Media24Media.com: रेल यात्रियों के खाने-पानी की क्वालिटी पर रेलवे अलर्ट, खाना कैसा और पानी कितना साफ? अब हर चीज पर रहेगी नजर

Responsive Ad Slot

Latest

latest


 

रेल यात्रियों के खाने-पानी की क्वालिटी पर रेलवे अलर्ट, खाना कैसा और पानी कितना साफ? अब हर चीज पर रहेगी नजर

Document Thumbnail

नई दिल्ली- भारतीय रेलवे से सफर करने वाले करोड़ों यात्रियों के लिए खाने-पीने की गुणवत्ता और स्वच्छता बेहद महत्वपूर्ण मुद्दा है। ट्रेन में सफर के दौरान यात्रियों को मिलने वाले भोजन की गुणवत्ता, रसोई की साफ-सफाई और पीने के पानी की सुरक्षा को लेकर रेलवे अब निगरानी व्यवस्था को और मजबूत कर रहा है। खासतौर पर IRCTC की रसोइयों में भोजन तैयार होने से लेकर उसके रखरखाव तक की प्रक्रिया पर तकनीक के जरिए नजर रखी जा रही है।

खाने की गुणवत्ता पर रेलवे की कड़ी नजर

ट्रेनों में यात्रियों को परोसे जाने वाले भोजन को लेकर समय-समय पर शिकायतें सामने आती रही हैं। कहीं खाने की गुणवत्ता खराब होने की शिकायत होती है तो कहीं भोजन में कीड़े या साफ-सफाई से जुड़ी समस्याएं सामने आती हैं। इन शिकायतों को देखते हुए रेलवे और IRCTC ने रसोई की निगरानी व्यवस्था को अधिक तकनीकी और प्रभावी बनाने पर जोर दिया है।

रिपोर्टों के मुताबिक, देशभर में यात्रियों के लिए खाना तैयार करने वाली 800 से अधिक IRCTC रसोइयों की निगरानी लगभग 2,400 AI आधारित CCTV कैमरों के माध्यम से की जा रही है। इन कैमरों की मदद से रसोई में साफ-सफाई, खाद्य सामग्री के रखरखाव और संभावित कीट-पतंगों जैसी समस्याओं पर नजर रखी जा रही है।

AI कैमरे बताएंगे रसोई में क्या चल रहा है

नई निगरानी व्यवस्था में AI तकनीक का इस्तेमाल महत्वपूर्ण माना जा रहा है। यदि रसोई में चूहे, कॉकरोच, मच्छर या मक्खियों जैसी समस्या दिखाई देती है अथवा साफ-सफाई के मानकों में कमी मिलती है, तो इसकी सूचना संबंधित अधिकारियों तक पहुंचाई जा सकती है।

रिपोर्ट के अनुसार, दिल्ली के वर्ल्ड ट्रेड सेंटर स्थित एक मास्टर कंट्रोल रूम से इन कैमरों की निगरानी की जाती है। किसी रसोई में समस्या सामने आने पर संबंधित किचन मैनेजर को उसे ठीक करने के निर्देश दिए जाते हैं। लगातार लापरवाही होने पर कार्रवाई की व्यवस्था भी बताई गई है। 

रोटी और पराठे की गुणवत्ता भी होगी मॉनिटर

हाल ही में रेलवे की ओर से रोटी और पराठे की गुणवत्ता पर भी विशेष ध्यान देने की बात सामने आई है। इनके निर्माण की पूरी प्रक्रिया की समीक्षा करने और गुणवत्ता में एकरूपता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।

इसके साथ ही कच्चे माल के स्टोरेज एरिया में अतिरिक्त कैमरे लगाने तथा PTZ कैमरे के जरिए निगरानी बढ़ाने की योजना बताई गई है। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि भोजन तैयार करने से पहले इस्तेमाल होने वाली सामग्री भी उचित परिस्थितियों में रखी जाए।

अब सवाल—रेलवे स्टेशन का पानी कितना साफ है?

खाने के साथ-साथ रेलवे स्टेशनों पर उपलब्ध पेयजल की गुणवत्ता भी यात्रियों के लिए बड़ा मुद्दा है। हालिया रिपोर्टों में CAG द्वारा किए गए निरीक्षण के बाद रेलवे स्टेशनों की पानी व्यवस्था को लेकर कई कमियां सामने आने की बात कही गई है।

रिपोर्ट के अनुसार, 512 गैर-उपनगरीय रेलवे स्टेशनों का निरीक्षण किया गया था। कुछ स्थानों से लिए गए पानी के नमूनों में E. coli और coliform bacteria पाए जाने की जानकारी सामने आई। इसके बाद पानी की नियमित जांच, टैंकों की सफाई और पानी की सप्लाई व्यवस्था को बेहतर बनाने पर जोर दिया गया है।

करीब 20 हजार स्थानों पर पानी की व्यवस्था मजबूत करने के निर्देश

रिपोर्ट के मुताबिक, रेलवे ने टैंक से नल तक पानी की सप्लाई व्यवस्था को मजबूत करने के लिए लगभग 20 हजार स्थानों पर सुधार के निर्देश दिए हैं। इसका उद्देश्य यात्रियों को सुरक्षित और स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराना है।

निरीक्षण में केवल पानी की गुणवत्ता ही नहीं, बल्कि यात्रियों के लिए उपलब्ध नलों और अन्य सुविधाओं से जुड़ी कमियां भी सामने आईं। ऐसे में रेलवे की ओर से पानी की व्यवस्था की नियमित निगरानी और रखरखाव पर अधिक जोर दिया जा रहा है।

ट्रेन में पानी खरीदते समय यात्री भी रहें सावधान

रेलवे ने यात्रियों को ट्रेन या स्टेशन पर पानी खरीदते समय भी सावधानी बरतने की सलाह दी है। अनधिकृत विक्रेताओं से पानी खरीदने के बजाय यात्रियों को अधिकृत स्टॉल और अधिकृत ब्रांड से ही पैकेज्ड ड्रिंकिंग वॉटर लेने की सलाह दी जाती है।

पानी की बोतल खरीदते समय यात्रियों को सील, ब्रांड और MRP जरूर देखनी चाहिए। यदि कोई विक्रेता अधिक कीमत वसूलता है या बिना अनुमति वाला ब्रांड बेचता है, तो इसकी शिकायत रेलवे हेल्पलाइन 139 पर की जा सकती है।

खाने-पानी में गड़बड़ी मिले तो क्या करें?

अगर ट्रेन में भोजन खराब हो, भोजन में कोई बाहरी वस्तु या कीड़ा मिले, खाना बासी लगे या पानी की गुणवत्ता को लेकर संदेह हो, तो यात्री चुप रहने के बजाय शिकायत दर्ज करा सकते हैं।

यात्री अपनी शिकायत के लिए:

  • रेलवे हेल्पलाइन 139 का इस्तेमाल कर सकते हैं।

  • RailMadad के माध्यम से शिकायत दर्ज कर सकते हैं।

  • स्टेशन पर होने की स्थिति में स्टेशन मास्टर या संबंधित रेलवे अधिकारी को सूचना दे सकते हैं।

  • शिकायत करते समय ट्रेन नंबर, PNR, कोच और सीट की जानकारी देना उपयोगी रहेगा।

  • भोजन या पानी में समस्या होने पर संभव हो तो फोटो/वीडियो भी सुरक्षित रखें।

क्यों महत्वपूर्ण है यह कदम?

भारतीय रेलवे में रोजाना बड़ी संख्या में लोग यात्रा करते हैं। लंबी दूरी की यात्रा में यात्रियों के लिए भोजन और पीने का पानी बुनियादी जरूरत है। ऐसे में केवल भोजन उपलब्ध कराना पर्याप्त नहीं है, बल्कि उसकी गुणवत्ता, स्वच्छता, सुरक्षित भंडारण और सही तरीके से परोसे जाने की निगरानी भी जरूरी है।

AI आधारित कैमरों और केंद्रीय निगरानी व्यवस्था का इस्तेमाल इस दिशा में रेलवे की निगरानी क्षमता को बढ़ा सकता है। दूसरी ओर, पानी की नियमित जांच और सप्लाई सिस्टम में सुधार से यात्रियों को सुरक्षित पेयजल उपलब्ध कराने में मदद मिल सकती है।

यात्रियों के लिए सीधा संदेश

रेलवे की निगरानी व्यवस्था मजबूत हो रही है, लेकिन यात्रियों की सतर्कता भी उतनी ही जरूरी है। ट्रेन या स्टेशन पर अनधिकृत वेंडर से खाना-पानी न खरीदें, पैकेज्ड पानी की सील और MRP जांचें और भोजन की गुणवत्ता खराब लगे तो तुरंत शिकायत करें।

यानी अब रेलवे का फोकस सिर्फ ट्रेन चलाने तक सीमित नहीं, बल्कि यात्रियों को साफ, सुरक्षित और बेहतर गुणवत्ता वाला खाना-पानी उपलब्ध कराने पर भी लगातार बढ़ रहा है।

Don't Miss
© Media24Media | All Rights Reserved | Infowt Information Web Technologies.