Media24Media.com: ईरान के संसदीय अध्यक्ष मोहम्मद बाघेर ग़ालिबाफ भारत आएंगे, BRICS संसदीय मंच में लेंगे हिस्सा

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ईरान के संसदीय अध्यक्ष मोहम्मद बाघेर ग़ालिबाफ भारत आएंगे, BRICS संसदीय मंच में लेंगे हिस्सा

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ईरान की संसद के अध्यक्ष मोहम्मद बाघेर ग़ालिबाफ (Mohammad Bagher Ghalibaf) के 26 अक्टूबर 2026 से भारत में शुरू होने वाले दो दिवसीय 12वें BRICS संसदीय मंच में शामिल होने की उम्मीद है। यह सम्मेलन 26 और 27 अक्टूबर को नई दिल्ली स्थित संसद परिसर के संविधान सदन के केंद्रीय कक्ष में आयोजित होगा।

BRICS संसदीय मंच क्या है?

BRICS संसदीय मंच एक अंतरराष्ट्रीय बैठक है, जिसमें सदस्य और साझेदार देशों के संसदीय नेता अपने देशों की संसदों के बीच सहयोग, वैश्विक चुनौतियों और विकास से जुड़े मुद्दों पर विचार-विमर्श करते हैं।

इस बार सम्मेलन की मुख्य थीम “Fostering Parliaments for People-Centric Development” यानी जन-केंद्रित विकास के लिए संसदों को सशक्त बनाना है।

सम्मेलन में किन मुद्दों पर चर्चा होगी?

भारत की लोकसभा के अध्यक्ष ओम बिरला के अनुसार, सम्मेलन में चार प्रमुख विषयों पर चर्चा होगी।

  • संस्थागत मजबूती: संसदों की कार्यक्षमता, जवाबदेही और लोकतांत्रिक संस्थाओं को मजबूत करना।

  • AI और डिजिटल तकनीक: आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का जिम्मेदारी से इस्तेमाल और डिजिटल बदलाव।

  • वैश्विक शासन में सुधार: अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं में अधिक प्रतिनिधित्व और संसदीय सहयोग।

  • सतत विकास: पर्यावरण संरक्षण, समावेशी विकास और भविष्य की चुनौतियों से निपटना।

सम्मेलन में द्विपक्षीय बैठकें और संसदीय प्रतिनिधिमंडलों के बीच बातचीत भी होगी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कार्यक्रम में शामिल होने और विदेशी प्रतिनिधिमंडलों के नेताओं से संवाद करने की जानकारी भी दी गई है।

ईरान के अध्यक्ष की यात्रा क्यों महत्वपूर्ण है?

ग़ालिबाफ की यात्रा ऐसे समय में हो रही है, जब पश्चिम एशिया में तनाव और ईरान से जुड़े क्षेत्रीय सुरक्षा मुद्दे अंतरराष्ट्रीय चर्चा में हैं।

  • ईरान-अमेरिका संबंध: ग़ालिबाफ ईरान की ओर से अमेरिका और इज़राइल से जुड़े संघर्ष संबंधी वार्ताओं में एक प्रमुख भूमिका निभा रहे हैं।

  • होर्मुज़ जलडमरूमध्य: यह समुद्री मार्ग वैश्विक तेल और ऊर्जा आपूर्ति के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। इससे जुड़े तनाव का असर अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा बाजारों पर पड़ सकता है।

  • भारत-ईरान संवाद: BRICS सम्मेलन दोनों देशों के संसदीय प्रतिनिधियों को साझा मुद्दों पर बातचीत का अवसर प्रदान कर सकता है। हालांकि, किसी विशिष्ट द्विपक्षीय समझौते की घोषणा की पुष्टि अभी नहीं हुई है।

भारत को क्या फायदा हो सकता है?

इस यात्रा से भारत को बहुपक्षीय मंच पर ईरान सहित अन्य देशों के प्रतिनिधियों के साथ संवाद बढ़ाने का अवसर मिल सकता है। संभावित रूप से चर्चा के प्रमुख क्षेत्र होंगे:

  • क्षेत्रीय शांति और सुरक्षा।

  • ऊर्जा आपूर्ति और समुद्री व्यापार।

  • संसदीय कूटनीति और अंतरराष्ट्रीय सहयोग।

  • डिजिटल तकनीक, AI और वैश्विक संस्थाओं में सुधार।

ये संभावित सहयोग के क्षेत्र हैं; इन्हें किसी घोषित समझौते या अंतिम निर्णय के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए।

सम्मेलन कब और कहाँ होगा?

तारीख- 26–27 अक्टूबर 2026

स्थान- संविधान सदन का केंद्रीय कक्ष, नई दिल्ली

मेजबान- भारत की संसद; लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला सम्मेलन की अध्यक्षता करेंगे।


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