Media24Media.com: बैगलेस डे योजना प्रभावी नहीं, अभिभावकों में बढ़ रही नाराजगी

Responsive Ad Slot

Latest

latest


 

बैगलेस डे योजना प्रभावी नहीं, अभिभावकों में बढ़ रही नाराजगी

Document Thumbnail

स्कूलों में गतिविधियों के बजाय छुट्टी या सामान्य दिनचर्या, उद्देश्य पर उठ रहे सवाल

महासमुंद- स्कूलों में बच्चों के तनाव को कम करने और उन्हें किताबी पढ़ाई के साथ रचनात्मक, सांस्कृतिक एवं व्यावहारिक गतिविधियों से जोड़ने के उद्देश्य से लागू की गई बैगलेस डे योजना जिले के कई स्कूलों में प्रभावी रूप से क्रियान्वित होती दिखाई नहीं दे रही है। अभिभावकों का कहना है कि योजना के तहत होने वाली गतिविधियों और उसके सकारात्मक प्रभाव का उन्हें अपेक्षित रूप से अनुभव नहीं हो रहा है।

अभिभावकों के अनुसार, कई निजी स्कूलों में बैगलेस डे के नाम पर न तो पर्याप्त शैक्षणिक गतिविधियां आयोजित की जाती हैं और न ही सांस्कृतिक अथवा रचनात्मक कार्यक्रम। कुछ स्कूलों में इस दिन बच्चों की जल्दी छुट्टी कर दी जाती है। इससे अभिभावकों में यह सवाल उठ रहा है कि यदि बैगलेस डे का उद्देश्य बच्चों को पढ़ाई से अलग कर रचनात्मक और व्यावहारिक गतिविधियों से जोड़ना है, तो उसका धरातल पर सही क्रियान्वयन क्यों नहीं हो रहा है।

चेतना विकास मूल्य शिक्षा संचालित अभिभावक विद्यालय कोकड़ी के शिक्षक गेंदलाल कोकडिया ने इस संबंध में कहा कि बैगलेस डे की अवधारणा अच्छी है, लेकिन सरकारी और निजी दोनों स्कूलों में इसके वास्तविक उद्देश्य को पूरी तरह समझने और लागू करने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि कई निजी स्कूलों में इस दिन न तो बैगलेस डे से संबंधित सांस्कृतिक कार्यक्रम और गतिविधियां दिखाई देती हैं और न ही बच्चों को नियमित पढ़ाई कराई जाती है।

उन्होंने कहा कि वर्तमान में सरकारी स्कूलों में वीएसके एप के माध्यम से शिक्षकों और विद्यार्थियों की उपस्थिति तथा शैक्षणिक गतिविधियों की निगरानी बढ़ी है। ऐसे में शनिवार को निजी स्कूलों में पढ़ने वाले कुछ बच्चे भी पढ़ाई के लिए सरकारी स्कूलों की ओर भेजे जाने की स्थिति बन रही है।

गेंदलाल कोकडिया का सुझाव है कि बैगलेस डे को केवल पढ़ाई से अलग रखने के बजाय पढ़ाई के साथ सांस्कृतिक, रचनात्मक, खेलकूद और व्यावहारिक गतिविधियों को जोड़कर आयोजित किया जाना चाहिए। इससे बच्चों की नियमित पढ़ाई भी प्रभावित नहीं होगी और बैगलेस डे का उद्देश्य भी पूरा किया जा सकेगा।

उन्होंने कहा कि यदि बैगलेस डे की गतिविधियां स्कूलों में प्रभावी रूप से संचालित नहीं हो पा रही हैं, तो शासन को इसकी समीक्षा करनी चाहिए। आवश्यकता होने पर उस दिन भी नियमित शैक्षणिक गतिविधियों के साथ सांस्कृतिक एवं रचनात्मक कार्यक्रम आयोजित किए ज

Advertisement Sushasan Divas Advertisement Mohan Chandrakar Chhattisgarh Tourism Chhattisgarh Tourism
Don't Miss
© Media24Media | All Rights Reserved | Infowt Information Web Technologies.