Media24Media.com: बालोद एसिड अटैक मामले में आरोपियों के खिलाफ फूटा छात्रों का आक्रोश, कोर्ट ले जाते समय जमकर विरोध

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बालोद एसिड अटैक मामले में आरोपियों के खिलाफ फूटा छात्रों का आक्रोश, कोर्ट ले जाते समय जमकर विरोध

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आरोपियों को पैदल कोर्ट ले गई पुलिस, छात्रों ने स्याही और जला हुआ ऑयल फेंका; फांसी की मांग को लेकर की नारेबाजी

बालोद- जिले में 22 वर्षीय छात्रा पर हुए एसिड अटैक की घटना के बाद लोगों में भारी आक्रोश देखने को मिल रहा है। मंगलवार को मामले में गिरफ्तार दोनों आरोपियों को पुलिस कड़ी सुरक्षा के बीच न्यायालय में पेश करने पहुंची, जहां बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं और स्थानीय लोगों ने आरोपियों के खिलाफ जमकर विरोध प्रदर्शन किया।

पुलिस के अनुसार, दोनों आरोपियों को न्यायालय में पेश करने से पहले उनका मुंडन कराया गया और इसके बाद उन्हें दल्लीराजहरा चौक से पैदल कोर्ट तक ले जाया गया। जैसे ही आरोपी घड़ी चौक के पास पहुंचे, वहां मौजूद छात्रों और लोगों ने उनके खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी। प्रदर्शनकारियों ने आरोपियों को कड़ी सजा देने और फांसी देने की मांग की।

छात्रों ने फेंकी स्याही और जला हुआ ऑयल

कोर्ट ले जाने के दौरान स्थिति उस समय तनावपूर्ण हो गई, जब आक्रोशित छात्रों और लोगों ने आरोपियों पर स्याही और जला हुआ ऑयल फेंक दिया। कुछ लोगों ने आरोपियों के साथ मारपीट करने की कोशिश भी की, जिसके बाद पुलिस ने तत्काल सुरक्षा घेरा बनाकर भीड़ को पीछे हटाया।

स्थिति को देखते हुए पुलिस ने कोर्ट परिसर में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी थी। बड़ी संख्या में पुलिस जवानों की तैनाती की गई थी, ताकि किसी तरह की अप्रिय स्थिति को रोका जा सके।

लाइब्रेरी से लौट रही छात्रा पर हुआ था हमला

पुलिस के मुताबिक, घटना 5 अक्टूबर 2026 को बालोद शहर की सिंचाई कॉलोनी क्षेत्र में हुई थी। छात्रा लाइब्रेरी से अपने घर लौट रही थी, तभी उस पर एसिड फेंक दिया गया। हमले में छात्रा गंभीर रूप से घायल हुई, जिसके बाद उसे उपचार के लिए अस्पताल ले जाया गया और बाद में रायपुर के डीकेएस अस्पताल रेफर किया गया।

पुलिस ने मामले की जांच के दौरान सीसीटीवी फुटेज और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर दो आरोपियों को गिरफ्तार किया। पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार आरोपियों की पहचान यश कुमार सोनकर और करण कुंजाम के रूप में हुई है। पुलिस का दावा है कि घटना के पीछे युवती से जुड़ा कथित प्रेम प्रसंग, शादी से इनकार और दूसरे युवक से बातचीत को लेकर पैदा हुआ विवाद था।

पुलिस ने आठ घंटे में आरोपियों तक पहुंचने का दावा किया

पुलिस के मुताबिक, घटना के बाद जांच टीम ने तत्काल सीसीटीवी फुटेज और तकनीकी साक्ष्यों की जांच शुरू की। पूछताछ के आधार पर पुलिस पहले एक आरोपी तक पहुंची और उसकी निशानदेही पर दूसरे आरोपी को भी गिरफ्तार किया गया।

पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से घटना में इस्तेमाल किए गए एसिड और वारदात के समय पहने गए कपड़े जब्त करने की बात कही है। साथ ही पुलिस टीम ने घटनास्थल पर ले जाकर घटना का रिक्रिएशन भी कराया।

कोर्ट परिसर में भारी पुलिस बल तैनात

आरोपियों के खिलाफ छात्रों और स्थानीय लोगों के आक्रोश को देखते हुए न्यायालय परिसर को सुरक्षा घेरे में रखा गया। पुलिस ने दोनों आरोपियों को भीड़ से सुरक्षित रखते हुए न्यायालय में पेश किया।

कोर्ट की कार्रवाई के बाद जब आरोपियों को बाहर निकाला गया तो सुरक्षा के मद्देनजर उन्हें हेलमेट पहनाकर पुलिस वाहन तक ले जाया गया। पुलिस को आशंका थी कि आक्रोशित भीड़ आरोपियों पर हमला कर सकती है। इसके बाद दोनों आरोपियों को जेल भेज दिया गया।

अधिवक्ताओं ने भी जताया आक्रोश

मामले को लेकर बालोद जिला अधिवक्ता संघ की ओर से भी कड़ा रुख सामने आया है। रिपोर्टों के अनुसार, अधिवक्ता संघ ने आरोपियों की पैरवी नहीं करने की बात कही है। मामले को लेकर अधिवक्ताओं की बैठक भी प्रस्तावित बताई गई है।

एसिड की बिक्री और निगरानी पर भी उठे सवाल

घटना के बाद एसिड की बिक्री और उसके इस्तेमाल पर निगरानी को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। पुलिस की जांच में आरोपियों द्वारा पहले से एसिड हासिल करने और कथित तौर पर वारदात की योजना बनाने की बात सामने आने के बाद यह सवाल महत्वपूर्ण हो गया है कि ऐसे खतरनाक रसायनों की बिक्री और उपलब्धता पर निगरानी किस तरह की जा रही है।

फिलहाल पुलिस मामले की आगे की जांच कर रही है। न्यायालय में आरोपियों के खिलाफ कानूनी प्रक्रिया जारी है।


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