Media24Media.com: मकई की बोरियों में छिपा था 56 किलो मेथंफेटामाइन, सऊदी अरब भेजने की थी साजिश, जानिए क्या है यह खतरनाक ड्रग

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मकई की बोरियों में छिपा था 56 किलो मेथंफेटामाइन, सऊदी अरब भेजने की थी साजिश, जानिए क्या है यह खतरनाक ड्रग

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मुंबई- देश में नशीले पदार्थों की तस्करी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए राजस्व खुफिया निदेशालय (DRI) ने करीब 56 किलोग्राम मेथंफेटामाइन जब्त किया है। यह ड्रग एक कृषि उत्पाद की खेप में बेहद चालाकी से छिपाकर सऊदी अरब भेजने की कोशिश की जा रही थी। DRI ने इस मामले में दो लोगों को गिरफ्तार किया है। पूरी कार्रवाई खुफिया सूचना के आधार पर की गई।

351 बोरियों की खेप में छिपाई गई थी ड्रग

DRI के मुताबिक, यह कार्रवाई 16 और 17 अगस्त 2026 को न्हावा शेवा पोर्ट पर की गई। एजेंसी को मिली खुफिया जानकारी के आधार पर एक निर्यात खेप की जांच की गई। इस खेप में कुल 351 बोरियां थीं।

जांच के दौरान एक बोरी में मौजूद मकई के साथ करीब 56 किलो मेथंफेटामाइन पाउडर मिला। तस्करों ने इसे इस तरह मकई के साथ मिला दिया था कि पूरी खेप सामान्य कृषि उत्पाद की तरह दिखाई दे। DRI ने बरामद मादक पदार्थ को NDPS Act, 1985 के तहत जब्त कर लिया।

सऊदी अरब भेजने की थी तैयारी

DRI की जांच में सामने आया कि यह खेप भारत से सऊदी अरब भेजी जानी थी। एजेंसी के मुताबिक, मामले में शामिल ट्रांसपोर्टर/फ्रेट फॉरवर्डर कथित तौर पर विदेश में मौजूद खरीदार के साथ खेप की आवाजाही और कस्टम क्लियरेंस को लेकर समन्वय कर रहा था।

जांच आगे बढ़ने पर DRI ने निर्यातक और ट्रांसपोर्टर/फ्रेट फॉरवर्डर की पहचान की। दोनों को उनकी कथित भूमिका के आधार पर NDPS Act के तहत गिरफ्तार किया गया है। मामले की आगे की जांच जारी है।

मकई में मिलाकर छिपाने का तरीका क्यों खास है?

DRI ने इस मामले में इस्तेमाल किए गए तरीके को एक अलग तरह का modus operandi बताया है। एजेंसी के अनुसार, बड़ी मात्रा में मेथंफेटामाइन को मकई के साथ मिला दिया गया और पूरी खेप को सामान्य कृषि उत्पाद के रूप में पेश किया गया।

इसका उद्देश्य सामान्य जांच और जांच-पड़ताल के दौरान नशीले पदार्थ की पहचान से बचना था। यानी तस्करी के लिए किसी अलग पैकेट या कंटेनर के बजाय ड्रग को कृषि उत्पाद की खेप में ही मिला दिया गया था।

क्या है मेथंफेटामाइन?

मेथंफेटामाइन (Methamphetamine) एक बेहद शक्तिशाली सिंथेटिक साइकोस्टिमुलेंट यानी ऐसा नशीला पदार्थ है जो केंद्रीय तंत्रिका तंत्र को उत्तेजित करता है। इसका अवैध इस्तेमाल बेहद खतरनाक माना जाता है और इसमें लत लगने की काफी अधिक संभावना होती है।

यह पदार्थ दिमाग और शरीर की गतिविधियों को असामान्य रूप से तेज कर सकता है। इसके सेवन से व्यक्ति की हृदय गति और रक्तचाप बढ़ सकता है तथा बेचैनी, अत्यधिक उत्तेजना और मानसिक स्वास्थ्य से जुड़ी गंभीर समस्याएं पैदा हो सकती हैं।

शरीर पर क्या असर डालता है?

अवैध रूप से मेथंफेटामाइन का सेवन करने पर कई गंभीर प्रभाव देखने को मिल सकते हैं। DRI के अनुसार इसके कारण:

  • हृदय गति बढ़ सकती है।

  • ब्लड प्रेशर बढ़ सकता है।

  • अत्यधिक बेचैनी और उत्तेजना हो सकती है।

  • पैरानॉयड सोच यानी अत्यधिक संदेह और डर की स्थिति पैदा हो सकती है।

  • गंभीर मामलों में साइकोसिस जैसी मानसिक स्थिति हो सकती है।

  • लंबे समय तक या बार-बार इस्तेमाल से निर्भरता और स्वास्थ्य को गंभीर नुकसान हो सकता है।

56 किलो की बरामदगी क्यों बड़ी कार्रवाई मानी जा रही है?

इस मामले की गंभीरता सिर्फ बरामद मात्रा से नहीं, बल्कि तस्करी के तरीके से भी जुड़ी है। एक बड़े कृषि निर्यात की आड़ में मादक पदार्थ को छिपाकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भेजने की कोशिश की गई थी।

DRI लगातार अंतरराष्ट्रीय ड्रग तस्करी नेटवर्क के खिलाफ कार्रवाई कर रहा है। इस मामले में भी खुफिया जानकारी के आधार पर समय रहते खेप की जांच की गई और कथित तौर पर तस्करी की कोशिश को नाकाम कर दिया गया।

दो आरोपी गिरफ्तार, नेटवर्क की जांच जारी

DRI ने मामले में दो लोगों को गिरफ्तार किया है। इनमें निर्यातक और ट्रांसपोर्टर/फ्रेट फॉरवर्डर शामिल हैं। एजेंसी अब यह पता लगाने में जुटी है कि इस नेटवर्क के पीछे और कौन लोग शामिल हैं, विदेशी खरीदार की भूमिका क्या थी और इतनी बड़ी मात्रा में मेथंफेटामाइन की सप्लाई कहां से हुई।

हालांकि, जांच पूरी होने तक आरोपियों की भूमिका और नेटवर्क से जुड़े अन्य पहलुओं पर अंतिम निष्कर्ष जांच एजेंसी की रिपोर्ट के बाद ही सामने आएगा।

NDPS Act के तहत कार्रवाई

बरामद मेथंफेटामाइन को Narcotic Drugs and Psychotropic Substances (NDPS) Act, 1985 के तहत जब्त किया गया है। इसी कानून के प्रावधानों के तहत दोनों आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है।

निष्कर्ष

मकई की 351 बोरियों वाली खेप में करीब 56 किलो मेथंफेटामाइन छिपाकर सऊदी अरब भेजने की कोशिश का खुलासा DRI की बड़ी कार्रवाई के रूप में सामने आया है। तस्करों ने ड्रग को अलग पैकेट में रखने के बजाय मकई के साथ मिलाकर उसे सामान्य कृषि उत्पाद की तरह दिखाने की कोशिश की। न्हावा शेवा पोर्ट पर हुई इस कार्रवाई में दो लोगों की गिरफ्तारी के बाद अब जांच का फोकस पूरे अंतरराष्ट्रीय तस्करी नेटवर्क तक पहुंचने पर है।

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