Media24Media.com: #DharmendraPradhan

Responsive Ad Slot


 

Showing posts with label #DharmendraPradhan. Show all posts
Showing posts with label #DharmendraPradhan. Show all posts

शिक्षा मंत्रालय ने भारत AI इम्पैक्ट समिट 2026 में शिक्षा में AI पर विशेष सत्र का आयोजन किया

No comments Document Thumbnail

नई दिल्ली के भारत मंडपम में आयोजित India AI Impact Summit 2026 के तहत शिक्षा मंत्रालय ने “Ministry of Education – Pushing the Frontier of AI in India” विषय पर विशेष सत्र का आयोजन किया। इस सत्र में केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान और शिक्षा एवं कौशल विकास राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) जयंत चौधरी शामिल हुए।

कार्यक्रम में स्कूल शिक्षा एवं साक्षरता सचिव संजय कुमार, उच्च शिक्षा सचिव डॉ. विनीट जोशी, IIT मद्रास के निदेशक प्रो. वी कामकोटी, शिक्षाविद, शोधकर्ता और AI आधारित शिक्षा स्टार्टअप के प्रतिनिधि मौजूद रहे।

अपने संबोधन में धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि यह समिट प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की दूरदर्शी पहल है, जो भारत में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के विकास को गति देगा। उन्होंने विश्वास जताया कि AI भारत को वैश्विक ज्ञान महाशक्ति बनाने में अहम भूमिका निभाएगा और विकसित भारत 2047 के लक्ष्य में योगदान देगा।

उन्होंने युवाओं की भूमिका पर जोर देते हुए कहा कि “शिक्षा में AI और AI में शिक्षा” दोनों एक-दूसरे से जुड़े हैं और युवाओं को नवाचार के लिए AI का उपयोग करना चाहिए।

राज्य मंत्री जयंत चौधरी ने कहा कि समिट में शिक्षा, कौशल, शोध और वैश्विक नेतृत्व के लिए AI के संरचित एकीकरण पर सार्थक चर्चा हुई। उन्होंने मंत्रालय और स्किल इंडिया पवेलियन में प्रदर्शित भारत-केंद्रित AI समाधानों की भी सराहना की।

सत्र में Zoho के संस्थापक डॉ. श्रीधर वेम्बू, Peak XV Partners के राजन आनंदन, IIT कानपुर के प्रो. मनींद्र अग्रवाल, IIT बॉम्बे की प्रो. सुनीता सरावगी सहित कई प्रमुख विशेषज्ञों ने भाग लिया। चर्चा का केंद्र शिक्षा में AI के जिम्मेदार उपयोग, नीति ढांचे, राष्ट्रीय डिजिटल प्लेटफॉर्म और उद्योग-अकादमिक सहयोग रहा।

यह सत्र भारत में शिक्षा के क्षेत्र में AI के राष्ट्रीय रोडमैप और उद्योग–अकादमिक–सरकार सहयोग को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।


केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने आईआईटी मद्रास में पोंगल पर्व मनाया

No comments Document Thumbnail

केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने आज चेन्नई स्थित भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) मद्रास में पोंगल पर्व के उत्सव में भाग लिया। इस अवसर पर आईआईटी मद्रास द्वारा मंत्री का गर्मजोशी से स्वागत किया गया और परिसर में पारंपरिक ढंग से पोंगल समारोह का आयोजन किया गया।

धर्मेंद्र प्रधान ने कैंपस कम्युनिटी हॉल में आईआईटी मद्रास परिवार के साथ इस फसल पर्व को मनाया, जो कृतज्ञता, समृद्धि और सांस्कृतिक विरासत का प्रतीक है।

मंत्री ने इस अवसर पर तमिलनाडु के लोगों तथा देशभर में पोंगल मनाने वाले सभी नागरिकों को हार्दिक शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि तमिलनाडु की जीवंत संस्कृति से जुड़ा पोंगल पर्व समृद्धि, सौहार्द और एकता की भावना को दर्शाता है।

आईआईटी मद्रास परिवार के साथ पोंगल मनाने पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि यह पर्व प्रचुरता, आत्मीयता और आपसी मेल-जोल की भावना को प्रतिबिंबित करता है। उन्होंने कामना की कि यह अवसर सभी के जीवन में स्वास्थ्य, सुख, शांति, समृद्धि और सद्भाव लेकर आए।

इस कार्यक्रम में उच्च शिक्षा सचिव विनीत जोशी, आईआईटी मद्रास के निदेशक प्रो. वी. कामकोटि, संकाय सदस्य, विद्यार्थी, कर्मचारी तथा परिसर समुदाय के अन्य सदस्य उपस्थित रहे और उत्सव में उत्साहपूर्वक भाग लिया।

केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने ‘समग्र शिक्षा 3.0’ पर हितधारकों के साथ परामर्श बैठक की अध्यक्षता की

No comments Document Thumbnail

केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने आज नई दिल्ली के सुषमा स्वराज भवन, प्रवासी भारतीय केंद्र में ‘रीइमैजिनिंग समग्र शिक्षा’ शीर्षक से आयोजित एक दिवसीय परामर्श बैठक की अध्यक्षता की। यह बैठक समग्र शिक्षा 3.0 के लिए एक रणनीतिक, परामर्शात्मक और क्रियान्वयन योग्य रोडमैप तैयार करने के उद्देश्य से आयोजित की गई, जिसमें राज्यों, केंद्र शासित प्रदेशों और शिक्षा क्षेत्र के विभिन्न हितधारकों ने भाग लिया।


बैठक में उभरती चुनौतियों, सर्वोत्तम प्रथाओं और अगले चरण में शासन, अवसंरचना, शिक्षक प्रशिक्षण तथा छात्र हितलाभों को सुदृढ़ करने हेतु आवश्यक प्राथमिक हस्तक्षेपों पर विचार-विमर्श किया गया।

इस अवसर पर जयंत चौधरी, कौशल विकास एवं उद्यमिता तथा शिक्षा राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार); संजय कुमार, सचिव (स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता); डॉ. विनीत जोशी, सचिव (उच्च शिक्षा); मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी; 11 राज्यों एवं केंद्र शासित प्रदेशों के शिक्षा सचिव एवं समग्र शिक्षा के राज्य परियोजना निदेशक; विभिन्न मंत्रालयों के प्रतिनिधि तथा शिक्षा क्षेत्र के प्रतिष्ठित विशेषज्ञ उपस्थित थे।

अपने संबोधन में धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा परिकल्पित ‘विकसित भारत 2047’ का लक्ष्य तभी साकार हो सकता है जब देश के प्रत्येक बच्चे को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिले और कक्षा 12 तक शत-प्रतिशत नामांकन सुनिश्चित हो। उन्होंने सीखने की खाइयों को पाटने, ड्रॉपआउट दर कम करने, अधिगम एवं पोषण परिणामों में सुधार, शिक्षक क्षमता निर्माण, महत्वपूर्ण कौशलों के विकास तथा ‘अमृत पीढ़ी’ को मैकाले मानसिकता से आगे ले जाने की आवश्यकता पर बल दिया।

उन्होंने कहा कि इस मंच पर साझा किए गए विचार और सुझाव स्कूली शिक्षा तंत्र को सुदृढ़ करने तथा समग्र शिक्षा को परिणामोन्मुख, वैश्विक प्रतिस्पर्धी, भारतीय मूल्यों से जुड़ा और छात्रों की विविध आवश्यकताओं के प्रति संवेदनशील बनाने में सहायक होंगे। उन्होंने प्रौद्योगिकी के सार्थक एकीकरण के माध्यम से छात्रों के समग्र विकास और ज्ञान तक व्यापक पहुंच सुनिश्चित करने के लिए विद्यालयों को पुनः समाज के साथ जोड़ने की आवश्यकता पर जोर दिया।

समग्र शिक्षा के अगले चरण का उल्लेख करते हुए प्रधान ने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के क्रियान्वयन के पांच वर्ष बाद देश शैक्षिक सुधार के एक नए चरण में प्रवेश कर रहा है। उन्होंने सभी हितधारकों से शैक्षणिक वर्ष 2026–27 के लिए एक मजबूत और समग्र वार्षिक योजना तैयार कर इसे एक राष्ट्रीय आंदोलन के रूप में आगे बढ़ाने का आह्वान किया।

राज्य मंत्री जयंत चौधरी ने कहा कि योजनाएं तभी सफल होती हैं जब वे विद्यालयों और राज्यों की जमीनी वास्तविकताओं पर आधारित ‘बॉटम-अप’ दृष्टिकोण से तैयार की जाती हैं। उन्होंने कहा कि समग्र शिक्षा 3.0, राष्ट्रीय शिक्षा नीति की भावना का व्यावहारिक रूप है, जहां विद्यालय परिवर्तन के केंद्र बनते हैं और बहुविषयक शिक्षा के माध्यम से छात्रों को कार्य, जीवन और तेजी से बदलती अर्थव्यवस्था के लिए तैयार किया जाता है।

इस अवसर पर स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता मंत्रालय के अपर सचिव धीरज साहू ने एक विस्तृत प्रस्तुति दी, जिसमें समग्र शिक्षा और एनईपी 2020 के अंतर्गत हुई प्रगति तथा आगामी वर्षों के लिए रूपरेखा और प्रमुख उपलब्धि लक्ष्यों को रेखांकित किया गया।

समग्र शिक्षा एक एकीकृत, केंद्रीय प्रायोजित योजना है, जो पूर्व-प्राथमिक से लेकर वरिष्ठ माध्यमिक स्तर तक संपूर्ण स्कूली शिक्षा को समग्र दृष्टिकोण से कवर करती है।


Don't Miss
© Media24Media | All Rights Reserved | Infowt Information Web Technologies.