Media24Media.com: #SportsInfrastructure

Responsive Ad Slot


 

Showing posts with label #SportsInfrastructure. Show all posts
Showing posts with label #SportsInfrastructure. Show all posts

खेल अधोसंरचना की मजबूती और खेलों के लिए बेहतर वातावरण तैयार करने मुख्यमंत्री खेल उत्कर्ष मिशन के लिए 100 करोड़ का प्रावधान

No comments Document Thumbnail

छत्तीसगढ़ में हॉकी लीग के आयोजन की तैयारी, छत्तीसगढ़ क्रीड़ा प्रोत्साहन योजना के लिए 57 करोड़ का बजट

उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने प्रेस-कॉन्फ्रेंस में खेल एवं युवा कल्याण विभाग के कार्यों की दी जानकारी

रायपुर- उप मुख्यमंत्री तथा खेल एवं युवा कल्याण मंत्री अरुण साव ने आज प्रेस-कॉन्फ्रेंस में खेल एवं युवा कल्याण विभाग के कार्यों, गतिविधियों, उपलब्धियों तथा आगामी कार्ययोजनाओं की जानकारी दी। उन्होंने नवा रायपुर स्थित छत्तीसगढ़ संवाद ऑडिटोरियम में आयोजित प्रेस-कॉन्फ्रेंस में बताया कि छत्तीसगढ़ में खेलों के लिए बेहतर वातावरण तैयार करने, खेल अधोसंरचना की मजबूती, महिला खिलाड़ियों को प्रोत्साहित करने तथा खेल प्रतिभाओं की पहचान के लिए चालू वित्तीय वर्ष 2026-27 में मुख्यमंत्री खेल उत्कर्ष मिशन के लिए 100 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है। वहीं छत्तीसगढ़ क्रीड़ा प्रोत्साहन योजना के तहत 57 करोड़ रुपए का बजट प्रावधान रखा गया है। खेल एवं युवा कल्याण विभाग के सचिव यशवंत कुमार और उप संचालक रश्मि ठाकुर भी प्रेस-कॉन्फ्रेंस में मौजूद थीं।

उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने प्रेस-कॉन्फ्रेंस में बताया कि राज्य में हॉकी लीग के आयोजन की तैयारी चल रही है। राज्य के खेल अकादमियों में उच्च स्तरीय प्रशिक्षण मुहैया कराने 14 प्रशिक्षकों को प्रशिक्षण के लिए पटियाला भेजा गया है। उन्होंने बताया कि खेल गतिविधियों के सुचारू संचालन के लिए राज्य शासन ने 6 नए जिलों गौरेला-पेंड्रा-मरवाही, खैरागढ़-छुईखदान-गंडई, मोहला-मानपुर-अंबागढ़-चौकी, सारंगढ़-बिलाईगढ़, मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर और सक्ती में खेल अधिकारी के पदों का सृजन किया गया है। विभागीय योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए 44 प्रशिक्षकों, 4 जिला खेल अधिकारियों, 23 सहायक ग्रेड-3 और 8 वार्डन्स की भर्ती प्रक्रियाधीन है।

साव ने बताया कि राज्य में ज्यादा से ज्यादा बच्चे एवं युवा खेल के मैदानों में पहुंचे, इसके लिए सरकार सक्रियता और गंभीरता से काम कर रही है। छत्तीसगढ़ राज्य के निर्माण के समय केवल 4 करोड़ रुपए के बजट वाले खेल एवं युवा कल्याण विभाग का बजट चालू वित्तीय वर्ष 2026-27 में 304 करोड़ रुपए तक पहुंच गया है। दूरस्थ आदिवासी वनांचलों को खेल की मुख्य धारा से जोड़ने की अभिनव पहल करते हुए पिछले दो वर्षों से बस्तर ओलंपिक के आयोजन के साथ ही इस साल से सरगुजा ओलंपिक भी राज्य में शुरु किया गया है। देश के पहले खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स की शानदार मेजबानी ने छत्तीसगढ़ को देश के खेल मानचित्र में प्रतिष्ठित किया है।


छत्तीसगढ़ को खेल हब बनाने नई सोच और विजन के साथ करें काम - अरुण साव

No comments Document Thumbnail

’अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप खुद को अपडेट रखें कोच व खेल अधिकारी’

उप मुख्यमंत्री ने खेल विभाग के कार्यों की समीक्षा की

सभी खेल आयोजनों में मौजूद रहकर खेल प्रतिभाओं पर नजर रखने के दिए निर्देश

हर जिले में सभी खेलों के संघ बनाने कहा

रायपुर- उप मुख्यमंत्री तथा खेल एवं युवा कल्याण मंत्री अरुण साव ने आज खेल विभाग के कार्यों की समीक्षा की। उन्होंने रायपुर के एक निजी होटल में आयोजित समीक्षा बैठक में विभागीय अधिकारियों और प्रशिक्षकों को छत्तीसगढ़ में नई खेल संस्कृति विकसित करने तथा खेल हब बनाने नई सोच एवं विजन के साथ काम करने के निर्देश दिए। उन्होंने स्कूल शिक्षा, उच्च शिक्षा, आदिम जाति कल्याण, पुलिस और वन विभाग सहित विभिन्न विभागों के खेल आयोजनों में मौजूद रहकर कम उम्र की प्रतिभाओं को खोजने तथा उनके समुचित प्रशिक्षण व मार्गदर्शन की व्यवस्था करने को कहा। उन्होंने इन आयोजनों में सक्रिय भूमिका निभाते हुए आयोजकों को आवश्यक सुझाव, सहयोग और मार्गदर्शन प्रदान करने को भी कहा। खेल एवं युवा कल्याण विभाग के सचिव यशवंत कुमार और संचालक तनुजा सलाम भी बैठक में शामिल हुईं।

उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने बैठक में विभाग द्वारा आयोजित किए जाने वाले ग्रीष्मकालीन खेल प्रशिक्षण शिविरों के व्यापक प्रचार-प्रसार के साथ ही ज्यादा से ज्यादा खिलाड़ियों एवं खेल संघों को इससे जोड़ने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि ये प्रशिक्षण शिविर स्थानीय स्तर पर खेलों का वातावरण तैयार करने का बड़ा माध्यम है। उन्होंने खेल एवं खिलाड़ियों के लिए अच्छा वातावरण तैयार करने हर जिले में सभी खेलों के संघ बनाने को कहा। उन्होंने शासन द्वारा सहयोग प्रदान करने सभी खेल संघों एवं एशोसिएशन्स का पंजीयन कराने को भी कहा।

उप मुख्यमंत्री साव ने राज्य शासन द्वारा निर्मित खेल अधोसंरचनाओं के साथ ही खेलो इंडिया सेंटर्स की प्रशिक्षण सुविधाओं और प्रशिक्षकों के माध्यम से राज्य के खिलाड़ियों को तराशने के निर्देश दिए। उन्होंने प्रतिभावान खिलाड़ियों की कम उम्र में ही पहचान कर उनके प्रशिक्षण एवं ग्रूमिंग के लिए अच्छी व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने को कहा। उन्होंने सभी जिलों के खेल अधिकारियों को अपने-अपने जिले के राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ियों के साथ ही अच्छी संभावनाओं वाले खिलाड़ियों की विस्तृत प्रोफाइल तैयार करने के निर्देश दिए। उन्होंने खिलाड़ियों को बड़ी प्रतियोगिताओं के लिए तैयार करने राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ियों का सहयोग लेने को भी कहा।

उप मुख्यमंत्री ने विभिन्न जिलों में निर्माणाधीन खेल परिसरों, खेल मैदानों एवं स्टेडियमों के निर्माण के दौरान नियमित रूप से कार्यों का अवलोकन कर खिलाड़ियों की जरूरतों के अनुरूप निर्माण सुनिश्चित करने को कहा। उन्होंने संबंधित जिले के लोक निर्माण विभाग के कार्यपालन अभियंता के नियमित संपर्क में रहकर कार्यों को तेजी से पूर्ण कराने के निर्देश दिए। साव ने बैठक में मौजूद लोक निर्माण विभाग के मुख्य अभियंता वी.एस. कोरम को खेल अधोसंरचनाओं से जुड़े निर्माण कार्यों को प्राथमिकता के साथ जल्द से जल्द पूर्ण करने को कहा। उन्होंने सभी आवश्यक प्रक्रियाओं को तेजी से पूर्ण कर अप्रारंभ कार्यों को यथाशीघ्र शुरू करने के निर्देश दिए। उन्होंने उप मुख्यमंत्री कार्यालय को हर महीने इन कार्यों की प्रगति की रिपोर्ट देने को भी कहा।

साव ने सभी खेल अधिकारियों को अपने-अपने जिले में विकासखंड शिक्षा अधिकारियों से मिलकर स्कूलों में प्रतिदिन खेलों का एक पीरिएड सुनिश्चत कराने के निर्देश दिए। उन्होंने जनपद पंचायतों के मुख्य कार्यपालन अधिकारियों के माध्यम से हर गांव के सरपंच और सचिव की बैठक कर उन्हें गांवों में खेलों के लिए अच्छा माहौल तैयार करने के लिए प्रेरित करने को कहा। उप मुख्यमंत्री साव ने प्रशिक्षकों और खेल अधिकारियों को अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप नई तकनीकों, खेल उपकरणों, नए नियमों और नियामक संस्थाओं से अपडेट रहने के निर्देश दिए। खेल एवं युवा कल्याण विभाग के संयुक्त संचालक प्रभाकर पाण्डेय, उप संचालक रश्मि ठाकुर और रवि अग्रवाल सहित सभी जिलों के खेल अधिकारी, वरिष्ठ प्रशिक्षक एवं प्रशिक्षक समीक्षा बैठक में मौजूद थे।

पूर्वोत्तर में खेलो इंडिया सेंटर ऑफ एक्सीलेंस और हाई परफॉर्मेंस सेंटर का रक्ष खडसे ने किया दौरा, खेल इकोसिस्टम की समीक्षा की

No comments Document Thumbnail

खेल एवं युवा मामलों की राज्य मंत्री रक्ष खडसे ने आज असम स्थित खेलो इंडिया स्टेट सेंटर ऑफ एक्सीलेंस (KISCE) और गुवाहाटी के हाई परफॉर्मेंस सेंटर का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने खिलाड़ियों, कोचों, खेल विज्ञान विशेषज्ञों और अधिकारियों से बातचीत की तथा पूर्वोत्तर क्षेत्र में विकसित हो रहे उच्च-प्रदर्शन खेल पारिस्थितिकी तंत्र की समीक्षा की।

दौरे के दौरान मंत्री ने हाई परफॉर्मेंस सेंटर की विभिन्न प्रशिक्षण और पुनर्वास सुविधाओं का निरीक्षण किया, जिनमें खेल विज्ञान प्रयोगशालाएं, रिकवरी एवं रिहैबिलिटेशन यूनिट्स, फिजियोलॉजिकल और बायोमैकेनिकल असेसमेंट सुविधाएं तथा खिलाड़ी सहायता प्रणाली शामिल हैं। इस निरीक्षण ने भारत के खेल ढांचे में खेल विज्ञान, तकनीक और डेटा-आधारित प्रशिक्षण के बढ़ते उपयोग को दर्शाया।

मंत्री के साथ इस दौरे में कौसर जमील हिलाली (विशेष सचिव, खेल एवं युवा कल्याण विभाग), अंकुर भाराली (निदेशक, खेल एवं युवा कल्याण विभाग), डी.के. मित्तल (क्षेत्रीय निदेशक, SAI गुवाहाटी), KISCE असम के हाई परफॉर्मेंस मैनेजर सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।

खिलाड़ियों से बातचीत करते हुए रक्ष खडसे ने उनके समर्पण और मेहनत की सराहना की और उन्हें अनुशासन तथा दृढ़ संकल्प के साथ उत्कृष्टता की ओर आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने देशभर में खेल अवसंरचना को मजबूत करने और खिलाड़ियों के लिए विश्वस्तरीय प्रशिक्षण वातावरण तैयार करने पर सरकार के निरंतर फोकस को भी रेखांकित किया।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व में भारत का खेल ढांचा, खिलाड़ी सहायता प्रणाली और वैज्ञानिक प्रशिक्षण पद्धतियां तेजी से विकसित हो रही हैं। उन्होंने बताया कि Khelo India State Centre of Excellence Assam और हाई परफॉर्मेंस सेंटर जैसी संस्थाएं प्रतिभाओं को निखारने और अंतरराष्ट्रीय सफलता के लिए तैयार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं।

हाई परफॉर्मेंस सेंटर इस क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण खेल विज्ञान और पुनर्वास सुविधा के रूप में उभरा है, जिसमें चोट प्रबंधन, रिकवरी, शारीरिक परीक्षण, मोशन एनालिसिस और प्रदर्शन सुधार जैसी आधुनिक प्रणालियां मौजूद हैं।

मंत्री ने खेलो इंडिया कार्यक्रम के तहत चल रही खिलाड़ी विकास योजनाओं की भी समीक्षा की और पूर्वोत्तर के युवा खिलाड़ियों के लिए राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अवसर बढ़ाने की आवश्यकता पर बल दिया।

यह दौरा भारत के उस व्यापक दृष्टिकोण को दर्शाता है, जिसमें वैज्ञानिक, खिलाड़ी-केंद्रित और वैश्विक प्रतिस्पर्धा में सक्षम खेल पारिस्थितिकी तंत्र विकसित करने की दिशा में कार्य किया जा रहा है, विशेष रूप से कॉमनवेल्थ गेम्स 2030 और उससे आगे की तैयारियों को ध्यान में रखते हुए।

गांधीनगर SAI NCoE में खेल मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया ने नई खेल सुविधाओं का उद्घाटन किया, पैरा खिलाड़ियों के लिए मजबूत इकोसिस्टम पर जोर

No comments Document Thumbnail

केंद्रीय युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया ने आज गांधीनगर स्थित भारतीय खेल प्राधिकरण (SAI) के नेशनल सेंटर ऑफ एक्सीलेंस (NCoE) में कई नई खेल अवसंरचना सुविधाओं का उद्घाटन किया। यह पहल देशभर में विश्वस्तरीय उच्च-प्रदर्शन खेल पारिस्थितिकी तंत्र विकसित करने की सरकार की प्रतिबद्धता को दोहराती है।

उन्होंने नव-निर्मित पैरा एथलीट हॉस्टल, सेंट्रलाइज्ड डाइनिंग हॉल, स्ट्रेंथ एंड कंडीशनिंग हॉल, मल्टीपर्पस ट्रेनिंग हॉल और मेडिटेशन पार्क का उद्घाटन किया। ये सभी सुविधाएं खिलाड़ियों के प्रशिक्षण, रिकवरी, पोषण, खेल विज्ञान और मानसिक स्वास्थ्य को एकीकृत रूप से मजबूत करने के उद्देश्य से विकसित की गई हैं।

कार्यक्रम में खिलाड़ियों, कोचों और अधिकारियों को संबोधित करते हुए डॉ. मांडविया ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत का खेल इकोसिस्टम तेजी से बदल रहा है, जिसमें खिलाड़ी-केंद्रित विकास और समावेशी खेल ढांचे पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।

उन्होंने कहा, “प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी वास्तव में हमारे पैरा एथलीट्स के ‘परम मित्र’ हैं। उनके नेतृत्व में भारत ने न केवल खेल ढांचे का विस्तार किया है, बल्कि पैरा एथलीट्स को सम्मान, समान अवसर और सुलभता भी सुनिश्चित की है।”

वैश्विक खेलों में भारत की प्रगति पर प्रकाश डालते हुए मंत्री ने कहा कि एशियन पैरा गेम्स में 111 पदक और पैरालिंपिक 2024 में 29 पदक भारत की बढ़ती खेल क्षमता को दर्शाते हैं।

उन्होंने कहा कि यह उपलब्धियाँ केवल संयोग नहीं हैं, बल्कि खिलाड़ियों में निरंतर निवेश, वैज्ञानिक प्रशिक्षण, आधुनिक सुविधाओं और मजबूत आत्मविश्वास का परिणाम हैं।

डॉ. मांडविया ने बताया कि SAI NCoE गांधीनगर, जिसे पैरा खेलों के लिए नोडल सेंटर घोषित किया गया है, देश के प्रमुख उच्च-प्रदर्शन प्रशिक्षण केंद्रों में से एक बन रहा है। यहां वर्तमान में पैरा एथलेटिक्स, बैडमिंटन, टेबल टेनिस, पावरलिफ्टिंग, स्विमिंग और फेंसिंग सहित छह पैरा खेलों का प्रशिक्षण दिया जा रहा है, साथ ही हैंडबॉल, कबड्डी और खो-खो भी शामिल हैं।

उन्होंने राष्ट्रीय कोचिंग कैंप में भाग ले रहे खिलाड़ियों से भी बातचीत की और कहा कि वैज्ञानिक प्रशिक्षण और उच्च स्तरीय सुविधाएं भारत की भविष्य की अंतरराष्ट्रीय सफलता में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी।

मंत्री ने कहा कि पैरा एथलीट हॉस्टल, स्ट्रेंथ एंड कंडीशनिंग हॉल और सेंट्रलाइज्ड डाइनिंग हॉल केवल इमारतें नहीं हैं, बल्कि भारत के भविष्य के चैंपियंस में किया गया निवेश हैं।

उन्होंने बताया कि मल्टीपर्पस ट्रेनिंग हॉल मुख्य रूप से कबड्डी प्रशिक्षण के लिए उपयोग किया जाएगा, जबकि स्ट्रेंथ एंड कंडीशनिंग हॉल खिलाड़ियों की फिटनेस, रिकवरी और प्रदर्शन सुधार में मदद करेगा।

यह भी उल्लेख किया गया कि इन सुविधाओं को सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय के सहयोग से विकसित किया गया है, जो सरकार के समावेशी खेल विकास दृष्टिकोण को दर्शाता है।

कार्यक्रम में भारतीय खेल प्राधिकरण के वरिष्ठ अधिकारी, कोच, खिलाड़ी और खेल जगत के सदस्य उपस्थित रहे।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज जशपुर में क्रिकेट एकेडमी का किया शुभारंभ

No comments Document Thumbnail

खेल अधोसंरचना का विस्तार युवाओं को नई ऊर्जा और अवसर देता है — मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

रायपुर- मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज जशपुर में क्रिकेट एकेडमी का शुभारंभ किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रदेश में खेल सुविधाओं का विस्तार कर युवाओं को अपनी प्रतिभा निखारने के बेहतर अवसर उपलब्ध कराए जा रहे हैं, जिससे वे भविष्य में राज्य और देश का नाम रोशन कर सकें। जशपुर में क्रिकेट खेल को बढ़ावा देने के उद्देश्य से नगर पालिका और ग्रीन क्रिकेट जशपुर के बीच एमओयू भी किया गया है, जिससे स्थानीय खिलाड़ियों को संगठित प्रशिक्षण और बेहतर संसाधन उपलब्ध हो सकेंगे।

मुख्यमंत्री साय ने इस दौरान सरगुजा ओलंपिक की विजेता बास्केटबॉल टीम से मुलाकात की और खिलाड़ियों को उनकी उपलब्धि पर हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजन और उपलब्धियां प्रदेश के युवाओं में खेल के प्रति उत्साह और आत्मविश्वास बढ़ाती हैं।

इस अवसर पर छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मंडल के अध्यक्ष राम प्रताप सिंह, जिला पंचायत अध्यक्ष सालिक साय, नगर पालिका अध्यक्ष अरविन्द भगत, नगर पालिका उपाध्यक्ष यश प्रताप सिंह जुदेव, जिला पंचायत उपाध्यक्ष शौर्य प्रताप सिंह जुदेव, जनपद पंचायत अध्यक्ष गंगाराम भगत, कृष्णा राय, विजय आदित्य सिंह जुदेव, सरगुजा कमिश्नर नरेन्द्र कुमार दुग्गा, आईजी दीपक कुमार झा, कलेक्टर रोहित व्यास, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक लाल उमेद सिंह, डीएफओ शशि कुमार सहित जनप्रतिनिधिगण उपस्थित थे।

खेल सुविधाओं का विस्तार युवाओं को नई दिशा और अवसर देता है- मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

No comments Document Thumbnail

मुख्यमंत्री ने जशपुर में मल्टीपरपज इंडोर बास्केटबॉल स्टेडियम का किया शुभारंभ : खिलाड़ी बास्केटबॉल शतरंज कैरम और टेबल टेनिस खेल का करेंगे अभ्यास

3 करोड़ 52 लाख की लागत से तैयार किया गया स्टेडियम

रायपुर- मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज जशपुर में 3 करोड़ 52 लाख रुपए की लागत से निर्मित मल्टीपरपज इंडोर बास्केटबॉल स्टेडियम का शुभारंभ किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री साय ने कहा कि खेल अधोसंरचना का सुदृढ़ीकरण युवाओं को अपनी प्रतिभा निखारने के बेहतर अवसर प्रदान करता है और उन्हें राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करता है।

मुख्यमंत्री साय ने स्टेडियम का अवलोकन किया और वहां उपस्थित खिलाड़ियों के साथ खेल का आनंद भी लिया।उन्होंने खिलाड़ियों से संवाद कर उनका उत्साहवर्धन किया और कहा कि सरकार प्रदेश में खेल सुविधाओं के विस्तार के लिए निरंतर कार्य कर रही है, ताकि ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों के प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को भी उचित मंच मिल सके।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि खेल केवल प्रतिस्पर्धा का माध्यम नहीं, बल्कि अनुशासन, टीमवर्क और आत्मविश्वास विकसित करने का सशक्त साधन है। राज्य सरकार का प्रयास है कि प्रदेश के युवाओं को बेहतर खेल सुविधाएं उपलब्ध कराकर उन्हें नई ऊंचाइयों तक पहुंचने का अवसर दिया जाए।

मल्टीपरपज इंडोर बास्केटबॉल स्टेडियम में खिलाड़ियों को बास्केटबॉल के साथ-साथ शतरंज, कैरम और टेबल टेनिस जैसे खेलों का अभ्यास करने की आधुनिक सुविधा उपलब्ध होगी। यह स्टेडियम न केवल खेल गतिविधियों को बढ़ावा देगा, बल्कि जशपुर क्षेत्र में खेल प्रतिभाओं को विकसित करने का एक महत्वपूर्ण केंद्र भी बनेगा।

इस अवसर पर छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मंडल के अध्यक्ष रामप्रताप सिंह, जिला पंचायत अध्यक्ष सालिक साय, नगर पालिका अध्यक्ष अरविन्द भगत, कृष्णा राय, नगर पालिका उपाध्यक्ष यश प्रताप सिंह जुदेव, जिला पंचायत अध्यक्ष शौर्य प्रताप सिंह जुदेव, जनपद पंचायत अध्यक्ष गंगाराम भगत, विजय आदित्य सिंह जुदेव, सरगुजा कमिश्नर नरेन्द्र दुग्गा, आईजी दीपक कुमार झा, कलेक्टर रोहित व्यास, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक लाल उमेद सिंह, डीएफओ शशि कुमार, जिला पंचायत सीईओ अभिषेक कुमार, खिलाड़ी और कोच उपस्थित थे।

डॉ. मनसुख मंडाविया ने छह प्रमुख खेल अवसंरचना परियोजनाओं की आधारशिला रखी और दो एथलीट सपोर्ट सुविधाओं का उद्घाटन किया

No comments Document Thumbnail

माननीय खेल एवं युवा मामले मंत्री, डॉ. मनसुख मंडाविया ने आज वर्चुअल माध्यम से छह प्रमुख खेल अवसंरचना परियोजनाओं की आधारशिला रखी और दो एथलीट सपोर्ट सुविधाओं का उद्घाटन किया, जिनमें कुल निवेश ₹120 करोड़ शामिल है।

यह पहल भारत के खेल पारिस्थितिकी तंत्र को मजबूत करने और देशभर में विश्व-स्तरीय, एथलीट-केंद्रित अवसंरचना विकसित करने के लिए केंद्रीय सरकार की प्रतिबद्धता को पुनः प्रदर्शित करती है।

छह आधारशिला परियोजनाओं की कुल लागत ₹82 करोड़ है, जो खेलो इंडिया योजना के तहत और स्पोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया (SAI) के अतिरिक्त सहयोग से लागू की जा रही हैं।

ये परियोजनाएँ देशभर में भौगोलिक रूप से वितरित हैं, जिनमें उत्तर-पूर्व और पूर्वी क्षेत्र भी शामिल हैं, ताकि खेल अवसंरचना का संतुलित और समावेशी विकास सुनिश्चित किया जा सके।

इन परियोजनाओं में शामिल हैं:

  • बैंगलोर में सिंथेटिक हॉकी टर्फ का उन्नयन

  • पटियाला में बहुउद्देशीय हॉल का निर्माण

  • भोपाल, गुवाहाटी और जलपाईगुड़ी में सिंथेटिक एथलेटिक ट्रैक का निर्माण

  • भोपाल में बहुउद्देशीय जूडो हॉल का निर्माण

आधारशिला समारोह के साथ-साथ माननीय मंत्री ने NS NIS, पटियाला में दो पूर्ण हो चुकी एथलीट सपोर्ट सुविधाओं का उद्घाटन भी किया, जिनमें कुल निवेश ₹38 करोड़ है।

इसमें शामिल हैं:

  • सेंट्रलाइज्ड किचन और फूड कोर्ट-कम-डाइनिंग हॉल, जो एथलीट पोषण सेवाओं को मजबूत करेगा

  • अत्याधुनिक इंटीग्रेटेड स्पोर्ट्स साइंस सेंटर और कंडीशनिंग हॉल, जो एलीट एथलीटों के लिए वैज्ञानिक प्रशिक्षण, प्रदर्शन विश्लेषण, पुनर्वास और रिकवरी को महत्वपूर्ण रूप से बढ़ाएगा

माननीय मंत्री ने सभी संबंधित हितधारकों के प्रयासों की सराहना करते हुए और SAI की संपत्ति प्रबंधन जिम्मेदारी को रेखांकित करते हुए कहा:

“देशभर में कई खेल अवसंरचना परियोजनाएँ विकसित की जा रही हैं, लेकिन SAI के अधीन आने वाली सुविधाएँ हमारी सीधे जिम्मेदारी हैं। इन संपत्तियों का उचित रखरखाव, अधिकतम उपयोग और जहाँ संभव हो, व्यावसायिक रूप से लाभ उठाना आवश्यक है, ताकि सार्वजनिक निवेश दीर्घकालिक मूल्य पैदा करता रहे।”

डॉ. मंडाविया ने जवाबदेही और समयबद्धता पर बल देते हुए कहा कि इन अवसंरचना परियोजनाओं की लगातार निगरानी की जाएगी। उन्होंने बताया कि मासिक समीक्षा SAI स्तर पर और त्रैमासिक समीक्षा स्वयं उनके द्वारा की जाएगी, ताकि परियोजनाओं को तेज़ी से पूरा किया जा सके और बनाए गए ढांचे का एथलीटों के लाभ के लिए अधिकतम उपयोग सुनिश्चित हो।

खेल क्षेत्र की व्यापक नीतिगत रूपरेखा का उल्लेख करते हुए मंत्री ने कहा कि केंद्रीय वित्त मंत्री द्वारा खेलो इंडिया मिशन की घोषणा की गई है, जिसमें भारत के खेल पारिस्थितिकी तंत्र को मजबूत करने और अवसंरचना विकास को बढ़ावा देने के प्रमुख पहलुओं को रेखांकित किया गया है।

डॉ. मंडाविया ने कहा:

“हमें माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दृष्टिकोण को साकार करने के लिए सामूहिक रूप से कार्य करना चाहिए, जिसमें 2036 तक भारत को शीर्ष 10 खेल राष्ट्रों में और स्वतंत्रता के 100 वर्ष पूरे होने तक शीर्ष 5 में स्थान दिलाना शामिल है।”

उन्होंने यह भी बताया कि खेल सामग्री निर्माण के लिए ₹500 करोड़ का प्रावधान किया गया है, जो न केवल घरेलू निर्माण क्षमता को मजबूत करेगा, बल्कि आत्मनिर्भर और वैश्विक रूप से प्रतिस्पर्धी खेल पारिस्थितिकी तंत्र के विकास में भी मदद करेगा।

डॉ. मंडाविया ने खेल के बदलते स्वरूप पर जोर देते हुए कहा:

“आज खेल एक पेशा बन चुका है। इसलिए प्रतिभा की पहचान और पोषण प्रणाली को मजबूत करना आवश्यक है। सरकार को एक कदम आगे रहकर ऐसे अवसर और प्रणाली बनानी होगी, जो युवा प्रतिभाओं को ग्रासरूट स्तर से एलीट स्तर तक विकसित होने का अवसर दें।”

उन्होंने आगे कहा कि खेल अवसंरचना विकास से पूरे देश के एथलीटों को प्रेरणा मिलेगी, भारत के हाई-परफॉर्मेंस स्पोर्ट्स ईकोसिस्टम को मजबूत करने में मदद मिलेगी और राष्ट्र के दीर्घकालिक खेल लक्ष्यों में महत्वपूर्ण योगदान होगा।



जशपुर में बनेगा अत्याधुनिक तीरंदाजी अकादमी

No comments Document Thumbnail

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की बड़ी सौगात 20.53 करोड़ की मिली स्वीकृति

रायपुर- अत्याधुनिक तीरंदाजी अकादमी का मतलब ऐसी अकादमी से है जहाँ खिलाड़ियों को विश्व स्तरीय प्रशिक्षण, आधुनिक उपकरण और बेहतरीन सुविधाएं (जैसे हॉस्टल, इनडोर/आउटडोर रेंज) मिलती हैं, ताकि वे राष्ट्रीय-अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर अच्छा प्रदर्शन कर सकें। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में खेल सुविधाओं के विस्तार की दिशा में जशपुर जिले को एक और बड़ी सौगात मिली है। जिले के बगीचा विकासखंड के पंडरा पाठ में अत्याधुनिक तीरंदाजी अकादमी (आर्चरी सेंटर) के निर्माण के लिए स्वीकृति मिल गई है।इस महत्वाकांक्षी परियोजना के निर्माण हेतु एनटीपीसी लिमिटेड द्वारा सीएसआर फंड से 20.53 करोड़ रुपए की स्वीकृति प्रदान की गई है।

युवा तीरंदाजों के लिए एक उत्कृष्ट प्रशिक्षण केंद्र बनेगा

नई तीरंदाजी अकादमी बनने से जिले के ग्रामीण और आदिवासी युवाओं को अंतर्राष्ट्रीय स्तर की खेल सुविधाएँ मिलेंगी। यह पहल आने वाले समय में जशपुर को राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय तीरंदाजी प्रतिभाओं का हब बनाने में निर्णायक साबित होगी। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की खेल प्रतिभाओं को निखारने और उन्हें विश्व पटल तक पहुँचाने की प्रतिबद्धता का यह एक और बड़ा उदाहरण है। अकादमी के बनने से जशपुर न केवल खेल के क्षेत्र में एक नई पहचान बनाएगा, बल्कि यह देश के युवा तीरंदाजों के लिए एक उत्कृष्ट प्रशिक्षण केंद्र के रूप में उभरेगा। यह पहल खेलों के विकास और प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर तैयार करने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा हैं। 

वित्तीय सहयोग एनटीपीसी के सामाजिक उत्तरदायित्व विभाग से 

तीरंदाजी अकादमी के निर्माण में एनटीपीसी लिमिटेड अपनी कॉर्पाेरेट सामाजिक उत्तरदायित्व (CSR) योजना के अंतर्गत वित्तीय सहयोग प्रदान करेगा। यहां आउटडोर और वातानुकूलित इनडोर तीरंदाजी रेंज, हाई परफॉर्मेंस ट्रेनिंग सेंटर, छात्रावास जैसे निर्माण कार्य प्रस्तावित हैं।जशपुर के युवाओं में इस घोषणा को लेकर उत्साह का माहौल है और मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय का हृदय से आभार व्यक्त किया है।

Don't Miss
© Media24Media | All Rights Reserved | Infowt Information Web Technologies.