Media24Media.com: रायपुर के गोलबाजार गणपति का भव्य स्वर्ण श्रृंगार, 750 ग्राम सोने का मुकुट; कीमत 1 करोड़ से ज्यादा

Responsive Ad Slot

Latest

latest


 

रायपुर के गोलबाजार गणपति का भव्य स्वर्ण श्रृंगार, 750 ग्राम सोने का मुकुट; कीमत 1 करोड़ से ज्यादा

Document Thumbnail

 रायपुर। राजधानी का ऐतिहासिक गोलबाजार गणेशोत्सव इस वर्ष भी श्रद्धा और आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। श्री बजरंग नवयुवक मित्र मंडल गणेशोत्सव समिति की ओर से भगवान गणपति का विशेष स्वर्ण श्रृंगार किया गया है। गणेश प्रतिमा को 750 ग्राम सोने और रत्नों से जड़ा मुकुट पहनाया गया है। समिति के अनुसार, मुकुट की वर्तमान बाजार कीमत 1 करोड़ रुपये से अधिक है।


स्वर्ण मुकुट से सजे भगवान गणपति के दर्शन के लिए सुबह से ही श्रद्धालुओं के पहुंचने का सिलसिला शुरू हो जाता है। देर रात तक पंडाल में भक्तों की भीड़ बनी रहती है। समिति के मुताबिक, दर्शन का क्रम सुबह करीब 4 बजे तक चलता है। पंडाल में आयोजित भजन और अन्य धार्मिक कार्यक्रम भी श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र बने हुए हैं।

117 साल पुरानी है गणेशोत्सव की परंपरा

समिति के अनुसार, गोलबाजार में सार्वजनिक गणेशोत्सव की परंपरा को इस वर्ष 117 वर्ष पूरे हो रहे हैं। आयोजन से व्यापारी परिवारों की चौथी पीढ़ी जुड़ी हुई है। समिति से जुड़े भाजपा नेता केदार गुप्ता भी करीब 37 वर्षों से गणेशोत्सव के आयोजन और व्यवस्थाओं में सक्रिय हैं।

गोलबाजार गणपति के स्वर्ण मुकुट की परंपरा वर्ष 2018 से चली आ रही है। समिति का कहना है कि श्रद्धालुओं के सहयोग और उनकी आस्था को देखते हुए भविष्य में रिद्धि-सिद्धि के लिए भी स्वर्ण मुकुट तैयार कराने की योजना है।

मनोकामना पूरी होने पर चढ़ाई 2 किलो चांदी

समिति के मुताबिक, पिछले वर्ष एक श्रद्धालु ने मनोकामना पूरी होने के बाद भगवान गणपति को 2 किलो चांदी अर्पित की थी। समिति इसे श्रद्धालुओं की आस्था और भगवान गणपति के प्रति उनकी श्रद्धा का प्रतीक मानती है।

गणपति के साथ बालाजी, लक्ष्मी और पद्मावती के दर्शन

गोलबाजार के पंडाल में भगवान गणपति के साथ भगवान बालाजी, माता लक्ष्मी और मां पद्मावती की प्रतिमाएं भी स्थापित की गई हैं। इनके दर्शन के लिए रायपुर के अलावा आसपास के क्षेत्रों से भी श्रद्धालु पहुंच रहे हैं।

समिति के सदस्यों के अनुसार, सार्वजनिक गणेशोत्सव का उद्देश्य धार्मिक आयोजन के साथ समाज को एकजुट करना भी है। इसी उद्देश्य के साथ इस वर्ष भी पारंपरिक आयोजन के साथ आधुनिक व्यवस्थाओं को शामिल किया गया है। आयोजन में नई पीढ़ी के युवा भी सक्रिय रूप से भागीदारी निभा रहे हैं।

Advertisement Sushasan Divas Advertisement Mohan Chandrakar Chhattisgarh Tourism Chhattisgarh Tourism
Don't Miss
© Media24Media | All Rights Reserved | Infowt Information Web Technologies.