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पुलिस पहुंचने से पहले फरार हुआ शोएब ढेबर, गोपनीय जानकारी लीक होने के आरोप में आरक्षक लाइन अटैच

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 रायपुर। छत्तीसगढ़ के कांग्रेस नेता आनंद कुकरेजा से कथित तौर पर 25 करोड़ रुपए की रंगदारी मांगने के मामले में पुलिस की कार्रवाई तेज हो गई है। पुलिस आरोपी शोएब ढेबर की तलाश में लगातार संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही है। बुधवार को रायपुर पुलिस ने पाम बेलाजिओ स्थित ठिकाने, बैरन बाजार स्थित पारिवारिक आवास समेत करीब आधा दर्जन स्थानों पर तलाशी अभियान चलाया। हालांकि, पुलिस के पहुंचने से पहले ही शोएब के वहां से निकल जाने की जानकारी सामने आई है।

फाइल फोटो 

पुलिसकर्मी लाइन अटैच, गोपनीय जानकारी लीक होने की चर्चा

शोएब की तलाश के दौरान पुलिस विभाग के एक आरक्षक पर भी कार्रवाई की गई है। जानकारी के मुताबिक, एंटी क्राइम एंड साइबर यूनिट में पदस्थ आरक्षक शिवम द्विवेदी को लाइन अटैच किया गया है।


सूत्रों के अनुसार, आरक्षक पर पुलिस की दबिश से जुड़ी गोपनीय जानकारी लीक होने में लापरवाही बरतने का आरोप है। हालांकि, पुलिस की ओर से फिलहाल कार्रवाई के कारणों को लेकर विस्तृत आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है। मामले में विभागीय स्तर पर जांच किए जाने की बात कही जा रही है।


दूसरे राज्यों में भी शोएब की तलाश

पुलिस को आशंका है कि कार्रवाई की भनक लगने के बाद शोएब ढेबर दूसरे राज्य में जा सकता है। इसके मद्देनजर रायपुर पुलिस की टीमें संभावित ठिकानों और संपर्कों की जानकारी जुटा रही हैं। दूसरे राज्यों में भी उसके संभावित ठिकानों पर निगरानी और तलाश की जा रही है।

कोर्ट से अनुमति मिलने के बाद बढ़ी तलाश

बताया जा रहा है कि कोर्ट से दोबारा गिरफ्तारी की अनुमति मिलने के बाद पुलिस ने शोएब ढेबर की तलाश तेज कर दी है। मामले की जांच में पुलिस ने उसकी भूमिका सामने आने के बाद उसे गिरफ्तार किया था, हालांकि बाद में उसे छोड़ना पड़ा था।

मामला कांग्रेस नेता आनंद कुकरेजा को कथित तौर पर व्हाट्सऐप के जरिए 25 करोड़ रुपए की रंगदारी मांगने और धमकी देने से जुड़ा है। पुलिस अब आरोपी की तलाश के साथ-साथ मामले से जुड़े अन्य पहलुओं की भी जांच कर रही है। पुलिस की आधिकारिक जांच और कार्रवाई के बाद ही पूरे मामले की तस्वीर स्पष्ट होगी।

रायपुर के गोलबाजार गणपति का भव्य स्वर्ण श्रृंगार, 750 ग्राम सोने का मुकुट; कीमत 1 करोड़ से ज्यादा

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 रायपुर। राजधानी का ऐतिहासिक गोलबाजार गणेशोत्सव इस वर्ष भी श्रद्धा और आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। श्री बजरंग नवयुवक मित्र मंडल गणेशोत्सव समिति की ओर से भगवान गणपति का विशेष स्वर्ण श्रृंगार किया गया है। गणेश प्रतिमा को 750 ग्राम सोने और रत्नों से जड़ा मुकुट पहनाया गया है। समिति के अनुसार, मुकुट की वर्तमान बाजार कीमत 1 करोड़ रुपये से अधिक है।


स्वर्ण मुकुट से सजे भगवान गणपति के दर्शन के लिए सुबह से ही श्रद्धालुओं के पहुंचने का सिलसिला शुरू हो जाता है। देर रात तक पंडाल में भक्तों की भीड़ बनी रहती है। समिति के मुताबिक, दर्शन का क्रम सुबह करीब 4 बजे तक चलता है। पंडाल में आयोजित भजन और अन्य धार्मिक कार्यक्रम भी श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र बने हुए हैं।

117 साल पुरानी है गणेशोत्सव की परंपरा

समिति के अनुसार, गोलबाजार में सार्वजनिक गणेशोत्सव की परंपरा को इस वर्ष 117 वर्ष पूरे हो रहे हैं। आयोजन से व्यापारी परिवारों की चौथी पीढ़ी जुड़ी हुई है। समिति से जुड़े भाजपा नेता केदार गुप्ता भी करीब 37 वर्षों से गणेशोत्सव के आयोजन और व्यवस्थाओं में सक्रिय हैं।

गोलबाजार गणपति के स्वर्ण मुकुट की परंपरा वर्ष 2018 से चली आ रही है। समिति का कहना है कि श्रद्धालुओं के सहयोग और उनकी आस्था को देखते हुए भविष्य में रिद्धि-सिद्धि के लिए भी स्वर्ण मुकुट तैयार कराने की योजना है।

मनोकामना पूरी होने पर चढ़ाई 2 किलो चांदी

समिति के मुताबिक, पिछले वर्ष एक श्रद्धालु ने मनोकामना पूरी होने के बाद भगवान गणपति को 2 किलो चांदी अर्पित की थी। समिति इसे श्रद्धालुओं की आस्था और भगवान गणपति के प्रति उनकी श्रद्धा का प्रतीक मानती है।

गणपति के साथ बालाजी, लक्ष्मी और पद्मावती के दर्शन

गोलबाजार के पंडाल में भगवान गणपति के साथ भगवान बालाजी, माता लक्ष्मी और मां पद्मावती की प्रतिमाएं भी स्थापित की गई हैं। इनके दर्शन के लिए रायपुर के अलावा आसपास के क्षेत्रों से भी श्रद्धालु पहुंच रहे हैं।

समिति के सदस्यों के अनुसार, सार्वजनिक गणेशोत्सव का उद्देश्य धार्मिक आयोजन के साथ समाज को एकजुट करना भी है। इसी उद्देश्य के साथ इस वर्ष भी पारंपरिक आयोजन के साथ आधुनिक व्यवस्थाओं को शामिल किया गया है। आयोजन में नई पीढ़ी के युवा भी सक्रिय रूप से भागीदारी निभा रहे हैं।

आरंग में शिक्षक हत्याकांड का खुलासा, 30 लाख के लेन-देन में साथी शिक्षक ने की हत्या

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 आरंग। छत्तीसगढ़ के आरंग में शासकीय शिक्षक शिवकुमार चंद्राकर की हत्या के मामले में पुलिस ने 24 घंटे के भीतर खुलासा करने का दावा किया है। ग्राम बनचरौदा के पास महानदी तट पर मिले शिक्षक के शव के मामले में पुलिस ने उनके ही स्कूल में पदस्थ साथी शिक्षक चंद्रप्रकाश वर्मा को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक, हत्या के पीछे करीब 30 लाख रुपये के लेन-देन और ब्याज को लेकर चल रहा विवाद सामने आया है।


महानदी किनारे मिला था शिक्षक का शव

17 सितंबर को बनचरौदा के पास महानदी किनारे एक व्यक्ति का शव मिलने की सूचना पुलिस को मिली थी। मौके पर पहुंची टीम ने जांच शुरू की। मृतक की पहचान ग्राम रामपुर डंगनिया (चंपारण) निवासी 46 वर्षीय शिवकुमार चंद्राकर के रूप में हुई। वह ग्राम कुम्हारी स्थित शासकीय स्कूल में शिक्षक थे।

पुलिस के अनुसार, मृतक के सिर और चेहरे पर भारी वस्तु और धारदार हथियार से वार किए गए थे। घटनास्थल के पास उनकी मोटरसाइकिल भी मिली थी। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधिकारियों के साथ फॉरेंसिक टीम और डॉग स्क्वाड ने भी घटनास्थल का निरीक्षण किया।

CCTV और VSK ऐप से मिला अहम सुराग

जांच के दौरान पुलिस को मृतक के साथी शिक्षक चंद्रप्रकाश वर्मा की गतिविधियां संदिग्ध लगीं। स्थानीय लोगों से पूछताछ में भी सामने आया कि घटना वाले दिन शिवकुमार को आखिरी बार चंद्रप्रकाश की सफेद स्कूटी पर जाते देखा गया था।

इसके बाद पुलिस ने कुम्हारी स्कूल के CCTV फुटेज और शिक्षा विभाग के VSK (Vidya Samiksha Kendra) ऐप की लॉग रिपोर्ट की जांच की। पुलिस के मुताबिक, 17 सितंबर की सुबह करीब 9:35 बजे चंद्रप्रकाश स्कूल पहुंचा था। इसके बाद निजी काम का हवाला देकर वह स्कूल से निकल गया और मोबाइल की लोकेशन बंद कर दी।

दोपहर करीब 12:50 बजे वह स्कूल वापस लौटा। पुलिस का दावा है कि इस दौरान उसने अपने मोबाइल से लॉग-इन नहीं किया, बल्कि दूसरे शिक्षक के फोन से अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। CCTV फुटेज और ऐप की लॉग रिपोर्ट से पुलिस को उसकी गतिविधियों को लेकर महत्वपूर्ण सुराग मिले।

30 लाख रुपये के लेन-देन को लेकर विवाद

पुलिस के अनुसार, पूछताछ में चंद्रप्रकाश वर्मा ने हत्या की बात स्वीकार की है। जांच में यह भी सामने आया कि दोनों शिक्षक पिछले करीब चार वर्षों से एक-दूसरे को जानते थे और रेत, रियल एस्टेट तथा शेयर-ट्रेडिंग से जुड़े निवेश में साथ काम करते थे।

पुलिस के मुताबिक, आरोपी ने शिवकुमार को करीब 30 लाख रुपये दिए थे। इसके बदले मृतक ने छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण बैंक के तीन ब्लैंक चेक दिए थे। आरोपी के अनुसार, वह इस रकम पर ब्याज लेता था, लेकिन पिछले तीन महीने से ब्याज नहीं मिला था। इसी बात को लेकर दोनों के बीच विवाद चल रहा था।

सुनसान जगह ले जाकर हत्या का आरोप

पुलिस के अनुसार, 17 सितंबर की सुबह दोनों कुम्हारी स्कूल के पास मिले थे। बातचीत के दौरान विवाद बढ़ने पर दोनों बनचरौदा के सुनसान इलाके की ओर चले गए। आरोप है कि वहां चंद्रप्रकाश ने अपनी स्कूटी में रखे धारदार हथियार और हथौड़े से शिवकुमार के सिर और चेहरे पर वार कर दिया, जिससे उसकी मौत हो गई।

हथियार, स्कूटी और ब्लैंक चेक जब्त

पुलिस ने आरोपी के बताए स्थानों से घटना में प्रयुक्त सफेद स्कूटी, धारदार हथियार, हथौड़ा, मृतक के तीन ब्लैंक चेक, पर्स और दोनों के मोबाइल फोन जब्त किए हैं। इसके अलावा आरोपी के कथित खून से सने कपड़े, जूते और मोजे भी बरामद किए गए हैं।

आरंग पुलिस ने आरोपी चंद्रप्रकाश वर्मा के खिलाफ अपराध क्रमांक 443/2026 के तहत धारा 103(1) बीएनएस में मामला दर्ज किया है। उसे गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेजने की कार्रवाई की जा रही है।

पुलिस के मुताबिक, मामले में जब्त साक्ष्यों और अन्य तथ्यों के आधार पर जांच आगे जारी है।

आरंग में शिक्षक की सिर कुचलकर हत्या, महानदी किनारे मिला खून से लथपथ शव

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 रायपुर/आरंग। राजधानी रायपुर से लगे आरंग क्षेत्र में एक शिक्षक की हत्या से सनसनी फैल गई। महानदी के किनारे बनचरौदा के पास शिक्षक शिवकुमार चंद्राकर का शव खून से लथपथ हालत में बरामद हुआ। उनके सिर पर गंभीर चोट के निशान मिले हैं। प्रारंभिक जांच में भारी वस्तु से सिर पर वार कर हत्या किए जाने की आशंका जताई जा रही है।


मृतक शिवकुमार चंद्राकर शासकीय विद्यालय कुम्हारी में शिक्षक के पद पर पदस्थ थे और डंगनिया (चंपारण) के निवासी थे। बताया जा रहा है कि वे किसान नेता रुपन चंद्राकर के भतीजे थे।

घटनास्थल पर मिली बाइक

जानकारी के अनुसार, शिवकुमार का शव महानदी तट पर पड़ा मिला। घटनास्थल से उनकी बाइक भी बरामद की गई है। सिर पर गंभीर चोट के निशान मिलने के बाद पुलिस ने हत्या के एंगल से जांच शुरू कर दी है।

घटना की सूचना मिलते ही आरंग थाना पुलिस मौके पर पहुंची और घटनास्थल को सुरक्षित कर जांच शुरू की। पुलिस ने आसपास के लोगों से पूछताछ की है। प्रारंभिक जांच में रंजिश सहित हत्या के अन्य संभावित कारणों को ध्यान में रखकर पड़ताल की जा रही है।

डॉग स्क्वायड और फॉरेंसिक टीम ने जुटाए साक्ष्य

घटना की गंभीरता को देखते हुए रायपुर से डॉग स्क्वायड और फॉरेंसिक टीम को मौके पर बुलाया गया। टीम ने घटनास्थल की बारीकी से जांच कर महत्वपूर्ण साक्ष्य जुटाए हैं।

पुलिस ने परिजनों को घटना की सूचना देने के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। मामले में हत्या का अपराध दर्ज कर पुलिस आरोपियों की पहचान और गिरफ्तारी के प्रयास में जुटी है। पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर हत्या की वजह और घटनाक्रम को स्पष्ट किया जाएगा।

13 साल बाद फैसला: झीरम घाटी नक्सली हमले में NIA कोर्ट आज सुनाएगी निर्णय

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 रायपुर / जगदलपुर: छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित और देश के सबसे बड़े नक्सली हमलों में से एक झीरम घाटी कांड में आज, 5 सितंबर को जगदलपुर स्थित विशेष NIA (राष्ट्रीय जांच एजेंसी) अदालत अपना महत्वपूर्ण फैसला सुना सकती है। करीब 13 साल तक चली लंबी जांच और न्यायिक प्रक्रिया के बाद आ रहे इस फैसले पर पीड़ित परिवारों, राजनीतिक हलकों और पूरे प्रदेश की निगाहें टिकी हुई हैं।


2013 का वो खूनी मंजर: परिवर्तन यात्रा पर घात लगाकर हमला

25 मई 2013 को बस्तर की झीरम घाटी में कांग्रेस की 'परिवर्तन यात्रा' का काफिला गुजर रहा था। तभी घात लगाकर बैठे सैकड़ों नक्सलियों ने अंधाधुंध गोलीबारी और आईईडी विस्फोट कर काफिले को घेर लिया। इस जघन्य हमले में:

  • कांग्रेस के तत्कालीन प्रदेश अध्यक्ष नंदकुमार पटेल
  • पूर्व केंद्रीय मंत्री विद्याचरण शुक्ल
  • 'सलवा जुडूम' के संस्थापक व पूर्व मंत्री महेंद्र कर्मा
  • पूर्व विधायक उदय मुदलियार
  • समेत 29 लोगों की निर्मम हत्या कर दी गई थी।

11 आरोपी नक्सलियों पर चला ट्रायल

मामले की जांच एनआईए ने की, जिसमें कुल 11 नक्सलियों को आरोपी बनाकर उनके खिलाफ अदालत में मुकदमा चलाया गया। ट्रायल के दौरान इनमें से एक आरोपी की मृत्यु हो चुकी है। अब शेष आरोपियों पर आए साक्ष्यों और गवाहियों के आधार पर अदालत अपना फैसला सुनाएगी।

साजिश और जांच पर उठते रहे राजनीतिक सवाल

झीरम कांड की जांच शुरुआती दौर से ही विवादों और राजनीतिक बयानों के घेरे में रही। हमले के पीछे किसी गहरी राजनीतिक साजिश की आशंका जताई जाती रही, जिसको लेकर विभिन्न दलों के बीच जमकर आरोप-प्रत्यारोप हुए।

आज आने वाले फैसले से यह साफ हो जाएगा कि अभियोजन पक्ष अदालत के समक्ष अपने आरोपों और सबूतों को कितना पुख्ता साबित कर पाया है।

H1N1 ने बढ़ाई चिंता: छत्तीसगढ़ में स्वाइन फ्लू के 170 के करीब मरीज, रायपुर हॉटस्पॉट

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 CG Swine Flu: छत्तीसगढ़ में H1N1 यानी स्वाइन फ्लू का संक्रमण लगातार बढ़ता जा रहा है। प्रदेश में संक्रमित मरीजों की संख्या अब 170 के करीब पहुंच गई है। पिछले 24 घंटे में 7 नए मरीजों की पुष्टि हुई है। राजधानी रायपुर संक्रमण से सबसे ज्यादा प्रभावित जिला बना हुआ है, जहां अब तक 73 मरीज सामने आ चुके हैं। वहीं, प्रदेश के 19 जिलों में स्वाइन फ्लू का संक्रमण फैल चुका है।


रायपुर में सबसे ज्यादा मरीज

रायपुर जिले में स्वाइन फ्लू के बढ़ते मामलों को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग सतर्क हो गया है। जिला अस्पतालों में आइसोलेशन वार्ड और बेड की संख्या बढ़ाई जा रही है। स्वास्थ्य विभाग की ओर से अस्पतालों को मरीजों की निगरानी और समय पर उपचार सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।

बिलासपुर में भी स्वाइन फ्लू संक्रमित मरीजों की संख्या 12 से बढ़कर 13 हो गई है। यहां फिलहाल 3 एक्टिव केस हैं। वहीं, सरगुजा में एक नया मरीज मिलने के बाद कुल संक्रमितों की संख्या 3 हो गई है। प्रदेश के अन्य जिलों में भी संक्रमण के मामले सामने आने से स्वास्थ्य विभाग की चिंता बढ़ गई है।

इन लोगों को ज्यादा सावधानी बरतने की सलाह

स्वास्थ्य विभाग ने कमजोर रोग प्रतिरोधक क्षमता वाले लोगों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी है। इनमें छोटे बच्चे, बुजुर्ग और गर्भवती महिलाएं शामिल हैं। विभाग के मुताबिक इन वर्गों में संक्रमण गंभीर रूप ले सकता है, इसलिए लक्षण दिखाई देने पर तत्काल चिकित्सकीय सलाह लेना जरूरी है।

अस्पतालों को तत्काल सूचना देने के निर्देश

स्वाइन फ्लू के नियंत्रण और रोकथाम के लिए स्वास्थ्य विभाग ने सभी जिलों के अस्पतालों को निर्देश जारी किए हैं। किसी भी मरीज में H1N1 स्वाइन फ्लू की पुष्टि होने पर इसकी जानकारी तत्काल जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग को देने के लिए कहा गया है।

स्वास्थ्य विभाग के अनुसार स्वाइन फ्लू के शुरुआती लक्षण सामान्य वायरल संक्रमण जैसे हो सकते हैं। इनमें बुखार, सर्दी-जुकाम, खांसी और गले में खराश शामिल हैं। ऐसे में इसे सामान्य बीमारी समझकर इलाज में देरी करना भारी पड़ सकता है।

सांस लेने में परेशानी हो तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें

स्वास्थ्य विभाग ने लोगों से अपील की है कि बुखार, लगातार खांसी, गले में खराश या सांस लेने में परेशानी जैसे लक्षण दिखाई देने पर तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें। खासकर बुखार और खांसी के साथ सांस लेने में तकलीफ बढ़ रही हो तो इसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।

भीड़भाड़ वाली जगहों पर बरतें सावधानी

स्वाइन फ्लू संक्रमित व्यक्ति के खांसने या छींकने से निकलने वाली श्वसन बूंदों के जरिए एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति तक फैल सकता है। ऐसे में बंद और भीड़भाड़ वाली जगहों पर विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। लोगों को संक्रमण से बचाव के लिए स्वच्छता का ध्यान रखने और लक्षण होने पर दूसरों से दूरी बनाए रखने की सलाह दी गई है।

IFS अधिकारी विवेक आचार्य को मिली नई जिम्मेदारी, वन विकास निगम के कार्यकारी संचालक बनाए गए

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रायपुर। राज्य शासन ने 2006 बैच के भारतीय वन सेवा (IFS) अधिकारी विवेक आचार्य की नई पदस्थापना की है। छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल के प्रबंध संचालक पद से हटाए जाने के बाद अब उन्हें छत्तीसगढ़ राज्य वन विकास निगम लिमिटेड के कार्यकारी संचालक की जिम्मेदारी सौंपी गई है। उनकी यह पदस्थापना अस्थायी रूप से की गई है।


इस संबंध में वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग ने 29 अगस्त 2026 को नवा रायपुर स्थित मंत्रालय (महानदी भवन) से आदेश जारी किया है। यह आदेश सामान्य प्रशासन विभाग (GAD) द्वारा 18 अगस्त 2026 को जारी उस आदेश के बाद आया है, जिसमें विवेक आचार्य की सेवाएं वन विभाग को वापस की गई थीं।

शासन के आदेश के मुताबिक, GAD के निर्देशों के परिपालन में वन विभाग ने विवेक आचार्य की नई पदस्थापना की है। अब वे छत्तीसगढ़ राज्य वन विकास निगम लिमिटेड में कार्यकारी संचालक के रूप में कार्य करेंगे।

विवेक आचार्य 2006 बैच के IFS अधिकारी हैं। इससे पहले वे छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल के प्रबंध संचालक के पद पर कार्यरत थे। नई पदस्थापना के बाद अब उन्हें वन विकास निगम की जिम्मेदारी सौंपी गई है।

CG NEWS : नाबालिग की मांग में भरा सिंदूर, फिर शादी का झांसा देकर किया दुष्कर्म; आरोपी को 20 साल की सजा

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 रायपुर। राजधानी रायपुर में नाबालिग को प्रेम जाल में फंसाकर शादी का झांसा देने और उसकी मांग में सिंदूर भरने के बाद दुष्कर्म करने के मामले में पॉक्सो अदालत ने आरोपी को दोषी ठहराया है। अदालत ने आरोपी को 20 वर्ष के कठोर कारावास और 2 हजार रुपए अर्थदंड की सजा सुनाई है। साथ ही पीड़िता को शारीरिक और मानसिक क्षति के लिए 5 लाख रुपए की क्षतिपूर्ति दिए जाने की अनुशंसा की गई है।


माना कैंप थाना क्षेत्र का मामला

मामला माना कैंप थाना क्षेत्र का है। प्रकरण की अंतिम सुनवाई अपर सत्र न्यायाधीश (पॉक्सो) अच्छेलाल काछी की अदालत में हुई। अभियोजन की ओर से विशेष लोक अभियोजक डालेश्वर प्रसाद साहू ने पैरवी की।

मोबाइल पर बातचीत के बाद नाबालिग को प्रेम जाल में फंसाया

अभियोजन के अनुसार, आरोपी संजय कुमार चंद्राकर उर्फ बबलू (25) मूल रूप से महासमुंद जिले के बागबाहरा का रहने वाला है और माना क्षेत्र में किराए के मकान में रहता था। इसी दौरान उसकी पहचान 17 वर्षीय नाबालिग से हुई। दोनों के बीच मोबाइल फोन पर बातचीत होने लगी। आरोप है कि आरोपी ने नाबालिग को प्रेम जाल में फंसा लिया और शादी का झांसा देने लगा।

बागबाहरा ले जाकर मांग में भरा सिंदूर

अभियोजन के मुताबिक, आरोपी 16 मई 2025 को शादी का झांसा देकर नाबालिग को बागबाहरा ले गया। वहां उसकी मांग में सिंदूर भरकर शादी हो जाने की बात कही। इसके बाद आरोपी नाबालिग को अपने रिश्तेदारों और परिचितों के यहां लेकर घूमता रहा।

आरोप है कि इसी दौरान आरोपी ने शादी हो जाने का झांसा देकर नाबालिग के साथ दुष्कर्म किया। मामले की जांच के बाद पुलिस ने आरोपी के खिलाफ प्रकरण दर्ज कर न्यायालय में चालान पेश किया।

साक्ष्यों के आधार पर अदालत ने सुनाई सजा

मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन की ओर से प्रस्तुत साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर अदालत ने आरोपी को दोषी माना। इसके बाद पॉक्सो अदालत ने आरोपी को 20 वर्ष के कठोर कारावास और 2 हजार रुपए अर्थदंड की सजा सुनाई। साथ ही प्रतिकर स्कीम 2018 के तहत पीड़िता को 5 लाख रुपए की क्षतिपूर्ति दिए जाने की अनुशंसा की गई।

दिल्ली प्रवास के बाद रायपुर लौटे CM साय, निवेश और प्रश्नपत्र लीक मामले पर दिया बड़ा बयान

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 रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय दो दिवसीय दिल्ली प्रवास के बाद शनिवार को रायपुर लौट आए। दिल्ली प्रवास के दौरान उन्होंने केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा समेत कई केंद्रीय मंत्रियों से मुलाकात की और छत्तीसगढ़ के विकास तथा प्रदेश से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की।


रायपुर पहुंचने के बाद मुख्यमंत्री साय ने अपने दिल्ली दौरे की जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि उन्हें इकोनॉमिक टाइम्स वर्ल्ड लीडर्स फोरम के कार्यक्रम में शामिल होने का अवसर मिला। मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ में व्यापार और उद्योग के क्षेत्र में निवेश की अपार संभावनाएं हैं। राज्य सरकार निवेश को बढ़ावा देने के लिए लगातार प्रयास कर रही है।

उन्होंने बताया कि प्रदेश में अब तक 800 करोड़ रुपये से अधिक का निवेश आ चुका है। सरकार आने वाले समय में निवेशकों के लिए नए अवसर उपलब्ध कराने और बेहतर कारोबारी माहौल तैयार करने की दिशा में काम कर रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि उद्योग और व्यापार के क्षेत्र में निवेश बढ़ने से प्रदेश के युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे।

बिहार के मुख्यमंत्री को छत्तीसगढ़ आने का निमंत्रण

दिल्ली प्रवास के दौरान मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने बिहार के मुख्यमंत्री से भी मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने उन्हें छत्तीसगढ़ आने का निमंत्रण दिया। मुख्यमंत्री ने बताया कि कई केंद्रीय मंत्रियों को भी छत्तीसगढ़ आने का आमंत्रण दिया गया है। उन्होंने उम्मीद जताई कि आने वाले समय में केंद्रीय मंत्री प्रदेश के दौरे पर आएंगे।

प्रश्नपत्र लीक मामले में सख्त कार्रवाई के निर्देश

वहीं, इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के प्रश्नपत्र लीक मामले को लेकर मुख्यमंत्री साय ने सख्त रुख अपनाया। उन्होंने बताया कि पुलिस ने मामले में अब तक 6 आरोपियों को गिरफ्तार किया है और जांच जारी है।

मुख्यमंत्री ने स्पष्ट कहा कि प्रकरण में जो भी व्यक्ति शामिल पाया जाएगा, उसके खिलाफ कानून के अनुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि परीक्षाओं की निष्पक्षता और विद्यार्थियों के भविष्य के साथ किसी भी तरह का समझौता नहीं किया जाएगा। जांच के दौरान यदि अन्य लोगों की भूमिका सामने आती है, तो उनके खिलाफ भी सख्त कार्रवाई की जाएगी।

'साल में 300 दिन खुलें दफ्तर' , सरकारी छुट्टियों पर उठे सवाल: मुख्यमंत्री को सौंपा ज्ञापन

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 रायपुर। ​छत्तीसगढ़ में सरकारी दफ्तरों और स्कूलों में मिलने वाली छुट्टियों को लेकर अब एक नई बहस छिड़ गई है। किसान मजदूर संघ (छत्तीसगढ़, रायपुर) ने राज्य सरकार से मांग की है कि सरकारी दफ्तरों में छुट्टियों की संख्या कम की जाए और साल में कम से कम 300 दिन काम अनिवार्य किया जाए। संघ का मानना है कि ज्यादा छुट्टियों की वजह से आम जनता के काम रुक जाते हैं और उन्हें काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है।


​संघ के संयोजक ललित चन्द्रनाहू ने इस संबंध में छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और मुख्य सचिव विकास शील के नाम एक ज्ञापन सौंपा है।


​ छुट्टियों का गणित: साल में 125 दिन बंद रहते हैं दफ्तर

​किसान मजदूर संघ ने अपने पत्र में छुट्टियों का पूरा हिसाब-किताब दिया है। पत्र में बताया गया है कि
​शनिवार और रविवार की छुट्टियां और सप्ताह में 5 दिन के कार्य के कारण साल में 47 शनिवार और 49 रविवार (कुल 96 दिन) की छुट्टी रहती है।

​ सरकारी छुट्टियां: इसके अलावा 29 दिन का अन्य शासकीय अवकाश होता है।
​ अतिरिक्त अवकाश: संत रविदास जयंती जैसी नई घोषित छुट्टियों को मिलाकर साल के 365 दिनों में से करीब 125 दिन केवल छुट्टियों में निकल जाते हैं।

​ बचे हुए दिनों में भी बैठकों की वजह से अटकते हैं काम

​संघ का कहना है कि 125 दिन की छुट्टियों के बाद साल में सिर्फ 240 कार्य दिवस (Working Days) बचते हैं। लेकिन इन 240 दिनों में भी आम जनता का काम पूरी तरह नहीं हो पाता है।
​ कलेक्टर कार्यालय की टीएल बैठक: हर सप्ताह मंगलवार को यह बैठक होती है।
​ राजस्व अधिकारियों की समीक्षा बैठक: महीने के पहले और चौथे सप्ताह के अंतिम कार्य दिवस पर यह बैठक आयोजित होती है।
​इन बैठकों के कारण महीने में लगभग 6 दिन आम जनता के सरकारी काम सही तरीके से संपादित नहीं हो पाते हैं। इसके साथ ही, 15 अगस्त और 26 जनवरी जैसे राष्ट्रीय पर्वों के समय, मुख्यमंत्री के जिला प्रवास के कारण तीन-तीन दिनों तक काम प्रभावित रहता है।

​ कर्मचारियों की छुट्टियों से भी काम पर असर

​पत्र में यह भी उल्लेख किया गया है कि कर्मचारियों को मिलने वाले विभिन्न प्रकार के अवकाशों से भी जनहित के काम रुकते हैं:-
​कैजुअल और अर्जित अवकाश: कर्मचारियों को 13 दिन का आकस्मिक अवकाश (Casual Leave), 30 दिन का अर्जित अवकाश (Earned Leave) और 3 दिन का ऐच्छिक अवकाश मिलता है।

​ कलेक्टर द्वारा घोषित छुट्टियां: जिला कलेक्टरों द्वारा 2 अतिरिक्त और 48 अन्य अवकाश दिए जाते हैं।

​ मातृत्व और पितृत्व अवकाश: महिला कर्मचारियों को 365-365 दिनों का मातृत्व अवकाश और पुरुष कर्मचारियों को 30 दिनों का पितृत्व अवकाश मिलता है।
​संघ का तर्क है कि इन सब छुट्टियों के जुड़ने से असल में केवल 192 दिन ही काम हो पाता है, जिससे आम नागरिक लगातार परेशान होते हैं।

​ किसान मजदूर संघ की प्रमुख मांगें

​जनहित को ध्यान में रखते हुए संघ ने सरकार के सामने निम्नलिखित प्रमुख मांगें रखी हैं:-

  • ​ 300 कार्य दिवस अनिवार्य हों: साल के 365 दिनों में से सरकारी कार्यालयों में कम से कम 300 दिन काम करना अनिवार्य किया जाए।
  • ​ गैर-शासकीय आयोग का गठन: छुट्टियों का नए सिरे से निर्धारण करने के लिए 3 सदस्यीय गैर-शासकीय आयोग बनाया जाए।
  • ​ संविदा कर्मचारियों की तर्ज पर नियम: लाखों संविदा और दैनिक वेतनभोगी कर्मचारियों की तरह ही मातृत्व और पितृत्व अवकाश को अवैतनिक किया जाए।

​ अर्जित अवकाश में कटौती: कर्मचारियों के अर्जित अवकाश को घटाकर 13 दिन किया जाए।

​ त्योहारों की छुट्टियों की समीक्षा: शाकम्भरी जयंती, छेरछेरा, रामनवमी, महावीर जयंती, बुद्ध पूर्णिमा, ईद-उल-जुहा, कबीर जयंती, हरेली, ईद-ए-मिलाद, रक्षा बंधन, कृष्ण जन्माष्टमी, हरतालिका (तीज), महात्मा गांधी जयंती, महाशिवरात्रि, कर्मा जयंती और विश्व आदिवासी दिवस जैसे अवसरों की छुट्टियों को निरस्त करने अथवा ऐच्छिक अवकाश घोषित करने पर विचार किया जाए।

​किसान मजदूर संघ का कहना है कि आम जनता के हित में यह कदम उठाना बेहद जरूरी है ताकि सरकारी सेवाएं बिना किसी रुकावट के लोगों को मिल सकें।

मंत्री गुरु खुशवंत साहेब पर सोशल मीडिया में अभद्र टिप्पणी, BNS की धाराओं में मामला दर्ज

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 रायपुर। छत्तीसगढ़ के कैबिनेट मंत्री गुरु खुशवंत साहेब को लेकर सोशल मीडिया पर कथित तौर पर अभद्र और आपत्तिजनक टिप्पणी किए जाने का मामला सामने आया है। शिकायत के आधार पर सिविल लाइन थाना पुलिस ने संबंधित व्यक्ति के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं के तहत अपराध दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।


जानकारी के अनुसार, सामाजिक नेता उमेश बघेल ने इस मामले में सिविल लाइन थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में आरोप लगाया गया कि सोशल मीडिया पर मंत्री गुरु खुशवंत साहेब के खिलाफ कथित रूप से आपत्तिजनक एवं अभद्र टिप्पणी की गई।

पुलिस ने शिकायत के आधार पर BNS की धारा 296, 196 और 353(2) के तहत मामला दर्ज किया है। प्रकरण दर्ज होने के बाद पुलिस सोशल मीडिया पोस्ट, टिप्पणी और उससे जुड़े डिजिटल साक्ष्यों की जांच कर रही है।

सोशल मीडिया अकाउंट की जांच

पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि कथित टिप्पणी किस सोशल मीडिया अकाउंट से पोस्ट की गई और इसमें संबंधित व्यक्ति की क्या भूमिका है। जांच के दौरान पोस्ट, कमेंट और अन्य डिजिटल साक्ष्यों को भी खंगाला जा रहा है।

फिलहाल पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

महिला हत्याकांड का खुलासा: साइकिल से पीछा कर महिला को बनाया निशाना, दुष्कर्म के बाद हत्या, आरोपी गिरफ्तार

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 रायपुर। मुजगहन थाना क्षेत्र में महिला की हत्या और एक अन्य महिला से मारपीट व छेड़छाड़ के मामले का पुलिस ने खुलासा किया है। एंटी क्राइम एंड साइबर यूनिट (ACCU) और मुजगहन थाना पुलिस की संयुक्त टीम ने मामले में सेजबहार निवासी देवेन्द्र कुमार साहू उर्फ राकेश उर्फ मंछला (29) को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, आरोपी अकेली महिलाओं का पीछा कर उन्हें निशाना बनाता था।


खाली प्लॉट में मिला था महिला का शव

पुलिस के मुताबिक, 21 जुलाई को न्यू स्वागत विहार के पास एक खाली प्लॉट में भरे पानी में एक महिला का शव मिला था। महिला के शरीर पर चोट और खरोंच के निशान पाए गए थे। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में पानी में डूबने से मौत की पुष्टि हुई। इसके बाद पुलिस ने अज्ञात आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू की।

दूसरी महिला से मारपीट और छेड़छाड़

इसी दौरान 5 अगस्त की रात सेजबहार इलाके में एक अन्य महिला के साथ मारपीट और छेड़छाड़ की घटना सामने आई। महिला ने पुलिस को बताया कि घर लौटते समय एक युवक ने पीछे से आकर उसे गालियां दीं और जान से मारने की धमकी दी। इसके बाद आरोपी ने उसे नाली में धक्का देकर मारपीट की। महिला के शोर मचाने पर आरोपी मौके से फरार हो गया।

सैकड़ों CCTV फुटेज खंगाले

दोनों घटनाओं को गंभीरता से लेते हुए पुलिस ने 8 से अधिक टीमें गठित कीं। टीमों ने घटनास्थल और आसपास के मार्गों पर लगे सैकड़ों CCTV कैमरों के फुटेज खंगाले। साथ ही पुराने आपराधिक मामलों में शामिल रहे और हाल ही में जेल से बाहर आए आरोपियों की गतिविधियों की भी जानकारी जुटाई गई।

जांच के दौरान पुलिस को सेजबहार निवासी देवेन्द्र कुमार साहू के संबंध में महत्वपूर्ण सुराग मिले। पुलिस ने उसे हिरासत में लेकर पूछताछ की। पुलिस के अनुसार, पूछताछ में आरोपी ने महिला की हत्या और दूसरी महिला के साथ मारपीट की घटना में अपनी संलिप्तता स्वीकार की।

साइकिल से पीछा कर महिला को बनाया निशाना

पुलिस के अनुसार, घटना वाले दिन आरोपी ने महिला को अकेले जाते देखा और साइकिल से उसका पीछा किया। कुछ दूरी तक पीछा करने के बाद उसने महिला को पकड़ लिया और उसके साथ झूमाझटकी की। इसके बाद महिला को घटनास्थल के पास पानी में गिरा दिया।

पुलिस का आरोप है कि आरोपी ने महिला के साथ दुष्कर्म किया और बाद में गला दबाने तथा उसके मुंह-नाक को पानी में डुबोकर उसकी हत्या कर दी। वारदात के बाद आरोपी मृतका का मोबाइल फोन लेकर साइकिल से मौके से फरार हो गया।

मोबाइल, साइकिल और कपड़े बरामद

पुलिस ने आरोपी के कब्जे से मृतका का मोबाइल फोन, घटना में इस्तेमाल साइकिल और वारदात के समय पहने गए कपड़े बरामद किए हैं। पुलिस मामले में आगे की जांच कर रही है।

पहले भी गंभीर अपराध में जा चुका है जेल

पुलिस के मुताबिक, आरोपी का आपराधिक रिकॉर्ड भी सामने आया है। मुजगहन थाने में वर्ष 2017 में दर्ज दुष्कर्म, पॉक्सो एक्ट और अन्य धाराओं के मामले में उसे अदालत से 10 वर्ष के कारावास की सजा हुई थी। इसके अलावा टिकरापारा थाने में वर्ष 2025 में भी उसके खिलाफ मारपीट और अन्य धाराओं में मामला दर्ज होने की जानकारी पुलिस ने दी है।

फिलहाल आरोपी के खिलाफ दोनों मामलों में कानूनी कार्रवाई की जा रही है। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि आरोपी ने इससे पहले इस तरह की और कितनी घटनाओं को अंजाम दिया है।

जमीन आवंटन पर भड़का आक्रोश, नेशनल हाईवे पर 15 अगस्त को चक्काजाम का ऐलान

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 रायपुर. जिले के आरंग तहसील अंतर्गत ग्राम पंचायत रसनी में 22 हेक्टेयर (लगभग 54 एकड़) शासकीय भूमि को औद्योगिक प्रयोजन के लिए जिला व्यापार एवं उद्योग केंद्र विभाग को सौंपने की प्रशासनिक तैयारी चल रही है। इस फैसले के सामने आते ही पूरे गांव में विरोध का माहौल बन गया है और मामला काफी गंभीर हो गया है।


​ मामले की पूरी वजह

यह विवाद तब शुरू हुआ जब तहसीलदार आरंग ने खसरा नंबर 15, 16, 17, 33, 36, 37, 38, 50, 54, 57, 58, 248 और 250 से जुड़ी शासकीय भूमि पर ग्राम पंचायत रसनी से अभिमत मांगा। इस पर ग्राम पंचायत के सरपंच और ग्रामीणों ने एकमत होकर ग्राम सभा में प्रस्ताव पारित किया और उद्योग विभाग को जमीन देने के फैसले को पूरी तरह से खारिज कर दिया। ग्रामीणों का कहना है कि प्रशासन जबरन उनकी आरक्षित जमीन छीनना चाहता है।

​ जमीन का उपयोग और विरोध

जिला पंचायत रायपुर के सदस्य वतन अंगनाथ चंद्राकर ने आरंग थाना प्रभारी को ज्ञापन सौंपकर इस आवंटन प्रक्रिया पर तुरंत रोक लगाने की मांग की है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जिस 22 हेक्टेयर जमीन को उद्योग लगाने के लिए दिया जा रहा है, वह असल में गांव के सार्वजनिक कार्यों के लिए तय की गई है। इस जमीन का उपयोग खेल मैदान, धान खरीदी केंद्र, ग्रामीणों के लिए आबादी भूमि, चारागाह और वृक्षारोपण जैसे बेहद जरूरी कामों के लिए होना है। इसे उद्योग विभाग को देना ग्रामीणों के अधिकारों का सीधा हनन है।

​ ग्रामीणों की चेतावनी और चक्काजाम का ऐलान

वतन चंद्राकर द्वारा थाना प्रभारी को दिए गए पत्र में चेतावनी दी गई है कि यदि 15 अगस्त से पहले जमीन आवंटन की प्रक्रिया निरस्त नहीं की गई, तो समस्त ग्रामीण स्वतंत्रता दिवस का बहिष्कार करेंगे। साथ ही 15 अगस्त की सुबह 9 बजे से नेशनल हाईवे पर अनिश्चितकालीन चक्काजाम शुरू कर दिया जाएगा। इस दौरान यदि कानून-व्यवस्था बिगड़ती है या कोई अप्रिय घटना होती है, तो उसकी पूरी जिम्मेदारी शासन और स्थानीय प्रशासन की होगी। खबर लिखे जाने तक इस मामले में प्रशासनिक स्तर पर हलचल तेज हो गई है।

रायपुर देश में पहला शहर बना, जहां पार्थिवी सोसायटी में शुरू हुई वर्चुअल नेट मीटरिंग

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रायपुर। छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर ने देशभर में प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के तहत एक नई मिसाल कायम की है। इस योजना के तहत रायपुर की पार्थिवी पैसिफिक सोसायटी में वर्चुअल नेट मीटरिंग (व्हीएनएम) का सफल संचालन होने से सोसायटी के फ्लैट में रहने वाले 20 परिवारों को बिजली बिल में बड़ी राहत मिलने लगी है। वर्चुअल नेट मीटरिंग सिस्टम स्थापित करने वाला रायपुर देश का पहला शहर बन गया है।

वर्चुअल नेट मीटरिंग की इस नई व्यवस्था का सबसे बड़ा फायदा उन लोगों को हो रहा है, जो अपार्टमेंट या बहुमंजिला इमारतों में रहते हैं और जिनके पास छत पर सोलर पैनल लगाने के लिए पर्याप्त जगह नहीं होती। वर्चुअल नेट मीटरिंग के जरिए एक ही सोलर प्लांट से कई फ्लैट या परिवार बिजली का लाभ ले सकते हैं, जिससे उनका बिजली बिल काफी कम हो जाता है। पार्थिवी पैसिफिक सोसायटी में वर्चुअल नेट मीटरिंग की सफलता को देखते हुए छत्तीसगढ़ विद्युत वितरण कंपनी अब इस मॉडल को प्रदेश के अन्य शहरों और क्षेत्रों में भी स्थापित करने की पहल शुरू कर दी है।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय का कहना है कि यह परियोजना छत्तीसगढ़ में नवीकरणीय ऊर्जा को बढ़ावा देने की प्रतिबद्धता और अन्य राज्यों के लिए एक उदाहरण है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के स्वच्छ और हरित भारत के विजन से जुड़कर अब अधिक से अधिक लोग सौर ऊर्जा का लाभ उठा सकेंगे।

पार्थिवी पैसिफिक रिहायशी सोसायटी में एक ही सोलर प्लांट से 20 फ्लैटों में रहने वाले परिवार बिजली का उपयोग कर रहे हैं, जिससे बिजली खर्च में भी बड़ी बचत हो रही है। यह सोलर प्रोजेक्ट कैपेक्स मॉडल पर लगाया गया है। यानी 20 परिवारों ने अपनी-अपनी राशि लगाकर सोलर प्लांट स्थापित किया और यह प्लांट पूरी तरह उन्हीं की संपत्ति है। पूरे प्रोजेक्ट की लागत करीब 24 लाख रुपये आई। प्रत्येक परिवार ने लगभग 1.20 लाख रुपये का निवेश किया है, जिसमें केंद्र सरकार की ओर से 78 हजार रुपये की सब्सिडी मिली। छत्तीसगढ़ सरकार ने इस योजना को और आकर्षक बनाते हुए अपनी ओर से 30 हजार रुपये की अतिरिक्त सब्सिडी दे रही है। इससे लोगों पर आर्थिक बोझ और कम होगा।

पार्थिवी पैसिफिक सोसायटी सोलर सिस्टम लगने के बाद इसका सीधा लाभ बिजली बिल में दिखने लगा। इस सिस्टम से सभी फ्लैट के बिजली बिल में सालाना 6 लाख 30 हजार रूपए की बचत होने की उम्मीद है। इसका मतलब यह है कि प्रत्येक परिवार को अपने बिजली बिल पर लगभग 31500 रूपए की बचत होगी। प्रत्येक परिवार को लगभग 300 यूनिट तक बिजली का क्रेडिट मिलने लगा है, जिससे मासिक बिजली खर्च में अच्छी-खासी कमी आई है।

छत्तीसगढ़ शासन के ऊर्जा विभाग सचिव डॉ. रोहित यादव का कहना है कि वर्चुअल नेट मीटरिंग शहरी उपभोक्ताओं के लिए गेम-चेंजर है। इससे साझा रूप से सोलर ऊर्जा का लाभ मिलता है, बिजली बिल घटता है और राज्य में स्वच्छ ऊर्जा को तेजी से अपनाने में मदद मिलती है। 

वर्चुअल नेट मीटरिंग सिस्टम क्या है

वर्चुअल नेट मीटरिंग के तहत मान लीजिए किसी अपार्टमेंट में 200 किलोवाट का सोलर प्लांट लगाया गया है। हर फ्लैट के मीटर के साथ एक कंबाइंड मीटर जिसे एक्सपोर्ट मीटर भी कहते हैं, उसके जरिए बिजली ग्रिड में जाती है। बाद में, जितनी हिस्सेदारी जिस फ्लैट की होती है, उसी हिसाब से बिजली का लाभ सभी को उनके बिल में मिल जाता है।

प्रोजेक्ट आओ बांटे खुशियां के तहत शासकीय कर्मचारियों ने अपने जन्मदिन पर बच्चों के संग साझा की खुशियां

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रायपुर,  मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के निर्देशानुसार जिले में प्रधानमंत्री पोषण शक्ति योजना और न्योता भोज के अंतर्गत संचालित अभिनव पहल "प्रोजेक्ट आओ बांटे खुशियां" के तहत रायपुर जिले के अधिकारी एवं कर्मचारी अब अपने जन्मदिवस को सामाजिक सरोकार से जोड़ते हुए नन्हें बच्चों संग खुशियां बांट रहे हैं।

इसी कड़ी में लेक्चरर भीखम राम साहू तथा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के सुपरवाइजर उभय राम साहू ने अपने जन्मदिन के अवसर पर आंगनबाड़ी तथा स्कूली बच्चों के साथ विशेष समय बिताया। दोनों अधिकारियों ने बच्चों के साथ केक काटा तथा उन्हें फल, मिठाई, पौष्टिक आहार वितरित की।

इस पहल के तहत कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह द्वारा जिले के अधिकारियों व कर्मचारियों को जन्मदिन की पूर्व संध्या पर एसएमएस और ई-कार्ड के माध्यम से शुभकामनाएं भेजी जाती हैं और उन्हें पास के आंगनबाड़ी या विद्यालय में बच्चों संग जन्मदिन मनाने हेतु प्रेरित किया जाता है।

अपने अनुभव साझा करते हुए दोनों कर्मचारियों ने कहा, “बच्चों के साथ जन्मदिन मनाना हमारे लिए अत्यंत सुखद अनुभव रहा। समाज से जुड़कर अपनी खुशियां बांटना एक नई ऊर्जा और सकारात्मकता प्रदान करता है।”

विविध पौराणिक प्रसंगों एवं आधुनिक घटनाओं पर आधारित सुसज्जित झांकियां बनी आकर्षण का केंद्र: झांकियों को देखने रायपुर में उमड़ा जनसैलाब

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रायपुर- मुख्यमंत्री विष्णु देव साय 8 सितंबर की देर रात राजधानी रायपुर के हृदयस्थल जयस्तंभ चौक स्थित नगर निगम द्वारा निर्मित स्वागत मंच पर पहुंचे और ऐतिहासिक गणेश विसर्जन यात्रा में शामिल होकर झांकियों का अभिनंदन किया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि रायपुर की गणेश विसर्जन झांकी अत्यंत ऐतिहासिक परंपरा का प्रतीक है। इस अवसर पर उन्होंने विघ्नहर्ता श्री गणेश से छत्तीसगढ़ की खुशहाली और समृद्धि की कामना भी की। मुख्यमंत्री साय ने ऐतिहासिक विसर्जन यात्रा में आमंत्रित करने के लिए आयोजकों के प्रति आभार व्यक्त किया।

उल्लेखनीय है कि विगत दिवस राजधानी रायपुर में शाम 8 बजे से ही गणेश झांकी यात्रा प्रारंभ हो गई थी। इस बार भी निर्धारित रूट पर शारदा चौक से झांकियों को टोकन प्रदान किया गया। झांकियां तेलघानी नाका, राठौर चौक और तात्यापारा से होकर शारदा चौक में एकत्रित हुईं, तत्पश्चात एक-एक कर आगे बढ़ीं। ये सभी झांकियां जयस्तंभ चौक से होते हुए मालवीय रोड, सदर बाजार, कंकालीपारा, पुरानी बस्ती, लाखेनगर, अश्वनी नगर, सुंदर नगर और रायपुरा मार्ग से होकर महादेव घाट तक पहुंचीं। इस वर्ष भी झांकियों को विभिन्न विषयों पर आकर्षक रूप से सजाया गया। इनमें विविध पौराणिक प्रसंगों के साथ-साथ ऑपरेशन सिंदूर और राफेल विमान की झलक भी देखने को मिली। रायपुर की सड़कों पर झांकी के रूप में राफेल विमान का दृश्य विशेष आकर्षण का केंद्र रहा। एक झांकी में बप्पा छत्तीसगढ़ी पारंपरिक परिधान में विराजमान दिखाई दिए। इन झांकियों को देखने के लिए न केवल रायपुर शहरवासी बल्कि आसपास के ग्रामीण भी बड़ी संख्या में राजधानी पहुंचे। 

इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री खुशवंत साहेब, विधायक मोतीलाल साहू, विधायक पुरंदर मिश्रा तथा रायपुर नगर निगम महापौर मीनल चौबे सहित बड़ी संख्या में स्थानीय जनप्रतिनिधिगण उपस्थित थे।

एम्स रायपुर में ‘देव हस्त’ रोबोटिक सर्जिकल सिस्टम का मुख्यमंत्री ने किया शुभारंभ

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रायपुर, मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज राजधानी रायपुर स्थित टाटीबंध में अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) में मध्य भारत के शासकीय स्वास्थ्य संस्थानों के प्रथम रोबोटिक सर्जिकल सिस्टम ‘देव हस्त’ का शुभारंभ किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि “रोबोटिक सर्जरी छत्तीसगढ़ में चिकित्सा सुविधाओं के विकास में एक नया आयाम है। यह ऐतिहासिक क्षण प्रदेश की जनता को अत्याधुनिक और बेहतर उपचार उपलब्ध कराने की दिशा में मील का पत्थर साबित होगा।”

मुख्यमंत्री साय ने स्वयं ‘देव हस्त’ पर पहला ड्राई लैब डिसेक्शन कर इस अत्याधुनिक तकनीक की औपचारिक शुरुआत की। यह सिस्टम मध्य भारत के किसी शासकीय स्वास्थ्य संस्थान में स्थापित होने वाला पहला रोबोटिक सर्जिकल सिस्टम है।  मुख्यमंत्री साय ने इस अवसर पर एम्स रायपुर में छत्तीसगढ़ सहित अन्य राज्यों से भर्ती होने वाले मरीजों के परिजनों के ठहरने की सुविधा हेतु एम्स रायपुर में सर्व-सुविधायुक्त परिजन निवास निर्माण की घोषणा भी की।

मुख्यमंत्री ने कहा कि “डॉक्टरों को धरती पर भगवान का रूप माना जाता है क्योंकि वे हमें जीवन प्रदान करते हैं। आज जिस रोबोटिक सर्जरी सिस्टम का शुभारंभ हो रहा है, उसे ‘देव हस्त’ नाम दिया गया है। इसका लाभ न केवल छत्तीसगढ़ बल्कि एम्स रायपुर में भर्ती होने वाले अन्य राज्यों के मरीजों को भी मिलेगा। एम्स रायपुर उत्कृष्ट चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराने में लगातार मील का पत्थर साबित हो रहा है।”

रोबोटिक सर्जरी छत्तीसगढ़ में चिकित्सा सुविधाओं के विकास में एक नया आयाम : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

मुख्यमंत्री साय ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि एम्स रायपुर से मुझे विशेष लगाव है। उन्होंने कहा कि “जब रायपुर एम्स के निर्माण को स्वीकृति मिली, उस समय मैं सांसद था और प्रधानमंत्री श्री अटल बिहारी वाजपेयी से छत्तीसगढ़ में एम्स की शाखा स्थापित करने का आग्रह किया था। यह आवश्यक था ताकि दिल्ली स्थित एकमात्र एम्स पर मरीजों का दबाव कम हो और अन्य राज्यों के लोगों को भी उच्चस्तरीय चिकित्सा सुविधाएं उनके राज्य में ही उपलब्ध हो। हमारा सौभाग्य है कि जिन छह राज्यों में एम्स स्थापित करने की स्वीकृति मिली, उनमें छत्तीसगढ़ भी शामिल था।”

मरीजों के परिजनों के लिए एम्स रायपुर में बनेगा सर्व-सुविधायुक्त परिजन निवास : मुख्यमंत्री  साय

मुख्यमंत्री साय ने परिजन निवास की घोषणा करते हुए कहा कि “दूर-दराज से आने वाले मरीजों के परिजनों के ठहरने की सुविधा कितनी आवश्यक है, यह मैं भली-भांति समझता हूं। सांसद रहते हुए दिल्ली स्थित मेरे आवास को लोग ‘मिनी एम्स’ कहते थे क्योंकि वहां मैं मरीजों के परिजनों की रुकने की व्यवस्था करता था। जनसेवा का यह कार्य मेरे दिल के बेहद करीब है। 2014 से 2019 के संसदीय कार्यकाल में मैंने लगभग 12 करोड़ रुपये प्रधानमंत्री राहत कोष से मरीजों को दिलवाए थे। रायपुर में भी कुनकुरी सदन में मरीजों के परिजनों की व्यवस्था की गई है, जिसका लाभ पूरे प्रदेश के लोग उठाते हैं।”

मुख्यमंत्री ने कहा कि बीते 20 महीनों में सरकार बनने के बाद राज्य में पाँच नए मेडिकल कॉलेजों को स्वीकृति मिली है और स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार की दिशा में लगातार कार्य किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि नवा रायपुर में 5,000 बिस्तरों की क्षमता वाली मेडिसिटी का निर्माण किया जा रहा है। छत्तीसगढ़ राज्य गठन के समय मात्र एक मेडिकल कॉलेज था, जबकि आज प्रदेश में 15 मेडिकल कॉलेज संचालित हैं। उन्होंने कहा कि जीवनशैली और खान-पान में बदलाव के कारण कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों में वृद्धि हुई है और इनका इलाज भी महंगा होता है। इसी वजह से प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने आयुष्मान भारत योजना प्रारंभ की, जिसके अंतर्गत गरीब वर्ग के लोगों को पाँच लाख रुपये तक का निःशुल्क उपचार उपलब्ध है। अब वय वंदन योजना के तहत 70 वर्ष से अधिक आयु के सभी वर्गों के मरीजों को भी यह सुविधा प्रदान की जा रही है।

स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने कहा कि समय के साथ जहाँ चिकित्सा सुविधाएँ बढ़ रही हैं, वहीं बीमारियों का दायरा भी बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि “आधुनिक चिकित्सा पद्धति में रोबोटिक सर्जरी का विशेष महत्व है। इसके माध्यम से चिकित्सकीय क्षमता और गुणवत्ता में कई गुना वृद्धि की जा सकती है। छत्तीसगढ़ को ‘देव हस्त’ रोबोटिक सर्जिकल सिस्टम का अत्यधिक लाभ मिलेगा और शीघ्र ही राजधानी रायपुर के मेकाहारा अस्पताल में भी रोबोटिक सर्जरी की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी।”

इस अवसर पर मुख्यमंत्री साय ने ‘देव हस्त’ के नामकरण हेतु आयोजित प्रतियोगिता की विजेता सुश्री ज्योत्स्ना किराडू को पाँच हजार रुपये की पुरस्कार राशि भेंट की। कार्यक्रम में एम्स रायपुर के निदेशक एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी लेफ्टिनेंट जनरल (से.नि.) डॉ. अशोक जिंदल, विभागाध्यक्ष डॉ. देवज्योति मोहंती, बड़ी संख्या में चिकित्सा छात्र और गणमान्यजन उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने किया एरोकॉन 2025 का शुभारंभ, कैंसर उपचार और शोध में मिलेगी नई दिशा

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रायपुर, मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा है कि छत्तीसगढ़ की तीन करोड़ जनता का स्वास्थ्य राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने आश्वस्त किया कि प्रदेशवासियों को स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने में वित्तीय संसाधन कभी बाधा नहीं बनेंगे। मुख्यमंत्री साय आज राजधानी रायपुर स्थित पंडित जवाहरलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज सभागार में ‘एरोकॉन 2025’ छत्तीसगढ़–मध्यप्रदेश चैप्टर के दो दिवसीय आयोजन का शुभारंभ कर विशेषज्ञों और उपस्थित जनसमूह को संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर उन्होंने मेडिकल कॉलेज रायपुर के छात्रों के लिए 65 करोड़ रुपये की लागत से नए छात्रावास निर्माण की घोषणा की।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि कैंसर जैसी गंभीर बीमारी से जूझ रहे हजारों मरीज आज विशेषज्ञ चिकित्सकों के परिश्रम और नवीनतम चिकित्सा पद्धतियों के कारण संजीवनी प्राप्त कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि बीते दो दशकों में कैंसर की प्रारंभिक पहचान और उपचार के क्षेत्र में हुए शोध से भविष्य के लिए नई उम्मीदें जगी हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में प्रत्येक जिले में कैंसर डे-केयर सेंटर स्थापित किए जा रहे हैं और छत्तीसगढ़ भी इस दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि मुख्यमंत्री विशेष स्वास्थ्य सहायता योजना के तहत प्रदेश में अनेक मरीजों का इलाज संभव हुआ है। जीएसटी में कैंसर की दवाइयों और उपकरणों को सस्ता किए जाने से मरीजों को बड़ी राहत मिली है।मुख्यमंत्री साय ने बताया कि राज्य के अस्पतालों में कैंसर उपचार के लिए अत्याधुनिक उपकरण उपलब्ध कराए जा रहे हैं और आज ही एम्स रायपुर में रोबोटिक सर्जरी सिस्टम का शुभारंभ किया जा रहा है, जो यह प्रमाणित करता है कि सरकारी अस्पताल नवीनतम तकनीक अपनाने में अग्रणी हैं। उन्होंने कहा कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) कैंसर की पहचान में बेहद उपयोगी सिद्ध हो रही है और राज्य सरकार स्वास्थ्य सेवाओं में इसे तेजी से शामिल कर रही है।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि सरकार लगातार स्वास्थ्य बजट में वृद्धि कर रही है और नये मेडिकल कॉलेज खोल रही है। उन्होंने कहा कि नवा रायपुर में 5,000 बिस्तरों की क्षमता वाली मेडिसिटी का निर्माण किया जा रहा है। बस्तर और सरगुजा जैसे दूरस्थ अंचलों में स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार के लिए सरकार हर विकल्प पर काम कर रही है। उन्होंने बताया कि सरगुजा, धरमजयगढ़ और बस्तर में नये अस्पताल स्थापित किए जाएंगे। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि एरोकॉन 2025 संगोष्ठी कैंसर की रोकथाम और उपचार की दिशा में मील का पत्थर साबित होंगी।

विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि एरोकॉन 2025 के सातवें आयोजन में कैंसर उपचार से जुड़े विभिन्न क्षेत्रों के विशेषज्ञ एक मंच पर आए हैं। इससे इस बीमारी के इलाज में नये आयाम खुलेंगे। उन्होंने कहा कि रायपुर स्थित मेकाहारा अस्पताल न केवल छत्तीसगढ़ बल्कि मध्यभारत के अन्य राज्यों के मरीजों के लिए भी प्रमुख उपचार केंद्र है। भविष्य में अत्याधुनिक तकनीकों और मशीनों के माध्यम से यहां चिकित्सा सेवाओं को और अधिक सुदृढ़ किया जाएगा।

स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने कहा कि मेडिकल कॉलेज रायपुर राज्य का सबसे बड़ा कैंसर सेंटर है, जहाँ आधुनिकतम सुविधाएँ उपलब्ध कराई जा रही हैं। उन्होंने जानकारी दी कि आने वाले समय में प्रदेश में छह फिजियोथेरेपी कॉलेज स्थापित होंगे, बस्तर और सरगुजा में सुपर स्पेशलिटी अस्पताल प्रारंभ होंगे, मानसिक रोगियों के लिए पृथक चिकित्सालय और नेचुरोपैथी कॉलेज खोले जाएंगे। मेकाहारा में 232 करोड़ रुपये की लागत से 700 बिस्तरों की वृद्धि की जाएगी तथा रोबोटिक सर्जरी और आईवीएफ सेंटर जैसी नवीनतम सुविधाएँ उपलब्ध कराई जाएंगी। 

इस अवसर पर विधायक पुरंदर मिश्रा, मेडिकल कॉलेज रायपुर के अधिष्ठाता डॉ. विवेक चौधरी, आयुष विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. पी.के. पात्रा, विशेषज्ञ चिकित्सकगण, विद्यार्थी और गणमान्य नागरिक बड़ी संख्या में उपस्थित थे।

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