Media24Media.com: 1 अक्टूबर से बदले PUC नियम! वैध Pollution Certificate नहीं तो दिल्ली-NCR में नहीं मिलेगा पेट्रोल-CNG

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1 अक्टूबर से बदले PUC नियम! वैध Pollution Certificate नहीं तो दिल्ली-NCR में नहीं मिलेगा पेट्रोल-CNG

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नई दिल्ली- दिल्ली-NCR में बढ़ते वायु प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए वाहन प्रदूषण से जुड़े नियमों को अब और सख्ती से लागू किया जा रहा है। 1 अक्टूबर से बिना वैध Pollution Under Control (PUC/PUCC) प्रमाणपत्र वाले वाहनों को पेट्रोल या CNG देने पर रोक लागू की गई है। यह व्यवस्था सर्दियों में बढ़ने वाले वायु प्रदूषण से निपटने के लिए उठाए जा रहे व्यापक कदमों का हिस्सा है। 

 'No PUC, No Fuel' नियम होगा सख्त

Commission for Air Quality Management (CAQM) के निर्देशों के तहत दिल्ली-NCR में ऐसे वाहनों पर सख्ती की जा रही है जिनके पास वैध PUC प्रमाणपत्र नहीं है। यानी अगर वाहन का PUC समाप्त हो चुका है, तो पेट्रोल पंप पर ईंधन लेने में परेशानी हो सकती है।

दिल्ली में इस नियम को खास तौर पर 500 ऐसे पेट्रोल पंपों पर मिशन मोड में लागू करने की तैयारी की गई है, जहां Automatic Number Plate Recognition (ANPR) कैमरे लगे हैं। इन कैमरों और संबंधित सिस्टम के जरिए वाहन के नंबर और उसके PUC स्टेटस की जांच की जा सकती है।

वाहन मालिक पहले जांच लें अपना PUC

इस नए enforcement के बाद वाहन मालिकों के लिए जरूरी है कि वे पेट्रोल पंप जाने से पहले अपने वाहन के PUC की वैधता जांच लें।

अगर PUC की अवधि खत्म हो गई है, तो अधिकृत प्रदूषण जांच केंद्र पर वाहन की जांच करवाकर नया प्रमाणपत्र लेना होगा। PUC टेस्ट में वाहन से निकलने वाले प्रदूषक उत्सर्जन की जांच की जाती है और निर्धारित सीमा के भीतर होने पर प्रमाणपत्र जारी किया जाता है। 

PUC नहीं होने पर ₹10,000 तक जुर्माना

दिल्ली में वैध PUC प्रमाणपत्र के बिना वाहन चलाने पर ₹10,000 के जुर्माने का प्रावधान बताया गया है। इसके अलावा नियमों के तहत लाइसेंस संबंधी कार्रवाई भी हो सकती है। इसलिए वाहन चालकों को केवल पेट्रोल पंप पर ईंधन मिलने की समस्या ही नहीं, बल्कि कानूनी कार्रवाई से भी बचने के लिए PUC वैध रखना जरूरी है।

आखिर क्यों बढ़ाई गई सख्ती?

दिल्ली-NCR में सर्दियों के दौरान प्रदूषण का स्तर अक्सर बढ़ जाता है। वाहन उत्सर्जन के साथ-साथ सड़क की धूल, निर्माण गतिविधियां, औद्योगिक प्रदूषण और पराली जलाने जैसे कई कारक इस समस्या में योगदान देते हैं।

इसी वजह से अधिकारियों ने सर्दियों से पहले ही प्रदूषण नियंत्रण के उपायों को मजबूत करना शुरू किया है। PUC नियमों की सख्ती इसी व्यापक प्रदूषण नियंत्रण अभियान का हिस्सा है। 

पुराने और ज्यादा प्रदूषण फैलाने वाले वाहनों पर भी नजर

सिर्फ PUC की जांच ही नहीं, बल्कि दिल्ली-NCR में पुराने और End-of-Life Vehicles के खिलाफ भी कार्रवाई तेज करने की योजना है। अधिकारियों ने पुराने वाहनों की पहचान, जब्ती और स्क्रैपिंग से जुड़े उपायों की भी समीक्षा की है।

इसके अलावा BS-IV और उससे पुराने मानकों वाले कुछ परिवहन एवं वाणिज्यिक वाहनों के दिल्ली में प्रवेश पर लागू प्रतिबंधों की भी निगरानी की जा रही है।

इलेक्ट्रिक वाहनों को PUC से छूट

इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए सामान्य PUC प्रमाणपत्र की आवश्यकता नहीं होती, क्योंकि इनमें पारंपरिक ईंधन से होने वाला tailpipe emission नहीं होता। 

वाहन चालकों के लिए जरूरी बातें

  • अपने वाहन का PUC Certificate जरूर चेक करें।
  • PUC की वैधता समाप्त हो गई है तो समय रहते नवीनीकरण कराएं।
  • दिल्ली-NCR में पेट्रोल/CNG लेने से पहले वैध PUC रखना जरूरी है।
  • बिना वैध PUC वाहन चलाने पर जुर्माना और अन्य कार्रवाई हो सकती है।
  • पुराने और End-of-Life वाहनों पर भी प्रशासन की निगरानी बढ़ाई जा रही है।

यानी 1 अक्टूबर से दिल्ली-NCR में वाहन चालकों के लिए संदेश साफ है—PUC वैध रखें, तभी ईंधन लेने में परेशानी से बच सकेंगे। यह कदम सर्दियों के दौरान बढ़ने वाले वायु प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए लागू किए जा रहे व्यापक उपायों का हिस्सा है। 


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