Media24Media.com: गांधीनगर SAI NCoE में खेल मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया ने नई खेल सुविधाओं का उद्घाटन किया, पैरा खिलाड़ियों के लिए मजबूत इकोसिस्टम पर जोर

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गांधीनगर SAI NCoE में खेल मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया ने नई खेल सुविधाओं का उद्घाटन किया, पैरा खिलाड़ियों के लिए मजबूत इकोसिस्टम पर जोर

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केंद्रीय युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया ने आज गांधीनगर स्थित भारतीय खेल प्राधिकरण (SAI) के नेशनल सेंटर ऑफ एक्सीलेंस (NCoE) में कई नई खेल अवसंरचना सुविधाओं का उद्घाटन किया। यह पहल देशभर में विश्वस्तरीय उच्च-प्रदर्शन खेल पारिस्थितिकी तंत्र विकसित करने की सरकार की प्रतिबद्धता को दोहराती है।

उन्होंने नव-निर्मित पैरा एथलीट हॉस्टल, सेंट्रलाइज्ड डाइनिंग हॉल, स्ट्रेंथ एंड कंडीशनिंग हॉल, मल्टीपर्पस ट्रेनिंग हॉल और मेडिटेशन पार्क का उद्घाटन किया। ये सभी सुविधाएं खिलाड़ियों के प्रशिक्षण, रिकवरी, पोषण, खेल विज्ञान और मानसिक स्वास्थ्य को एकीकृत रूप से मजबूत करने के उद्देश्य से विकसित की गई हैं।

कार्यक्रम में खिलाड़ियों, कोचों और अधिकारियों को संबोधित करते हुए डॉ. मांडविया ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत का खेल इकोसिस्टम तेजी से बदल रहा है, जिसमें खिलाड़ी-केंद्रित विकास और समावेशी खेल ढांचे पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।

उन्होंने कहा, “प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी वास्तव में हमारे पैरा एथलीट्स के ‘परम मित्र’ हैं। उनके नेतृत्व में भारत ने न केवल खेल ढांचे का विस्तार किया है, बल्कि पैरा एथलीट्स को सम्मान, समान अवसर और सुलभता भी सुनिश्चित की है।”

वैश्विक खेलों में भारत की प्रगति पर प्रकाश डालते हुए मंत्री ने कहा कि एशियन पैरा गेम्स में 111 पदक और पैरालिंपिक 2024 में 29 पदक भारत की बढ़ती खेल क्षमता को दर्शाते हैं।

उन्होंने कहा कि यह उपलब्धियाँ केवल संयोग नहीं हैं, बल्कि खिलाड़ियों में निरंतर निवेश, वैज्ञानिक प्रशिक्षण, आधुनिक सुविधाओं और मजबूत आत्मविश्वास का परिणाम हैं।

डॉ. मांडविया ने बताया कि SAI NCoE गांधीनगर, जिसे पैरा खेलों के लिए नोडल सेंटर घोषित किया गया है, देश के प्रमुख उच्च-प्रदर्शन प्रशिक्षण केंद्रों में से एक बन रहा है। यहां वर्तमान में पैरा एथलेटिक्स, बैडमिंटन, टेबल टेनिस, पावरलिफ्टिंग, स्विमिंग और फेंसिंग सहित छह पैरा खेलों का प्रशिक्षण दिया जा रहा है, साथ ही हैंडबॉल, कबड्डी और खो-खो भी शामिल हैं।

उन्होंने राष्ट्रीय कोचिंग कैंप में भाग ले रहे खिलाड़ियों से भी बातचीत की और कहा कि वैज्ञानिक प्रशिक्षण और उच्च स्तरीय सुविधाएं भारत की भविष्य की अंतरराष्ट्रीय सफलता में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी।

मंत्री ने कहा कि पैरा एथलीट हॉस्टल, स्ट्रेंथ एंड कंडीशनिंग हॉल और सेंट्रलाइज्ड डाइनिंग हॉल केवल इमारतें नहीं हैं, बल्कि भारत के भविष्य के चैंपियंस में किया गया निवेश हैं।

उन्होंने बताया कि मल्टीपर्पस ट्रेनिंग हॉल मुख्य रूप से कबड्डी प्रशिक्षण के लिए उपयोग किया जाएगा, जबकि स्ट्रेंथ एंड कंडीशनिंग हॉल खिलाड़ियों की फिटनेस, रिकवरी और प्रदर्शन सुधार में मदद करेगा।

यह भी उल्लेख किया गया कि इन सुविधाओं को सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय के सहयोग से विकसित किया गया है, जो सरकार के समावेशी खेल विकास दृष्टिकोण को दर्शाता है।

कार्यक्रम में भारतीय खेल प्राधिकरण के वरिष्ठ अधिकारी, कोच, खिलाड़ी और खेल जगत के सदस्य उपस्थित रहे।

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