Media24Media.com: कृषि छात्रों के लिए बड़ी सौगात: 6,000 से अधिक विद्यार्थियों को 21.35 करोड़ रुपये की छात्रवृत्ति जारी

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कृषि छात्रों के लिए बड़ी सौगात: 6,000 से अधिक विद्यार्थियों को 21.35 करोड़ रुपये की छात्रवृत्ति जारी

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मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने सोमवार को पूसा स्थित आईसीएआर-आईएआरआई में राष्ट्रीय छात्रवृत्ति पोर्टल (NSP) के माध्यम से देशभर के कृषि विद्यार्थियों के लिए छात्रवृत्ति एवं फेलोशिप की राशि जारी की। इस पहल के तहत 6,000 से अधिक विद्यार्थियों को प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (DBT) के माध्यम से कुल 21.35 करोड़ रुपये की राशि सीधे उनके खातों में जारी की गई। इस नई व्यवस्था की शुरुआत के साथ अब कृषि विद्यार्थियों को हर महीने DBT के माध्यम से छात्रवृत्ति की राशि प्राप्त होगी, जिससे अनावश्यक कठिनाइयों और देरी से राहत मिलेगी। इस पहल का उद्देश्य छात्रवृत्ति वितरण की प्रक्रिया को अधिक सुव्यवस्थित बनाना तथा विद्यार्थियों को समय पर और बिना किसी परेशानी के आर्थिक सहायता उपलब्ध कराना है।

इस अवसर पर केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि छात्रवृत्ति केवल आर्थिक सहायता का माध्यम नहीं है, बल्कि यह कृषि शिक्षा को मजबूत, अधिक व्यावहारिक और रोजगार एवं अन्य अवसरों से बेहतर ढंग से जोड़ने का भी साधन है। उन्होंने कहा कि DBT प्रणाली लागू होने से विद्यार्थियों को समय पर सहायता मिलेगी और पारंपरिक व्यवस्था में होने वाली देरी की समस्या समाप्त होगी।

विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए शिवराज सिंह चौहान ने कृषि शिक्षा में व्यावहारिक प्रशिक्षण के महत्व पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि केवल कक्षा में पढ़ाई से अच्छे किसान, वैज्ञानिक या कृषि उद्यमी तैयार नहीं किए जा सकते। विद्यार्थियों को व्यावहारिक अनुभव प्राप्त करने और कक्षा से बाहर कृषि की वास्तविक परिस्थितियों को समझने के पर्याप्त अवसर मिलने चाहिए। उन्होंने विद्यार्थियों से सुझाव और विचार साझा करने की भी अपील की, ताकि शिक्षा एवं प्रशिक्षण व्यवस्था को लगातार बेहतर बनाया जा सके। उन्होंने कहा कि कृषि शिक्षा का उद्देश्य केवल ज्ञान प्रदान करना नहीं होना चाहिए, बल्कि युवाओं को व्यावहारिक कौशल, आत्मविश्वास और कृषि क्षेत्र की आवश्यकताओं की समझ से भी सशक्त बनाना चाहिए, ताकि वे कृषि क्षेत्र में प्रभावी योगदान दे सकें।

चौहान ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व और मार्गदर्शन में सरकार कृषि क्षेत्र में खाद्य सुरक्षा, पोषण सुरक्षा और किसानों की आय सुरक्षा को प्राथमिकता दे रही है। उन्होंने भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (ICAR) के वैज्ञानिकों के योगदान की सराहना करते हुए कहा कि वैज्ञानिकों के अनुसंधान और किसानों की मेहनत ने देश के खाद्यान्न भंडार को मजबूत किया है तथा भारत की कृषि प्रगति में महत्वपूर्ण योगदान दिया है।

उन्होंने युवाओं से अपने करियर के निर्माण के साथ-साथ बड़े लक्ष्य निर्धारित करने और देश के लिए कुछ सार्थक करने का आह्वान किया। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि कृषि विद्यार्थियों को केवल रोजगार पाने तक ही सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि उन्हें नवाचार, स्टार्ट-अप और अनुसंधान के क्षेत्र में भी नेतृत्वकारी भूमिका निभानी चाहिए। उन्होंने युवा पीढ़ी को कृषि को व्यापक अवसरों वाले क्षेत्र के रूप में देखने तथा उभरती चुनौतियों के समाधान के लिए नए विचार और समाधान विकसित करने में योगदान देने के लिए प्रोत्साहित किया। उन्होंने कृषि क्षेत्र में वैज्ञानिक प्रगति, उद्यमिता और नवाचार को आगे बढ़ाने में युवा कृषि पेशेवरों और विद्यार्थियों की महत्वपूर्ण भूमिका को रेखांकित किया।

शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि NSP-DBT प्रणाली छात्रवृत्ति वितरण को अधिक पारदर्शी, तेज और सुगम बनाएगी। इस प्रणाली से विद्यार्थियों को समय पर आर्थिक सहायता मिल सकेगी, जिससे वे छात्रवृत्ति जारी होने को लेकर किसी अनिश्चितता से प्रभावित हुए बिना अपनी पढ़ाई पर अधिक प्रभावी ढंग से ध्यान केंद्रित कर सकेंगे। केंद्रीय मंत्री ने ऐसी शिक्षा व्यवस्था विकसित करने की आवश्यकता पर जोर दिया, जो विद्यार्थियों को केवल शैक्षणिक ज्ञान ही नहीं, बल्कि व्यावहारिक क्षमताओं और कृषि क्षेत्र की बदलती आवश्यकताओं की समझ से भी लैस करे।

चौहान ने देशभर के ICAR संस्थानों में अध्ययनरत कृषि विद्यार्थियों से ‘हरियाली अमावस्या’ के अवसर पर पौधारोपण गतिविधियों में भाग लेने की भी अपील की। उन्होंने कहा कि हरित पहल कृषि और पर्यावरण दोनों के प्रति हमारी सामूहिक जिम्मेदारी का हिस्सा हैं। उन्होंने विद्यार्थियों को पौधारोपण कार्यक्रमों में सक्रिय रूप से भाग लेने और पर्यावरण के प्रति जागरूकता एवं जिम्मेदारी को मजबूत करने में योगदान देने के लिए प्रेरित किया।

इस कार्यक्रम में केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण राज्य मंत्री भागीरथ चौधरी, ICAR के महानिदेशक डॉ. एम.एल. जाट, ICAR के सचिव ज्ञानेंद्र त्रिपाठी, उप महानिदेशक डॉ. यशपाल सिंह मलिक तथा IARI के निदेशक डॉ. सी. श्रीनिवास राव उपस्थित रहे। ICAR और IARI के वरिष्ठ अधिकारी, वैज्ञानिक एवं बड़ी संख्या में विद्यार्थी कार्यक्रम में शामिल हुए। वहीं, देशभर से हजारों विद्यार्थियों ने ऑनलाइन माध्यम से भी कार्यक्रम में भाग लिया।

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