Media24Media.com: अमरावती में 1,504 आवासीय इकाइयों वाले जीपीआरए परिसर को केंद्रीय मंत्रिमंडल की मंजूरी, ₹1,234.91 करोड़ की परियोजना

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अमरावती में 1,504 आवासीय इकाइयों वाले जीपीआरए परिसर को केंद्रीय मंत्रिमंडल की मंजूरी, ₹1,234.91 करोड़ की परियोजना

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में आर्थिक मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति (CCEA) ने आज अमरावती, आंध्र प्रदेश में जनरल पूल रेजिडेंशियल एकोमोडेशन (GPRA) के निर्माण को मंजूरी प्रदान की। यह अमरावती और आंध्र प्रदेश राज्य में अपनी तरह की पहली जीपीआरए परियोजना होगी।

इस परियोजना का मुख्य उद्देश्य केंद्रीय सरकारी कर्मचारियों को पर्याप्त आवासीय सुविधाएं उपलब्ध कराकर उन पर पड़ने वाले वित्तीय बोझ को कम करना है। इससे कर्मचारियों का मनोबल बढ़ेगा, कार्य में पारदर्शिता और ईमानदारी को प्रोत्साहन मिलेगा तथा उनके समग्र कल्याण में सुधार होगा। कार्यस्थल के निकट आवास उपलब्ध होने से सरकारी कामकाज की दक्षता भी बढ़ेगी और कर्मचारी अपनी जिम्मेदारियों का प्रभावी ढंग से निर्वहन कर सकेंगे।

प्रस्तावित जीपीआरए परिसर 17 एकड़ क्षेत्र में विकसित किया जाएगा। इसमें 11 आवासीय टावरों में कुल 1,504 आवासीय इकाइयां (टाइप-II से टाइप-VI तक) निर्मित की जाएंगी। परियोजना में 1,972 कारों के लिए बेसमेंट पार्किंग सुविधा भी उपलब्ध होगी। परियोजना का कुल निर्मित क्षेत्रफल 31.30 लाख वर्ग फुट (2,90,762 वर्ग मीटर) होगा, जिसमें 9.10 लाख वर्ग फुट बेसमेंट क्षेत्र शामिल है।

परियोजना को पर्यावरण-अनुकूल और टिकाऊ निर्माण मानकों के अनुरूप विकसित किया जाएगा। सभी भवनों की योजना और डिजाइन भारत के सर्वोत्तम ग्रीन बिल्डिंग मानकों के अनुसार तैयार की जाएगी, जिसमें ऊर्जा दक्षता, जल संरक्षण, स्थानीय निर्माण सामग्री के उपयोग और निवासियों के स्वास्थ्य एवं सुविधा पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।

परिसर को नवीनतम ऊर्जा संरक्षण एवं सतत भवन संहिता (ECSBC) 2024 तथा इको-निवास संहिता (ENS) 2024 के प्रावधानों के अनुरूप विकसित किया जाएगा। इसे न्यूनतम 4-स्टार GRIHA रेटिंग प्राप्त करने के लिए डिजाइन, निर्माण और पंजीकृत किया जाएगा।

जीपीआरए परिसर में बैंक एवं एटीएम, डाकघर, क्रेच, सामुदायिक भवन, भोजनालय, फूड कोर्ट, शॉपिंग कॉम्प्लेक्स, सेवा केंद्र और अतिथि गृह जैसी आवश्यक नागरिक एवं सामुदायिक सुविधाएं उपलब्ध होंगी। साथ ही दिव्यांगजनों की सुगम पहुंच सुनिश्चित करने के लिए बाधा-रहित (Barrier-Free) वातावरण विकसित किया जाएगा।

यह परियोजना रोजगार सृजन में भी महत्वपूर्ण योगदान देगी। निर्माण चरण के दौरान प्रतिवर्ष लगभग 7 लाख मानव-दिवस रोजगार उत्पन्न होने का अनुमान है, जबकि संचालन चरण में प्रतिवर्ष लगभग 50,000 मानव-दिवस रोजगार के अवसर सृजित होंगे।

परियोजना लागत एवं वित्तपोषण

परियोजना की अनुमानित लागत ₹1,234.91 करोड़ है। इसका वित्तपोषण भारत सरकार द्वारा बजटीय सहायता के माध्यम से “4216 – कैपिटल आउटले ऑन हाउसिंग (रेजिडेंशियल बिल्डिंग्स)” मद के तहत किया जाएगा।

परियोजना क्रियान्वयन

इस परियोजना को केंद्रीय लोक निर्माण विभाग के माध्यम से आवास एवं शहरी कार्य मंत्रालय द्वारा क्रियान्वित किया जाएगा। निविदा प्रक्रिया से पूर्व की गतिविधियां प्रारंभ हो चुकी हैं तथा टेंडर दस्तावेजों की तैयारी जारी है।


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