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भारतीय सेना ने ऐसे दिया था ‘ऑपरेशन सिंदूर’ को अंजाम, एयरफोर्स ने जारी किया वीडियो

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 Indian Air Force ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के एक वर्ष पूरे होने पर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक विशेष वीडियो जारी किया है। वीडियो में भारतीय सेना की कार्रवाई, रणनीतिक तैयारियों और अभियान की प्रमुख झलकियां दिखाई गई हैं।


बताया गया कि ‘ऑपरेशन सिंदूर’ 6 और 7 मई 2025 की रात चलाया गया एक बड़ा सैन्य अभियान था। इस दौरान पाकिस्तान और पीओके में मौजूद आतंकी ठिकानों को निशाना बनाया गया था। यह कार्रवाई 22 अप्रैल 2025 को Pahalgam में हुए आतंकी हमले के जवाब में की गई थी।



जारी वीडियो की शुरुआत Narendra Modi के संदेश से होती है, जिसमें वह कहते नजर आते हैं कि भारत आतंकियों और उन्हें समर्थन देने वालों की पहचान कर उन्हें सजा देगा। इसके बाद वीडियो में पहलगाम आतंकी हमले की तस्वीरें और केंद्र सरकार की उच्च स्तरीय बैठकों की झलक दिखाई गई है।

वीडियो में भारतीय सेनाओं की तैयारियों और एयरफोर्स की रणनीतिक गतिविधियों को भी दर्शाया गया है। इसमें पीओके में टारगेट चिन्हित करने और अभियान को अंजाम देने से जुड़े दृश्य शामिल हैं।

अभियान के समापन के बाद वीडियो में प्रधानमंत्री मोदी राष्ट्र को संबोधित करते हुए दिखाई देते हैं। अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि “टेरर और टॉक एक साथ नहीं चल सकते। टेरर और ट्रेड एक साथ नहीं हो सकते, और पानी और खून भी एक साथ नहीं बह सकता।”

एयरफोर्स द्वारा जारी यह वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है और लोग भारतीय सेना की कार्रवाई और साहस की सराहना कर रहे हैं।

Bihar Chunav 2025 : अमित शाह बोले - राजनीति में कोई सीट खाली नहीं, नीतीश मुख्यमंत्री रहेंगे, मोदी प्रधानमंत्री

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 Bihar Chunav 2025 : केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने बुधवार को बिहार के दरभंगा में जनसभा को संबोधित करते हुए कहा कि “राजनीति में कोई सीट खाली नहीं होती।” शाह ने स्पष्ट किया कि मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री दोनों की सीटें भरी हैं — नीतीश कुमार बिहार के मुख्यमंत्री हैं और नरेंद्र मोदी देश के प्रधानमंत्री रहेंगे।


शाह का यह बयान विपक्षी खेमे में नेतृत्व को लेकर चल रही अटकलों के बीच आया है। उन्होंने कहा कि राज्य में किसी भी राजनीतिक बदलाव या नए सत्ता समीकरण की अफवाहों का अब अंत हो जाना चाहिए।

केंद्रीय गृह मंत्री ने अपने संबोधन में प्रधानमंत्री मोदी द्वारा पूर्व मुख्यमंत्री कर्पूरी ठाकुर को भारत रत्न देने के फैसले की सराहना की। उन्होंने कहा, “यह निर्णय बिहार की गौरवशाली विरासत और लोकतांत्रिक योगदान के प्रति केंद्र सरकार के सम्मान को दर्शाता है।”

“ऑपरेशन सिंदूर” और PFI पर सख्ती का जिक्र

शाह ने कहा कि पहलगाम हमले के बाद प्रधानमंत्री मोदी ने ऑपरेशन सिंदूर शुरू किया और आतंक के खिलाफ निर्णायक कार्रवाई की। उन्होंने बताया कि सरकार ने पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (PFI) पर प्रतिबंध लगाया और उसके सदस्यों को गिरफ्तार किया।

एनडीए की जीत सुनिश्चित करने की अपील

अमित शाह ने कहा, “पहले चरण का मतदान 6 नवंबर को है। दरभंगा की सभी 10 सीटों पर एनडीए को विजयी बनाना है।” उन्होंने मिथिला की बेटी मैथिली ठाकुर का जिक्र करते हुए कहा कि वह एनडीए की प्रत्याशी हैं और जनता उन्हें भारी मतों से जिताएगी।

राम मंदिर और सीता सर्किट का उल्लेख

राम मंदिर निर्माण का जिक्र करते हुए शाह ने विपक्षी दलों पर निशाना साधा। कहा कि “वर्षों तक भगवान राम तंबू में रहे, लेकिन कांग्रेस, तृणमूल और समाजवादी पार्टी ने मंदिर नहीं बनने दिया। प्रधानमंत्री मोदी ने अपना वादा निभाया और मंदिर निर्माण कराया।”

उन्होंने आगे कहा कि अब मिथिला में देवी सीता का मंदिर बनना चाहिए और ‘राम सर्किट’ के माध्यम से उन सभी स्थलों को जोड़ा जाना चाहिए जहाँ सीता माता गई थीं।

“बिहार को मिला तीन नेताओं का आशीर्वाद”

शाह ने शांतिपुर में एक अन्य रैली में कहा कि बिहार को नीतीश कुमार, चिराग पासवान और प्रधानमंत्री मोदी का आशीर्वाद प्राप्त है, जिससे राज्य में राजग की स्थिति मजबूत होगी।

भारत ने ब्रह्मोस निर्यात में किया बड़ा समझौता, दो देशों ने खरीदी सुपरसोनिक मिसाइल

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 नई दिल्ली। भारत ने सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल ब्रह्मोस के निर्यात को लेकर दो देशों के साथ करीब 4000 करोड़ रुपये के रक्षा सौदे किए हैं। इन समझौतों के तहत किन देशों ने मिसाइल खरीदी, यह अभी सार्वजनिक नहीं किया गया है। रक्षा विशेषज्ञों के मुताबिक, हाल ही में पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) में "ऑपरेशन सिंदूर" के सफल सैन्य अभियान ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ब्रह्मोस की मांग बढ़ाई है।


ब्रह्मोस की तकनीक और मारक क्षमता

ब्रह्मोस भारत और रूस की साझेदारी में विकसित सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल है। यह फायर एंड फॉरगेट तकनीक पर आधारित है, 3 माख (Mach 3) की रफ्तार से उड़ती है और जमीन, समुद्र और हवा तीनों से लॉन्च की जा सकती है।

  • वर्तमान मारक क्षमता: 290–450 किलोमीटर
  • नए वर्ज़न में क्षमता बढ़कर 800 किलोमीटर तक संभव
  • भारत के रक्षा निर्यात में ब्रह्मोस का योगदान 30% से अधिक

ऑपरेशन सिंदूर का प्रभाव

हाल ही में भारतीय वायुसेना ने PoK में आतंकवादी ठिकानों पर सफल एयर स्ट्राइक की। इस ऑपरेशन में ब्रह्मोस मिसाइल का इस्तेमाल हुआ, जिसने इसकी सटीकता और शक्ति को वैश्विक स्तर पर प्रदर्शित किया। माना जा रहा है कि इसी सफलता के बाद दो देशों ने भारत से ब्रह्मोस खरीदने का फैसला किया।

क्यों छिपाए गए देशों के नाम?

भारत और ब्रह्मोस एयरोस्पेस ने दोनों देशों के नाम सार्वजनिक नहीं किए हैं। विशेषज्ञों के अनुसार यह जियो-पॉलिटिकल संवेदनशीलता के चलते किया गया। यह संभव है कि सौदे चीन या पाकिस्तान के पड़ोसी या विरोधी देशों के साथ हुए हों।

संभावित खरीदार देश

  • वियतनाम – दक्षिण चीन सागर में चीन से सीमा विवाद, ब्रह्मोस के लिए लंबे समय से रुचि।
  • इंडोनेशिया – चीन के बढ़ते समुद्री प्रभाव को देखते हुए भारत से मिसाइल खरीदने की संभावना।
  • सऊदी अरब – हाल के वर्षों में भारत के साथ रक्षा सहयोग बढ़ाने में रुचि, ब्रह्मोस डील की बातचीत जारी।

भारत का बढ़ता रक्षा निर्यात

भारत अब केवल हथियारों का आयातक नहीं बल्कि मजबूत रक्षा निर्यातक बन चुका है। वित्त वर्ष 2024-25 में भारत का रक्षा निर्यात 21,000 करोड़ रुपये से अधिक रहा। नई लखनऊ फैक्ट्री में हर साल 150 ब्रह्मोस मिसाइलों का उत्पादन संभव है, जिससे निर्यात क्षमता और बढ़ेगी।

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि भारत अब अपने रक्षा उत्पादों के लिए वैश्विक स्तर पर भरोसेमंद साझेदार बन गया है।

ऑपरेशन सिंदूर तो बस ट्रेलर, ब्रह्मोस से कोई दुश्मन नहीं बचेगा : राजनाथ

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 लखनऊ। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने आज शनिवार को कहा कि भारत की सैन्य क्षमता अब उस स्तर पर पहुंच चुकी है जहां “जीत एक आदत” बन चुकी है। लखनऊ में आयोजित जनसभा में उन्होंने कहा कि “ऑपरेशन सिंदूर” तो बस एक ट्रेलर था, जिसने पाकिस्तान को भारत की शक्ति का एहसास करा दिया है।


राजनाथ सिंह और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस अवसर पर लखनऊ स्थित ब्रह्मोस एयरोस्पेस यूनिट से बनी पहली खेप ब्रह्मोस सुपरसोनिक मिसाइलों को हरी झंडी दिखाई।

‘अब दुश्मन ब्रह्मोस से बच नहीं पाएंगे’

रक्षा मंत्री ने कहा, “भारत के दुश्मन अब हमारी उन्नत मिसाइल क्षमताओं से नहीं बच सकते। पाकिस्तान की हर इंच ज़मीन अब हमारे ब्रह्मोस की पहुंच में है। ऑपरेशन सिंदूर ने साबित कर दिया है कि जब भारत चाहे, तो निर्णायक जवाब देने की उसकी क्षमता असीमित है।”

‘ब्रह्मोस सिर्फ हथियार नहीं, अर्थव्यवस्था की ताकत भी’

राजनाथ सिंह ने कहा कि ब्रह्मोस जैसी परियोजनाएं न सिर्फ हमारी रक्षा शक्ति को बढ़ा रही हैं, बल्कि देश की अर्थव्यवस्था को भी नई ऊर्जा दे रही हैं। उन्होंने कहा, “हर मिसाइल सिर्फ हमारी सीमाओं की सुरक्षा नहीं करती, बल्कि स्कूल, हॉस्पिटल और विकास योजनाओं को भी मजबूती देती है। ब्रह्मोस हमारे समाज के लिए अवसरों का मार्ग खोलता है।”

‘मेड इन इंडिया अब वैश्विक ब्रांड’

रक्षा मंत्री ने कहा कि आने वाले समय में रक्षा उत्पादन और सिविल सेक्टर के बीच synergy और मज़बूत होगी। उन्होंने कहा, “ब्रह्मोस जैसी उपलब्धियाँ साबित करती हैं कि **‘मेड इन इंडिया’ अब सिर्फ़ नारा नहीं, बल्कि एक वैश्विक ब्रांड बन चुका है, जिसे पूरी दुनिया सम्मान दे रही है।”

ऑपरेशन सिंदूर पर भारत का बड़ा खुलासा, UN में पाकिस्तान को दिया करारा जवाब

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 न्यूयॉर्क। भारत ने संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) में पाकिस्तान के दावों को सख्ती से खारिज करते हुए कहा कि मई में हुए ऑपरेशन सिंदूर के दौरान संघर्ष विराम की अपील पाकिस्तानी सेना ने की थी, न कि किसी तीसरे देश ने।


संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी मिशन की प्रथम सचिव पेटल गहलोत ने शुक्रवार को जवाब देने के अधिकार का इस्तेमाल करते हुए कहा कि पाकिस्तानी प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने अपने भाषण में झूठ फैलाया है। उन्होंने कहा कि भारत और पाकिस्तान के बीच युद्धविराम पर सहमति दोनों देशों के डीजीएमओ की सीधी बातचीत के बाद बनी थी।

दरअसल, शरीफ ने दावा किया था कि अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारत-पाकिस्तान के बीच युद्ध रोकने में अहम भूमिका निभाई थी और उनके शांति प्रयासों की तारीफ करते हुए उन्हें नोबेल शांति पुरस्कार के लिए नामित करने की बात कही।

भारत ने पलटवार करते हुए कहा कि पाकिस्तान बार-बार आतंकवाद का महिमामंडन करता है। गहलोत ने याद दिलाया कि 25 अप्रैल को जब UN सुरक्षा परिषद ने जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले की निंदा की थी, तब पाकिस्तान ने बयान से आतंकी संगठन टीआरएफ (TRF) का नाम हटवा दिया।

भारत ने पाकिस्तान पर आरोप लगाया कि वह दशकों से आतंकवाद को पनाह देता रहा है और ओसामा बिन लादेन जैसे आतंकियों को संरक्षण देता रहा। भारत ने साफ चेतावनी दी कि आतंकवादियों और उनके प्रायोजकों में कोई फर्क नहीं किया जाएगा और भारत किसी भी धमकी के आगे झुकेगा नहीं।

ऑपरेशन सिंदूर के बाद PM मोदी ने संयुक्त कमांडर सम्मेलन में ‘विजन 2047’ जारी किया

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 Combined Commanders Conference 2025 : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को कोलकाता स्थित विजय दुर्ग (पूर्व में फोर्ट विलियम) में तीन दिवसीय संयुक्त कमांडर सम्मेलन का उद्घाटन किया। इस दौरान उन्होंने हाल ही में संपन्न ऑपरेशन सिंदूर में सशस्त्र बलों की अनुकरणीय भूमिका की सराहना करते हुए कहा कि भारतीय सेना अब केवल सीमित जवाबी कार्रवाई तक सीमित नहीं है, बल्कि आतंकवाद के ढांचे को उसके स्रोत तक ध्वस्त करने की क्षमता रखती है।


सम्मेलन के दौरान प्रधानमंत्री ने “भारतीय सशस्त्र बल विजन 2047” दस्तावेज़ भी जारी किया। रक्षा मंत्रालय के अनुसार यह दस्तावेज़ स्वतंत्रता के शताब्दी वर्ष तक भारत को भविष्य की चुनौतियों—साइबर, स्पेस और मल्टी-डोमेन युद्ध—के अनुरूप तैयार करने की रणनीति पेश करता है।

सम्मेलन का फोकस

  • तीनों सेनाओं के बीच ज्वॉइंटनेस और इंटीग्रेशन को और गहरा करना।
  • थिएटर कमांड ढांचे की ओर संस्थागत सुधार।
  • तकनीकी आधुनिकीकरण, पारदर्शिता और जवाबदेही पर जोर।
  • रक्षा उत्पादन में आत्मनिर्भरता और घरेलू निर्माण क्षमता बढ़ाना।

सामरिक संकेत

सम्मेलन का स्थल विजय दुर्ग (कोलकाता) पूर्वी सीमाओं और हिंद-प्रशांत क्षेत्र पर भारत के बढ़ते फोकस का प्रतीक माना जा रहा है। इससे यह स्पष्ट होता है कि भारत अब केवल पश्चिमी सीमाओं तक सीमित न रहकर समुद्री और पूर्वी मोर्चे को भी समान महत्व दे रहा है।

महत्व

रक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि ऑपरेशन सिंदूर के बाद यह सम्मेलन भारत की रक्षा नीति में निर्णायक बदलाव का संकेत है। इसका मकसद है—

सशस्त्र बलों की दक्षता और राजनीतिक-सैन्य समन्वय को और मजबूत करना।

थिएटर कमांड और तकनीकी आधुनिकीकरण की दिशा में ठोस कदम बढ़ाना।

विजन 2047 के तहत भारत को बहु-क्षेत्रीय, तकनीकी-सक्षम और आत्मनिर्भर सैन्य शक्ति के रूप में स्थापित करना।

ऑपरेशन सिंदूर भारत की स्वदेशी ताकत का प्रमाण : रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह

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रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर इस बात का प्रमाण है कि भारत अपनी स्वदेशी ताकत और तकनीक के दम पर दुश्मनों को परास्त कर सकता है। उन्होंने यह बात आज रविवार को मध्य प्रदेश के उमरिया में बीईएमएल रेल हब फॉर मैन्युफैक्चरिंग (BRAHMA) की आधारशिला रखते हुए कही।


यह ग्रीनफील्ड रेल मैन्युफैक्चरिंग सुविधा देश में आधुनिक रोलिंग स्टॉक (वे सभी वाहन जो रेलवे ट्रैक पर चलते हैं) के निर्माण के लिए स्थापित की जाएगी। उन्होंने ऑपरेशन सिंदूर को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में निर्दोष नागरिकों पर हुए आतंकी हमले का करारा जवाब बताया और कहा कि भारत किसी को उकसाता नहीं, लेकिन जो उकसाएगा, उसे बख्शा नहीं जाएगा।

राजनाथ सिंह ने ऑपरेशन सिंदूर को आत्मनिर्भर भारत का प्रतीक बताते हुए कहा कि इसमें सशस्त्र बलों ने स्वदेशी उपकरणों का उपयोग किया, जिससे सफलता हासिल हुई। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व की सराहना करते हुए कहा कि आज भारत न केवल अपने यहां रक्षा उपकरण बना रहा है, बल्कि मित्र देशों को भी निर्यात कर रहा है। उन्होंने बताया कि वित्त वर्ष 2024-25 में भारत का वार्षिक रक्षा उत्पादन 1.51 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच गया और रक्षा निर्यात भी अब तक का सर्वाधिक 23,622 करोड़ रुपये रहा। रक्षा मंत्री ने कहा कि भारत की अर्थव्यवस्था लगभग 6.5% की दर से बढ़ रही है और देश जल्द ही दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की ओर है। उन्होंने विश्वास जताया कि केंद्र और राज्य की डबल इंजन सरकार के प्रयासों से भारत 2047 तक विकसित भारत का लक्ष्य हासिल करेगा।

148 एकड़ में बनेगा BRAHMA

बीईएमएल रेल हब फॉर मैन्युफैक्चरिंग (BRAHMA) को 148 एकड़ में विकसित किया जाएगा। इस पर अगले कुछ वर्षों में चरणबद्ध तरीके से 1,800 करोड़ रुपये का निवेश होगा। शुरुआत में यहां 125 से 200 कोच प्रतिवर्ष बनाए जाएंगे, जिसे पांच वर्षों में बढ़ाकर 1,100 कोच प्रतिवर्ष किया जाएगा। यह इकाई वंदे भारत ट्रेनसेट, मेट्रो कार, इलेक्ट्रिकल मल्टीपल यूनिट, हाई-स्पीड रेल कोच और अन्य उन्नत रोलिंग स्टॉक का निर्माण करेगी। इससे 5,000 से अधिक प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार सृजित होंगे और सिंगरौली, सतना, रीवा और कटनी के औद्योगिक क्षेत्रों में एमएसएमई को बढ़ावा मिलेगा। BRAHMA को हरित मैन्युफैक्चरिंग के सिद्धांतों के तहत बनाया जाएगा, जिसमें जीरो लिक्विड डिस्चार्ज सिस्टम, सौर और नवीकरणीय ऊर्जा का उपयोग, वर्षा जल संचयन, हरित लैंडस्केपिंग और पुनर्नवीनीकरण निर्माण सामग्री का उपयोग शामिल होगा। यह इकाई उच्च पर्यावरणीय और सुरक्षा मानकों का पालन करेगी।

राजनाथ सिंह ने कहा कि BRAHMA जैसे प्रोजेक्ट राष्ट्रीय सुरक्षा और आर्थिक विकास, दोनों के लिए अहम हैं। उन्होंने बीईएमएल को रक्षा और नागरिक क्षेत्रों की जरूरतें पूरी करने के लिए सराहा और अनुसंधान एवं विकास को और मजबूत करने पर जोर दिया। इस अवसर पर कृषि, किसान कल्याण और ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान, रेल, सूचना एवं प्रसारण और इलेक्ट्रॉनिक्स एवं आईटी मंत्री अश्विनी वैष्णव (वर्चुअली), मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, रक्षा उत्पादन सचिव संजय कुमार, बीईएमएल के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक शांतनु रॉय सहित वरिष्ठ राज्य और केंद्रीय अधिकारी उपस्थित रहे।

भारत का विकास कुछ लोगों को पसंद नहीं, खुद को दुनिया का बॉस समझते हैं : राजनाथ सिंह

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 भोपाल। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि भारत आज दुनिया की सबसे तेज़ी से विकसित होने वाली अर्थव्यवस्था है, लेकिन कुछ लोगों को यह प्रगति रास नहीं आ रही है। उन्होंने कहा, "कुछ लोग खुद को दुनिया का बॉस समझ बैठे हैं। उन्हें समझ नहीं आ रहा कि भारत इतनी तेजी से कैसे आगे बढ़ रहा है। कई कोशिशें की जा रही हैं कि भारत में बनी चीजें विदेशों में महंगी पड़ें, ताकि लोग उन्हें खरीदें ही नहीं।


रक्षा मंत्री ने बताया कि अब भारत 24 हजार करोड़ रुपये से अधिक मूल्य की रक्षा वस्तुओं का निर्यात कर रहा है और यह निर्यात लगातार बढ़ रहा है। उन्होंने कहा, "यह नए भारत की ताकत है और रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता का परिणाम है।"

राजनाथ सिंह ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ का ज़िक्र करते हुए कहा कि पहलगाम में आतंकियों ने पर्यटकों को धर्म पूछकर मारा, लेकिन भारत ने आतंकियों के कर्म देखकर जवाब दिया।

वे भोपाल में BEML (भारत अर्थ मूवर्स लिमिटेड) की नई रेल कोच फैक्ट्री के ‘भूमि पूजन’ समारोह में बोल रहे थे। यह नेक्स्टजेन रोलिंग स्टॉक फैक्ट्री लगभग 1,800 करोड़ रुपये के निवेश से बनाई जाएगी और दो साल में तैयार होगी। यहां न केवल रेल के डिब्बे, बल्कि रेलवे के अन्य उत्पाद भी तैयार होंगे, जिससे प्रदेश के औद्योगिक विकास को नई दिशा मिलेगी।

"बस, अब बहुत हो चुका" — आर्मी चीफ ने बताया ‘ऑपरेशन सिंदूर’ की मास्टर प्लानिंग

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भारतीय सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने खुलासा किया कि 22 अप्रैल को पहलगाम की घटना के बाद पूरे देश में गुस्सा था। अगले दिन, 23 अप्रैल को रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, तीनों सेनाओं के प्रमुख और शीर्ष नेतृत्व की अहम बैठक हुई। रक्षा मंत्री ने साफ शब्दों में कहा— "बस, अब बहुत हो चुका" और सेनाओं को पूरी छूट दी— "आप तय कीजिए कि क्या करना है।


जनरल द्विवेदी के अनुसार, इस स्पष्ट राजनीतिक समर्थन ने सैनिकों का मनोबल बढ़ाया। 25 अप्रैल को नॉर्दर्न कमांड में योजना बनी, कॉन्सेप्ट तैयार हुआ और ऑपरेशन शुरू किया गया। इसमें 9 में से 7 टारगेट ध्वस्त हुए और बड़ी संख्या में आतंकियों को मार गिराया गया। 29 अप्रैल को प्रधानमंत्री से पहली मुलाकात में यह सफलता साझा की गई।

'सिंदूर' नाम से भावनात्मक जुड़ाव

नाम को लेकर उन्होंने बताया— "पहले मुझे लगा ‘सिन्धु’ (इंडस नदी) है, लेकिन पता चला यह ‘सिंदूर’ है। इससे सैनिकों और देशवासियों के बीच भावनात्मक जुड़ाव बना। जब कोई बहन, मां या बेटी सिंदूर लगाएगी, तो वह सैनिक को याद करेगी।"

ग्रे जोन रणनीति और नैरेटिव मैनेजमेंट

आर्मी चीफ ने कहा, यह ग्रे जोन ऑपरेशन था— न पूरी तरह पारंपरिक युद्ध, न सामान्य कार्रवाई। रणनीतिक तरीके से, शतरंज की तरह, दुश्मन की चाल का जवाब दिया गया। साथ ही, नैरेटिव मैनेजमेंट सिस्टम के जरिए जनता की सोच पर असर डाला गया। सोशल मीडिया पर ‘जस्टिस डन, ऑप सिंदूर’ जैसे संदेशों ने दुनिया भर में असर डाला।

रणनीतिक और कूटनीतिक कदम

रणनीतिक स्पष्टता के तहत इंडस वॉटर ट्रीटी फ्रीज करना, पाकिस्तान के रक्षा कर्मियों को 'नॉन ग्राटा' घोषित करना और वीजा रद्द करना जैसे अहम कूटनीतिक कदम उठाए गए।

संसद में आज ‘ऑपरेशन सिंदूर’ पर चर्चा: किरेन रिजिजू बोले - पाकिस्तान ने लक्ष्मण रेखा पार की, अब जल रही है लंका

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 नई दिल्ली। संसद के मानसून सत्र का पहला सप्ताह हंगामे की भेंट चढ़ने के बाद सोमवार से ‘ऑपरेशन सिंदूर’ और पहलगाम आतंकी हमले पर तीखी बहस शुरू होने जा रही है। सरकार और विपक्ष राष्ट्रीय सुरक्षा और विदेश नीति जैसे अहम मुद्दों पर आमने-सामने होंगे। चर्चा के दौरान लोकसभा और राज्यसभा में दोनों पक्षों के शीर्ष नेता शामिल होंगे।


केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने दी चेतावनी

चर्चा से पहले केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा, "जब रावण ने लक्ष्मण रेखा पार की, तो लंका जल गई। जब पाकिस्तान ने भारत की खींची लाल रेखा पार की, तो उसके आतंकी शिविरों को आग का सामना करना पड़ा।" उन्होंने यह भी बताया कि ‘ऑपरेशन सिंदूर’ पर आज से संसद में विशेष चर्चा शुरू हो रही है।


प्रधानमंत्री भी चर्चा में हस्तक्षेप कर सकते हैं

सूत्रों के मुताबिक, गृहमंत्री अमित शाह, रक्षामंत्री राजनाथ सिंह और विदेश मंत्री एस. जयशंकर सरकार का पक्ष रखेंगे। चर्चा के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के भी हस्तक्षेप करने की संभावना है, ताकि सरकार के मजबूत राष्ट्रीय सुरक्षा रुख को रेखांकित किया जा सके।

विपक्ष ने भी कसी कमर

विपक्ष की ओर से लोकसभा में राहुल गांधी और राज्यसभा में मल्लिकार्जुन खरगे सरकार को घेरेंगे। उनके साथ समाजवादी पार्टी के अखिलेश यादव और अन्य प्रमुख नेता भी शामिल होंगे। विपक्ष, पहलगाम हमले में खुफिया चूक और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के विवादित बयान को लेकर सरकार पर हमला बोलेगा।

16 घंटे की बहस पर बनी सहमति

दोनों सदनों में इस मुद्दे पर 16 घंटे तक चर्चा की सहमति बनी है, जो सामान्य चर्चा समय से अधिक है। लोकसभा की कार्यसूची में ‘ऑपरेशन सिंदूर’ और पहलगाम हमले पर विशेष चर्चा का उल्लेख किया गया है।

भारत का अंतरराष्ट्रीय पक्ष रखेंगे राजनेता

बीजेपी नेताओं अनुराग ठाकुर, सुधांशु त्रिवेदी और निशिकांत दुबे के साथ-साथ उन बहुदलीय प्रतिनिधिमंडल के सदस्य भी हिस्सा लेंगे जिन्होंने ऑपरेशन सिंदूर के बाद 30 से अधिक देशों में भारत का पक्ष रखा। इनमें शिवसेना के श्रीकांत शिंदे, जेडीयू के संजय झा और टीडीपी के हरीश बालयोगी शामिल हैं।

क्या शशि थरूर को मिलेगा मंच?

कांग्रेस की ओर से शशि थरूर को वक्ता बनाए जाने पर अभी असमंजस है। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ऑपरेशन सिंदूर का पक्ष रखा था, जिससे पार्टी के भीतर मतभेद भी उभरे हैं।

पीएम मोदी ने की थी ऑपरेशन सिंदूर की तारीफ

पीएम मोदी ने इस ऑपरेशन को 100% सफल बताया और कहा कि यह भारत की नई रणनीति का प्रमाण है, जिसमें आतंकवादी ठिकानों को पाकिस्तान की सरहद के भीतर निशाना बनाया गया।

चार दिन चला संघर्ष, फिर थमा तनाव

भारत की ओर से सटीक हमलों के बाद पाकिस्तान ने भी जवाबी कार्रवाई की कोशिश की, जिससे चार दिन तक तनाव रहा। अंततः पाकिस्तान के आग्रह पर दोनों देशों ने सैन्य कार्रवाई रोक दी। भारत ने दावा किया कि पाकिस्तान के कई एयरबेसों को नुकसान पहुंचा है।

विपक्ष की नई मांग: बिहार मतदाता सूची विवाद

चर्चा के बीच विपक्ष का एक अन्य मुद्दा बिहार में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर है। विपक्ष का आरोप है कि इसका मकसद चुनावी लाभ पहुंचाना है, जबकि चुनाव आयोग ने इस दावे को खारिज किया है।

ऑपरेशन सिंदूर का खुलासा: 50 मिसाइलों ने पाकिस्तान को वार्ता की मेज़ पर ला खड़ा किया - IAF उपप्रमुख तिवारी

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 नई दिल्ली। भारतीय वायुसेना के उपप्रमुख एयर मार्शल नरमदेश्वर तिवारी ने खुलासा किया है कि भारत द्वारा मई 2025 में चलाए गए ऑपरेशन सिंदूर में 50 से भी कम एयर-लॉन्च हथियारों का इस्तेमाल किया गया था, जिससे पाकिस्तान को बातचीत के लिए मजबूर होना पड़ा। एयरफोर्स की यह सटीक और सीमित कार्रवाई पाकिस्तान के वायु ठिकानों, रडार स्टेशनों और कमांड संरचनाओं पर केंद्रित थी।


तिवारी ने कहा, "यह एक ऐसा उदाहरण है जो वायुशक्ति के प्रभाव को दर्शाता है। इतने कम संसाधनों से इतना बड़ा रणनीतिक परिणाम – यह अध्ययन का विषय होना चाहिए।" उन्होंने बताया कि मिराज-2000, राफेल और सुखोई-30MKI जैसे विमान इस ऑपरेशन में शामिल थे, जिन्होंने ब्रह्मोस, स्कैल्प और रैम्पेज मिसाइलों से निशाना साधा।

उन्होंने यह भी रेखांकित किया कि ड्रोन की तुलना में आज भी मानवयुक्त लड़ाकू विमान कूटनीतिक दबाव बनाने में अधिक प्रभावी हैं।

CDS जनरल चौहान की चेतावनी: युद्ध जारी है, 24x7 तैयार रहना होगा

इसी कार्यक्रम में प्रमुख रक्षा अध्यक्ष (CDS) जनरल अनिल चौहान ने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर अब भी जारी है, और भारत को 365 दिन, 24 घंटे उच्च सैन्य तैयारी बनाए रखनी होगी। उन्होंने "विद्वान योद्धा, सूचना योद्धा और तकनीकी योद्धा" जैसी अवधारणाएं प्रस्तुत करते हुए कहा कि आधुनिक सेना को शस्त्र और शास्त्र दोनों में दक्ष होना चाहिए।

उन्होंने चेतावनी दी, "युद्ध में कोई उपविजेता नहीं होता। सिर्फ सतर्क और सजग सेना ही राष्ट्र की संप्रभुता की रक्षा कर सकती है।"

भारत ने खींच दी नई रेड लाइन

अन्य रक्षा विशेषज्ञों ने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर ने पाकिस्तान के लिए एक नई रेड लाइन खींच दी है – अब भारत परमाणु धमकियों से डरने वाला नहीं है और भविष्य में भी आतंकी हमलों का सीधा जवाब दिया जाएगा।

इस ऑपरेशन ने साबित कर दिया है कि भारत की वायुशक्ति केवल सामरिक रूप से सक्षम नहीं, बल्कि विरोधी की रणनीति बदलने में भी समर्थ है। यह अभियान भारत की बदलती राष्ट्रीय सुरक्षा नीति और आक्रामक रक्षा दृष्टिकोण का परिचायक है।

ऑपरेशन सिंदूर पर राजनीति करना राष्ट्रहित के विरुद्ध : सांसद बृजमोहन अग्रवाल

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 रायपुर : संसद के मानसून सत्र के पहले ही दिन ऑपरेशन सिंदूर जैसे गौरवपूर्ण सैन्य अभियान पर विपक्ष द्वारा किए गए हंगामे को लेकर रायपुर लोकसभा सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने तीखी प्रतिक्रिया दी है।


सांसद अग्रवाल ने कहा कि “ऑपरेशन सिंदूर” भारत की सैन्य पराक्रम, रणनीतिक सूझबूझ और राष्ट्रीय स्वाभिमान का प्रतीक है। यह अभियान भारत की वैश्विक साख को मजबूत करने वाला और हर भारतीय को गौरवान्वित करने वाला रहा है।

उन्होंने कहा कि ऐसे ऐतिहासिक और संवेदनशील विषय पर विपक्ष द्वारा संसद में अनावश्यक हंगामा और शोर-शराबा करना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण और निराशाजनक है। देशहित से ऊपर राजनीति करना विपक्ष की दुर्बल मानसिकता को दर्शाता है।

"जहां देश की प्रतिष्ठा, सेना की शौर्यगाथा और राष्ट्रीय सुरक्षा की बात हो, वहां राजनीति नहीं, एकता होनी चाहिए।"

सांसद ने यह भी कहा कि सरकार देशहित से जुड़े प्रत्येक विषय पर चर्चा को तैयार है, लेकिन विपक्ष को भी जिम्मेदार विपक्ष की भूमिका निभानी चाहिए न कि देश की छवि धूमिल करने का प्रयास करना चाहिए।

उन्होंने अपील की कि राष्ट्र की एकता, अखंडता और गरिमा को सर्वोपरि रखते हुए सभी मिलकर देश की प्रगति में सहभागी बनें।

ऑपरेशन सिंदूर पर विशेष संसद सत्र नहीं, मानसून सेशन में होगी चर्चा

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 Operation Sindoor : ऑपरेशन सिंदूर पर चर्चा के लिए संसद के विशेष सत्र की विपक्ष की बढ़ती मांग के बीच, सूत्रों ने मंगलवार को कहा कि सरकार इस पर विचार नहीं कर रही है। नियमित मानसून सत्र पहले से ही जुलाई में निर्धारित है। सरकारी सूत्रों के अनुसार, विशेष सत्र की मांग उचित नहीं है क्योंकि संसद का अगला सत्र नजदीक है। यह कांग्रेस के नेतृत्व वाले विपक्ष द्वारा ऑपरेशन सिंदूर और चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ जनरल अनिल चौहान के हालिया बयान पर चर्चा के लिए संसद का विशेष सत्र बुलाने की मांग के बाद आया है, जिन्होंने हाल ही में ऑपरेशन सिंदूर के दौरान विमानों को मार गिराए जाने पर टिप्पणी की थी, लेकिन ब्यौरा नहीं बताया था।


सूत्रों के अनुसार, सरकार संसद में ऑपरेशन सिंदूर पर चर्चा कराने पर विचार कर सकती है, जहां रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह मानसून सत्र में बयान दे सकते हैं। उन्होंने इस चर्चा को भी खारिज कर दिया कि 25-26 जून को ‘आपातकाल’ की 50वीं वर्षगांठ मनाने के लिए विशेष सत्र आयोजित किया जाएगा। सूत्रों ने कहा, “आपातकाल की 50वीं वर्षगांठ मनाने के लिए विशेष सत्र आयोजित करने की चर्चा पर कोई सच्चाई नहीं है- यह कुछ नेताओं की कल्पना मात्र है।”

ऑपरेशन सिंदूर के दौरान केंद्र को शुरुआती समर्थन देने के बाद राहुल गांधी समेत कई कांग्रेस नेताओं ने सरकार पर हमले तेज कर दिए। राहुल ने पूछा कि 7 से 10 मई के बीच पाकिस्तान के साथ चार दिनों तक चली सैन्य मुठभेड़ में भारत ने कितने विमान गंवाए। सरकार ने पाकिस्तान और उसके आतंकवाद को समर्थन देने तथा आतंकवाद के खिलाफ भारत के रुख को उजागर करने के लिए दुनिया के विभिन्न हिस्सों में अपने सात सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल भी भेजे हैं। सूत्रों ने बताया कि भारत लौटने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सभी प्रतिनिधिमंडलों के सदस्यों से मुलाकात कर सकते हैं। यह बैठक 9 या 10 जून के आसपास राष्ट्रीय राजधानी में होने की उम्मीद है।

ऑपरेशन सिंदूर के बीच संकट: मास्को में भारतीय सांसदों का विमान ड्रोन हमले की चपेट में

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 Indian delegation Russia: ऑपरेशन सिंदूर को लेकर रूस गए भारतीय सांसदों का प्रतिनिधिमंडल मॉस्को एयरपोर्ट पर एक बड़े हादसे से बाल-बाल बच गया। डीएमके सांसद कनिमोझी समेत अन्य सदस्य जिस विमान में सवार थे, वह ड्रोन हमले के खतरे के चलते कई घंटों तक हवाई मार्ग में चक्कर काटता रहा। सुरक्षा हालात की गहन समीक्षा के बाद विमान को अंततः मॉस्को एयरपोर्ट पर सुरक्षित उतारा गया।

                                                           Indian delegation Russia

भारत ने विश्व के विभिन्न देशों को ऑपरेशन सिंदूर का संदेश पहुंचाने के लिए छह प्रतिनिधिमंडल अलग-अलग देशों में भेजे हैं। इनमें से एक प्रतिनिधिमंडल रूस गया है, जिसमें डीएमके सांसद कनिमोझी, आरजेडी के सांसद प्रेमचंद गुप्ता, कैप्टन ब्रिजेश, समाजवादी पार्टी के सांसद राजीव राय, राजदूत मंजीव सिंह और अशोक कुमार मित्तल शामिल हैं।

यूक्रेन ने मास्को एयरपोर्ट को बनाया निशाना

सांसद कनिमोझी के नेतृत्व में यह टीम 22 मई को रूस के लिए रवाना हुई थी। लेकिन हाल ही में यह जानकारी मिली है कि कनिमोझी को लेकर जा रही विमान को मॉस्को एयरपोर्ट पर उतरने में परेशानी का सामना करना पड़ा। खबरों के अनुसार, यूक्रेन ने रूस के मॉस्को एयरपोर्ट पर ड्रोन हमला किया था, जिससे विमान को वहां उतरने में दिक्कत हुई।

कई घंटों तक रोक दी गई विमानों की आवाजाही

हमला होते ही मॉस्को एयरपोर्ट पर भारी भगदड़ मच गई और एयरपोर्ट ने घरेलू और अंतरराष्ट्रीय दोनों उड़ानों को कई घंटों तक रोक दिया। लैंडिंग के लिए इंतजार कर रहे विमानों को अस्थायी रूप से उतरने की इजाजत नहीं दी गई। इस वजह से सांसद कनिमोझी करुणानिधि का विमान भी नीचे नहीं उतर पाया और उसे कई बार हवा में चक्कर लगाना पड़ा। अंत में, हवा में लंबी देरी तक चक्कर काटने के बाद विमान सुरक्षित रूप से आखिरकार लैंड कर पाया।

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