Media24Media.com: Cyclone Arnab: चक्रवात अर्नब का कहर, आंध्र प्रदेश में भारी बारिश और तेज हवाओं से तबाही; पेड़ उखड़े, बिजली सप्लाई ठप

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Cyclone Arnab: चक्रवात अर्नब का कहर, आंध्र प्रदेश में भारी बारिश और तेज हवाओं से तबाही; पेड़ उखड़े, बिजली सप्लाई ठप

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 विशाखापत्तनम। चक्रवात ‘अर्नब’ के प्रभाव से आंध्र प्रदेश के तटीय इलाकों में मौसम ने गंभीर रूप ले लिया है। कई जिलों में तेज हवाओं के साथ भारी बारिश हो रही है। तूफान के असर से जगह-जगह पेड़ उखड़ गए हैं, बिजली की लाइनें क्षतिग्रस्त हुई हैं और कई सड़कों पर जलभराव की स्थिति बन गई है। हालात को देखते हुए लोग घरों के अंदर रहने को मजबूर हैं। वहीं, बाढ़ के पानी में फंसे लोगों को सुरक्षित निकालने के लिए पुलिस और बचाव दलों को अभियान चलाना पड़ा है।


मौसम विभाग के अनुसार, चक्रवात का केंद्र तट के नजदीक पहुंच गया है और इसके तटीय क्षेत्रों को पार करने की प्रक्रिया जारी रहने की संभावना जताई गई है। तूफान के कारण विशाखापत्तनम सहित कई इलाकों में जनजीवन प्रभावित हुआ है। हालांकि, चक्रवात की वास्तविक स्थिति और इसके लैंडफॉल से जुड़ी जानकारी के लिए मौसम विभाग के आधिकारिक अपडेट पर नजर रखना जरूरी है।

150 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती हैं हवाएं

भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के पूर्वानुमान के मुताबिक, चक्रवात के प्रभाव से हवा की रफ्तार 135 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है। कुछ स्थानों पर हवा की गति 150 किलोमीटर प्रति घंटे तक होने की आशंका जताई गई है। तेज हवाओं के कारण कमजोर पेड़ों और बिजली के खंभों को नुकसान पहुंचने का खतरा बना हुआ है।

विशाखापत्तनम में AU कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग फॉर विमेन के पास तेज हवाओं के चलते एक पेड़ उखड़ गया। वहीं, कई अन्य स्थानों पर भी पेड़ गिरने से यातायात प्रभावित होने की खबरें सामने आई हैं।

विशाखापत्तनम समेत कई जिलों में भारी बारिश

चक्रवात के असर से अनाकापल्ली, विशाखापत्तनम, काकीनाडा और कोनासीमा जिलों के कई इलाकों में भारी बारिश दर्ज की गई। विशाखापत्तनम, काकीनाडा, कोनासीमा और पश्चिम गोदावरी के जिला प्रशासन ने भी तेज हवाओं और बारिश के कारण उत्पन्न परिस्थितियों की जानकारी दी है।

कई जगहों पर सड़कें पानी में डूब गई हैं। पेड़ गिरने और बिजली की लाइनें टूटने से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। ओडिशा के बालासोर और आंध्र प्रदेश के तटीय क्षेत्रों में भी तूफान से नुकसान की खबरें सामने आई हैं।

गोपालपुर में समुद्र में उफान, तेज हवाओं से बढ़ी चिंता

चक्रवात के प्रभाव से ओडिशा के गंजाम जिले के गोपालपुर में समुद्र में उथल-पुथल देखी गई। यहां तेज हवाओं के साथ बारिश होने से तटीय इलाकों में सतर्कता बढ़ा दी गई है। समुद्र के आसपास रहने वाले लोगों को मौसम की स्थिति पर नजर रखने और प्रशासन के निर्देशों का पालन करने की जरूरत है।

काकीनाडा में बाढ़ के पानी में फंसे चार लोगों का रेस्क्यू

काकीनाडा जिले में भारी बारिश और समुद्र का पानी भरने से ‘बॉम्बे कट्टा’ इलाके में चार लोग बाढ़ के पानी के बीच फंस गए। बताया गया कि चारों लोग सुबह ड्यूटी पर पहुंचे थे, लेकिन रात तक जलभराव के कारण बाहर नहीं निकल सके। उनके चारों ओर पानी भर जाने से बाहर जाने का रास्ता बंद हो गया था।

स्थिति की जानकारी मिलने के बाद पुलिस ने बचाव अभियान चलाया और चारों लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला। इसके बाद उन्हें वाहन से उनके घर भेज दिया गया।

काकीनाडा पोर्ट के गोदामों में भी फंसे कर्मचारी

चक्रवात के कारण काकीनाडा एंकोरेज पोर्ट स्थित CWC गोदामों में भी तीन लोगों के फंसे होने की सूचना मिली। भारी बारिश और समुद्र का पानी परिसर में घुसने से वहां बाढ़ जैसे हालात बन गए। इस दौरान बिजली आपूर्ति भी बाधित हो गई।

बताया गया कि रात की शिफ्ट में काम करने वाले कर्मचारी परिसर में पानी भर जाने के कारण बाहर नहीं निकल पा रहे थे। पुलिस के अनुसार, ऑपरेशन टीम और LPA के कर्मचारी भी वहां फंसे हुए थे। ऐसे में राहत एवं बचाव कार्य की जरूरत बढ़ गई।

प्रशासन की अपील: सुरक्षित स्थानों पर रहें

चक्रवात के प्रभाव को देखते हुए तटीय इलाकों में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने की जरूरत है। तेज हवाओं, जलभराव और बिजली की क्षतिग्रस्त लाइनों के बीच बाहर निकलना जोखिम भरा हो सकता है। लोगों को स्थानीय प्रशासन और मौसम विभाग की आधिकारिक सलाह का पालन करना चाहिए तथा आपात स्थिति में पुलिस और राहत दलों से संपर्क करना चाहिए।

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