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केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी ने संभाला शिक्षा मंत्रालय का कार्यभार, योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की

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केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी ने आज आधिकारिक रूप से शिक्षा मंत्रालय का कार्यभार संभाला। उन्होंने कर्तव्य भवन में पदभार ग्रहण किया। जोशी के पास शिक्षा मंत्रालय के साथ-साथ उपभोक्ता मामले, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण मंत्रालय तथा नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय का भी प्रभार है।

कार्यभार संभालने के बाद जोशी ने मंत्रालय की एक समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की। बैठक में उन्होंने विभिन्न सरकारी योजनाओं तथा मंत्रालय की अन्य प्रमुख पहलों के क्रियान्वयन की समीक्षा की। इस बैठक में केंद्रीय शिक्षा राज्य मंत्री जयंत चौधरी भी उपस्थित रहे।

बैठक में उच्च शिक्षा विभाग के सचिव डॉ. विनीत जोशी, स्कूल शिक्षा एवं साक्षरता विभाग के सचिव टी. के. अनिल कुमार, तथा शिक्षा मंत्रालय के अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद थे।



केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने नीट-यूजी पुनर्परीक्षा 2026 की तैयारियों की समीक्षा की

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केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने आज 21 जून 2026 को आयोजित होने वाली नीट-यूजी पुनर्परीक्षा की तैयारियों का आकलन करने के लिए एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की। बैठक में शिक्षा मंत्रालय, राज्य सरकारों, राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी (NTA) तथा उच्च शिक्षण संस्थानों के वरिष्ठ अधिकारियों और पदाधिकारियों ने भाग लिया।

बैठक में स्कूल शिक्षा एवं साक्षरता विभाग के सचिव संजय कुमार, उच्च शिक्षा विभाग के सचिव विनीत जोशी तथा एनटीए के महानिदेशक अभिषेक सिंह भी उपस्थित रहे।

बैठक को संबोधित करते हुए शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने परीक्षा प्रक्रिया में ईमानदारी, पारदर्शिता और दक्षता के उच्चतम मानकों को बनाए रखने के महत्व पर जोर दिया। उन्होंने सभी संबंधित अधिकारियों को सतर्क रहने और पूर्ण तैयारी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि पुनर्परीक्षा के निष्पक्ष और सुचारु आयोजन के लिए सभी आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जानी चाहिए।

मंत्री ने बताया कि शिक्षा मंत्रालय द्वारा नामित अधिकारी सभी राज्यों में जाकर पुनर्परीक्षा से संबंधित गतिविधियों का समन्वय करेंगे और एनटीए महानिदेशक की अध्यक्षता वाले कमांड सेंटर को रिपोर्ट देंगे। उन्होंने राज्य सरकारों के नामित नोडल अधिकारियों को निर्देश दिया कि विद्यार्थियों को तनावमुक्त वातावरण में परीक्षा देने के लिए सभी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं।

स्कूल शिक्षा एवं साक्षरता विभाग के सचिव संजय कुमार ने कहा कि छात्रों को परीक्षा में सहज महसूस कराने के लिए परीक्षा शुरू होने से पहले बैठने की व्यवस्था, पेयजल सहित सभी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जानी चाहिए। उन्होंने राज्यों के नोडल अधिकारियों से इस संबंध में पर्याप्त कदम उठाने का आग्रह किया।

उच्च शिक्षा विभाग के सचिव विनीत जोशी ने कहा कि पुनर्परीक्षा तक का समय अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने सक्रिय समन्वय, समय पर निर्देशों के प्रसार तथा निर्धारित प्रोटोकॉल के कड़ाई से पालन की आवश्यकता पर बल दिया।

एनटीए के महानिदेशक अभिषेक सिंह ने बताया कि एनटीए जिला स्तर की समन्वय समितियों, राज्य पुलिस विभागों और खुफिया एजेंसियों सहित सभी संबंधित पक्षों के साथ मिलकर कार्य कर रहा है, ताकि पुनर्परीक्षा का आयोजन सुचारु रूप से किया जा सके।

बैठक में परीक्षा तैयारियों, समन्वय तंत्र, सुरक्षा प्रोटोकॉल, लॉजिस्टिक व्यवस्थाओं, शिकायत निवारण प्रणाली तथा परीक्षा दिशानिर्देशों के अनुपालन पर विस्तृत चर्चा की गई। राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों को सभी हितधारकों के साथ घनिष्ठ समन्वय बनाए रखने की सलाह दी गई, ताकि पुनर्परीक्षा का संचालन पारदर्शी, सुचारु और निर्बाध रूप से सुनिश्चित किया जा सके।

हाइब्रिड मोड में आयोजित इस बैठक में कुल 222 प्रतिभागियों ने भाग लिया। इनमें विभिन्न राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों के वरिष्ठ अधिकारी, केंद्रीय वित्तपोषित संस्थानों के नोडल अधिकारी, विश्वविद्यालयों के कुलपति तथा देशभर के उच्च शिक्षण संस्थानों के निदेशक शामिल थे। सभी प्रतिभागियों ने परीक्षा के सुचारु संचालन और अभ्यर्थियों को परेशानी-मुक्त अनुभव उपलब्ध कराने के लिए पूर्ण सहयोग और आवश्यक कदम उठाने का आश्वासन दिया।

आईआईएम समन्वय फोरम बैठक में ‘विकसित भारत @ 2047’ पर मंथन, संस्थागत सहयोग और नवाचार पर जोर

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केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान, जो आईआईएम समन्वय फोरम के अध्यक्ष भी हैं, ने आज भारतीय प्रबंधन संस्थानों (IIMs) के समन्वय फोरम की बैठक की अध्यक्षता की। यह बैठक उच्च शिक्षा विभाग, शिक्षा मंत्रालय (MoE) द्वारा भारतीय प्रबंधन संस्थान अहमदाबाद के सहयोग से आईआईएम अहमदाबाद परिसर में आयोजित की गई।

इस बैठक में आईआईएम के बोर्ड ऑफ गवर्नर्स के अध्यक्ष, विभिन्न आईआईएम के निदेशक तथा उच्च शिक्षा विभाग और गुजरात एवं उत्तर प्रदेश राज्य सरकारों के वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए। बैठक का उद्देश्य आईआईएम के बीच सहयोग को मजबूत करना और साझा हितों से जुड़े मुद्दों पर चर्चा करना था।

मंत्री प्रधान ने कहा कि बैठक में “विकसित भारत @ 2047” के निर्माण में आईआईएम की भूमिका पर विस्तार से चर्चा की गई, जिसमें छात्र कल्याण, संस्थागत समन्वय, शैक्षणिक उत्कृष्टता, नवाचार और वैश्विक प्रतिस्पर्धा पर विशेष जोर दिया गया। उन्होंने कहा कि भारत के आईआईएम राष्ट्र निर्माण और आर्थिक परिवर्तन के मजबूत आधार बन चुके हैं और नेतृत्व एवं प्रबंधन शिक्षा में वैश्विक मानक स्थापित कर रहे हैं।

उन्होंने आगे कहा कि नवाचार पारिस्थितिकी तंत्र को मजबूत कर, वैश्विक चुनौतियों के अनुसार ढलकर और मूल्य-आधारित शिक्षा को बढ़ावा देकर आईआईएम राष्ट्रीय संपत्ति के रूप में विकसित हो सकते हैं और भारत को विकसित राष्ट्र बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण योगदान दे सकते हैं।

उच्च शिक्षा विभाग के सचिव विनीत जोशी ने आईआईएम समन्वय फोरम की भूमिका को संस्थानों के बीच सहयोग और समन्वय को मजबूत करने में महत्वपूर्ण बताया।

बैठक में जिन प्रमुख विषयों पर चर्चा हुई उनमें “विकसित भारत” लक्ष्यों में आईआईएम का योगदान, भविष्य की आवश्यकताओं के अनुसार यूजी प्रवेश परीक्षाओं का समन्वय, एमबीए प्रवेश के लिए एसओपी और छात्रों के इंटर-आईआईएम माइग्रेशन एवं फीस रिफंड नीति, युवा फैकल्टी को एक्सपोजर देने के लिए सेकंडमेंट नीति, तथा फैकल्टी और नॉन-फैकल्टी के लिए आरक्षण रोस्टर लागू करना शामिल था।

शिक्षा मंत्रालय ने भारत AI इम्पैक्ट समिट 2026 में शिक्षा में AI पर विशेष सत्र का आयोजन किया

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नई दिल्ली के भारत मंडपम में आयोजित India AI Impact Summit 2026 के तहत शिक्षा मंत्रालय ने “Ministry of Education – Pushing the Frontier of AI in India” विषय पर विशेष सत्र का आयोजन किया। इस सत्र में केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान और शिक्षा एवं कौशल विकास राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) जयंत चौधरी शामिल हुए।

कार्यक्रम में स्कूल शिक्षा एवं साक्षरता सचिव संजय कुमार, उच्च शिक्षा सचिव डॉ. विनीट जोशी, IIT मद्रास के निदेशक प्रो. वी कामकोटी, शिक्षाविद, शोधकर्ता और AI आधारित शिक्षा स्टार्टअप के प्रतिनिधि मौजूद रहे।

अपने संबोधन में धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि यह समिट प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की दूरदर्शी पहल है, जो भारत में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के विकास को गति देगा। उन्होंने विश्वास जताया कि AI भारत को वैश्विक ज्ञान महाशक्ति बनाने में अहम भूमिका निभाएगा और विकसित भारत 2047 के लक्ष्य में योगदान देगा।

उन्होंने युवाओं की भूमिका पर जोर देते हुए कहा कि “शिक्षा में AI और AI में शिक्षा” दोनों एक-दूसरे से जुड़े हैं और युवाओं को नवाचार के लिए AI का उपयोग करना चाहिए।

राज्य मंत्री जयंत चौधरी ने कहा कि समिट में शिक्षा, कौशल, शोध और वैश्विक नेतृत्व के लिए AI के संरचित एकीकरण पर सार्थक चर्चा हुई। उन्होंने मंत्रालय और स्किल इंडिया पवेलियन में प्रदर्शित भारत-केंद्रित AI समाधानों की भी सराहना की।

सत्र में Zoho के संस्थापक डॉ. श्रीधर वेम्बू, Peak XV Partners के राजन आनंदन, IIT कानपुर के प्रो. मनींद्र अग्रवाल, IIT बॉम्बे की प्रो. सुनीता सरावगी सहित कई प्रमुख विशेषज्ञों ने भाग लिया। चर्चा का केंद्र शिक्षा में AI के जिम्मेदार उपयोग, नीति ढांचे, राष्ट्रीय डिजिटल प्लेटफॉर्म और उद्योग-अकादमिक सहयोग रहा।

यह सत्र भारत में शिक्षा के क्षेत्र में AI के राष्ट्रीय रोडमैप और उद्योग–अकादमिक–सरकार सहयोग को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।


राष्ट्रीय विद्यालय बैंड प्रतियोगिता 2026: जोनल स्तर का समापन, ग्रैंड फिनाले के लिए 16 टीमें चयनित

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गणतंत्र दिवस समारोह 2026 के अंतर्गत आयोजित राष्ट्रीय विद्यालय बैंड प्रतियोगिता का जोनल स्तर सफलतापूर्वक संपन्न हो गया है। इसके अंतर्गत देश भर से 16 टीमों का चयन किया गया है, जो 24 जनवरी 2026 को नेशनल बाल भवन, नई दिल्ली में आयोजित होने वाले भव्य फाइनल में अपनी प्रस्तुति देंगी।

इन 16 टीमों का चयन पूर्व, पश्चिम, उत्तर और दक्षिण—चारों जोनों से किया गया है। प्रत्येक जोन से ब्रास बैंड बॉयज़, ब्रास बैंड गर्ल्स, पाइप बैंड बॉयज़ और पाइप बैंड गर्ल्स—चार श्रेणियों में एक-एक टीम को फाइनल के लिए चुना गया है। इस प्रतियोगिता का उद्देश्य देशभर के स्कूली बच्चों में देशभक्ति, एकता और अनुशासन की भावना को प्रोत्साहित करना है।

ग्रैंड फिनाले के लिए चयनित 16 टीमें

ब्रास बैंड (लड़के)

  1. सेंट जेवियर्स हाई स्कूल, लुपुंगुटु, चाईबासा, पश्चिमी सिंहभूम – झारखंड (पूर्व)

  2. संजीवनी सैनिक स्कूल एवं जूनियर कॉलेज, कोपरगांव – महाराष्ट्र (पश्चिम)

  3. सिटी मॉन्टेसरी स्कूल, कानपुर रोड, लखनऊ – उत्तर प्रदेश (उत्तर)

  4. पीएम श्री जवाहर नवोदय विद्यालय, पेरिये, कासरगोड – केरल (दक्षिण)

ब्रास बैंड (लड़कियां)

  1. होली क्रॉस हाई स्कूल, कारबुक, गोमती – त्रिपुरा (पूर्व)

  2. डॉन बॉस्को हाई स्कूल एवं जूनियर कॉलेज, मुंबई – महाराष्ट्र (पश्चिम)

  3. सेंट जोसेफ कॉलेज, आशियाना, लखनऊ – उत्तर प्रदेश (उत्तर)

  4. प्रोविडेंस गर्ल्स हायर सेकेंडरी स्कूल, कोझिकोड – केरल (दक्षिण)

पाइप बैंड (लड़के)

  1. कैराली स्कूल, एचईसी टाउनशिप, रांची – झारखंड (पूर्व)

  2. श्री स्वामीनारायण गुरुकुल कुमार विद्यालय, गिर सोमनाथ – गुजरात (पश्चिम)

  3. गवर्नमेंट बॉयज़ सीनियर सेकेंडरी स्कूल, बदली – दिल्ली (उत्तर)

  4. द ग्रेट इंडिया सैनिक स्कूल, रायपुर – छत्तीसगढ़ (दक्षिण)

पाइप बैंड (लड़कियां)

  1. कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय, कांके, रांची – झारखंड (पूर्व)

  2. पीएम श्री जवाहर नवोदय विद्यालय, सूरतगढ़ – राजस्थान (पश्चिम)

  3. गवर्नमेंट सर्वोदय कन्या विद्यालय, पालम कॉलोनी – दिल्ली (उत्तर)

  4. पीएम श्री केंद्रीय विद्यालय, एएससी सेंटर, बेंगलुरु – कर्नाटक (दक्षिण)

पुरस्कार एवं मूल्यांकन

प्रत्येक श्रेणी में शीर्ष तीन टीमों को नकद पुरस्कार, ट्रॉफी और प्रमाण पत्र प्रदान किए जाएंगे—

  • प्रथम पुरस्कार: ₹51,000

  • द्वितीय पुरस्कार: ₹31,000

  • तृतीय पुरस्कार: ₹21,000

शेष टीम को ₹11,000 का सांत्वना पुरस्कार दिया जाएगा। प्रस्तुतियों का मूल्यांकन रक्षा मंत्रालय द्वारा नियुक्त जूरी करेगी, जिसमें थल सेना, नौसेना और वायु सेना के सदस्य शामिल होंगे।

आयोजन एवं भागीदारी

यह प्रतियोगिता रक्षा मंत्रालय और शिक्षा मंत्रालय द्वारा संयुक्त रूप से आयोजित की जा रही है। इसके प्रथम चरण में सीबीएसई, आईसीएसई, केवीएस, एनवीएस, कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय, नेताजी सुभाष चंद्र बोस आवासीय विद्यालय, पीएम-श्री और सैनिक स्कूलों सहित सभी राज्यों/केंद्रशासित प्रदेशों के विद्यालयों ने भाग लिया।

इस वर्ष प्रतियोगिता में उत्साह और भागीदारी में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है।

  • 763 स्कूल बैंड टीमों ने राज्य स्तर पर भाग लिया

  • इनमें से 94 टीमें जोनल स्तर के लिए चयनित हुईं

  • जोनल स्तर पर 30 राज्यों/केंद्रशासित प्रदेशों की 80 टीमों के 2,217 बच्चों ने हिस्सा लिया

यह प्रतियोगिता देशभर के विद्यार्थियों में अनुशासन, सांस्कृतिक एकता और राष्ट्रीय गौरव की भावना को और सशक्त बनाने का एक प्रभावशाली मंच बन रही है।

शिक्षा मंत्रालय और अटल इनोवेशन मिशन ने लॉन्च किया विकसित भारत बिल्डथॉन 2025

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नई दिल्ली-शिक्षा मंत्रालय, अटल इनोवेशन मिशन और नीति आयोग के सहयोग से विकसित भारत बिल्डथॉन 2025 की शुरुआत की गई। यह भारत का अब तक का सबसे बड़ा छात्र नवाचार अभियान है, जिसका उद्देश्य कक्षा 6 से 12 तक के छात्रों को जोड़ना और उन्हें Viksit Bharat @2047 के विज़न की दिशा में प्रेरित करना है।

इस बिल्डथॉन में छात्रों को टीम बनाकर रचनात्मक सोच विकसित करने और वास्तविक जीवन की समस्याओं के समाधान के लिए आइडिया और प्रोटोटाइप बनाने का अवसर मिलेगा। कार्यक्रम के चार प्रमुख राष्ट्रीय महत्व वाले विषय हैं:

  • आत्मनिर्भर भारत – स्वावलंबी प्रणाली और समाधान तैयार करना

  • स्वदेशी – देशी विचार और नवाचार को बढ़ावा देना

  • वोकल फॉर लोकल – स्थानीय उत्पादों, शिल्प और संसाधनों को बढ़ावा देना

  • समृद्धि – स्थायी विकास और समृद्धि के मार्ग बनाना

इसमें पूरे देश के छात्र, शिक्षक और स्कूल भाग लेने के लिए आमंत्रित हैं। यह सिर्फ प्रतियोगिता नहीं, बल्कि राष्ट्रीय और वैश्विक स्तर पर रचनात्मकता, नवाचार और समस्या समाधान कौशल दिखाने का प्लेटफॉर्म है।

बिल्डथॉन की विशेषताएँ:

  • दुनिया की सबसे बड़ी लाइव नवाचार गतिविधि में छात्रों का सहयोग

  • हैंड्स-ऑन और अनुभव आधारित सीखना, जो NEP 2020 के अनुरूप है

  • समावेशी भागीदारी, विशेष रूप से अभिलाषी जिलों, आदिवासी और दूरदराज क्षेत्रों पर ध्यान

स्कूल अपने छात्रों के नवाचार के फोटो और वीडियो सबमिट करेंगे। एक राष्ट्रीय विशेषज्ञ पैनल इन एंट्रीज़ का मूल्यांकन करेगा और शीर्ष छात्र टीमों को पुरस्कार और दीर्घकालिक समर्थन प्रदान किया जाएगा। इसमें कॉर्पोरेट मेंटरशिप और संसाधन भी शामिल हैं।

कार्यक्रम का समय सारणी:

  • 23 सितंबर 2025: लॉन्च

  • 23 सितंबर – 6 अक्टूबर 2025: रजिस्ट्रेशन

  • 6 अक्टूबर – 12 अक्टूबर 2025: तैयारी गतिविधियाँ

  • 13 अक्टूबर 2025: पूरे देश में लाइव बिल्डथॉन

  • 14 – 31 अक्टूबर 2025: स्कूलों द्वारा एंट्री सबमिशन

  • नवंबर 2025: एंट्री का मूल्यांकन

  • दिसंबर 2025: विजेताओं की घोषणा

विकसित भारत बिल्डथॉन 2025 केवल एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि एक आंदोलन है जो युवा मनों में नवाचार की ज्वाला प्रज्वलित करता है, आत्मनिर्भर भारत की भावना को मजबूत करता है और छात्रों को देश की विकसित राष्ट्र बनने की यात्रा में योगदान देने का अवसर देता है।

हर छात्र को इस आंदोलन में भाग लेने और भविष्य के नवप्रवर्तक बनने के लिए प्रोत्साहित किया गया है।


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