Media24Media.com: #RoadSafety

Responsive Ad Slot


 

Showing posts with label #RoadSafety. Show all posts
Showing posts with label #RoadSafety. Show all posts

मुंबई कोस्टल रोड पर दर्दनाक हादसा: BMW के खाई में गिरने से 3 छात्रों की मौत, एक गंभीर

No comments Document Thumbnail

मुंबई- मुंबई के कोस्टल रोड पर रविवार सुबह एक भीषण सड़क हादसे में तीन छात्रों की मौत हो गई, जबकि एक अन्य गंभीर रूप से घायल है। हादसा सुबह करीब 5:20 बजे लोटस जेट्टी के पास हुआ, जब तेज रफ्तार BMW कथित तौर पर चालक के नियंत्रण से बाहर हो गई और सड़क की बाहरी रेलिंग से टकराकर नीचे निर्माणाधीन पार्किंग साइट में जा गिरी।

Marine Drive से Haji Ali जा रही थी कार

पुलिस के अनुसार BMW Marine Drive से Haji Ali की ओर जा रही थी। लोटस जेट्टी के पास, Lala Lajpatrai College के सामने, कार एक मोड़ पर कथित तौर पर नियंत्रण से बाहर हो गई। इसके बाद वाहन डिवाइडर/बाहरी बैरियर से टकराया और ऊंचे हिस्से से नीचे जा गिरा। रिपोर्टों में गिरने की ऊंचाई करीब 75 फीट बताई गई है।

CCTV में कैद हुआ पूरा हादसा

घटना का CCTV फुटेज भी सामने आया है। फुटेज में BMW तेज गति से आगे बढ़ती दिखाई देती है और फिर सड़क के किनारे लगे बैरियर से टकराकर पुल से नीचे गिर जाती है। दुर्घटना के बाद कार बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई।

तीन छात्रों की मौत

हादसे के बाद BMW में सवार चारों लोगों को उपचार के लिए नायर अस्पताल ले जाया गया। वहां डॉक्टरों ने तीन लोगों को मृत घोषित कर दिया, जबकि चौथे व्यक्ति को गंभीर हालत में ट्रॉमा वार्ड में भर्ती किया गया। 

ताजा रिपोर्टों में मृतकों की पहचान 21 वर्षीय Shanay Gajjal, 20 वर्षीय Aditya Jakasania और 17 वर्षीय Dhirya Seth के रूप में बताई गई है। चौथा व्यक्ति करीब 20 वर्ष का बताया गया है और उसकी हालत गंभीर है। 

सभी छात्र गुजरात के रहने वाले बताए गए

रिपोर्टों के मुताबिक कार में सवार चारों युवक अहमदाबाद के रहने वाले और मुंबई में पढ़ाई कर रहे छात्र थे। इनमें कुछ छात्र जुहू के एक मैनेजमेंट कॉलेज तथा एक छात्र कुर्ला के कॉलेज में पढ़ता था। बताया गया है कि वे Marine Drive गए थे और वहां से लौट रहे थे।

तेज रफ्तार बनी हादसे की वजह?

पुलिस की शुरुआती जांच में तेज रफ्तार और मोड़ पर वाहन पर नियंत्रण खोना हादसे की संभावित वजह के तौर पर सामने आया है। हालांकि, दुर्घटना की सटीक वजह और अन्य परिस्थितियों की जांच अभी जारी है। पुलिस CCTV फुटेज और अन्य साक्ष्यों के आधार पर मामले की जांच कर रही है। 

हादसे ने फिर उठाए सड़क सुरक्षा पर सवाल

मुंबई के व्यस्त और तेज रफ्तार वाले कोस्टल रोड पर हुए इस हादसे ने रात और सुबह के समय तेज गति से वाहन चलाने तथा सड़क के संवेदनशील मोड़ों पर सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े किए हैं। हालांकि, हादसे के कारणों पर अंतिम निष्कर्ष पुलिस जांच पूरी होने के बाद ही सामने आएगा।


महाराष्ट्र सड़क हादसे में छत्तीसगढ़ के 8 लोगों की मौत, मृतकों में बच्चे भी शामिल

No comments Document Thumbnail

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने जताया शोक, मृतकों के परिवारों के लिए राहत की घोषणा

रायपुर- महाराष्ट्र में हुए भीषण सड़क हादसे में छत्तीसगढ़ के 8 लोगों की दर्दनाक मौत हो गई। मृतकों में बच्चे भी शामिल हैं। हादसे की खबर सामने आने के बाद छत्तीसगढ़ में शोक की लहर है।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने हादसे पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए मृतकों के परिजनों के प्रति संवेदना जताई है। उन्होंने पीड़ित परिवारों को राहत देने की घोषणा की है। राज्य सरकार की ओर से प्रभावित परिवारों को आवश्यक सहायता उपलब्ध कराने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।

हादसे के कारणों और मृतकों से जुड़ी अन्य जानकारी जुटाई जा रही है। प्रशासन की ओर से प्रभावित परिवारों से संपर्क कर आवश्यक सहयोग उपलब्ध कराया जा रहा है।

तेलंगाना में भीषण सड़क हादसा, बस-ट्रक की टक्कर में 6 की मौत, कई घायल

No comments Document Thumbnail

सूर्यापेट- तेलंगाना के सूर्यापेट जिले में बुधवार तड़के एक भीषण सड़क हादसे में 6 लोगों की मौत हो गई, जबकि कई यात्री घायल हो गए। हादसा हैदराबाद-विजयवाड़ा नेशनल हाईवे (NH-65) पर कोडाड मंडल के दोराकुंटा/दुर्गापुरम स्टेज के पास हुआ। प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक, हैदराबाद से विजयवाड़ा और एलुरु जा रही एक निजी ट्रैवल बस पीछे से कंटेनर ट्रक से जा टकराई।

तड़के करीब 4:30 से 5:20 बजे के बीच हुआ हादसा

पुलिस के मुताबिक, दुर्घटना बुधवार सुबह करीब 4:30 से 5:20 बजे के बीच हुई। बस में करीब 42-43 यात्री सवार थे। प्रारंभिक जांच के अनुसार, बस ने आगे चल रहे या सड़क पर मौजूद कंटेनर ट्रक को पीछे से टक्कर मारी। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि बस का अगला हिस्सा बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया।

6 यात्रियों की मौके पर मौत

हादसे में 6 यात्रियों की मौके पर ही मौत हो गई। मृतकों में 5 महिलाएं शामिल हैं। पुलिस और स्थानीय अधिकारियों के अनुसार, कई अन्य यात्रियों को चोटें आई हैं। अलग-अलग शुरुआती रिपोर्टों में घायलों की संख्या 12 से 20 के बीच बताई गई है, इसलिए घायलों की अंतिम संख्या आधिकारिक रूप से स्पष्ट होना बाकी है।

घायलों को तत्काल आसपास के अस्पतालों में भर्ती कराया गया। कुछ गंभीर घायलों को बेहतर उपचार के लिए विजयवाड़ा रेफर किए जाने की जानकारी सामने आई है।

ट्रक को लेकर सामने आई अहम जानकारी

पुलिस की शुरुआती जांच में यह बात सामने आई है कि कंटेनर ट्रक ने संभवतः दुर्घटना से कुछ समय पहले सड़क के डिवाइडर को टक्कर मारी थी। इसके बाद बस ने पीछे से ट्रक को टक्कर मार दी। हालांकि, हादसे की सटीक परिस्थितियों और जिम्मेदारी को लेकर पुलिस की जांच जारी है।

फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि दुर्घटना का मुख्य कारण तेज रफ्तार, ड्राइवर की सतर्कता में कमी, सड़क पर ट्रक की स्थिति या कोई अन्य तकनीकी कारण था। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।

राहत और बचाव कार्य में जुटी टीमें

हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस, आपातकालीन सेवाओं और स्थानीय लोगों ने राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया। क्षतिग्रस्त बस से यात्रियों को बाहर निकालकर घायलों को अस्पताल पहुंचाया गया।

मृतकों के शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है और पुलिस उनकी पहचान तथा हादसे से जुड़े अन्य तथ्यों की जांच कर रही है।

मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी ने जताया दुख

तेलंगाना के मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी ने हादसे पर गहरा दुख व्यक्त किया और मृतकों के परिवारों के प्रति संवेदना जताई। उन्होंने मुख्य सचिव को निर्देश दिया कि घायलों को बेहतर से बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जाए।

वहीं, तेलंगाना के परिवहन मंत्री पोन्नम प्रभाकर ने भी हादसे पर दुख जताते हुए कहा कि लापरवाही बरतने वाले निजी ट्रैवल ऑपरेटरों के खिलाफ गंभीर कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए परिवहन विभाग को आवश्यक कदम उठाने की बात कही।

सड़क सुरक्षा पर फिर उठे सवाल

इस हादसे ने एक बार फिर हाईवे पर निजी बसों की सुरक्षा, ड्राइवरों की सतर्कता और सड़क किनारे भारी वाहनों की स्थिति को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। राजनीतिक नेताओं ने भी सरकार से घायलों को बेहतर उपचार और मृतकों के परिवारों को तत्काल सहायता उपलब्ध कराने की मांग की है।

हादसे की बड़ी बातें

  • 📍 स्थान: सूर्यापेट जिला, तेलंगाना

  • 🛣️ हाईवे: हैदराबाद-विजयवाड़ा NH-65

  • 🚌 बस: निजी ट्रैवल बस

  • 🚛 दूसरा वाहन: कंटेनर ट्रक

  • 🕔 समय: बुधवार तड़के करीब 4:30–5:20 बजे

  • ⚫ मौतें: 6, जिनमें 5 महिलाएं

  • 🚑 घायल: कई यात्री; शुरुआती रिपोर्टों में 12 से 20 तक

  • 🔎 जांच: पुलिस द्वारा हादसे के कारणों की जांच जारी

फिलहाल हादसे की विस्तृत जांच जारी है। पुलिस की जांच पूरी होने के बाद दुर्घटना की वास्तविक वजह और जिम्मेदारी की स्थिति और स्पष्ट हो सकेगी।

NH-53 पर तुमगांव के पास दो ट्रकों की आमने-सामने भिड़ंत, दोनों चालक घायल

No comments Document Thumbnail

तुमगांव- राष्ट्रीय राजमार्ग-53 (NH-53) पर तुमगांव के पास दो ट्रकों के बीच आमने-सामने जोरदार टक्कर हो गई। हादसे में दोनों ट्रकों के चालक घायल हो गए। दुर्घटना के बाद मौके पर कुछ समय के लिए अफरा-तफरी का माहौल बन गया।

प्रत्यक्ष जानकारी के अनुसार, दोनों ट्रकों की भिड़ंत इतनी जोरदार थी कि वाहनों के आगे के हिस्से क्षतिग्रस्त हो गए। हादसे में घायल दोनों चालकों को तत्काल तुमगांव अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उनका प्राथमिक उपचार किया गया।

दुर्घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय लोग मौके पर पहुंचे और राहत कार्य में सहयोग किया। वहीं, पुलिस भी घटनास्थल पर पहुंची और दुर्घटना की स्थिति का जायजा लिया।

फिलहाल हादसा किस कारण से हुआ, इसकी स्पष्ट जानकारी सामने नहीं आई है। पुलिस द्वारा दुर्घटना के कारणों की जांच की जा रही है। हादसे के चलते कुछ समय तक राष्ट्रीय राजमार्ग पर यातायात भी प्रभावित रहा।

लगातार बढ़ती सड़क दुर्घटनाओं के बीच NH-53 जैसे व्यस्त मार्गों पर वाहन चालकों से सावधानीपूर्वक वाहन चलाने, निर्धारित गति का पालन करने और सामने से आने वाले वाहनों से सुरक्षित दूरी बनाए रखने की अपील की जा रही है।

https://www.youtube.com/shorts/LmNZ_y45V8g?feature=share

मध्य प्रदेश के भिंड में भीषण सड़क हादसा, 8 मजदूरों की मौत; 32 घायल

No comments Document Thumbnail

भिंड- मध्य प्रदेश के भिंड जिले में मंगलवार तड़के एक भीषण सड़क हादसे में 8 मजदूरों की मौत हो गई, जबकि 32 अन्य घायल हो गए। हादसा भिंड-ग्वालियर राष्ट्रीय राजमार्ग पर छिमका गांव के पास करीब रात 1 बजे हुआ, जहां मजदूरों से भरी पिकअप और एक डंपर ट्रक की आमने-सामने जोरदार टक्कर हो गई।

घर लौट रहे थे मजदूर

जानकारी के अनुसार, सभी मजदूर उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी जिले के रहने वाले थे। वे ग्वालियर क्षेत्र में धान की रोपाई का काम पूरा करने के बाद पिकअप वाहन से अपने घर लौट रहे थे। इसी दौरान छिमका गांव के पास उनका वाहन सामने से आ रहे डंपर से टकरा गया।

प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि सड़क पर मौजूद मवेशियों से बचने के प्रयास में पिकअप चालक का वाहन पर नियंत्रण बिगड़ गया और वाहन दूसरी ओर चला गया, जहां सामने से आ रहे डंपर से उसकी टक्कर हो गई। हालांकि हादसे की वास्तविक वजह की जांच अभी जारी है।

पांच की मौके पर मौत, तीन ने अस्पताल ले जाते समय दम तोड़ा

टक्कर इतनी भीषण थी कि पिकअप वाहन बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया और कई मजदूर वाहन के अंदर फंस गए। पुलिस और स्थानीय लोगों ने मौके पर पहुंचकर राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया। पांच मजदूरों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि तीन अन्य ने अस्पताल ले जाते समय दम तोड़ दिया।

घायलों को तत्काल गोहद अस्पताल ले जाया गया। गंभीर रूप से घायल लोगों को बेहतर उपचार के लिए ग्वालियर रेफर किया गया है। अलग-अलग रिपोर्टों में घायलों की संख्या 23 से 32 तक बताई गई है; नवीनतम पुलिस-आधारित रिपोर्टों में 32 घायलों का उल्लेख है।

मृतकों की पहचान शुरू

पुलिस के अनुसार मृतकों में से छह की पहचान हो चुकी है, जबकि दो की पहचान की प्रक्रिया जारी थी। मृतक सभी उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी क्षेत्र से बताए गए हैं। हादसे की सूचना मिलने के बाद मृतकों और घायलों के परिजन भी घटनास्थल एवं अस्पताल पहुंचने लगे।

उत्तर प्रदेश सरकार ने किया मुआवजे का ऐलान

हादसे पर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गहरा दुख व्यक्त किया। उन्होंने अधिकारियों को मध्य प्रदेश सरकार के साथ समन्वय कर मृतकों के शव उनके घर तक पहुंचाने तथा घायलों के समुचित उपचार की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। मृतकों के परिजनों को प्रत्येक को 2 लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने की घोषणा भी की गई है।

हादसे ने फिर उठाए सड़क सुरक्षा पर सवाल

भिंड की यह दुर्घटना एक बार फिर प्रवासी एवं ग्रामीण मजदूरों की सुरक्षित आवाजाही और राष्ट्रीय राजमार्गों पर सड़क सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े करती है। रात के समय लंबी दूरी की यात्रा, वाहनों में क्षमता से अधिक यात्रियों का होना, सड़क पर मवेशियों की मौजूदगी और तेज रफ्तार जैसे कारण दुर्घटनाओं का जोखिम बढ़ाते हैं।

फिलहाल पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और हादसे के कारणों की विस्तृत पड़ताल की जा रही है।

नेशनल हाईवे-45 पर छतौना के पास मरम्मत कार्य जारी, मार्ग पर आवाजाही पूरी तरह चालू

No comments Document Thumbnail

परियोजना का कार्य 58 प्रतिशत भौतिक प्रगति हासिल की जा चुकी है

रायपुर- छत्तीसगढ़ के गौरेला-बिलासपुर नेशनल हाईवे -45  पर यातायात पूरी तरह चालू है और जहां अतिवृष्टि के कारण सड़क सतह को नुकसान पहुंचा था, वहां मरम्मत का काम युद्ध स्तर पर जारी है। परियोजना का कार्य तेजी से प्रगति पर है और अब तक 58 प्रतिशत भौतिक प्रगति हासिल की जा चुकी है

अतिवृष्टि और भारी वाहनों के दबाव से प्रभावित हुई सड़क सतह

लोक निर्माण विभाग राष्ट्रीय राजमार्ग विभाग के अधिकारियों से प्राप्त जानकारी के अनुसार, केंवची-रतनपुर मार्ग (रा.रा. क्र.-45) के किमी 290.000 स्थित ग्राम छतौना के पास, जहां टोल प्लाजा का निर्माण प्रस्तावित है, वर्तमान में GSB (ग्रेन्युलर सब-बेस) लेयर का कार्य पूरा हुआ है। बीते दिनों हुई भारी बारिश (अतिवृष्टि) और अत्यधिक संख्या में भारी वाहनों के आवागमन के कारण इस विशेष हिस्से की सड़क सतह को क्षति पहुंची थी।

विभाग लगातार मुस्तैद

विभाग ने जानकारी दी कि क्षति की सूचना मिलते ही EPC अनुबंधक (मेसर्स शांति इंजीकॉन प्रायवेट लिमिटेड) द्वारा सुधार कार्य तत्काल शुरू कर दिया गया है, जो लगातार जारी है। सड़क पर वाहनों की आवाजाही प्रभावित न हो, इसके लिए विभागीय अधिकारी मौके पर निगरानी रख रहे हैं और यातायात को सुचारू रूप से संचालित कराया जा रहा है।

286 करोड़ की लागत से 58 प्रतिशत काम पूरा

उल्लेखनीय है कि भारत सरकार के सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय, नई दिल्ली द्वारा रा.रा. क्र.-45 के 42.598 किमी (किमी 278.750 से 321.348) लंबे मार्ग के 2-लेन चौड़ीकरण व उन्नयन (मय पेव्ड शोल्डर, पैकेज-2) के लिए 286.00 करोड़ रुपये की प्रशासकीय स्वीकृति 31 मार्च 2022 को दी गई थी। नियम अनुसार निविदा प्रक्रिया के बाद 15 जुलाई 2024 को कार्यादेश जारी किया गया था। DBM (डामरीकरण) 25.770 किमी, HP कल्वर्ट 98 नग, RCC बॉक्स कल्वर्ट 14 नग, माइनर ब्रिज 07 नग, RCC नाली 4.890 किमी, रिटेनिंग वॉल व टो-वॉल कुल 4.467 किमी कार्य पूर्ण हो चुका है।

लोक निर्माण विभाग राष्ट्रीय राजमार्ग विभाग ने आम जनता और वाहन चालकों से अपील की है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें, मार्ग पर आवागमन जारी है और शेष कार्य भी शीघ्र पूरा कर लिया जाएगा।

शराब पीकर बस चलाना पड़ा भारी: चालक को 3 दिन की जेल, ₹15 हजार का जुर्माना

No comments Document Thumbnail

 दुर्ग। शराब के नशे में यात्रियों से भरी बस चला रहे एक चालक पर अदालत ने कड़ा रुख अपनाया है। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (सीजेएम) दुर्ग की अदालत ने मामले की गंभीरता को देखते हुए आरोपी चालक जितेंद्र देवांगन को दोषी ठहराते हुए 3 दिन के साधारण कारावास की सजा सुनाई है। इसके साथ ही उस पर 15 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है। दुर्ग जिले में यह पहला मामला है, जब ड्रिंक एंड ड्राइव के आरोपी बस चालक को जेल भेजा गया है।


जांच में हुई शराब पीने की पुष्टि

जानकारी के अनुसार, बस में बड़ी संख्या में यात्री सवार थे। चेकिंग के दौरान पुलिस को चालक जितेंद्र देवांगन के व्यवहार पर संदेह हुआ। जब ब्रीथ एनालाइजर से उसकी जांच की गई, तो शराब पीने की पुष्टि हुई। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि नशे की हालत में सार्वजनिक यात्री वाहन चलाना अत्यंत गंभीर लापरवाही है, जिससे बस यात्रियों के साथ-साथ सड़क पर चल रहे अन्य लोगों की जान भी खतरे में पड़ सकती थी।

एमवी एक्ट के तहत दर्ज हुआ मामला

ट्रैफिक पुलिस ने चालक के खिलाफ मोटर यान अधिनियम (Motor Vehicles Act) की धारा 184 (लापरवाही से वाहन चलाना) और धारा 185 (नशे की हालत में वाहन चलाना) के तहत मामला दर्ज किया। इसके बाद जांच रिपोर्ट और साक्ष्यों के साथ प्रकरण सीजेएम कोर्ट में पेश किया गया, जहाँ से अदालत ने यह सख्त फैसला सुनाया।

कड़ा संदेश देने की कोशिश: पुलिस अधिकारियों का मानना है कि इस फैसले से शराब पीकर वाहन चलाने वालों और यात्रियों की सुरक्षा से खिलवाड़ करने वाले चालकों के बीच एक सख्त और कड़ा संदेश जाएगा।

कोकड़ी-खट्टा का जर्जर पुल बना ग्रामीणों की चिंता, जनदर्शन में उठेगा मुद्दा

No comments Document Thumbnail

17 अगस्त को नागपंचमी पर जनपहल कार्यक्रम, बालिका शिक्षा और सुरक्षित आवागमन पर होगी चर्चा

महासमुंद- ग्राम कोकड़ी-खट्टा का वर्षों पुराना जर्जर पुल अब ग्रामीणों, विद्यार्थियों और अभिभावकों के लिए गंभीर चिंता का विषय बन गया है। बरसात के मौसम में पुल की खराब स्थिति के कारण आवागमन जोखिम भरा हो गया है। इसी समस्या को जनदर्शन के माध्यम से शासन-प्रशासन तक पहुँचाने के उद्देश्य से 17 अगस्त 2026 (नागपंचमी) को शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, कोकड़ी में "कोकड़ी दर्शन–जनपहल कार्यक्रम" आयोजित किया जाएगा।

कार्यक्रम में राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (SCERT), रायपुर के चेतना विकास मूल्य शिक्षा प्रकोष्ठ के प्रभारी के.के. साहू सहित जीवन विद्या एवं चेतना विकास मूल्य शिक्षा केन्द्र, अभ्युदय संस्थान अछोटी (दुर्ग) के प्रतिनिधि, विभिन्न जिलों के जनप्रतिनिधि, पंच-सरपंच, शिक्षक-शिक्षिकाएँ, प्राचार्य, शाला प्रबंधन एवं विकास समिति के सदस्य, अभिभावक, समाजसेवी तथा अनेक शासकीय एवं अशासकीय विद्यालयों के प्रतिनिधि शामिल होंगे। यह शैक्षिक भ्रमण जीवन विद्या अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन–2026 की तैयारियों के अंतर्गत भी आयोजित किया जा रहा है।

विशेष बात यह है कि कार्यक्रम में शामिल होने वाले अधिकांश अतिथि उसी जर्जर पुल से होकर विद्यालय पहुँचेंगे, जिससे वे उसकी वास्तविक स्थिति और ग्रामीणों की कठिनाइयों का प्रत्यक्ष अनुभव कर सकेंगे।

बच्चों ने पूछा—"गुरुजी, नया पुल कब बनेगा?"

कार्यक्रम के अंतर्गत विद्यार्थियों द्वारा "गांव की समस्या, हमारी समस्या" विषय पर रचनात्मक लेखन, विचार-विमर्श और संवाद आयोजित किया जाएगा। बच्चों ने अपने प्रश्नों के माध्यम से ग्रामीण जीवन की पीड़ा व्यक्त की है—

"यदि पुल टूट गया तो हम स्कूल कैसे जाएंगे?"

"बरसात में मरीज अस्पताल कैसे पहुँचेंगे?"

"नई सड़क और नया पुल कौन बनाएगा?"

"क्या हमारी पढ़ाई और हमारा भविष्य सुरक्षित नहीं होना चाहिए?"

इन सवालों ने केवल शिक्षा ही नहीं, बल्कि ग्रामीण विकास, स्वास्थ्य सेवाओं और जनसुरक्षा जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों को भी सामने रखा है।

बालिका शिक्षा पर पड़ रहा असर

ग्रामीणों का कहना है कि जर्जर पुल के कारण सबसे अधिक परेशानी छात्राओं और छोटे बच्चों को होती है। बरसात के दिनों में अभिभावक सुरक्षा कारणों से बच्चों को विद्यालय भेजने से हिचकते हैं, जिससे उनकी नियमित पढ़ाई प्रभावित होती है। ग्रामीणों का मानना है कि सुरक्षित पुल केवल आवागमन का साधन नहीं, बल्कि शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और विकास का आधार है।

ग्रामीणों की प्रमुख मांग

ग्रामीणों ने शासन और प्रशासन से मांग की है कि कोकड़ी-खट्टा मार्ग पर जल्द से जल्द एक मजबूत एवं सुरक्षित पुल का निर्माण कराया जाए, ताकि विद्यार्थियों, किसानों, महिलाओं, बुजुर्गों और आम नागरिकों को सुरक्षित आवागमन की सुविधा मिल सके। उनका कहना है कि एक मजबूत पुल पूरे क्षेत्र के सामाजिक और आर्थिक विकास की दिशा में महत्वपूर्ण कदम होगा।

17 अगस्त को आयोजित होने वाला यह जनदर्शन एवं जनपहल कार्यक्रम केवल एक आयोजन नहीं, बल्कि ग्रामीणों की सामूहिक आवाज़ को शासन तक पहुँचाने का प्रयास होगा। स्थानीय नागरिकों को उम्मीद है कि इस पहल के बाद जर्जर पुल की समस्या के समाधान की दिशा में ठोस कदम उठाए जाएंगे।


टूटा पुल बना स्कूली बच्चों की पढ़ाई में बाधा, ग्रामीणों ने जनप्रतिनिधियों पर लगाए उपेक्षा के आरोप

No comments Document Thumbnail

महासमुंद- जिला मुख्यालय से लगभग 35 किलोमीटर दूर स्थित ग्राम खट्टा में प्रधानमंत्री ग्राम सड़क पर बना जर्जर पुल और क्षतिग्रस्त सड़क बरसात के दिनों में स्कूली बच्चों के लिए बड़ी समस्या बन गई है। ग्रामीणों का कहना है कि पुल पर थोड़ी सी बारिश के बाद ही पानी बहने लगता है, जिससे आसपास के छह गांवों के विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है। कई बार बच्चों को स्कूल नहीं पहुंच पाना पड़ता है और दुर्घटना की आशंका भी बनी रहती है।

ग्रामीणों के अनुसार यह पुल खट्टा, कोकड़ी, रखमखेड़ा सहित आसपास के गांवों के विद्यार्थियों के लिए प्रमुख मार्ग है। इसी रास्ते से स्वामी आत्मानंद विद्यालय पटेवा, खट्टा हाई स्कूल, खट्टा प्राथमिक एवं माध्यमिक विद्यालय तथा कोकड़ी शासकीय विद्यालय के छात्र-छात्राएं आवागमन करते हैं।

चेतना विकास मूल्य शिक्षा संचालित अभिभावक विद्यालय, कोकड़ी के शिक्षक गेंदलाल कोकड़िया ने बताया कि बरसात के दौरान पुल के ऊपर पानी बहने लगता है, जिससे छात्र-छात्राओं का स्कूल जाना जोखिम भरा हो जाता है। उन्होंने कहा कि विशेष रूप से बालिकाएं तेज बहाव के बीच पुल पार करने से डरती हैं, जिसके कारण कई बार वे स्कूल नहीं जा पातीं।

ग्रामीणों का यह भी कहना है कि यही मार्ग गर्भवती महिलाओं, बीमार मरीजों और अन्य ग्रामीणों के लिए अस्पताल एवं आवश्यक सेवाओं तक पहुंचने का एकमात्र रास्ता है। पुल पर पानी आने से आपातकालीन परिस्थितियों में भी लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है।

स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया कि ग्राम पंचायत के सरपंच डॉ. राजकमल पटेल तथा जनपद पंचायत अध्यक्ष दिशा रामस्वरूप दीवान का निवास भी इसी गांव में है और उन्हें भी इसी मार्ग से आवागमन करना पड़ता है। ग्रामीणों का दावा है कि लंबे समय से पुल और सड़क की मरम्मत नहीं होने के कारण लोगों में जनप्रतिनिधियों के प्रति नाराजगी बढ़ रही है।

ग्रामीणों ने स्थानीय विधायक, सांसद और संबंधित विभाग से मांग की है कि बरसात समाप्त होने की प्रतीक्षा किए बिना पुल की तत्काल मरम्मत अथवा वैकल्पिक सुरक्षित व्यवस्था की जाए, ताकि बच्चों की पढ़ाई प्रभावित न हो और किसी संभावित दुर्घटना से बचा जा सके।

ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते पुल का निर्माण या मरम्मत नहीं कराई गई तो इसका सबसे अधिक असर स्कूली शिक्षा, विशेषकर बालिका शिक्षा पर पड़ेगा। उनका मानना है कि सुरक्षित आवागमन की सुविधा उपलब्ध कराना बच्चों के शिक्षा के अधिकार को सुनिश्चित करने की दिशा में आवश्यक कदम है।

दिल्ली-एनसीआर में प्रदूषण पर सख्ती: केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव ने हरियाणा सरकार के साथ की समीक्षा बैठक, सर्दियों से पहले तेज़ कार्रवाई के निर्देश

No comments Document Thumbnail

नई दिल्ली- केंद्रीय पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री भूपेंद्र यादव ने आज हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी और राज्य सरकार के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ दिल्ली-एनसीआर में वायु गुणवत्ता सुधार के लिए चल रहे प्रयासों की व्यापक समीक्षा की। बैठक में हरियाणा के पर्यावरण एवं वन मंत्री राव नरबीर सिंह भी मौजूद रहे।

बैठक के दौरान केंद्रीय मंत्री ने कहा कि सर्दियों के मौसम से पहले उपलब्ध समय का पूरा उपयोग मिशन मोड में प्रदूषण नियंत्रण उपायों को लागू करने के लिए किया जाना चाहिए। उन्होंने समयबद्ध कार्रवाई, बेहतर समन्वय और सख्त निगरानी पर विशेष जोर दिया।

सड़कों की धूल और सफाई पर विशेष ध्यान

भूपेंद्र यादव ने सड़कों के दोनों ओर हरियाली विकसित करने, गड्ढों की शीघ्र मरम्मत, फुटपाथ निर्माण और नियमित गहरी सफाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही उन्होंने कहा कि सितंबर तक सभी मैकेनिकल रोड स्वीपिंग मशीनों (MRSM) की तैनाती पूरी कर उन्हें जियो-टैग किया जाए, ताकि सफाई कार्य की रियल-टाइम निगरानी हो सके।

इलेक्ट्रिक वाहनों को मिलेगा बढ़ावा

मंत्री ने एनसीआर के हरियाणा नगर निगम क्षेत्रों में इलेक्ट्रिक बसों की संख्या बढ़ाने पर जोर दिया। साथ ही सात नगर निगम क्षेत्रों में ईवी चार्जिंग स्टेशनों की तेज़ स्थापना के लिए हरियाणा सरकार की सराहना की।

पुराने वाहनों पर सख्ती

बैठक में एंड-ऑफ-लाइफ (EoL) वाहनों को एनसीआर से बाहर स्थानांतरित करने के लिए एनओसी प्रक्रिया तेज़ करने और पुराने प्रदूषण फैलाने वाले वाहनों को हटाकर इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने पर बल दिया गया।

'No PUCC, No Fuel' अभियान होगा सख्त

मंत्री ने सभी पेट्रोल पंपों पर ऑटोमैटिक नंबर प्लेट रिकॉग्निशन (ANPR) कैमरे लगाने के निर्देश दिए, ताकि 'No PUCC, No Fuel' अभियान को प्रभावी ढंग से लागू किया जा सके। साथ ही ट्रैफिक जाम वाले क्षेत्रों की पहचान कर त्वरित समाधान के निर्देश भी दिए।

उद्योगों और कचरा प्रबंधन पर भी जोर

औद्योगिक इकाइयों में ऑनलाइन उत्सर्जन निगरानी प्रणाली (OCEMS) और एयर पॉल्यूशन कंट्रोल डिवाइस (APCDs) जल्द स्थापित करने के निर्देश दिए गए। निर्माण एवं विध्वंस (C&D) कचरे के प्रबंधन, पुराने कचरे के निस्तारण और नगर निगम के ठोस कचरे के 100% संग्रहण पर भी जोर दिया गया।

पराली जलाने पर रोक के लिए विशेष योजना

भूपेंद्र यादव ने पराली जलाने की घटनाओं को रोकने के लिए क्रॉप रेजिड्यू मैनेजमेंट (CRM) मशीनों की उपलब्धता बढ़ाने, किसानों को प्रशिक्षण देने और व्यापक जनजागरूकता अभियान चलाने के निर्देश दिए। उन्होंने जिला प्रशासन से उद्योगों की फसल अवशेष उपयोग क्षमता का सर्वे कराने और मांग-आपूर्ति का बेहतर प्रबंधन सुनिश्चित करने को भी कहा।

बैठक के अंत में केंद्रीय मंत्री ने कहा कि "वायु प्रदूषण की चुनौती का समाधान तभी संभव है, जब सरकार और समाज मिलकर 'Whole of Government' और 'Whole of Society' दृष्टिकोण अपनाएं।" वहीं मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने सभी संबंधित अधिकारियों को तय समय सीमा में आवश्यक कदम उठाने के निर्देश दिए।

सड़क पर केज व्हील वाले ट्रैक्टर दौड़े तो कटेगा चालान

No comments Document Thumbnail

रायपुर- खेतों में जुताई और मिट्टी पलटने के लिए इस्तेमाल होने वाले लोहे के केज व्हील (पिंजरा पहिया) लगे ट्रैक्टर अब सार्वजनिक सड़कों और सीमेंट रोड पर नहीं चल सकेंगे। ऐसे ट्रैक्टर सड़क पर चलते पाए जाने पर परिवहन विभाग मोटरयान अधिनियम के तहत चालानी कार्रवाई करेगा। जिला परिवहन विभाग ने किसानों और ट्रैक्टर संचालकों को इस संबंध में चेतावनी जारी करते हुए नियमों का पालन करने की अपील की है।

परिवहन विभाग के अनुसार छत्तीसगढ़ शासन के निर्देश पर सभी जिला परिवहन अधिकारियों को सार्वजनिक सड़कों पर केज व्हील लगे ट्रैक्टरों का संचालन रोकने और उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।

दरअसल, यह फैसला उच्च न्यायालय, बिलासपुर में दायर एक जनहित याचिका के बाद लिया गया है। याचिका में कहा गया था कि कृषि कार्यों के लिए बनाए गए केज व्हील का उपयोग केवल खेतों तक सीमित होना चाहिए, लेकिन कई स्थानों पर इन्हें सड़कों और राजमार्गों पर भी चलाया जा रहा है। इससे सड़कें क्षतिग्रस्त होती हैं और दुर्घटनाओं का खतरा भी बढ़ जाता है। परिवहन विभाग का कहना है कि सार्वजनिक मार्गों पर ऐसे ट्रैक्टरों का संचालन मोटरयान अधिनियम और प्रचलित नियमों के अनुरूप नहीं है।

परिवहन विभाग ने किसानों से आग्रह किया है कि जुताई या मिट्टी पलटने का कार्य पूरा होने के बाद ट्रैक्टर से केज व्हील हटाकर सामान्य रबर के टायर लगाएं और उसके बाद ही सार्वजनिक सड़कों पर वाहन चलाएं। इससे सड़कें सुरक्षित रहेंगी और हादसों की आशंका भी कम होगी। परिवहन विभाग ने कहा है कि अपील के बावजूद यदि कोई ट्रैक्टर चालक केज व्हील लगे ट्रैक्टर के साथ सार्वजनिक सड़क पर चलता पाया गया, तो उसके विरुद्ध नियमानुसार चालान सहित विधिसम्मत कार्रवाई की जाएगी।

महासमुंद: जर्जर सड़क और पुल से संकट में बच्चों की पढ़ाई, 15 दिन में काम शुरू नहीं हुआ तो कलेक्टर और मुख्यमंत्री से मिलेंगे छात्र-छात्राएं

No comments Document Thumbnail

महासमुंद- महासमुंद जिले की ग्राम पंचायत खट्टा के अंतर्गत स्थित जर्जर सड़क और पुल एक बार फिर चर्चा का विषय बन गए हैं। लगातार बारिश के बीच ग्रामीणों, अभिभावकों और स्कूली बच्चों का कहना है कि यदि जल्द ही सड़क और पुल की मरम्मत या नए ऊंचे पुल का निर्माण नहीं कराया गया, तो क्षेत्र के कई स्कूलों में पढ़ाई प्रभावित हो सकती है।

ग्रामीणों के अनुसार यह पुल वर्षों पुराना है और हर मानसून में क्षतिग्रस्त हो जाता है। उनका कहना है कि तेज बारिश के दौरान पुल के ऊपर से पानी बहने लगता है, जिससे आवागमन पूरी तरह बंद हो जाता है। यह मार्ग पटेवा से महासमुंद जाने का प्रमुख संपर्क मार्ग होने के साथ-साथ कोकड़ी शासकीय विद्यालय, खट्टा प्राथमिक, मिडिल एवं हाई स्कूल तथा रामखेड़ा प्राथमिक और मिडिल स्कूल तक पहुंचने का भी मुख्य रास्ता है।

कोकड़ी शासकीय विद्यालय के शिक्षक गेंदलाल कोकड़िया का कहना है कि यह समस्या नई नहीं, बल्कि कई दशकों से बनी हुई है। उनके अनुसार हर वर्ष बारिश में पुल के ऊपर से पानी बहने के कारण शिक्षक, विद्यार्थी और ग्रामीण जोखिम उठाकर आवागमन करने को मजबूर हो जाते हैं। उनका मानना है कि इस स्थान पर स्थायी समाधान के लिए एक नया और ऊंचा पुल बनाया जाना चाहिए।

स्थानीय लोगों का यह भी कहना है कि पूर्व में इस पुल पर कई दुर्घटनाएं हो चुकी हैं, जिनमें लोगों को गंभीर चोटें आईं। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि किसी बड़ी दुर्घटना से पहले सड़क और पुल का स्थायी समाधान किया जाए।

विद्यालय की शाला प्रबंधन एवं विकास समिति, अभिभावकों और विद्यार्थियों ने जिला प्रशासन से जल्द कार्रवाई की मांग की है। उनका कहना है कि यदि अगले 15 दिनों के भीतर निर्माण कार्य शुरू नहीं हुआ, तो वे सामूहिक रूप से कलेक्टर महासमुंद और छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री से मिलकर अपनी समस्या रखेंगे।

ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया है कि क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों को कई बार समस्या से अवगत कराया गया, लेकिन अब तक कोई ठोस समाधान नहीं निकल पाया है। इस कारण क्षेत्र के लोगों में नाराजगी बढ़ती जा रही है।

ग्रामीणों और विद्यार्थियों की मांग है कि जल्द से जल्द नया, मजबूत और ऊंचा पुल तथा सड़क का निर्माण कराया जाए, ताकि बरसात के दौरान भी बच्चों की पढ़ाई, शिक्षकों का आवागमन और आम लोगों की आवाजाही निर्बाध रूप से जारी रह सके।

राष्ट्रीय राजमार्गों के रखरखाव में तकनीक का बड़ा कदम, एनएचएआई ने शुरू की स्वचालित गड्ढा मरम्मत और यांत्रिक सफाई व्यवस्था

No comments Document Thumbnail

नई दिल्ली- भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण ने राष्ट्रीय राजमार्गों और एक्सप्रेसवे के रखरखाव को अधिक प्रभावी, तेज और गुणवत्तापूर्ण बनाने के लिए कई तकनीक-आधारित पहल शुरू की हैं। इसके तहत शहरी और विकसित क्षेत्रों में ड्रेनेज सिस्टम की यांत्रिक सफाई तथा स्वचालित गड्ढा भराई, कॉम्पैक्टिंग एवं पैचिंग मशीनों और यांत्रिक सड़क सफाई मशीनों के उपयोग संबंधी व्यापक दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं।

इन पहलों का उद्देश्य आधुनिक तकनीकों, निवारक रखरखाव उपायों और अनुबंधीय दायित्वों के सख्त पालन के माध्यम से राष्ट्रीय राजमार्गों के रखरखाव की गुणवत्ता और दक्षता में सुधार करना है। इससे सड़कों की गुणवत्ता बेहतर होगी, टिकाऊपन बढ़ेगा और यात्रियों को अधिक सुरक्षित एवं सुगम यात्रा अनुभव मिलेगा।

मानसून से पहले ड्रेनेज सफाई पर विशेष जोर

आगामी मानसून को ध्यान में रखते हुए एनएचएआई ने राष्ट्रीय राजमार्गों और एक्सप्रेसवे के शहरी क्षेत्रों में लाइनिंग युक्त नालियों की यांत्रिक सफाई अनिवार्य कर दी है। इसके लिए हाई-फ्लो सुपर सक्शन एवं जेटिंग यूनिट, हाइड्रोलिक ग्रैब मशीन और डी-वाटरिंग पंप सेट जैसे उन्नत उपकरणों का उपयोग किया जाएगा।

इन मशीनों की सहायता से जल निकासी, जमी हुई गाद को ढीला करना, कीचड़ का सक्शन तथा भारी मलबे को हटाने जैसे कार्य तेजी और प्रभावी ढंग से किए जा सकेंगे। भविष्य के रखरखाव अनुबंधों में इस व्यवस्था को अनिवार्य प्रावधान के रूप में शामिल किया जाएगा।

स्वचालित गड्ढा मरम्मत मशीनों से होगा त्वरित सुधार

एनएचएआई ने प्रदर्शन-आधारित रखरखाव अनुबंधों (PBMC) के तहत ऑटोमैटिक पॉटहोल फिलिंग, कॉम्पैक्टिंग एवं पैचिंग मशीनों तथा मैकेनाइज्ड रोड स्वीपिंग मशीनों की तैनाती के लिए भी दिशा-निर्देश जारी किए हैं।

इन मशीनों के उपयोग से सड़कों पर गड्ढों की मरम्मत तेज गति से होगी, रखरखाव प्रतिक्रिया समय कम होगा और यात्रियों को होने वाली असुविधा में कमी आएगी। समय पर मरम्मत से सड़कों की संरचनात्मक मजबूती भी बनी रहेगी।

सड़कों की सफाई होगी अधिक प्रभावी

यांत्रिक सड़क सफाई मशीनों के माध्यम से धूल, गाद और अन्य कणों को व्यवस्थित रूप से हटाया जाएगा। इससे राष्ट्रीय राजमार्ग अधिक स्वच्छ रहेंगे, दृश्यता बेहतर होगी, सड़क सुरक्षा बढ़ेगी और धूल प्रदूषण में कमी आएगी।

इन मशीनों को वाराणसी-औरंगाबाद राष्ट्रीय राजमार्ग, हंडिया-राजातालाब राष्ट्रीय राजमार्ग तथा हरियाणा, पंजाब और गुजरात की विभिन्न परियोजनाओं में पहले ही तैनात किया जा चुका है।

एनएचएआई के अनुसार यांत्रिक ड्रेनेज सफाई, स्वचालित गड्ढा मरम्मत और आधुनिक सड़क सफाई तकनीकों को अपनाने से परिचालन दक्षता बढ़ेगी, निवारक रखरखाव को मजबूती मिलेगी और देशभर में राष्ट्रीय राजमार्ग उपयोगकर्ताओं को बेहतर यात्रा अनुभव प्राप्त होगा।

कर्नाटक और केरल के राष्ट्रीय राजमार्गों की गुणवत्ता व रखरखाव की समीक्षा, नितिन गडकरी ने दिए सख्त निर्देश

No comments Document Thumbnail

नितिन गडकरी केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री, ने कर्नाटक और केरल में राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं की गुणवत्ता और रखरखाव की प्रगति की समीक्षा की। यह समीक्षा मीडिया और सोशल मीडिया से प्राप्त फीडबैक के आधार पर की गई।

नई दिल्ली में आयोजित इस बैठक में केंद्रीय राज्य मंत्री हर्ष मल्होत्रा और अजय टम्टा सहित National Highways Authority of India (NHAI), सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय और परियोजना ठेकेदारों के अधिकारी शामिल हुए।

बैठक के दौरान गडकरी ने कर्नाटक में 7,926 किलोमीटर और केरल में 61 परियोजनाओं के तहत 1,513 किलोमीटर राष्ट्रीय राजमार्गों की गुणवत्ता और रखरखाव कार्यों की समीक्षा की।

उन्होंने समय पर कार्य पूर्ण करने, उच्च गुणवत्ता मानकों का पालन करने और आधुनिक तकनीकों को अपनाने पर जोर दिया, ताकि राजमार्ग बुनियादी ढांचा टिकाऊ और प्रभावी बन सके। साथ ही, जमीनी स्तर पर कार्यों में तेजी लाने, गुणवत्ता निगरानी को मजबूत करने और आधुनिक निर्माण पद्धतियों को अपनाने के निर्देश दिए।

केंद्रीय मंत्री ने मानसून से पहले पूरी तैयारी सुनिश्चित करने के सख्त निर्देश दिए। उन्होंने सड़क सुरक्षा, संरचनात्मक मजबूती और यातायात के सुचारू संचालन के लिए निवारक उपायों और मजबूत प्रतिक्रिया प्रणाली की आवश्यकता पर बल दिया।

उन्होंने अधिकारियों को मानसून के लिए अग्रिम योजना बनाने के निर्देश भी दिए, जिसमें जल निकासी प्रबंधन, ढलान संरक्षण उपाय और त्वरित प्रतिक्रिया तंत्र स्थापित करना शामिल है, ताकि बाधाओं को कम किया जा सके और यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके।

सड़क सुरक्षा पर जोर: हर्ष मल्होत्रा ने कहा—यह सिर्फ अभियान नहीं, राष्ट्रीय आंदोलन

No comments Document Thumbnail

नई दिल्ली- सड़क परिवहन एवं राजमार्ग तथा कॉरपोरेट मामलों के राज्य मंत्री हर्ष मल्होत्रा ने कहा कि सड़क सुरक्षा जागरूकता अभियान केवल औपचारिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि देशभर में जिम्मेदार सड़क उपयोग की संस्कृति विकसित करने के लिए एक व्यापक राष्ट्रीय आंदोलन का हिस्सा हैं।

उन्होंने यह बात PHD चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री (PHDCCI) द्वारा आयोजित ‘उत्तराखंड एडवेंचर राइड’ के तीसरे संस्करण को हरी झंडी दिखाते हुए कही। इस दौरान उन्होंने सड़क सुरक्षा को मजबूत करने और जिम्मेदार ड्राइविंग व्यवहार को बढ़ावा देने के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई।

मंत्री मल्होत्रा ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व और केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी के मार्गदर्शन में भारत ने सड़क अवसंरचना के विस्तार और आधुनिकीकरण में उल्लेखनीय प्रगति की है। हालांकि, उन्होंने स्पष्ट किया कि सड़क सुरक्षा सुनिश्चित करना अंततः नागरिकों की सामूहिक जिम्मेदारी है।

उन्होंने PHDCCI की सराहना करते हुए कहा कि ‘उत्तराखंड एडवेंचर राइड’ जैसे कार्यक्रम रोमांचक पर्यटन और जन-जागरूकता का प्रभावी संयोजन हैं, जो समाज के विभिन्न वर्गों तक सड़क सुरक्षा का संदेश पहुंचाते हैं।

मंत्री ने बताया कि भारत में हर साल लगभग 1.8 लाख लोगों की मौत सड़क दुर्घटनाओं में होती है, जिनमें करीब 45% मामले दोपहिया वाहनों से जुड़े होते हैं। उन्होंने विशेष रूप से युवाओं से अपील की कि वे सड़क सुरक्षा के दूत बनें और जिम्मेदार व्यवहार का उदाहरण प्रस्तुत करें।

सरकार की रणनीति पर प्रकाश डालते हुए उन्होंने ‘4E’ मॉडल—इंजीनियरिंग, प्रवर्तन (Enforcement), शिक्षा और आपातकालीन देखभाल—को सड़क सुरक्षा का आधार बताया। उन्होंने दुर्घटना-प्रवण क्षेत्रों (ब्लैक स्पॉट्स) में सुधार, मोटर वाहन (संशोधन) अधिनियम 2019 के तहत सख्त नियमों और बेहतर आपातकालीन सेवाओं का उल्लेख किया।

उन्होंने ‘पीएम राहत योजना’ और ‘राह-वीर योजना’ जैसी पहलों का भी जिक्र किया, जो दुर्घटना पीड़ितों को समय पर सहायता प्रदान करने को प्रोत्साहित करती हैं।

मंत्री मल्होत्रा ने युवाओं की भागीदारी को महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि जागरूकता कार्यक्रमों और संवाद के माध्यम से उनमें जिम्मेदार ड्राइविंग की आदत विकसित की जा रही है।

उन्होंने लोगों से हेलमेट न पहनना, तेज गति से वाहन चलाना, ड्राइविंग के दौरान मोबाइल का उपयोग करना और नाबालिगों द्वारा वाहन चलाने जैसी खतरनाक आदतों से बचने की अपील की।

सुरक्षा के महत्व को रेखांकित करते हुए उन्होंने कहा:
“हेलमेट विकल्प नहीं, सुरक्षा है।”
“गति शक्ति नहीं, जोखिम है।”
“जीवन अनमोल है—सुरक्षा से बढ़कर कोई कॉल नहीं।”

उन्होंने बताया कि AI आधारित ट्रैफिक मॉनिटरिंग, इंटेलिजेंट ट्रांसपोर्ट सिस्टम (ITS) और FASTag जैसी तकनीकों से सड़क सुरक्षा को बेहतर बनाया जा रहा है, लेकिन इसके साथ जिम्मेदार मानव व्यवहार भी उतना ही जरूरी है।

इस कार्यक्रम में सशस्त्र बलों, सरकारी विभागों, कॉरपोरेट और मोटरसाइकिल समुदाय के 40 राइडर्स ने भाग लिया। मंत्री ने इसे सामूहिक प्रयास का प्रतीक बताते हुए सराहा।

अंत में, मंत्री मल्होत्रा ने सभी नागरिकों से यातायात नियमों का पालन करने, जिम्मेदार ड्राइविंग अपनाने और समाज में जागरूकता फैलाने का संकल्प लेने की अपील की। उन्होंने कहा कि सड़क सुरक्षा एक साझा जिम्मेदारी है, जिसे सरकार, संस्थाओं और नागरिकों को मिलकर निभाना होगा।

प्रधानमंत्री मोदी ने मथुरा यमुना एक्सप्रेसवे दुर्घटना में मृतकों के परिजनों के लिए अनुग्रह राशि की घोषणा की

No comments Document Thumbnail

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उत्तर प्रदेश के मथुरा में यमुना एक्सप्रेसवे पर दुर्घटना में हुई जान-माल की हानि पर गहरा दुख व्यक्त किया।मोदी ने दुर्घटना में घायल हुए लोगों के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की कामना भी की।

प्रधानमंत्री ने घोषणा की कि प्रत्येक मृतक के परिजनों को प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष (PMNRF) से 2 लाख रुपये का अनुग्रह राशि दी जाएगी। घायल व्यक्तियों को 50,000 रुपये दिए जाएंगे।

प्रधानमंत्री कार्यालय ने X (पूर्व ट्विटर) पर लिखा:

“उत्तर प्रदेश के मथुरा में यमुना एक्सप्रेसवे पर दुर्घटना में हुई जान-माल की हानि अत्यंत दुखद है। मेरे विचार उन लोगों के साथ हैं जिन्होंने अपने प्रियजनों को खोया है। मैं घायल लोगों के शीघ्र स्वस्थ होने की प्रार्थना करता हूँ।

PMNRF से प्रत्येक मृतक के परिजनों को 2 लाख रुपये का अनुग्रह राशि दी जाएगी। घायल व्यक्तियों को 50,000 रुपये दिए जाएंगे

राष्ट्रीय राजमार्गों पर सुरक्षित यात्रा के लिए NHAI और रिलायंस जियो ने किया समझौता

No comments Document Thumbnail

राष्ट्रीय राजमार्गों पर यात्रियों की सुरक्षा बढ़ाने और सहज यात्रा अनुभव सुनिश्चित करने के लिए, राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) ने रिलायंस जियो के साथ एक समझौता (MoU) किया है। इस साझेदारी के तहत, जियो के मौजूदा 4G और 5G नेटवर्क का उपयोग कर राष्ट्रीय राजमार्गों पर यात्रियों को मोबाइल पर अग्रिम चेतावनी दी जाएगी। यह सिस्टम उन क्षेत्रों के लिए काम करेगा, जिन्हें दुर्घटना-संवेदनशील क्षेत्र, आवारा पशु क्षेत्र, धुंध प्रभावित इलाके और आपातकालीन मार्ग परिवर्तनों के रूप में चिन्हित किया गया है।

उद्देश्य और लाभ

यह पहल सड़क सुरक्षा को मजबूत करने और यात्रियों को समय पर जानकारी देने का प्रयास है, ताकि वे अपनी गति और ड्राइविंग व्यवहार को पहले से समायोजित कर सकें। चेतावनियाँ SMS, WhatsApp और उच्च प्राथमिकता वाले कॉल के माध्यम से दी जाएंगी। यह प्रणाली NHAI के डिजिटल प्लेटफॉर्म्स जैसे कि ‘राजमार्गयात्रा’ मोबाइल एप्लिकेशन और आपातकालीन हेल्पलाइन 1033 के साथ चरणबद्ध रूप से एकीकृत की जाएगी।

प्रणाली की विशेषताएँ

  • यह स्वचालित प्रणाली सभी जियो मोबाइल उपयोगकर्ताओं के लिए कार्य करेगी, जो राष्ट्रीय राजमार्गों पर या उसके पास हैं।

  • यात्रियों को खतरनाक क्षेत्र में प्रवेश करने से पहले पूर्व चेतावनी प्रदान की जाएगी।

  • मौजूदा टेलिकॉम टावरों का उपयोग किया जाएगा, जिससे अतिरिक्त सड़क किनारे हार्डवेयर की आवश्यकता नहीं होगी।

  • इस साझेदारी के तहत जियो के डिजिटल नेटवर्क का लाभ उठाकर देश के 500 मिलियन से अधिक ग्राहकों तक समय पर सुरक्षा संदेश पहुँचाए जाएंगे।

प्रमुख बयानों से

NHAI के अध्यक्ष संतोष कुमार यादव ने कहा, “यह पहल यात्रियों को समय पर और विश्वसनीय जानकारी प्रदान करने में महत्वपूर्ण कदम है। इससे यात्रियों को सुरक्षित ड्राइविंग व्यवहार अपनाने में मदद मिलेगी। मुझे विश्वास है कि यह पहल राष्ट्रीय राजमार्गों पर तकनीक-सक्षम सड़क सुरक्षा के नए मानक स्थापित करेगी।”

रिलायंस जियो के अध्यक्ष ज्योतिंद्र ठाक्कर ने कहा कि इस पहल के तहत जियो के नेटवर्क के माध्यम से बड़े पैमाने पर समय पर सुरक्षा चेतावनी दी जाएगी, जिससे यात्रियों की जागरूकता बढ़ेगी और यात्रा अधिक सुरक्षित होगी।

भविष्य की योजना

प्रारंभिक पायलट डिप्लॉयमेंट कुछ क्षेत्रीय कार्यालयों में जोखिम क्षेत्र की पहचान और चेतावनी सीमा के तहत लागू की जाएगी। NHAI सभी नियामक प्रावधानों और डेटा सुरक्षा आवश्यकताओं का पूरी तरह पालन करेगा। भविष्य में NHAI अन्य टेलिकॉम सेवा प्रदाताओं के साथ भी इस तरह की पहल करेगा।

यह पहल डिजिटल अवसंरचना और वास्तविक समय संचार उपकरणों के संयोजन से यात्री जागरूकता बढ़ाने और दुर्घटनाओं को कम करने में मदद करेगी। NHAI देशभर में सुरक्षित, स्मार्ट और कुशल राष्ट्रीय राजमार्ग यात्रा सुनिश्चित करने के लिए नवाचारपूर्ण और पैमाने योग्य समाधान अपनाने के लिए प्रतिबद्ध है।

पूर्वी दिल्ली में भव्य “नमो रन”: सड़क सुरक्षा और फिटनेस के संदेश के साथ 6000 से अधिक प्रतिभागियों की भागीदारी

No comments Document Thumbnail

कॉर्पोरेट कार्य तथा सड़क परिवहन एवं राजमार्ग राज्य मंत्री हर्ष मल्होत्रा ने सांसद खेल महोत्सव 2025 – पूर्वी दिल्ली के तहत यमुना स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स, सूरजमल विहार में रोड सेफ़्टी थीम पर आधारित नमो रन का आयोजन किया। इस अवसर पर मुख्य अतिथि दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने हज़ारों प्रतिभागियों की मौजूदगी में नमो रन को फ़्लैग ऑफ किया। इस आयोजन में 6000 से अधिक प्रतिभागियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।

नमो रन का मुख्य उद्देश्य सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूकता फैलाना, ज़िम्मेदार सड़क व्यवहार को बढ़ावा देना और समाज में फिटनेस व स्वास्थ्य के प्रति सकारात्मक माहौल बनाना था। स्कूल के बच्चों से लेकर वरिष्ठ नागरिकों तक सभी आयु वर्ग के लोगों ने बड़ी ऊर्जा और जोश से इस रन में भाग लिया।

PM मोदी के विज़न के अनुरूप एक पहल

हर्ष मल्होत्रा ने कहा कि नमो रन, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी की युवाओं के प्रति दूरदर्शी सोच के अनुरूप है। मोदी जी का मानना है कि भारत का युवा ही देश को Viksit Bharat @2047 के लक्ष्य तक पहुंचाएगा।

उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री लगातार फिटनेस, खेल और स्वस्थ जीवनशैली को बढ़ावा देते रहे हैं। नमो रन इसी संदेश को मजबूत करता है और भारत में खेलों के लिए एक प्रोत्साहनकारी, सहभागी और उत्कृष्टता आधारित इकोसिस्टम तैयार करने में सहायक है।

फिटनेस, सड़क सुरक्षा और सामुदायिक एकता का संगम

मल्होत्रा ने कहा कि नमो रन ने फिटनेस प्रेमियों, खेल प्रेमियों, समुदाय के नेताओं और आम नागरिकों को एक मंच पर लाकर एक सकारात्मक संदेश दिया है। प्रतिभागियों का उत्साह न केवल सड़क सुरक्षा को बढ़ावा देता है, बल्कि समाज में खेल और स्वस्थ जीवनशैली के महत्व को भी दर्शाता है।

उन्होंने यह भी कहा कि प्रतिभागियों की ऊर्जा और समर्पण ने उन्हें भविष्य में ऐसे और कार्यक्रम आयोजित करने के लिए प्रेरित किया है।

मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता और अन्य गणमान्यों की सहभागिता

दिल्ली की मुख्यमंत्री एवं युवा मामले एवं खेल मंत्री, पूर्वी दिल्ली के विधायक एवं अन्य गणमान्य व्यक्तियों ने भी इस कार्यक्रम में भाग लेकर FIT India आंदोलन का समर्थन किया।

मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने अपने संबोधन में फिटनेस और सड़क सुरक्षा की अहमियत पर जोर देते हुए प्रतिभागियों से यातायात नियमों का पालन करने और स्वस्थ जीवनशैली अपनाने की अपील की। उन्होंने खेल एवं फिटनेस को बढ़ावा देने के लिए सरकार की विभिन्न पहलों पर भी प्रकाश डाला।

भविष्य के लिए प्रेरणादायी संदेश

हर्ष मल्होत्रा ने सभी प्रतिभागियों, गणमान्यों और स्वयंसेवकों का धन्यवाद करते हुए कहा कि नमो रन ने यह सिद्ध किया है कि जब समाज एक लक्ष्य के लिए एकजुट होता है तो सकारात्मक बदलाव संभव होते हैं।

उन्होंने यह भी कहा कि मोदी सरकार खेलों को बढ़ावा देने के लिए प्रतिबद्ध है और ऐसे आयोजन भारत को एक स्पोर्ट्स पावरहाउस बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।

नमो रन की सफलता दर्शाती है कि भारत में फिटनेस और खेलों का भविष्य अत्यंत उज्ज्वल है।


मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने स्वयं बाइक चलाकर युवाओं को दिया सुरक्षित ड्राइविंग का संदेश

No comments Document Thumbnail

रजत जयंती वर्ष के अवसर पर रायपुर में होगा एमआरएफ नेशनल सुपरक्रॉस चैम्पियनशिप 2025 का भव्य आयोजन

रायपुर- छत्तीसगढ़ राज्य स्थापना की रजत जयंती वर्ष के अवसर पर राजधानी रायपुर का बूढ़ापारा आउटडोर स्टेडियम आगामी 8 और 9 नवम्बर को रफ्तार, रोमांच और युवाओं के उत्साह का मंच बनेगा। रजत जयंती समारोह की श्रृंखला में आयोजित यह विशेष कार्यक्रम छत्तीसगढ़ की नई ऊर्जा, नवाचार भावना और युवा सामर्थ्य का प्रतीक होगा।

छत्तीसगढ़ मोटर स्पोर्ट्स एसोसिएशन द्वारा आयोजित एमआरएफ नेशनल सुपरक्रॉस बाइक रेसिंग चैम्पियनशिप 2025 का यह भव्य आयोजन न केवल रोमांचक मोटर स्पोर्ट्स को बढ़ावा देगा, बल्कि युवाओं को सुरक्षित ड्राइविंग, हेलमेट पहनने और सड़क पर रेसिंग से बचने जैसे सामाजिक संदेश देने का भी माध्यम बनेगा।

कार्यक्रम से पूर्व आज मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने स्वयं बाइक चलाकर युवाओं को “सेफ ड्राइविंग” का संदेश दिया। उन्होंने आगामी 8-9 नवंबर को आयोजित नेशनल सुपरक्रॉस बाइक रेसिंग चैंपियनशिप के सफल आयोजन के लिए अपनी  शुभकामनाएं देते हुए कहा, "युवाओं में अपार ऊर्जा है, और उस ऊर्जा को सही दिशा देना हम सबकी सामूहिक जिम्मेदारी है।" मुख्यमंत्री श्री साय ने युवाओं को सेफ ड्राइविंग का संदेश देते हुए कहा कि जीवन अनमोल है इसीलिए दुपहिया चलाते समय हमेशा हेलमेट पहने और ट्रैफिक नियमों का पालन करें ।सड़क पर रेसिंग बिल्कुल ना करें।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि रजत जयंती वर्ष छत्तीसगढ़ की उपलब्धियों का उत्सव मनाने के साथ ही नई पीढ़ी में अनुशासन, जिम्मेदारी और सकारात्मक ऊर्जा का संचार करने का भी अवसर है। उन्होंने कहा कि हम चाहते हैं कि छत्तीसगढ़ का युवा केवल गति से नहीं, बल्कि संयम और संकल्प से पहचाना जाए।

छत्तीसगढ़ मोटर स्पोर्ट्स एसोसिएशन के अध्यक्ष उज्जवल दीपक ने बताया कि यह आयोजन राष्ट्रीय स्तर पर युवाओं को सकारात्मक दिशा देने का प्रयास है। उन्होंने कहा,"हम चाहते हैं कि रफ्तार जुनून बने, जोखिम नहीं — यही इस चैम्पियनशिप की असली सोच है।”

इस आयोजन की सबसे खास बात यह है कि रेसिंग सड़क पर नहीं, बल्कि विशेष रूप से निर्मित सुरक्षित रेसिंग ट्रैक पर होगी, जहाँ सभी सुरक्षा मानकों का पूर्ण पालन किया जाएगा।

उल्लेखनीय है कि इस दो दिवसीय सुपरक्रॉस चैम्पियनशिप में देश के शीर्ष राइडर्स हिस्सा लेंगे। एमआरएफ के सहयोग से आयोजित यह प्रतियोगिता छत्तीसगढ़ को देश के मोटर स्पोर्ट्स मानचित्र पर एक नई और सम्मानजनक पहचान दिलाने जा रही है।

दिल्ली में 'UDGAAR 2025' कार्यक्रम के लिए यातायात प्रतिबंध लागू

No comments Document Thumbnail

दिल्ली में इंदिरा गांधी इंडोर स्टेडियम के आसपास आयोजित होने वाले 'UDGAAR 2025' कार्यक्रम को देखते हुए प्रशासन ने यातायात को नियंत्रित करने के लिए विशेष कदम उठाए हैं।

शहर यातायात पुलिस ने जानकारी दी कि सुबह 6 बजे से शाम 7 बजे तक प्रमुख सड़कों पर यातायात डायवर्जन और पार्किंग प्रतिबंध लागू किए गए हैं। इस दौरान जनता से अनुरोध किया गया है कि वे वैकल्पिक मार्गों का उपयोग करें और क्षेत्र में आने-जाने से बचें, ताकि कार्यक्रम सुचारू रूप से संपन्न हो सके।

पुलिस अधिकारियों ने यह भी चेतावनी दी है कि नियमों का पालन न करने वाले वाहन चालकों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा सकती है

Don't Miss
© Media24Media | All Rights Reserved | Infowt Information Web Technologies.