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रायपुर-दुर्ग रेल रूट पर बदली व्यवस्था, 3 दिन इन MEMU ट्रेनों का ठहराव रहेगा रद्द

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 रायपुर। संरक्षा और आवश्यक अधोसंरचना से जुड़े कार्यों को ध्यान में रखते हुए रायपुर रेल मंडल के रायपुर-दुर्ग सेक्शन में कुछ MEMU पैसेंजर ट्रेनों के ठहराव में अस्थायी बदलाव किया गया है। रेलवे के अनुसार, 13 सितंबर से 15 सितंबर 2026 तक ‘C’ और ‘D’ केबिन पर कुछ ट्रेनों का ठहराव निरस्त रहेगा।


इस अवधि में संबंधित ट्रेनों को इन केबिनों पर निर्धारित ठहराव नहीं मिलेगा। यात्रियों से अपील की गई है कि यात्रा से पहले ट्रेन के ठहराव और समय की जानकारी जरूर जांच लें।

‘C’ केबिन पर इन ट्रेनों का ठहराव रहेगा निरस्त

  1. 68703 रायपुर–दुर्ग MEMU पैसेंजर
  2. 68705 रायपुर–डोंगरगढ़ MEMU पैसेंजर
  3. 68764 रायपुर–तोड़ोकी MEMU पैसेंजर
  4. 68717 रायपुर–दुर्ग MEMU पैसेंजर
  5. 68709 रायपुर–डोंगरगढ़ MEMU पैसेंजर

‘D’ केबिन पर इन ट्रेनों का ठहराव नहीं होगा

  1. 68730 डोंगरगढ़–रायपुर MEMU पैसेंजर
  2. 68702 दुर्ग–रायपुर MEMU पैसेंजर
  3. 68704 दुर्ग–रायपुर MEMU पैसेंजर
  4. 68765 तोड़ोकी–रायपुर MEMU पैसेंजर
  5. 68708 दुर्ग–रायपुर MEMU पैसेंजर
  6. 68706 डोंगरगढ़–बिलासपुर MEMU पैसेंजर

तीन दिनों तक लागू रहेगी व्यवस्था

रेलवे के मुताबिक, यह अस्थायी व्यवस्था 13, 14 और 15 सितंबर 2026 तक प्रभावी रहेगी। इसके बाद संबंधित ट्रेनों के ठहराव सामान्य व्यवस्था के अनुसार बहाल किए जाएंगे। यात्रियों को असुविधा से बचने के लिए यात्रा से पहले रेलवे की ओर से जारी अपडेट की जानकारी लेने की सलाह दी गई है।

रेल यात्रियों के खाने-पानी की क्वालिटी पर रेलवे अलर्ट, खाना कैसा और पानी कितना साफ? अब हर चीज पर रहेगी नजर

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नई दिल्ली- भारतीय रेलवे से सफर करने वाले करोड़ों यात्रियों के लिए खाने-पीने की गुणवत्ता और स्वच्छता बेहद महत्वपूर्ण मुद्दा है। ट्रेन में सफर के दौरान यात्रियों को मिलने वाले भोजन की गुणवत्ता, रसोई की साफ-सफाई और पीने के पानी की सुरक्षा को लेकर रेलवे अब निगरानी व्यवस्था को और मजबूत कर रहा है। खासतौर पर IRCTC की रसोइयों में भोजन तैयार होने से लेकर उसके रखरखाव तक की प्रक्रिया पर तकनीक के जरिए नजर रखी जा रही है।

खाने की गुणवत्ता पर रेलवे की कड़ी नजर

ट्रेनों में यात्रियों को परोसे जाने वाले भोजन को लेकर समय-समय पर शिकायतें सामने आती रही हैं। कहीं खाने की गुणवत्ता खराब होने की शिकायत होती है तो कहीं भोजन में कीड़े या साफ-सफाई से जुड़ी समस्याएं सामने आती हैं। इन शिकायतों को देखते हुए रेलवे और IRCTC ने रसोई की निगरानी व्यवस्था को अधिक तकनीकी और प्रभावी बनाने पर जोर दिया है।

रिपोर्टों के मुताबिक, देशभर में यात्रियों के लिए खाना तैयार करने वाली 800 से अधिक IRCTC रसोइयों की निगरानी लगभग 2,400 AI आधारित CCTV कैमरों के माध्यम से की जा रही है। इन कैमरों की मदद से रसोई में साफ-सफाई, खाद्य सामग्री के रखरखाव और संभावित कीट-पतंगों जैसी समस्याओं पर नजर रखी जा रही है।

AI कैमरे बताएंगे रसोई में क्या चल रहा है

नई निगरानी व्यवस्था में AI तकनीक का इस्तेमाल महत्वपूर्ण माना जा रहा है। यदि रसोई में चूहे, कॉकरोच, मच्छर या मक्खियों जैसी समस्या दिखाई देती है अथवा साफ-सफाई के मानकों में कमी मिलती है, तो इसकी सूचना संबंधित अधिकारियों तक पहुंचाई जा सकती है।

रिपोर्ट के अनुसार, दिल्ली के वर्ल्ड ट्रेड सेंटर स्थित एक मास्टर कंट्रोल रूम से इन कैमरों की निगरानी की जाती है। किसी रसोई में समस्या सामने आने पर संबंधित किचन मैनेजर को उसे ठीक करने के निर्देश दिए जाते हैं। लगातार लापरवाही होने पर कार्रवाई की व्यवस्था भी बताई गई है। 

रोटी और पराठे की गुणवत्ता भी होगी मॉनिटर

हाल ही में रेलवे की ओर से रोटी और पराठे की गुणवत्ता पर भी विशेष ध्यान देने की बात सामने आई है। इनके निर्माण की पूरी प्रक्रिया की समीक्षा करने और गुणवत्ता में एकरूपता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।

इसके साथ ही कच्चे माल के स्टोरेज एरिया में अतिरिक्त कैमरे लगाने तथा PTZ कैमरे के जरिए निगरानी बढ़ाने की योजना बताई गई है। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि भोजन तैयार करने से पहले इस्तेमाल होने वाली सामग्री भी उचित परिस्थितियों में रखी जाए।

अब सवाल—रेलवे स्टेशन का पानी कितना साफ है?

खाने के साथ-साथ रेलवे स्टेशनों पर उपलब्ध पेयजल की गुणवत्ता भी यात्रियों के लिए बड़ा मुद्दा है। हालिया रिपोर्टों में CAG द्वारा किए गए निरीक्षण के बाद रेलवे स्टेशनों की पानी व्यवस्था को लेकर कई कमियां सामने आने की बात कही गई है।

रिपोर्ट के अनुसार, 512 गैर-उपनगरीय रेलवे स्टेशनों का निरीक्षण किया गया था। कुछ स्थानों से लिए गए पानी के नमूनों में E. coli और coliform bacteria पाए जाने की जानकारी सामने आई। इसके बाद पानी की नियमित जांच, टैंकों की सफाई और पानी की सप्लाई व्यवस्था को बेहतर बनाने पर जोर दिया गया है।

करीब 20 हजार स्थानों पर पानी की व्यवस्था मजबूत करने के निर्देश

रिपोर्ट के मुताबिक, रेलवे ने टैंक से नल तक पानी की सप्लाई व्यवस्था को मजबूत करने के लिए लगभग 20 हजार स्थानों पर सुधार के निर्देश दिए हैं। इसका उद्देश्य यात्रियों को सुरक्षित और स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराना है।

निरीक्षण में केवल पानी की गुणवत्ता ही नहीं, बल्कि यात्रियों के लिए उपलब्ध नलों और अन्य सुविधाओं से जुड़ी कमियां भी सामने आईं। ऐसे में रेलवे की ओर से पानी की व्यवस्था की नियमित निगरानी और रखरखाव पर अधिक जोर दिया जा रहा है।

ट्रेन में पानी खरीदते समय यात्री भी रहें सावधान

रेलवे ने यात्रियों को ट्रेन या स्टेशन पर पानी खरीदते समय भी सावधानी बरतने की सलाह दी है। अनधिकृत विक्रेताओं से पानी खरीदने के बजाय यात्रियों को अधिकृत स्टॉल और अधिकृत ब्रांड से ही पैकेज्ड ड्रिंकिंग वॉटर लेने की सलाह दी जाती है।

पानी की बोतल खरीदते समय यात्रियों को सील, ब्रांड और MRP जरूर देखनी चाहिए। यदि कोई विक्रेता अधिक कीमत वसूलता है या बिना अनुमति वाला ब्रांड बेचता है, तो इसकी शिकायत रेलवे हेल्पलाइन 139 पर की जा सकती है।

खाने-पानी में गड़बड़ी मिले तो क्या करें?

अगर ट्रेन में भोजन खराब हो, भोजन में कोई बाहरी वस्तु या कीड़ा मिले, खाना बासी लगे या पानी की गुणवत्ता को लेकर संदेह हो, तो यात्री चुप रहने के बजाय शिकायत दर्ज करा सकते हैं।

यात्री अपनी शिकायत के लिए:

  • रेलवे हेल्पलाइन 139 का इस्तेमाल कर सकते हैं।

  • RailMadad के माध्यम से शिकायत दर्ज कर सकते हैं।

  • स्टेशन पर होने की स्थिति में स्टेशन मास्टर या संबंधित रेलवे अधिकारी को सूचना दे सकते हैं।

  • शिकायत करते समय ट्रेन नंबर, PNR, कोच और सीट की जानकारी देना उपयोगी रहेगा।

  • भोजन या पानी में समस्या होने पर संभव हो तो फोटो/वीडियो भी सुरक्षित रखें।

क्यों महत्वपूर्ण है यह कदम?

भारतीय रेलवे में रोजाना बड़ी संख्या में लोग यात्रा करते हैं। लंबी दूरी की यात्रा में यात्रियों के लिए भोजन और पीने का पानी बुनियादी जरूरत है। ऐसे में केवल भोजन उपलब्ध कराना पर्याप्त नहीं है, बल्कि उसकी गुणवत्ता, स्वच्छता, सुरक्षित भंडारण और सही तरीके से परोसे जाने की निगरानी भी जरूरी है।

AI आधारित कैमरों और केंद्रीय निगरानी व्यवस्था का इस्तेमाल इस दिशा में रेलवे की निगरानी क्षमता को बढ़ा सकता है। दूसरी ओर, पानी की नियमित जांच और सप्लाई सिस्टम में सुधार से यात्रियों को सुरक्षित पेयजल उपलब्ध कराने में मदद मिल सकती है।

यात्रियों के लिए सीधा संदेश

रेलवे की निगरानी व्यवस्था मजबूत हो रही है, लेकिन यात्रियों की सतर्कता भी उतनी ही जरूरी है। ट्रेन या स्टेशन पर अनधिकृत वेंडर से खाना-पानी न खरीदें, पैकेज्ड पानी की सील और MRP जांचें और भोजन की गुणवत्ता खराब लगे तो तुरंत शिकायत करें।

यानी अब रेलवे का फोकस सिर्फ ट्रेन चलाने तक सीमित नहीं, बल्कि यात्रियों को साफ, सुरक्षित और बेहतर गुणवत्ता वाला खाना-पानी उपलब्ध कराने पर भी लगातार बढ़ रहा है।

चलती ट्रेन की खिड़की पर फंदे से लटका मिला यात्री का शव, हड़कंप

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 बीना। पुष्पक एक्सप्रेस के जनरल कोच के शौचालय की खिड़की पर गुरुवार देर रात एक यात्री का शव फंदे से लटका मिलने से हड़कंप मच गया। ट्रेन के बीना रेलवे जंक्शन पहुंचते ही जीआरपी ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए सिविल अस्पताल भेज दिया है। मृतक की पहचान छत्तीसगढ़ के कोरबा निवासी के रूप में हुई है।


बीना जंक्शन पर रोकी गई ट्रेन

जानकारी के अनुसार, ट्रेन संख्या 12534 पुष्पक एक्सप्रेस गुरुवार रात लगभग 10 बजे भोपाल से रवाना हुई थी। ट्रेन का अगला ठहराव ललितपुर था। देर रात करीब 12 बजे ट्रेन के गार्ड की नजर जनरल कोच के शौचालय की खिड़की पर पड़ी, जहां एक यात्री फंदे से लटकता दिखाई दिया। गार्ड ने तुरंत इसकी सूचना रेलवे कंट्रोल रूम को दी, जिसके बाद ट्रेन को बीना रेलवे जंक्शन पर आपातकालीन स्थिति में रोका गया।

पुलिस जांच में जुटी

स्टेशन पर मौजूद जीआरपी टीम ने शव को खिड़की से नीचे उतारा और पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए अस्पताल भेजा। जीआरपी पुलिस परिजनों को सूचना देने के साथ ही मामले की जांच में जुट गई है।

जांच जारी: पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि यात्री ट्रेन में कहां से सवार हुआ था। मौत के वास्तविक कारणों का खुलासा पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने और विस्तृत जांच के बाद ही हो सकेगा।

बिना टिकट यात्रा अब पड़ेगी महंगी: भारतीय रेलवे ने जुर्माना दोगुना किया, 20 जून से नए नियम लागू

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नई दिल्ली- भारतीय रेलवे ने बिना टिकट यात्रा करने वालों के खिलाफ बड़ा कदम उठाते हुए न्यूनतम जुर्माने की राशि दोगुनी कर दी है। अब ट्रेन में बिना वैध टिकट यात्रा करते पकड़े जाने पर यात्रियों को कम से कम 500 रुपये जुर्माना देना होगा। इससे पहले यह राशि 250 रुपये थी। नए नियम 20 जून 2026 से लागू हो गए हैं।

रेल मंत्रालय के अनुसार यह निर्णय जन विश्वास (संशोधन प्रावधान) अधिनियम, 2026 के तहत लिया गया है। इसका उद्देश्य रेलवे में बिना टिकट यात्रा पर रोक लगाना, राजस्व हानि को कम करना तथा यात्रियों के लिए अधिक सुरक्षित और अनुशासित यात्रा वातावरण सुनिश्चित करना है। 

नए प्रावधानों के अनुसार यदि कोई यात्री बिना टिकट यात्रा करते हुए पकड़ा जाता है तो उसे यात्रा किराए के साथ अतिरिक्त जुर्माना भी भरना होगा। जुर्माना न चुकाने की स्थिति में कानूनी कार्रवाई की जा सकती है, जिसमें अतिरिक्त दंड या जेल की सजा का प्रावधान भी शामिल है।

रेलवे अधिकारियों के अनुसार देशभर में बिना टिकट यात्रा के मामलों में लगातार वृद्धि देखी जा रही है। केवल मई 2026 में ही लाखों यात्रियों के खिलाफ कार्रवाई कर करोड़ों रुपये का जुर्माना वसूला गया। रेलवे का मानना है कि कड़े दंड से नियमों के पालन को बढ़ावा मिलेगा और ईमानदार यात्रियों को बेहतर सुविधाएं मिल सकेंगी।

नए नियमों के तहत केवल बिना टिकट यात्रा ही नहीं, बल्कि किसी अन्य व्यक्ति के टिकट पर यात्रा करना, रेलवे परिसरों में अव्यवस्था फैलाना, अवैध फेरी लगाना तथा महिलाओं के लिए आरक्षित डिब्बों में अनधिकृत प्रवेश जैसे मामलों पर भी सख्त कार्रवाई की जाएगी।

रेलवे ने यात्रियों से अपील की है कि वे यात्रा शुरू करने से पहले वैध टिकट अवश्य खरीदें और यात्रा के दौरान टिकट अपने पास रखें। अधिकारियों का कहना है कि इन कदमों से रेलवे सेवाओं में पारदर्शिता, अनुशासन और यात्री सुरक्षा को और मजबूती मिलेगी।


स्टेशन मास्टरों को मिलेगा अधिक अधिकार, रेलवे मंत्री अश्विनी वैष्णव ने की बड़ी समीक्षा बैठक

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नई दिल्ली- केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने भारतीय रेलवे में स्टेशन मास्टरों के सामने आने वाली चुनौतियों और उनकी कार्यक्षमता बढ़ाने के लिए वरिष्ठ अधिकारियों के साथ एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक की। बैठक में रेलवे संचालन को अधिक सुरक्षित, कुशल और यात्री-केंद्रित बनाने के लिए व्यापक सुधारों पर चर्चा की गई।

समीक्षा के दौरान स्टेशन मास्टरों की प्रशासनिक और परिचालन संबंधी समस्याओं की पहचान की गई तथा उनके समाधान के लिए कई प्रस्तावों पर विचार किया गया। रेलवे मंत्री ने स्टेशन मास्टरों को अधिक प्रशासनिक और परिचालन अधिकार देने, उनके कैरियर विकास के अवसर बढ़ाने और उन्हें उच्च प्रबंधन स्तर तक पहुंचने के लिए बेहतर अवसर उपलब्ध कराने पर जोर दिया।

बैठक में मल्टी-ट्रैक और अधिक यातायात वाले रेलखंडों में अतिरिक्त स्टेशन मास्टरों की नियुक्ति तथा रिक्त पदों को प्राथमिकता के आधार पर भरने पर भी चर्चा हुई। इसके साथ ही स्टेशन मास्टरों के लिए मोबाइल ऐप आधारित पेपरलेस कार्य प्रणाली और एकीकृत स्टेशन प्रबंधन प्रणाली विकसित करने के प्रस्तावों की समीक्षा की गई, जिससे विभिन्न रेलवे विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित हो सके।

रेल मंत्री ने आधुनिक प्रशिक्षण और कौशल विकास को भी महत्वपूर्ण बताया। इसके तहत वर्चुअल रियलिटी (VR), सिम्युलेटर और अन्य आधुनिक तकनीकों के माध्यम से स्टेशन मास्टरों को जटिल रेलवे संचालन और आपातकालीन परिस्थितियों से निपटने के लिए प्रशिक्षित करने की योजना पर चर्चा हुई।

यात्रियों की सुविधाओं में सुधार और स्थानीय समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए स्टेशन मास्टरों की वित्तीय शक्तियों को बढ़ाने के प्रस्तावों पर भी विचार किया गया। इससे स्टेशन स्तर पर रखरखाव कार्यों और यात्री सेवाओं में तेजी आने की उम्मीद है।

बैठक में सुरक्षा संबंधी मुद्दों की भी विस्तृत समीक्षा की गई। विशेष रूप से महिला स्टेशन मास्टरों और महिला पॉइंट्समैन की बढ़ती भागीदारी को ध्यान में रखते हुए बेहतर सुरक्षा उपकरण और उपयोगकर्ता-अनुकूल कार्यस्थल उपलब्ध कराने पर जोर दिया गया।

रेल मंत्रालय का मानना है कि इन सुधारों से स्टेशन मास्टरों को बेहतर संसाधन, आधुनिक तकनीक, उन्नत प्रशिक्षण और अधिक निर्णय लेने की क्षमता मिलेगी, जिससे भारतीय रेलवे का स्टेशन प्रबंधन तंत्र अधिक प्रभावी, आधुनिक और भविष्य के लिए तैयार बन सकेगा।

रेल यात्रियों के लिए बड़ी खबर-10 से 12 जून तक छत्तीसगढ़ की कई मेमू-डेमू ट्रेनें रहेंगी रद्द

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रायपुर- रेल यात्रियों के लिए महत्वपूर्ण सूचना है। रेलवे द्वारा किए जा रहे तकनीकी और रखरखाव कार्यों के चलते 10 जून से 12 जून 2026 के बीच छत्तीसगढ़ की कई मेमू (MEMU) और डेमू (DEMU) ट्रेनों का संचालन अस्थायी रूप से रद्द किया जाएगा।

रेलवे अधिकारियों के अनुसार, रेल पटरियों और अन्य तकनीकी व्यवस्थाओं को बेहतर बनाने के लिए यह कार्य किया जा रहा है। इसके कारण कुछ ट्रेनों को रद्द करने का निर्णय लिया गया है ताकि कार्य सुरक्षित और समय पर पूरा किया जा सके।

रेलवे ने यात्रियों से अपील की है कि यात्रा पर निकलने से पहले अपनी ट्रेन की स्थिति अवश्य जांच लें। इससे उन्हें किसी भी असुविधा से बचने में मदद मिलेगी। यात्रियों को रेलवे की आधिकारिक वेबसाइट, मोबाइल ऐप या हेल्पलाइन के माध्यम से अपडेट प्राप्त करने की सलाह दी गई है।

यात्रा की योजना बना रहे लोगों को वैकल्पिक व्यवस्था रखने और समय से पहले जानकारी प्राप्त करने की सलाह दी गई है।

मुख्य बातें:

  • 10 से 12 जून के बीच कई मेमू और डेमू ट्रेनें रद्द

  • रेलवे के तकनीकी और रखरखाव कार्य के कारण लिया गया फैसला

  • यात्रियों को यात्रा से पहले ट्रेन स्टेटस जांचने की सलाह

  • रेलवे ने वैकल्पिक यात्रा योजना बनाने की अपील की


आंध्र प्रदेश में रेलवे विकास को लेकर बड़ी घोषणाएं

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अश्विनी वैष्णव ने विशाखापत्तनम में गूगल क्लाउड इंडिया AI हब के ग्राउंड ब्रेकिंग समारोह के दौरान आंध्र प्रदेश में रेलवे विकास को लेकर कई अहम घोषणाएं कीं।

सबसे महत्वपूर्ण घोषणा साउथ कोस्टल रेलवे ज़ोन के गठन को लेकर रही। उन्होंने बताया कि इसके लिए गजट नोटिफिकेशन जल्द जारी किया जाएगा और 1 जून 2026 से यह ज़ोन प्रभावी हो जाएगा। इससे राज्य में रेलवे प्रशासन को और मजबूती मिलेगी।

मंत्री ने बताया कि आंध्र प्रदेश को इस बार ₹10,134 करोड़ का रिकॉर्ड रेलवे बजट मिला है, जो पहले आंध्र प्रदेश और तेलंगाना के संयुक्त बजट ₹886 करोड़ की तुलना में काफी अधिक है।

उन्होंने कहा कि राज्य में करीब ₹1,06,000 करोड़ के रेलवे प्रोजेक्ट्स पर काम चल रहा है, जिनका उद्देश्य बंदरगाहों, पर्यटन स्थलों और बड़े शहरों को बेहतर तरीके से जोड़ना है।

इंफ्रास्ट्रक्चर के क्षेत्र में भी बड़ी प्रगति हुई है। राज्य के 74 रेलवे स्टेशनों का पुनर्विकास किया जा रहा है। इसके अलावा 832 फ्लाईओवर और अंडरपास पूरे हो चुके हैं, जबकि 299 पर काम जारी है। रेलवे ट्रैक के मामले में 1,759 किमी ट्रैक तैयार हो चुका है और 3,300 किमी निर्माणाधीन है।

मंत्री ने यह भी बताया कि आंध्र प्रदेश का रेलवे नेटवर्क अब 100% विद्युतीकृत हो चुका है, जो इसे आधुनिक रेलवे प्रणाली में अग्रणी बनाता है।

यात्रियों की सुविधा के लिए राज्य में 16 वंदे भारत ट्रेन और 22 अमृत भारत ट्रेन सेवाएं चलाई जा रही हैं, जिससे यात्रा तेज और आरामदायक हुई है।

ईस्ट कोस्ट रेलवे कॉरिडोर को चार लाइनों वाला नेटवर्क बनाया जा रहा है, जिससे इसकी क्षमता दोगुनी हो जाएगी और करीब 500 नई ट्रेनों के संचालन का रास्ता खुलेगा। साथ ही, मालगाड़ी और कंटेनर सेवाओं को भी मजबूत किया जा रहा है।

भविष्य की हाई-स्पीड कनेक्टिविटी पर बात करते हुए मंत्री ने “हाई-स्पीड डायमंड” परियोजना का जिक्र किया, जिसके तहत प्रमुख शहरों के बीच यात्रा समय काफी कम हो जाएगा। जैसे:

  • अमरावती से हैदराबाद: लगभग 70 मिनट

  • अमरावती से चेन्नई: लगभग 112 मिनट

  • हैदराबाद से पुणे: लगभग 1 घंटा 55 मिनट

  • पुणे से मुंबई: लगभग 48 मिनट

  • चेन्नई से बेंगलुरु: लगभग 73 मिनट

  • हैदराबाद से बेंगलुरु: लगभग 2 घंटे 8 मिनट

मंत्री ने कहा कि ये सभी पहलें आंध्र प्रदेश को एक बड़ा रेलवे और लॉजिस्टिक्स हब बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम हैं। उन्होंने यह भी जोर दिया कि केंद्र सरकार दक्षिणी राज्यों के संतुलित विकास और जनकल्याण के लिए प्रतिबद्ध है।

भारतीय रेलवे ने रचा नया इतिहास, 99.6% विद्युतीकरण के साथ आधुनिक युग में प्रवेश

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नई दिल्ली- Indian Railways ने अपनी ऐतिहासिक यात्रा के 173 वर्ष पूरे करते हुए आधुनिकता और तकनीकी प्रगति के क्षेत्र में एक नया कीर्तिमान स्थापित किया है। 16 अप्रैल 1853 को मुंबई (तत्कालीन बॉम्बे) से ठाणे के बीच पहली यात्री ट्रेन के संचालन के साथ शुरू हुई यह यात्रा आज विश्व के सबसे बड़े रेलवे नेटवर्क में शामिल हो चुकी है।


ऐतिहासिक शुरुआत से आधुनिक उपलब्धियों तक

1853 में शुरू हुई रेलवे सेवा ने समय के साथ भाप इंजनों से लेकर डीजल और फिर इलेक्ट्रिक ट्रेनों तक का लंबा सफर तय किया है। आज भारतीय रेलवे का ब्रॉड गेज नेटवर्क 99.6% तक विद्युतीकृत हो चुका है, जो इसे दुनिया के अग्रणी रेल नेटवर्क में शामिल करता है।


यात्री और माल परिवहन में रिकॉर्ड वृद्धि

  • वर्ष 2025–26 में लगभग 741 करोड़ यात्रियों ने रेल यात्रा की

  • प्रतिदिन लगभग 25,000 ट्रेनें संचालित हो रही हैं

  • माल परिवहन 1,670 मिलियन टन तक पहुंचा

  • कुल राजस्व लगभग ₹80,000 करोड़ रहा

ये आंकड़े भारतीय रेलवे की विशालता और उसकी मजबूत भूमिका को दर्शाते हैं।

तकनीकी और सुरक्षा में बड़ा सुधार

भारतीय रेलवे ने सुरक्षा और तकनीक के क्षेत्र में भी उल्लेखनीय प्रगति की है—

  • ‘कवच’ सुरक्षा प्रणाली Kavach System 3,100 किलोमीटर मार्ग पर लागू

  • 24,400 किलोमीटर पर कार्य जारी

  • AI आधारित वीडियो निगरानी प्रणाली 1,800 से अधिक स्टेशनों पर

  • डिजिटल सूचना प्रणाली से यात्रियों को रियल-टाइम जानकारी

आधुनिक ट्रेनों और नई सेवाओं का विस्तार

  • Vande Bharat Express से यात्रा में तेजी और आराम

  • 2025–26 में लगभग 3.98 करोड़ यात्रियों ने यात्रा की

  • Amrit Bharat Express से किफायती यात्रा सुविधा

  • 60 नई सेवाएं शुरू


हाई-स्पीड रेल और भविष्य की योजनाएं

सरकार ने रेलवे के लिए ₹2.78 लाख करोड़ का रिकॉर्ड बजट आवंटित किया है।
इसके तहत 7 हाई-स्पीड कॉरिडोर विकसित किए जा रहे हैं, जिनमें Mumbai Ahmedabad High Speed Rail प्रमुख है।

डिजिटल और इंफ्रास्ट्रक्चर विकास

  • 1,396 स्टेशनों पर डिजिटल नेटवर्क (IP MPLS)

  • 119 स्टेशनों का आधुनिकीकरण

  • ‘RailOne App’ से डिजिटल सेवाओं की शुरुआत

  • 35 गती शक्ति कार्गो टर्मिनल शुरू


निष्कर्ष

भारतीय रेलवे ने 173 वर्षों में एक लंबा और प्रेरणादायक सफर तय किया है।
आज यह न केवल देश की जीवन रेखा है, बल्कि आर्थिक विकास, औद्योगिक प्रगति और सामाजिक एकता का मजबूत आधार भी है।


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