Media24Media.com: शिक्षकों की कमी से छात्राओं का फूटा आक्रोश, स्कूल में जड़ा ताला

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शिक्षकों की कमी से छात्राओं का फूटा आक्रोश, स्कूल में जड़ा ताला

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पांच प्रमुख विषयों के शिक्षक नहीं होने से पढ़ाई प्रभावित, छात्राओं के साथ अभिभावक भी उतरे विरोध में

धमतरी- छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले के बारना स्थित शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में शिक्षकों की कमी को लेकर छात्र-छात्राओं और अभिभावकों का आक्रोश सोमवार को खुलकर सामने आया। लंबे समय से पर्याप्त शिक्षक नहीं होने से पढ़ाई प्रभावित होने का आरोप लगाते हुए विद्यार्थियों और ग्रामीणों ने स्कूल के मुख्य गेट पर तालाबंदी कर प्रदर्शन किया।

पांच विषयों की पढ़ाई पर संकट

प्रदर्शनकारियों का कहना है कि स्कूल में हिंदी, अंग्रेजी, रसायन, भूगोल और सामाजिक विज्ञान जैसे महत्वपूर्ण विषयों के शिक्षक उपलब्ध नहीं हैं। शिक्षकों की कमी के कारण विद्यार्थियों को नियमित कक्षाएं नहीं मिल पा रही हैं और उनकी पढ़ाई पर सीधा असर पड़ रहा है।

विद्यार्थियों का कहना है कि परीक्षा और भविष्य की तैयारी के लिए विषयवार शिक्षकों की आवश्यकता है। शिक्षकों के अभाव में उन्हें पाठ्यक्रम पूरा करने और कठिन विषयों को समझने में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

बारिश में भी प्रदर्शन पर डटे रहे विद्यार्थी और ग्रामीण

शिक्षकों की मांग को लेकर विद्यार्थी, अभिभावक और ग्रामीण स्कूल परिसर पहुंचे। बारिश के बावजूद प्रदर्शनकारियों ने स्कूल के मुख्य गेट पर ताला लगाकर नारेबाजी की। ग्रामीणों का कहना है कि वे लंबे समय से स्कूल में पर्याप्त शिक्षकों की नियुक्ति की मांग कर रहे हैं, लेकिन समस्या का स्थायी समाधान नहीं हुआ।

कई बार दे चुके हैं आवेदन

ग्रामीणों के अनुसार, शिक्षकों की कमी दूर करने के लिए पहले भी संबंधित अधिकारियों को आवेदन और ज्ञापन दिए जा चुके हैं। इसके बावजूद जब स्थिति में सुधार नहीं हुआ तो विद्यार्थियों और अभिभावकों को आंदोलन का रास्ता अपनाना पड़ा। प्रदर्शनकारियों ने शिक्षा विभाग से जल्द से जल्द विषयवार शिक्षकों की व्यवस्था करने की मांग की है।

पढ़ाई के साथ भविष्य की चिंता

विद्यार्थियों का कहना है कि स्कूल में शिक्षक नहीं होने का असर केवल वर्तमान पढ़ाई पर नहीं, बल्कि उनके भविष्य पर भी पड़ रहा है। खासकर उच्च कक्षाओं के विद्यार्थियों के लिए विषय विशेषज्ञ शिक्षकों की कमी गंभीर समस्या बन गई है।

अभिभावकों ने भी कहा कि ग्रामीण क्षेत्र के बच्चों के लिए सरकारी स्कूल ही शिक्षा का प्रमुख माध्यम है। ऐसे में यदि स्कूल में पर्याप्त शिक्षक नहीं होंगे तो बच्चों की शिक्षा और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी प्रभावित होना स्वाभाविक है।

प्रशासन से तत्काल नियुक्ति की मांग

प्रदर्शन कर रहे विद्यार्थियों, अभिभावकों और ग्रामीणों ने शिक्षा विभाग से मांग की है कि स्कूल में खाली पदों पर जल्द से जल्द शिक्षकों की नियुक्ति की जाए। प्रदर्शनकारियों ने स्पष्ट किया कि जब तक पढ़ाई सुचारु करने के लिए पर्याप्त शिक्षकों की व्यवस्था नहीं होती, तब तक समस्या को लेकर उनका विरोध जारी रह सकता है।

यह मामला छत्तीसगढ़ के सरकारी स्कूलों में शिक्षकों की उपलब्धता और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े करता है। प्रदेश के कई हिस्सों में शिक्षकों की कमी को लेकर विद्यार्थियों और ग्रामीणों द्वारा प्रदर्शन किए जाने की खबरें सामने आई हैं।

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