Media24Media.com: मोदी सरकार के 12 वर्षों में बदला भारत का आत्मविश्वास, नवाचार और अवसरों का नया युग: डॉ. जितेंद्र सिंह

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मोदी सरकार के 12 वर्षों में बदला भारत का आत्मविश्वास, नवाचार और अवसरों का नया युग: डॉ. जितेंद्र सिंह

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नई दिल्ली- केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने कहा है कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में पिछले 12 वर्षों में भारत एक आकांक्षी, आत्मविश्वासी और नवाचार-प्रधान राष्ट्र के रूप में उभरा है। उन्होंने कहा कि सुशासन, तकनीकी लोकतंत्रीकरण और नागरिक-केंद्रित नीतियों ने देशवासियों के सोचने और भविष्य को देखने के तरीके में ऐतिहासिक बदलाव लाया है। 

मीडिया से बातचीत में डॉ. जितेंद्र सिंह ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के लगातार 4,399 दिनों के कार्यकाल में शासन व्यवस्था, विज्ञान, तकनीक, स्टार्टअप और सामाजिक कल्याण के क्षेत्र में उल्लेखनीय परिवर्तन देखने को मिले हैं। उन्होंने कहा कि सरकार की नीतियों ने नागरिकों में यह विश्वास जगाया है कि मेहनत और प्रतिभा के बल पर कोई भी सफलता हासिल कर सकता है।

स्टार्टअप और स्पेस सेक्टर में अभूतपूर्व वृद्धि

डॉ. सिंह ने बताया कि वर्ष 2014 में देश में लगभग 350-400 स्टार्टअप थे, जिनकी संख्या आज बढ़कर 2.3 लाख से अधिक हो गई है। इन स्टार्टअप्स ने लगभग 24 से 25 लाख रोजगार सृजित किए हैं। इनमें से लगभग आधे स्टार्टअप टियर-2 और टियर-3 शहरों में संचालित हो रहे हैं, जबकि 35 से 39 प्रतिशत स्टार्टअप महिलाओं के नेतृत्व में हैं।

उन्होंने कहा कि भारत का अंतरिक्ष क्षेत्र भी तेजी से आगे बढ़ रहा है। कुछ वर्ष पहले जहां स्पेस स्टार्टअप्स की संख्या एकल अंक में थी, वहीं आज यह संख्या लगभग 400 तक पहुंच चुकी है। देश की स्पेस अर्थव्यवस्था वर्तमान में करीब 9 अरब डॉलर की है, जिसके अगले 7 से 8 वर्षों में बढ़कर 45 अरब डॉलर तक पहुंचने का अनुमान है।

नागरिकों पर भरोसे की नई संस्कृति

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि मोदी सरकार के शुरुआती फैसलों में दस्तावेजों के लिए राजपत्रित अधिकारी के सत्यापन की अनिवार्यता समाप्त कर स्व-प्रमाणन (Self-Attestation) को अनुमति देना एक महत्वपूर्ण कदम था। इससे युवाओं और आम नागरिकों के प्रति सरकार के भरोसे का संदेश गया।

उन्होंने सरकारी नौकरियों की कई श्रेणियों में इंटरव्यू समाप्त करने के फैसले का भी उल्लेख किया और कहा कि इससे भाई-भतीजावाद, पक्षपात और भ्रष्टाचार की संभावनाएं कम हुईं तथा योग्यता आधारित चयन प्रणाली को मजबूती मिली।

बदली सोच, बढ़ा आत्मविश्वास

डॉ. जितेंद्र सिंह ने कहा कि पिछले 12 वर्षों में सबसे बड़ा बदलाव लोगों की मानसिकता में आया है। अब देश के युवा यह सोचते हैं कि "मैं भी कर सकता हूं"। उन्होंने कहा कि छोटे शहरों और ग्रामीण क्षेत्रों से बड़ी संख्या में युवाओं का सिविल सेवा जैसी प्रतिष्ठित परीक्षाओं में सफल होना इसी परिवर्तन का प्रमाण है।

विज्ञान और नवाचार को मिला नया सम्मान

उन्होंने कहा कि चंद्रयान मिशनों जैसी उपलब्धियों ने विज्ञान और तकनीक के प्रति लोगों का जुड़ाव बढ़ाया है। प्रधानमंत्री मोदी ने वैज्ञानिकों को असफलताओं से सीखने और सफलताओं का जश्न मनाने के लिए प्रेरित किया, जिससे नवाचार की संस्कृति को बढ़ावा मिला। चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव पर भारत की सफल लैंडिंग ने देश में वैज्ञानिक चेतना को नई ऊर्जा दी है।

निजी क्षेत्र के लिए खुले नए अवसर

केंद्रीय मंत्री ने बताया कि अंतरिक्ष और परमाणु ऊर्जा जैसे रणनीतिक क्षेत्रों को निजी भागीदारी के लिए खोलना एक ऐतिहासिक निर्णय रहा है। इससे उद्योगों, उद्यमियों और स्टार्टअप्स के लिए नए अवसर पैदा हुए हैं तथा नवाचार को गति मिली है।

पारदर्शी और समावेशी कल्याणकारी योजनाएं

डॉ. सिंह ने कहा कि आवास और अन्य सरकारी योजनाओं का लाभ बिना किसी जाति, धर्म या क्षेत्रीय भेदभाव के पात्र लोगों तक पहुंचाया जा रहा है। इससे सरकारी संस्थाओं के प्रति लोगों का विश्वास मजबूत हुआ है।

विकसित भारत 2047 की दिशा में आगे बढ़ता देश

उन्होंने कहा कि विकसित भारत 2047 के लक्ष्य को हासिल करने के लिए सार्वजनिक-निजी साझेदारी, महिलाओं और युवाओं की अधिक भागीदारी तथा अंतरिक्ष, परमाणु ऊर्जा और क्वांटम तकनीक जैसे उभरते क्षेत्रों में निवेश बढ़ाने की आवश्यकता है।

डॉ. जितेंद्र सिंह ने कहा कि सरकार का उद्देश्य केवल आर्थिक विकास नहीं, बल्कि एक ऐसे सशक्त, आत्मनिर्भर और आकांक्षी समाज का निर्माण करना है जो विकसित भारत के निर्माण में सक्रिय भूमिका निभा सके।

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