Media24Media.com: मणिपुर के सेनापति में फिर भड़की हिंसा: कई घरों में आगजनी, गोलीबारी में CRPF जवान घायल

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मणिपुर के सेनापति में फिर भड़की हिंसा: कई घरों में आगजनी, गोलीबारी में CRPF जवान घायल

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इंफाल- मणिपुर के सेनापति जिले में सोमवार को एक बार फिर हिंसा भड़क उठी। ताफू और आसपास के इलाकों में आगजनी के बाद दो गुटों के बीच गोलीबारी हुई, जिसमें केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) का एक जवान घायल हो गया। हिंसा के दौरान कई घरों को आग के हवाले किए जाने की भी सूचना है। घटना के बाद स्थानीय लोगों ने विरोध प्रदर्शन करते हुए राष्ट्रीय राजमार्ग-2 (NH-2) को भी बाधित किया। प्रशासन ने इलाके में सुरक्षा बढ़ा दी है।

तड़के शुरू हुई आगजनी

पुलिस और अधिकारियों के अनुसार, सोमवार तड़के करीब 2:30 से 2:40 बजे कांगपोकपी जिले के ताफू कुकी गांव में एक मकान में आग लगा दी गई। आग की सूचना मिलने के बाद दमकलकर्मियों को बुलाया गया और इलाके में पुलिस की तैनाती की गई।

इसके बाद सुबह करीब 4 बजे सेनापति जिले के नागा ताफू इलाके में कई मकानों को कथित तौर पर जला दिया गया। उपलब्ध प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, कुछ घरों को नुकसान पहुंचा और कुछ पूरी तरह जल गए। हालांकि, प्रशासन की ओर से अभी तक नुकसान का अंतिम आंकड़ा जारी नहीं किया गया है।

गोलीबारी में 54 वर्षीय CRPF जवान घायल

आगजनी के बाद स्थिति और तनावपूर्ण हो गई। सुबह करीब 9:20 बजे ताफू नागा इलाके में दो गुटों के बीच गोलीबारी शुरू हो गई। इसी दौरान 36वीं बटालियन के 54 वर्षीय CRPF कांस्टेबल को गोली लगने की सूचना है।

घायल जवान को तत्काल सेनापति जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां उसका उपचार किया जा रहा है। अधिकारियों के मुताबिक जवान की हालत खतरे से बाहर बताई गई है।

NH-2 पर प्रदर्शन, यातायात प्रभावित

आगजनी की घटनाओं के बाद स्थानीय लोगों में आक्रोश फैल गया। प्रदर्शनकारियों ने सेनापति गेट के पास राष्ट्रीय राजमार्ग-2 पर लकड़ियां और टायर जलाकर सड़क को बाधित किया, जिससे वाहनों की आवाजाही प्रभावित हुई।

NH-2 मणिपुर को नागालैंड और आगे देश के अन्य हिस्सों से जोड़ने वाला महत्वपूर्ण मार्ग है। ऐसे में सड़क अवरोध के कारण इस मार्ग पर यातायात प्रभावित होना क्षेत्र की सामान्य आवाजाही के लिए गंभीर चिंता का विषय माना जा रहा है।

ग्रामीण प्रशासन ने की घटना की निंदा

ताफू कुकी विलेज अथॉरिटी ने मकानों को जलाए जाने और संपत्ति के नुकसान की कड़ी निंदा की है। स्थानीय प्राधिकरण ने दोषियों की पहचान कर उनके खिलाफ कार्रवाई की मांग की है तथा प्रशासन से मामले की जांच करने की अपील की है।

प्राधिकरण ने हिंसा, आगजनी और संपत्ति के नुकसान से दूर रहने की अपील भी की है।

इलाके में सुरक्षा बढ़ाई गई

घटना के बाद सेनापति और कांगपोकपी के प्रभावित इलाकों में सुरक्षा बलों की तैनाती बढ़ा दी गई है। प्रशासन का प्रयास है कि हिंसा को आगे फैलने से रोका जाए और इलाके में कानून-व्यवस्था बहाल की जाए। गोलीबारी किस पक्ष की ओर से शुरू हुई और आगजनी के पीछे कौन लोग जिम्मेदार हैं, इसकी जांच की जा रही है।

प्रारंभिक रिपोर्टों में किसी नागरिक की मौत की पुष्टि नहीं हुई है। हालांकि, संपत्ति के नुकसान और घटनाओं की पूरी स्थिति का आकलन अभी किया जा रहा है।

2023 से जारी तनाव की पृष्ठभूमि

सेनापति और कांगपोकपी सहित मणिपुर के कई इलाकों में लंबे समय से जातीय और सामुदायिक तनाव बना हुआ है। मई 2023 में शुरू हुए व्यापक संघर्ष के बाद राज्य में 260 से अधिक लोगों की मौत और हजारों लोगों के विस्थापित होने की रिपोर्ट सामने आई है।

सोमवार की ताजा घटना ने एक बार फिर संवेदनशील इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था और शांति बहाली को लेकर चिंता बढ़ा दी है। फिलहाल प्रशासन की प्राथमिकता प्रभावित क्षेत्रों में स्थिति को नियंत्रित करना, घायल CRPF जवान का उपचार सुनिश्चित करना, दोषियों की पहचान करना और किसी भी संभावित जवाबी हिंसा को रोकना है।

नोट: यह एक विकसित होती हुई खबर है। आगजनी में क्षतिग्रस्त या जले मकानों की अंतिम संख्या और घटना के पीछे जिम्मेदार लोगों के संबंध में आधिकारिक जांच पूरी होने के बाद स्थिति और स्पष्ट हो सकती है।

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