Media24Media.com: बस्तर दशहरा 2026: पर्यटकों की बढ़ी आवाजाही, सुरक्षा के लिए 400 जवान तैनात

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बस्तर दशहरा 2026: पर्यटकों की बढ़ी आवाजाही, सुरक्षा के लिए 400 जवान तैनात

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छत्तीसगढ़ के बस्तर में विश्वप्रसिद्ध बस्तर दशहरा उत्सव के दौरान श्रद्धालुओं और पर्यटकों की आवाजाही को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। उपलब्ध समाचार रिपोर्ट के अनुसार, उत्सव के दौरान लगभग 400 जवानों की तैनाती और 15 से अधिक स्थानों पर पुलिस निगरानी की व्यवस्था की जानकारी सामने आई है।

बस्तर दशहरा अपनी अनूठी आदिवासी परंपराओं, मां दंतेश्वरी की आराधना और पारंपरिक रस्मों के लिए जाना जाता है। यह सामान्य दशहरा उत्सव से अलग है और इसकी धार्मिक-सांस्कृतिक परंपराएं लंबे समय तक चलती हैं।

सुरक्षा व्यवस्था में क्या-क्या इंतजाम किए गए हैं?

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 रिपोर्ट के अनुसार, बस्तर के पुलिस अधीक्षक शलभ कुमार सिन्हा ने सुरक्षा व्यवस्था के संबंध में जानकारी दी। प्रमुख इंतजाम इस प्रकार हैं:
  • करीब 400 पुलिस जवान: भीड़ प्रबंधन, सुरक्षा और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए।

  • 15 से अधिक फिक्स्ड पुलिस पॉइंट: शहर के प्रमुख स्थानों और महत्वपूर्ण मार्गों पर निगरानी के लिए।

  • CCTV निगरानी: भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में गतिविधियों पर नजर रखने के लिए।

  • प्रमुख मार्गों पर सुरक्षा: ओडिशा, महाराष्ट्र, तेलंगाना और रायपुर की ओर जाने वाले रास्तों पर भी पुलिस की तैनाती की जानकारी दी गई है।

इन व्यवस्थाओं का उद्देश्य श्रद्धालुओं, स्थानीय निवासियों और बाहर से आने वाले पर्यटकों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है।

बस्तर दशहरा की सुरक्षा में 24 घंटे पुलिस की निगरानी

पुलिस के मुताबिक, दशहरा उत्सव की प्रमुख रस्मों और भीड़भाड़ वाले स्थानों पर जवान तैनात रहेंगे। लगभग 400 जवानों की ड्यूटी की व्यवस्था की गई है, जबकि 15 से अधिक फिक्स्ड पॉइंट पर 100 से ज्यादा पुलिसकर्मियों की तैनाती की जानकारी दी गई है।

सुरक्षा व्यवस्था में शामिल प्रमुख उपाय:

  • 24 घंटे ड्यूटी: भीड़ और कानून-व्यवस्था की निगरानी।

  • CCTV और कंट्रोल रूम: प्रमुख आयोजन स्थलों की गतिविधियों पर नजर।

  • पुलिस सहायता केंद्र: स्थानीय लोगों और पर्यटकों को जरूरत पड़ने पर सहायता।

  • अतिरिक्त बल: भीड़ बढ़ने या किसी आपात स्थिति में जरूरत के अनुसार और जवान तैनात करने की योजना।

पुलिस का उद्देश्य उत्सव के दौरान किसी भी अप्रिय घटना को रोकना और धार्मिक-सांस्कृतिक आयोजन शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराना है।

जगदलपुर में ट्रैफिक एडवाइजरी भी जारी

Chhattisgarh: Home Minister Amit Shah to attend Bastar Dussehra
10 अक्टूबर को जगदलपुर पुलिस प्रशासन ने बस्तर दशहरा के दौरान श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए यातायात संबंधी एडवाइजरी जारी की। इसका उद्देश्य मां दंतेश्वरी मंदिर और आसपास के क्षेत्रों में आवागमन सुचारु रखना है।

उत्सव में शामिल होने वाले लोगों के लिए जरूरी बातें:

  1. मंदिर और आयोजन स्थलों के पास पुलिस के निर्देशों का पालन करें।

  2. जहां यातायात प्रतिबंध या डायवर्जन लागू हो, वहां वैकल्पिक मार्ग अपनाएं।

  3. वाहन निर्धारित पार्किंग स्थानों पर ही खड़े करें।

  4. भीड़ के बीच बच्चों और बुजुर्गों का विशेष ध्यान रखें।

  5. किसी संदिग्ध वस्तु या आपात स्थिति की जानकारी तुरंत पुलिस को दें।

बस्तर दशहरा क्यों है खास?

Bastar Dussehra 2025: The Festival Without a Ravana Dahan | Outlook India
बस्तर दशहरा देश के अनूठे सांस्कृतिक उत्सवों में शामिल है। इसकी परंपरा लगभग 600 साल पुरानी मानी जाती है और यह करीब 75 दिनों तक चलता है। इसका मुख्य केंद्र जगदलपुर है।

इस उत्सव की कुछ प्रमुख विशेषताएं:

  • मां दंतेश्वरी की आराधना इसका केंद्रीय धार्मिक पक्ष है।

  • आदिवासी समाज की परंपराएं और सामुदायिक भागीदारी इसकी पहचान हैं।

  • पारंपरिक रस्मों, रथ यात्रा और स्थानीय रीति-रिवाजों का विशेष महत्व है।

  • यह सामान्य दशहरे की तरह रावण दहन पर केंद्रित नहीं है।

भारत सरकार के पर्यटन पोर्टल के अनुसार, 2026 में बस्तर दशहरा की शुरुआत 12 अगस्त को पाट जात्रा से हुई और इसका मुख्य दशहरा चरण 18 से 22 अक्टूबर के बीच निर्धारित है।

पर्यटकों और स्थानीय लोगों के लिए इसका क्या मतलब है?

बढ़ी हुई सुरक्षा व्यवस्था से लोगों को आयोजन स्थलों तक पहुंचने, भीड़ के प्रबंधन और जरूरत पड़ने पर पुलिस सहायता मिलने में मदद मिल सकती है। हालांकि, अधिक भीड़ के कारण कुछ क्षेत्रों में यात्रा का समय बढ़ सकता है।

दूसरे राज्यों से आने वाले पर्यटक अपनी यात्रा की योजना पहले बनाएं, ठहरने की व्यवस्था सुनिश्चित करें और मंदिर या रथ यात्रा के आसपास पुलिस द्वारा निर्धारित मार्गों का पालन करें।


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