Media24Media.com: पूर्वोत्तर में खेलो इंडिया सेंटर ऑफ एक्सीलेंस और हाई परफॉर्मेंस सेंटर का रक्ष खडसे ने किया दौरा, खेल इकोसिस्टम की समीक्षा की

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पूर्वोत्तर में खेलो इंडिया सेंटर ऑफ एक्सीलेंस और हाई परफॉर्मेंस सेंटर का रक्ष खडसे ने किया दौरा, खेल इकोसिस्टम की समीक्षा की

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खेल एवं युवा मामलों की राज्य मंत्री रक्ष खडसे ने आज असम स्थित खेलो इंडिया स्टेट सेंटर ऑफ एक्सीलेंस (KISCE) और गुवाहाटी के हाई परफॉर्मेंस सेंटर का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने खिलाड़ियों, कोचों, खेल विज्ञान विशेषज्ञों और अधिकारियों से बातचीत की तथा पूर्वोत्तर क्षेत्र में विकसित हो रहे उच्च-प्रदर्शन खेल पारिस्थितिकी तंत्र की समीक्षा की।

दौरे के दौरान मंत्री ने हाई परफॉर्मेंस सेंटर की विभिन्न प्रशिक्षण और पुनर्वास सुविधाओं का निरीक्षण किया, जिनमें खेल विज्ञान प्रयोगशालाएं, रिकवरी एवं रिहैबिलिटेशन यूनिट्स, फिजियोलॉजिकल और बायोमैकेनिकल असेसमेंट सुविधाएं तथा खिलाड़ी सहायता प्रणाली शामिल हैं। इस निरीक्षण ने भारत के खेल ढांचे में खेल विज्ञान, तकनीक और डेटा-आधारित प्रशिक्षण के बढ़ते उपयोग को दर्शाया।

मंत्री के साथ इस दौरे में कौसर जमील हिलाली (विशेष सचिव, खेल एवं युवा कल्याण विभाग), अंकुर भाराली (निदेशक, खेल एवं युवा कल्याण विभाग), डी.के. मित्तल (क्षेत्रीय निदेशक, SAI गुवाहाटी), KISCE असम के हाई परफॉर्मेंस मैनेजर सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।

खिलाड़ियों से बातचीत करते हुए रक्ष खडसे ने उनके समर्पण और मेहनत की सराहना की और उन्हें अनुशासन तथा दृढ़ संकल्प के साथ उत्कृष्टता की ओर आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने देशभर में खेल अवसंरचना को मजबूत करने और खिलाड़ियों के लिए विश्वस्तरीय प्रशिक्षण वातावरण तैयार करने पर सरकार के निरंतर फोकस को भी रेखांकित किया।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व में भारत का खेल ढांचा, खिलाड़ी सहायता प्रणाली और वैज्ञानिक प्रशिक्षण पद्धतियां तेजी से विकसित हो रही हैं। उन्होंने बताया कि Khelo India State Centre of Excellence Assam और हाई परफॉर्मेंस सेंटर जैसी संस्थाएं प्रतिभाओं को निखारने और अंतरराष्ट्रीय सफलता के लिए तैयार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं।

हाई परफॉर्मेंस सेंटर इस क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण खेल विज्ञान और पुनर्वास सुविधा के रूप में उभरा है, जिसमें चोट प्रबंधन, रिकवरी, शारीरिक परीक्षण, मोशन एनालिसिस और प्रदर्शन सुधार जैसी आधुनिक प्रणालियां मौजूद हैं।

मंत्री ने खेलो इंडिया कार्यक्रम के तहत चल रही खिलाड़ी विकास योजनाओं की भी समीक्षा की और पूर्वोत्तर के युवा खिलाड़ियों के लिए राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अवसर बढ़ाने की आवश्यकता पर बल दिया।

यह दौरा भारत के उस व्यापक दृष्टिकोण को दर्शाता है, जिसमें वैज्ञानिक, खिलाड़ी-केंद्रित और वैश्विक प्रतिस्पर्धा में सक्षम खेल पारिस्थितिकी तंत्र विकसित करने की दिशा में कार्य किया जा रहा है, विशेष रूप से कॉमनवेल्थ गेम्स 2030 और उससे आगे की तैयारियों को ध्यान में रखते हुए।

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