Media24Media.com: कोलकाता से प्रधानमंत्री का योग दिवस संदेश: योग को जीवनशैली बनाने का आह्वान, ‘योग 365’ पहल की सराहना

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कोलकाता से प्रधानमंत्री का योग दिवस संदेश: योग को जीवनशैली बनाने का आह्वान, ‘योग 365’ पहल की सराहना

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कोलकाता- अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर कोलकाता में आयोजित भव्य कार्यक्रम को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने योग को मानवता को जोड़ने वाली शक्ति बताते हुए इसे केवल एक दिन का आयोजन नहीं, बल्कि जीवनशैली का हिस्सा बनाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि 21 जून आज विश्व का सबसे बड़ा सामूहिक उत्सव बन चुका है और भारत से लेकर दुनिया के विभिन्न देशों तक योग की अद्भुत तस्वीरें देखने को मिल रही हैं।


प्रधानमंत्री ने कहा कि हिमालय से हिंद महासागर तक, पूर्व में बंगाल से पश्चिम में सौराष्ट्र तक पूरा देश योग की ऊर्जा से ओतप्रोत दिखाई दे रहा है। उन्होंने कहा, “योग सबको जोड़ता है, योग सबको साथ लाता है।” इस अवसर पर उन्होंने देशवासियों और विश्व समुदाय को अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस की शुभकामनाएं दीं।

कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री ने कोलकाता में चलाए गए स्वच्छता अभियान की भी सराहना की। उन्होंने कहा कि योग दिवस से पहले शहर को स्वच्छ और सुंदर बनाने के लिए नागरिकों ने जिस तरह श्रमदान और जनभागीदारी दिखाई है, वह पूरे देश के लिए प्रेरणादायक उदाहरण है।

बंगाल की आध्यात्मिक और सांस्कृतिक विरासत का उल्लेख करते हुए प्रधानमंत्री ने भगवान रामकृष्ण परमहंस, स्वामी विवेकानंद, महर्षि अरविंद और लाहिड़ी महाशय जैसे महान संतों और योगियों को याद किया। उन्होंने कहा कि इसी धरती से योग और आध्यात्मिक चेतना का संदेश पूरी दुनिया तक पहुंचा। गुरुदेव रवीन्द्रनाथ ठाकुर और महर्षि अरविंद के विचारों का उल्लेख करते हुए उन्होंने योग को मानवीय एकता और जीवन के समग्र विकास का आधार बताया।

इस वर्ष अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस की थीम ‘Yoga for Healthy Ageing’ पर विशेष जोर देते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि योग व्यक्ति को उम्र बढ़ने के बावजूद स्वस्थ, ऊर्जावान और सक्रिय बनाए रखने में मदद करता है। उन्होंने कहा कि योग के माध्यम से व्यक्ति शारीरिक लचीलेपन, मानसिक संतुलन और जीवनशैली से जुड़ी बीमारियों से बचाव की दिशा में निरंतर प्रगति कर सकता है।

प्रधानमंत्री ने भगवद्गीता के श्लोक “युक्त आहार विहारस्य...” का उल्लेख करते हुए कहा कि संतुलित भोजन, संतुलित दिनचर्या, उचित कर्म और पर्याप्त विश्राम ही योग का मूल आधार हैं। उन्होंने कहा कि आधुनिक जीवन की भागदौड़ और असंतुलन के बीच योग लोगों को संतुलित और स्वस्थ जीवन जीने की कला सिखाता है।

उन्होंने कहा कि योग केवल शारीरिक स्वास्थ्य तक सीमित नहीं है, बल्कि मानसिक शांति और विश्व शांति का भी मार्ग प्रशस्त करता है। योग व्यक्ति को सही और गलत के बीच अंतर समझने की क्षमता देता है, जिससे समाज और विश्व में सकारात्मक बदलाव संभव होता है।

प्रधानमंत्री ने लोगों से संकल्प लेने का आग्रह किया कि वे योग को केवल एक दिवस या कार्यक्रम तक सीमित न रखें, बल्कि इसे अपने जीवन, परिवार और आने वाली पीढ़ियों का अभिन्न हिस्सा बनाएं।

उन्होंने बताया कि इस दिशा में केंद्र सरकार द्वारा शुरू की गई ‘योग 365’ पहल के तहत 100 दिवसीय ऑनलाइन योग कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें 130 देशों के 30 लाख से अधिक लोगों ने भाग लेकर अभूतपूर्व जनभागीदारी का परिचय दिया।

अपने संबोधन के अंत में प्रधानमंत्री ने कहा कि स्वस्थ समाज ही सक्षम, समृद्ध और आत्मविश्वासी राष्ट्र का निर्माण करता है। उन्होंने सभी के सुख और निरोगी जीवन की कामना करते हुए “सर्वे भवन्तु सुखिनः, सर्वे सन्तु निरामयाः” का संदेश दिया और एक बार फिर अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस की शुभकामनाएं दीं।

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