Media24Media.com: महानदी जल विवाद पर 1 अक्टूबर को अहम बैठक, अमित शाह की अध्यक्षता में होंगे दोनों राज्यों के मुख्यमंत्री

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महानदी जल विवाद पर 1 अक्टूबर को अहम बैठक, अमित शाह की अध्यक्षता में होंगे दोनों राज्यों के मुख्यमंत्री

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छत्तीसगढ़ और ओडिशा के बीच लंबे समय से चले आ रहे महानदी जल बंटवारे के विवाद को सुलझाने की दिशा में एक बार फिर बड़ी पहल हुई है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह 1 अक्टूबर को नई दिल्ली में छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी के साथ महत्वपूर्ण बैठक करेंगे। बैठक में दोनों राज्यों के वरिष्ठ अधिकारी भी शामिल होंगे।

बैठक क्यों महत्वपूर्ण है?

महानदी के पानी के बंटवारे को लेकर छत्तीसगढ़ और ओडिशा के बीच लंबे समय से मतभेद रहे हैं। ओडिशा की प्रमुख चिंता विशेष रूप से गैर-मानसून अवधि में महानदी के जल प्रवाह को लेकर रही है, जबकि छत्तीसगढ़ में नदी के ऊपरी हिस्से में जल परियोजनाओं और पानी के उपयोग से जुड़े मुद्दे विवाद का हिस्सा रहे हैं। मामला 2018 से Mahanadi Water Disputes Tribunal के समक्ष भी है।

समाधान के लिए बातचीत तेज

हाल के महीनों में दोनों राज्यों के बीच बातचीत और तकनीकी स्तर पर चर्चा बढ़ी है। 30 जुलाई 2026 को केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सी. आर. पाटिल की अध्यक्षता में दोनों मुख्यमंत्रियों और वरिष्ठ अधिकारियों की बैठक हुई थी। उस बैठक का उद्देश्य संवाद और तकनीकी सहयोग के जरिए विवाद का सौहार्दपूर्ण समाधान तलाशना था। केंद्र के अनुसार, संयुक्त तकनीकी समिति ने कई तकनीकी मुद्दों पर सहमति भी बनाई है।

इसके बाद 20 सितंबर को मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने भुवनेश्वर में ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी से मुलाकात की। दोनों नेताओं ने एक घंटे से अधिक समय तक बातचीत की। मुलाकात के बाद साय ने कहा था कि महानदी को लेकर कोई बड़ी समस्या नहीं है और समाधान जल्द निकलने की उम्मीद है।

1 अक्टूबर की बैठक में क्या होगा?

बैठक में दोनों राज्यों के मुख्यमंत्री अपने-अपने पक्ष और जल बंटवारे से जुड़े मुद्दे रखेंगे। रिपोर्टों के अनुसार, दोनों राज्यों के मुख्य सचिव और जल संसाधन विभाग के वरिष्ठ अधिकारी/मुख्य अभियंता भी बैठक में मौजूद रहेंगे। चर्चा का उद्देश्य दोनों राज्यों के बीच सहमति का रास्ता तलाशना और विवाद के समाधान की दिशा में आगे बढ़ना है।

मामला अभी पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है

यह ध्यान रखना जरूरी है कि 1 अक्टूबर की बैठक को अंतिम समाधान या समझौता नहीं माना जा सकता। फिलहाल विवाद पर न्यायिक/तकनीकी प्रक्रिया भी चल रही है। केंद्र और दोनों राज्य सरकारें बातचीत तथा तकनीकी परामर्श के जरिए समाधान तलाशने की कोशिश कर रही हैं।



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