Media24Media.com: भारत–जर्मनी रक्षा सहयोग को नई गति, राजनाथ सिंह ने दिया बड़ा प्रस्ताव

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भारत–जर्मनी रक्षा सहयोग को नई गति, राजनाथ सिंह ने दिया बड़ा प्रस्ताव

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म्यूनिख/बर्लिन- भारत के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने जर्मन रक्षा उद्योग को भारत के साथ सह-विकास और सह-उत्पादन के लिए आमंत्रित करते हुए कहा कि बदलते वैश्विक परिदृश्य में विश्वसनीय साझेदारियां अनिवार्य हो गई हैं। वे जर्मनी के म्यूनिख में आयोजित रक्षा निवेशक सम्मेलन में उद्योग जगत को संबोधित कर रहे थे।

वैश्विक हालात में भारत की अहम भूमिका

रक्षा मंत्री ने कहा कि दुनिया इस समय भूराजनैतिक बदलाव, सप्लाई चेन में व्यवधान और तेज तकनीकी परिवर्तन के दौर से गुजर रही है। ऐसे समय में देश और उद्योग अपने साझेदारों को नए सिरे से चुन रहे हैं।
उन्होंने बताया कि भारत स्थिर नीतियों, कुशल युवाशक्ति और तेजी से बढ़ते औद्योगिक ढांचे के कारण निवेश के लिए एक भरोसेमंद विकल्प बनकर उभरा है।

उन्नत तकनीकों में सहयोग की पेशकश

भारत ने जर्मनी के साथ कई हाई-टेक क्षेत्रों में साझेदारी का प्रस्ताव रखा, जिनमें शामिल हैं:

  • एडवांस्ड रडार और सेंसर सिस्टम

  • AI आधारित ड्रोन (Unmanned Aerial Systems)

  • मल्टी-सेंसर टेक्नोलॉजी

  • सोनोबॉय और अंडरवॉटर ट्रांसमीटर

‘आत्मनिर्भर भारत’ से वैश्विक साझेदारी तक

आत्मनिर्भर भारत का जिक्र करते हुए राजनाथ सिंह ने स्पष्ट किया कि भारत की आत्मनिर्भरता दुनिया से अलग होने की नहीं, बल्कि साथ मिलकर आगे बढ़ने की सोच है।

उन्होंने कहा कि भारत अब केवल रक्षा उपकरण खरीदने वाला देश नहीं, बल्कि डिजाइन, विकास और निर्माण में भागीदार बन रहा है।

2047 के विकसित भारत का लक्ष्य

रक्षा मंत्री ने  नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत को 2047 तक विकसित राष्ट्र बनाने के विजन को दोहराया। उन्होंने कहा कि मजबूत अर्थव्यवस्था और स्पष्ट नीतियां इस लक्ष्य को संभव बना रही हैं।

स्टार्टअप और नवाचार की ताकत

भारत का स्टार्टअप इकोसिस्टम तेजी से उभर रहा है, जहां
बेंगलुरु,हैदराबाद,पुणे जैसे शहर इनोवेशन के प्रमुख केंद्र हैं।
सरकार की पहलें जैसे Start-Up India, Digital India और Skill India इस दिशा में अहम भूमिका निभा रही हैं।

जर्मनी के साथ गहराते संबंध

रक्षा मंत्री ने कहा कि भारत-जर्मनी रक्षा संबंध तेजी से मजबूत हो रहे हैं और दोनों देश मजबूत व भरोसेमंद सप्लाई चेन बनाने की दिशा में काम कर रहे हैं।

अहम दौरे और समझौते

  • कील में पनडुब्बी निर्माण सुविधा का दौरा

  • बर्लिन में जर्मन रक्षा मंत्री बोरिस पिस्टोरियस से मुलाकात

  • रक्षा औद्योगिक सहयोग रोडमैप और UN पीसकीपिंग प्रशिक्षण समझौते पर हस्ताक्षर

निष्कर्ष

राजनाथ सिंह ने कहा कि भारत और जर्मनी के रिश्तों का अगला चरण नवाचार, क्षमता और रणनीतिक साझेदारी पर आधारित होगा, जो दोनों देशों के लिए दीर्घकालिक लाभ और वैश्विक स्थिरता सुनिश्चित करेगा।


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