कार्यक्रम को गरिमामय और सुव्यवस्थित रूप से आयोजित करने के निर्देश दिए गए हैं।

इन लोगों का होगा सम्मान

लंबी छुट्टियों में भी खुलेगी अंबेडकर अस्पताल की ओपीडी

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 रायपुर। डॉ. भीमराव अंबेडकर स्मृति चिकित्सालय ने मरीजों की सुविधा को देखते हुए तीन दिन के लगातार अवकाश के बीच विशेष व्यवस्था की है। अस्पताल की ओपीडी 16 अगस्त 2025 (शनिवार) को सुबह 10 से दोपहर 12 बजे तक खुली रहेगी।


गौरतलब है कि 15 अगस्त को स्वतंत्रता दिवस, 16 अगस्त को श्रीकृष्ण जन्माष्टमी और 17 अगस्त को रविवार होने से अस्पताल में तीन दिन का अवकाश रहेगा। आवश्यक चिकित्सा सेवाएं बाधित न हों, इसके लिए यह निर्णय लिया गया है।

अस्पताल प्रशासन ने बताया कि आपात चिकित्सा विभाग (कैजुअल्टी) पहले की तरह 24 घंटे चालू रहेगा, ताकि किसी भी आपात स्थिति में तत्काल उपचार मिल सके।

छत्तीसगढ़ में फिर गूंजेगा देशभक्ति का जयघोष: ‘हर घर तिरंगा’ अभियान 2 से 15 अगस्त तक

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रायपुर। स्वतंत्रता दिवस 2025 को यादगार बनाने के लिए छत्तीसगढ़ एक बार फिर देशभक्ति के रंग में रंगने को तैयार है। 2 से 15 अगस्त तक पूरे राज्य में “हर घर तिरंगा” अभियान ज़ोर-शोर से मनाया जाएगा। इस बार यह महाअभियान सिर्फ तिरंगे तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि स्वच्छता और जल संरक्षण जैसे महत्वपूर्ण संदेशों को भी आत्मसात करेगा।


तीन चरणों में बंटा होगा आयोजन, थीम: "हर घर तिरंगा, हर घर स्वच्छता"

अभियान की थीम है— "हर घर तिरंगा, हर घर स्वच्छता: स्वतंत्रता का उत्सव, स्वच्छता के संग", जिसके माध्यम से न केवल देशप्रेम का प्रदर्शन होगा, बल्कि नागरिक कर्तव्यों को भी उजागर किया जाएगा। कार्यक्रम तीन चरणों में आयोजित किया जाएगा:

पहला चरण: 2 से 8 अगस्त — रचनात्मकता और जागरूकता का उत्सव

  • स्कूलों और सार्वजनिक स्थलों पर तिरंगे की रंगोली, चित्रकला और सजावट।
  • तिरंगा राखी, प्रश्नोत्तरी, पत्र लेखन, और देशभक्ति गीत प्रतियोगिताएं।
  • युवाओं और बच्चों में देशभक्ति का उत्साह चरम पर।

दूसरा चरण: 9 से 12 अगस्त — जनभागीदारी का पर्व

  • तिरंगा मेला, तिरंगा कंसर्ट और सांस्कृतिक कार्यक्रमों के आयोजन।
  • लोक कलाकारों, खिलाड़ियों, जनप्रतिनिधियों और आम लोगों की भागीदारी।
  • बाइक रैली और साइकिल रैली, जिनमें युवाओं की संख्या सबसे अधिक रहने की उम्मीद।

तीसरा चरण: 13 से 15 अगस्त — रोशनी, तिरंगा और सेवा भाव

  • सरकारी कार्यालयों, स्कूलों, पुलों, बांधों और होटलों पर तिरंगे के साथ विशेष लाइटिंग।
  • स्वच्छता अभियान, जल संरक्षण कार्यशालाएं और स्थानीय स्तर पर सफाई अभियान।

हर नागरिक की भागीदारी से बनेगा यह अभियान खास

राज्य सरकार ने सभी जिलों के प्रशासन को निर्देशित किया है कि वे इस अभियान को जन-जन तक पहुंचाएं और इसे सामूहिक राष्ट्र निर्माण का पर्व बनाएं। स्कूलों, नगर पालिकाओं, ग्राम पंचायतों और सामाजिक संस्थाओं से सहयोग की अपील की गई है।

नवाचार और संस्कृति का संगम

इस बार अभियान में परंपरा और नवाचार का अनूठा संगम देखने को मिलेगा—जहां एक ओर रंगोली, राखी और गीतों के माध्यम से संस्कृति का प्रदर्शन होगा, वहीं दूसरी ओर जल संरक्षण और स्वच्छता जैसे वर्तमान समय के सबसे जरूरी विषयों पर भी ध्यान केंद्रित किया जाएगा।

निवेदन:

प्रदेशवासियों से अपील है कि वे अपने घरों, दुकानों और प्रतिष्ठानों पर तिरंगा फहराएं, स्वच्छता का पालन करें और जल बचाने में अपना योगदान दें।

स्वतंत्रता दिवस के गरिमामय आयोजन हेतु शासन ने जारी किए दिशा-निर्देश, राजधानी रायपुर में होगा मुख्य समारोह

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रायपुर : राष्ट्रीय पर्व स्वतंत्रता दिवस को प्रदेशभर में गरिमापूर्ण एवं भव्य रूप से मनाने के उद्देश्य से शासन स्तर पर आवश्यक तैयारियाँ प्रारंभ कर दी गई हैं। इस संबंध में अपर मुख्य सचिव, छत्तीसगढ़ शासन की अध्यक्षता में बीते दिनों राज्य स्तरीय समन्वय बैठक आयोजित की गई। बैठक में अपर मुख्य सचिव ने सभी संबंधित विभागों को निर्देशित किया कि स्वतंत्रता दिवस का आयोजन प्रतिवर्ष की भांति गरिमापूर्ण, सुव्यवस्थित और राष्ट्रीय भावना से ओतप्रोत वातावरण में किया जाए।


राजधानी रायपुर में स्वतंत्रता दिवस का मुख्य समारोह प्रातः 9 बजे से पुलिस परेड ग्राउंड में आयोजित होगा। इस अवसर पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय राष्ट्रीय ध्वज फहराएंगे तथा जनता के नाम संदेश देंगे। समारोह में संयुक्त परेड द्वारा मुख्यमंत्री को गार्ड ऑफ ऑनर भी प्रदान किया जाएगा।

रायपुर में आयोजित मुख्य समारोह की परेड का दायित्व पुलिस महानिरीक्षक, छत्तीसगढ़ सशस्त्र बल के अधीन रहेगा। परेड में बी.एस.एफ., सी.आर.पी.एफ., सी.आई.एस.एफ., आई.टी.बी.पी., एस.एस.बी., छत्तीसगढ़ सशस्त्र बल (महिला एवं पुरुष), नगर सेना, एन.सी.सी. कैडेट्स आदि की टुकड़ियाँ सम्मिलित होंगी। स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर विभिन्न विभागों द्वारा पदक एवं पुरस्कार वितरित किए जाएंगे। इसके लिए विभागों को जूरी गठित कर 29 जुलाई 2025 तक चयनित नामों की सूची सामान्य प्रशासन विभाग को भिजवाना होगा। निर्धारित तिथि के उपरांत प्राप्त प्रस्तावों पर विचार नहीं किया जाएगा।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय मुख्य समारोह में ‘जनता के नाम संदेश‘ देंगे। यह संदेश दूरदर्शन एवं आकाशवाणी के माध्यम से पूरे प्रदेश में प्रसारित किया जाएगा। मुख्य समारोह पश्चात छात्र-छात्राओं द्वारा देशभक्ति आधारित समूह-नृत्य एवं गायन प्रस्तुत किए जाएंगे। स्कूली बच्चों के कार्यक्रमों हेतु स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा जूरी का गठन किया जाएगा तथा कार्यक्रम स्थल पर ही पुरस्कार वितरण होगा। कलेक्टर, पुलिस अधीक्षक एवं नगर निगम आयुक्त रायपुर को स्वतंत्रता दिवस मुख्य समारोह व्यवस्था के संबंध में कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां सौंपी गई है।

प्रदेश के सभी सार्वजनिक भवनों एवं राष्ट्रीय स्मारकों पर 15 अगस्त की रात प्रकाश व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी। निजी संस्थानों से भी ध्वजारोहण एवं रोशनी करने की अपील की गयी है। जिला, विकासखंड एवं पंचायत स्तर पर कार्यक्रमों और प्रदर्शनी के आयोजन हेतु कलेक्टरों को निर्देश जारी किए गए हैं। समारोह में स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों एवं नक्सली हिंसा में शहीद हुए जवानों के परिजनों को सम्मानपूर्वक आमंत्रित किया जाएगा।

Chhattisgarh News : राजधानी में मुख्यमंत्री भूपेश बघेल करेंगे ध्वजारोहण, स्वतंत्रता दिवस समारोह आयोजन के संबंध में राज्य शासन ने जारी किए दिशा-निर्देश

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रायपुर । छत्तीसगढ़

प्रतिवर्ष की भांति इस वर्ष भी प्रदेश में स्वतंत्रता दिवस 15 अगस्त गरिमामय तरीके से मनाया जाएगा। इस वर्ष कोविड-19 महामारी को ध्यान में रखते हुए विशेष सावधानी बरतते हुए आयोजन किए जाएंगे। राज्य शासन के सामान्य प्रशासन विभाग ने स्वतंत्रता दिवस समारोह के आयोजन के संबंध में दिशा-निर्देश जारी किए है। जिसके तहत भारत सरकार गृह मंत्रालय एवं स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय द्वारा कोविड-19 से बचाव हेतु जारी सभी निर्देशों का पालन एवं उपाय सुनिश्चित करते हुए कार्यक्रम आयोजित करने के निर्देश दिए गए हैं।

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जारी निर्देश के तहत स्वतंत्रता दिवस का राज्य स्तरीय समारोह राजधानी रायपुर में स्थानीय पुलिस परेड ग्राउंड में आयोजित होगा जहां पर मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ध्वजारोहण करेंगे। ध्वजारोहरण उपरांत पुलिस एवं अर्द्धसैनिक बलों की टुकड़ियों द्वारा सलामी दी जायेगी। मुख्यमंत्री के द्वारा जनता के नाम संदेश दिया जाएगा। कार्यक्रम में कोरोना वारियर्स डॉक्टरों, पुलिस कर्मियों, स्वास्थ्य कर्मियों एवं स्वछता कर्मियों को विशेष रूप से आमंत्रित करते हुए उन्हें सम्मानित किया जाएगा। कार्यक्रम में आने वाले सभी लोगों को मास्क पहनना और सामाजिक दूरी आदि का पालन करना अनिवार्य होगा।

इसी तरह जिला स्तर पर स्वतंत्रता दिवस समारोह में मुख्य अतिथि के द्वारा ध्वजारोहरण किया जाएगा। इसके उपरांत पुलिस एवं नगर सैनिकों की टुकड़ियों द्वारा सलामी दी जाएगी। मुख्य अतिथि के द्वारा प्रदेश के मुख्यमंत्री द्वारा जनता के नाम प्रेषित संदेश का वाचन किया जाएगा। जिला स्तरीय कार्यक्रम में भी कोरोना वारियर्स डॉक्टरों, पुलिस कर्मियों, स्वास्थ्य कर्मियों एवं स्वछता कर्मियों को विशेष रूप से आमंत्रित कर उन्हें सम्मानित किया जाएगा। कार्यक्रम में आने वाले सभी लोगों को मास्क पहनना और सामाजिक दूरी आदि का पालन करना अनिवार्य होगा।

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स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर तहसील एवं जनपद स्तर पर सार्वजनिक समारोह आयोजित नहीं होंगे। जनपद कार्यालयों में जनपद अध्यक्ष एवं नगरीय निकायों में नगरीय निकाय के महापौर या अध्यक्षों द्वारा ध्वजारोहरण किया जाएगा। पंचायत मुख्यालयों में सरपंच द्वारा एवं बड़े गांवों में गांव के मुखिया द्वारा ध्वजारोहण किया जाएगा और सामूहिक रूप से राष्ट्रीय गान गाया जाएगा। सामान्य प्रशासन विभाग के दिशा-निर्देशों के अनुसार राज्य, जिला, ब्लाक एवं पंचायत स्तर पर आयोजित होने वाले कार्यक्रमों में किसी भी स्थिति में स्कूली छात्र-छात्राओं को एकत्र नहीं किया जाएगा। आयोजित कार्यक्रमों में सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन नहीं किया जाएगा। गणमान्य अतिथियों को भी सीमित संख्या में आमंत्रित किया जाएगा। बैठक व्यवस्था में सामाजिक एवं व्यक्तिगत दूरी का विशेष रूप से पालन किया जाएगा।

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प्रदेश की राजधानी रायपुर एवं अन्य जिला मुख्यालयों में आयोजित होने वाले मुख्य समारोह प्रातः 9 बजे से शुरू होंगे। इसे देखते हुए रायपुर एवं अन्य जिला मुख्यालयों में स्थित शासकीय कार्यालयों को ध्वजारोहण प्रातः 8 बजे के पूर्व सम्पन्न कर लिए जाएंगे ताकि उन कार्यालयों के अधिकारी और कर्मचारी जिले के मुख्य समारोह में शामिल हो सके। सभी विभाग के कार्यालय प्रमुखों द्वारा उनके कार्यालय में ध्वजारोहरण का कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। इसके पश्चात् राष्ट्रीय गान जन-गण-मन गाया जाएगा। सभी शासकीय एवं सार्वजनिक भवनों पर राष्ट्रीय ध्वज फहराया जाएगा। स्वतंत्रता दिवस 15 अगस्त को रात्रि में प्रदेश के सभी शासकीय एवं सार्वजनिक भवनों तथा राष्ट्रीय महत्व के स्मारकों पर रोशनी की जाएगी।
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