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छत्तीसगढ़ की खेल प्रतिभाओं को तलाशने, तराशने और राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय मंच तक पहुंचाने के लिए सरकार प्रतिबद्ध – मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय

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रायपुर- हॉकी के महान खिलाड़ी मेजर ध्यानचंद की जयंती और राष्ट्रीय खेल दिवस के अवसर पर राजधानी रायपुर में आयोजित राज्य खेल अलंकरण समारोह में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने प्रदेश के खिलाड़ियों और प्रशिक्षकों का सम्मान किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ में खेल प्रतिभाओं की कोई कमी नहीं है। सरकार का उद्देश्य इन प्रतिभाओं को पहचानना, उन्हें बेहतर प्रशिक्षण और संसाधन उपलब्ध कराना तथा राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिभा दिखाने के लिए मंच उपलब्ध कराना है।

126 खिलाड़ियों और प्रशिक्षकों को राज्य खेल अलंकरण

पंडित दीनदयाल उपाध्याय ऑडिटोरियम में आयोजित समारोह में मुख्यमंत्री साय ने वर्ष 2023-24, 2024-25 और 2025-26 के लिए कुल 126 उत्कृष्ट खिलाड़ियों एवं प्रशिक्षकों को राज्य खेल अलंकरण से सम्मानित किया।

इसके अलावा 540 अन्य खिलाड़ियों को भी नगद प्रोत्साहन राशि प्रदान की गई। इस तरह समारोह में कुल 666 खिलाड़ियों एवं प्रशिक्षकों को सम्मानित करते हुए लगभग 1 करोड़ 74 लाख 19 हजार रुपये की पुरस्कार एवं प्रोत्साहन राशि प्रदान की गई।

मुख्यमंत्री ने खिलाड़ियों को बधाई देते हुए कहा कि मैदान पर खिलाड़ी का परिश्रम, अनुशासन और संघर्ष केवल उसकी व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं होता, बल्कि उसकी सफलता से पूरे छत्तीसगढ़ और देश का गौरव बढ़ता है।

खिलाड़ियों के भविष्य को सुरक्षित बनाने पर भी जोर

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि सरकार की प्राथमिकता केवल खिलाड़ियों को पुरस्कार देने तक सीमित नहीं है। खिलाड़ियों के भविष्य को सुरक्षित और बेहतर बनाना भी सरकार की जिम्मेदारी है।

इसी दिशा में राज्य सरकार ने पिछले तीन वर्षों में राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों को राज्य खेल अलंकरण से सम्मानित किया है। मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश के 156 उत्कृष्ट खिलाड़ियों की सूची हाल ही में जारी की गई है, जिससे उनके लिए शासकीय सेवा में नियुक्ति का रास्ता खुला है।

सरकार के इस कदम से खिलाड़ियों को खेलों में बेहतर प्रदर्शन करने के साथ-साथ भविष्य को लेकर भी सुरक्षा और भरोसा मिलने की उम्मीद है। इससे युवाओं के बीच खेल को एक बेहतर करियर विकल्प के रूप में अपनाने का विश्वास मजबूत होगा।

बस्तर और जनजातीय क्षेत्रों की प्रतिभाओं पर विशेष फोकस

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ के दूरस्थ और जनजातीय क्षेत्रों में प्रतिभाओं की कोई कमी नहीं है। जरूरत है कि इन प्रतिभाओं को समय रहते पहचाना जाए और उन्हें उचित प्रशिक्षण, संसाधन और प्रतिस्पर्धा का अवसर दिया जाए।

इसी सोच के साथ राज्य सरकार द्वारा बस्तर ओलंपिक का आयोजन किया जा रहा है। इसके साथ ही सरगुजा ओलंपिक के माध्यम से भी स्थानीय युवाओं को अपनी खेल प्रतिभा प्रदर्शित करने का अवसर दिया गया है।

छत्तीसगढ़ में खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स का आयोजन भी इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल रहा है। इन आयोजनों के जरिए ग्रामीण, आदिवासी और दूरस्थ क्षेत्रों के खिलाड़ियों को बड़े स्तर पर अपनी प्रतिभा दिखाने का मंच मिल रहा है।

मुख्यमंत्री खेल उत्कर्ष मिशन पर 100 करोड़ रुपये

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि राज्य सरकार खेलों के विकास के लिए पांच प्रमुख मिशनों पर काम कर रही है। इनमें मुख्यमंत्री खेल उत्कर्ष मिशन भी शामिल है, जिसके लिए 100 करोड़ रुपये के बजट का प्रावधान किया गया है।

इस मिशन का उद्देश्य केवल खेल प्रतियोगिताओं का आयोजन करना नहीं है, बल्कि खिलाड़ियों के लिए एक ऐसी पूरी व्यवस्था तैयार करना है जिसमें—

  • प्रतिभाशाली खिलाड़ियों की पहचान हो,

  • उन्हें बेहतर और आधुनिक प्रशिक्षण मिले,

  • आवश्यक खेल संसाधन उपलब्ध हों,

  • खेल अधोसंरचना मजबूत हो,

  • अनुभवी प्रशिक्षकों का सहयोग मिले,

  • और खिलाड़ियों को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं तक पहुंचने का अवसर मिले।

मुख्यमंत्री के अनुसार सरकार की कोशिश है कि प्रतिभाशाली खिलाड़ी केवल संसाधनों या अवसरों की कमी के कारण पीछे न रह जाएं।

मजबूत हो रही खेल अधोसंरचना

राज्य सरकार खेलों के लिए बेहतर अधोसंरचना विकसित करने पर भी जोर दे रही है। खासतौर पर जनजातीय और दूरस्थ क्षेत्रों में मौजूद युवाओं को आधुनिक सुविधाएं और प्रशिक्षण उपलब्ध कराने की दिशा में काम किया जा रहा है।

सरकार का मानना है कि यदि स्थानीय स्तर पर ही खिलाड़ियों को बेहतर सुविधाएं और प्रशिक्षण मिल जाएं तो छत्तीसगढ़ से राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ी बड़ी संख्या में तैयार किए जा सकते हैं।

छत्तीसगढ़ के खिलाड़ी बड़े मंचों पर बना रहे पहचान

छत्तीसगढ़ के खिलाड़ी लगातार राष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन कर रहे हैं। समारोह में उपमुख्यमंत्री एवं खेल एवं युवा कल्याण मंत्री अरुण साव ने बिलासपुर खेल अकादमी की गीता यादव और मधु सिदार के एशिया कप के लिए भारतीय टीम में चयन का उल्लेख करते हुए इसे प्रदेश के लिए गौरव का विषय बताया।

उन्होंने कहा कि प्रदेश में खेल प्रतिभाओं की कोई कमी नहीं है और सरकार खिलाड़ियों को आगे बढ़ाने के लिए लगातार प्रयास कर रही है।

सरकार का लक्ष्य—हर प्रतिभा को मिले अवसर

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने स्पष्ट किया कि छत्तीसगढ़ में खेलों को केवल मनोरंजन या प्रतियोगिता तक सीमित नहीं रखा जाएगा, बल्कि इसे युवाओं के करियर और भविष्य निर्माण का महत्वपूर्ण माध्यम बनाया जाएगा।

सरकार की कोशिश है कि प्रदेश के गांवों, आदिवासी अंचलों और दूरदराज के क्षेत्रों में छिपी प्रतिभाओं को पहचानकर उन्हें उचित प्रशिक्षण और सुविधाएं दी जाएं। इसके बाद उन्हें जिला, संभाग और राज्य स्तर से आगे बढ़ाते हुए राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मंच तक पहुंचाया जाए।

निष्कर्ष

छत्तीसगढ़ सरकार की खेल नीति का फोकस अब केवल खिलाड़ियों को सम्मानित करने पर नहीं, बल्कि प्रतिभा की खोज से लेकर प्रशिक्षण, संसाधन, रोजगार और अंतरराष्ट्रीय मंच तक पहुंच की पूरी व्यवस्था तैयार करने पर दिखाई दे रहा है। मुख्यमंत्री खेल उत्कर्ष मिशन, बस्तर ओलंपिक, सरगुजा ओलंपिक और खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स जैसी पहलों के जरिए सरकार प्रदेश के युवाओं में खेल संस्कृति को मजबूत करने की दिशा में आगे बढ़ रही है।

मुख्यमंत्री का संदेश साफ है—छत्तीसगढ़ की कोई भी प्रतिभा केवल अवसर और संसाधनों की कमी के कारण पीछे नहीं रहेगी।

खिलाड़ियों का लंबा इंतजार खत्म, राज्य शासन ने जारी की उत्कृष्ट खिलाड़ियों की सूची,20 खेलों के 156 खिलाड़ी शामिल

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रायपुर- राज्य के खिलाड़ियों का लंबा इंतजार आखिर आज खत्म हो गया। राज्य शासन ने बहुप्रतीक्षित उत्कृष्ट खिलाड़ियों की सूची आज जारी कर दी है। सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा राजपत्र में इसका प्रकाशन कर दिया गया है। राज्य शासन द्वारा छत्तीसगढ़ उत्कृष्ट खिलाड़ियों को शासकीय सेवा में नियुक्त करने की नीति, 2007 के प्रावधानों के तहत राजपत्र में इस सूची को अधिसूचित किया गया है।

विभाग द्वारा जारी सूची में 156 खिलाड़ियों को शामिल किया गया है, जिनमें 20 खेलों के खिलाड़ी शामिल हैं। विगत 30 जून को मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में हुई उच्च स्तरीय समिति की बैठक में उत्कृष्ट खिलाड़ियों की सूची को अनुमोदित कर राजपत्र में प्रकाशन के लिए सामान्य प्रशासन विभाग को भेजा गया था। 

उच्च स्तरीय समिति की बैठक में उप मुख्यमंत्री तथा खेल एवं युवा कल्याण मंत्री अरुण साव सहित समिति के सदस्यों ने वर्ष 2018-19 एवं 2019-20 के लिए प्राप्त आवेदनों पर विस्तृत विचार-विमर्श तथा सभी पहलुओं की समीक्षा के बाद 156 उत्कृष्ट खिलाड़ियों के चयन को अंतिम स्वरूप प्रदान किया था। विभाग ने आवश्यक कार्यवाही पूर्ण कर आज राजपत्र में इसका प्रकाशन कर दिया है। 

खेल अधोसंरचना की मजबूती और खेलों के लिए बेहतर वातावरण तैयार करने मुख्यमंत्री खेल उत्कर्ष मिशन के लिए 100 करोड़ का प्रावधान

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छत्तीसगढ़ में हॉकी लीग के आयोजन की तैयारी, छत्तीसगढ़ क्रीड़ा प्रोत्साहन योजना के लिए 57 करोड़ का बजट

उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने प्रेस-कॉन्फ्रेंस में खेल एवं युवा कल्याण विभाग के कार्यों की दी जानकारी

रायपुर- उप मुख्यमंत्री तथा खेल एवं युवा कल्याण मंत्री अरुण साव ने आज प्रेस-कॉन्फ्रेंस में खेल एवं युवा कल्याण विभाग के कार्यों, गतिविधियों, उपलब्धियों तथा आगामी कार्ययोजनाओं की जानकारी दी। उन्होंने नवा रायपुर स्थित छत्तीसगढ़ संवाद ऑडिटोरियम में आयोजित प्रेस-कॉन्फ्रेंस में बताया कि छत्तीसगढ़ में खेलों के लिए बेहतर वातावरण तैयार करने, खेल अधोसंरचना की मजबूती, महिला खिलाड़ियों को प्रोत्साहित करने तथा खेल प्रतिभाओं की पहचान के लिए चालू वित्तीय वर्ष 2026-27 में मुख्यमंत्री खेल उत्कर्ष मिशन के लिए 100 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है। वहीं छत्तीसगढ़ क्रीड़ा प्रोत्साहन योजना के तहत 57 करोड़ रुपए का बजट प्रावधान रखा गया है। खेल एवं युवा कल्याण विभाग के सचिव यशवंत कुमार और उप संचालक रश्मि ठाकुर भी प्रेस-कॉन्फ्रेंस में मौजूद थीं।

उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने प्रेस-कॉन्फ्रेंस में बताया कि राज्य में हॉकी लीग के आयोजन की तैयारी चल रही है। राज्य के खेल अकादमियों में उच्च स्तरीय प्रशिक्षण मुहैया कराने 14 प्रशिक्षकों को प्रशिक्षण के लिए पटियाला भेजा गया है। उन्होंने बताया कि खेल गतिविधियों के सुचारू संचालन के लिए राज्य शासन ने 6 नए जिलों गौरेला-पेंड्रा-मरवाही, खैरागढ़-छुईखदान-गंडई, मोहला-मानपुर-अंबागढ़-चौकी, सारंगढ़-बिलाईगढ़, मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर और सक्ती में खेल अधिकारी के पदों का सृजन किया गया है। विभागीय योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए 44 प्रशिक्षकों, 4 जिला खेल अधिकारियों, 23 सहायक ग्रेड-3 और 8 वार्डन्स की भर्ती प्रक्रियाधीन है।

साव ने बताया कि राज्य में ज्यादा से ज्यादा बच्चे एवं युवा खेल के मैदानों में पहुंचे, इसके लिए सरकार सक्रियता और गंभीरता से काम कर रही है। छत्तीसगढ़ राज्य के निर्माण के समय केवल 4 करोड़ रुपए के बजट वाले खेल एवं युवा कल्याण विभाग का बजट चालू वित्तीय वर्ष 2026-27 में 304 करोड़ रुपए तक पहुंच गया है। दूरस्थ आदिवासी वनांचलों को खेल की मुख्य धारा से जोड़ने की अभिनव पहल करते हुए पिछले दो वर्षों से बस्तर ओलंपिक के आयोजन के साथ ही इस साल से सरगुजा ओलंपिक भी राज्य में शुरु किया गया है। देश के पहले खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स की शानदार मेजबानी ने छत्तीसगढ़ को देश के खेल मानचित्र में प्रतिष्ठित किया है।


मुख्यमंत्री विष्णु देव साय छत्तीसगढ़ में पहली बार आयोजित स्पोर्ट्स कॉन्क्लेव में हुए शामिल

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खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स में राज्य के पदक विजेता खिलाड़ियों को दी प्रोत्साहन राशि

खेल और खिलाड़ियों को आगे बढ़ाने छत्तीसगढ़ में गंभीरता से हो रहे काम, उत्कृष्ट खेल मिशन के लिए इस साल 100 करोड़ का प्रावधान - मुख्यमंत्री विष्णु देव साय 

राज्य में खेलों के विकास के लिए मील का पत्थर साबित होगा स्पोर्ट्स कॉन्क्लेव - साय

कॉन्क्लेव के सुझावों और निष्कर्षों को शामिल कर बनाएंगे प्रभावी कार्ययोजना - उप मुख्यमंत्री  अरुण साव

रायपुर- मुख्यमंत्री विष्णु देव साय आज खेल एवं युवा कल्याण विभाग द्वारा आयोजित स्पोर्ट्स कॉन्क्लेव के समापन सत्र में शामिल हुए। उन्होंने राजधानी रायपुर के एक निजी होटल में आयोजित कॉन्क्लेव में विगत मार्च-अप्रैल में छत्तीसगढ़ में हुए देश के पहले खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स में राज्य के लिए पदक जीतने वाले खिलाड़ियों को प्रोत्साहन राशि प्रदान की। छत्तीसगढ़ में पहली बार इस स्पोर्ट्स कॉन्क्लेव का आयोजन किया गया था, जिसमें विभिन्न सत्रों में देशभर से आए खेल प्रशासकों, नीति निर्माताओं, स्पोर्ट्स साइंटिस्ट्स, नामचीन खिलाड़ियों, विशेषज्ञों और खेल संघों के पदाधिकारियों ने छत्तीसगढ़ में खिलाड़ियों के लिए बेहतर सुविधाओं, खेल प्रतिभाओं की खोज, प्रशिक्षण और सुदृढ़ खेल अधोसंरचना के रोडमैप पर दिनभर मंथन किया।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कॉन्क्लेव को संबोधित करते हुए कहा कि विशेषज्ञों के बीच आज दिनभर हुए गंभीर विचार-विमर्श से राज्य में खेल और खिलाड़ियों की बेहतरी के कार्यों को सार्थक एवं प्रभावी दिशा मिलेगी। राज्य में खेलों के विकास के लिए यह कॉन्क्लेव मील का पत्थर साबित होगा। उन्होंने कहा कि खेल और खिलाड़ियों को आगे बढ़ाने छत्तीसगढ़ में गंभीरता से काम हो रहे हैं। उत्कृष्ट खेल मिशन के अंतर्गत खेल अधोसंरचना को मजबूत करने इस साल के बजट में 100 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है। हमने हाल ही में प्रदेशभर के 156 उत्कृष्ट खिलाड़ियों की सूची को मंजूरी दी है, जिन्हें आगे जाकर सरकार नौकरी में लाभ देगी। 

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि खिलाड़ियों को खेलने के लिए अच्छा मंच उपलब्ध कराने बस्तर ओलंपिक, सरगुजा ओलंपिक और खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स के आयोजन राज्य में हुए हैं। बस्तर ओलंपिक में करीब चार लाख और सरगुजा ओलंपिक में लगभग साढ़े तीन लाख खिलाड़ियों ने भागीदारी की है। राज्य की खेल प्रतिभाओं को उचित अवसर और संसाधन देने की आवश्यकता है। इसके लिए हम लोग सक्रियता से काम कर रहे हैं।

उप मुख्यमंत्री तथा खेल एवं युवा कल्याण मंत्री अरुण साव कहा कि यह कॉन्क्लेव छत्तीसगढ़ को खेलों के क्षेत्र में अग्रणी बनाने में बहुत मददगार होगा। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य में खेल और खिलाड़ियों की तरक्की और बेहतरी के लिए लगातार काम हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ की भौगोलिक परिस्थितियों में प्राकृतिक, शारीरिक और मानसिक रूप से मजबूत युवा निकलते हैं। प्राथमिक कक्षाओं से ही बच्चों की खेल प्रतिभा को पहचान कर उन्हें तराशने और संवारने की कार्ययोजना पर हम काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि आज विशेषज्ञों के जो अमूल्य सुझाव और मार्गदर्शन प्राप्त हुए हैं, उन पर निश्चित रूप से अमल किया जाएगा। आज के निष्कर्षों को शामिल कर हम विस्तृत कार्ययोजना बनाएंगे और उसे प्रभावी तरीके से क्रियान्वित करेंगे।

खेल एवं युवा कल्याण विभाग के सचिव यशवंत कुमार, संचालक तनुजा सलाम, ओलंपियन जिन्सन जॉनसन, प्रख्यात शिक्षाविद एवं खेल वैज्ञानिक डॉ. रत्नेश सिंह, छत्तीसगढ़ ओलंपिक संघ के महासचिव विक्रम सिसोदिया, हाई परफॉर्मेंस एनॉलिस्ट रोनक कोठारी, पीईएफआई के राष्ट्रीय सचिव डॉ. पियूष जैन, खेलो इंडिया के उप महानिदेशक मयंक श्रीवास्तव और पूर्व अंतरराष्ट्रीय क्रिकेटर राजेश चौहान सहित प्रदेश के अनेक खिलाड़ी, प्रशिक्षक, सभी जिलों के खेल अधिकारी एवं खेल संघों के पदाधिकारी बड़ी संख्या में कॉन्क्लेव में शामिल हुए।

खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स में पदक जीतने वाले 11 खिलाड़ियों और 3 टीमों को मिली प्रोत्साहन राशि, छत्तीसगढ़ ने 3 स्वर्ण, 10 रजत और 6 कांस्य पदकों सहित जीते थे कुल 19 पदक

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने स्पोर्ट्स कॉन्क्लेव के समापन सत्र में इस साल छत्तीसगढ़ में हुए खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स में राज्य के लिए पदक जीतने वाले खिलाड़ियों को प्रोत्साहन राशि प्रदान की। मुख्यमंत्री साय ने इस वर्ष 3 अप्रैल को खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स के समापन समारोह में राज्य के लिए पदक जीतने वाले खिलाड़ियों को प्रोत्साहन राशि देने की घोषणा की थी। छत्तीसगढ़ ने 3 स्वर्ण, 10 रजत और 6 कांस्य पदकों सहित कुल 19 पदक जीते थे।

खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स में निकिता ने भारोत्तोलन में स्वर्ण पदक जीता था। वहीं रिषिका कश्यप ने भारोत्तोलन, अनुष्का भगत ने तैराकी, लक्ष्मण सोढ़ी, अभिषेक, डमरू कुमार, गजेन्द्र ठाकुर और तिलक बारसे ने एथलेटिक्स में रजत पदक जीते थे। मनीष कुमार ने एथलेटिक्स, निखिल खलको ने तैराकी और लक्की बाबू ने भारोत्तोलन में कांस्य पदक जीते थे।

मुख्यमंत्री ने स्वर्ण पदक विजेता खिलाड़ी को दो लाख रुपए, रजत पदक विजेताओं को डेढ़ लाख रुपए और कांस्य पदक विजेताओं को एक लाख रुपए के चेक प्रदान किए। वहीं टीम खेलों में स्वर्ण पदक जीतने वाली महिला फुटबॉल टीम को 22 लाख रुपए, रजत पदक विजेता पुरूष फुटबॉल टीम को साढ़े 16 लाख रुपए तथा कांस्य पदक जीतने वाली पुरूष हॉकी टीम को 9 लाख रुपए की राशि दी गई।

छत्तीसगढ़ को खेल हब बनाने नई सोच और विजन के साथ करें काम - अरुण साव

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’अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप खुद को अपडेट रखें कोच व खेल अधिकारी’

उप मुख्यमंत्री ने खेल विभाग के कार्यों की समीक्षा की

सभी खेल आयोजनों में मौजूद रहकर खेल प्रतिभाओं पर नजर रखने के दिए निर्देश

हर जिले में सभी खेलों के संघ बनाने कहा

रायपुर- उप मुख्यमंत्री तथा खेल एवं युवा कल्याण मंत्री अरुण साव ने आज खेल विभाग के कार्यों की समीक्षा की। उन्होंने रायपुर के एक निजी होटल में आयोजित समीक्षा बैठक में विभागीय अधिकारियों और प्रशिक्षकों को छत्तीसगढ़ में नई खेल संस्कृति विकसित करने तथा खेल हब बनाने नई सोच एवं विजन के साथ काम करने के निर्देश दिए। उन्होंने स्कूल शिक्षा, उच्च शिक्षा, आदिम जाति कल्याण, पुलिस और वन विभाग सहित विभिन्न विभागों के खेल आयोजनों में मौजूद रहकर कम उम्र की प्रतिभाओं को खोजने तथा उनके समुचित प्रशिक्षण व मार्गदर्शन की व्यवस्था करने को कहा। उन्होंने इन आयोजनों में सक्रिय भूमिका निभाते हुए आयोजकों को आवश्यक सुझाव, सहयोग और मार्गदर्शन प्रदान करने को भी कहा। खेल एवं युवा कल्याण विभाग के सचिव यशवंत कुमार और संचालक तनुजा सलाम भी बैठक में शामिल हुईं।

उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने बैठक में विभाग द्वारा आयोजित किए जाने वाले ग्रीष्मकालीन खेल प्रशिक्षण शिविरों के व्यापक प्रचार-प्रसार के साथ ही ज्यादा से ज्यादा खिलाड़ियों एवं खेल संघों को इससे जोड़ने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि ये प्रशिक्षण शिविर स्थानीय स्तर पर खेलों का वातावरण तैयार करने का बड़ा माध्यम है। उन्होंने खेल एवं खिलाड़ियों के लिए अच्छा वातावरण तैयार करने हर जिले में सभी खेलों के संघ बनाने को कहा। उन्होंने शासन द्वारा सहयोग प्रदान करने सभी खेल संघों एवं एशोसिएशन्स का पंजीयन कराने को भी कहा।

उप मुख्यमंत्री साव ने राज्य शासन द्वारा निर्मित खेल अधोसंरचनाओं के साथ ही खेलो इंडिया सेंटर्स की प्रशिक्षण सुविधाओं और प्रशिक्षकों के माध्यम से राज्य के खिलाड़ियों को तराशने के निर्देश दिए। उन्होंने प्रतिभावान खिलाड़ियों की कम उम्र में ही पहचान कर उनके प्रशिक्षण एवं ग्रूमिंग के लिए अच्छी व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने को कहा। उन्होंने सभी जिलों के खेल अधिकारियों को अपने-अपने जिले के राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ियों के साथ ही अच्छी संभावनाओं वाले खिलाड़ियों की विस्तृत प्रोफाइल तैयार करने के निर्देश दिए। उन्होंने खिलाड़ियों को बड़ी प्रतियोगिताओं के लिए तैयार करने राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ियों का सहयोग लेने को भी कहा।

उप मुख्यमंत्री ने विभिन्न जिलों में निर्माणाधीन खेल परिसरों, खेल मैदानों एवं स्टेडियमों के निर्माण के दौरान नियमित रूप से कार्यों का अवलोकन कर खिलाड़ियों की जरूरतों के अनुरूप निर्माण सुनिश्चित करने को कहा। उन्होंने संबंधित जिले के लोक निर्माण विभाग के कार्यपालन अभियंता के नियमित संपर्क में रहकर कार्यों को तेजी से पूर्ण कराने के निर्देश दिए। साव ने बैठक में मौजूद लोक निर्माण विभाग के मुख्य अभियंता वी.एस. कोरम को खेल अधोसंरचनाओं से जुड़े निर्माण कार्यों को प्राथमिकता के साथ जल्द से जल्द पूर्ण करने को कहा। उन्होंने सभी आवश्यक प्रक्रियाओं को तेजी से पूर्ण कर अप्रारंभ कार्यों को यथाशीघ्र शुरू करने के निर्देश दिए। उन्होंने उप मुख्यमंत्री कार्यालय को हर महीने इन कार्यों की प्रगति की रिपोर्ट देने को भी कहा।

साव ने सभी खेल अधिकारियों को अपने-अपने जिले में विकासखंड शिक्षा अधिकारियों से मिलकर स्कूलों में प्रतिदिन खेलों का एक पीरिएड सुनिश्चत कराने के निर्देश दिए। उन्होंने जनपद पंचायतों के मुख्य कार्यपालन अधिकारियों के माध्यम से हर गांव के सरपंच और सचिव की बैठक कर उन्हें गांवों में खेलों के लिए अच्छा माहौल तैयार करने के लिए प्रेरित करने को कहा। उप मुख्यमंत्री साव ने प्रशिक्षकों और खेल अधिकारियों को अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप नई तकनीकों, खेल उपकरणों, नए नियमों और नियामक संस्थाओं से अपडेट रहने के निर्देश दिए। खेल एवं युवा कल्याण विभाग के संयुक्त संचालक प्रभाकर पाण्डेय, उप संचालक रश्मि ठाकुर और रवि अग्रवाल सहित सभी जिलों के खेल अधिकारी, वरिष्ठ प्रशिक्षक एवं प्रशिक्षक समीक्षा बैठक में मौजूद थे।

फिट इंडिया संडे ऑन साइकिल के 75वें संस्करण में देशभर में जबरदस्त भागीदारी, कॉमनवेल्थ गेम्स 2030 की तैयारियों को मिला बढ़ावा

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देशभर में “फिट इंडिया संडे ऑन साइकिल” के 75वें संस्करण में आज 8,000 से अधिक स्थानों पर जबरदस्त भागीदारी देखी गई। यह आयोजन कॉमनवेल्थ गेम्स डे के अवसर पर किया गया और इसका उद्देश्य अहमदाबाद में होने वाले ऐतिहासिक कॉमनवेल्थ गेम्स 2030 की दिशा में उत्साह और गति बढ़ाना था।

अहमदाबाद के प्रतिष्ठित साबरमती रिवरफ्रंट से केंद्रीय युवा कार्यक्रम एवं खेल तथा श्रम एवं रोजगार मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया, गुजरात के उपमुख्यमंत्री हर्ष संघवी और बॉलीवुड अभिनेता आयुष्मान खुराना ने 5,000 साइकिल चालकों, खिलाड़ियों, युवाओं, स्वयंसेवकों और फिटनेस प्रेमियों के साथ इस भव्य आयोजन का नेतृत्व किया।

इस संस्करण की थीम “A New Icon for a Fitter India – Pedalling to 2030” रखी गई थी। इसमें 5 किलोमीटर लंबी साइक्लिंग रैली, योग और ज़ुम्बा प्रदर्शन शामिल रहे, जिससे साबरमती रिवरफ्रंट एक बड़े फिटनेस और सांस्कृतिक उत्सव में बदल गया।

कार्यक्रम का प्रमुख आकर्षण कॉमनवेल्थ गेम्स थीम पर आधारित प्रदर्शनी का उद्घाटन रहा, जिसे डॉ. मांडविया ने किया। इसमें भारत की खेल उपलब्धियों, खेलो इंडिया मिशन के तहत खेल अवसंरचना के विस्तार और 2030 कॉमनवेल्थ गेम्स की तैयारियों को प्रदर्शित किया गया।

इसके अलावा पिकलबॉल, बॉक्स क्रिकेट, वॉलीबॉल, टग ऑफ वॉर और अन्य सामुदायिक खेलों ने कार्यक्रम को उत्सव जैसा माहौल दिया।

कार्यक्रम में ओलंपियन और कॉमनवेल्थ गेम्स पदक विजेता गुरजीत कौर, राजानी एटिमार्पु, सोनिका तांडी, अंजुम मौद्गिल, अंकुर मित्तल और तृप्ति मुर्गुंडे सहित कई खेल हस्तियों ने भाग लिया और युवाओं को प्रेरित किया।

इसके साथ ही आयुष्मान खुराना, भारतीय ओलंपिक संघ के वरिष्ठ उपाध्यक्ष अजय पटेल, ओलंपिक निशानेबाज और CWG पदक विजेता गगन नारंग, खेलो इंडिया के उप महानिदेशक मयंक श्रीवास्तव तथा एथलेटिक्स फेडरेशन ऑफ इंडिया के अध्यक्ष अडिले सुमरिवाला जैसे कई प्रमुख लोग भी मौजूद रहे।

एक विशेष सांस्कृतिक प्रस्तुति में गरबा और योग का अनोखा मिश्रण भी दर्शाया गया। साथ ही मोरारजी देसाई नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ योग के डॉ. पवन कुमार ने प्रतिभागियों को स्वास्थ्य और योग पर मार्गदर्शन दिया।

देशभर में इसी तरह के कार्यक्रम SAI क्षेत्रीय केंद्रों, राष्ट्रीय उत्कृष्टता केंद्रों, खेलो इंडिया केंद्रों और सार्वजनिक स्थलों पर आयोजित किए गए, जहां ओलंपियन, CWG पदक विजेता और खेल सितारों ने भाग लिया। गुवाहाटी में रक्ष खडसे ने, धर्मशाला में बबीता फोगाट ने और मुंबई में सबा अंजुम ने कार्यक्रम में भाग लेकर “स्पोर्ट्स जन भागीदारी” को मजबूत किया।

यह पहल दिसंबर 2024 में शुरू हुई थी और तब से अब तक यह 3.07 लाख से अधिक स्थानों तक पहुंच चुकी है, 50 लाख से अधिक साइकिल चालकों को जोड़ चुकी है और 7 करोड़ से अधिक लोगों तक डिजिटल और ऑन-ग्राउंड माध्यम से पहुंच बना चुकी है।

यह कार्यक्रम भारत को एक फिट, मजबूत और वैश्विक खेल शक्ति बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है, खासकर कॉमनवेल्थ गेम्स 2030 की तैयारियों के संदर्भ में।

गांधीनगर SAI NCoE में खेल मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया ने नई खेल सुविधाओं का उद्घाटन किया, पैरा खिलाड़ियों के लिए मजबूत इकोसिस्टम पर जोर

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केंद्रीय युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया ने आज गांधीनगर स्थित भारतीय खेल प्राधिकरण (SAI) के नेशनल सेंटर ऑफ एक्सीलेंस (NCoE) में कई नई खेल अवसंरचना सुविधाओं का उद्घाटन किया। यह पहल देशभर में विश्वस्तरीय उच्च-प्रदर्शन खेल पारिस्थितिकी तंत्र विकसित करने की सरकार की प्रतिबद्धता को दोहराती है।

उन्होंने नव-निर्मित पैरा एथलीट हॉस्टल, सेंट्रलाइज्ड डाइनिंग हॉल, स्ट्रेंथ एंड कंडीशनिंग हॉल, मल्टीपर्पस ट्रेनिंग हॉल और मेडिटेशन पार्क का उद्घाटन किया। ये सभी सुविधाएं खिलाड़ियों के प्रशिक्षण, रिकवरी, पोषण, खेल विज्ञान और मानसिक स्वास्थ्य को एकीकृत रूप से मजबूत करने के उद्देश्य से विकसित की गई हैं।

कार्यक्रम में खिलाड़ियों, कोचों और अधिकारियों को संबोधित करते हुए डॉ. मांडविया ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत का खेल इकोसिस्टम तेजी से बदल रहा है, जिसमें खिलाड़ी-केंद्रित विकास और समावेशी खेल ढांचे पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।

उन्होंने कहा, “प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी वास्तव में हमारे पैरा एथलीट्स के ‘परम मित्र’ हैं। उनके नेतृत्व में भारत ने न केवल खेल ढांचे का विस्तार किया है, बल्कि पैरा एथलीट्स को सम्मान, समान अवसर और सुलभता भी सुनिश्चित की है।”

वैश्विक खेलों में भारत की प्रगति पर प्रकाश डालते हुए मंत्री ने कहा कि एशियन पैरा गेम्स में 111 पदक और पैरालिंपिक 2024 में 29 पदक भारत की बढ़ती खेल क्षमता को दर्शाते हैं।

उन्होंने कहा कि यह उपलब्धियाँ केवल संयोग नहीं हैं, बल्कि खिलाड़ियों में निरंतर निवेश, वैज्ञानिक प्रशिक्षण, आधुनिक सुविधाओं और मजबूत आत्मविश्वास का परिणाम हैं।

डॉ. मांडविया ने बताया कि SAI NCoE गांधीनगर, जिसे पैरा खेलों के लिए नोडल सेंटर घोषित किया गया है, देश के प्रमुख उच्च-प्रदर्शन प्रशिक्षण केंद्रों में से एक बन रहा है। यहां वर्तमान में पैरा एथलेटिक्स, बैडमिंटन, टेबल टेनिस, पावरलिफ्टिंग, स्विमिंग और फेंसिंग सहित छह पैरा खेलों का प्रशिक्षण दिया जा रहा है, साथ ही हैंडबॉल, कबड्डी और खो-खो भी शामिल हैं।

उन्होंने राष्ट्रीय कोचिंग कैंप में भाग ले रहे खिलाड़ियों से भी बातचीत की और कहा कि वैज्ञानिक प्रशिक्षण और उच्च स्तरीय सुविधाएं भारत की भविष्य की अंतरराष्ट्रीय सफलता में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी।

मंत्री ने कहा कि पैरा एथलीट हॉस्टल, स्ट्रेंथ एंड कंडीशनिंग हॉल और सेंट्रलाइज्ड डाइनिंग हॉल केवल इमारतें नहीं हैं, बल्कि भारत के भविष्य के चैंपियंस में किया गया निवेश हैं।

उन्होंने बताया कि मल्टीपर्पस ट्रेनिंग हॉल मुख्य रूप से कबड्डी प्रशिक्षण के लिए उपयोग किया जाएगा, जबकि स्ट्रेंथ एंड कंडीशनिंग हॉल खिलाड़ियों की फिटनेस, रिकवरी और प्रदर्शन सुधार में मदद करेगा।

यह भी उल्लेख किया गया कि इन सुविधाओं को सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय के सहयोग से विकसित किया गया है, जो सरकार के समावेशी खेल विकास दृष्टिकोण को दर्शाता है।

कार्यक्रम में भारतीय खेल प्राधिकरण के वरिष्ठ अधिकारी, कोच, खिलाड़ी और खेल जगत के सदस्य उपस्थित रहे।

प्रतिभा, पारदर्शिता और अवसर से ही बनेगा भारत वैश्विक खेल शक्ति, मजबूत खेल व्यवस्था से ही ओलंपिक में सफलता संभव : अरुण साव

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उप मुख्यमंत्री ने श्रीनगर में राष्ट्रीय खेल चिंतन शिविर में 'गुड गवर्नेंस इन स्पोर्ट्स' सत्र की अध्यक्षता की, छत्तीसगढ़ की खेल योजनाओं एवं भविष्य की रणनीतियों को किया साझा

केन्द्रीय युवा कार्य और खेल मंत्रालय जल्दी ही युवा मामलों पर भी आयोजित करेगा विशेष चिंतन शिविर

रायपुर- केन्द्रीय युवा कार्य और खेल मंत्रालय द्वारा श्रीनगर में आयोजित खेल चिंतन शिविर के दूसरे दिन आज उप मुख्यमंत्री तथा खेल एवं युवा कल्याण मंत्री अरुण साव ने 'गुड गवर्नेंस इन स्पोर्ट्स' (Good Governance in Sports) पर आयोजित सत्र की अध्यक्षता की। उन्होंने इस दौरान छत्तीसगढ़ की खेल योजनाओं एवं भविष्य की रणनीतियों पर बेस्ट प्रेक्टिसेस पर आधारित वीडियो प्रेजेंटेशन भी दिया। अरुण साव ने विभिन्न राज्यों से आए खेल मंत्रियों एवं अधिकारियों के समक्ष छत्तीसगढ़ में खेलों और खिलाड़ियों के विकास के लिए लागू बेस्ट गवर्नेंस प्रेक्टिसेस (Best Governance Practices) को विस्तार से साझा किया। उन्होंने विभिन्न राज्यों से सुझाव भी प्राप्त किए। चिंतन शिविर में शामिल अलग-अलग राज्यों के प्रतिनिधियों ने छत्तीसगढ़ की भावी योजनाओं की सराहना करते हुए इसे एक प्रभावी मॉडल बताया।

उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने राष्ट्रीय खेल चिंतन शिविर के दौरान दो दिनों तक विभिन्न राज्यों के खेल मंत्रियों एवं अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ियों से संवाद कर महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा की। उन्होंने खेलों को बढ़ावा देने की अपनी दृढ़ प्रतिबद्धता को दोहराते हुए छत्तीसगढ़ में बेहतर खेल अवसंरचना, प्रतिभा संवर्धन एवं खिलाड़ियों को अधिक अवसर प्रदान करने पर जोर दिया। 

अरुण साव ने कहा कि प्रतिभा, पारदर्शिता और अवसर से ही भारत वैश्विक खेल शक्ति बनेगा। मजबूत खेल व्यवस्था और प्रोत्साहन से ही देश को ओलंपिक खेलों में बड़ी सफलता मिलेगी। उन्होंने उम्मीद जताई कि यह चिंतन शिविर छत्तीसगढ़ और पूरे देश में खेलों के समग्र विकास, सुदृढ़ खेल व्यवस्था के निर्माण तथा खिलाड़ियों को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए नई दिशा प्रदान करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

चिंतन शिविर के दूसरे दिन भी आज अलग-अलग सत्रों में खेल प्रशासन, नीतिगत सुधार एवं युवा मामलों से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों पर व्यापक चर्चा की गई। इस दौरान राज्यों में खेल सामग्रियों के निर्माण, सरकारी योजनाओं तथा स्पोर्ट्स स्टार्ट-अप्स (Sports Startups) को बढ़ावा देने पर चर्चा की गई। इसमें यह बात प्रमुखता से आई कि भारत में ही अंतरराष्ट्रीय स्तर के खेल उपकरणों का निर्माण किया जाए, जिससे देश का खेल उद्योग आत्मनिर्भर बन सके।

आज एक महत्वपूर्ण सत्र में सलेक्शन पॉलिसी और एज फ्रॉड (Selection Policy & Age Fraud) पर भी विशेष चर्चा हुई। इसमें खिलाड़ियों के चयन में पारदर्शिता, निष्पक्षता एवं स्पष्ट मापदंड सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया। साथ ही उम्र में गड़बड़ी (Age Fraud) की रोकथाम के लिए सख्त सत्यापन प्रक्रिया एवं तकनीकी उपाय अपनाने की आवश्यकता पर बल दिया गया, ताकि खेलों में ईमानदारी एवं विश्वसनीयता बनी रहे।

आज का अंतिम सत्र 'माई भारत' (MY Bharat) की योजनाओं और इसकी कार्ययोजना (Action Plan) पर केंद्रित रहा। इसमें खेलों के साथ-साथ युवा मामलों को भी समान महत्व देते हुए केंद्र सरकार द्वारा किए जा रहे प्रयासों पर प्रकाश डाला गया। साथ ही योजनाओं के प्रभावी प्रचार-प्रसार पर जोर दिया गया, ताकि अधिक से अधिक युवाओं तक इनका लाभ पहुंच सके। 

चिंतन शिविर के समापन के दौरान केन्द्रीय युवा कार्य और खेल मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया ने घोषणा की कि जल्दी ही केवल युवा मामलों पर केंद्रित एक विशेष चिंतन शिविर का आयोजन किया जाएगा। दो दिवसीय चिंतन शिविर में देश के दिग्गज खिलाड़ी ओलंपियन अभिनव बिंद्रा, पुलेला गोपीचंद और गगन नारंग सहित खेल प्रशासक और नीति निर्माता भी बड़ी संख्या में शामिल हुए।

खेलों इंडिया ट्राइबल गेम्स 2026: संचालक तनुजा सलाम ने अम्बिकापुर में तैयारियों का लिया जायजा

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रायपुर- छत्तीसगढ़ शासन के खेल एवं युवा कल्याण विभाग की संचालक तनुजा सलाम ने आज अम्बिकापुर स्थित गांधी स्टेडियम में आयोजित होने वाले खेलों इंडिया ट्राइबल गेम्स 2026 की तैयारियों का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने विशेष रूप से रेसलिंग (कुश्ती) चैंपियनशिप के आयोजन स्थल का जायजा लिया और तकनीकी टीम के साथ बैठक कर आवश्यक दिशा-निर्देश प्रदान किए।

व्यवस्थाओं का  निरीक्षण

निरीक्षण के दौरान संचालक सलाम ने गांधी स्टेडियम में तैयार किए गए अभ्यास स्थल, मुख्य प्रतियोगिता स्थल, भोजन व्यवस्था तथा मेडिकल यूनिट का अवलोकन किया। इसके साथ ही उन्होंने खिलाड़ियों के ठहरने के लिए चिन्हित ग्रैंड बसंत और होटल मयूरा का भी दौरा किया। उन्होंने आवास स्थलों पर स्वच्छता, सुरक्षा एवं अन्य मूलभूत सुविधाओं को उच्च गुणवत्ता के साथ बनाए रखने के निर्देश दिए।

प्रतिभागियों से संवाद

संचालक सलाम ने विभिन्न राज्यों से आए प्रतिभागियों से सीधे संवाद कर खेल सुविधाओं, आवास एवं भोजन की गुणवत्ता के बारे में जानकारी प्राप्त की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि जनजातीय क्षेत्रों से आने वाले खिलाड़ियों को अंतरराष्ट्रीय स्तर की सुविधाएं सुनिश्चित की जाएं।

आयोजन को सफलतापूर्वक संपन्न कराने के उद्देश्य से संचालक द्वारा तकनीकी स्टाफ एवं खेल अधिकारियों की बैठक आयोजित की गई। बैठक में रेसलिंग चैंपियनशिप के दौरान नियमों का कड़ाई से पालन करने तथा खिलाड़ियों की सुविधाओं का विशेष ध्यान रखने के निर्देश दिए गए।

इस अवसर पर जिला खेल एवं युवा कल्याण अधिकारी राम कुमार सिंह सहित विभाग के अन्य अधिकारी, कोच एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज जशपुर में क्रिकेट एकेडमी का किया शुभारंभ

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खेल अधोसंरचना का विस्तार युवाओं को नई ऊर्जा और अवसर देता है — मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

रायपुर- मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज जशपुर में क्रिकेट एकेडमी का शुभारंभ किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रदेश में खेल सुविधाओं का विस्तार कर युवाओं को अपनी प्रतिभा निखारने के बेहतर अवसर उपलब्ध कराए जा रहे हैं, जिससे वे भविष्य में राज्य और देश का नाम रोशन कर सकें। जशपुर में क्रिकेट खेल को बढ़ावा देने के उद्देश्य से नगर पालिका और ग्रीन क्रिकेट जशपुर के बीच एमओयू भी किया गया है, जिससे स्थानीय खिलाड़ियों को संगठित प्रशिक्षण और बेहतर संसाधन उपलब्ध हो सकेंगे।

मुख्यमंत्री साय ने इस दौरान सरगुजा ओलंपिक की विजेता बास्केटबॉल टीम से मुलाकात की और खिलाड़ियों को उनकी उपलब्धि पर हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजन और उपलब्धियां प्रदेश के युवाओं में खेल के प्रति उत्साह और आत्मविश्वास बढ़ाती हैं।

इस अवसर पर छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मंडल के अध्यक्ष राम प्रताप सिंह, जिला पंचायत अध्यक्ष सालिक साय, नगर पालिका अध्यक्ष अरविन्द भगत, नगर पालिका उपाध्यक्ष यश प्रताप सिंह जुदेव, जिला पंचायत उपाध्यक्ष शौर्य प्रताप सिंह जुदेव, जनपद पंचायत अध्यक्ष गंगाराम भगत, कृष्णा राय, विजय आदित्य सिंह जुदेव, सरगुजा कमिश्नर नरेन्द्र कुमार दुग्गा, आईजी दीपक कुमार झा, कलेक्टर रोहित व्यास, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक लाल उमेद सिंह, डीएफओ शशि कुमार सहित जनप्रतिनिधिगण उपस्थित थे।

खेल सुविधाओं का विस्तार युवाओं को नई दिशा और अवसर देता है- मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

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मुख्यमंत्री ने जशपुर में मल्टीपरपज इंडोर बास्केटबॉल स्टेडियम का किया शुभारंभ : खिलाड़ी बास्केटबॉल शतरंज कैरम और टेबल टेनिस खेल का करेंगे अभ्यास

3 करोड़ 52 लाख की लागत से तैयार किया गया स्टेडियम

रायपुर- मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज जशपुर में 3 करोड़ 52 लाख रुपए की लागत से निर्मित मल्टीपरपज इंडोर बास्केटबॉल स्टेडियम का शुभारंभ किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री साय ने कहा कि खेल अधोसंरचना का सुदृढ़ीकरण युवाओं को अपनी प्रतिभा निखारने के बेहतर अवसर प्रदान करता है और उन्हें राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करता है।

मुख्यमंत्री साय ने स्टेडियम का अवलोकन किया और वहां उपस्थित खिलाड़ियों के साथ खेल का आनंद भी लिया।उन्होंने खिलाड़ियों से संवाद कर उनका उत्साहवर्धन किया और कहा कि सरकार प्रदेश में खेल सुविधाओं के विस्तार के लिए निरंतर कार्य कर रही है, ताकि ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों के प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को भी उचित मंच मिल सके।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि खेल केवल प्रतिस्पर्धा का माध्यम नहीं, बल्कि अनुशासन, टीमवर्क और आत्मविश्वास विकसित करने का सशक्त साधन है। राज्य सरकार का प्रयास है कि प्रदेश के युवाओं को बेहतर खेल सुविधाएं उपलब्ध कराकर उन्हें नई ऊंचाइयों तक पहुंचने का अवसर दिया जाए।

मल्टीपरपज इंडोर बास्केटबॉल स्टेडियम में खिलाड़ियों को बास्केटबॉल के साथ-साथ शतरंज, कैरम और टेबल टेनिस जैसे खेलों का अभ्यास करने की आधुनिक सुविधा उपलब्ध होगी। यह स्टेडियम न केवल खेल गतिविधियों को बढ़ावा देगा, बल्कि जशपुर क्षेत्र में खेल प्रतिभाओं को विकसित करने का एक महत्वपूर्ण केंद्र भी बनेगा।

इस अवसर पर छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मंडल के अध्यक्ष रामप्रताप सिंह, जिला पंचायत अध्यक्ष सालिक साय, नगर पालिका अध्यक्ष अरविन्द भगत, कृष्णा राय, नगर पालिका उपाध्यक्ष यश प्रताप सिंह जुदेव, जिला पंचायत अध्यक्ष शौर्य प्रताप सिंह जुदेव, जनपद पंचायत अध्यक्ष गंगाराम भगत, विजय आदित्य सिंह जुदेव, सरगुजा कमिश्नर नरेन्द्र दुग्गा, आईजी दीपक कुमार झा, कलेक्टर रोहित व्यास, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक लाल उमेद सिंह, डीएफओ शशि कुमार, जिला पंचायत सीईओ अभिषेक कुमार, खिलाड़ी और कोच उपस्थित थे।

डॉ. मनसुख मंडाविया ने छह प्रमुख खेल अवसंरचना परियोजनाओं की आधारशिला रखी और दो एथलीट सपोर्ट सुविधाओं का उद्घाटन किया

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माननीय खेल एवं युवा मामले मंत्री, डॉ. मनसुख मंडाविया ने आज वर्चुअल माध्यम से छह प्रमुख खेल अवसंरचना परियोजनाओं की आधारशिला रखी और दो एथलीट सपोर्ट सुविधाओं का उद्घाटन किया, जिनमें कुल निवेश ₹120 करोड़ शामिल है।

यह पहल भारत के खेल पारिस्थितिकी तंत्र को मजबूत करने और देशभर में विश्व-स्तरीय, एथलीट-केंद्रित अवसंरचना विकसित करने के लिए केंद्रीय सरकार की प्रतिबद्धता को पुनः प्रदर्शित करती है।

छह आधारशिला परियोजनाओं की कुल लागत ₹82 करोड़ है, जो खेलो इंडिया योजना के तहत और स्पोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया (SAI) के अतिरिक्त सहयोग से लागू की जा रही हैं।

ये परियोजनाएँ देशभर में भौगोलिक रूप से वितरित हैं, जिनमें उत्तर-पूर्व और पूर्वी क्षेत्र भी शामिल हैं, ताकि खेल अवसंरचना का संतुलित और समावेशी विकास सुनिश्चित किया जा सके।

इन परियोजनाओं में शामिल हैं:

  • बैंगलोर में सिंथेटिक हॉकी टर्फ का उन्नयन

  • पटियाला में बहुउद्देशीय हॉल का निर्माण

  • भोपाल, गुवाहाटी और जलपाईगुड़ी में सिंथेटिक एथलेटिक ट्रैक का निर्माण

  • भोपाल में बहुउद्देशीय जूडो हॉल का निर्माण

आधारशिला समारोह के साथ-साथ माननीय मंत्री ने NS NIS, पटियाला में दो पूर्ण हो चुकी एथलीट सपोर्ट सुविधाओं का उद्घाटन भी किया, जिनमें कुल निवेश ₹38 करोड़ है।

इसमें शामिल हैं:

  • सेंट्रलाइज्ड किचन और फूड कोर्ट-कम-डाइनिंग हॉल, जो एथलीट पोषण सेवाओं को मजबूत करेगा

  • अत्याधुनिक इंटीग्रेटेड स्पोर्ट्स साइंस सेंटर और कंडीशनिंग हॉल, जो एलीट एथलीटों के लिए वैज्ञानिक प्रशिक्षण, प्रदर्शन विश्लेषण, पुनर्वास और रिकवरी को महत्वपूर्ण रूप से बढ़ाएगा

माननीय मंत्री ने सभी संबंधित हितधारकों के प्रयासों की सराहना करते हुए और SAI की संपत्ति प्रबंधन जिम्मेदारी को रेखांकित करते हुए कहा:

“देशभर में कई खेल अवसंरचना परियोजनाएँ विकसित की जा रही हैं, लेकिन SAI के अधीन आने वाली सुविधाएँ हमारी सीधे जिम्मेदारी हैं। इन संपत्तियों का उचित रखरखाव, अधिकतम उपयोग और जहाँ संभव हो, व्यावसायिक रूप से लाभ उठाना आवश्यक है, ताकि सार्वजनिक निवेश दीर्घकालिक मूल्य पैदा करता रहे।”

डॉ. मंडाविया ने जवाबदेही और समयबद्धता पर बल देते हुए कहा कि इन अवसंरचना परियोजनाओं की लगातार निगरानी की जाएगी। उन्होंने बताया कि मासिक समीक्षा SAI स्तर पर और त्रैमासिक समीक्षा स्वयं उनके द्वारा की जाएगी, ताकि परियोजनाओं को तेज़ी से पूरा किया जा सके और बनाए गए ढांचे का एथलीटों के लाभ के लिए अधिकतम उपयोग सुनिश्चित हो।

खेल क्षेत्र की व्यापक नीतिगत रूपरेखा का उल्लेख करते हुए मंत्री ने कहा कि केंद्रीय वित्त मंत्री द्वारा खेलो इंडिया मिशन की घोषणा की गई है, जिसमें भारत के खेल पारिस्थितिकी तंत्र को मजबूत करने और अवसंरचना विकास को बढ़ावा देने के प्रमुख पहलुओं को रेखांकित किया गया है।

डॉ. मंडाविया ने कहा:

“हमें माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दृष्टिकोण को साकार करने के लिए सामूहिक रूप से कार्य करना चाहिए, जिसमें 2036 तक भारत को शीर्ष 10 खेल राष्ट्रों में और स्वतंत्रता के 100 वर्ष पूरे होने तक शीर्ष 5 में स्थान दिलाना शामिल है।”

उन्होंने यह भी बताया कि खेल सामग्री निर्माण के लिए ₹500 करोड़ का प्रावधान किया गया है, जो न केवल घरेलू निर्माण क्षमता को मजबूत करेगा, बल्कि आत्मनिर्भर और वैश्विक रूप से प्रतिस्पर्धी खेल पारिस्थितिकी तंत्र के विकास में भी मदद करेगा।

डॉ. मंडाविया ने खेल के बदलते स्वरूप पर जोर देते हुए कहा:

“आज खेल एक पेशा बन चुका है। इसलिए प्रतिभा की पहचान और पोषण प्रणाली को मजबूत करना आवश्यक है। सरकार को एक कदम आगे रहकर ऐसे अवसर और प्रणाली बनानी होगी, जो युवा प्रतिभाओं को ग्रासरूट स्तर से एलीट स्तर तक विकसित होने का अवसर दें।”

उन्होंने आगे कहा कि खेल अवसंरचना विकास से पूरे देश के एथलीटों को प्रेरणा मिलेगी, भारत के हाई-परफॉर्मेंस स्पोर्ट्स ईकोसिस्टम को मजबूत करने में मदद मिलेगी और राष्ट्र के दीर्घकालिक खेल लक्ष्यों में महत्वपूर्ण योगदान होगा।



राष्ट्रीय खेल महासंघों में अंतरराष्ट्रीय संबंध एवं खेलों में मेक इन इंडिया समितियों के गठन की सलाह

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युवा कार्य एवं खेल मंत्रालय ने सभी मान्यता प्राप्त राष्ट्रीय खेल महासंघों (NSFs) को अपने-अपने संगठनों के अंतर्गत अंतरराष्ट्रीय संबंध समिति तथा खेलों में मेक इन इंडिया समिति के गठन की सलाह दी है।

भारत की खेल क्षेत्र में अंतरराष्ट्रीय सहभागिता को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से गठित अंतरराष्ट्रीय संबंध समिति संबंधित अंतरराष्ट्रीय खेल महासंघों (IFs) एवं महाद्वीपीय महासंघों (CFs) में हो रहे विकासक्रमों की निगरानी करेगी। इसमें प्रतियोगिता नियमों एवं संरचनाओं में बदलाव, शासन व्यवस्था, चुनाव, तथा खिलाड़ी-केंद्रित कार्यक्रमों से जुड़े पहलू शामिल होंगे।

यह समिति द्विपक्षीय एवं बहुपक्षीय समझौता ज्ञापनों (MoUs), संयुक्त प्रशिक्षण शिविरों, विनिमय कार्यक्रमों, ज्ञान-साझाकरण पहलों तथा भारत में अंतरराष्ट्रीय खेल आयोजनों की मेजबानी के अवसरों को शामिल करते हुए एक मध्यम अवधि की अंतरराष्ट्रीय सहयोग योजना भी तैयार करेगी।

समिति यह सुनिश्चित करेगी कि सभी अंतरराष्ट्रीय गतिविधियाँ भारत सरकार की नीतियों, ओलंपिक चार्टर तथा अंतरराष्ट्रीय महासंघों के नियमों के अनुरूप हों, और साथ ही सुशासन, एंटी-डोपिंग अनुपालन एवं खिलाड़ी सुरक्षा के सिद्धांतों का पालन करें।

इसके अतिरिक्त, समिति अन्य राष्ट्रीय महासंघों तथा प्रमुख अंतरराष्ट्रीय खेल अनुसंधान और शैक्षणिक संस्थानों के साथ सहयोग को मजबूत करेगी, ताकि भारतीय खिलाड़ियों को सर्वोत्तम प्रशिक्षण अवसर और खेल विज्ञान से संबंधित सहायता उपलब्ध कराई जा सके।

यह समिति अंतरराष्ट्रीय महासंघों एवं संबंधित संस्थाओं के साथ समन्वय स्थापित कर समय पर बोली प्रक्रियाओं (bidding processes) में भागीदारी सुनिश्चित करेगी तथा भारत में अंतरराष्ट्रीय आयोजनों की मेजबानी से संबंधित सभी प्रस्तावों को अग्रिम रूप से मंत्रालय के साथ साझा करेगी, ताकि आवश्यकतानुसार सूचना, परामर्श अथवा प्रचलित दिशानिर्देशों के तहत पूर्व स्वीकृति प्राप्त की जा सके।

खेलों में मेक इन इंडिया समिति भारतीय निर्माताओं, स्टार्ट-अप्स, अनुसंधान संस्थानों तथा परीक्षण एवं मानकीकरण निकायों के साथ समन्वय स्थापित करेगी, जिससे संबंधित खेलों में उत्पाद विकास, परीक्षण एवं प्रमाणन को बढ़ावा दिया जा सके। इसका उद्देश्य मेक इन इंडिया के अंतर्गत घरेलू खेल निर्माण पारिस्थितिकी तंत्र को प्रोत्साहित करना है।

यह समिति स्वदेशी समाधानों को अपनाने पर समय-समय पर रिपोर्ट भी तैयार करेगी, जिसमें हुई प्रगति, सामने आई चुनौतियाँ तथा महासंघ के विचारार्थ सिफारिशें शामिल होंगी, विशेष रूप से मेक इन इंडिया और आत्मनिर्भर भारत में योगदान के संदर्भ में।

अंतरराष्ट्रीय संबंध समिति के लिए:

इस समिति में महासंघ के वरिष्ठ सदस्य, पूर्व अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी, कोच तथा वैश्विक खेल प्रशासन और कूटनीति में सिद्ध अनुभव रखने वाले विषय विशेषज्ञ शामिल होंगे। समिति की संरचना एवं कार्यक्षेत्र (Terms of Reference) का विवरण इस परामर्श जारी होने के 30 दिनों के भीतर मंत्रालय को सूचित किया जा सकता है।

खेलों में मेक इन इंडिया समिति के लिए:

इस समिति में महासंघ के वरिष्ठ सदस्य, तकनीकी विशेषज्ञ, पूर्व अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी तथा खेल उपकरण, प्रौद्योगिकी, विनिर्माण या मानकों के क्षेत्र में अनुभव रखने वाला कम से कम एक सदस्य शामिल होगा। समिति की संरचना का विवरण इस परामर्श जारी होने के 60 दिनों के भीतर मंत्रालय को सूचित किया जा सकता है।

जशपुर में बनेगा अत्याधुनिक तीरंदाजी अकादमी

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मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की बड़ी सौगात 20.53 करोड़ की मिली स्वीकृति

रायपुर- अत्याधुनिक तीरंदाजी अकादमी का मतलब ऐसी अकादमी से है जहाँ खिलाड़ियों को विश्व स्तरीय प्रशिक्षण, आधुनिक उपकरण और बेहतरीन सुविधाएं (जैसे हॉस्टल, इनडोर/आउटडोर रेंज) मिलती हैं, ताकि वे राष्ट्रीय-अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर अच्छा प्रदर्शन कर सकें। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में खेल सुविधाओं के विस्तार की दिशा में जशपुर जिले को एक और बड़ी सौगात मिली है। जिले के बगीचा विकासखंड के पंडरा पाठ में अत्याधुनिक तीरंदाजी अकादमी (आर्चरी सेंटर) के निर्माण के लिए स्वीकृति मिल गई है।इस महत्वाकांक्षी परियोजना के निर्माण हेतु एनटीपीसी लिमिटेड द्वारा सीएसआर फंड से 20.53 करोड़ रुपए की स्वीकृति प्रदान की गई है।

युवा तीरंदाजों के लिए एक उत्कृष्ट प्रशिक्षण केंद्र बनेगा

नई तीरंदाजी अकादमी बनने से जिले के ग्रामीण और आदिवासी युवाओं को अंतर्राष्ट्रीय स्तर की खेल सुविधाएँ मिलेंगी। यह पहल आने वाले समय में जशपुर को राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय तीरंदाजी प्रतिभाओं का हब बनाने में निर्णायक साबित होगी। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की खेल प्रतिभाओं को निखारने और उन्हें विश्व पटल तक पहुँचाने की प्रतिबद्धता का यह एक और बड़ा उदाहरण है। अकादमी के बनने से जशपुर न केवल खेल के क्षेत्र में एक नई पहचान बनाएगा, बल्कि यह देश के युवा तीरंदाजों के लिए एक उत्कृष्ट प्रशिक्षण केंद्र के रूप में उभरेगा। यह पहल खेलों के विकास और प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर तैयार करने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा हैं। 

वित्तीय सहयोग एनटीपीसी के सामाजिक उत्तरदायित्व विभाग से 

तीरंदाजी अकादमी के निर्माण में एनटीपीसी लिमिटेड अपनी कॉर्पाेरेट सामाजिक उत्तरदायित्व (CSR) योजना के अंतर्गत वित्तीय सहयोग प्रदान करेगा। यहां आउटडोर और वातानुकूलित इनडोर तीरंदाजी रेंज, हाई परफॉर्मेंस ट्रेनिंग सेंटर, छात्रावास जैसे निर्माण कार्य प्रस्तावित हैं।जशपुर के युवाओं में इस घोषणा को लेकर उत्साह का माहौल है और मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय का हृदय से आभार व्यक्त किया है।

डॉ. मनसुख मांडविया ने SAI NCOE सोनीपत का दौरा किया, खिलाड़ियों और कोचों के साथ प्रशिक्षण और इंफ्रास्ट्रक्चर का अवलोकन

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केंद्रीय युवा कार्यक्रम एवं खेल तथा श्रम एवं रोजगार मंत्री, डॉ. मनसुख मांडविया ने आज स्पोर्ट्स ऑथॉरिटी ऑफ इंडिया (SAI) नेशनल सेंटर ऑफ एक्सीलेंस (NCOE), सोनीपत का दौरा किया, जहाँ उन्होंने चल रहे प्रशिक्षण, इंफ्रास्ट्रक्चर का अवलोकन किया और कोचों, खिलाड़ियों एवं सहायक स्टाफ के साथ बातचीत की।

दोपहर में सेंटर पहुँचने पर, डॉ. मांडविया का स्वागत SAI के वरिष्ठ अधिकारियों ने किया और सोनीपत कैंपस की गतिविधियों, उपलब्धियों और आगामी परियोजनाओं का संक्षिप्त अवलोकन प्रस्तुत किया।

मंत्री ने दौरा आर्चरी सेंटर ऑफ एक्सीलेंस से शुरू किया, जहाँ उन्होंने कोचों और खिलाड़ियों के साथ बातचीत की। उन्होंने उनकी समर्पित मेहनत की सराहना की और खेल प्रतिभा के विकास के लिए वैज्ञानिक प्रशिक्षण विधियों को बढ़ावा देने में सरकार की प्रतिबद्धता पर जोर दिया।

डॉ. मांडविया ने ‘एक पेड़ माँ के नाम’ पहल के तहत वृक्षारोपण गतिविधि में भी भाग लिया।

इसके बाद मंत्री ने आर्चरी रेंज, कबड्डी कोर्ट, मेडिकल सेंटर, कुश्ती हॉल, स्पोर्ट्स साइंस डिपार्टमेंट और स्ट्रेंथ & कंडीशनिंग हॉल का निरीक्षण किया। उन्होंने उपलब्ध प्रशिक्षण और खेल विज्ञान सुविधाओं की सराहना की और नियमित स्वास्थ्य व प्रदर्शन आकलन के महत्व पर जोर दिया।

डॉ. मांडविया ने मल्टी-पर्पज हॉल (MPH), आगामी हाई-परफॉर्मेंस सेंटर (HPC) और इंडोर कबड्डी हॉल का भी निरीक्षण किया और भारत के खिलाड़ियों को विश्वस्तरीय सुविधाएं प्रदान करने के लिए की जा रही महत्वपूर्ण अवसंरचनात्मक प्रगति पर ध्यान दिया।

दौरे का समापन कोचों और स्टाफ के साथ बातचीत के साथ हुआ, जहाँ मंत्री ने भारत के खेल पारिस्थितिकी तंत्र में उनके योगदान की सराहना की और 2047 तक विकसित भारत के विजन को साकार करने के लिए मजबूत खेल संस्कृति बनाने में सरकार की दृष्टि को दोहराया।


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