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कोलकाता से प्रधानमंत्री का योग दिवस संदेश: योग को जीवनशैली बनाने का आह्वान, ‘योग 365’ पहल की सराहना

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कोलकाता- अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर कोलकाता में आयोजित भव्य कार्यक्रम को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने योग को मानवता को जोड़ने वाली शक्ति बताते हुए इसे केवल एक दिन का आयोजन नहीं, बल्कि जीवनशैली का हिस्सा बनाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि 21 जून आज विश्व का सबसे बड़ा सामूहिक उत्सव बन चुका है और भारत से लेकर दुनिया के विभिन्न देशों तक योग की अद्भुत तस्वीरें देखने को मिल रही हैं।


प्रधानमंत्री ने कहा कि हिमालय से हिंद महासागर तक, पूर्व में बंगाल से पश्चिम में सौराष्ट्र तक पूरा देश योग की ऊर्जा से ओतप्रोत दिखाई दे रहा है। उन्होंने कहा, “योग सबको जोड़ता है, योग सबको साथ लाता है।” इस अवसर पर उन्होंने देशवासियों और विश्व समुदाय को अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस की शुभकामनाएं दीं।

कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री ने कोलकाता में चलाए गए स्वच्छता अभियान की भी सराहना की। उन्होंने कहा कि योग दिवस से पहले शहर को स्वच्छ और सुंदर बनाने के लिए नागरिकों ने जिस तरह श्रमदान और जनभागीदारी दिखाई है, वह पूरे देश के लिए प्रेरणादायक उदाहरण है।

बंगाल की आध्यात्मिक और सांस्कृतिक विरासत का उल्लेख करते हुए प्रधानमंत्री ने भगवान रामकृष्ण परमहंस, स्वामी विवेकानंद, महर्षि अरविंद और लाहिड़ी महाशय जैसे महान संतों और योगियों को याद किया। उन्होंने कहा कि इसी धरती से योग और आध्यात्मिक चेतना का संदेश पूरी दुनिया तक पहुंचा। गुरुदेव रवीन्द्रनाथ ठाकुर और महर्षि अरविंद के विचारों का उल्लेख करते हुए उन्होंने योग को मानवीय एकता और जीवन के समग्र विकास का आधार बताया।

इस वर्ष अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस की थीम ‘Yoga for Healthy Ageing’ पर विशेष जोर देते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि योग व्यक्ति को उम्र बढ़ने के बावजूद स्वस्थ, ऊर्जावान और सक्रिय बनाए रखने में मदद करता है। उन्होंने कहा कि योग के माध्यम से व्यक्ति शारीरिक लचीलेपन, मानसिक संतुलन और जीवनशैली से जुड़ी बीमारियों से बचाव की दिशा में निरंतर प्रगति कर सकता है।

प्रधानमंत्री ने भगवद्गीता के श्लोक “युक्त आहार विहारस्य...” का उल्लेख करते हुए कहा कि संतुलित भोजन, संतुलित दिनचर्या, उचित कर्म और पर्याप्त विश्राम ही योग का मूल आधार हैं। उन्होंने कहा कि आधुनिक जीवन की भागदौड़ और असंतुलन के बीच योग लोगों को संतुलित और स्वस्थ जीवन जीने की कला सिखाता है।

उन्होंने कहा कि योग केवल शारीरिक स्वास्थ्य तक सीमित नहीं है, बल्कि मानसिक शांति और विश्व शांति का भी मार्ग प्रशस्त करता है। योग व्यक्ति को सही और गलत के बीच अंतर समझने की क्षमता देता है, जिससे समाज और विश्व में सकारात्मक बदलाव संभव होता है।

प्रधानमंत्री ने लोगों से संकल्प लेने का आग्रह किया कि वे योग को केवल एक दिवस या कार्यक्रम तक सीमित न रखें, बल्कि इसे अपने जीवन, परिवार और आने वाली पीढ़ियों का अभिन्न हिस्सा बनाएं।

उन्होंने बताया कि इस दिशा में केंद्र सरकार द्वारा शुरू की गई ‘योग 365’ पहल के तहत 100 दिवसीय ऑनलाइन योग कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें 130 देशों के 30 लाख से अधिक लोगों ने भाग लेकर अभूतपूर्व जनभागीदारी का परिचय दिया।

अपने संबोधन के अंत में प्रधानमंत्री ने कहा कि स्वस्थ समाज ही सक्षम, समृद्ध और आत्मविश्वासी राष्ट्र का निर्माण करता है। उन्होंने सभी के सुख और निरोगी जीवन की कामना करते हुए “सर्वे भवन्तु सुखिनः, सर्वे सन्तु निरामयाः” का संदेश दिया और एक बार फिर अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस की शुभकामनाएं दीं।

अंतरराष्ट्रीय योग दिवस 2026 से पहले कोलकाता में ‘दौड़ से ध्यान’ कार्यक्रम का आयोजन, हजारों लोगों ने लिया भाग

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कोलकाता- 12वें अंतरराष्ट्रीय योग दिवस (IDY) 2026 के पूर्व आयोजित कार्यक्रमों की श्रृंखला के तहत कोलकाता में “दौड़ से ध्यान 2026 – From Movement to Stillness” का भव्य आयोजन किया गया। स्वच्छता से स्वागत कार्यक्रम के अंतर्गत आयोजित इस अनूठी पहल ने स्वास्थ्य, स्वच्छता, नागरिक जिम्मेदारी और समग्र कल्याण के संदेश को एक साथ जोड़ने का कार्य किया।

कार्यक्रम का शुभारंभ आज सुबह पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी तथा केंद्रीय आयुष राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) एवं स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण राज्य मंत्री प्रतापराव जाधव ने संयुक्त रूप से किया। दोनों नेताओं ने कोलकाता नगर निगम (KMC) मुख्यालय से ऐतिहासिक राइटर्स बिल्डिंग तक आयोजित मैराथन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।

मैराथन के बाद राइटर्स बिल्डिंग परिसर में योग और ध्यान सत्र आयोजित किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में लोगों ने भाग लेकर स्वस्थ जीवनशैली और मानसिक शांति का संदेश दिया।

इस अवसर पर मंत्री इंद्रनील खान, अग्निमित्रा पॉल और तापस रॉय, विधायक विजय ओझा, पश्चिम बंगाल सरकार के मुख्य सचिव डॉ. मनोज कुमार अग्रवाल, आयुष मंत्रालय के सचिव वैद्य राजेश कोटेचा सहित कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे। प्रसिद्ध पूर्व टेनिस खिलाड़ी लिएंडर पेस ने भी योग सत्र में भाग लेकर कार्यक्रम को विशेष उत्साह प्रदान किया।

11 स्थानों पर एक साथ आयोजित हुई योग दौड़

इस पहल के तहत कोलकाता के 11 प्रमुख स्थानों पर एक साथ 2 किलोमीटर की योग रन आयोजित की गई। इसका उद्देश्य लोगों को योग को जीवनशैली के रूप में अपनाने के लिए प्रेरित करना था।

योग रन के प्रमुख स्थानों में शामिल रहे:

  • पी.ए.सी. टेंट मैदान

  • एलियट पार्क

  • आरएसएम स्क्वायर (सेंट्रल)

  • ताला पार्क (बेलगछिया)

  • सुभाष सरोवर (बेलियाघाटा)

  • कैप्टन भेरी (ईएम बाईपास)

  • गोलपार्क (विवेकानंद पार्क)

  • गीतांजलि स्टेडियम (कस्बा)

  • केएफआर ग्राउंड (बेहाला)

  • संघमित्रा स्कूल मैदान (वेस्ट पोर्ट)

  • चंडीपुरा रंगसारा ग्राउंड (भांगर)

योग का मूल संदेश: गति से स्थिरता की ओर

कार्यक्रम का मुख्य संदेश “दौड़ से ध्यान” योग के वास्तविक स्वरूप को दर्शाता है, जिसमें शारीरिक गतिविधि से मानसिक शांति, अनुशासन से संतुलन और सामूहिक प्रयास से समग्र कल्याण की ओर बढ़ने की प्रेरणा दी जाती है।

अंतरराष्ट्रीय योग दिवस 2026 से पहले पश्चिम बंगाल में आयोजित इस तरह के कार्यक्रम योग के प्रति जन-जागरूकता बढ़ाने और अधिक से अधिक लोगों की भागीदारी सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माने जा रहे हैं।


अंतरराष्ट्रीय योग दिवस 2026 से पहले भारत ने रचा इतिहास, मंत्रालय ने बनाया नया गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड

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अंतरराष्ट्रीय योग दिवस (IDY) 2026 से पहले भारत ने योग के क्षेत्र में एक नया वैश्विक कीर्तिमान स्थापित कर दुनिया को अपनी योग शक्ति का परिचय दिया है। आयुष मंत्रालय ने आज आधिकारिक यूट्यूब चैनल पर आयोजित विशेष ऑनलाइन योग सत्र के माध्यम से "Most Viewers for a YouTube Live Yoga Stream" श्रेणी में नया गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाया।

इस ऐतिहासिक लाइव योग सत्र में 4,35,831 लोगों ने भाग लिया, जो अब तक का सबसे बड़ा ऑनलाइन योग सहभागिता रिकॉर्ड है। इससे पहले वर्ष 2024 में 2,46,252 दर्शकों का रिकॉर्ड दर्ज था। भारत ने इस पुराने रिकॉर्ड को 1,89,579 दर्शकों के बड़े अंतर से पीछे छोड़ते हुए नया विश्व रिकॉर्ड कायम किया।

योग ने जोड़ी दुनिया

अंतरराष्ट्रीय योग दिवस 2026 के प्रचार-प्रसार के तहत आयोजित इस विशेष कार्यक्रम में भारत ही नहीं बल्कि दुनिया के विभिन्न देशों से योग साधकों, छात्रों, शिक्षकों, संस्थानों, पेशेवरों और स्वास्थ्य के प्रति जागरूक लोगों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।

कार्यक्रम के दौरान प्रतिभागियों ने कॉमन योग प्रोटोकॉल (CYP) का अभ्यास किया और "योग 365" अभियान के संदेश को आगे बढ़ाया, जिसका उद्देश्य योग को केवल एक दिन का उत्सव नहीं बल्कि दैनिक जीवन का हिस्सा बनाना है।

केंद्रीय मंत्री ने दी बधाई

इस अवसर पर केंद्रीय आयुष राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) एवं स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण राज्य मंत्री प्रतापराव जाधव ने सभी प्रतिभागियों को बधाई देते हुए कहा,

"आज की यह उपलब्धि साबित करती है कि योग लोगों को क्षेत्र, संस्कृति और देशों की सीमाओं से परे जोड़ने की अद्भुत शक्ति रखता है। यह नया विश्व रिकॉर्ड योग को जीवनशैली के रूप में वैश्विक स्वीकृति मिलने का प्रमाण है। मैं सभी नागरिकों से 'योग 365' के संकल्प को अपनाने और स्वस्थ समाज के निर्माण में योगदान देने का आग्रह करता हूं।"

दुनिया को दिया बड़ा संदेश

आयुष मंत्रालय के सचिव वैद्य राजेश कोटेचा ने कहा कि यह उपलब्धि केवल एक रिकॉर्ड बनाने तक सीमित नहीं है, बल्कि दुनिया को यह संदेश देने का अवसर है कि योग स्वास्थ्य और कल्याण का एक प्रभावी माध्यम बन चुका है।

उन्होंने कहा,

"हमारा उद्देश्य लोगों को यह प्रेरणा देना है कि वे योग को केवल एक दिन की गतिविधि न मानें, बल्कि इसे जीवनभर की आदत बनाएं।"

कई नेताओं ने भेजे संदेश

कार्यक्रम के दौरान ओडिशा के स्वास्थ्य मंत्री मुकेश महालिंग, केंद्रीय मंत्री किरण रिजिजू तथा मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव सहित कई गणमान्य नेताओं के संदेश भी प्रसारित किए गए। सभी वक्ताओं ने योग को बेहतर स्वास्थ्य और समग्र कल्याण का आधार बताते हुए लोगों से इसे दैनिक जीवन में अपनाने की अपील की।

"स्वस्थ आयु के लिए योग" होगा 2026 की थीम

इस वर्ष अंतरराष्ट्रीय योग दिवस 2026 की थीम है — "स्वस्थ आयु के लिए योग" (Yoga for Healthy Ageing)।

यह थीम जीवनभर स्वस्थ रहने, मानसिक संतुलन बनाए रखने और बेहतर जीवन गुणवत्ता को बढ़ावा देने में योग की भूमिका को रेखांकित करती है।

अंतरराष्ट्रीय योग दिवस 2026 का मुख्य राष्ट्रीय आयोजन 21 जून को कोलकाता, पश्चिम बंगाल में आयोजित किया जाएगा, जहां देश-विदेश से हजारों योग प्रेमी एकत्रित होंगे।

हर घर योग, हर दिन योग

आयुष मंत्रालय ने इस ऐतिहासिक उपलब्धि में योगदान देने वाले सभी योग संस्थानों, शैक्षणिक संस्थाओं, सरकारी विभागों, कॉर्पोरेट संगठनों, सामाजिक समूहों और वैश्विक भारतीय समुदाय का आभार व्यक्त किया।

देश अब अंतरराष्ट्रीय योग दिवस 2026 की ओर बढ़ रहा है और मंत्रालय ने एक बार फिर सभी नागरिकों से अपील की है कि वे "हर घर योग, हर दिन योग" के संकल्प को अपनाकर योग को अपनी जीवनशैली का हिस्सा बनाएं।

योग केवल व्यायाम नहीं, बल्कि स्वस्थ, संतुलित और सुखी जीवन की कुंजी है।

समाज, संगठन और योग के प्रति समर्पित था रूपनारायण सिन्हा जी का जीवन : मुख्यमंत्री साय

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छत्तीसगढ़ योग आयोग के अध्यक्ष स्वर्गीय रूपनारायण सिन्हा को दी गई भावभीनी श्रद्धांजलि

रायपुर- मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज राजधानी रायपुर स्थित पंडित दीनदयाल उपाध्याय ऑडिटोरियम में आयोजित श्रद्धांजलि सभा में छत्तीसगढ़ योग आयोग के अध्यक्ष स्वर्गीय रूपनारायण सिन्हा को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने कहा कि सिन्हा का संपूर्ण जीवन समाजसेवा, संगठन निर्माण और योग के प्रचार-प्रसार के लिए समर्पित रहा। उनका निधन न केवल उनके परिवार, बल्कि पूरे छत्तीसगढ़ के लिए एक अपूरणीय क्षति है।

मुख्यमंत्री साय ने श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि स्वर्गीय रूपनारायण सिन्हा एक कुशल संगठनकर्ता, सरल, सौम्य और मृदुभाषी व्यक्तित्व के धनी थे। उन्होंने अपने व्यवहार, कार्यशैली और समर्पण से समाज के विभिन्न वर्गों के बीच विशेष पहचान बनाई थी। योग के प्रति उनकी निष्ठा और समाज के प्रति उनकी प्रतिबद्धता उन्हें विशिष्ट बनाती थी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ योग आयोग के अध्यक्ष का दायित्व संभालने के बाद सिन्हा ने पूरे समर्पण और ऊर्जा के साथ योग आंदोलन को नई दिशा देने का कार्य किया। उन्होंने योग को केवल स्वास्थ्य का माध्यम नहीं, बल्कि जीवनशैली का हिस्सा बनाने के लिए अनेक नवाचार किए। उनके प्रयासों से प्रदेश में योग गतिविधियों को नई पहचान और व्यापक जनस्वीकृति मिली।

मुख्यमंत्री साय ने स्वर्गीय सिन्हा के साथ बिताए गए क्षणों को स्मरण करते हुए कहा कि उनसे नियमित मुलाकात होती थी और हर मुलाकात में वे समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाने के लिए योग आधारित नए विचार साझा करते थे। उनकी सोच सदैव रचनात्मक और जनहितकारी होती थी। वे योग को जन-जन तक पहुंचाने के लिए निरंतर सक्रिय रहते थे और इसी उद्देश्य को अपने जीवन का मिशन बना चुके थे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले वर्ष जशपुर के रणजीता स्टेडियम में आयोजित अंतरराष्ट्रीय योग दिवस कार्यक्रम की सफलता में सिन्हा की महत्वपूर्ण भूमिका रही थी। सीमित समय में उन्होंने जिस कुशलता और प्रतिबद्धता के साथ उस आयोजन को भव्य स्वरूप दिया, वह उनकी संगठन क्षमता और कार्यकुशलता कावो उत्कृष्ट उदाहरण है। उस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में लोगों की सहभागिता ने योग के प्रति जनजागरूकता को नई ऊंचाई प्रदान की थी। उनका जीवन समाज के प्रति समर्पण, अनुशासन और सकारात्मक ऊर्जा का प्रतीक था, जो आने वाली पीढ़ियों को निरंतर प्रेरणा देता रहेगा।

मुख्यमंत्री ने शोक संतप्त परिवार के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त करते हुए ईश्वर से दिवंगत आत्मा की शांति तथा परिजनों को इस दुःख को सहन करने की शक्ति प्रदान करने की प्रार्थना की।

श्रद्धांजलि सभा में विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह, वन मंत्री केदार कश्यप, स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल, स्कूल शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव, विधायक अमर अग्रवाल, विधायक धरमलाल कौशिक, विधायक अजय चंद्राकर, महापौर मीनल चौबे, रमेश बैस, राम प्रताप, पवन साय, डॉ. पूर्णेन्दु सक्सेना, राम दत्त,  राजीव लोचन महाराज सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, गणमान्य नागरिक, योग साधक एवं योग जगत से जुड़े लोगों ने उपस्थित होकर स्वर्गीय रूपनारायण सिन्हा को श्रद्धासुमन अर्पित किया।

स्वच्छता पखवाड़ा 2026: न्याय विभाग की स्वच्छ, स्वस्थ और सतत भारत की पहल

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न्याय विभाग द्वारा 1 अप्रैल से 15 अप्रैल 2026 तक स्वच्छता पखवाड़ा 2026 का आयोजन किया गया, जिसके अंतर्गत अधिकारियों और कर्मचारियों के व्यक्तिगत एवं पेशेवर जीवन में स्वास्थ्य, स्वच्छता, व्यक्तिगत स्वच्छता और मानसिक कल्याण के प्रति जागरूकता बढ़ाने हेतु विभिन्न गतिविधियों का आयोजन किया गया।

पखवाड़े के दौरान 02.04.2026 को सभी के लिए आधे घंटे का योग सत्र आयोजित किया गया, जिससे कर्मचारियों को योग को अपनी दिनचर्या का अभिन्न हिस्सा बनाने के लिए प्रेरित किया गया। इस सत्र का उद्देश्य स्वच्छता, स्वास्थ्य और समग्र कल्याण के प्रति उनकी प्रतिबद्धता को सुदृढ़ करना था।

09.04.2026 को विभाग में अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए हिंदी निबंध लेखन प्रतियोगिता का आयोजन किया गया, जिसमें स्वच्छता और स्वच्छ जीवनशैली पर अपने विचार व्यक्त करने का अवसर प्रदान किया गया।

10.04.2026 को जैसलमेर हाउस परिसर में श्रमदान गतिविधि का आयोजन किया गया, जिसके पश्चात नीरज वर्मा, सचिव (न्याय) के मार्गदर्शन में वृक्षारोपण अभियान चलाया गया। इस अवसर पर सचिव (न्याय) ने स्वच्छ, हरित और सतत पर्यावरण के लिए निरंतर प्रयासों की आवश्यकता पर बल दिया तथा अधिकारियों को अपने आसपास भी वृक्षारोपण के लिए प्रेरित किया।

इसी दिन अधिकारियों/कर्मचारियों के बच्चों के लिए स्वच्छता विषय पर चित्रकला प्रतियोगिता भी आयोजित की गई, जिसमें बच्चों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।

13.04.2026 को विभाग द्वारा iGOT Mission LiFE (Lifestyle for Environment) पर एक सत्र आयोजित किया गया, जिसका उद्देश्य पर्यावरण संरक्षण के लिए दैनिक जीवन में सतत आदतों को अपनाने के प्रति जागरूकता बढ़ाना था। इस सत्र में ‘यूज़ एंड डिस्पोज़’ अर्थव्यवस्था के स्थान पर ‘सर्कुलर इकोनॉमी’ को अपनाने और ‘प्रो-प्लैनेट पीपल’ के रूप में जिम्मेदारी निभाने पर जोर दिया गया।

स्वच्छता पखवाड़ा के दौरान 14 अप्रैल 2026 को भारत रत्न डॉ. भीमराव अंबेडकर की जयंती के अवसर पर उनके प्रतिमा पर माल्यार्पण समारोह आयोजित किया गया। इस अवसर पर अर्जुन राम मेघवाल, राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार), विधि एवं न्याय मंत्रालय ने जैसलमेर हाउस परिसर में स्थित डॉ. अंबेडकर की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित की। साथ ही नीरज वर्मा, सचिव (न्याय), पूर्व सचिवों और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों ने भी उन्हें श्रद्धांजलि दी।

इन सभी गतिविधियों में अधिकारियों और कर्मचारियों की उत्साहपूर्ण भागीदारी देखने को मिली, जिससे कार्यस्थलों और समाज में स्वच्छता और स्वच्छता के प्रति सामूहिक जिम्मेदारी की भावना और मजबूत हुई। पखवाड़े के दौरान आयोजित विभिन्न प्रतियोगिताओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले अधिकारियों को विभिन्न श्रेणियों में पुरस्कार भी प्रदान किए गए।


न्याय विभाग स्वच्छ भारत मिशन के आदर्शों के प्रति प्रतिबद्ध है और भविष्य में भी स्वच्छता एवं सतत विकास को बढ़ावा देने के लिए इस प्रकार की पहल, अभियान और गतिविधियाँ जारी रखेगा।

‘योग 365’ पहल की शुरुआत: अंतरराष्ट्रीय योग दिवस को दैनिक जीवन से जोड़ने की दिशा में बड़ा कदम

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नई दिल्ली- योग को एक दिन के उत्सव से आगे बढ़ाकर दैनिक जीवन का हिस्सा बनाने के उद्देश्य से केंद्र सरकार ने ‘योग 365’ नामक एक महत्वाकांक्षी राष्ट्रीय अभियान की शुरुआत की है। इस पहल का लक्ष्य देशभर में लोगों को साल के 365 दिनों तक नियमित रूप से योग अपनाने के लिए प्रेरित करना है।

इस अभियान की घोषणा प्रतापराव जाधव, आयुष मंत्रालय के राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) ने की। उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर योग दिवस ने व्यापक जागरूकता पैदा की है, लेकिन अब समय आ गया है कि इस जागरूकता को नियमित अभ्यास में बदला जाए।

‘योग 365’ पहल का औपचारिक शुभारंभ Yoga Mahotsav–2026 के दौरान किया गया, जो 2026 के योग दिवस के लिए 100 दिन की उलटी गिनती का प्रतीक है। इस अवसर पर मोरारजी देसाई राष्ट्रीय योग संस्थान (MDNIY) ने Habuild के साथ एक समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किया, जिसके तहत देशभर में लोगों के लिए निःशुल्क दैनिक ऑनलाइन योग सत्र उपलब्ध कराए जाएंगे।

सरकारी आंकड़ों के अनुसार, भारत में योग के प्रति जागरूकता काफी अधिक है—ग्रामीण क्षेत्रों में लगभग 95 प्रतिशत और शहरी क्षेत्रों में 96 प्रतिशत लोग योग के बारे में जानते हैं। हालांकि, नियमित रूप से योग करने वालों की संख्या अपेक्षाकृत कम है। ‘योग 365’ अभियान का उद्देश्य इसी अंतर को पाटना है।

आयुष मंत्रालय के सचिव वैद्य राजेश कोटेचा ने बताया कि यह पहल योग को अधिक सुलभ, व्यावहारिक और दैनिक स्वास्थ्य का हिस्सा बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। वहीं, संयुक्त सचिव मोनालिसा डैश ने कहा कि यह अभियान समुदायों, संस्थानों और डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से व्यापक जनभागीदारी सुनिश्चित करेगा।

इस पहल के तहत योग को स्कूलों, कार्यालयों, सामुदायिक समूहों और डिजिटल माध्यमों से जोड़ने की योजना है। साथ ही, Y-Break, कॉमन योग प्रोटोकॉल और रोगों के लिए विशेष योग कार्यक्रमों के माध्यम से इसे जीवनशैली का हिस्सा बनाने पर जोर दिया जाएगा।

गौरतलब है कि 2015 में शुरू हुआ अंतरराष्ट्रीय योग दिवस अब एक वैश्विक जनआंदोलन बन चुका है, जिसमें हर वर्ष करोड़ों लोग भाग लेते हैं। वर्ष 2025 में ही 26 करोड़ से अधिक लोगों की भागीदारी ने इसकी लोकप्रियता को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया।

‘योग 365’ इसी आंदोलन का अगला चरण है, जिसका उद्देश्य स्पष्ट है—

योग को एक दिन की गतिविधि से आगे बढ़ाकर, हर दिन की स्वस्थ आदत बनाना।

प्रधानमंत्री मोदी ने योग के transformative प्रभाव पर साझा किया संस्कृत श्लोक

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज योग के परिवर्तनकारी प्रभाव को उजागर करते हुए एक संस्कृत श्लोक साझा किया। इस श्लोक में योग की प्रगतिशील यात्रा का वर्णन किया गया है—शारीरिक स्वास्थ्य से लेकर परम मोक्ष तक—आसन, प्राणायाम, प्रत्याहार, धारणा और समाधि के अभ्यास के माध्यम से।

प्रधानमंत्री ने X पर पोस्ट में लिखा:

“आसनेन रुजो हन्ति प्राणायामेन पातकम्।
विकारं मानसं योगी प्रत्याहारेण सर्वदा॥

धारणाभिर्मनोधैर्यं याति चैतन्यमद्भुतम्।
समाधौ मोक्षमाप्नोति त्यक्त्त्वा कर्म शुभाशुभम्॥”

गांधी जयंती पर एनआईएन, पुणे में विशेष कार्यक्रम

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आयुष मंत्री प्रतापराव जाधव ने दी श्रद्धांजलि, किया पुस्तक विमोचन और वृक्षारोपण

राष्ट्रीय प्राकृतिक चिकित्सा संस्थान (एनआईएन), पुणे ने केन्द्रीय संचार ब्यूरो (सीबीसी) के सहयोग से गांधी जयंती मनाई। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में आयुष मंत्री प्रतापराव जाधव शामिल हुए।

प्रतापराव जाधव ने संस्थान परिसर में महात्मा गांधी की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित की और गांधी संग्रहालय का अवलोकन किया। सीबीसी की टीम ने गांधी भजनों की प्रस्तुति दी। इस अवसर पर एनआईएन की निदेशक डॉ. के. सत्यलक्ष्मी ने संस्थान की स्वास्थ्य सेवाओं, शोध कार्यों और जनजागरूकता कार्यक्रमों की जानकारी दी।

मुख्य संबोधन में  प्रतापराव जाधव ने कहा कि महात्मा गांधी जीवनभर प्राकृतिक चिकित्सा के समर्थक रहे। उन्होंने नागरिकों से प्राकृतिक चिकित्सा और योग को जीवनशैली का हिस्सा बनाने की अपील की और कहा कि यही राष्ट्रपिता को सच्ची श्रद्धांजलि होगी।

समारोह में महात्मा गांधी के विचारों पर आधारित पुस्तक का विमोचन किया गया तथा येवलेवाड़ी परिसर में वृक्षारोपण भी हुआ।


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