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weather update: अगले तीन घंटे में गरज चमक के साथ बारिश की चेतावनी

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 रायपुर- यह  आपदा प्रबंधन प्राधिकरण द्वारा भेजा गया मौसम संबंधी आपातकालीन चेतावनी संदेश (Emergency Alert) है।

​जिसके अनुसार अति गंभीर चेतावनी (Extremely Severe Alert) दी गई है। 

संदेश: अगले 3 घंटों के भीतर बलौदाबाजार, बेमेतरा, बिलासपुर, दुर्ग, जांजगीर-चांपा, जशपुर, कबीरधाम, खैरागढ़-छुईखदान-गंडई, कोरबा, महासमुंद, मुंगेली, रायगढ़, रायपुर, सक्ती, सारंगढ़-बिलाईगढ़ और सरगुजा में कुछ स्थानों पर मध्यम बारिश के साथ तीव्र अंधड़/गर्जना (Severe Thunderstorms) होने की संभावना है।

​ मुख्य बातें: 

​समय सीमा: अगले 3 घंटे।

​स्थिति: तेज कड़क, बिजली गिरने की आशंका और हवाओं के साथ बारिश।

​ सुझाव: अगर आप इन प्रभावित जिलों में हैं, तो बिजली के खंभों, बड़े पेड़ों या खुले मैदानों से दूर रहें और सुरक्षित स्थान पर रहें।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने अतिवृष्टि प्रभावित क्षेत्रों में राहत एवं बचाव कार्यों में तेजी लाने के दिए निर्देश

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प्रभावित परिवारों तक बिना विलंब राहत सामग्री एवं आवश्यक सहायता पहुँचाने को कहा

रायपुर- मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने बिलासपुर एवं जांजगीर-चांपा जिलों में हुई अत्यधिक वर्षा एवं जलभराव की स्थिति को गंभीरता से लेते हुए प्रभावित क्षेत्रों में राहत एवं बचाव कार्यों में किसी भी प्रकार की शिथिलता नहीं बरतने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा है कि जिला प्रशासन पूरी सतर्कता और तत्परता के साथ कार्य करते हुए प्रत्येक प्रभावित एवं जरूरतमंद व्यक्ति तक समय पर राहत और आवश्यक सहायता सुनिश्चित करे।

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देशित किया है कि प्रभावित क्षेत्रों में राहत सामग्री, भोजन, पेयजल, चिकित्सा सहित सभी आवश्यक सुविधाएँ बिना किसी विलंब के उपलब्ध कराई जाएँ। साथ ही जलनिकासी की त्वरित व्यवस्था, क्षतिग्रस्त मार्गों की शीघ्र बहाली तथा जनसुविधाओं को जल्द सामान्य करने के लिए सभी उपलब्ध संसाधनों का प्रभावी उपयोग सुनिश्चित किया जाए।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि राज्य सरकार स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है और प्रभावित क्षेत्रों की निरंतर मॉनिटरिंग की जा रही है। आवश्यकता के अनुरूप अतिरिक्त संसाधन एवं सहायता भी तत्काल उपलब्ध कराई जाएगी, ताकि राहत कार्यों में किसी प्रकार की बाधा न आए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेशवासियों की सुरक्षा तथा प्रत्येक प्रभावित परिवार तक समय पर राहत पहुँचाना राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। राज्य सरकार पूरी संवेदनशीलता, तत्परता और प्रतिबद्धता के साथ प्रभावित नागरिकों के साथ खड़ी है तथा जनजीवन को शीघ्र सामान्य बनाने के लिए हरसंभव प्रयास किए जा रहे हैं।

महासमुंद: जर्जर सड़क और पुल से संकट में बच्चों की पढ़ाई, 15 दिन में काम शुरू नहीं हुआ तो कलेक्टर और मुख्यमंत्री से मिलेंगे छात्र-छात्राएं

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महासमुंद- महासमुंद जिले की ग्राम पंचायत खट्टा के अंतर्गत स्थित जर्जर सड़क और पुल एक बार फिर चर्चा का विषय बन गए हैं। लगातार बारिश के बीच ग्रामीणों, अभिभावकों और स्कूली बच्चों का कहना है कि यदि जल्द ही सड़क और पुल की मरम्मत या नए ऊंचे पुल का निर्माण नहीं कराया गया, तो क्षेत्र के कई स्कूलों में पढ़ाई प्रभावित हो सकती है।

ग्रामीणों के अनुसार यह पुल वर्षों पुराना है और हर मानसून में क्षतिग्रस्त हो जाता है। उनका कहना है कि तेज बारिश के दौरान पुल के ऊपर से पानी बहने लगता है, जिससे आवागमन पूरी तरह बंद हो जाता है। यह मार्ग पटेवा से महासमुंद जाने का प्रमुख संपर्क मार्ग होने के साथ-साथ कोकड़ी शासकीय विद्यालय, खट्टा प्राथमिक, मिडिल एवं हाई स्कूल तथा रामखेड़ा प्राथमिक और मिडिल स्कूल तक पहुंचने का भी मुख्य रास्ता है।

कोकड़ी शासकीय विद्यालय के शिक्षक गेंदलाल कोकड़िया का कहना है कि यह समस्या नई नहीं, बल्कि कई दशकों से बनी हुई है। उनके अनुसार हर वर्ष बारिश में पुल के ऊपर से पानी बहने के कारण शिक्षक, विद्यार्थी और ग्रामीण जोखिम उठाकर आवागमन करने को मजबूर हो जाते हैं। उनका मानना है कि इस स्थान पर स्थायी समाधान के लिए एक नया और ऊंचा पुल बनाया जाना चाहिए।

स्थानीय लोगों का यह भी कहना है कि पूर्व में इस पुल पर कई दुर्घटनाएं हो चुकी हैं, जिनमें लोगों को गंभीर चोटें आईं। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि किसी बड़ी दुर्घटना से पहले सड़क और पुल का स्थायी समाधान किया जाए।

विद्यालय की शाला प्रबंधन एवं विकास समिति, अभिभावकों और विद्यार्थियों ने जिला प्रशासन से जल्द कार्रवाई की मांग की है। उनका कहना है कि यदि अगले 15 दिनों के भीतर निर्माण कार्य शुरू नहीं हुआ, तो वे सामूहिक रूप से कलेक्टर महासमुंद और छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री से मिलकर अपनी समस्या रखेंगे।

ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया है कि क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों को कई बार समस्या से अवगत कराया गया, लेकिन अब तक कोई ठोस समाधान नहीं निकल पाया है। इस कारण क्षेत्र के लोगों में नाराजगी बढ़ती जा रही है।

ग्रामीणों और विद्यार्थियों की मांग है कि जल्द से जल्द नया, मजबूत और ऊंचा पुल तथा सड़क का निर्माण कराया जाए, ताकि बरसात के दौरान भी बच्चों की पढ़ाई, शिक्षकों का आवागमन और आम लोगों की आवाजाही निर्बाध रूप से जारी रह सके।

छत्तीसगढ़ में बारिश का कहर: आकाशीय बिजली और डूबने से 3 लोगों की मौत, कई जिलों में हाई अलर्ट

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रायपुर- छत्तीसगढ़ में मानसून अब आफत बनकर बरस रहा है। पिछले 24 घंटों से जारी मूसलाधार बारिश ने प्रदेश के कई जिलों में जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित कर दिया है। लगातार बारिश के कारण नदियाँ और नाले उफान पर हैं, जबकि कई निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति पैदा हो गई है। कई सड़कों पर पानी भरने से यातायात भी प्रभावित हुआ है।

इस बीच प्रदेश से दर्दनाक घटनाएँ भी सामने आई हैं। अलग-अलग जिलों में आकाशीय बिजली गिरने और डूबने की घटनाओं में तीन लोगों की मौत हो गई। इन हादसों के बाद स्थानीय प्रशासन और आपदा प्रबंधन विभाग अलर्ट मोड पर है।

मौसम विभाग ने अगले 24 से 48 घंटों के दौरान प्रदेश के कई हिस्सों में भारी से अति भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। प्रशासन ने सभी जिलों को सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं और राहत एवं बचाव दलों को संवेदनशील क्षेत्रों में तैनात कर दिया गया है।

प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि खराब मौसम के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचें, नदी-नालों और जलभराव वाले क्षेत्रों के पास न जाएँ तथा आकाशीय बिजली के समय खुले मैदान, पेड़ों और बिजली के खंभों से दूर रहें। किसानों और ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों को भी विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।

लगातार हो रही बारिश को देखते हुए प्रदेश के कई जिलों में स्थिति पर प्रशासन की नजर बनी हुई है। यदि बारिश का सिलसिला इसी तरह जारी रहा तो कुछ इलाकों में बाढ़ जैसी स्थिति बनने की आशंका से भी इनकार नहीं किया जा सकता।

मुख्य अपडेट

  • तीन लोगों की मौत आकाशीय बिजली और डूबने की अलग-अलग घटनाओं में।

  • कई जिलों में भारी बारिश, नदियाँ और नाले उफान पर।

  • जलभराव से जनजीवन प्रभावित, कई मार्गों पर आवागमन बाधित।

  • मौसम विभाग का भारी बारिश का अलर्ट जारी।

  • प्रशासन ने लोगों से सतर्क रहने और सुरक्षित स्थानों पर रहने की अपील की।


मुंबई में भारी बारिश का कहर, विश्वविद्यालय की सभी परीक्षाएं स्थगित

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मुंबई- महाराष्ट्र की राजधानी मुंबई में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश और कई इलाकों में जलभराव की स्थिति को देखते हुए मुंबई विश्वविद्यालय ने 6 जुलाई को आयोजित होने वाली सभी स्नातक (UG) और स्नातकोत्तर (PG) परीक्षाओं को स्थगित कर दिया है।

विश्वविद्यालय प्रशासन ने बताया कि छात्रों की सुरक्षा और आवागमन में हो रही कठिनाइयों को ध्यान में रखते हुए यह निर्णय लिया गया है। लगातार बारिश के कारण शहर के कई हिस्सों में यातायात प्रभावित हुआ है और स्थानीय ट्रेन एवं सड़क परिवहन सेवाओं पर भी असर पड़ा है।

विश्वविद्यालय ने स्पष्ट किया है कि स्थगित परीक्षाओं की नई तिथियों की घोषणा जल्द ही आधिकारिक वेबसाइट के माध्यम से की जाएगी। छात्रों से अपील की गई है कि वे नवीनतम अपडेट के लिए विश्वविद्यालय की आधिकारिक सूचना पर नजर बनाए रखें।

छत्तीसगढ़ में मानसून ने पकड़ी रफ्तार, कई जिलों में भारी बारिश का अलर्ट जारी

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रायपुर- छत्तीसगढ़ में दक्षिण-पश्चिम मानसून ने रफ्तार पकड़ ली है और राज्य के अधिकांश हिस्सों को अपनी चपेट में ले लिया है। भारतीय मौसम विभाग (IMD) के अनुसार आगामी दिनों में कई जिलों में मध्यम से भारी वर्षा होने की संभावना है। मौसम विभाग ने कुछ क्षेत्रों के लिए भारी बारिश का अलर्ट जारी करते हुए लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है।

राजधानी रायपुर सहित दुर्ग, बिलासपुर, राजनांदगांव, महासमुंद, बलौदाबाजार, धमतरी, कांकेर, बस्तर और सरगुजा संभाग के कई जिलों में बारिश की गतिविधियां तेज होने की संभावना जताई गई है। लगातार हो रही वर्षा से तापमान में गिरावट दर्ज की गई है, जिससे लोगों को भीषण गर्मी और उमस से राहत मिली है।

कृषि विशेषज्ञों का मानना है कि मानसून की सक्रियता किसानों के लिए राहत लेकर आई है। समय पर और पर्याप्त वर्षा से धान सहित खरीफ फसलों की बुवाई को गति मिलेगी तथा सिंचाई पर निर्भरता कम होगी। ग्रामीण क्षेत्रों में किसान खेतों की तैयारी और रोपाई कार्य में जुट गए हैं।

हालांकि, मौसम विभाग ने निचले इलाकों में जलभराव, तेज हवाओं और बिजली गिरने की आशंका को देखते हुए सावधानी बरतने की अपील की है। प्रशासन ने भी संबंधित विभागों को सतर्क रहने और आपात स्थिति से निपटने के लिए आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।

मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार अगले 48 घंटों के दौरान राज्य के कई हिस्सों में मानसून और अधिक सक्रिय हो सकता है, जिससे कुछ क्षेत्रों में भारी से अति भारी वर्षा दर्ज होने की संभावना है।


साइक्लोन डिटवॉह: श्रीलंका में 123 मौतें, भारत सतर्क

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श्रीलंका में साइक्लोन डिटवॉह की वजह से अब तक 123 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि लगभग 130 लोग लापता हैं। तेज़ हवाओं और भारी बारिश से कई घर और सड़कें तबाह हो गई हैं।


साइक्लोन अब भारत की ओर बढ़ रहा है, जिससे तमिलनाडु, पुदुचेरी, केरल और आंध्र प्रदेश में चेतावनी जारी की गई है। स्थानीय प्रशासन ने लोगों को सुरक्षित स्थानों पर जाने की सलाह दी है।

भारत सरकार ने राहत और बचाव कार्य "ऑपरेशन सागर बंधु" के तहत शुरू कर दिया है। भारतीय वायु सेना ने श्रीलंका में फंसे लोगों तक राहत सामग्री और बचाव दल भेजे हैं।

मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि अगले 24–48 घंटों में भारी बारिश और तेज़ हवाओं के साथ साइक्लोन तटीय इलाकों में दस्तक दे सकता है। नागरिकों से सावधानी बरतने और अनावश्यक यात्रा न करने का आग्रह किया गया है।


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