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12वां अंतरराष्ट्रीय योग दिवस 2026: भारत से दुनिया तक योग का महापर्व

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नई दिल्ली- 12वें अंतरराष्ट्रीय योग दिवस (IDY 2026) ने भारत और विश्वभर में अभूतपूर्व भागीदारी के साथ एक नया इतिहास रच दिया। इस वर्ष की थीम "स्वस्थ आयु के लिए योग" (Yoga for Healthy Ageing) रही, जिसने शारीरिक फिटनेस, मानसिक मजबूती और समग्र स्वास्थ्य में योग की भूमिका को रेखांकित किया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देशभर में विशाल योग कार्यक्रम आयोजित किए गए, जबकि कोलकाता के ऐतिहासिक रेड रोड पर लगभग 35,000 लोगों ने सामूहिक योगाभ्यास कर योग के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दिखाई।

दुनिया ने अपनाया योग का संदेश

अंतरराष्ट्रीय योग दिवस केवल भारत तक सीमित नहीं रहा, बल्कि अमेरिका, फ्रांस, जर्मनी, मिस्र सहित अनेक देशों में बड़े पैमाने पर योग सत्र आयोजित किए गए। न्यूयॉर्क स्थित संयुक्त राष्ट्र मुख्यालय से लेकर यूरोप, पश्चिम एशिया, अफ्रीका और पूर्वी एशिया के प्रमुख शहरों तक लाखों लोगों ने योग दिवस में भाग लिया। इससे यह साबित हुआ कि योग आज वैश्विक स्वास्थ्य और सामूहिक कल्याण का प्रतीक बन चुका है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दुनिया भर के लोगों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि योग मानवता को जोड़ने और स्वस्थ जीवनशैली अपनाने का एक सशक्त माध्यम है।

देश के शीर्ष नेतृत्व ने भी किया योग

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने मध्य प्रदेश के जबलपुर में आयोजित सामूहिक योग कार्यक्रम में हिस्सा लिया। वहीं उपराष्ट्रपति सी. पी. राधाकृष्णन ने लद्दाख के लेह में योग दिवस मनाया। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने संसद परिसर में सांसदों के साथ योग सत्र का नेतृत्व किया।

गंगोत्री से गंगासागर तक योग का संदेश

इस वर्ष का सबसे विशेष अभियान "गंगोत्री से गंगासागर" रहा। लगभग 2,525 किलोमीटर की यात्रा के दौरान ऋषिकेश, हरिद्वार, प्रयागराज, वाराणसी, पटना और हुगली सहित अनेक प्रमुख घाटों पर योग कार्यक्रम आयोजित किए गए। इस पहल ने भारत की दो महान धरोहरों—गंगा और योग—को एक सूत्र में पिरोते हुए स्वस्थ जीवन का संदेश दिया।

योग संगम पोर्टल पर रिकॉर्ड भागीदारी

योग संगम पोर्टल पर 3.07 करोड़ से अधिक लोगों ने अपनी भागीदारी दर्ज कराई। देश के 780 जिलों और 36 राज्यों एवं केंद्र शासित प्रदेशों से लोगों ने योग कार्यक्रमों में हिस्सा लिया। पोर्टल पर 7.46 लाख से अधिक तस्वीरें अपलोड की गईं और 2.66 लाख से अधिक प्रमाण पत्र जारी किए गए।

रिकॉर्ड बनाने वाला योग दिवस

अंतरराष्ट्रीय योग दिवस 2026 से पहले आयोजित कार्यक्रमों ने भी कई रिकॉर्ड बनाए।

  • महाराष्ट्र के बुलढाणा में लगभग 5,000 लोगों ने एक साथ त्रिकोणासन कर एशिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स में स्थान बनाया।

  • कान्हा शांति वनम में 6,000 से अधिक प्रतिभागियों ने एक साथ भुजंगासन कर नया रिकॉर्ड बनाया।

  • 14 जून 2026 को आयुष मंत्रालय ने अपने यूट्यूब लाइव योग सत्र के दौरान 4,35,831 दर्शकों के साथ गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाया।

सेना से युवाओं तक, हर वर्ग ने निभाई भागीदारी

रक्षा मंत्रालय ने सियाचिन ग्लेशियर से लेकर कन्याकुमारी तक योग कार्यक्रम आयोजित किए। रक्षा मंत्री Rajnath Singh सहित हजारों सैनिकों ने योग किया।

वहीं राष्ट्रीय कैडेट कोर (NCC) ने देशभर के 5,000 से अधिक स्थानों पर 8.30 लाख से ज्यादा कैडेटों के साथ योगाभ्यास कर युवाओं की बड़ी भागीदारी सुनिश्चित की।

भारत ने फिर दिखाया विश्व को मार्ग

12वें अंतरराष्ट्रीय योग दिवस ने एक बार फिर साबित कर दिया कि योग केवल व्यायाम नहीं, बल्कि स्वस्थ शरीर, शांत मन और संतुलित जीवन का मार्ग है। करोड़ों लोगों की भागीदारी और वैश्विक उत्साह के साथ भारत ने योग के माध्यम से विश्व कल्याण और स्वस्थ जीवन का संदेश पूरी दुनिया तक पहुंचाया।

"12वें अंतरराष्ट्रीय योग दिवस 2026 पर भारत से दुनिया तक योग का महापर्व देखने को मिला। करोड़ों लोगों ने ‘स्वस्थ आयु के लिए योग’ के संदेश को अपनाते हुए स्वास्थ्य, संतुलन और सकारात्मक जीवनशैली की दिशा में कदम बढ़ाया।"




श्री सत्य साई संजीवनी अस्पताल एवं COSA के संयुक्त तत्वावधान में अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस का आयोजन

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आरंग- 12वें अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर छत्तीसगढ़ एंड ओडिशा सब एरिया (COSA) तथा श्री सत्य साई संजीवनी अस्पताल के संयुक्त तत्वावधान में एक भव्य योग कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में भारतीय सेना के जवानों, एनसीसी कैडेट्स, नर्सिंग छात्र-छात्राओं, मरीजों के परिजनों एवं अस्पताल के कर्मचारियों सहित लगभग 500 प्रतिभागियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि ब्रिगेडियर तेजिंदर सिंह बावा, एस.एम. (गैलेंट्री), कमांडर, छत्तीसगढ़ एवं ओडिशा सब एरिया (COSA) थे। उन्होंने अपने प्रेरणादायी संबोधन में योग को भारतीय संस्कृति की अमूल्य धरोहर बताते हुए सभी को नियमित रूप से योग अपनाने का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि योग न केवल शारीरिक स्वास्थ्य को सुदृढ़ बनाता है, बल्कि मानसिक संतुलन एवं आंतरिक शांति प्रदान कर जीवन को सकारात्मक दिशा देता है।

इस अवसर पर कर्नल दिनेश पट्टाभि, एसएसओ, स्टेशन मुख्यालय रायपुर विशेष रूप से उपस्थित रहे। कार्यक्रम के समन्वय एवं संचालन में सूबेदार राज किशोर ठाकुर ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

योग सत्र का संचालन प्रसिद्ध योग गुरु पुष्कल चौबे एवं उनकी टीम द्वारा किया गया। उनके कुशल मार्गदर्शन में प्रतिभागियों ने विभिन्न योगासन, प्राणायाम एवं ध्यान का अभ्यास किया। योग गुरु पुष्कल चौबे ने योग के शारीरिक, मानसिक एवं आध्यात्मिक लाभों पर प्रकाश डालते हुए स्वस्थ जीवनशैली में योग की महत्ता को रेखांकित किया।

कार्यक्रम के दौरान सभी प्रतिभागियों ने अनुशासन एवं उत्साह के साथ योगाभ्यास किया तथा योग को अपने दैनिक जीवन का अभिन्न अंग बनाने का संकल्प लिया। आयोजन का उद्देश्य समाज में योग के प्रति जागरूकता बढ़ाना एवं स्वस्थ जीवनशैली को प्रोत्साहित करना था।

यह संयुक्त आयोजन सेना एवं स्वास्थ्य सेवा संस्थान के मध्य समन्वय, अनुशासन, सेवा भावना एवं स्वास्थ्य जागरूकता का उत्कृष्ट उदाहरण रहा। कार्यक्रम ने उपस्थित सभी प्रतिभागियों को स्वस्थ, संतुलित एवं सकारात्मक जीवन की दिशा में प्रेरित किया।

मौसम भवन में मनाया गया 12वां अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस, ‘स्वस्थ वृद्धावस्था के लिए योग’ थीम पर दिया गया जोर

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नई दिल्ली- पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय (MoES) और भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने आज मौसम भवन, नई दिल्ली में 12वें अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस का आयोजन किया। “स्वस्थ वृद्धावस्था के लिए योग” (Yoga for Healthy Aging) थीम पर आयोजित इस कार्यक्रम में मंत्रालय और विभाग के अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया तथा योग के माध्यम से समग्र स्वास्थ्य और कल्याण का संदेश दिया।

कार्यक्रम की शुरुआत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के योग दिवस संबोधन के लाइव प्रसारण के साथ हुई। इसके बाद विशेषज्ञ योग प्रशिक्षकों के मार्गदर्शन में कॉमन योग प्रोटोकॉल का अभ्यास कराया गया, जिसमें विभिन्न योगासन और प्राणायाम तकनीकों का प्रदर्शन एवं अभ्यास शामिल था।

इस अवसर पर भारत मौसम विज्ञान विभाग के महानिदेशक डॉ. मृत्युंजय महापात्र ने अपने संबोधन में योग को केवल परंपरा नहीं, बल्कि दैनिक जीवन का अभिन्न हिस्सा बनाने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने कहा कि योग को नियमित दिनचर्या में शामिल कर हम स्वस्थ और खुशहाल जीवन जी सकते हैं। उन्होंने कहा कि स्वस्थ व्यक्ति से स्वस्थ समाज और स्वस्थ समाज से स्वस्थ राष्ट्र तथा विश्व का निर्माण संभव है।

वहीं, पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय के संयुक्त सचिव श्रीनिवास राव गंगी रेड्डी ने योग के वैज्ञानिक और दार्शनिक महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि आज की दुनिया में अत्यधिक जानकारी और निरंतर विचलनों के बीच मनुष्य को सजगता (माइंडफुलनेस) और स्पष्ट सोच की आवश्यकता है। योग व्यक्ति को आत्मबोध, मानसिक स्पष्टता और भावनात्मक संतुलन प्रदान करता है, जिससे कार्यक्षमता और पारस्परिक संबंधों में सुधार होता है।

श्रीनिवास राव गंगी रेड्डी ने भक्ति योग, ज्ञान योग, कर्म योग और राजयोग जैसे पारंपरिक योग मार्गों का उल्लेख करते हुए जीवन में संतुलन और अनुशासन अपनाने का आह्वान किया।

कार्यक्रम के समापन पर मंत्रालय और आईएमडी के अधिकारियों ने योग प्रशिक्षकों को सम्मानित किया तथा स्वास्थ्य और कल्याण के क्षेत्र में उनके योगदान की सराहना की।

यह आयोजन पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय और भारत मौसम विज्ञान विभाग की उस प्रतिबद्धता का प्रतीक रहा, जिसके तहत योग की प्राचीन परंपरा को अपनाकर एक स्वस्थ, एकाग्र और अधिक उत्पादक कार्यस्थल के निर्माण को बढ़ावा दिया जा रहा है।

कोलकाता से प्रधानमंत्री का योग दिवस संदेश: योग को जीवनशैली बनाने का आह्वान, ‘योग 365’ पहल की सराहना

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कोलकाता- अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर कोलकाता में आयोजित भव्य कार्यक्रम को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने योग को मानवता को जोड़ने वाली शक्ति बताते हुए इसे केवल एक दिन का आयोजन नहीं, बल्कि जीवनशैली का हिस्सा बनाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि 21 जून आज विश्व का सबसे बड़ा सामूहिक उत्सव बन चुका है और भारत से लेकर दुनिया के विभिन्न देशों तक योग की अद्भुत तस्वीरें देखने को मिल रही हैं।


प्रधानमंत्री ने कहा कि हिमालय से हिंद महासागर तक, पूर्व में बंगाल से पश्चिम में सौराष्ट्र तक पूरा देश योग की ऊर्जा से ओतप्रोत दिखाई दे रहा है। उन्होंने कहा, “योग सबको जोड़ता है, योग सबको साथ लाता है।” इस अवसर पर उन्होंने देशवासियों और विश्व समुदाय को अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस की शुभकामनाएं दीं।

कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री ने कोलकाता में चलाए गए स्वच्छता अभियान की भी सराहना की। उन्होंने कहा कि योग दिवस से पहले शहर को स्वच्छ और सुंदर बनाने के लिए नागरिकों ने जिस तरह श्रमदान और जनभागीदारी दिखाई है, वह पूरे देश के लिए प्रेरणादायक उदाहरण है।

बंगाल की आध्यात्मिक और सांस्कृतिक विरासत का उल्लेख करते हुए प्रधानमंत्री ने भगवान रामकृष्ण परमहंस, स्वामी विवेकानंद, महर्षि अरविंद और लाहिड़ी महाशय जैसे महान संतों और योगियों को याद किया। उन्होंने कहा कि इसी धरती से योग और आध्यात्मिक चेतना का संदेश पूरी दुनिया तक पहुंचा। गुरुदेव रवीन्द्रनाथ ठाकुर और महर्षि अरविंद के विचारों का उल्लेख करते हुए उन्होंने योग को मानवीय एकता और जीवन के समग्र विकास का आधार बताया।

इस वर्ष अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस की थीम ‘Yoga for Healthy Ageing’ पर विशेष जोर देते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि योग व्यक्ति को उम्र बढ़ने के बावजूद स्वस्थ, ऊर्जावान और सक्रिय बनाए रखने में मदद करता है। उन्होंने कहा कि योग के माध्यम से व्यक्ति शारीरिक लचीलेपन, मानसिक संतुलन और जीवनशैली से जुड़ी बीमारियों से बचाव की दिशा में निरंतर प्रगति कर सकता है।

प्रधानमंत्री ने भगवद्गीता के श्लोक “युक्त आहार विहारस्य...” का उल्लेख करते हुए कहा कि संतुलित भोजन, संतुलित दिनचर्या, उचित कर्म और पर्याप्त विश्राम ही योग का मूल आधार हैं। उन्होंने कहा कि आधुनिक जीवन की भागदौड़ और असंतुलन के बीच योग लोगों को संतुलित और स्वस्थ जीवन जीने की कला सिखाता है।

उन्होंने कहा कि योग केवल शारीरिक स्वास्थ्य तक सीमित नहीं है, बल्कि मानसिक शांति और विश्व शांति का भी मार्ग प्रशस्त करता है। योग व्यक्ति को सही और गलत के बीच अंतर समझने की क्षमता देता है, जिससे समाज और विश्व में सकारात्मक बदलाव संभव होता है।

प्रधानमंत्री ने लोगों से संकल्प लेने का आग्रह किया कि वे योग को केवल एक दिवस या कार्यक्रम तक सीमित न रखें, बल्कि इसे अपने जीवन, परिवार और आने वाली पीढ़ियों का अभिन्न हिस्सा बनाएं।

उन्होंने बताया कि इस दिशा में केंद्र सरकार द्वारा शुरू की गई ‘योग 365’ पहल के तहत 100 दिवसीय ऑनलाइन योग कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें 130 देशों के 30 लाख से अधिक लोगों ने भाग लेकर अभूतपूर्व जनभागीदारी का परिचय दिया।

अपने संबोधन के अंत में प्रधानमंत्री ने कहा कि स्वस्थ समाज ही सक्षम, समृद्ध और आत्मविश्वासी राष्ट्र का निर्माण करता है। उन्होंने सभी के सुख और निरोगी जीवन की कामना करते हुए “सर्वे भवन्तु सुखिनः, सर्वे सन्तु निरामयाः” का संदेश दिया और एक बार फिर अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस की शुभकामनाएं दीं।

अंतरराष्ट्रीय योग दिवस 2026: राष्ट्रीय एवं वैश्विक समारोहों का शुभारंभ

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नई दिल्ली के राष्ट्रीय मीडिया केंद्र में आज आयुष मंत्रालय ने 12वें अंतरराष्ट्रीय योग दिवस (IDY) 2026 के लिए कर्टेन रेज़र कार्यक्रम आयोजित किया। इसके साथ ही देशभर और विश्वभर में योग दिवस 2026 के उत्सवों की औपचारिक शुरुआत हुई। इस वर्ष का मुख्य राष्ट्रीय कार्यक्रम 21 जून 2026 को Kolkata के ऐतिहासिक रेड रोड पर आयोजित होगा, जिसका नेतृत्व नरेंद्र मोदी करेंगे।

इस वर्ष की थीम: "स्वस्थ आयु के लिए योग" (Yoga for Healthy Ageing)

आयुष राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) प्रतापराव जाधव ने कहा कि यह विषय वर्तमान समय की सबसे महत्वपूर्ण चुनौतियों और अवसरों में से एक—स्वस्थ वृद्धावस्था—पर केंद्रित है।

उन्होंने कहा कि दुनिया भर में लोग पहले से अधिक लंबे समय तक जीवित रह रहे हैं, लेकिन चुनौती यह है कि ये अतिरिक्त वर्ष स्वस्थ, सक्रिय, आत्मनिर्भर और सार्थक हों। योग शारीरिक स्वास्थ्य को मजबूत करने, मानसिक संतुलन बढ़ाने और जीवन की गुणवत्ता सुधारने का एक सिद्ध एवं समग्र माध्यम है।

योग: भारत से विश्व तक

मंत्री ने बताया कि वर्ष 2014 में संयुक्त राष्ट्र महासभा द्वारा भारत के प्रस्ताव को स्वीकार किए जाने के बाद योग एक भारतीय परंपरा से आगे बढ़कर वैश्विक स्वास्थ्य आंदोलन बन गया।

उन्होंने कहा, "आज योग सीमाओं, संस्कृतियों और भाषाओं से परे जाकर स्वास्थ्य, सद्भाव और कल्याण का साझा वैश्विक माध्यम बन चुका है।"

वैश्विक स्तर पर व्यापक आयोजन

  • 210 से अधिक भारतीय मिशन (दूतावास एवं उच्चायोग) विदेशों में योग दिवस कार्यक्रम आयोजित करेंगे।

  • लगभग 2,500 स्थानों पर अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के कार्यक्रम होंगे।

  • यह योग की वैश्विक लोकप्रियता और आधुनिक स्वास्थ्य चुनौतियों में उसकी उपयोगिता को दर्शाता है।

नया गिनीज़ वर्ल्ड रिकॉर्ड

मंत्री ने जानकारी दी कि 14 जून 2026 को आयोजित विशेष राष्ट्रव्यापी लाइव योग सत्र में 4 लाख से अधिक लोगों ने एक साथ भाग लेकर नया गिनीज़ वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाया।

उन्होंने इसे योग के प्रति जनता के बढ़ते उत्साह और सहभागिता का प्रमाण बताया।

100 प्रतिष्ठित स्थलों पर विशेष आयोजन

संस्कृति मंत्रालय देशभर के 100 प्रतिष्ठित एवं ऐतिहासिक स्थलों पर विशेष योग कार्यक्रम आयोजित करेगा।

इस पहल का उद्देश्य योग, भारतीय संस्कृति और राष्ट्रीय गौरव को एक साथ जोड़ना है।

काउंटडाउन कार्यक्रम

योग दिवस से पहले देशभर में कई प्रमुख काउंटडाउन कार्यक्रम आयोजित किए गए:

  • नई दिल्ली में 100-दिवसीय काउंटडाउन

  • महाराष्ट्र के लोणार में 75-दिवसीय कार्यक्रम

  • कान्हा शांति वनम्, हैदराबाद में 50-दिवसीय कार्यक्रम

  • खजुराहो में 25-दिवसीय काउंटडाउन समारोह

"गंगोत्री से गंगासागर: गंगा तट योग यात्रा"

13 से 20 जून तक आयोजित यह विशेष यात्रा निम्न प्रमुख स्थानों को जोड़ रही है:

  • गंगोत्री

  • हरिद्वार

  • वाराणसी

  • पटना

  • हुगली

  • गंगासागर

इस पहल का उद्देश्य योग को पर्यावरण संरक्षण, नदी संस्कृति और जनभागीदारी से जोड़ना है।

कोलकाता में विशेष कार्यक्रम

मुख्य आयोजन से पहले कोलकाता में कई विशेष कार्यक्रम होंगे:

  • 19 जून: "दौड़ से ध्यान" (Doud se Dhyan) — शारीरिक फिटनेस और मानसिक स्वास्थ्य के संबंध को बढ़ावा देने हेतु।

  • 20 जून: "वंदे योगम्" (Vande Yogam) एवं पश्चिम बंगाल दिवस समारोह — योग, देशभक्ति और सांस्कृतिक विरासत का संगम।

नागरिकों से अपील

मंत्री प्रतापराव जाधव  ने सभी नागरिकों से योग दिवस 2026 के कार्यक्रमों में सक्रिय भागीदारी करने का आह्वान करते हुए कहा कि योग मानवता को भारत की सबसे महत्वपूर्ण देनों में से एक है और इसे दैनिक जीवन का हिस्सा बनाकर स्वस्थ, सुखी और सार्थक जीवन प्राप्त किया जा सकता है।

अंतरराष्ट्रीय योग दिवस 2026 से पहले भारत ने रचा इतिहास, मंत्रालय ने बनाया नया गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड

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अंतरराष्ट्रीय योग दिवस (IDY) 2026 से पहले भारत ने योग के क्षेत्र में एक नया वैश्विक कीर्तिमान स्थापित कर दुनिया को अपनी योग शक्ति का परिचय दिया है। आयुष मंत्रालय ने आज आधिकारिक यूट्यूब चैनल पर आयोजित विशेष ऑनलाइन योग सत्र के माध्यम से "Most Viewers for a YouTube Live Yoga Stream" श्रेणी में नया गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाया।

इस ऐतिहासिक लाइव योग सत्र में 4,35,831 लोगों ने भाग लिया, जो अब तक का सबसे बड़ा ऑनलाइन योग सहभागिता रिकॉर्ड है। इससे पहले वर्ष 2024 में 2,46,252 दर्शकों का रिकॉर्ड दर्ज था। भारत ने इस पुराने रिकॉर्ड को 1,89,579 दर्शकों के बड़े अंतर से पीछे छोड़ते हुए नया विश्व रिकॉर्ड कायम किया।

योग ने जोड़ी दुनिया

अंतरराष्ट्रीय योग दिवस 2026 के प्रचार-प्रसार के तहत आयोजित इस विशेष कार्यक्रम में भारत ही नहीं बल्कि दुनिया के विभिन्न देशों से योग साधकों, छात्रों, शिक्षकों, संस्थानों, पेशेवरों और स्वास्थ्य के प्रति जागरूक लोगों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।

कार्यक्रम के दौरान प्रतिभागियों ने कॉमन योग प्रोटोकॉल (CYP) का अभ्यास किया और "योग 365" अभियान के संदेश को आगे बढ़ाया, जिसका उद्देश्य योग को केवल एक दिन का उत्सव नहीं बल्कि दैनिक जीवन का हिस्सा बनाना है।

केंद्रीय मंत्री ने दी बधाई

इस अवसर पर केंद्रीय आयुष राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) एवं स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण राज्य मंत्री प्रतापराव जाधव ने सभी प्रतिभागियों को बधाई देते हुए कहा,

"आज की यह उपलब्धि साबित करती है कि योग लोगों को क्षेत्र, संस्कृति और देशों की सीमाओं से परे जोड़ने की अद्भुत शक्ति रखता है। यह नया विश्व रिकॉर्ड योग को जीवनशैली के रूप में वैश्विक स्वीकृति मिलने का प्रमाण है। मैं सभी नागरिकों से 'योग 365' के संकल्प को अपनाने और स्वस्थ समाज के निर्माण में योगदान देने का आग्रह करता हूं।"

दुनिया को दिया बड़ा संदेश

आयुष मंत्रालय के सचिव वैद्य राजेश कोटेचा ने कहा कि यह उपलब्धि केवल एक रिकॉर्ड बनाने तक सीमित नहीं है, बल्कि दुनिया को यह संदेश देने का अवसर है कि योग स्वास्थ्य और कल्याण का एक प्रभावी माध्यम बन चुका है।

उन्होंने कहा,

"हमारा उद्देश्य लोगों को यह प्रेरणा देना है कि वे योग को केवल एक दिन की गतिविधि न मानें, बल्कि इसे जीवनभर की आदत बनाएं।"

कई नेताओं ने भेजे संदेश

कार्यक्रम के दौरान ओडिशा के स्वास्थ्य मंत्री मुकेश महालिंग, केंद्रीय मंत्री किरण रिजिजू तथा मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव सहित कई गणमान्य नेताओं के संदेश भी प्रसारित किए गए। सभी वक्ताओं ने योग को बेहतर स्वास्थ्य और समग्र कल्याण का आधार बताते हुए लोगों से इसे दैनिक जीवन में अपनाने की अपील की।

"स्वस्थ आयु के लिए योग" होगा 2026 की थीम

इस वर्ष अंतरराष्ट्रीय योग दिवस 2026 की थीम है — "स्वस्थ आयु के लिए योग" (Yoga for Healthy Ageing)।

यह थीम जीवनभर स्वस्थ रहने, मानसिक संतुलन बनाए रखने और बेहतर जीवन गुणवत्ता को बढ़ावा देने में योग की भूमिका को रेखांकित करती है।

अंतरराष्ट्रीय योग दिवस 2026 का मुख्य राष्ट्रीय आयोजन 21 जून को कोलकाता, पश्चिम बंगाल में आयोजित किया जाएगा, जहां देश-विदेश से हजारों योग प्रेमी एकत्रित होंगे।

हर घर योग, हर दिन योग

आयुष मंत्रालय ने इस ऐतिहासिक उपलब्धि में योगदान देने वाले सभी योग संस्थानों, शैक्षणिक संस्थाओं, सरकारी विभागों, कॉर्पोरेट संगठनों, सामाजिक समूहों और वैश्विक भारतीय समुदाय का आभार व्यक्त किया।

देश अब अंतरराष्ट्रीय योग दिवस 2026 की ओर बढ़ रहा है और मंत्रालय ने एक बार फिर सभी नागरिकों से अपील की है कि वे "हर घर योग, हर दिन योग" के संकल्प को अपनाकर योग को अपनी जीवनशैली का हिस्सा बनाएं।

योग केवल व्यायाम नहीं, बल्कि स्वस्थ, संतुलित और सुखी जीवन की कुंजी है।

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