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मक्का के करीब पहुंचा हूती ड्रोन, सऊदी एयर डिफेंस ने किया ध्वस्त; शहर में अलर्ट

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 रियाद। यमन के हूती विद्रोहियों और सऊदी अरब के बीच बढ़ते तनाव के बीच इस्लाम के सबसे पवित्र शहर मक्का के पास ड्रोन पहुंचने की घटना सामने आई है। सऊदी अरब के नेतृत्व वाले गठबंधन के मुताबिक, हूतियों की ओर से लॉन्च किए गए ड्रोन को मक्का के दक्षिण में प्रतिबंधित एयरस्पेस में प्रवेश करने से पहले एयर डिफेंस ने इंटरसेप्ट कर नष्ट कर दिया। घटना के बाद मक्का समेत आसपास के इलाकों में सुरक्षा अलर्ट जारी किया गया।


सऊदी गठबंधन के प्रवक्ता तुर्की अल-मलिकी ने कहा कि मक्का और वहां आने वाले जायरीनों की सुरक्षा को लेकर कोई समझौता नहीं किया जाएगा। सऊदी अधिकारियों ने इस घटना को मक्का को निशाना बनाने की दूसरी कोशिश बताया है। इससे पहले 2017 में भी सऊदी अरब ने हूतियों पर मक्का की ओर बैलिस्टिक मिसाइल दागने का आरोप लगाया था।

मक्का, जेद्दा और ताइफ में जारी हुआ अलर्ट

ड्रोन की घटना से पहले 15 सितंबर को सऊदी सिविल डिफेंस ने मक्का, जेद्दा और ताइफ में संभावित खतरे को लेकर आपात चेतावनी जारी की थी। लोगों से सुरक्षित स्थानों पर जाने, घरों के अंदर रहने और अधिकारियों के निर्देशों का पालन करने की अपील की गई। बाद में मक्का का अलर्ट हटा दिया गया और अधिकारियों ने बताया कि खतरा टल गया है।

हूतियों ने मक्का को निशाना बनाने से किया इनकार

सऊदी अरब की ओर से ड्रोन को मक्का की दिशा में भेजे जाने की बात कही गई है, लेकिन हूती पक्ष ने मक्का को निशाना बनाने के आरोप को खारिज किया है। हूती प्रवक्ता हाजेम अल-असद ने सऊदी दावे को गलत बताया है। ऐसे में ड्रोन के वास्तविक लक्ष्य को लेकर दोनों पक्षों के दावों में अंतर है।

यमन में फिर तेज हुआ संघर्ष

हूती विद्रोहियों और सऊदी समर्थित यमनी बलों के बीच हालिया दिनों में संघर्ष तेज हुआ है। हूतियों ने सऊदी अरब के कई ठिकानों पर मिसाइल और ड्रोन हमलों का दावा किया है। सऊदी पक्ष के अनुसार, हालिया हमलों में कई लोग घायल हुए हैं और कुछ इलाकों में संपत्ति को भी नुकसान पहुंचा है।

संघर्ष बढ़ने के साथ यमन में बड़ी संख्या में लोग विस्थापित हुए हैं। संयुक्त राष्ट्र और अन्य मानवीय संगठनों के लिए भी प्रभावित क्षेत्रों तक सहायता पहुंचाना चुनौतीपूर्ण हो रहा है।

बाब-अल-मंदेब पर भी बढ़ी चिंता

यमन के पश्चिमी तट और बाब-अल-मंदेब जलडमरूमध्य के आसपास हूतियों की बढ़ती गतिविधियों ने समुद्री सुरक्षा को लेकर भी चिंता बढ़ाई है। यह मार्ग वैश्विक व्यापार और ऊर्जा आपूर्ति के लिए महत्वपूर्ण माना जाता है। क्षेत्र में तनाव बढ़ने से अंतरराष्ट्रीय जहाजरानी और तेल आपूर्ति पर असर की आशंका जताई जा रही है।

फिलहाल सऊदी अधिकारियों ने मक्का और अन्य संवेदनशील इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है। इस घटनाक्रम को लेकर क्षेत्रीय तनाव और बढ़ने की आशंका के बीच सभी पक्षों की गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है।

मकई की बोरियों में छिपा था 56 किलो मेथंफेटामाइन, सऊदी अरब भेजने की थी साजिश, जानिए क्या है यह खतरनाक ड्रग

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मुंबई- देश में नशीले पदार्थों की तस्करी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए राजस्व खुफिया निदेशालय (DRI) ने करीब 56 किलोग्राम मेथंफेटामाइन जब्त किया है। यह ड्रग एक कृषि उत्पाद की खेप में बेहद चालाकी से छिपाकर सऊदी अरब भेजने की कोशिश की जा रही थी। DRI ने इस मामले में दो लोगों को गिरफ्तार किया है। पूरी कार्रवाई खुफिया सूचना के आधार पर की गई।

351 बोरियों की खेप में छिपाई गई थी ड्रग

DRI के मुताबिक, यह कार्रवाई 16 और 17 अगस्त 2026 को न्हावा शेवा पोर्ट पर की गई। एजेंसी को मिली खुफिया जानकारी के आधार पर एक निर्यात खेप की जांच की गई। इस खेप में कुल 351 बोरियां थीं।

जांच के दौरान एक बोरी में मौजूद मकई के साथ करीब 56 किलो मेथंफेटामाइन पाउडर मिला। तस्करों ने इसे इस तरह मकई के साथ मिला दिया था कि पूरी खेप सामान्य कृषि उत्पाद की तरह दिखाई दे। DRI ने बरामद मादक पदार्थ को NDPS Act, 1985 के तहत जब्त कर लिया।

सऊदी अरब भेजने की थी तैयारी

DRI की जांच में सामने आया कि यह खेप भारत से सऊदी अरब भेजी जानी थी। एजेंसी के मुताबिक, मामले में शामिल ट्रांसपोर्टर/फ्रेट फॉरवर्डर कथित तौर पर विदेश में मौजूद खरीदार के साथ खेप की आवाजाही और कस्टम क्लियरेंस को लेकर समन्वय कर रहा था।

जांच आगे बढ़ने पर DRI ने निर्यातक और ट्रांसपोर्टर/फ्रेट फॉरवर्डर की पहचान की। दोनों को उनकी कथित भूमिका के आधार पर NDPS Act के तहत गिरफ्तार किया गया है। मामले की आगे की जांच जारी है।

मकई में मिलाकर छिपाने का तरीका क्यों खास है?

DRI ने इस मामले में इस्तेमाल किए गए तरीके को एक अलग तरह का modus operandi बताया है। एजेंसी के अनुसार, बड़ी मात्रा में मेथंफेटामाइन को मकई के साथ मिला दिया गया और पूरी खेप को सामान्य कृषि उत्पाद के रूप में पेश किया गया।

इसका उद्देश्य सामान्य जांच और जांच-पड़ताल के दौरान नशीले पदार्थ की पहचान से बचना था। यानी तस्करी के लिए किसी अलग पैकेट या कंटेनर के बजाय ड्रग को कृषि उत्पाद की खेप में ही मिला दिया गया था।

क्या है मेथंफेटामाइन?

मेथंफेटामाइन (Methamphetamine) एक बेहद शक्तिशाली सिंथेटिक साइकोस्टिमुलेंट यानी ऐसा नशीला पदार्थ है जो केंद्रीय तंत्रिका तंत्र को उत्तेजित करता है। इसका अवैध इस्तेमाल बेहद खतरनाक माना जाता है और इसमें लत लगने की काफी अधिक संभावना होती है।

यह पदार्थ दिमाग और शरीर की गतिविधियों को असामान्य रूप से तेज कर सकता है। इसके सेवन से व्यक्ति की हृदय गति और रक्तचाप बढ़ सकता है तथा बेचैनी, अत्यधिक उत्तेजना और मानसिक स्वास्थ्य से जुड़ी गंभीर समस्याएं पैदा हो सकती हैं।

शरीर पर क्या असर डालता है?

अवैध रूप से मेथंफेटामाइन का सेवन करने पर कई गंभीर प्रभाव देखने को मिल सकते हैं। DRI के अनुसार इसके कारण:

  • हृदय गति बढ़ सकती है।

  • ब्लड प्रेशर बढ़ सकता है।

  • अत्यधिक बेचैनी और उत्तेजना हो सकती है।

  • पैरानॉयड सोच यानी अत्यधिक संदेह और डर की स्थिति पैदा हो सकती है।

  • गंभीर मामलों में साइकोसिस जैसी मानसिक स्थिति हो सकती है।

  • लंबे समय तक या बार-बार इस्तेमाल से निर्भरता और स्वास्थ्य को गंभीर नुकसान हो सकता है।

56 किलो की बरामदगी क्यों बड़ी कार्रवाई मानी जा रही है?

इस मामले की गंभीरता सिर्फ बरामद मात्रा से नहीं, बल्कि तस्करी के तरीके से भी जुड़ी है। एक बड़े कृषि निर्यात की आड़ में मादक पदार्थ को छिपाकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भेजने की कोशिश की गई थी।

DRI लगातार अंतरराष्ट्रीय ड्रग तस्करी नेटवर्क के खिलाफ कार्रवाई कर रहा है। इस मामले में भी खुफिया जानकारी के आधार पर समय रहते खेप की जांच की गई और कथित तौर पर तस्करी की कोशिश को नाकाम कर दिया गया।

दो आरोपी गिरफ्तार, नेटवर्क की जांच जारी

DRI ने मामले में दो लोगों को गिरफ्तार किया है। इनमें निर्यातक और ट्रांसपोर्टर/फ्रेट फॉरवर्डर शामिल हैं। एजेंसी अब यह पता लगाने में जुटी है कि इस नेटवर्क के पीछे और कौन लोग शामिल हैं, विदेशी खरीदार की भूमिका क्या थी और इतनी बड़ी मात्रा में मेथंफेटामाइन की सप्लाई कहां से हुई।

हालांकि, जांच पूरी होने तक आरोपियों की भूमिका और नेटवर्क से जुड़े अन्य पहलुओं पर अंतिम निष्कर्ष जांच एजेंसी की रिपोर्ट के बाद ही सामने आएगा।

NDPS Act के तहत कार्रवाई

बरामद मेथंफेटामाइन को Narcotic Drugs and Psychotropic Substances (NDPS) Act, 1985 के तहत जब्त किया गया है। इसी कानून के प्रावधानों के तहत दोनों आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है।

निष्कर्ष

मकई की 351 बोरियों वाली खेप में करीब 56 किलो मेथंफेटामाइन छिपाकर सऊदी अरब भेजने की कोशिश का खुलासा DRI की बड़ी कार्रवाई के रूप में सामने आया है। तस्करों ने ड्रग को अलग पैकेट में रखने के बजाय मकई के साथ मिलाकर उसे सामान्य कृषि उत्पाद की तरह दिखाने की कोशिश की। न्हावा शेवा पोर्ट पर हुई इस कार्रवाई में दो लोगों की गिरफ्तारी के बाद अब जांच का फोकस पूरे अंतरराष्ट्रीय तस्करी नेटवर्क तक पहुंचने पर है।

अल्पसंख्यक कार्य मंत्रालय ने हज-2026 की समीक्षा और हज-2027 की तैयारियों पर उच्चस्तरीय बैठक आयोजित की

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अल्पसंख्यक कार्य मंत्रालय ने 18 जून 2026 को नई दिल्ली स्थित डॉ. आंबेडकर अंतरराष्ट्रीय केंद्र (DAIC) में केंद्रीय अल्पसंख्यक कार्य एवं संसदीय कार्य मंत्री किरण रिजिजू की अध्यक्षता में हज समीक्षा बैठक आयोजित की। बैठक का उद्देश्य हज-2026 के संचालन की समीक्षा करना और हज-2027 की रूपरेखा पर विचार-विमर्श करना था।

बैठक में अल्पसंख्यक कार्य मंत्रालय के सचिव डॉ. श्रीवत्स कृष्ण, विदेश मंत्रालय की सचिव (सीपीवी एवं ओआईए) श्रीप्रिया रंगनाथन, अल्पसंख्यक कार्य, विदेश, नागरिक उड्डयन, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण तथा गृह मंत्रालयों के वरिष्ठ अधिकारी, हज समिति ऑफ इंडिया, बीआईएसएजी-एन तथा अन्य संबंधित हितधारकों के प्रतिनिधि शामिल हुए।

केंद्रीय मंत्री किरण रिजिजू ने हज-2026 के सफल आयोजन पर संतोष व्यक्त करते हुए बताया कि लगभग 1.75 लाख भारतीय हज यात्रियों ने इस वर्ष हज संपन्न किया। उन्होंने इसकी सफलता का श्रेय सभी संबंधित मंत्रालयों, विभागों, हज समिति ऑफ इंडिया, राज्य हज समितियों, सऊदी अरब में भारतीय हज मिशन और सऊदी अधिकारियों के समन्वित प्रयासों को दिया।

भारतीय हज मिशन को मिला अंतरराष्ट्रीय सम्मान

एक ऐतिहासिक उपलब्धि के रूप में, भारतीय हज मिशन को सऊदी अरब के हज एवं उमरा मंत्रालय द्वारा ‘बेस्ट हज कोऑर्डिनेशन एंड कम्युनिकेशन’ श्रेणी में दो ‘लब्बैतुम पुरस्कार’ (Labbaytum Awards) प्रदान किए गए। यह सम्मान हज-2026 के दौरान भारतीय यात्रियों को दी गई उत्कृष्ट सेवाओं और कल्याणकारी व्यवस्थाओं की मान्यता है।

हज-2026 में यात्रियों की सुविधा के लिए कई नई पहलें

हज-2026 के दौरान यात्रियों की सुविधा के लिए कई महत्वपूर्ण कदम उठाए गए:

  • मीना में यात्रियों के लिए सोफा-कम-बेड की व्यवस्था।

  • लगभग 62,500 यात्रियों ने मक्का से मदीना तक हाई-स्पीड रेलवे से यात्रा की।

  • मक्का में होटल-शैली आवास की सुविधा।

  • 20-दिवसीय शॉर्ट हज पैकेज की शुरुआत, जिसका लाभ लगभग 10,500 यात्रियों ने उठाया, जिनमें अधिकांश कामकाजी पेशेवर थे।

  • मदीना में सभी भारतीय यात्रियों को मरकज़िया क्षेत्र में ठहराया गया, जिससे आवागमन और सुविधाओं तक पहुंच आसान हुई।

तकनीक आधारित सुधारों पर विशेष जोर

हज-2026 में पारदर्शिता, सुरक्षा और सेवा वितरण को बेहतर बनाने के लिए कई तकनीकी सुधार लागू किए गए, जिनमें शामिल हैं:

  • सऊदी नुसुक (Nusuk) प्लेटफॉर्म के साथ एकीकरण।

  • ऑनलाइन उड़ान बुकिंग सुविधा।

  • डिजिटल शिकायत निवारण प्रणाली को और मजबूत बनाना।

बैठक में भविष्य के लिए कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) आधारित समाधानों पर भी चर्चा हुई, जिनमें शामिल हैं:

  • हिंदी, उर्दू और अन्य प्रमुख क्षेत्रीय भाषाओं में 24×7 बहुभाषी वॉइस सपोर्ट सिस्टम।

  • एआई आधारित आवेदन और दस्तावेज सत्यापन।

  • विभिन्न प्रस्थान केंद्रों के लिए उड़ान आवंटन का मांग-आधारित मॉडल।

  • शिकायतों की रीयल-टाइम निगरानी और समाधान प्रणाली।

इन पहलों को चरणबद्ध तरीके से लागू करने की योजना है।

हज-2027 की तैयारियां शुरू करने के निर्देश

किरण रिजिजू ने सभी संबंधित मंत्रालयों, एजेंसियों, हज समिति ऑफ इंडिया और अन्य हितधारकों को हज-2027 की तैयारियां प्राथमिकता के आधार पर शुरू करने के निर्देश दिए। उन्होंने कोटा आवंटन, पात्रता और स्वास्थ्य आवश्यकताओं, हवाई यात्रा, आवास, परिवहन, मीना की सुविधाओं, चिकित्सा तैयारियों और तकनीक के व्यापक उपयोग पर विशेष ध्यान देने को कहा।

उन्होंने बताया कि भारत और सऊदी अरब के बीच हज-2027 के लिए द्विपक्षीय समझौते पर 7 नवंबर 2026 को हस्ताक्षर किए जाएंगे।

केंद्रीय मंत्री ने यह भी संकेत दिया कि हज नीति-2027 शीघ्र घोषित की जाएगी, जिसके बाद हज समिति ऑफ इंडिया संभावित यात्रियों से आवेदन आमंत्रित करेगी।

उन्होंने दोहराया कि भारत सरकार प्रत्येक भारतीय हज यात्री को सुरक्षित, सुविधाजनक, पारदर्शी और सम्मानजनक हज यात्रा उपलब्ध कराने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।

हज 2026 की शुरुआत 18 अप्रैल से, 1.75 लाख से अधिक जायरीन करेंगे पवित्र यात्रा

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नई दिल्ली: भारत से हज यात्रा 2026 की शुरुआत 18 अप्रैल से होने जा रही है। पहले जत्थे के जायरीन देश के विभिन्न एंबार्केशन प्वाइंट्स से सऊदी अरबके लिए रवाना होंगे। इस वर्ष कुल 1,75,025 श्रद्धालु हज यात्रा पर जाने वाले हैं।

केंद्रीय अल्पसंख्यक कार्य मंत्री किरण रिजिजू ने सभी हज यात्रियों को शुभकामनाएं देते हुए सुरक्षित और सुगम यात्रा सुनिश्चित करने की सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई।

अल्पसंख्यक कार्य मंत्रालय ने हज कमेटी ऑफ इंडिया, अन्य केंद्रीय मंत्रालयों, राज्य सरकारों और सऊदी अधिकारियों के साथ मिलकर व्यापक तैयारियां की हैं, ताकि यात्रियों को बेहतर सुविधाएं मिल सकें।

हज 2026 के लिए कई नई पहलें शुरू की गई हैं, जिनमें हज सुविधा ऐप के माध्यम से डिजिटल सेवाएं, यात्रियों के लिए स्मार्ट रिस्टबैंड, पहली बार लगभग 20 दिनों की शॉर्ट-ड्यूरेशन हज सुविधा, और प्रति यात्री लगभग 6.25 लाख रुपये का बीमा कवर शामिल है।

इसके अलावा, करीब 60,000 यात्री मक्का और मदीना के बीच हाई-स्पीड ट्रेन सेवा का लाभ उठा सकेंगे, जिससे यात्रा अधिक तेज, सुरक्षित और आरामदायक होगी। स्वास्थ्य सेवाओं, रियल-टाइम मॉनिटरिंग, शिकायत निवारण और आवास-परिवहन सुविधाओं को भी बेहतर बनाया गया है।

देशभर में 17 एंबार्केशन प्वाइंट्स—जैसे दिल्ली, मुंबई, लखनऊ, हैदराबाद, कोलकाता, बेंगलुरु और श्रीनगर—से हज संचालन किया जाएगा।

सरकार ने यात्रियों को सभी दिशा-निर्देशों और स्वास्थ्य सलाहों का पालन करने की सलाह दी है, ताकि उनकी यात्रा सुरक्षित और सफल हो सके।


मदीना हादसे पर पीएम मोदी का शोक, प्रभावित भारतीयों को हर संभव सहायता के निर्देश

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सऊदी अरब के मदीना में हुए उस दर्दनाक हादसे पर गहरा दुःख व्यक्त किया है, जिसमें कई भारतीय नागरिकों की जान चली गई। उन्होंने दिवंगत लोगों के परिजनों के प्रति अपनी संवेदनाएँ व्यक्त कीं और घायल व्यक्तियों के जल्द स्वस्थ होने की कामना की।

प्रधानमंत्री ने बताया कि भारत का दूतावास रियाद में और जेद्दाह स्थित वाणिज्य दूतावास स्थानीय प्रशासन के संपर्क में रहते हुए प्रभावित लोगों को हर संभव सहायता प्रदान कर रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि भारतीय अधिकारी सऊदी अरब के अधिकारियों के साथ लगातार समन्वय बनाए हुए हैं ताकि सभी आवश्यक मदद तुरंत उपलब्ध कराई जा सके।

प्रधानमंत्री मोदी ने एक्स (X) पर लिखा:

“मदीना में भारतीय नागरिकों से जुड़े हादसे से बेहद दुखी हूँ। जिन परिवारों ने अपने प्रियजनों को खोया है, उनके प्रति मेरी संवेदनाएँ। घायलों के जल्द स्वस्थ होने की प्रार्थना करता हूँ। रियाद में हमारी एम्बेसी और जेद्दाह स्थित कॉन्सुलेट हर संभव सहायता कर रहे हैं। हमारे अधिकारी भी सऊदी प्रशासन के निरंतर संपर्क में हैं।”


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