Media24Media.com: आईआईएम समन्वय फोरम बैठक में ‘विकसित भारत @ 2047’ पर मंथन, संस्थागत सहयोग और नवाचार पर जोर

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आईआईएम समन्वय फोरम बैठक में ‘विकसित भारत @ 2047’ पर मंथन, संस्थागत सहयोग और नवाचार पर जोर

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केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान, जो आईआईएम समन्वय फोरम के अध्यक्ष भी हैं, ने आज भारतीय प्रबंधन संस्थानों (IIMs) के समन्वय फोरम की बैठक की अध्यक्षता की। यह बैठक उच्च शिक्षा विभाग, शिक्षा मंत्रालय (MoE) द्वारा भारतीय प्रबंधन संस्थान अहमदाबाद के सहयोग से आईआईएम अहमदाबाद परिसर में आयोजित की गई।

इस बैठक में आईआईएम के बोर्ड ऑफ गवर्नर्स के अध्यक्ष, विभिन्न आईआईएम के निदेशक तथा उच्च शिक्षा विभाग और गुजरात एवं उत्तर प्रदेश राज्य सरकारों के वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए। बैठक का उद्देश्य आईआईएम के बीच सहयोग को मजबूत करना और साझा हितों से जुड़े मुद्दों पर चर्चा करना था।

मंत्री प्रधान ने कहा कि बैठक में “विकसित भारत @ 2047” के निर्माण में आईआईएम की भूमिका पर विस्तार से चर्चा की गई, जिसमें छात्र कल्याण, संस्थागत समन्वय, शैक्षणिक उत्कृष्टता, नवाचार और वैश्विक प्रतिस्पर्धा पर विशेष जोर दिया गया। उन्होंने कहा कि भारत के आईआईएम राष्ट्र निर्माण और आर्थिक परिवर्तन के मजबूत आधार बन चुके हैं और नेतृत्व एवं प्रबंधन शिक्षा में वैश्विक मानक स्थापित कर रहे हैं।

उन्होंने आगे कहा कि नवाचार पारिस्थितिकी तंत्र को मजबूत कर, वैश्विक चुनौतियों के अनुसार ढलकर और मूल्य-आधारित शिक्षा को बढ़ावा देकर आईआईएम राष्ट्रीय संपत्ति के रूप में विकसित हो सकते हैं और भारत को विकसित राष्ट्र बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण योगदान दे सकते हैं।

उच्च शिक्षा विभाग के सचिव विनीत जोशी ने आईआईएम समन्वय फोरम की भूमिका को संस्थानों के बीच सहयोग और समन्वय को मजबूत करने में महत्वपूर्ण बताया।

बैठक में जिन प्रमुख विषयों पर चर्चा हुई उनमें “विकसित भारत” लक्ष्यों में आईआईएम का योगदान, भविष्य की आवश्यकताओं के अनुसार यूजी प्रवेश परीक्षाओं का समन्वय, एमबीए प्रवेश के लिए एसओपी और छात्रों के इंटर-आईआईएम माइग्रेशन एवं फीस रिफंड नीति, युवा फैकल्टी को एक्सपोजर देने के लिए सेकंडमेंट नीति, तथा फैकल्टी और नॉन-फैकल्टी के लिए आरक्षण रोस्टर लागू करना शामिल था।

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