Media24Media.com: विलुप्त होती 'चंदैनी' विधा को सहेजने की पहल, संस्कृति मंत्री ने सरपंच को लगाया गले

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विलुप्त होती 'चंदैनी' विधा को सहेजने की पहल, संस्कृति मंत्री ने सरपंच को लगाया गले

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आरंग/नवा रायपुर- छत्तीसगढ़ की गौरवशाली सांस्कृतिक परंपरा 'लोरिक चंदा' (चंदैनी लोकनाट्य) को पुनर्जीवित करने के लिए एक महत्वपूर्ण पहल की गई है। ऐतिहासिक ग्राम गढ़ रीवा के 73 वर्षीय सरपंच घसियाराम साहू और पीपला वेलफेयर फाउंडेशन के प्रतिनिधि महेन्द्र कुमार पटेल ने नवा रायपुर में संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल से सौजन्य भेंट की।

आयोजन का प्रस्ताव सरपंच और फाउंडेशन के सदस्यों ने ग्राम रीवा में 'चंदैनी लोकनाट्य महोत्सव' आयोजित करने का प्रस्ताव मंत्री के समक्ष रखा।

संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल इस पहल से इतने प्रभावित हुए कि उन्होंने 73 वर्षीय सरपंच घसियाराम साहू को गले लगा लिया। उन्होंने ग्रामीण और सामाजिक संस्थाओं द्वारा लोक कला को बचाने के इस जज्बे की मुक्त कंठ से सराहना की।

​कला का संरक्षण जरूरी: चर्चा के दौरान महेंद्र कुमार पटेल ने मंत्री जी को अवगत कराया कि 'लोरिक चंदा' विधा अब विलुप्त होने की कगार पर है और प्रदेश में केवल गिनी-चुनी टोलियां ही इस परंपरा को जीवित रखे हुए हैं।

​संस्कृति मंत्री ने महोत्सव में शामिल होने का आश्वासन देते हुए कहा कि लोक कलाओं को सहेजने वाली ऐसी पहल सराहनीय है और सरकार इसमें पूरा सहयोग करेगी।

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